अमिताभ बच्चन ने किया यूपी की ‘खाकी’ को सलाम, ‘खाकी का सितारा’ में दिखी पुलिस के जज्बे की पूरी कहानी

अमिताभ बच्चन ने किया यूपी की 'खाकी' को सलाम, ‘खाकी का सितारा’ में दिखी पुलिस के जज्बे की पूरी कहानी

up police

उत्तरप्रदेश पुलिस के पहले आधिकारिक एंथम ‘खाकी का सितारा’ का 6.5 मिनट का पूरा वीडियो यूट्यूब पर रिलीज हो गया है। महानायक अमिताभ बच्चन ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस के पोस्ट को कोट ट्वीट करते हुए इस एंथम को अपने खास अंदाज में सलाम किया। अमिताभ बच्चन ने लिखा, 'कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं… कुछ ख़ाकी पहनकर ज़मीन पर। ख़ाकी का सितारा।'

 

‘खाकी का सितारा’ सिर्फ एक म्यूजिक वीडियो नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारियों और उसके कामकाज के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाने की कोशिश है। एंथम में कानून-व्यवस्था से लेकर महिला सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, तकनीक, आपदा एवं राहत कार्य, जनसेवा और रोजमर्रा की पुलिसिंग तक खाकी के अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं।

 

खास बात यह है कि इस एंथम की शूटिंग एक-दो दिन में नहीं, बल्कि महाकुंभ 2025 से स्वतंत्रता दिवस 2026 तक अलग-अलग मौकों और परिस्थितियों में की गई। उत्तर प्रदेश पुलिस के इस इन-हाउस क्रिएटिव प्रोडक्शन को तैयार करने में एक वर्ष से अधिक का समय लगा। महाकुंभ की विशाल पुलिस व्यवस्था से लेकर अलग-अलग मौकों पर कानून-व्यवस्था संभालते पुलिसकर्मियों तक, कैमरे ने खाकी की ड्यूटी के कई पहलुओं को रिकॉर्ड किया।

 

दरअसल, उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रही है। ऐसे में ‘खाकी का सितारा’ के जरिए पुलिस की उसी भूमिका को एक अलग अंदाज में पेश किया गया है। वीडियो में पुलिस को केवल कार्रवाई करने वाली एजेंसी के तौर पर नहीं, बल्कि संकट के समय सबसे पहले पहुंचने वाली और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली व्यवस्था के रूप में दिखाया गया है।

 

त्योहार हो या आपदा, भीड़ का दबाव हो या कानून-व्यवस्था की चुनौती- खाकी हर जगह मौजूद दिखाई देती है। यही इस एंथम का मूल संदेश है। वीडियो में वर्दी के पीछे के उस इंसान को भी दिखाने की कोशिश की गई है, जो अपने परिवार और निजी जीवन से दूर रहकर ड्यूटी करता है और कई बार बिना किसी पहचान या अपेक्षा के अपना कर्तव्य निभाता है।

 

इस एंथम को देश के जाने-माने कलाकारों ने अपनी आवाज और प्रतिभा दी है। इसमें अमिताभ बच्चन की प्रभावशाली आवाज, पद्मश्री शंकर महादेवन का स्वर और संगीत तथा जाने-माने कवि एवं गीतकार आलोक श्रीवास्तव के शब्द हैं। अभिनेता करण आनंद ने इसमें पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई है।

up police

14 अगस्त को लोक भवन में हुआ था लॉन्च

 

‘खाकी का सितारा’ का औपचारिक लॉन्च 14 अगस्त को लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इस मौके पर पद्मश्री शंकर महादेवन, पद्मश्री नाना पाटेकर, गीतकार आलोक श्रीवास्तव, अभिनेता करण आनंद सहित फिल्म और संगीत जगत से जुड़े कई कलाकार मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और पुलिसकर्मी भी शामिल हुए।

 

लॉन्च के दौरान शंकर महादेवन ने ‘खाकी का सितारा’ से जुड़ने को अपने जीवन के खास पलों में से एक बताया। उन्होंने इस एंथम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार को समर्पित किया। उन्होंने गीत की पंक्तियां “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” और “हम डटे रहे, हम खड़े रहे, चट्टानों जैसे अड़े रहे” सुनाते हुए कहा कि संगीत के जरिए पुलिस की सेवा, साहस और संकल्प को आवाज देना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।

 

खाकी के कई रंग, एक ही संकल्प

 

‘खाकी का सितारा’ में पुलिस की सख्ती के साथ उसकी संवेदनशीलता को भी जगह दी गई है। कहीं कानून-व्यवस्था संभालते जवान नजर आते हैं, तो कहीं महिला सुरक्षा और जनसेवा में जुटी पुलिस दिखाई देती है। कहीं महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन की जिम्मेदारी है, तो कहीं आपदा और राहत के बीच लोगों तक पहुंचती खाकी।

यानी यह एंथम सिर्फ पुलिस की वर्दी का गीत नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी की कहानी है जिसे उत्तर प्रदेश पुलिस हर दिन निभाती है। “सुरक्षा आपकी, संकल्प हमारा” के संदेश के साथ ‘खाकी का सितारा’ योगी सरकार के उस कानून-व्यवस्था मॉडल की भी तस्वीर पेश करता है, जिसमें पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता की सुरक्षा, सेवा और भरोसे की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

अमिताभ बच्चन के शब्दों में कहें तो कुछ सितारे आसमान में चमकते हैं और कुछ खाकी पहनकर जमीन पर- ‘खाकी का सितारा’ इसी जमीन पर चमकने वाली खाकी को समर्पित है।

2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड, अब 15 करोड़ लोगों को निरंतर निशुल्क मिल रहा राशन : CM योगी

2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड, अब 15 करोड़ लोगों को निरंतर निशुल्क मिल रहा राशन : CM योगी

CM Yogi Adityanath

UP Free Ration Scheme: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी राशन वितरण के उचित दर विक्रेताओं से अपील की कि वह कार्य करिए, जिसमें सम्मान हो। जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य कभी नहीं करना चाहिए। इससे पीढ़ियां खराब होती हैं, उन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने 2017 के बाद आए बदलाव का जिक्र किया और कहा कि अब कोई आप पर अंगुली नहीं उठा सकता। 2017 के पहले सपाई गरीब का राशन कार्ड अपने घर में रख लेता था, जिससे वह भूख से मरता था परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन मिल रहा है। निराश्रितों/दिव्यांगों का राशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो रही है। 2 करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन, 1.53 करोड़ परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में स्थापित किया गया है। यह परिणाम राज्य की उन्नति को बताते हैं। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास के तीसरे सोमवार की शुभकामना दी और राशन कोटेदारों की आस पूरी करते हुए सोमवार को लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। सीएम ने बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 रुपए से बढ़ाकर 125 रुपए प्रति क्विंटल) का उपहार दिया। सीएम ने कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपए की वृद्धि (10 रुपए केंद्र सरकार व 25 रुपए राज्य सरकार) से आपने लंबी छलांग लगाई है। हमने 25 रुपए और बढ़ाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। समय लगेगा, लेकिन यह कार्य हो गया तो आपके लिए और भी अच्छी व्यवस्था होगी।

शासन व जनता के बीच सेतु का काम करते हैं फेयरप्राइस शॉप के संचालक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति काम करके आजीविका चलाता है, लेकिन उचित मूल्य विक्रेता निराश्रित, गरीब, दिव्यांगजन समेत समाज के अन्य जरूरतमंदों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें शासन की योजना से जोड़ रहे हैं। उचित मूल्य विक्रेता से जुड़े फेयरप्राइस शॉप के संचालक दुनिया की सबसे बड़ी योजना (राशन वितरण) के जरिए शासन व जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। 

वर्ष 2017 के पहले कोटेदार नाम से लोगों को होती थी चिढ़ 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले उचित दर मूल्य के विक्रेताओं का दर्द बयां किया। कहा कि आप तब भी मेहनत करते थे लेकिन शासन राशन नहीं भेजता था तो गाली आपको खानी पड़ती थी। उनकी लूट का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ सी होने लग गई थी। गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई करता था, भुक्तभोगी कोई और होता था। 

 

योगी ने कहा कि उस समय सत्तासीन लोगों की नीयत में खोट था। उनके भ्रष्ट आचरण की आंच से चाहकर भी आप स्वयं को बचा नहीं सकते थे, जिससे उस समय यूपी की 20-22 करोड़ की आबादी शक की निगाहों से देखी जाती थी। नौजवान, व्यापारी, बेटियां समेत आमजन अन्य प्रदेश में जाते थे तो कोई सम्मान नहीं करता था। 2017 के पहले जो लोग यूपी से दूरी बनाते थे, पिछले साढ़े 9 वर्ष के भीतर वही लोग अब यूपीवालों को गले लगाते हैं। उत्तर प्रदेश के बारे में ओवरऑल धारणा बदली है। यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की ताकत है, जिसे पीएम मोदी जी के नेतृत्व/मार्गदर्शन में प्रदेश ने सामूहिक रूप से अर्जित किया है। 

CM yogi

वीडियो बनाने की धमकी देने वाले स्कूलों में जाकर देखें सकारात्मक बदलाव 

सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद का जिक्र किया। कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि स्कूल का वीडियो बनाएंगे, अरे! जरूर बनाओ। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से हर स्कूल की अच्छी फ्लोरिंग कराई। सरकार बालक-बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, फर्नीचर, 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, दो यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। साल 2017 के पहले स्कूल का भवन नहीं होता था। यदि भवन था तो शिक्षक नहीं, शिक्षक थे तो छात्र नहीं। पेयजल, टॉयलेट न होने से सत्र पूरा होने से पहले ही आधे बच्चे पहले ही स्कूल छोड़कर चले जाते थे। अब निपुण भारत अभियान के तहत यूपी के स्कूली बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ ही वाक्य विन्यास में भी पारंगत हुए हैं। विज्ञान, अंग्रेजी, गणित की शिक्षा भी स्कूल में लेते हैं। बच्चे अब अच्छा कर रहे हैं। 

जो कुछ नहीं कर पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं 

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना निशाना साधा। कहा कि जो लोग कुछ कर नहीं पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। ऐसे लोग परिवर्तन को नकारात्मकता में बदलना चाहते हैं। यही स्थिति आप सभी के साथ भी हुई। उचित दर विक्रेताओं के बारे में लोगों की धारणा ठीक हो, इसके लिए सरकार ने वर्ष 2017 में ई-पॉस मशीन लगाना शुरू किया। हमने कहा कि सिंगल डोर स्टेप होगा यानी एफसीआई के गोदाम से सीधे फेयरप्राइस शॉप तक राशन पहुंचाया जाएगा। सरकार व उचित मूल्य विक्रेता के बीच में कोई बैरियर नहीं रहेगा। हम सीधे संवाद बनाएंगे, इससे परिणाम भी सकारात्मक आए। 

39 प्रकार के आइटम की कर सकते हैं बिक्री

सीएम ने कहा कि पारदर्शिता आई तो अब गांव में लोग आपका सम्मान भी करते हैं और आपके सुख-दुख में खड़े होते हैं। आपके प्रति विश्वास में वृद्धि हुई। पीएम के आदेश पर उचित दर विक्रेता से जुड़ी दुकान को अन्नपूर्णा भवन के रूप में निर्मित किया जा रहा है। इस वर्ष इस मद में 500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहां दुकान व गोदाम की भी व्यवस्था होगी। पहले आप केवल राशन की ही बिक्री कर पाते थे, लेकिन अब 39 ऐसे आइटम हैं, जिन्हें आप अपनी दुकानों से बेच सकते हैं बशर्ते वह नशीले/ज्वलनशील पदार्थ या देश/समाज के प्रतिकूल आचरण से जुड़े सामान न हों। 

2017 में जनता दर्शन में 1000 में से 300 शिकायतें राशन से जुड़ी आती थीं, अब एक भी नहीं आतीं 

सीएम ने कहा कि पहले सरकार ही लूट मचाती थी तो परिवर्तन कैसे हो पाता। फेयर प्राइस शॉप संचालकों को कोसने भर से परिवर्तन नहीं होता। प्रदेश में अब खाद्य व रसद विभाग में भी व्यापक रिफॉर्म हुआ है। 2017 में जनता दर्शन में यदि हजार प्रार्थना पत्र आते थे तो इसमें से लगभग 300 अप्लीकेशन राशन से जुड़ी विसंगतियों को लेकर होती थी लेकिन अब राशन वितरण की एक भी शिकायत नहीं आती है। यही आपका सम्मान है। अब आपको कोई कटघरे में नहीं खड़ा कर सकता और न ही कोई ऊल-जुलूल बातें करता है। 

कोरोना के दौरान भी कोटेदारों की नहीं आई एक भी शिकायत

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की स्कीम को आपने धऱातल पर उतारने का कार्य किया। हमें प्रसन्नता होती है कि हमने गरीब के लिए जो चीज उपलब्ध कराई थी, वह उस तक पहुंच गई है। सीएम ने कोटेदारों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान भी आप राशन वितरित कर रहे थे। जब सारा काम-धंधा बंद हुआ तो हमने दाल, नमक और तेल का वितरण शुरू किया। सभी जगह सुचारु वितरण हुआ, कहीं से एक भी शिकायत नहीं आई और हर गरीब तक सामान पहुंचा। इसका मतलब पूर्ववर्ती सरकार की नीयत खराब थी। वे आपका इंसेंटिव भी नहीं बढ़ाते थे।  

मुख्यमंत्री ने फेयर प्राइस शॉप संचालकों की हौसलाअफजाई की

सीएम ने कहा कि औसतन हर विक्रेता को 100 कुंतल अनाज का आवंटन होता है। अब तक 90 रुपए के हिसाब से फेयरप्राइस शॉप के संचालक की प्रतिमाह आय लगभग 12,750 होती थी। अब 125 रुपए की दर से 100 कुंतल वितरण पर 16,250 रुपए प्राप्त होंगे। इसके अलावा दुकान का मुनाफा अलग से है। जो जितना अधिक बिक्री करेगा, उतना अधिक लाभांश कमाएगा। उचित मूल्य के विक्रेताओं के लिए पहली बार 30 प्रतिशत की मार्जिन मनी की बढ़ोतरी हो रही है। 

2017 के पहले किसानों से खरीदे जाने वाले खाद्यान्न में भी होती थी व्यापक हेराफेरी

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले किसानों से लिए जाने वाले खाद्यान्न में व्यापक हेराफेरी होती थी। सीधे किसान से खरीदारी नहीं होती थी, बिचौलिए के कारण किसान को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पाता था। 2017 से हम किसानों से सीधे धान, गेहूं, दलहन-तिलहन, मिलेट्स आदि की खरीद कर रहे हैं। डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पैसा जा रहा है। किसान, नौजवान, महिला समेत हर तबके का व्यक्ति सीधे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहा है। सीएम ने कहा कि यदि बीच की दीवार हट गईं तो बहुत सी चीजें पारदर्शी हो जाएंगी, जो विश्वास का कारक भी बनती हैं और लोकतंत्र विश्वास के कारण मजबूत होता है। 

विदेश जाने वाले पैसे का एक हिस्सा भारत के अस्थिर करने में होता है खर्च 

सीएम ने अपील की कि उचित मूल्य विक्रेता भी विश्वास के प्रतीक के रूप में अपनी पहचान बनाएं। आप सभी अन्नपूर्णा भवन के निर्माण की कार्रवाई तेजी से बढ़वाइए। सरकार धनराशि आवंटित करेगी। अच्छे भवन, वेयरहाउस अच्छे बनेंगे। राशन वितरण 7-10 दिन करेंगे, शेष 20 दिन वेयरहाउस का उपयोग अन्य कार्यों के लिए करके अतिरिक्त आय भी कर सकते हैं। ओडीओपी के सामान रखकर होली-दीवाली समेत अन्य त्योहारों पर भी स्थानीय उत्पाद को प्राथमिकता देंगे तो स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी भी प्रोत्साहित होगा। साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

 

उन्होंने कहा कि जब हमारा धन विदेशों में जाता है तो उसका एक हिस्सा हमारे खिलाफ ही आतंकवाद को भड़काने और भारत को अस्थिर करने में खर्च होता है। सीएम ने अपील की कि स्वदेशी को प्राथमिकता दें, लोकल को ग्लोबल बनाने की दिशा में प्रयास करें। यह अभियान गांव में भी प्रारंभ हो सकता है। सीएम ने कहा ग्राम पंचायत का जो अन्नपूर्णा भवन बनेगा, वहां उचित मूल्य संचालकों (अन्नपूर्णा भवन संचालक) को मिला सम्मान आपके कार्यों, परिश्रम व प्रयासों का परिणाम है। 

 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, खाद्य व रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री को सौंपा धन्यवाद पत्र 

इस उपहार के लिए कोटेदारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उप्र सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार मेहरोत्रा, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के राजेश तिवारी, आदर्श कोटेदार कमलेश कुमार मिश्र, उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद पत्र प्रदान किया तो सीएम ने भी मंच से आभार जताया।

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

Transport Department in UP has taken stringent measures towards road safety and achieving a zero-fatality rate

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर का लक्ष्य पाने का दे चुके हैं निर्देश

– ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पिछले वित्तीय वर्ष में वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क

– चालू वित्तीय वर्ष के 4 महीने में 5 लाख चालान किए और 172 करोड़ रुपए लगाया जुर्माना

– परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपएप्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।

 

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।

ALSO READ: दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।

ALSO READ: 8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

चालान से सड़क सुरक्षा पर असर

परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।

ALSO READ: योगी सरकार की नई पहल, युवाओं के लिए लॉन्च हुआ ‘कौशल संपर्क’ QR कोड, अब सीधे मिशन निदेशक तक पहुंचेगी बात

सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

Yogi government is Divyangjan empowering persons with Divyangjan

– कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना बनी दिव्यांगजनों का मजबूत संबल

– ब्रेल किट और स्मार्ट केन से आसान हुआ दिव्यांगजनों का दैनिक जीवन

– जरूरत के मुताबिक ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरण उपलब्ध

– 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों को मिल रहा लाभ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

स्मार्टफोन और टैबलेट से बढ़ी डिजिटल पहुंच

डिजिटल युग में शिक्षा, संचार, सूचना और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्र-छात्राओं और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल संचार, अध्ययन सामग्री तथा विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं एवं सूचनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। डिजिटल उपकरणों को योजना से जोड़ने से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को तकनीक का नया आयाम मिला है।

ALSO READ: 8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

जरूरत के अनुसार मिल रहे अनेक सहायक उपकरण

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक आवश्यकता एवं चिकित्सकीय संस्तुति के आधार पर विभिन्न प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, एमआर किट, ब्रेल किट, एडीएल किट, वॉकर, रोटेटर और स्मार्ट केन सहित अनेक सहायक उपकरण शामिल हैं।

 

दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल किट एवं स्मार्ट केन जैसे उपकरण दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में सहायक हैं, जबकि गतिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर एवं अन्य मोबिलिटी उपकरण आवागमन और स्वतंत्र गतिशीलता को बढ़ावा देते हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को 15 हजार रुपये तक की लागत वाले निर्धारित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित है पात्रता

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना का संचालन विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। योजना का लाभ सामान्यतः 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार दिया जाता है। संबंधित उपकरण की आवश्यकता के संबंध में चिकित्साधिकारी की संस्तुति भी आवश्यक होती है।

ALSO READ: योगी सरकार की नई पहल, युवाओं के लिए लॉन्च हुआ ‘कौशल संपर्क’ QR कोड, अब सीधे मिशन निदेशक तक पहुंचेगी बात

पात्रता के लिए आवेदक को निर्धारित आय सीमा एवं अन्य शर्तों को पूरा करना होता है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये निर्धारित है। आवेदक को पिछले तीन वर्षों में उसी उद्देश्य के लिए समान उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए।

नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अवधि एक वर्ष है। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो तथा संबंधित उपकरण के लिए चिकित्सकीय संस्तुति सहित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होते हैं।

 

ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और सुगमता

योजना को ऑनलाइन किए जाने से पात्र दिव्यांगजनों के लिए आवेदन एवं योजना तक पहुंच अधिक सुगम हुई है। विभाग का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं उपकरण वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम तरीके से पूरी की जाए।

ALSO READ: ‘उन्नति’ से शिक्षकों को मजबूत करेगी योगी सरकार, शिक्षक प्रशिक्षण को मिलेगी नई गति

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्राथमिकता

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ मोबिलिटी एवं अन्य सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

यूपी में दिखता है बदलाव, मजबूत नेतृत्व से कानून व्यवस्था में बढ़ा लोगों का भरोसा : नाना पाटेकर

यूपी में दिखता है बदलाव, मजबूत नेतृत्व से कानून व्यवस्था में बढ़ा लोगों का भरोसा : नाना पाटेकर

Actor Nana Patekar's statement regarding law and order situation in UP

– उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे अभिनेता नाना पाटेकर

– नाना पाटेकर बोले- योगी सरकार ने लोगों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

– फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने की यूपी की कानून व्यवस्था की सराहना

– नाना पाटेकर बोले- 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में सुरक्षा आसान नहीं

Film actor Nana Patekar : प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की जमकर सराहना की. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बड़े और विविधताओं से भरे प्रदेश में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पुलिस को आधुनिक संसाधन, नई तकनीक और आत्मविश्वास प्रदान किया गया है, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। नाना पाटेकर ने कहा कि पिछले कई दशकों में उन्होंने उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है।

ALSO READ: 8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार दिखाई देता है और सरकार की कार्यशैली में निर्णय लेने की स्पष्टता नजर आती है। उन्होंने कहा कि पुलिस जितनी आधुनिक होगी, नागरिक उतना सुरक्षित होगा और नागरिक जितना जागरूक होगा, अपराधियों के लिए काम करना उतना ही कठिन हो जाएगा।

 

नाना पाटेकर ने साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते खतरों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज एक वास्तविक चुनौती है और इसका शिकार कोई भी हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराने और पैसे मांगने का प्रयास करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार तकनीक नहीं, बल्कि लोगों का डर होता है।

ALSO READ: योगी सरकार की नई पहल, युवाओं के लिए लॉन्च हुआ ‘कौशल संपर्क’ QR कोड, अब सीधे मिशन निदेशक तक पहुंचेगी बात

उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई फिल्म की भी सराहना की और कहा कि यदि कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सकती है या किसी बुजुर्ग को ठगी से बचाया जा सकता है, तो इससे बड़ा सामाजिक योगदान और कुछ नहीं हो सकता।

 

नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के पास फिल्मों की तरह रीटेक का अवसर नहीं होता। उन्हें कठिन परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेने पड़ते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस जनता के भरोसे को आगे भी बनाए रखेगी तथा प्रदेश को और अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

यूपी के गो संरक्षण में अब जेन जी की एंट्री, गांव-गांव तैयार होंगे 10 हजार ‘गो मित्र’

यूपी के गो संरक्षण में अब जेन जी की एंट्री, गांव-गांव तैयार होंगे 10 हजार 'गो मित्र'

Gen Z enters fray for cow conservation in UP

– यूपी में बच्चों के मन में गो माता के प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए गांव गांव चलेगा अभियान

– योगी सरकार नई पीढ़ी को बनाएगी गो संरक्षण के प्रति सजग

– तैयार किए जाएंगे मास्टर ट्रेनर, देंगे अन्य ट्रेनर को प्रशिक्षण

– गो संरक्षण में रुचि रखने वालों को दी जाएगी वरीयता

Cow Protection Campaign : योगी सरकार की प्रदेश में गो संरक्षण अभियान से अब नई पीढ़ी, खासकर जेन जी को भी जोड़ने की तैयारी है। गांव-गांव अभियान चलाकर युवाओं को गोवंश के संरक्षण, गो सेवा और इसके सामाजिक-आर्थिक महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए करीब 10 हजार ‘गो मित्र’ तैयार किए जाएंगे। पहले मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित होंगे और फिर उनके माध्यम से अन्य लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गो संरक्षण और गो सेवा में पहले से रुचि रखने वाले लोगों को इसमें वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही योगी सरकार गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता का मॉडल विकसित करने पर काम कर रही है।

 

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो संरक्षण को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। सरकार का प्रयास है कि गोवंश का संरक्षण केवल गो आश्रय स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि इससे रोजगार और ग्रामीण समृद्धि के नए अवसर भी पैदा हों। इसी सोच के तहत गोशालाओं को गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों, प्राकृतिक खेती, बायोगैस और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

 

बच्चों और युवाओं तक पहुंचेगा गो संरक्षण का संदेश

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि नई पहल में सबसे ज्यादा जोर बच्चों और युवाओं को गो संरक्षण से जोड़ने पर रहेगा। गांवों में अभियान चलाकर उन्हें देसी गोवंश, गो सेवा, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय के महत्व की जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि नई पीढ़ी गो संरक्षण के पर्यावरणीय और आर्थिक पहलुओं को भी समझे।

ALSO READ: 1857 की महानायक रानी अवंती बाई की 196वीं जयंती : CM योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की श्रद्धांजलि, बोले- उनका बलिदान देशवासियों को प्रेरणा देता है

अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ये मास्टर ट्रेनर आगे अन्य लोगों को प्रशिक्षण देंगे। इस व्यवस्था के जरिए गांव-गांव प्रशिक्षित लोगों का नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी है। गो संरक्षण में रुचि रखने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

7,500 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 12 लाख से ज्यादा गोवंश

उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में साढ़े सात हजार से अधिक गो आश्रय स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें 12 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। किसानों की फसलों को निराश्रित पशुओं से होने वाले नुकसान को कम करने के साथ गोवंश को सुरक्षित आश्रय देना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

योगी सरकार ने गोवंश के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की है। प्रति गोवंश प्रतिदिन मिलने वाली राशि को 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया गया है। वहीं अधिकांश गो आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।

ALSO READ: सहज-सरल, लेकिन इरादों के 'अटल' थे पूर्व प्रधानमंत्री : योगी आदित्यनाथ

1.15 लाख पशुपालकों को सौंपे गए करीब 1.85 लाख गोवंश

गोवंश संरक्षण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत करीब 1.15 लाख पशुपालकों को लगभग 1.85 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। इससे गोवंश को परिवार आधारित संरक्षण मिलने के साथ पशुपालकों को भी इससे जुड़ने का अवसर मिला है।

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा पशुधन वाला राज्य है और दुग्ध उत्पादन में भी देश में पहले स्थान पर है। सरकार अब इस क्षमता को ग्रामीण आय और रोजगार बढ़ाने के बड़े माध्यम के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।

 

गोशाला से गो आधारित उद्योग तक बढ़े कदम

सरकार की रणनीति गोशालाओं को धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गोबर से गो-काष्ठ, गो-पेंट, वर्मीकम्पोस्ट, धूपबत्ती, अगरबत्ती, गमले और दीपक जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ पंचगव्य, घनामृत और जीवामृत जैसे उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इन गतिविधियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। इससे महिलाओं के लिए गांव में ही स्वरोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। जो गोबर पहले सामान्य अपशिष्ट के रूप में देखा जाता था, वही अब खाद, ऊर्जा और विभिन्न उत्पादों के जरिए आय का साधन बन रहा है।

ALSO READ: 8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

हर जिले की गोशालाओं का होगा मूल्यांकन

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने प्रदेश की गोशालाओं की क्षमता का व्यापक मूल्यांकन करने की पहल की है। इसके पीछे उद्देश्य अलग-अलग जिलों की स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार गो-आधारित आर्थिक गतिविधियां विकसित करना है।

 

योजना है कि किसी जिले में गोबर से बायोगैस की संभावना बेहतर है तो वहां उस पर जोर दिया जाए, जबकि दूसरे जिले में जैविक खाद, गो-काष्ठ या गोमूत्र आधारित उत्पादों की इकाइयां विकसित की जाएं। सरकार का लक्ष्य गो संरक्षण को स्थानीय रोजगार से जोड़ना और गांवों में आय के नए स्रोत तैयार करना है।

8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

yogi adityanath

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानभवन के बाहर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले यूपी समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर संवाद किया और उन्हें सम्मानित किया। जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश और गुजरात से लेकर छत्तीसगढ़ तक आठ राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सीएम ने इन कलाकारों से उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव और यहां घूमने की इच्छा के बारे में जानकारी ली।  

 

संवाद के दौरान कई कलाकारों ने अयोध्या और लखनऊ घूमने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को उनके भ्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलाकारों से कहा कि जब भी किसी राज्य में जाएं तो एक दिन अतिरिक्त समय निकालकर स्थानीय स्थलों, संस्कृति और खान-पान को जरूर जानें। हर भारतीय का दायित्व है कि वह अपने देश की विशालता और विविधता को देखे। सीएम ने कहा कि कलाकारों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति एक-दूसरे से जुड़ती है और यही सांस्कृतिक एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

 

बुलडोजर बाबा कहने पर मुस्कुराए सीएम योगी

 

छत्तीसगढ़ के कुलभूषण चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था, लेकिन अब वह नई अयोध्या देखने के लिए उत्सुक हैं। सीएम ने कहा कि तब की अयोध्या और आज की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर है। आज की अयोध्या त्रेता युग का स्मरण कराती है। कुलभूषण ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री योगी को 'बुलडोजर बाबा' के नाम से जाना जाता है। इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और कहा कि बुलडोजर पसंद है ना आपको? आप गा सकते हैं, मैं गा नहीं सकता, लेकिन कम से कम गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा ही सकता हूं।

 

श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकारों का एक मंच पर आना ही भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यही एक भारत श्रेष्ठ भारत है। बंगाल से महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी, अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक जब सभी एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तभी एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प साकार होगा। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। अरुणाचल प्रदेश की नीलम से बातचीत करते हुए सीएम ने लखनऊ के अनुभव पूछे और अयोध्या सहित भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के स्थलों को देखने की सलाह दी। बिहार के सुबोध से कहा कि आप लोगों को अयोध्या जरूर जाना चाहिए, क्योंकि मां जानकी का संबंध भी उस पावन भूमि से है। मध्य प्रदेश के लेखपाल धुर्वे से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भले ही आपस में जुड़े हुए हैं, लेकिन कलाकारों के आने से मां नर्मदा का संदेश भी यहां पहुंचता है।

 

जम्मू-कश्मीर की श्रुति ने श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई

 

जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश आईं श्रुति ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनकी इच्छा पर सहमति जताते हुए अधिकारियों को व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वाराणसी की सुनिधि पाठक ने दर्शन की बेहतर व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस पर सीएम ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु भारत की परंपरा में अतिथि हैं और अतिथि का सम्मान करना हमारा दायित्व है। गुजरात के पोरबंदर से आए राजू भाई से बातचीत में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर और भगवान कृष्ण के सखा सुदामा से जुड़ी मान्यताओं का उल्लेख किया। पोरबंदर से कलाकारों का आना उनके लिए खुशी की बात है। महोबा के जितेंद्र कुमार की आल्हा प्रस्तुति की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि जब वह आल्हा गा रहे थे तो सभापति भी जोश में आ गए थे। उन्होंने कहा कि कलाकार आल्हा की वीर परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

 

हर क्षेत्र व हर जनपद में महोत्सव होने चाहिए

 

मथुरा के राजेश प्रसाद शर्मा ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा कि आज उनसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने मथुरा को तीन बड़े महोत्सव देने के लिए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य और नाटक करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों में अतीत छिपा होता है और भविष्य उसी अतीत से प्रेरणा लेता है। अयोध्या का दीपोत्सव और रामनवमी, बरसाना का रंगोत्सव, मथुरा में जन्माष्टमी, बुंदेलखंड में आल्हा की परंपरा और प्रयागराज के माघ मेले को नई ऊंचाई देने का उद्देश्य लोक परंपराओं को मजबूत करना है। हर क्षेत्र और हर जनपद में महोत्सव होने चाहिए, ताकि स्थानीय कलाकारों को मंच मिले और लोक गाथाएं अगली पीढ़ी तक पहुंचें।

 

राज्यों की लोक संस्कृति ने बांधा समां

 

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने रउफ एवं डोंगरी नृत्य, महाराष्ट्र के कलाकारों ने नमन और डिंडी नृत्य, अरुणाचल प्रदेश ने पराई लोकनृत्य, त्रिपुरा ने डारलॉन्ग लोकनृत्य, बिहार ने झिंझिया लोकनृत्य, मध्य प्रदेश ने गुदुमबाजा लोकनृत्य, गुजरात ने तलवार रास, छत्तीसगढ़ ने रेला पाटा लोकनृत्य और उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने कथक की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों और कोरियोग्राफर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कलाकारों ने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था, सुंदरता और यहां मिले सम्मान की भी सराहना की। साथ ही अयोध्या और काशी में दर्शन की व्यवस्थाओं को लेकर कलाकारों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।

सीतापुर में CM योगी का बड़ा एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित; SHO के खिलाफ जांच शुरू, 3 आरोपी हिरासत में

सीतापुर में CM योगी का बड़ा एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित; SHO के खिलाफ जांच शुरू, 3 आरोपी हिरासत में

cm yogi

सीतापुर के किशोरी की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। यूपी में अपराध करेंगे तो कार्रवाई होगी और अपराधियों को बचाने की कोशिश हुई तो जिम्मेदार भी नहीं बचेंगे। कोतवाली देहात क्षेत्र में किशोरी का पेड़ पर लटका शव मिलने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं पुलिस की लापरवाही पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और एसएचओ के खिलाफ जांच शुरू है।

 

अपराधियों पर सीधा प्रहार, बचाने वालों की भी खैर नहीं

 

योगी सरकार की निगरानी में पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैंगिंग बताया गया है। जांच में सामने आने वाले हर तथ्य को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार का रुख स्पष्ट है कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

 

कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

 

सीतापुर मामले में कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस की भूमिका में लापरवाही मिलने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एसएचओ के विरुद्ध जांच चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति में अपराध के साथ-साथ कर्तव्य में लापरवाही के लिए भी कोई जगह नहीं है। कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। यह कार्रवाई सरकार के उस सख्त संदेश को दोहराती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। अपराध करने वाला हो, उसे संरक्षण देने वाला हो या कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाला जांच में दोषी मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM Yogi Ayodhya visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (14 अगस्त) को अयोध्या दौरे पर पहुंचे। रामकथा पार्क हेलीपैड पर उतरने के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर रामलला का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास के प्रथम अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

16 लाख गायों का संरक्षण

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित संतों ने राम मंदिर परिसर में महंत परमहंस रामचंद्र दास जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर पहुंचकर महंत बनवारीपति दिवाकर जी महाराज को नमन किया और पूज्य संतों-महंतों से आत्मीय मुलाकात की। गौमाता के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की अनमोल धरोहर है। उन्होंने गौ तस्करी और गोहत्या पर पूर्ण विराम लगाने की अपील की तथा बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 16 लाख गायों का संरक्षण किया जा रहा है।

​चढ़ावा चोरी मामले पर विपक्ष पर प्रहार

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी (SIT) जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।​

राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान को नमन

सीएम ने परमहंस जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। संभल और देश के विभाजन का उल्लेख करते हुए योगी जी ने राष्ट्र को एकजुट रहने का संदेश दिया और कहा— 'हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।'

 

योगी ने कहा कि अयोध्या के बदलते स्वरूप की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित होकर पुनः त्रेता युग की अलौकिक छवि पेश कर रही है।

रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने बजरंगबली के दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद हनुमानगढ़ी स्थित इमली बाग में पहुंचकर स्वर्गीय महंत संत रामदास को श्रद्धांजलि अर्पित की। हनुमानगढ़ी से मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन किया।

योगी सरकार की निर्यात नीति से किसानों को सीधा लाभ, निवेश की नई लहर

योगी सरकार की निर्यात नीति से किसानों को सीधा लाभ, निवेश की नई लहर

 

 

 

 

 

 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने निर्यात क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रदेश देश का पहला राज्य बना है, जिसने निर्यात के लिए समर्पित त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति (2026-29) लागू की है। एक अप्रैल 2026 से प्रभावी इस नीति के शुरुआती दो माह में ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अप्रैल-मई 2026 में प्रदेश से निर्यात 84.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि देश का समग्र निर्यात 6.3 प्रतिशत बढ़ा। राष्ट्रीय निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 8.1 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई और प्रदेश पांचवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
 

 

यूपी ने 39.4 लाख डॉलर की वृद्धि अर्जित की

 

अप्रैल-मई 2026 में देश से कुल 6.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 86 लाख डॉलर रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में देश का निर्यात 5.78 करोड़ डॉलर और प्रदेश का योगदान 46.6 लाख डॉलर था। इस दौरान देश के निर्यात में 36.5 लाख डॉलर की वृद्धि हुई, जबकि उत्तर प्रदेश ने अकेले 39.4 लाख डॉलर की वृद्धि अर्जित की। बस्ती से 25,000 कुंतल शीरे का निर्यात भी हुआ, जिससे 5,00,000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा मिली। शीरा भिन्न शुल्क वर्गीकरण में आता है, अतः यह अर्जन उपरोक्त आंकड़ों में सम्मिलित नहीं है और उनसे अतिरिक्त है। महत्वपूर्ण यह है कि राज्य ने इसके लिए कोई आर्थिक सहायता या अनुदान नहीं दिया, बल्कि नियामक शुल्कों को तर्कसंगत बनाया है। प्रत्येक निर्यात बोतल पर ट्रैक एंड ट्रेस व्यवस्था लागू है। एपीडा ने इस क्षेत्र के लिए करीब एक अरब अमेरिकी डॉलर का राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य रखा है और उत्तर प्रदेश लगातार अपना योगदान बढ़ा रहा है।

 

निवेश और रोजगार के नए अवसर

 

नीति की 3 वर्ष की स्थिरता से उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा है। यूनाइटेड ब्रुअरीज उन्नाव और माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज हरदोई में नई इकाई स्थापित कर रही हैं। वुडपेकर ग्रीनएग्री न्यूट्रिएंट्स ने फर्रुखाबाद में इकाई स्थापित की है। एलाइड ब्लेंडर्स एण्ड डिस्टिलर्स ने मुरादाबाद की बंद इकाई को पुनर्जीवित किया है। गोरखपुर में लगभग एक वर्ष पहले एथेनॉल उत्पादन के लिए स्थापित कियान डिस्टिलरी ने पेय आसवनी और ब्रुअरी, दोनों की स्थापना के लिए आवेदन किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार रैडिको खेतान अन्य राज्यों से अपने सीतापुर और रामपुर संयंत्रों में निर्यात उत्पादन स्थानांतरित कर रहा है। एक अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनी का स्थल चयन अंतिम चरण में है, जबकि कई मौजूदा आसवनियां क्षमता विस्तार कर रही हैं।

 

किसानों को बढ़ी मांग का सीधा फायदा

 

आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि इस नीति का महत्वपूर्ण लाभ प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। ईएनए उत्पादन बढ़ने से चीनी मिलों के शीरे की मांग बढ़ी है, जिससे गन्ना किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। वहीं ग्रेन आधारित आसवनियों में उत्पादन बढ़ने से अनाज की खरीद भी बढ़ी है। यानी निर्यात बढ़ने के साथ प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन, किसानों से खरीद और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। नीति में किसान हित को लेकर सख्त प्रावधान भी किए गए हैं। जिस आसवनी अथवा उसके स्वामी की किसी अन्य इकाई या चीनी मिल पर गन्ना मूल्य भुगतान अथवा आबकारी देयों की वसूली प्रमाण-पत्र प्रभावी है, उसे नीति की कोई छूट नहीं मिलेगी। इससे निर्यात प्रोत्साहन को सीधे किसानों के भुगतान से जोड़ा गया है।

 

कांच से लेकर परिवहन तक बढ़ा कारोबार

 

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र की पश्च संबद्धता गन्ना, शीरा और अनाज जैसी कृषि उपज से जुड़ी है, जबकि अग्र संबद्धता में कांच, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे उद्योग आते हैं। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच प्रदेश की इकाइयों ने अन्य राज्यों को 1.64 करोड़ अधिक बोतलें भेजीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 45.7 प्रतिशत अधिक हैं। यह वृद्धि घरेलू आपूर्ति घटाकर नहीं, बल्कि कुल उत्पादन बढ़ने से हुई है।

 

देश के लिए मॉडल बनी योगी सरकार की नीति

 

केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से गठित टास्क फोर्स सभी राज्यों के लिए आदर्श निर्यात नीति तैयार कर रही है। इसमें एपीडा और विभिन्न राज्यों के आबकारी विभाग शामिल हैं। टास्क फोर्स की बैठक में उत्तर प्रदेश की नीति की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए उपयोगी ढांचा बताया गया और राष्ट्रीय आदर्श नीति में प्रदेश के अनुभवों को शामिल करने के निर्देश दिए गए। इस तरह योगी सरकार की नीति ने किसान हित, निवेश, रोजगार और विदेशी मुद्रा अर्जन को एक साथ जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।