Asteroid 1997 NC1 : पृथ्वी के करीब से गुजरेगा विशाल एस्टेरॉयड, क्या होगी रफ्तार, जानें कितना सुरक्षित?

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Asteroid 1997 NC1 : 750 से 1,650 मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड शनिवार को पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं होगा। इस पर भारत की ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA समेत कई अंतरिक्ष एजेंसियों की नजर हैं।

 

इस एस्टेरॉयड का नाम (152637) 1997 NC1 है। यह एस्टेरॉयड शनिवार को भारतीय समयानुसार शाम 4:44 बजे पृथ्वी के सबसे नजदीक आएगा। इस दौरान एस्टेरॉयड और पृथ्वी के बीच की दूरी लगभग 2,560,000 किलोमीटर होगी। यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से छह गुना से भी ज्यादा है। पृथ्वी के करीब से गुजरते समय एस्टेरॉयड की गति लगभग 9 किलोमीटर प्रति सेकंड की होगी।

 

एस्टेरॉयड (152637) 1997 NC1 की खोज 1997 में की गई थी। अगर मौसम साफ रहा तो अंतरिक्ष विज्ञान में रूची रखने वाले लोग दुनिया में कही से भी इसे दूरबीन की मदद से आसानी से देख सकेंगे।

 

क्या होता है एस्टेरॉयड

एस्टेरॉयड को किसी ग्रह या तारे का टूटा हुआ टुकड़ा माना जाता है। ये पत्थर या धातु के टूकड़े होते हैं जो एक छोटे पत्थर से लेकर एक मील बड़ी चट्टान तक और कभी-कभी तो एवरेस्ट के बराबर तक हो सकते हैं। आकाश में कभी-कभी एक ओर से दूसरी ओर अत्यंत वेग से जाते हुए अथवा पृथ्वी पर गिरते हुए जो पिंड दिखाई देते हैं उन्हें उल्का और साधारण बोलचाल में 'टूटते हुए तारे' अथवा 'लूका' कहते हैं।  कहते हैं कि हमारे सौर मंडल में करीब 20 लाख एस्ट्रेरॉयड घूम रहे हैं। हिंदी में इसे उल्कापिंड या क्षुद्रग्रह कहते हैं।

 

हर साल एस्टेरॉयड पृथ्वी की ओर आते हैं। इनमें से कुछ के पृथ्वी से टकराने का खतरा बना रहता है। इन्हें खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है। 1994 में पृथ्वी के बराबर के 10-12 उल्का पिंड बृहस्पति ग्रह से टकरा गए थे जहां का नजारा महाप्रलय से कम नहीं था। आज तक उस ग्रह पर उनकी आग और तबाही शांत नहीं हुई है। 

edited by : Nrapendra Gupta

LPG Price Today: कमर्शियल LPG सिलेंडर पर सरकार का बड़ा अपडेट, जानिए अपने शहर के ताजा रेट

LPG Price Today: इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर पिछले दो महीनों से लागू सभी पाबंदियां हटा दी हैं और सिलेंडरों की सप्लाई को फिर से सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस फैसले के पीछे पश्चिम एशिया में तनाव कम होना, होर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से सामान्य रूप से खुलना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को प्रमुख वजह माना जा रहा है। क्योंकि इन परिस्थितियों के चलते समुद्री मार्ग से LPG का आयात फिर से सामान्य हो गया है।

क्यों लगाई गई थी पाबंदियां?

पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़े तनाव के चलते सरकार ने अप्रैल में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर 15 दिन का लॉक-इन नियम लागू किया था। इसका मकसद सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना था। इस नियम के कारण होटल, रेस्तरां, पीजी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 15 दिनों के भीतर दूसरा कमर्शियल गैस सिलेंडर बुक नहीं कर सकते थे। अब हालात सामान्य होने के बाद सरकार ने यह प्रतिबंध हटा दिया है, जिससे कारोबारी जरूरत के अनुसार फिर से कमर्शियल सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

इस बीच, आज देश भर में LPG की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 3113.5 रुपये है। चलिए जानते हैं आपके शहर में क्या है रेट?

जानिए अपने शहर का रेट 

शहर घरेलू सिलेंडर की कीमतकमर्शियल सिलेंडर की कीमत
दिल्ली 942.0 रुपये3113.5 रुपये
मुंबई941.5 रुपये 3067.5 रुपये
कोलकाता968.0 रुपये3256.0 रुपये
चेन्नई 957.5 रुपये 3283.0 रुपये
बेंगलुरु944.5 रुपये 3198.0 रुपये
पोर्ट ब्लेयर1018.0 रुपये3544.0रुपये
नोएडा939.50 रुपये3113.50 रुपये
गाजियाबाद939.50 रुपये3113.50 रुपये
पटना1031.5 रुपये3400.5 रुपये

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India Mausam Today: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-तूफान

आज का मौसम (India Mausam Today): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से देश के 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान व गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार के बचे हुए इलाकों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में आज भारी बारिश का अलर्ट है।

बिहार, राजस्थान और एमपी में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी

बुलेटिन के मुताबिक कुछ राज्यों में सामान्य आंधी से ज्यादा खतरनाक तीव्र आंधी चलने की आशंका है:

बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तीव्र आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बिहार में बिजली गिरने की भी आशंका है।

दिल्ली-NCR समेत इन 18 राज्यों/इलाकों में आंधी और बिजली का अलर्ट

देश के करीब 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं, गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ।

पूर्वी और दक्षिणी भारत: झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी बिजली कड़कने का अलर्ट है। कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

पूर्वी यूपी और झारखंड में लू की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। पूर्वी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद (29 जून से) तापमान में 3-5°C की गिरावट आएगी। झारखंड के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहेगी।

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Bank Holiday: दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत देश के कई राज्यों में आज बंद रहेंगे बैंक, जानें आरबीआई ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday Today: आज शुक्रवार, 26 जून को मोहर्रम के मौके पर दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत देश के कई बड़े राज्यों में सरकारी और प्राइवेट बैंक बंद रहेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, आज देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक बंद रहने के कारण बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा।

अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई बड़ा काम निपटाने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले बंद शहरों की लिस्ट और आने वाले लंबे वीकेंड की डिटेल्स जरूर चेक कर लें।

आज 26 जून को आपके शहर में बैंक खुले हैं या बंद?

आरबीआई के कैलेंडर के अनुसार, आज 26 जून को मोहर्रम के चलते देश के इन बड़े शहरों में बैंकों की छुट्टियां रहेंगी:

नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ, कानपुर, भोपाल, हैदराबाद, पटना, रांची, रायपुर, नागपुर, श्रीनगर, जम्मू, अगरतला, आइजोल और बेलापुर।

इन शहरों के अलावा जिन राज्यों में मोहर्रम की छुट्टी स्थानीय स्तर पर अधिसूचित नहीं है, वहां बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे।

लगातार 3 दिन की छुट्टी: आज से शुरू हुआ लॉन्ग वीकेंड

देश के कई राज्यों में आज से लगातार तीन दिनों तक बैंक बंद रहने वाले हैं। ऐसे में अगर आपको बैंक ब्रांच जाना है, तो अब सीधे सोमवार को ही काम हो पाएगा:

26 जून (शुक्रवार): मोहर्रम के मौके पर देश के अधिकांश हिस्सों में बैंक बंद हैं।

27 जून (शनिवार): महीने का चौथा शनिवार होने के कारण देशभर के सभी बैंक बंद रहेंगे।

28 जून (रविवार): साप्ताहिक अवकाश के कारण देशभर के बैंकों में ताला लटका रहेगा।

इसके अलावा, अगले हफ्ते की शुरुआत में भी कुछ राज्यों में क्षेत्रीय छुट्टियां हैं। जैसे 29 जून को संत गुरु कबीर जयंती के मौके पर शिमला में बैंक बंद रहेंगे और 30 जून को ‘रेमना नी’ (Remna Ni) त्योहार के चलते आइजोल में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

बैंक बंद होने पर कैसे निपटाएं अपने जरूरी काम?

भले ही त्योहार और वीकेंड के कारण बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन इस दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के 24 घंटे काम करती रहेंगी:

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन: आप पैसे भेजने या मंगाने के लिए नेट बैंकिंग (Net Banking), मोबाइल बैंकिंग या यूपीआई (UPI) सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

एटीएम और कैश: कैश निकालने के लिए देशभर के सभी एटीएम (ATMs) हमेशा की तरह काम करते रहेंगे।

डिजिटल फॉर्म और रिक्वेस्ट: चेकबुक रिक्वेस्ट, एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और डिजिटल अकाउंट मेंटेनेंस से जुड़े काम ऑनलाइन ऐप के जरिए किए जा सकते हैं।

NEET UG 2026 Re-Exam Answer Key Released: 28 जून तक दर्ज करें आंसर की पर आपत्ति, आपका दावा हुआ सही तो वापस होगी ऑब्जेक्शन फीस

NEET UG 2026 Re-Exam Answer Key Released: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) यूजी 2026 री-एग्जाम देने वाले 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून, 2026 को हुए नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की अस्थायी उत्तर कुंजी (Answer Key) आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। इसके साथ ही एजेंसी ने परीक्षार्थियों के लिए आंसर की के लिए ऑब्जेक्शन विंडो खोल दी है। री-एग्जाम में शामिल हुए जो कैंडिडेट अब प्रोविजनल आंसर की देख सकते हैं और आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कैंडिडेट द्वारा किसी सवाल पर की गई आपत्ति अगर सही पाई जाती है, तो उसके लिए लिया गया शुल्क वापस कर दिया जाएगा।

एनटीए ने आंसर की जारी करने और आपत्ति विंडो खोलने की जानकारी एक नोटिफिकेशन के जरिए दी। एजेंसी की अधिसूचना के मुताबिक, चुनौती विंडो 25 जून से 28 जून, 2026 को रात 11:50 बजे तक खुली रहेगी। अस्थायी उत्तर कुंजी में जिन परीक्षार्थियों कोई गड़बड़ी मिलती है, वे हर सवाल के लिए 200 रुपये की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस देकर ऑब्जेक्शन दे सकते हैं। परीक्षार्थियों को सवालों पर आपत्ति दर्ज कराते समय उसके समर्थन में जरूरी दस्तावेज दाखिल करने होंगे।

नीट यूजी 2026 आंसर की को कैसे चैलेंज करें?

नीट यूजी 2026 प्रोविजनल आंसर की पर ऑब्जेक्शन उठाने के लिए कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:

  • नीट की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, “NEET(UG) – 2026 री-एग्जामिनेशन के लिए आंसर की चैलेंज” लिंक पर क्लिक करें।
  • अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड डालें।
  • एनसीईआरटी या स्टैंडर्ड टेक्स्टबुक से सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट या सबूत अपलोड करें।
  • जरूरी फीस भरें और चैलेंज सबमिट करें।

आपत्ति सही होने पर एनटीए लौटाएगा फीस

एनटीए ने चुनौती दिए गए हर सवाल के लिए 200 रुपये की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस तय की है। हालांकि, अगर एक्सपर्ट रिव्यू के बाद चैलेंज सही पाया जाता है, तो उस खास सवाल के लिए दी गई फीस वापस कर दी जाएगी। कैंडिडेट ध्यान दें कि ऑब्जेक्शन सिर्फ एक बार सबमिट किए जा सकते हैं, और फाइनल सबमिशन के बाद कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसलिए, कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि पेमेंट करने से पहले सभी डिटेल्स ध्यान से वेरिफाई कर लें।

रिस्पॉन्स शीट से निकाल सकते हैं अपना स्कोर

प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद छात्र अपनी रिस्पॉन्स शीट और उत्तर कुंजी का मिलान कर सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कितने प्रश्न सही हुए हैं और अनुमानित स्कोर कितना बन रहा है। हालांकि अंतिम परिणाम केवल एनटीए द्वारा जारी फाइनल आंसर की के आधार पर ही तैयार किया जाएगा।

आपत्तियों की समीक्षा के बाद आएगी फाइनल आंसर की

28 जून तक प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद एनटीए फाइनल आंसर की जारी करेगा। इसके बाद ही नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। इसलिए जिन उम्मीदवारों को किसी उत्तर पर संदेह है वे समय रहते अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

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मंगेतर केतन के मर्डर की मास्टरमाइंड सिया गोयल के पिता को आया हार्ट अटैक! भावुक मां ने बेटी को लेकर कही ये बात

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई कथित हत्या के हाई-प्रोफाइल मामले में एक और बड़ी खबर सामने आई है। मर्डर केस की मुख्य आरोपी केतन की मंगेतर सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल को हार्ट अटैक आया है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आरोपी सिया गोयल की मां पूजा गोयल ने अपनी बेटी को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर उनकी बेटी दोषी है तो उसे फांसी पर लटका दिया जाए।

सदमे में पिता: अस्पताल से बयां किया अपना दर्द

हमारी सहयोगी न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में पुणे के एक स्थानीय न्यूज प्लेटफॉर्म न्यूजडॉटज के हवाले से बताया गया है कि अस्पताल में बातचीत करते हुए सिया के पिता प्रवीण गोयल ने कहा कि केतन अग्रवाल की मौत से उनका पूरा परिवार पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने केतन की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका परिवार केतन को अपने बेटे की तरह मानता था।

प्रवीण गोयल ने भावुक होते हुए कहा कि ‘जो कुछ भी हुआ, वह एक बेहद दुखद घटना है। हम अभी भी इस पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने (केतन के माता-पिता) अपना बेटा खोया है और उनका बेटा हमारा भी था। हम उससे बहुत प्यार करते थे। मुझे उससे इतना लगाव हो गया था कि ऐसा लगता था जैसे वह हमारा अपना ही बेटा हो। हमने एक बेहद प्यार करने वाला, होनहार और अच्छा लड़का खो दिया है। हम इससे गहरे सदमे में हैं। इससे ज्यादा दुखद कुछ नहीं हो सकता। हमने भविष्य के लिए बहुत सारे अच्छे सपने देखे थे।’

उदयपुर में महंगी शादी की खबरों को किया खारिज

प्रवीण गोयल ने उन मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उदयपुर में सिया और केतन की बेहद भव्य और खर्चीली शादी की प्लानिंग चल रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां कोई एयरक्राफ्ट बुकिंग नहीं की गई थी। उदयपुर में होटल बुकिंग सहित पूरी शादी में लगभग 3 से 5 करोड़ रुपये का खर्च आता।

‘शादी से खुश थी सिया, कभी नहीं जताई कोई आपत्ति’

पुलिस पूछताछ में जहां यह बात सामने आ रही थी कि सिया इस रिश्ते से नाखुश थी, वहीं उसके पिता प्रवीण गोयल ने इस बात का खंडन किया है। उनका दावा है कि सिया ने कभी भी केतन से शादी को लेकर कोई आपत्ति या हिचकिचाहट नहीं जताई थी। पिता के अनुसार जब से रिश्ता तय हुआ था, वह हमेशा खुश रहती थी। वह हमेशा केतन के बारे में ही बातें करती थी। अगर उनके (केतन के माता-पिता) पास थोड़ी सी भी ऐसी जानकारी होती कि कुछ गलत चल रहा है और वे हमें सूचित करते तो हम उनसे इस बारे में जरूर बात करते।

मां बोली- दोषी है तो फांसी दे दो

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला और बड़ा बयान सिया की मां पूजा गोयल का आया है। उन्होंने एक मां होने के नाते अपनी बेटी का पक्ष लेने के बजाय कानून और न्याय का समर्थन किया है। पूजा गोयल ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि अगर अदालत में उनकी बेटी के खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वह दोषी है, तो उसे सबसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। अगर वह दोषी है तो उसे फांसी दे दो, यह बात एक मां कह रही है।

क्या है पूरा मामला?

कुछ ही दिन पहले पुणे ग्रामीण पुलिस ने बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं और पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की आपराधिक साजिश रची थी। इसी साजिश के तहत बीते 18 जून को दोनों ने पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले की एक ऊंची पहाड़ी से केतन को कथित तौर पर नीचे खाई में धक्का दे दिया था। इससे उसकी मौत हो गई। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

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Ram Temple Donation Case: उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चंदे की कथित हेराफेरी के मामले में सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी अयोध्या मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए चंदे के कथित दुरुपयोग के संबंध में पहली FIR दर्ज करने के कुछ ही घंटों बाद हुई। सूत्रों के अनुसार, सभी आठ आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज और अन्य कानूनी औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं।

न्यूज 18 के मुताबिक,  यह मामला स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट में की गई सिफारिश और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया था।

FIR में इन लोगों के नाम आरोपी के रूप में दर्ज

FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, एफआईआर में कुछ अज्ञात लोगों का भी जिक्र किया गया है।

बता दें कि इन सभी पर लगे आरोपों में चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी का सामान लेना या छिपाना, आपराधिक साजिश और किसी साझा इरादे को पूरा करने के लिए किए गए काम से जुड़े अपराध शामिल हैं।

इस मामले में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 13(1)(a) के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

यह FIR SIT की सिफारिशों के आधार पर दर्ज की गई थी। गौतलब है कि SIT का गठन उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए किया था।

ट्रस्टी कृष्ण मोहन कौन हैं?

कृष्ण मोहन को 16 सितंबर 2025 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया गया था। उन्हें यह जिम्मेदारी फरवरी 2025 में ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद दी गई थी।

उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी (MSc) की पढ़ाई की है। उन्होंने करीब छह साल तक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में काम किया। इसके बाद वह भारतीय वन सेवा (Indian Forest Service) में शामिल हुए, जहां उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला।

साल 2012 में इंडियन फॉरेस्ट सर्विस से रिटायर होने के बाद, वे समाज सेवा के कामों में सक्रिय हो गए। ट्रस्ट के सदस्यों के बीच कई महीनों तक चर्चा के बाद, कामेश्वर चौपाल के निधन से खाली हुई जगह को भरने के लिए उन्हें सर्वसम्मति से चुना गया।

विवाद कैसे बढ़ा

राम मंदिर में मिले दान के कथित दुरुपयोग के आरोपों के बाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया।

यह विवाद तब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 7 जून को उन रिपोर्टों का जिक्र किया जिनमें आरोप लगाया गया था कि मंदिर में दिए गए दान के करोड़ों रुपये गायब हैं, और उन्होंने अदालतों से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया।

उस समय लगे इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रमुख आलोक कुमार ने आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इस विवाद का इस्तेमाल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक फायदा उठाने के लिए कर रहे हैं।

छोटी मछलियों को सजा मिलेगी: अखिलेश यादव

गुरुवार को FIR दर्ज होने के बाद, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर एक पोस्ट में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार के तहत, “छोटी मछलियों को सजा मिलेगी जबकि बड़ी मछलियां बच जाएंगी।”

अखिलेश यादव ने आगे दावा किया कि लोग कह रहे हैं कि SIT प्रक्रिया का इस्तेमाल FIR दर्ज होने से पहले सबूत मिटाने और यह तय करने के लिए किया गया हो सकता है कि “किस बड़ी मछली को बचाना है और किसे फंसाना है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि SIT रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली गई थी और जांच पहले से तय नतीजों के हिसाब से की गई थी।

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अब दवा असली है या नकली, एक स्कैन में चलेगा पता; वैक्सीन, एंटीबायोटिक और कैंसर की दवाओं पर QR Code अनिवार्य

QR code on medicines

केंद्र सरकार ने नकली और घटिया दवाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रणाली का दायरा बढ़ा दिया है। इसमें सभी तरह के टीके, एंटीबायोटिक दवाएं, कैंसर रोधी दवाएं और नशा उन्मूलन से जुड़ी शेड्यूल H2 की दवाएं शामिल की गई हैं। दवाओं की पैकेजिंग पर क्यूआर कोड होने से उसकी प्रामाणिकता की जांच और सत्यापन आसान होगा। इससे लोग यह जान सकेंगे कि जिस दवा का सेवन कर रहे हैं, वह घटिया या नकली तो नहीं है। ALSO READ: Passport : 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नई दरें

 

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने वैक्सीन, एंटीबायोटिक दवा और कैंसर की दवाओं पर QR कोड अनिवार्य कर दिया है। दवा कहां बनी, कैसे बनी सब कुछ एक क्लिक में पता चल सकेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके लिए औषधि नियम 1945 में संशोधन को अधिसूचित किया है। इससे क्यूआर कोड स्कैन करते ही देश में बनीं दवाइयों की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।

 

कहां लगेगा क्यूआर कोड

शेड्यूल H2 के तहत निर्धारित दवाओं की पैकेजिंग पर बारकोड या क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि पूरी आपूर्ति श्रृंखला में उनकी प्रामाणिकता की जांच और ट्रैकिंग की जा सके।

 

संशोधन के बाद इन दवाओं के निर्माताओं को उत्पाद की प्राथमिक पैकेजिंग पर बारकोड या क्यूआर कोड प्रिंट या चिपकाना होगा। यदि प्राथमिक पैकेजिंग पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, तो इसे सेकंडरी पैकेजिंग पर लगाया जाएगा। क्यूआर कोड में ऐसी जानकारी होगी, जिसे किसी भी अधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन के जरिए स्कैन कर दवा की असलियत और पूरी आपूर्ति श्रृंखला में उसकी स्थिति की पुष्टि की जा सकेगी। ALSO READ: LPG को लेकर आई बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

 

मिलेगी दवा से जुड़ी 9 महत्वपूर्ण जानकारी

हर क्यूआर कोड में दवा से जुड़ी नौ महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी। इनमें उत्पाद की विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Product Identification Code), दवा का सामान्य और जेनेरिक नाम, ब्रांड नाम, निर्माता का नाम और पता, बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि (Expiry Date), मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस नंबर तथा दवा में प्रयुक्त सहायक पदार्थों (Excipients) का विवरण शामिल होगा। इससे डिजिटल माध्यम से दवाओं की जांच, सत्यापन और ट्रैकिंग पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

 

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

अब तक यह व्यवस्था केवल देश के शीर्ष 300 दवा ब्रांडों पर लागू थी। नए संशोधन के बाद इसका दायरा बढ़ाकर सभी टीकों, एंटीमाइक्रोबियल दवाओं, कैंसर रोधी दवाओं तथा नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं तक कर दिया गया है। इससे नकली और घटिया दवाओं के बाजार में पहुंचने पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। 

 

नई ट्रेसबिलिटी प्रणाली के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला के विभिन्न चरणों पर दवाओं की प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सकेगी तथा उनकी बेहतर निगरानी और सत्यापन संभव होगा। इससे नियामकीय निगरानी मजबूत होगी और नकली एवं घटिया दवाओं के वितरण पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी। साथ ही, यह एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि नकली और निम्न गुणवत्ता वाली एंटीमाइक्रोबियल दवाओं की पहचान और निगरानी आसान हो जाएगी। ALSO READ: Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान

 

कबसे लागू होना यह फैसला?

उद्योग और अन्य संबंधित पक्षों को पर्याप्त समय देने के लिए मंत्रालय ने इन नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। टीकों, नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं तथा कैंसर रोधी दवाओं के लिए यह नियम 1 जुलाई 2027 से लागू होंगे। वहीं एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के लिए यह व्यवस्था 1 जुलाई 2028 से प्रभावी होगी। मंत्रालय ने दवा निर्माताओं को निर्धारित समयसीमा से पहले ही स्वैच्छिक रूप से इस व्यवस्था को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है, ताकि दवाओं की प्रामाणिकता, ट्रेसबिलिटी और आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता के लाभ जल्द मिल सकें।

 

यह पहल दवाओं और चिकित्सा उत्पादों के नियामकीय ढांचे को मजबूत करने, फार्मास्यूटिकल आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ाने और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। साथ ही, यह अभियान “नशा मुक्त भारत” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी सहायक साबित होगा।

edited by : Nrapendra Gupta

Asian Market Today: टेक शेयरों में बिकवाली से एशियाई मार्केट में दबाव, निक्केई 4%, कोस्पी में 7% गिरा

Asian Market Today: वॉल स्ट्रीट पर उतार-चढ़ाव वाले सेशन के बाद शुक्रवार, 26 जून को एशियाई मार्केट में गिरावट आई। हैवीवेट टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी ने सेमीकंडक्टर कंपनियों से मिली अच्छी गाइडेंस से मिली उम्मीद को कम कर दिया।

सुबह 8.25 बजे के आसपास निक्केई करीब 4.18 फीसदी की गिरावट के  साथ 69,341.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.89 फीसदी की  कमजोरी दिखा रहा है।  ताइवान का बाजार 2.28 फीसदी  गिरकर 45,200.59 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 2.32 फीसदी की गिरावट के साथ 22,541.00  के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 7.38 फीसदी की गिरावट के साथ  कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर दिख रहा है।

भारतीय स्टॉक मार्केट आज, 26 जून को मुहर्रम की छुट्टी के कारण बंद है। दोनों बड़े स्टॉक एक्सचेंज, BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर आज ट्रेडिंग बंद रहेगी।

वॉल स्ट्रीट की रैली की रफ़्तार पड़ी फीकी 

गुरुवार को US स्टॉक मार्केट मिला-जुला रहा, जिसमें नैस्डैक बड़े टेक शेयरों में गिरावट के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 71.72 पॉइंट्स या 0.14% बढ़कर 51,920.62 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.73 पॉइंट्स या 0.01% गिरकर 7,357.49 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 118.03 पॉइंट्स या 0.46% गिरकर 25,358.60 पर बंद हुआ।

यह कमजोरी वॉल स्ट्रीट पर मिले-जुले सेशन के बाद आई, जहां माइक्रोन टेक्नोलॉजी की अच्छी कमाई और गाइडेंस से मिली शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहने के बाद S&P 500 काफी हद तक बिना बदले बंद हुआ।

Apple सेंटीमेंट पर सबसे बड़ी रुकावट बनकर उभरा, जिसके शेयर 6.1% गिर गए, जब कंपनी ने Macs, iPads और होम डिवाइस की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की। इस गिरावट का असर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स के बड़े मैग्निफिसेंट सेवन ग्रुप पर भी पड़ा।

होर्मुज स्ट्रेट की चिंता बनी रहने से तेल की कीमतों में नरमी

गुरुवार को बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आई, जब होर्मुज स्ट्रेट में एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल के हमले की खबरों ने दुनिया के सबसे अहम एनर्जी ट्रेड रूट में से एक के ज़रिए शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दीं।

इस बीच, US सेंट्रल बैंक के पसंदीदा महंगाई गेज के उम्मीद से कम बढ़ने के बाद बॉन्ड मार्केट ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया।

AI से चलने वाली अस्थिरता निवेशकों को सतर्क रखती है

ग्लोबल इक्विटी मार्केट एक अस्थिर हफ्ते के आखिर में इस चिंता के साथ खत्म होने वाले हैं कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़े निवेश से काफी रिटर्न मिलेगा, जिससे टेक्नोलॉजी स्टॉक में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

हालांकि माइक्रोन के मजबूत तिमाही नतीजों और आशावादी नजरिए ने निवेशकों को कुछ भरोसा दिया, लेकिन सावधानी अभी भी बनी हुई है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 दोनों ही तिमाही में अपनी पहली महीने की गिरावट दर्ज करने की राह पर हैं।

पिछली रैली के बाद चिप स्टॉक्स में गिरावट

हालांकि नैस्डैक 100 गुरुवार को 0.8% ऊपर बंद हुआ, जबकि सेशन के दौरान यह 2.1% तक बढ़ा था, लेकिन यह बढ़त एशियाई मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बनाए रखने के लिए काफी नहीं थी।

माइक्रोन के साथ-साथ, क्वालकॉम के शेयर भी बढ़े, जब कंपनी ने फिस्कल ईयर 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री $15 बिलियन से ज़्यादा होने का अनुमान लगाया।

हालांकि, शुक्रवार को एशियाई सेमीकंडक्टर स्टॉक्स ने रुख बदल दिया। पिछले सेशन में उछाल के बाद MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स पर SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स के शेयर सबसे बड़ी गिरावट में रहे।

ओपनAI के IPO में कथित तौर पर देरी हुई

इसके अलावा, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की अंदरूनी बातचीत से जुड़े लोगों के हवाले से कहा गया है कि ओपनAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को 2027 तक टालने की ओर झुक रहा है।

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Emcure Pharma: नमिता थापर की कंपनी से 12 साल बाद बेन कैपिटल का एग्जिट, ₹352 करोड़ में बेचा हिस्सा; खरीदार कौन

प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल ने 25 जून को NSE पर एक ब्लॉक डील में एमक्योर फार्मा में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। खरीदार HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, एक्सिस म्यूचुअल फंड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड जैसे इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर रहे। बेन कैपिटल ने 12 साल पहले पहली बार एमक्योर फार्मा में निवेश किया था। अब यह इस दवा कंपनी में बची हुई पूरी हिस्सेदारी बेचकर एग्जिट कर गई है।

बेन कैपिटल ने एमक्योर फार्मा के 19.4 लाख शेयर 352 करोड़ रुपये में बेचे। ब्लॉक डील के डेटा के मुताबिक, ये शेयर औसतन 1,817 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर बेचे गए। दूसरी ओर HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस ने 130 करोड़ रुपये में 7.1 लाख शेयर खरीदे। आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने 47.5 करोड़ रुपये में 2.6 लाख शेयर खरीदे।

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने भी 50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। अन्य इंस्टीट्यूशनल खरीदारों में HSBC म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और BNP पारिबा शामिल थे, जिन्होंने 25-25 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

जुलाई 2024 में लिस्ट हुई थी Emcure Pharma

एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का नाता शार्क टैंक इंडिया में जज के तौर पर दिख चुकीं नमिता थापर से है। वह इसमें होल टाइम डायरेक्टर हैं। नमिता के पिता सतीश रमनलाल मेहता कंपनी के फाउंडर, CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। एमक्योर फार्मा जुलाई 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,952.03 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी का मार्केट कैप 35600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1881.90 रुपये है।

एमक्योर फार्मा का शेयर एक साल में 40 प्रतिशत और 6 महीनों में 30 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है। 2 सप्ताह में 12 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 77.87 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

एमक्योर फार्मा का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,467.70 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 233.70 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,243.19 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 732.96 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।