सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक: देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भूकंप में अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं। वेनेजुएला में बुधवार को सन् 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। इसलिए अधिकतर लोग घरों में थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। इससे मलबे में दबने वालों की संख्या ज्यादा होने की आशंका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मलबे के अंदर से आवाजें आ रहीं हैं। सरकार ने देर रात बताया कि 39 हजार से अधिक लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है। वहीं, 30% आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिगेज से बात कर मदद की पेशकश की है। मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। भूकंप से जुड़ी 3 तस्वीरें… वेनेजुएला भूकंप से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन (132) के शानदार शतक की बदौलत भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ गैर आधिकारिक टेस्ट के पहले दिन गुरूवार को चार विकेट पर 333 रन का विशाल स्कोर बना लिया।भारत ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। साई सुदर्शन ने जमकर खेलते हुए 175 गेंदों में 19 चौकों की मदद से 132 रन ठोकेऔर विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने 138 गेंदों में पांच चौकों के सहारे नाबाद 68 रन बनाये और दिन की समाप्ति तक भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उन्हें शेख रशीद का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 92 गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद 53 रन बनाये। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 198 गेंदों पर 116 रन की अविजित साझेदारी की।
सुदर्शन ने शुरुआत से ही संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने खराब गेंदों का पूरा फायदा उठाया और गेंदबाजों को आउट करने का कोई मौका नहीं दिया। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आयुष पांडे (25) के साथ पहले विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर अच्छी शुरुआत दिलाई।सुदर्शन के आउट होने के बाद भी भारत ए की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा। जुरेल ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए स्ट्राइक का अच्छा रोटेशन किया और ढीली गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजा। वहीं रशीद ने तेज और स्पिन दोनों तरह की गेंदबाजी के खिलाफ आत्मविश्वास दिखाया।श्रीलंका ए की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर दिलुम सुदीरा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 29 ओवर में 98 रन देकर दो विकेट हासिल किए। भारतीय बल्लेबाजों ने नियमित अंतराल पर साझेदारियां बनाकर मेजबान टीम के गेंदबाजों को दबाव बनाने का मौका नहीं दिया।
देवदत्त पडिक्कल (12) और रुतुराज गायकवाड़ (22) बड़ी पारी खेलने में नाकम रहे।भारत ए अब दूसरे दिन अपनी मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने का प्रयास करेगा। यह चार दिवसीय मुकाबला भारत ए के बहु-प्रारूप श्रीलंका दौरे का हिस्सा है ।
श्रीलंका ए की ओर से बाएं हाथ के स्पिनर दिलुम सुदीरा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 29 ओवर में 98 रन देकर दो विकेट हासिल किए। भारतीय बल्लेबाजों ने नियमित अंतराल पर साझेदारियां बनाकर मेजबान टीम के गेंदबाजों को दबाव बनाने का मौका नहीं दिया।
देवदत्त पडिक्कल (12) और रुतुराज गायकवाड़ (22) बड़ी पारी खेलने में नाकम रहे।भारत ए अब दूसरे दिन अपनी मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने का प्रयास करेगा। यह चार दिवसीय मुकाबला भारत ए के बहु-प्रारूप श्रीलंका दौरे का हिस्सा है।

BANvsIND सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने महिला टी20 विश्व कप में गुरूवार को बांग्लादेश को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं।भारतीय टीम की क्षेत्ररक्षण एक बार फिर निराशाजनक रही और खिलाड़ियों ने कई आसान मौके गंवाए, लेकिन बल्लेबाजों ने 137 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए 16.5 ओवर में जीत हासिल कर ली।बांग्लादेश को आठ विकेट पर 136 रन पर रोकने के बाद भारत ने 16.5 ओवर में पांच विकेट पर 139 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद दबाव में उतरी भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में भारत का स्कोर एक विकेट पर 63 रन तक पहुंचा दिया। शेफाली ने महज 29 गेंद में इस विश्व कप का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया।
वह हालांकि नौवें ओवर में असामान्य तरीके से स्टंप आउट हो गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर अंदरूनी किनारा लगने के बाद उन्होंने एक रन लेने की कोशिश की, लेकिन विकेटकीपर ने गेंद पकड़कर गिल्लियां बिखेर दी।बीच के ओवरों में रनगति कुछ धीमी पड़ी, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स ने 15 गेंदों पर 26 रन की तेज पारी खेलकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया।इस जीत के बावजूद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह अभी आसान नहीं है। अंतिम चार में जगह बनाने के लिए उसे 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला जीतना होगा।
Continuing her fiery form
Player of the Match Shafali Verma with yet another impactful performance in the #T20WorldCup
Scorecard https://t.co/mWgNXcEkp0#TeamIndia | #WomenInBlue | #INDvBAN | @TheShafaliVerma pic.twitter.com/jgwPZjSIZN
— BCCI Women (@BCCIWomen) June 25, 2026
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार में भी खराब क्षेत्ररक्षण भारत के लिए महंगा साबित हुआ और इस मुकाबले में स्थिति और चिंताजनक दिखी।भारतीय खिलाड़ियों ने पावरप्ले में ही चार आसान कैच टपका दिए। कैच छोड़ने वालों में नंदनी शर्मा (दो कैच), यास्तिका भाटिया और राधा यादव शामिल रहीं।
राधा ने पिछले मैच में भी दो कैच छोड़े थे।भारतीय क्षेत्ररक्षकों की गलतियों का सबसे अधिक फायदा सलामी बल्लेबाज जुयैरिया फिरदौस को मिला, जिन्हें पांचवें ओवर तक तीन जीवनदान मिले। हालांकि वह इन मौकों का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सकीं और 31 गेंदों पर 33 रन बनाकर आउट हो गईं।
पिच पर दौड़ने को लेकर दो बार चेतावनी झेलने वाली नंदनी ने बाद में शानदार कैच लेकर फिरदौस को पवेलियन भेजा। फिरदौस और शोभना मोस्तारी (26 गेंद में 22 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 51 रन की उपयोगी साझेदारी हुई थी।गेंदबाजी में भारत ने इस मैच में रेणुका सिंह ठाकुर को मौका दिया और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर (चार) पुल शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गईं।
भारत ने स्पिनरों की मददगार परिस्थितियों का भरपूर उपयोग किया। राधा यादव ने गेंद से शानदार वापसी करते हुए 28 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कप्तान निगार सुल्ताना (27 गेंदों पर 32 रन) और शोभना को जल्दी-जल्दी आउट किया।अंतिम ओवर में श्री चरणी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट भी झटके।
ब्रिटेन में इस समय पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण स्पिन गेंदबाजों को अपेक्षाकृत अधिक मदद मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी बांग्लादेश की पारी के दौरान मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाजों पर भरोसा किया।क्षेत्ररक्षकों के चार कैच छोड़ने के अलावा भारतीय गेंदबाजों ने सात वाइड और तीन नो-बॉल भी फेंकीं।
Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराना रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए नई फीस तय की है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी।
सरकार ने 20 जून को जारी अधिसूचना में बताया कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की Schedule-IV को भी नए शुल्क के साथ बदल दिया गया है।
नए पासपोर्ट के लिए कितनी फीस देनी होगी?
अगर आप 36 पेज वाला नया पासपोर्ट बनवाते हैं या उसे दोबारा जारी (Reissue) कराते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹2,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹1,500 लगते थे। अगर आप तत्काल (Tatkaal) सेवा चुनते हैं, तो अब ₹5,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹3,500 थी।
अगर आपको 60 पेज वाला पासपोर्ट चाहिए, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹3,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹2,000 लगते थे। वहीं, तत्काल सेवा के लिए अब ₹6,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹4,000 थी।
ये नई फीस बालिगों पर लागू होगी। इसके अलावा 15 से 18 साल के वे नाबालिग भी इसी श्रेणी में आएंगे, जो बालिग कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

खोया या खराब पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट के रीप्लेसमेंट की फीस में की गई है।
अगर 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो नया पासपोर्ट बनवाने के लिए सामान्य प्रक्रिया में ₹5,000 और तत्काल सेवा में ₹7,500 देने होंगे।
अगर 60 पेज वाला पासपोर्ट रीप्लेस कराना है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹6,000 और तत्काल सेवा में ₹8,500 खर्च होंगे। अगर किसी नाबालिग का 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹4,250 और तत्काल सेवा में ₹6,750 फीस देनी होगी।
PCC और दूसरी सेवाओं की फीस भी बदली
पासपोर्ट से जुड़ी दूसरी सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए अब ₹750 फीस देनी होगी। वहीं, सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी बनवाने के लिए ₹1,000 देने होंगे।
अगर ये सेवाएं विदेश में ली जाती हैं, तो इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए 15 अमेरिकी डॉलर और सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 50 अमेरिकी डॉलर फीस देनी होगी। इन सेवाओं के लिए तत्काल (Tatkaal) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
इन्हें मिलेगी 10% तक की छूट
सरकार ने एक और राहत भी दी है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नया पासपोर्ट बनवाने (फ्रेश आवेदन) पर फीस में 10% की छूट मिलेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने पर नहीं मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह एक यात्रा दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल विदेश यात्रा करने और विदेश में धारक की पहचान साबित करने के लिए किया जाता है।
पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ फीस बदली है। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बालिगों को जारी होने वाला पासपोर्ट पहले की तरह 10 साल तक वैध रहेगा। वहीं, नाबालिगों का पासपोर्ट 5 साल या 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।
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Antyodaya Anna Yojana: केंद्र सरकार ‘अंत्योदय अन्न योजना (AAY)’ के तहत मिलने वाले अनाज के नियमों में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में संशोधन के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा तैयार किया गया है। इस पर खाद्य मंत्रालय ने 13 जुलाई, 2026 तक जनता से सुझाव मांगे हैं। सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि अब अंत्योदय परिवारों को प्रति परिवार तय 35 किलो राशन देने के बजाय प्रति व्यक्ति 7 किलो खाद्यान्न प्रति माह दिया जाए। हालांकि, किसी भी परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा 35 किलो प्रति माह ही रहेगी।
इस संबंध में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। खाद्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा जारी कर जनता से 13 जुलाई 2026 तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। यदि यह संशोधन लागू होता है, तो अंत्योदय योजना में राशन वितरण की व्यवस्था परिवार आधारित मॉडल से व्यक्ति आधारित मॉडल में बदल जाएगी।
वर्तमान व्यवस्था क्या है?
फिलहाल. अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले परिवारों को (परिवार के सदस्यों की संख्या चाहे जितनी भी हो) हर महीने 35 किलो अनाज दिया जाता है। दूसरी ओर, प्राथमिकता परिवार (Priority Households) कैटेगरी के लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न मिलता है। इस व्यवस्था के कारण कई बार बड़े अंत्योदय परिवारों को प्रति व्यक्ति आधार पर कम खाद्यान्न मिलता है। जबकि प्राथमिकता परिवारों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ प्राप्त हो जाता है।
प्रस्तावित व्यवस्था में क्या होगा?
प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम राशन: नए प्रस्ताव के तहत AAY परिवारों को अब प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम प्रति माह राशन देने का प्रावधान है। इसमें अधिकतम सीमा (Cap) 35 किलोग्राम तक है। प्रति व्यक्ति राशन तय किया गया है। लेकिन किसी भी परिवार के लिए कुल राशन की अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम प्रति माह ही रहेगी।
आसान भाषा में समझें
1 सदस्यीय परिवार को 7 किलो अनाज मिलेगा।
2 सदस्यीय परिवार को 14 किलो अनाज मिलेगा।
3 सदस्यीय परिवार को 21 किलो अनाज मिलेगा।
4 सदस्यीय परिवार को 28 किलो अनाज मिलेगा।
5 सदस्य या उससे अधिक वाले परिवारों को अधिकतम 35 किलो अनाज मिलेगा।
यानी पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए मौजूदा 35 किलो की सीमा बरकरार रहेगी। लेकिन राशन की गणना प्रति व्यक्ति के आधार पर की जाएगी।
सरकार ने बदलाव की जरूरत क्यों बताई?
खाद्य मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था परिवार के आकार को ध्यान में नहीं रखती, जिससे लाभार्थियों के बीच असमानता पैदा होती है। एक ही मात्रा का राशन छोटे और बड़े दोनों परिवारों को मिलने से बड़े परिवारों के प्रति सदस्य हिस्से में कमी आ जाती है। सरकार का मानना है कि प्रति व्यक्ति आधारित व्यवस्था अधिक न्यायसंगत होगी। साथ ही जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न का लाभ बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।
खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की पहल
सरकार ने इस प्रस्ताव को खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया है। मंत्रालय के अनुसार, “मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण” (Human Life Cycle Approach) के तहत प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुलभ कराना इसका उद्देश्य है।
फिलहाल फ्री में मिलता है अनाज
वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय और प्राथमिकता दोनों कैटेगरी के लाभार्थियों को चावल और गेहूं मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना से जुड़े महत्वपूर्ण पॉइंट्स
अंत्योदय परिवारों को प्रति व्यक्ति 7 किलो राशन देने का प्रस्ताव।
अधिकतम सीमा 35 किलो प्रति परिवार प्रति माह।
13 जुलाई 2026 तक जनता से सुझाव मांगे गए।
NFSA, 2013 में संशोधन के लिए विधेयक का मसौदा जारी।
बड़े परिवारों के लिए व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत बनाने का दावा।

क्रिकेट आयरलैंड ने पुष्टि की कि भारत के खिलाफ दो टी 20 मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे, जो भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे है। आम तौर पर, भारत के टी20 इंटरनेशनल मैच शाम 7 बजे शुरू होते हैं, लेकिन इस बार रविवार (28 जून) को होने वाले भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला वर्ल्ड कप मैच को देखते हुए शुरुआत का समय जानबूझकर एक घंटा पहले कर दिया गया है।
हरमनप्रीत कौर की भारतीय टीम का वह अहम मैच लॉर्ड्स में शाम 7 बजे शुरू होना है। स्पिनी कप के लिए खेले जाने वाले ये दो मैच फिर भी कुछ हद तक टकराएंगे, लेकिन समय में यह बदलाव ओवरलैप को कम से कम आंशिक रूप से कम करने के लिए किया गया है। क्रिकेट आयरलैंड ने क्रिकबज को पुष्टि की कि भारत के मैचों के शुरू होने का समय तय करते समय महिला वर्ल्ड कप मैच को ध्यान में रखा गया है।
शुक्रवार (26 जून) और रविवार (28 जून) को होने वाले इन मैचों के आयोजक क्रिकेट आयरलैंड ने भारतीय मीडिया पार्टनर, सोनी स्पोर्ट्स के साथ इस मामले पर चर्चा की थी। आदर्श स्थिति में, ब्रॉडकास्टर भारत के टी 20 मैचों के लिए शाम 7 बजे का समय पसंद करता, लेकिन माना जाता है कि सोनी स्पोर्ट्स टकराव को कम करने (भले ही आंशिक रूप से) के लिए बदले हुए समय पर सहमत हो गया है।
आयरलैंड सीरीज़ के ठीक बाद इंग्लैंड में होने वाले पांच टी 20 मैचों के शुरू होने का समय अलग-अलग है। जहां दो मैच पारंपरिक शाम 7 बजे के स्लॉट में शुरू होंगे – 4 जुलाई को मैनचेस्टर में दूसरा टी 20 और 11 जुलाई को साउथेम्प्टन में पांचवां टी 20 – वहीं चेस्टर-ले-स्ट्रीट, नॉटिंघम और ब्रिस्टल में होने वाले अन्य तीन मैच रात 10 बजे शुरू होने हैं।
टी 20 सीरीज़ के बाद तीन वनडे मैच खेले जाएंगे, जो सभी तय समय के अनुसार भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होंगे। भारत में इंग्लैंड सीरीज़ के ब्रॉडकास्टर सोनी स्पोर्ट्स (लीनियर) और जियोस्टार (डिजिटल) हैं। श्रीलंका में तीन और टी 20 मैच होने की संभावना कम इस बीच, क्रिकबज़ को पता चला है कि अगस्त के दूसरे भाग में भारत के श्रीलंका दौरे (जिसमें दो टेस्ट मैच शामिल हैं) में तीन और टी 20 मैच जोड़े जाने की संभावना कम है।
इन अतिरिक्त मैचों की संभावना पर काफी चर्चा हुई है, और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने यह भी कहा था कि प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अब ऐसा लग रहा है कि ये अतिरिक्त मैच नहीं हो पाएंगे। ये दो टेस्ट मैच, जो मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र का हिस्सा हैं, 15 से 27 अगस्त के बीच खेले जाने हैं। क्रिकबज़ ने बीसीसीआई और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) दोनों को मैसेज भेजे।
LPG Rule Changes: पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर बनी सहमति के बाद केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी (Commercial LPG) की आपूर्ति पर लगाई गई सभी क्षेत्रीय पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दी हैं। इसके साथ ही कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को संकट से पहले जैसे हालत पर बहाल कर दिया गया है।
सरकार ने बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल कर दी है। अब इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं को संकट से पहले खपत के 50 प्रतिशत तक बल्क एलपीजी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे होटल, रेस्तरां और अन्य उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।
ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद मिली राहत
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से सुचारु रूप से खुलने का रास्ता साफ हुआ है। यह समुद्री रूट्स भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के कच्चे तेल और एलपीजी आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है।
सरकार ने बताया कि हाल के दिनों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी और आयातित एलपीजी कार्गो की बेहतर उपलब्धता के कारण आपूर्ति की स्थिति मजबूत हुई है। इसी को देखते हुए कमर्शियल एलपीजी पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया गया है।
बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी बहाल
सरकार ने बल्क एलपीजी की आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल कर दी है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान बल्क एलपीजी की सप्लाई रोक दी गई थी। लेकिन अब इसे संकट-पूर्व खपत के 50 प्रतिशत तक अनुमति दे दी गई है। इससे होटल, रेस्तरां, कैटरिंग व्यवसाय, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी, जो अपने डेली कामों के लिए एलपीजी पर निर्भर रहते हैं।
सरकार ने बल्क LPG की सप्लाई को संकट के चरम पर रोक दिया था। अब बल्क LPG की सप्लाई संकट से पहले के खपत स्तर के 50 प्रतिशत तक करने की अनुमति होगी। इससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। ईरान युद्ध के दौरान केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश दिया था कि C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम का इस्तेमाल केवल LPG उत्पादन के लिए किया जाए।
क्यों कड़े किए गए थे नियम?
इस कदम से इन फीडस्टॉक को पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों से हटाकर घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। सप्लाई की स्थिति में सुधार के साथ, सरकार ने अब LPG पूल के लिए C3-C4 स्ट्रीम के डायवर्जन को कम करने और पेट्रोकेमिकल तथा अन्य महत्वपूर्ण सेक्टर्स के लिए आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है।
मंत्रालय के अनुसार, नॉन-LPG इस्तेमाल के लिए C3-C4 स्ट्रीम का बढ़ा हुआ आवंटन घरेलू LPG उपलब्धता को प्रभावित किए बिना लागू किया जाएगा। घरेलू LPG उत्पादन को कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन (TMT) प्रति दिन बनाए रखा जाएगा। केंद्र ने सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को निर्देश दिया है कि वह बढ़ी हुई C3-C4 स्ट्रीम का संगठन-वार आवंटन जारी करे और मंत्रालय को समय-समय पर रिपोर्ट सौंपे।
युद्ध के कारण लगी थी पाबंदियां
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति संकट के दौरान सरकार ने विशेष कदम उठाए थे। उस समय सी3-सी4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का उपयोग केवल एलपीजी उत्पादन के लिए करने का निर्देश दिया गया था। इसके चलते पेट्रोकेमिकल और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों को मिलने वाली कच्चे माल की आपूर्ति सीमित कर दी गई थी। ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
अब हालात में सुधार के बाद सरकार ने सी3-सी4 स्ट्रीम्स का बड़ा हिस्सा फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को आवंटित करने का फैसला किया है। मंत्रालय का कहना है कि इससे उद्योगों को आवश्यक कच्चा माल मिलेगा और उत्पादन गतिविधियों को गति मिलेगी। जबकि घरेलू एलपीजी आपूर्ति पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि ग्लोबल सप्लाई में रुकावट शुरू होने के बाद से ही घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट LPG सप्लाई सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
मंत्रालय ने कहा, “इस मकसद को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल पैक्ड LPG की सप्लाई पर कुछ समय के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं। मुश्किल ग्लोबल सप्लाई चेन के बावजूद, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की समय पर की गई पॉलिसी से जुड़ी कोशिशों और तालमेल से सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली।”
पेट्रोलियम मंत्रालय का फ्यूचर प्लान
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में स्वदेशी एलपीजी उत्पादन न्यूनतम 40 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन (TMT) के लेवल पर बनाए रखा जाएगा। साथ ही सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को विभिन्न संगठनों के लिए सी3-सी4 स्ट्रीम्स का आवंटन तय करने और समय-समय पर मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति संकट के दौरान भी घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध एलपीजी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और सरकार के समन्वित प्रयासों के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी रही।
सरकार ने थपथपाई पीठ
सरकार का मानना है कि ताजा फैसला ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक जरूरतों और घरेलू उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्योगों को राहत मिलेगी। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और देश में स्वच्छ एवं सुरक्षित ईंधन की उपलब्धता को और मजबूत किया जा सकेगा।
मंत्रालय ने आगे कहा कि यह नया फ़ैसला सरकार के उस संतुलित नज़रिए को दिखाता है, जिसमें देश की एनर्जी सिक्योरिटी की सुरक्षा के साथ-साथ उद्योगों और व्यवसायों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना और पूरे देश में साफ और सुरक्षित ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना शामिल है।
पाबंदियों में ढील से कई तरह के कमर्शियल प्रतिष्ठानों को फीयदा होने की उम्मीद है, जिनमें होटल, रेस्टोरेंट, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और दूसरे ऐसे औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं जो अपने कामकाज के लिए काफ़ी हद तक LPG पर निर्भर हैं।
स्टोरी की मुख्य बातें (All You Need To Know)
बल्क LPG सप्लाई भी बहाल: संकट के समय सरकार ने बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। अब इसे आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। अब उद्योग अपनी जरूरत का 50% तक बल्क एलपीजी ले सकेंगे।
पेट्रोकेमिकल सेक्टर को फायदा: संकट के दौरान सरकार ने जरूरी वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू करके C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का पूरा इस्तेमाल सिर्फ घरेलू एलपीजी बनाने में करने का निर्देश दिया था. अब हालात सुधरने पर इस डायवर्जन को कम कर दिया गया है। इससे पेट्रोकेमिकल और अन्य संबंधित उद्योगों को फिर से पर्याप्त कच्चा माल मिल सकेगा।
घरेलू एलपीजी पर आंच नहीं: सरकार ने साफ किया है कि उद्योगों को दी जाने वाली इस ढील से घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG) की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देश में घरेलू एलपीजी का उत्पादन न्यूनतम 40 हजार मीट्रिक टन (TMT) प्रतिदिन पर बरकरार रखा जाएगा।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
सरकार के इस फैसले से उन सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टरों को सीधा फायदा पहुंचेगा जो एलपीजी पर निर्भर हैं:-
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
छोटे और बड़े औद्योगिक उपभोक्ता
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने तीन कंपनियों को IPO लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। इसमें Sathya Agencies, Kanohar Electricals और Torrent Gas शामिल हैं। सेबी का ऑब्जर्वेशन मिलना IPO प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद कंपनियां आगे की प्रक्रिया पूरी कर IPO लॉन्च कर सकती हैं।
Torrent Gas ने चुना अलग रास्ता
Torrent Group की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी Torrent Gas ने मार्च 2026 में Sebi के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। कंपनी ने इस बार कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग (Pre-filing Route) का विकल्प चुना। Sebi ने 25 जून 2026 को इसके ड्राफ्ट पेपर्स पर अपना ऑब्जर्वेशन जारी किया।
इस रूट की खास बात यह है कि कंपनी को IPO का साइज और दूसरी अहम जानकारियां शुरुआत में सार्वजनिक नहीं करनी पड़तीं। इससे कंपनी को बाजार की स्थिति के हिसाब से अपनी रणनीति तय करने में ज्यादा लचीलापन मिलता है।
Torrent Gas फिलहाल 526 CNG स्टेशन चला रही है। इसके अलावा कंपनी 34 जिलों में 2 लाख से ज्यादा घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचा चुकी है।
Kanohar Electricals के IPO में क्या होगा?
ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली Kanohar Electricals ने 27 जनवरी 2026 को IPO के लिए आवेदन किया था। Sebi ने 22 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया।
कंपनी का IPO दो हिस्सों में होगा। पहला ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और दूसरा प्रमोटर K Sons Family Trust की ओर से 1.45 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS)।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें नई मशीनें खरीदना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, ऑटोमेशन, सोलर पावर प्लांट लगाना और इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदना शामिल है। इसके अलावा कुछ रकम वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल होगी।
Sathya Agencies जुटाएगी ₹600 करोड़
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन Sathya Agencies ने 30 मार्च 2026 को Sebi के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। Sebi ने 25 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया। कंपनी IPO के जरिए ₹600 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹300 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
OFS के तहत प्रमोटर Johnson Asaria, J John Sathya और Charles Packiaraj अपने-अपने ₹100 करोड़ के शेयर बेचेंगे।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। सबसे पहले कुछ कर्ज चुकाए जाएंगे। सहायक कंपनी Unilet Appliances Private Ltd. के अधिग्रहण के लिए आंशिक भुगतान किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में होगा।
क्या होती है Confidential IPO Filing?
जब कोई कंपनी IPO लाने की तैयारी करती है, तो उसे Sebi के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) जमा करना होता है। आमतौर पर यह दस्तावेज सार्वजनिक कर दिया जाता है। इसमें कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाओं जैसी कई अहम जानकारियां होती हैं।
लेकिन कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग में यह DRHP सार्वजनिक नहीं किया जाता। Sebi पहले इसकी समीक्षा करता है और अपने सुझाव देता है। इसके बाद जब कंपनी IPO लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है, तब Red Herring Prospectus (RHP) सार्वजनिक किया जाता है।
कंपनियां इस रास्ते को क्यों पसंद कर रही हैं?
Confidential Filing का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी की कारोबारी रणनीति और संवेदनशील जानकारी शुरुआती दौर में प्रतिस्पर्धियों तक नहीं पहुंचती।
अगर किसी वजह से कंपनी बाद में IPO नहीं लाती है, तो उसकी साख पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, कंपनी को Sebi की आपत्तियों और सुझावों का जवाब देने और जरूरी बदलाव करने का समय मिल जाता है। जब सारी तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तब ही IPO से जुड़ी पूरी जानकारी निवेशकों के सामने रखी जाती है।
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Ram Mandir donation row: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा एवं चंदा चोरी से जुड़े मामले में गुरुवार (25 जून) को पहली FIR दर्ज की गई। इससे दो दिन पहले मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी। पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई से गुरुवार को पुष्टि की है कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। यह केस अयोध्या थाने में दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया था। यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
किसके खिलाफ दर्ज हुआ है केस?
सूत्रों के मुताबिक, इस FIR में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम नहीं है। हालांकि, बताया जा रहा है कि उनके ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम शामिल किया गया है। इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, अभी यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है। यूपी सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
पुलिस सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रमाशंकर यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि एसआईटी ने कुछ कठोर सिफारिशें की हैं। अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई थी।
यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
पुलिस के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर BNS की धारा 306, 316 (5) , 317 (4) और 317 (5) लगाई गई हैं। मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य ने SIT की शुरुआती जांच के आधार पर यह FIR कराई है।
किसने दर्ज कराई FIR?
न्यूज 18 के मुताबिक, यह FIR श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत के आधार पर अयोध्या में दर्ज की गई है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह मामला दर्ज किया है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 306, 316(5) और 317 शामिल हैं।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब दान में मिली रकम की चोरी के आरोपों की जांच कर रही SIT ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंपी, जो ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं।
राम मंदिर के लिए भक्तों द्वारा दिए गए दान के गलत इस्तेमाल के आरोपों पर विवाद इस महीने की शुरुआत में तब शुरू हुआ, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि रिपोर्टों से पता चलता है कि दान के करोड़ों रुपये गायब हैं।
VHP ने की थी केस दर्ज करने की मांग
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अयोध्या में राम मंदिर को मिले चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले में FIR दर्ज करने और समयबद्ध जांच करने की मांग करते हुए कहा है कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अलोक कुमार ने पीटीआई से कहा कि जांच चार महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए और और आरोपियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम मांग करते हैं कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में FIR दर्ज होनी चाहिए, जांच में तेजी लाई जानी चाहिए, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” कुमार ने कहा कि जांच चार महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि दोषियों को बिना विलंब के सजा मिल सके।
VHP की यह मांग ऐसे समय में आई है जब दान राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। एसआईटी की यह रिपोर्ट लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी।
SIR जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी की जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े तथ्यों का संकलन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर दान में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
एसआईटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद पंत ने कहा कि टीम अगले 10 से 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का प्रयास कर रही है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सात जून को आरोपों से जुड़ी खबरों का हवाला देते हुए कहा था कि राम मंदिर को चंदे में मिले करोड़ों रुपये गायब हैं। उन्होंने अदालत से मामले का संज्ञान लेने की अपील की थी।
FIR पर अखिलेश का रिएक्शन
अयोध्या मामले में केस दर्ज होने के बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। अखिलेश ने X पर लिखा, “भाजपा राज में नाइंसाफी की दिखेगी ये झांकी… फुनगी को फांसी, शाखाओं को मिलेगी माफी! जनता कह रही है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत साफ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद FIR हो रही है। लगता है SIT को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी और उसके हिसाब से जांच की गई होगी मतलब निष्कर्ष पहले निकाल लिया गया होगा।”
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