योगी सरकार में एमएसपी पर रिकॉर्ड गेहूं खरीद से किसानों को मिली आर्थिक मजबूती

  • 9 वर्षों में 51.70 लाख किसानों से 244.26 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
  • खरीद केंद्रों के विस्तार से आसान हुई प्रक्रिया, निर्धारित लक्ष्य से अधिक भी खरीदा गया गेहूं

 

लखनऊ, 31 जुलाई। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की व्यवस्था ने बीते नौ वर्षों में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान हितैषी बनाते हुए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर उपलब्ध कराया। रबी विपणन वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश में करीब 51,70,117 किसानों से 244.26 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जिसके बदले 45,935.46 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए।

 

निर्धारित लक्ष्य से अधिक खरीदा गया गेहूं

 

खाद्य एवं रसद विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य से अधिक गेहूं भी खरीदा गया। वर्ष 2018-19 में 50 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 52.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 105.84 प्रतिशत रही। इस दौरान 11.27 लाख से अधिक किसानों को 9,231.99 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में 56.41 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 13.01 लाख से अधिक किसानों को 11,141.19 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। समयबद्ध भुगतान व्यवस्था के कारण किसानों को अपनी उपज का मूल्य किसी देरी के बिना सीधे बैंक खातों में प्राप्त हुआ जिससे उनकी आर्थिक जरूरतें समय पर पूरी हो सकीं और खेती में दोबारा निवेश करना भी आसान हुआ।

 

प्रदेशभर में 5,847 क्रय केंद्र स्थापित 

 

उत्तर में 5,847 क्रय केंद्र स्थापित कर खरीद व्यवस्था को गांव और कस्बों के करीब पहुंचाया। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ी और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हुई। ऑनलाइन पंजीकरण, डिजिटल सत्यापन और समयबद्ध भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और भरोसेमंद बनाया है।

 

पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

 

एमएसपी खरीद व्यवस्था केवल फसल खरीद तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन गई है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान सीधे बैंक खातों में होने से बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हुई है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र किसान एमएसपी का लाभ प्राप्त करे। इसके लिए अधिकारियों को खरीद केंद्रों पर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और खरीद प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

ओडिशा में परीक्षा के दौरान व्हाट्सऐप पर वायरल हुआ PG मेडिकल का पेपर, यूनिवर्सिटी ने दिए आंतरिक जांच के आदेश

Odisha Medical exam Paper Leak

Odisha Medical Exam Paper Leak: ओडिशा में पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल परीक्षा के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। जनरल सर्जरी थ्योरी परीक्षा का प्रश्नपत्र हल किए जाने के समय ही व्हाट्सऐप पर लीक होने का आरोप लगा है। मामला सामने आते ही ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) ने उच्चस्तरीय आंतरिक जांच शुरू कर दी है और बाकी परीक्षाओं के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

 

दरअसल, ओडिशा में स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। 2023-26 बैच के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों की 'जनरल सर्जरी थ्योरी' परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र कथित तौर पर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार, यह घटना बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी (MKCG) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से जुड़ी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि सोमवार को परीक्षा हॉल में छात्रों को प्रश्नपत्र बांटे जाने के महज कुछ ही मिनटों बाद किसी व्यक्ति ने उसकी तस्वीरें खींचकर व्हाट्सऐप पर वायरल कर दीं।

 

इस बात का खुलासा तब हुआ जब भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उस छात्र के पास कथित तौर पर वायरल प्रश्नपत्र की तस्वीरें मौजूद थीं। ALSO READ: NEET विवाद के बीच प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, पदभार संभालते ही कही बड़ी बात

यूनिवर्सिटी की आपात बैठक

मामले की गंभीरता को देखते हुए OUHS के कुलपति मानस रंजन साहू ने उन सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की, जहाँ ये परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं। एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हरेकृष्ण दलई ने बताया कि कुलपति ने सभी संस्थानों को बची हुई परीक्षाओं के लिए सुरक्षा इंतजाम सख्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

इसे पेपर लीक नहीं कह सकते

हालांकि, प्राचार्य हरेकृष्ण दलई का मानना है कि इसे तकनीकी रूप से 'पेपर लीक' नहीं कहा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया, अगर प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचने से पहले बाहर आ जाता, तो हम इसे लीक कहते। लेकिन इस मामले में प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने और छात्रों के हाथों में पहुंचने के बाद हॉल से बाहर गया है।

बची हुई परीक्षाओं पर नजर

PG थ्योरी परीक्षाओं का यह दौर 21 जुलाई से शुरू हुआ था। आगामी परीक्षाएं 1 अगस्त और 5 अगस्त को आयोजित होनी हैं। अकेले बेरहामपुर के एमकेसीजी कॉलेज में ही 150 से अधिक डॉक्टर-छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन अब किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं है।

सख्त कानून के बीच उठा मामला

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब संसद ने हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने वाले कानून में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है। इस नए और सख्त कानून में परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

सीएम धामी ने खटीमा में सुनी जनता की पीड़ा, दिव्यांगों और महिलाओं को मिला खास तोहफा

uttarakhan CM Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा के लोहिया हेड स्थित कैंप कार्यालय में 'जनता मिलन' कार्यक्रम के दौरान जनता की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही उनका त्वरित निस्तारण किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए और महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को सशक्त बनाने के लिए दो नई वैनों को हरी झंडी दिखाई।

 

दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए सौगात

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल के साथ-साथ उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने वाले अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और उनके लिए उपयोगी अन्य सभी उपकरण प्रदान किए गए हैं। हम उनके जीवन को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं।

 

इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए सीएम धामी ने एक महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को दो वाहन (वैन) हरी झंडी दिखाकर रवाना किए, जिससे इन महिलाओं को आजीविका गतिविधियों और कामकाज में आसानी होगी।

 

सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई जन-कल्याणकारी योजनाएं उत्तराखंड के अंतिम छोर पर बैठे हर पात्र लाभार्थी तक पहुंचें। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इन महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

 

मुख्यमंत्री धामी ने सुनी जनता की समस्याएं

'जनता मिलन' कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीएम धामी ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया।

‘प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद’, जयराम रमेश का मोदी पर हमला, बोले- देश से माफी मांगें

jairam ramesh attacks pm modi over students forgiveness statement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों को माफ करने वाले बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को युवाओं, पेपर लीक, नोटबंदी और अन्य मुद्दों पर देश से माफी मांगनी चाहिए। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत

 

वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, कांग्रेस खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ फैलाते हैं। संसद के भीतर और बाहर गाली-गलौज करने वालों की पूरी फौज को खुली छूट देते हैं और उन्हें पूरा संरक्षण भी प्रदान करते हैं।

 

कब माफी मांगेंगे पीएम मोदी?

उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री NTA की पेपर लीक से ग्रस्त व्यवस्था के कारण लाखों युवाओं को हुई पीड़ा और छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए माफी मांगें। पूरा देश राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए चंदा चोरी, आस्था धोखा प्रकरण पर भी प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा है, जिसकी स्थापना की घोषणा उन्होंने स्वयं 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े जोर-शोर से की थी।

जयराम रमेश ने कहा कि पूरा देश आज भी 8 नवंबर 2016 को लिए गए उनके तुगलकी फैसले के लिए उनकी माफी का इंतजार कर रहा है, जिसने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली और लाखों MSME बंद होने की कगार पर पहुंच गए। ऐसे मामलों की सूची बहुत लंबी है। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा

जयराम रमेश ने कहा कि लेकिन बीती रात प्रधानमंत्री ने आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा दिखाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे युवाओं को माफ कर दिया है। यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान पीड़ा झेली है और जो पूरी तरह न्यायोचित रूप से उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं अब किसी को बेवकूफ नहीं बना सकतीं।

 

क्या है मामला?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं… गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। इस तरह की भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं द्वारा भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी लड़ाई में उलझाया जाए।

 

उन्होंने कहा कि ये भटके हुए बच्चे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके परिस्थितियों को नहीं बदला जा सकता।

10 दिन में दूसरा आतंकी हमला, कूलगाम में 2 प्रवासी मजदूरों की मौत

jammu kashmir police

Kulgam Terrorist Attack : कुलगाम में कल देर रात हुए आतंकी हमले में जख्मी दूसरे प्रवासी श्रमिक द्वारा दम तोड़ दिए जाने से मरने वालों की संख्या 2 हो गई है। गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों में कश्मीर में यह दूसरा आतंकी हमला है। 22 जुलाई को अनंतनाग जिले के लाल चौक इलाके में आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के एक हेड कान्स्टेबल की बहुत करीब से गोली मारकर हत्या कर दी थी। ALSO READ: कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, 2 मजदूरों की मौत, किसने ली हमले की जिम्मेदारी?

 

एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम गांव में आतंकवादियों ने दो प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी की। एक मजदूर की मौत शुक्रवार को गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अनंतनाग में हो गई थी, जबकि दूसरे मजदूर की, जिसे बेहतर इलाज के लिए स्कीम्स श्रीनगर भेजा गया था, शनिवार तड़के मौत हो गई।

 

मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के रहने वाले दीपक रैट्रे (24), पिता उमा शंकर, और भूपिंदर (28), पिता दशरार के तौर पर हुई है; ये दोनों कश्मीर में प्रवासी मजदूर के तौर पर काम कर रहे थे।

 

अधिकारी ने बताया कि हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बल उस इलाके में पहुंचे, इलाके की घेराबंदी की और हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।

 

इस बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से बात की। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज करने और दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए।

 

एक्स पर एक पोस्ट में, उपराज्यपाल ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा बलों को हमले में शामिल आतंकवादियों को खत्म करने के लिए अभियान तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की और दोहराया कि जम्मू कश्मीर प्रशासन और पूरा देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

LIVE: तेलंगाना में SIR का शेड्यूल बदला, कब आएगा ड्राफ्ट?

Special Intensive Revision in Telangana

Latest News Today Live Updates in Hindi : चुनाव आयोग ने शनिवार को तेलंगाना में वोटर लिस्ट के SIR का शेड्यूल बदला। अब इसका ड्राफ्ट 17 अगस्त को जारी होगा। पल पल की जानकारी…

कुलगाम जिले के केलम इलाके में शुक्रवार शाम को हुए आतंकी हमले में घायल हुए दूसरे बाहरी मजदूर की आज सुबह मौत हो गई। ALSO READ: कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, 2 मजदूरों की मौत, किसने ली हमले की जिम्मेदारी?

-जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में कई इलाकों में भारी बारिश हुई। बारिश के बाद घना कोहरा छाया हुआ है।

-भारी बारिश के बीच केरल राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) ने इडुक्की ज़िले में कल्लारकुट्टी बांध के गेट खोल दिए हैं।

-उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में मौसम की स्थिति अप्रत्याशित बनी हुई है, भारी बारिश के कारण भक्तों के लिए तीर्थयात्रा चुनौतीपूर्ण हो गई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां ​​पूरे मंदिर क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही हैं।

तेलंगाना में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का शेड्यूल बदला गया है। इसका ड्राफ्ट 17 अगस्त को और फाइनल लिस्ट 19 अक्टूबर को पब्लिश की जाएगी।

Top News 1 August: कुलगाम में आतंकी हमला, कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता, PM मोदी ने गाली देने वाले बच्चों को किया माफ

top news 1 august

Top News 1 August : कुलगाम में आतंकी हमले में 2 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। तेल कंपनियों ने घटाए कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम। पीएम मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को माफ किया। ईरान पर हमले रोकने वाला प्रस्ताव सीनेट में गिरा। IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। 1 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

कुलगाम में आतंकी हमला, 2 मजदूरों की मौत 

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार देर रात हुए आतंकी हमले में जख्मी दूसरे प्रवासी श्रमिक द्वारा दम तोड़ दिए जाने से मरने वालों की संख्या 2 हो गई है। बताया जा रहा है कि इस हमले का पैटर्न पुलवामा में हुए आतंकी हमले जैसा ही था। आतंकियों ने नाम पूछकर छत्तीसगढ़ से आए इन मजदूरों को गोली मारी। ALSO READ: कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, 2 मजदूरों की मौत, किसने ली हमले की जिम्मेदारी?

 

सस्ता हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर

अगस्त के पहले दिन सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत घटा दी है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 202 रुपए सस्ता हुआ। अब यह 2,728 रुपए में उपलब्ध होगा, इसकी कीमत पहले 2,930 रुपए थी। लगातार दूसरे महीने कमर्शियल सिलिंडर सस्ता हुआ है, जबकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ALSO READ: Commercial LPG Price Cut: अगस्त के पहले दिन सस्ता हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, दिल्ली से लखनऊ तक कहां कितने घटे दाम?

 

PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने छात्रों को 'भटके हुए बच्चे' बताते हुए कहा कि उन्हें सजा देने या लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई में उलझाने के बजाय सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत

 

IMD का भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 1 अगस्त 2026 को देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा है। ALSO READ: Weather Update : IMD का बड़ा अलर्ट, आज इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, MP के 14 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

 

ईरान पर हमले रोकने वाला प्रस्ताव सीनेट में गिरा

अमेरिकी सीनेट में गुरुवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति की ताकत सीमित करने वाला एक अहम प्रस्ताव गिर गया। वोटिंग में यह प्रस्ताव 49-50 के बेहद करीबी अंतर से खारिज हो गया। प्रस्ताव पास हो जाता तो राष्ट्रपति अकेले युद्ध का फैसला नहीं ले पाते।

 

CM हेमंत सोरेन का PM मोदी को पत्र, कहा- मांग के अनुरूप नहीं मिल रही छात्रवृत्ति राशि

Jharkhand CM hemant soren

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रों को केंद्र सरकार से मांग के अनुसार छात्रवृत्ति राशि न मिलने पर गंभीर चिंता जताई है। सोरेन ने बताया कि केंद्रीय सहायता में कमी के कारण राज्य के लाखों ओबीसी (OBC) और एसटी (ST) वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

 

ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़ी कटौती

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली राशि आवश्यकता की तुलना में काफी कम है। इससे बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों को समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रवृत्ति मद में केंद्रांश बढ़ाने का अनुरोध किया है।

 

हेमंत सोरेन ने पत्र में एसटी वर्ग के छात्रों के साथ हो रही विषमता की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि प्री-मैट्रिक स्तर पर छात्रवृत्ति दरों में अंतर है। जहां अन्य वर्गों के लिए यह राशि क्रमश: 3500 रुपए और 4000 रुपए है, वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए यह दर घटकर 3000 रुपए प्रति छात्र रखी गई है।

 

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा एसटी विद्यार्थियों की प्री और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए राज्य को कोई राशि जारी नहीं की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत मिली 200 करोड़ रुपए की राशि वास्तव में 2022-23 की बकाया राशि थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में केंद्रांश का केवल 42% हिस्सा पहली किस्त के रूप में मिला था। इसके बाद का 58% बकाया तथा 2024-25 व 2025-26 की पूरी राशि राज्य को अप्राप्त है।

 

अल्पसंख्यकों के लिए दोबारा योजना शुरू करने की मांग

मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यकों के लिए छात्रवृत्ति योजना को पुन: आरंभ करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अल्पसंख्यक आबादी 23.29% है, लेकिन भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 के बाद से इस वर्ग के लिए छात्रवृत्ति राशि विमुक्त नहीं की जा रही है।

हमास हथियार छोड़ने को राजी, अब तक क्या पता चला है?

hamas ready for disarmament

निखिल रंजन

हमास ने शुक्रवार को इजराइल के साथ युद्ध खत्म करने पर सहमति की घोषणा की है जिसमें उसके हथियार छोड़ने और गाजा पट्टी से इस्राएली सेनाओं की वापसी जैसे मुद्दे हैं। समझौते का मसौदा अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है, ना ही इजराइल की तरफ से कोई बयान आया है। इस डील के बारे में अब तक क्या पता चला है? ALSO READ: क्या हम फफूंद के खतरे को अब तक कम आंकते रहे हैं?

 

हमास के साथ समझौते में क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हमास के “पूरी तरह हथियार छोड़ने” की घोषणा की है और इसे गाजा में नई फलीस्तीनी सरकार की तरफ अहम कदम बताया है। ट्रंप का कहना है “हथियार छोड़ना पूरा होने” होने के बाद इजराइली सेना गाजा से निकल जाएगी।

 

हमास के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा है कि गाजा का प्रशासन संभालने के लिए ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की बनाई एक कमेटी इस्लामी आंदोलन के हथियारों को जमा करने की कार्रवाई को पूरा कराएगी। हमास ने उम्मीद जताई है कि मध्यस्थ और बोर्ड ऑफ पीस यह सुनिश्चित करेंगे की इस्राएल समझौते की शर्तों को माने , जिसमें इजराइल का गाजा से “धीरे धीरे बाहर निकलना” शामिल है।

 

हमास के वार्ताकारों की टीम में शामिल गाजी हमाद ने कहा है कि आंदोलन, “गाजा पट्टी में हमारे लोगों को मारे जाने और निर्वासन से बचाने के लिए छूट दे रहा है।” हमाद ने यह भी कहा है, “समझौते में इस बात के लिए स्पष्ट प्रावधान हैं कि इजराइल अपनी प्रतिबद्धता पूरी करे। अगर इजराइल ने समझौते का पालन नहीं किया तो हम भी नहीं करेंगे।”

 

एक राजनयिक सूत्र ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि डील की घोषणा होने से पहले, “सारी सुरंगों, हथियारों के डिपो और हथियार उत्पादन के केंद्रों को खत्म करने की प्रक्रिया” की योजना बनाई गई है। ALSO READ: फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?

 

समझौते को लागू कौन कराएगा

बोर्ड ऑफ पीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डाले एक पोस्ट में इस बात की पुष्टि की है कि हमास, “गाजा सीजफायर के अगले चरणों को लागू करने के विस्तृत रोडमैप पर सहमत हो गया है।”

 

संगठन की तरफ से कहा गया है, “हमारा ध्यान अब इसे लागू करने पर है।” इसके साथ ही पोस्ट में यह भी लिखा है कि ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की बनाई नेशनल कमेटी फॉर एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (एनसीएजी), “जल्दी ही पूर्ण अधिकार के लिए चरणों में बंटी प्रक्रिया को शुरू करेगी।”

 

ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स, “गाजा को उसके निवासियों ओर पड़ोसियों के लिए सुरक्षित बनाने पर फलीस्तीन की नई पुलिस के साथ काम करेगी।” ALSO READ: नेपाल: बालेन शाह के खिलाफ जेन-जी में क्यों है उबाल

 

गाजा में फिलहाल क्या स्थिति है?

2025 के अक्टूबर में इजराइल और हमास के बीच संघर्षविराम हुआ था जो अब भी कायम है, हालांकि इससे गाजा में हिंसा नहीं रुकी है। युद्ध को खत्म करने  के लिए स्थायी समझौता करने की कोशिशें रुकी हुई हैं।

 

इजराइल लगभग रोज हमले करना जारी रखे हुए है। संघर्षविराम के बाद से यहां के 60 फीसदी इलाके पर इस्राएल का नियंत्रण है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक संघर्षविराम शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 1,214 फलीस्तीनी मारे गए हैं।

 

मंत्रालय के आंकड़ों को संयुक्त राष्ट्र भरोसे के लायक मानता है। गुरुवार को भी इस्राएली हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।

 

गाजा में दसियों हजार लोग अब भी टेंट में रह रहे हैं। लगभग तीन साल से चल रहे हमलों में फलीस्तीन के बुनियादी ढांचे और इमारतों का ज्यादातर हिस्सा ध्वस्त हो चुका है।

 

हमास ने इजराइल पर बार बार संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इनमें हवाई हमले, आम लोगों पर गोलीबारी और कथित येलो लाइन के पार जाना शामिल है। यह एक अनौपाचिक सीमा है जो इस्राएली सैन्य नियंत्रण ओर हमास के नियंत्रण वाले इलाकों को अलग करती है।

 

अब आगे क्या होगा?

इजराइल ने समझौते की घोषण पर अब तक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मिस्र की सरकार से जुड़े अल काहेरा न्यूज ने शुक्रवार सुबह कहा कि काहिरा जल्दी ही गाजा के मध्यस्थों के साथ बैठक करेगा। इसमें अमेरिका, कतर और तुर्की भी शामिल हैं। इसमें गाजा संघर्षविराम योजना के दूसरे चरण पर ध्यान रहेगा।

 

बोर्ड ऑफ पीस में गाजा के लिए प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव का कहना है कि शुरुआती समझौते से ज्यादा महत्व इसे लागू करने का है। म्लादेनोव ने एक्स पर लिखा है, “लागू और पुष्टि होने को असली होना होगा। सैन्य वापसी और हथियारों को निष्क्रिय करना एक साथ और समान गति से होना चाहिए।”

 

हमाद ने एएफपी से कहा कि हमास अब समझौते के लागू होने की प्रक्रिया का ब्यौरा मध्यस्थों के साथ साझा करेगा और समझौता पूरा करने के लिए एक टाइमटेबल पर सहमत होगा। हमाद का कहना है, “इस प्रक्रिया में 14 दिन या उससे ज्यादा लगेंगे। हमें हर ब्यौरे पर सहमत होना होगा। कैसे समझौता लागू होगा, कब लागू होगा और इसे लागू करने का तरीका क्या होगा। आने वाले दिनों में यह सब होगा।”