CM धामी ने की बालेश्वर मंदिर आने की अपील, जानिए क्यों खास है चंपावत का यह शिवधाम?

baleshwar temple champawat

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं को चंपावत के प्राचीन बालेश्वर मंदिर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों से चंपावत आगमन पर इस शिवधाम दर्शन करने की भी अपील की। 

 

सीएम धामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के चंपावत जनपद में स्थित प्राचीन बालेश्वर मंदिर भगवान शिव की दिव्य आस्था, समृद्ध इतिहास और अद्भुत स्थापत्य कला का अनुपम संगम है। पत्थरों पर उकेरी गई इसकी बेजोड़ नक्काशी और प्राचीन शिल्पकला सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत की गौरवगाथा सुनाती है।

उन्होंने कहा कि पने चंपावत आगमन पर इस पावन शिवधाम के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति और हमारी समृद्ध विरासत का अविस्मरणीय अनुभव अवश्य प्राप्त करें।

 

क्यों खास है यह मंदिर

उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित बालेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और कलात्मक मंदिर है। इसका निर्माण चंद वंश के राजाओं द्वारा 10वीं से 13वीं शताब्दी के बीच कराया गया था। अपनी बेजोड़ पत्थर की नक्काशी और अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध यह ऐतिहासिक स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में एक राष्ट्रीय धरोहर है।

 

पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में बाली ने यहां असुरों से शांति के लिए शिव जी की पूजा की थी, इसलिए इसे 'बालेश्वर' कहा जाता है। बालेश्वर मंदिर के अलावा इस परिसर में रत्नेश्वर मंदिर और चंपावती दुर्गा मंदिर भी स्थित हैं। मंदिर परिसर के पास एक प्राचीन प्राकृतिक जल स्रोत है, जिसके पवित्र जल का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

Lovlina Borgohain ने ग्लास्गो के रेस्टोरेंट में पकड़ी बड़ी गलती, भारत के नक्शे पर जताई आपत्ति

Lovlina Borgohain

ग्लासगो के रेस्टोरेंट में भारत के नक्शे से नॉर्थ ईस्ट का हिस्सा गायब, बॉक्सर लवलीना ने जताई नाराजगी

स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ कुल 39 पदक अपने नाम किए। भारत ने स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल किया है। जीत का जश्न मनाने एक रेस्टोरेंट पहुंची मुक्केबाजों की टीम उस समय हैरान रह गई जब उन्हें मिले नैपकिन से पूर्वोत्तर गायब मिला। जम्मू कश्मीर को भी गलत तरीके से दिखाया गया था।

 

रेस्टोरेंट में शनिवार को डिनर के दौरान रजत पदक विजेता बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने बड़ी गलती पकड़ी। उन्होंने भारतीय रेस्टोरेंट में डिनर के दौरान मिले नैपकिन पर बने भारत के नक्शे से नॉर्थ-ईस्ट को गायब करने पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई। उनके साथ भारतीय दल के अधिकारी भी थे। लवलीना बोरगोहेन की इस आपत्ति को वहां के लोगों ने गंभीरता से लिया। 

ग्लासगो के पॉपुलर भारतीय रेस्टोरेंट मिस्टर सिंग्स इंडिया में भारतीय मुक्केबाजों का दल यहां डिनर के लिए पहुंचा था। टेबल पर रखी नैपकिन पर नजर पड़ते ही खुशियों का माहौल अचानक गर्मा गया। स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने ध्यान दिया कि रेस्टोरेंट के नैपकिन पर भारत का जो नक्शा छपा था, उसमें से नॉर्थ ईस्ट इंडिया का पूरा हिस्सा गायब था। इस गंभीर लापरवाही पर लवलीना ने तुरंत अपनी नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट के नैपकिन पर छपे नक्शे से हमारा नॉर्थ ईस्ट इंडिया गायब है। भारत का हर एक हिस्सा बेहद अहम है और हर जगह देश का सही और पूरा नक्शा ही दिखाया जाना चाहिए।

 

BFI अध्यक्ष ने भी किया लवलीना का समर्थन

उनकी आपत्ति का बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी तत्काल समर्थन किया। अजय सिंह ने न केवल उत्तर-पूर्व के बारे में बोरगोहेन की बात का समर्थन किया, बल्कि उसी नक्शे में जम्मू-कश्मीर को गलत तरीके से दिखाए जाने की ओर भी इशारा किया।

 

उन्होंने बताया कि इस नक्शे में सिर्फ नार्थ ईस्ट इंडिया ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर को भी सही तरीके से नहीं दिखाया गया था। अजय सिंह ने रेस्टोरेंट प्रबंधन से इन सभी नैपकिन को तुरंत हटाने और सही नक्शे का इस्तेमाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति और पहचान को बढ़ावा देने वाले किसी भी स्थान पर ऐसी बड़ी गलतियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ग्लासगो में मेहमाननवाजी के लिए मशहूर 'मिस्टर सिंह्स इंडिया' रेस्टोरेंट ने इस भौगोलिक गलती को सुधारने पर तत्काल ही ध्यान दिया और शीघ्र ही इसको दुरुस्त किया जाएगा।

महिला पहलवान यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

brij bhushan sharan singh acquitted women wrestlers harassment case

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया।

20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर चल रहे बृजभूषण पर 10 मई 2024 को आरोप तय किए गए थे। उन्हें सबूतों के अभाव में बरी किया गया।

 

फैसले पर क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अदालत के आदेश के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पहले जो कहा था, वही अब सही साबित हुआ है। मुझे बाइज्जत बरी किया गया। यह मेरे लिए खुशी का विषय है।

 

क्या है मामला

यह मामला दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई उस FIR से जुड़ा है जो जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई थी। इस प्रदर्शन में WFI प्रमुख के तौर पर सिंह के कार्यकाल के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।

 

2023 में पुलिस ने दायर की थी चार्जशीट

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 2023 में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें यौन उत्पीड़न, महिलाओं के खिलाफ हमला या आपराधिक बल का प्रयोग और आपराधिक धमकी जैसे अपराधों का आरोप लगाया गया था। तोमर को भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया गया था।

मांजलपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा आगे, सतीश पटेल ने बनाई बढ़त

satish patel

Manjalpur Bypoll Result: वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बाद आज (3 अगस्त) सुबह से वोटों की गिनती शुरू हो गई। अब तक प्राप्त रुझानों में बीजेपी प्रत्याशी सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी पर बढ़त बना ली है।

 

इस चुनाव में 37.05 फीसदी जैसा कम मतदान दर्ज किया गया था। इसके चलते बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत को लेकर आशान्वित हैं। मतगणना की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और दोपहर तक हार-जीत की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की संभावना है।

 

फर्स्ट राउंड के अंत में बीजेपी प्रत्याशी सतीश पटेल ने बढ़त बना ली है। वे कांग्रेस प्रत्याशी भीखाभाई रबारी से 1640 वोटों से आगे चल रहे थे। विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के दूसरे दौर में, बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल को 3,109 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार भीखा रबारी को 1,230 वोट मिले।

 

इस सीट पर कुल 19 दौर राउंड में मतगणना पूरी की जाएगी। इसके लिए मतगणना केंद्र पर 14 ईवीएम मशीन टेबल और 1 पोस्टर बैलेट टेबल, यानी कुल 15 टेबल की विशेष व्यवस्था की गई है। सुबह 8 बजे सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू हुई, जिसके बाद 260 मतदान केंद्रों की ईवीएम के वोटों की गिनती चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।

 

गणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए वडोदरा जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अनिल धामेलिया के मार्गदर्शन में विशाल स्टाफ तैनात किया गया है। इसमें 42 मतगणना कर्मी, प्रत्येक टेबल पर निगरानी के लिए 42 माइक्रो ऑब्जर्वर और चुनाव प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 200 अन्य कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

 

चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त जनरल ऑब्जर्वर, पुलिस ऑब्जर्वर और एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर की सीधी देखरेख में काम हो रहा है। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय (3-Tier) सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहां 200 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात हैं।

LIVE: दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर उपचुनाव के लिए मतगणना

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Latest News Today Live Updates in Hindi : मध्यप्रदेश की दतिया, बिहार की बांकीपुर और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए मतगणना कुछ ही देर में शुरू होगी। पल पल की जानकारी…

-मध्यप्रदेश की दतिया, बिहार की बांकीपुर और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए मतगणना सुबह 8 बजे शुरू होगी।

-दतिया उपचुनाव में नतीजों से पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती सस्पेंड, भितरघात के आरोपों के बाद कार्रवाई।

सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु। पूजा-अर्चना और अभिषेक का दौर जारी।

दतिया उपचुनाव में नतीजों से पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती सस्पेंड, भितरघात के आरोपों के बाद कार्रवाई

Former Congress MLA Rajendra Bharti suspended ahead of Datia by-election results

दतिया उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस ने अपने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर कार्रवाई की है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से जारी पत्र में राजेंद्र भारती की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दी गई है। गौततलब है कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार रहे घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।उन्होंने राजेंद्र भारती को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की थी।

 

कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह का आरोप है कि चुनाव के दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने भितरघात किया है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र भारती ने भाजपा के साथ मिलकर उनको हराने का काम किया। मीडिया से बात करते हुए घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान उनके साथ भितरघात हुआ, जिससे कांग्रेस को सीधा नुकसान पहुंचा। उनका दावा है कि पार्टी के कुछ लोगों ने संगठन के हितों के खिलाफ काम किया।

Former Congress MLA Rajendra Bharti suspended ahead of Datia by-election results

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती ने भाजपा नेताओं के साथ मिलकर उनके खिलाफ माहौल बनाया और चुनाव में उन्हें कमजोर करने के लिए पूरी ताकत लगाई। उनके मुताबिक, यह सब सुनियोजित रणनीति के तहत किया गया।

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कांग्रेस प्रत्याशी धनश्याम सिंह ने आऱोप लगाया कि राजेंद्र भारती ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव के दौरान पैसे बांटा और भाजपा प्रत्याशी का सहयोग किया। उनका दावा है कि राजेंद्र भारती को भाजपा की ओर से पैसा दिया गया और उनके समर्थकों तथा करीबी लोगों के माध्यम से चुनाव के दौरान पैसे बांटे गए। घनश्याम सिंह का कहना है कि इन गतिविधियों से कांग्रेस के चुनाव अभियान को नुकसान पहुंचा।

योगी सरकार ने महिला कावड़ियों के लिए किए विशेष प्रबंध, जलाभिषेक करने उमड़ पड़ी नारीशक्ति

Yogi government makes special arrangements for female Kanwariyas

– प्रयागराज में महिला शिवभक्तों के लिए संगम और गंगा के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए

– सुविधा और सुरक्षा के वातावरण में नदियों का पवित्र जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रहीं हैं महिला शिवभक्त 

– आपदा सखियों ने भी महिला शिवभक्तों की मदद के लिए घाटों और मार्गों पर संभाला मोर्चा

– महिला शिव भक्तों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, महिला पुलिस फोर्स की हुई तैनाती

Uttar Pradesh News : कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसका असर श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा पर भी दिख रहा है। कांवड़ यात्रा कर रहे शिवभक्तों में महिला शिवभक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। इन महिला शिव भक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। 

 

घाटों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती

पवित्र श्रावण मास में शिवभक्त कावड़ियों की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सकुशल संपन्न कराने के योगी सरकार के निर्देश के क्रम में प्रयागराज में भी यात्रा मार्ग, कांवड शिविरों, भंडारों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्था की गई है।

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संगम नगरी प्रयागराज में कांवड़ लेकर चलने वाली शिवभक्त महिला कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने महिला शिवभक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। प्रयागराज में दशाश्वमेध और संगम घाट से सबसे अधिक महिला कांवड़ियां जल लेकर काशी के लिए निकलती हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा बताते हैं कि महिला शिव भक्तों के लिए संगम और गंगा नदी के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं।

घाटों पर महिला पुलिस कर्मियों के दस्ते तैनात हैं। आजीविका मिशन की 44 आपदा सखियां भी महिला कांवड़ियों की मदद के लिए मुस्तैद हैं। इसके अलावा प्रयागराज से वाराणसी के बीच बनाए गए कांवड़ पथ में भी प्रमुख स्थानों में जगह-जगह महिला पुलिस एवं वॉलिंटियर्स मुस्तैद हैं। मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव , ब्रह्मेश्वर महादेव सहित शहर के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में महिला सुरक्षा कर्मी मुस्तैद हैं। 

 

नारी शक्ति ने उठाई कांवड़, निर्भय होकर कर रहीं जलाभिषेक

 भगवान शंकर की आराधना के लिए श्रावण मास में महिलाओं की जितनी लंबी कतारें शिवालयों में लगती थीं, अब उतनी ही उनकी भागीदारी अब कांवड़ यात्रा में भी दिख रही है। छोटे कस्बों और गांवों से बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त घरों से निकल कर कांवड़ यात्रा पर जा रही हैं।

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प्रयागराज के दारागंज के दशाश्वमेध घाट में गंगा जी से जल लेकर काशी के लिए कांवड़ यात्रा पर निकली ज्योति कहती हैं कि अब महिलाएं रास्ते में सुरक्षित हैं, किसी तरह का भय नहीं है इसलिए उनके कस्बे भरवारी से कई महिलाएं कांवड़ यात्रा में जा रही हैं। 
 

सदियापुर की मीरा देवी भी परिवार के आठ सदस्यों के साथ प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से जल लेकर बैजनाथ धाम कांवड़ यात्रा के लिए निकली हैं। मीरा देवी बताती हैं कि उनके साथ उनकी तीन पीढ़ियां इस बार यात्रा में जा रही है। उनके साथ उनकी दो बहुएं, एक बेटी और तीन नातिन भी जा रहीं हैं। इसके अलावा उनका बेटा भी साथ है। मीरा बताती हैं कि अब कांवड़ मार्गों में किसी तरह की असुरक्षा और असुविधा नहीं दिखती।

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योगी जी की सरकार आने के बाद महिला शिवभक्त हर स्थान पर सुरक्षित हैं। कांवड़ मार्ग में जगह -जगह महिला शिवभक्तों के विश्राम शिविर बनाए गए हैं। सामूहिक यात्रा में भोले बाबा का भजन और कीर्तन करते हुए पूरी उत्साह और हर्ष के साथ महिलाएं कांवड़ यात्रा में निकल रही हैं।

साध्वी हर्षा रिछारिया के बयान पर ब्रज के संतों का विरोध, कहा- पूरे संत समाज पर सवाल उठाना अनुचित

Saints of Braj have expressed opposition to Sadhvi Harsha Richharia's statement

Sadhvi Harsha Richharia : महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आईं मॉडल से साध्वी बनीं साध्वी हर्षानंद गिरि (पूर्व नाम हर्षा रिछारिया) एक बार फिर मीडिया की सुर्खियां बटोर रही है। संन्यास लेने के बाद संत समाज की तरफ से उनकी वेशभूषा, मेकअप और परिवार के साथ रहने को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और कुछ संतों पर गंभीर आरोप भी लगाए।

 

हाल ही में दिए एक बयान में साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि उन पर मेकअप करने, बाल रंगने और लिपस्टिक लगाकर प्रवचन देने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों ने उन पर सवाल उठाए हैं, उनमें से कई संत स्वयं अपने आश्रमों में पार्लर की सुविधाएं बुलाकर मैनिक्योर और पेडिक्योर जैसी सेवाएं लेते हैं।

 

उन्होंने कहा कि उनका रूप-रंग जैसा है, वह वैसा ही नजर आता है, वह उसके संवारने के लिए कुछ नहीं करातीं। उनका कहना है कि फिलहाल उनके पास स्थाई आश्रम या रहने का अपना कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में उनके पास केवल दो विकल्प हैं या तो गुरु के आश्रम में रहें या फिर अपने माता-पिता के घर। मां-पिता के साथ रहकर वह सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करती है।

 

साध्वी हर्षानंद गिरि ने आलोचना करने वाले संतों को चुनौती देते हुए कहा कि किसी भी संत का आश्रम पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। मैं तभी किसी आश्रम में रहूंगी, जब मुझे सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। यदि कोई भी संत अपने आश्रम में उन्हें जीवनभर बेटी की तरह सम्मान और पूरी सुरक्षा देने की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, तो वह तुरंत उनके आश्रम में रहने चली जाएंगी। उन्होंने कहा कि संत समाज उनकी सास बन गए हैं, जरा-जरा सी बात पर सास की तरह मुंह फूला लेते हैं। 

 

इस बयान के बाद कई संतों ने इसे संत परंपरा की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने हर्षा रिछारिया के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी समस्त संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।

उनका कहना था कि यदि कहीं कोई अप्रिय घटना हुई है तो उसके आधार पर सभी आश्रमों और संतों की छवि पर प्रश्नचिह्न लगाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा का समाज में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।

 

दिनेश फलाहारी महाराज ने यह भी कहा कि सार्वजनिक मंच पर किसी भी वर्ग के बारे में व्यापक टिप्पणी करने से पहले तथ्यों और उसके प्रभाव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे बयान सनातन संत परंपरा की प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं और संत समाज इसकी निंदा करता है।

 

महंत रामदास जी महाराज ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देशभर में हजारों संत और आश्रम समाज सेवा, धर्म प्रचार तथा आध्यात्मिक मार्गदर्शन जैसे कार्यों में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अपवादों के आधार पर पूरे संत समाज को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं है।

 

हर्षा रिछारिया के बयान पर लगातार संत समाज की तरफ से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि संतों के विरोध पर हर्षा रिछारिया की ओर से कोई नया बयान सामने नहीं आया है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना : अनाथ और असहाय बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला, योगी सरकार में एक लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रहा योजना का लाभ

Under Yogi government benefits of Bal Seva Yojana are reaching over one lakh children

– योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो

– सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता के साथ कार्य कर रही

– पढ़ाई जारी रखने पर 23 वर्ष की आयु तक मिलती है आर्थिक सहायता

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) माता-पिता को खो चुके और असहाय परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए बड़ा सहारा है। संवेदनशील शासन और सामाजिक सुरक्षा की सोच के साथ शुरू की गई यह योजना ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद देने के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने का काम कर रही है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। यही कारण है कि योजना के माध्यम से बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।

 

12वीं के बाद भी नहीं रुकती मदद

इस योजना को केवल बचपन तक सीमित नहीं रखा गया है। ऐसे छात्र-छात्राएं, जिन्होंने माता-पिता दोनों अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है और कक्षा 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है, उन्हें 18 से 23 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह सहायता 23 वर्ष की आयु पूरी होने अथवा पाठ्यक्रम समाप्त होने तक, जो पहले हो, जारी रहती है। 

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1 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 1,09,539 बच्चे इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

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नियमित आर्थिक सहायता मिलने से बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। साथ ही उनके संरक्षक परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, बीच समुद्र में नाव में लगी आग, 5 की मौत, 41 लापता, 271 लोग थे सवार

Big maritime accident in Indonesia : इंडोनेशिया में रविवार को मदुरा द्वीप के पास एक यात्री नौका में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। खबरों के अनुसार, इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। नौका में कुल 271 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नौका के ऊपरी डेक से घना काला धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। कुछ लोग जहाज से पानी में कूदते हुए भी दिख रहे हैं।

 

225 लोगों को सुरक्षित बचाया

इंडोनेशिया में रविवार को मदुरा द्वीप के पास एक यात्री नौका में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। खबरों के अनुसार, इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। नौका में कुल 271 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

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वायरल हो रहा हादसे का वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नौका के ऊपरी डेक से घना काला धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। कुछ लोग जहाज से पानी में कूदते हुए भी दिख रहे हैं। यह नौका पूर्वी जावा प्रांत के सुराबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासर जा रही थी, तभी उसमें आग लग गई। कई जहाजों की मदद से बड़े पैमाने पर राहत और बचाव दल युद्ध स्तर पर तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

 

हादसे के कारणों की हो रही जांच

अभी तक आग लगने के कारण का पता नहीं चला है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। नौका आग लगने के बाद चीख-पुकार मच गई। तेज हवा के कारण पूरी नौका धूं-धूं कर जलने लगी। मदुरा द्वीप जावा के उत्तर-पूर्वी तट के पास स्थित है। यह क्षेत्र समुद्री परिवहन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

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क्‍यों होती हैं समुद्री दुर्घटनाएं?

गोताखोरों को भी समुद्र में उतारा गया है। फिलहाल अभी लापता लोगों के बारे में पता नहीं लग पाया है। इंडोनेशिया, जो कि 17000 से ज्यादा द्वीपों का एक समूह है। यहां समुद्री दुर्घटनाएं आम बात हैं। इसकी कुछ वजहें सुरक्षा के ढीले नियम और मौसम का अनिश्चित मिजाज है।