LIVE: महाराष्‍ट्र के भिवंडी में 4 मंजिला इमारत गिरी, 3 शव बरामद

bhivandi building collapsed

Latest News Today Live Updates in Hindi : महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात गिरी चार मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप मच गया। मलबे से 3 शव बरामद किए गए हैं। बचाव कार्य जारी है। पल पल की जानकारी…

उत्तरप्रदेश के वाराणसी में भारी बारिश के बाद गंगा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। घाटों की सीढ़ियां और छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं।महाराष्‍ट्र के भिवंडी में देर रात एक निर्माणाधिन 4 मंजिला इमारत गिरी। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी।

भीषण गर्मी और जंगल की आग से झुलसता यूरोप, 40 डिग्री के पार हो सकता है तापमान

Europe Fire Calamity


यूरोप के कई देश इस समय अपने यहाँ भीषण गर्मी के कारण जंगलों में लगी आग (दावानल) की रोकथाम करने और आसपास के शहरों एवं बस्तियों को उनसे बचाने में लगे हैं।

दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के अटलांटिक तट पर के जंगलों में लगभग एक सप्ताह से आग धधक रही है। अधिकारी हालांकि स्थिति को कुछ हद तक स्थिर बता रहे हैं, लेकिन यह चिंता भी बनी हुई है कि आग एक बार फिर बेकाबू हो सकती है।

 

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने, वहाँ के बोर्दो (Bordeaux) शहर की ओर बढ़ रही आग की भयावह घटनाओं को “दूसरे विश्व युद्ध के बाद से सबसे भीषण जंगल की आग” (दावानल) बताया। बोर्दो की उनकी यात्रा के समय आग, शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर रह गई थी।

टूरिस्ट इलाकों को खाली कराया गया

सरकारी अधिकारी बोर्दो के उत्तर-पश्चिम में स्थित कैंपिंग की जगहों, हॉलिडे रिसॉर्ट और मनोरंजन पार्क खाली करवा रहे हैं। इस आदेश से आस-पास के इलाके में लगभग 4,000 लोग प्रभावित हुए हैं, हालांकि प्रसिद्ध समुद्र तटीय रिसॉर्ट इसमें शामिल नहीं है। मौसम में संभावित परिवर्तन को देखते हुए सावधानी के तौर पर लोगों को हटाया जा रहा है।

 

22 जुलाई के बाद से, आग ने बोर्दो के पास के प्रभावित इलाके में लगभग 42,000 हेक्टेयर (42,000 वर्ग मीटर) ज़मीन को तबाह कर दिया है— अब तक 2,20,000 से ज़्यादा स्थानीय लोगों और टूरिस्टों को वहाँ से हटा कर सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया गया है।

तापमान फिर से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की आशंका

राष्ट्रपति माक्रों को भरोसा है कि “हम लोगों की सुरक्षा की यह लड़ाई जीतेंगे।” बोर्दो के पास के इलाके में लगभग 2,500 अग्निशमन कर्मी (फायरफाइटर्स) तैनात हैं, उनकी मदद के लिए करीब 1,500 सैनिक भी वहाँ भेजे गए हैं। जर्मनी ने फ्रांस के इस संकटग्रस्त इलाके में सामान आदि पहुँचाने के लिए दो परिवहन हेलीकॉप्टर और एक परिवहन विमान भेजा है।

 

कई अन्य यूरोपीय देश भी संकट की इस घड़ी में फ्रांस की सहायता कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता तपती लू की भावी लहर को लेकर है। मौसम विभाग 'मेटियो-फ़्रांस' के अनुसार, देश के बड़े हिस्सों में तापमान पुन: 40 डिग्री सेल्सियस या अधिक तक पहुँच सकता है। आपातकालीन टीमों ने बोर्दो के पास के जंगल में 100 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी 'फ़ायरब्रेकर' (आग को फैलने से रोकने वाली खाली जगह) बनाई है; इस उपाय का उद्देश्य आग की लपटों को दूसरे इलाकों में फैलने से रोकना है।

आग अभी तक काबू में नहीं

अग्निशमन कर्मी 29 जुलाई तक आग के फैलाव को रोकने में किसी हद तक सफल रहे हैं। इस बीच, पास के बिस्कारोस इलाके में रहने वाले लगभग 15,000 लोग अपने घरों को लौट पाए हैं, हालाँकि आग अभी तक पूरी तरह से काबू में नहीं आई है। एक अधिकारी ने बताया कि इस भीषण आग को पूरी तरह बुझाने में “कई हफ़्ते या महीने भी” लग सकते हैं।

 

आमतौर पर गर्मियों के महीनों और छुट्टियों के मौसम में गिरोंद (Gironde) नाम के इलाके में सबसे ज़्यादा पर्यटक आते हैं, लेकिन यह इलाका भी जंगल की आग से प्रभावित हुआ है। क्षेत्रीय प्रशासन ने छुट्टियां मनाने आए लोगों और यात्रियों से इस इलाके में न जाने की अपील की है और हॉलिडे कैंप, स्काउट कैंप और दिव्यांगों के लिए खास कैंपों का संचालन रोक दिया है। पूरे इलाके में खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई है।

स्पेन में ख़तरा फिर से बढ़ने की आशंका

बढ़ते तापमान से स्पेन के अविला (Ávila) प्रांत में—जो राजधानी मैड्रिड के पश्चिम में है—और मैड्रिड व तोलेदो के आस-पास के इलाकों में हालत फिर से बिगड़ने की आशंका है। इन इलाकों में जंगल की आग से अब तक 80,000 हेक्टेयर (वर्ग मीटर) से ज़्यादा जंगलों और झाड़ियों वाला इलाका जलकर खाक हो चुका है। सावधानी के तौर पर लगभग 90,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा है।

 

मैड्रिड में संकट प्रबंधन समिति की एक बैठक के बाद प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने कहा, “हमें आशा की किरण दिखाई दे रही है।” उन्होंने कहा कि सरकार तब तक सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करेगी “जब तक आग की आखिरी लपट बुझ न जाए।” 

सांचेज़ सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं

27 जुलाई के बाद से स्पेन में आग को और अधिक फैलने से रोक दिया गया है। आपातकालीन टीमें पूर्वी स्पेन के कास्तेयों प्रांत में जंगल की आग बुझाने में अभी भी जुटी हुई हैं; वहां लगभग 16,000 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

 

स्पेन में भी तापमान पुन: 40 डिग्री सेल्सियस तक या उससे भी अधिक पहुंचने की आशंका है। स्पेन की मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इससे पूरे देश में आग लगने का ख़तरा बहुत ज़्यादा या चरम स्तर तक बढ़ जाएगा। इस अनुमान को देखते हुए, प्रधानमंत्री सांचेज़ ने देश भर के सभी नागरिकों से “बहुत ज़्यादा सावधानी बरतने और हर संभव एहतियात अपनाने” की अपील की है।

 

पड़ोसी देश पुर्तगाल में भी, 27 जुलाई से 1,000 से ज़्यादा अग्निशमन कर्मी तैनात किए गए हैं। देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों के जंगलों में भी आग लग गई है। उत्तर में ब्रागा और ब्रागांका के आस-पास के इलाके तथा मध्य पुर्तगाल में संतारम के पास के इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। ज़्यादा तापमान के कारण, लगभग पूरे देश में आग लगने का ख़तरा अधिकतम या बहुत ही ऊँचे स्तर पर है। मौसम एजेंसी के अनुसार, तटीय इलाकों में यह खतरा थोड़ा कम है।

फ्रांस में पहली बार देखी गई एक दुर्लभ प्रघटना

धुएं और राख के कई किलोमीटर ऊंचे बादल, बिजली का कड़कना और अनिश्चित हवाएं: दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में लगी आग एक ऐसी प्राकृतिक प्रघटना को जन्म दे रही है जो आग बुझाने वालों के साहस की परीक्षा ले रही है।

 

जंगल की आग से पैदा हुआ एक ऐसा तूफ़ान जो खुद ही मौसम तंत्र (वेदर सिस्टम) वाला बेहद गर्म बादल बनाता है— पायरोक्यूम्यलोनिम्बस (pyrocumulonimbus)—उसे फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी जंगलों में लगी विनाशकारी आग के दौरान पहली बार देखा गया है। यह बादल, जिसे क्यूम्यलोनिम्बस फ्लेमजेनिटस (cumulonimbus flammagenitus) भी कहा जाता है, तब बनता है जब ज़मीन के पास की हवा इतनी ज़्यादा गर्म हो जाती है कि

 

वह बहुत तेज़ी से ऊपर उठने लगती है—अपने साथ धुआं, जलवाष्प और राख ले जाती है—और अक्सर कई किलोमीटर ऊपर के समताप मंडल (स्ट्रैटोस्फियर) तक पहुँच जाती है। वहाँ, यह मिश्रण ठंडी हवाओं के संपर्क में आता है और अपना खुद का ऐसा मौसम तंत्र बनाता है, जिसमें आग को और अधिक भड़काने वाली तेज़ हवाएँ चलती हैं। इस बादल से ज़मीन पर अक्सर बिजली भी गिरती है और साथ में गड़गड़ाहट की आवाज़ भी होती है।

NASA उसे “आग उगलने वाले ड्रैगन्स” कहता है

“आग उगलने वाले ड्रैगन्स” को—जैसा कि NASA इन्हें कहता है— पहले मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में ज्वालामुखी पर्वत फटने और बड़े पैमाने पर लगी आग के दौरान देखा गया है। उन इलाकों में यह घटना बार-बार होती है, लेकिन फ्रांस में यह “अभूतपूर्व” है।

 

आमतौर पर इस तरह की 'आग के तूफ़ान' (firestorm) को बुझाना या काबू में करना संभव नहीं होता, क्योंकि आग उगलती हवाएं लगातार अपनी दिशा बदलती रहती हैं।

 

नतीजा यह होता है कि आग हर दिशा में फैलती है और कई जगहों पर आग की लपटें एक साथ उठने लगती हैं, जिससे स्थिति का अंदाज़ा लगाना पूरी तरह से मुश्किल हो जाता है। 

निपटने के दो ही संभावित तरीके

इससे निपटने के केवल दो ही संभावित तरीके ज्ञात हैं। या तो बरसात शुरू हो जाए—हालांकि इसके लिए तीन दिनों तक भारी वर्षा होनी चाहिए—या फिर आग को ऐसी जगह की ओर मोड़ने का कोई तरीका मिले कि वह खुद ही बुझ जाए, जैसा कि बड़वानल वाली आग के समय समुद्रों में होता है।

 

दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में लगी भीषण आग के प्रसंग में कहा जाता है कि कि दमकलकर्मियों के पास पीछे हटने के अलावा कोई चारा नहीं था। “हमें यह मानना होगा कि प्रकृति की यह ताकत हमारे नियंत्रण से बाहर है। यह युद्ध जैसी स्थिति है, जहां हम लगातार आग की चपेट में हैं और हर किसी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचना है।” 

 

ऐसी स्थिति में केवल “धैर्य और संयम” ही काम आता है। आग बुझाने की सीधी कोशिशों के अलावा दमकलकर्मी यही कर सकते हैं कि वे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा करें और जानवरों को आग की लपटों से दूर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायें। इस बीच स्पेन से लेकर इटली, ग्रीस और तु्र्की तक के कई देश अपने जंगलों में लगी आग से जूझ रहे हैं। नदियां सूख रही हैं और 30 जुलाई के दिन, पश्चिमी यूरोप में आँधी और तूफ़ान आने की भविष्यवाणी आग में घी पड़ने का काम कर सकती है।

IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

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देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के कई राज्यों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर लगातार जारी है। जुलाई महीने के आखिरी दिन यानी आज 31 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

असम और गुजरात बाढ़ से बेहाल

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में वर्षा जन्य हादसों में अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है।

 

पहाड़ी राज्यों में बरस आफत या राहत?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड सरकार ने आज बारिश की वजह से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

दिल्ली NCR में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। IMD के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में तो कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन नमी बढ़ने के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
 

उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून सक्रिय

 

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तटीय जिलों में मानसून एक बार फिर मेहरबान हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बादलों का डेरा है और कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।

 

मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेेश और राजस्थान में भारी की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Anti Paper Leak Bill 2026 : पेपर लीक विरोधी बिल पास होने पर इंस्टाग्राम पर PM मोदी का संदेश, पेपर लीक गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

pm modi paper leak

संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी। उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक विरोधी विधेयक का संसद से पारित होना भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

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उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि दशकों से केंद्र और राज्य की अलग-अलग सरकारें पेपर लीक की घटनाओं से निपटती रही हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सख्त कानून की आवश्यकता थी।

 

प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।

 

पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।

राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हुआ बिल

'Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026' को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

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पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक की सजा

 

संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सरकार का दावा है कि नए कड़े प्रावधान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।

राष्ट्रपति कार्यालय ने पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। 

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था।  राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

Priyanka Gandhi Remark : प्रियंका गांधी की ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 214 शिक्षाविदों का खुला पत्र, IIT मद्रास निदेशक के समर्थन में उठी आवाज

priyanka gandhi

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) की IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर की गई कथित ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ टिप्पणी पर 200 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी आपत्ति जताई है। 214 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर वाले एक खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद के प्रति अनुचित बताया गया है।

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यह विवाद उस समय सामने आया जब वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा सुधारों के लिए गठित टास्क फोर्स में IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि को शामिल किए जाने पर सवाल उठाए थे।

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परीक्षा सुधारों के लिए गठित टास्क फोर्स में शामिल हैं वी. कामकोटि

 

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्षता Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। इसमें पूर्व ISRO चेयरमैन एस. सोमनाथ, पूर्व IB निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं। यह टास्क फोर्स NEET-UG पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद सरकार की ओर से घोषित कई उपायों में से एक है। इन घटनाक्रमों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

 

214 शिक्षाविदों ने खुले पत्र में क्या कहा?

 

214 शिक्षाविदों द्वारा हस्ताक्षरित खुले पत्र में प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर निराशा जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ बताना, चाहे व्यंग्य के तौर पर कहा गया हो या राजनीतिक बयानबाजी के रूप में, गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले शिक्षाविदों ने प्रोफेसर कामकोटि को देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों में से एक बताया है। पत्र में कहा गया कि इतिहास बताता है कि कई ऐसे विचार जिन्हें कभी असंभव माना गया था, बाद में वैज्ञानिक रूप से सही साबित हुए, जबकि कई व्यापक रूप से स्वीकार की गई धारणाओं को बाद में खारिज कर दिया गया।

 

खुले पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में National Informatics Centre (NIC) के पूर्व महानिदेशक डॉ. सीएसआर प्रभु, हैदराबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अप्पा राव पोडिले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरडी कुलकर्णी और IIT धारवाड़ के निदेशक डॉ. वीआर देसाई समेत कई शिक्षाविद शामिल हैं।

 

लोकसभा में प्रियंका गांधी ने क्या कहा था?

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में प्रोफेसर वी. कामकोटि की भूमिका पर सवाल उठाया था। उन्होंने सदन में टास्क फोर्स के सदस्यों का उल्लेख करते हुए कहा था कि इसमें एक पूर्व IB प्रमुख, एक IT कंपनी के मालिक और एक ‘गौमूत्र एक्सपर्ट’ हैं।

 

उनकी इस टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने देश के प्रमुख वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों में से एक को निशाना बनाया है। ठाकुर ने प्रियंका गांधी की सदन में बोलने की शैली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वह गंभीर मुद्दों पर बात करते समय मुस्कुराकर और मासूम चेहरा बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करती हैं।

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बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज

प्रियंका गांधी की टिप्पणी के बाद अब 214 शिक्षाविदों के खुले पत्र ने इस मुद्दे को नया मोड़ दे दिया है। शिक्षाविदों ने प्रोफेसर कामकोटि के वैज्ञानिक और तकनीकी योगदान का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक बहस में व्यक्तियों के प्रति सम्मानजनक भाषा के इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। परीक्षा सुधारों और NEET-UG से जुड़े विवाद के बीच टास्क फोर्स में शामिल विशेषज्ञों को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

UP News: योगी सरकार का बड़ा कदम, 3 से 10 अगस्त तक चलेगा ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’; ITI में लगेंगे विशेष रोजगार कैंप

yogi adityanath plantation drive on 12th july

दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' का आयोजन 3 से 10 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस विशेष पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त दिव्यांगजनों सहित अन्य योग्य इच्छुक दिव्यांग युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

 

अभियान के दौरान प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक संस्थानों से समन्वय कर रिक्तियों की जानकारी जुटाएगा, वहीं एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं और लीड बैंक के माध्यम से ऋण व वित्तीय सहायता में सहयोग करेगा।

 

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और जिला रोजगार सहायता अधिकारी रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को रिक्तियों से जोड़ेंगे। अभियान की खास बात यह है कि पिछले दो चरणों में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन हो सके।

 

योगी सरकार की मंशा है कि कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई गई है, जो अभियान की निगरानी और समन्वय करेगी। 10 अगस्त तक सभी जनपदों से लाभान्वितों का विवरण शासन को भेजा जाएगा और सर्वाधिक रोजगार-स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले शीर्ष पांच जनपदों के जिलाधिकारियों और उनकी टीम को शासन स्तर पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर 30 जुलाई को मिशन निदेशक पुलकित खरे ने सभी सीडीओ और संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

PM Modi के खिलाफ अभद्र टिप्पणी मामले में नोएडा में मुकदमा दर्ज, युवती और परिजन फरार, केस दिल्ली ट्रांसफर

cjp jantar mantar protest

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह टिप्पणी 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान की गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। अब मामले की जांच दिल्ली पुलिस करेगी।

 

शिकायतकर्ता स्मृति सिंह ने पुलिस को बताया कि वह गाजियाबाद के वसुंधरा की रहने वाली हैं और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। उनके मुताबिक, 23 जुलाई को उनके संज्ञान में आया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान एक युवती ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि युवती की टिप्पणी से संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और जानबूझकर लोक शांति भंग करने का प्रयास किया गया।

 

नोएडा की सोसाइटी में रहती है युवती

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कथित टिप्पणी करने वाली युवती की पहचान नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोट्स जिंग सोसाइटी निवासी रुचिका सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह मूल रूप से फरीदाबाद के ऊंचागांव की रहने वाली बताई गई है। जानकारी के मुताबिक, युवती ब्यूटी पार्लर संचालित करती है और इसी साल जनवरी में उसने नोएडा में फ्लैट खरीदा था।

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घटना के बाद से युवती और परिजन घर पर नहीं मिले

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से युवती और उसके परिजन कथित तौर पर अपने आवास पर नहीं मिले हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

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पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत शून्य अपराध संख्या (Zero FIR) दर्ज की गई है। इसके बाद केस को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया है, क्योंकि कथित घटना दिल्ली के जंतर-मंतर से संबंधित है। अब मामले की आगे की विवेचना दिल्ली पुलिस द्वारा की जाएगी। फिलहाल पुलिस युवती की तलाश के साथ-साथ वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

योगी सरकार में रेशम क्षेत्र बना रहा आत्मनिर्भरता और रोजगार का मजबूत आधार

CM Yogi Adityanath

Yogi Government Silk Industry UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार रेशम क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। गुरुवार को रेशम निदेशालय लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने यह बात कही। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं, बजट व्यय, प्रशिक्षण कार्यक्रमों व प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश 

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेशम विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध, पारदर्शी व प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही योजनाओं के भौतिक सत्यापन, नियमित मॉनिटरिंग और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

प्रशिक्षण व स्वरोजगार से जुड़ी कार्य योजना बनाने के निर्देश

राकेश सचान ने प्रशिक्षण केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित करने व प्रशिक्षित लाभार्थियों को स्वरोजगार और रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बजट व्यय की समीक्षा करते हुए स्वीकृत धनराशि का नियमानुसार और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही प्रत्येक मद के व्यय का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

 

इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्रदेश को दिलाने के लिए समयबद्ध प्रस्ताव भेजने और बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नकली दवाओं के सिंडिकेट पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, फर्जी बिलिंग और फेक ट्रांजैक्शन से खेल का खुलासा; 6 FIR दर्ज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नकली और अधोमानक दवाओं के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और फेक बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए नकली दवाओं को बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना अमीनाबाद, लखनऊ में 6 एफआईआर दर्ज कराई हैं।

इस कार्रवाई से सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश में नकली दवाओं का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि जुलाई माह में लगातार कार्रवाई करते हुए एफएसडीए ने नकली दवाओं की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एक के बाद एक बड़े अभियान चलाए हैं। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की आर्थिक और लॉजिस्टिक कड़ियों को तोड़ने पर केंद्रित है।

 

फर्जी बिलों के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल

एफएसडीए कमिश्नर डॉ रोशन जैकब ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एफएसडीए की जांच में सामने आया कि मिश्रा एसोसिएट्स (अमीनाबाद), मिश्रा मेडिकल एजेंसी (बछरावां, रायबरेली), श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स (अमीनाबाद), भारत फार्मा तथा एम.डी.एच. फार्मा के संचालक आपस में बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के केवल कागजों पर क्रॉस-बिलिंग कर रहे थे। बैंक ट्रांजैक्शन के बिना ही फर्जी लेनदेन दर्शाकर नकली और काउंटरफिट दवाओं को वैध दिखाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेन्द्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत थाना अमीनाबाद में एफआईआर दर्ज की गई है।

 

भौतिक सत्यापन में खुली पोल

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा के नाम पर जिन फर्मों से करोड़ों रुपये की दवा खरीद-बिक्री दिखाई गई थी, वहां वास्तविक रूप से किसी भी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला। संबंधित प्रोपराइटरों अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान देकर बताया कि उनकी फर्मों का संचालन उनकी जानकारी के बिना देवेन्द्र शुक्ला द्वारा किया जा रहा था। एफएसडीए अधिकारियों ने जब मौके पर भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई दवा स्टॉक नहीं मिला, जिससे फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं के कारोबार की पुष्टि हुई। इन फर्मों के निरीक्षण में यह भी संज्ञानित हुआ कि इन फर्मों के पास इन औषधियों के क्रय बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि इनके द्वारा नकली औषधियों का फर्जी बिल बनाकर सप्लाई की जा रही थी।

 

ब्रांडेड दवा की कीमत में बड़े अंतर से खुला राज

जांच में यह भी सामने आया कि मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स ने प्रसिद्ध एंटीबायोटिक दवा Augmentin Duo 625 की खरीद वास्तविक लैंडिंग कॉस्ट करीब 116.70 रुपये के मुकाबले मात्र 56.60 रुपये में दिखाई। जब संबंधित वितरक मेडी किंग फार्मा से जानकारी ली गई तो उसने ऐसी किसी भी बिक्री से लिखित रूप से इनकार कर दिया। इससे जांच एजेंसियों को यह संदेह और मजबूत हुआ कि बाजार में नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी।

 

स्थानीय पुलिस की रही महत्वपूर्ण भूमिका

एफएसडीए के साथ इस अभियान में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि लखनऊ कमिश्नर और उनकी पूरी टीम ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसकी मदद से फर्जी दवा के इन कारोबारियों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिली। डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए एफएसडीए को लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को संदिग्ध थोक दवा कारोबारियों, एजेंटों और सप्लाई चेन पर सतत निगरानी रखने, दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने तथा कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

 

जुलाई में लगातार छठवीं एफआईआर, सिंडिकेट पर कसा शिकंजा

योगी सरकार के निर्देश पर एफएसडीए ने जुलाई माह में नकली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। 6 जुलाई को आलमबाग में नकली दवाओं की खेप पकड़कर पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद 19 जुलाई को अमीनाबाद स्थित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं बरामद हुईं। 16-17 जुलाई को बिना लाइसेंस दवा भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई हुई। 24 और 25 जुलाई को फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोहों पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। अब 29 जुलाई को दर्ज छठवीं एफआईआर के साथ विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 

 

नौ संदिग्ध फर्मों पर रोक, दुकानें सील

एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक अमीनाबाद की कई संदिग्ध दवा फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी है। एसकेजी मेडिकल्स, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल, हेल्थ प्लस, एमके फार्मा, मां अम्बे फार्मा, आरएन फार्मा, सनलाइट फार्मा, सोनल फार्मा और सुपरविजन फार्मा के वित्तीय रिकॉर्ड और लेजर की जांच के लिए उनके संचालन पर रोक लगाने तथा कई प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।

 

राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क

एफएसडीए की जांच अब उत्तर प्रदेश से बाहर भी पहुंच चुकी है। विभाग के अनुसार अमीनाबाद से बरामद नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़े कुछ आरोपी हैं, जिनके खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं उत्तराखंड के देहरादून में नकली दवा निर्माण करने वाली अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। स्पष्ट है कि योगी सरकार केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि अंतरराज्यीय नकली दवा नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।

धमकी के बाद छिपकर रहे थे दीपके के माता-पिता, CJP नए आंदोलन की तैयारी में

Abhijit Dipke Cockroach Janata Party

Abhijit Dipke Cockroach Janata Party: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के परिवार पर आए राजनीतिक दबाव और धमकियों के सनसनीखेज मामले ने तूल पकड़ लिया है। अभिजीत की मां अनीता दीपके ने 29 जुलाई को एक मराठी समाचार चैनल के सामने खुलासा किया कि उनके बेटे को एक वीडियो के जरिए सीधे धमकी दी गई थी। इस वीडियो में साफ चेतावनी दी गई थी कि अगर अभिजीत भाजपा में शामिल नहीं हुए तो उनके माता-पिता को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दूसरी ओर, सीजेपी ने कहा कि उसे न सरकार पर भरोसा और न ही सुप्रीम कोर्ट पर। अब वह सरकार के खिलाफ अगले आंदोलन की तैयारी कर रही है। 

16 दिनों तक कोंकण में छिपा रहा परिवार

अभिजीत दीपके के नई दिल्ली से वापस लौटने से पहले मराठी समाचार चैनल से बातचीत करते हुए उनकी मां अनीता दीपके का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि धमकी के बाद परिवार में ऐसा डर समा गया था कि उन्हें अपना घर छोड़कर कोंकण क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के घर पर 16 दिनों तक शरण लेनी पड़ी। ALSO READ: जेन-जी को 'गटर जनरेशन' कहकर घिरीं कंगना रनौत, CJP ने दिया करारा जवाब

आप यह वीडियो मत देखना

अनीता दीपके ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि अभिजीत को काफी समय से धमकियां मिल रही थीं, लेकिन उसने शुरुआत में हमें परेशान न करने की नीयत से कुछ नहीं बताया। बाद में उसने एक धमकी भरे वीडियो का जिक्र किया और मुझसे खास हिदायत दी कि मैं उस क्लिप को बिल्कुल न देखूं। उस क्लिप में अभिजीत को खुली चेतावनी दी गई थी कि यदि वह बीजेपी में शामिल नहीं होता है, तो उसके माता-पिता के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इस सीधी धमकी के बाद अभिजीत ने खुद हमसे घर छोड़कर कहीं सुरक्षित जगह पर चले जाने का आग्रह किया। ALSO READ: CJP के प्रोटेस्ट में घुसे थे हत्या, लूट और रेप के आरोपी, 989 क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले शातिर, 480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल जांच के घेरे में

 

मां अनीता ने कहा कि अभिजीत खुद ऐसी धमकियों और राजनीतिक दबाव से नहीं डरते हैं, लेकिन चूंकि उनका परिवार राजनीति और इन खतरनाक चीजों का आदी नहीं है, इसलिए उन्होंने अपने माता-पिता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। अभिजीत दीपके के पिता ने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में काम करने वाले व्यक्ति को आलोचनाओं का सामना करना ही पड़ता है। लेकिन कुछ लोग 'फिक्स्ड सोच' के होते हैं जो रचनात्मक विरोध के बजाय सीधी धमकियों और दुश्मनी पर उतर आते हैं। ALSO READ: CJP के आंदोलन की चेतावनी के बीच दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, पार्टी का आरोप- राज्यों में जारी है गिरफ्तारियां, कानूनी सहायता के लिए बनाया फंड

नए आंदोलन की तैयारी में सीजेपी

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी CJP को एतराज है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि उन प्रदर्शनकारियों के साथ कोई नरमी न बरती जाए, जिनका आपराधिक रिकार्ड रहा है, जबकि सीजेपी नेता सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की बात कह रहे हैं। सीजेपी ने पेपर लीक रोकने की सरकार की पहल को भी नाकाफी बताया है। अब सीजेपी नए आंदोलन की तैयारी में जुट गई है। सीजेपी ने सरकार से बातचीत के बाद धरना-प्रदर्शन तो रोक दिया, लेकिन सरकार पर शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए फिर से आंदोलन की चेतावनी भी दी है। 

 

दरअसल, पेपर लीक रोकने के लिए सरकार के कानून से सीजेपी संतुष्ट नहीं है। उसके प्रवक्ता आशुतोष रांका कहते हैं कि सरकार ने जो बिल लोकसभा में पास कराया है, वह कारगर नहीं होगा। उनका कहना है कि परीक्षाओं के पेपर लीक रोकने के लिए सीजेपी ने कई सुझाव दिए थे, पहले उन पर अमल होना चाहिए।