अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath Braj redevelopmen: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? 

समाज विरोधी मंसूबे पूरे नहीं होने देगी सरकार

मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। 

कल्पना से परे था अयोध्या का कायापलट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था,  अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती।

सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।

अपराजित रही हमारी आस्था

सीएम ने कहा 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं।

मां विंध्यवासिनी धाम का भव्य परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी यहां योगमाया का दर्शन कर रहा था। इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। मैं जब भी यहां आता था, मुझे तत्काल मां विंध्यवासिनी का स्मरण आता था। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।

ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर जाए। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व व त्योहार केवल आस्था ही नहीं,  हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं। समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यवस्था के साथ जुड़कर पीएम मोदी जी के विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है।

हम सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो, तुम अपना कर्तव्य करो। तुम अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में कोई देर नहीं लगेगी। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो। बाकी चिंता हमारे कृष्ण कन्हैया करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, तभी हम इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं। कल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर आस्था के साथ विभिन्न समारोहों और आयोजनों में भागीदार बन रहे हैं। आज हम शासन की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ ले रहे हैं। नौजवान अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। हर बेटी बहन अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है। हर कारीगर और हर हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास है। इसी विश्वास को जगाने और हमें जोड़ने के लिए ये पर्व व त्योहार आते हैं। मुझे भी इसीलिए ब्रजभूमि में ‘लाला’ (बालकृष्ण) के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

अब जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, बल्कि उत्सव होता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।

 

 

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने और तेज की रफ्तार


PM Surya Ghar Yojana: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश तेजी से देश में प्रथम स्थान की ओर बढ़ रहा है। अगस्त 2026 के प्रदर्शन ने प्रदेश की इस बढ़त को और मजबूत किया है।

वर्तमान गति बनी रही तो शीघ्र ही उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में भारत में प्रथम स्थान हासिल कर सकता है। अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश में 7,92,959 संचयी सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। अगस्त माह में ही प्रदेश में 73,716 इंस्टॉलेशन किए गए। इस दौरान उत्तर प्रदेश की औसत दैनिक इंस्टॉलेशन गति 2,378 प्रतिदिन रही, जो देश के प्रमुख राज्यों में सबसे तेज गति में शामिल है।

नंबर वन की रेस में यूपी

संचयी इंस्टॉलेशन में उत्तर प्रदेश 7,92,959 इंस्टॉलेशन में दूसरे स्थान पर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगस्त में उत्तर प्रदेश की औसत दैनिक गति 2,378 इंस्टॉलेशन रही। यानी उत्तर प्रदेश प्रतिदिन औसतन 780 इंस्टॉलेशन अधिक कर रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह के आसपास उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश का नंबर-1 राज्य बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।

आंकड़े भी बता रहे उत्तर प्रदेश की रफ्तार

  • संचयी इंस्टॉलेशन : 7,92,959
  • अगस्त 2026 इंस्टॉलेशन : 73,716
  • अगस्त औसत दैनिक गति : 2,378/दिन
  • अनुमानित ओवरटेक समय : लगभग 41 दिन

राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 4 तहसीलदार और 1 नायब तहसीलदार निलंबित

राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 4 तहसीलदार और 1 नायब तहसीलदार निलंबित

 

योगी सरकार ने प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में लापरवाही और हीलाहवाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। सीएम योगी के निर्देश पर राजस्व परिषद ने  इन पांचों को निलंबित करने के साथ अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान सीएम ने अधिकारियों को राजस्व वादों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा था कि वादों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी के बाद राजस्व परिषद ने बड़ी कार्रवाई की है।

 

तहसीलदार पवन कुमार, अतुल हर्ष, हरेराम यादव, आनन्द ओझा और नायब तहसीलदार विवेक कुमार पर गिरी गाज

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दाखिल वादों की न्यायालयवार और अधिकारीवार गहन समीक्षा की गई। समीक्षा में कई अधिकारियों के स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण की गति संतोषजनक नहीं मिली। शासन की प्राथमिकता के बावजूद मामलों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही सामने आने के बाद परिषद ने चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है, जिसमें तहसीलदार पवन कुमार सिंह, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार, पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ और वर्तमान में तहसीलदार प्रयागराज, तहसीलदार अतुल हर्ष, तहसील बलिया, तहसीलदार हरेराम यादव तत्कालीन नायब तहसीलदार, तहसील धनघटा और वर्तमान में तहसीलदार गोण्डा, तहसीलदार आनन्द ओझा, तहसील खलीलाबाद, संतकबीर नगर तथा नायब तहसीलदार विवेक कुमार सिंह, तहसील सरोजनीनगर, लखनऊ आदि शामिल हैं।

 

लगातार जारी रहेगी कार्रवाई, बर्दाश्त नहीं की जाएगी शिथिलता

राजस्व परिषद सचिव ने बताया कि पांचों अधिकारियों के निलंबन के साथ ही नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही भी संस्थित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित प्रकरणों में जिम्मेदारी तय की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यह कार्रवाई कोई एकबारगी कदम नहीं है। लंबित राजस्व वादों के निस्तारण की निगरानी लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों के कामकाज की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और जहां भी निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता सामने आएगी, वहां नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। परिषद ने साफ किया है कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी, ताकि प्रदेश के किसानों एवं आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं सुलभ न्याय उपलब्ध हो सके।
 

कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

कान्हा की नगरी मथुरा इन दिनों पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबी हुई है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूर्व से पहले शहर की धड़कनों में भक्ति का उल्लास और गहरा होता जा रहा है। मंदिरों की भव्य सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और गलियों-चौराहों पर गूंजते राधे-कृष्णा के जयकारों के बीच आज श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को कृष्णमय कर दिया।

 

शोभायात्रा में ब्रज की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को मनोहारी छटा दिखाई दी, मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु और स्थानीय लोग देर तक कलाकारों की प्रस्तुतियों में रमते रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े तो मानो ब्रज की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत सड़कों पर जीवंत हो उठी।

 

ढोल-मृदंग की थाप, लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन और कलाकारों के मनमोहक नृत्य ने शोभायात्रा में चार चांद लगा दिए। संगीत की लय बढ़ी तो श्रद्धालुओं के कदम भी थिरकने लगे। कोई हाथ उठाकर जयकारे लगा रहा था तो कोई कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच भक्ति में झूमता नजर आया। पूरे मार्ग पर बार-बार 'राधे-राधे' और 'श्रीकृष्ण' के जयघोष गूंजते रहे।

 

सड़कें बनीं ब्रज संस्कृति का मंच

 

श्रीकृष्ण जन्मस्थान से आगे बढ़ी शोभायात्रा के दौरान ब्रज की समृद्ध लोक परंपराओं की विविध झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने न केवल श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा।

 

जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु कलाकारों की प्रस्तुतियों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनता दिखाई दिया। भक्ति और संस्कृति के इस मिलन ने शोभायात्रा को महज धार्मिक आयोजन न रहकर ब्रज की जीवंत विरासत का उत्सव बना दिया।

 

जन्माष्टमी के लिए सज रही कृष्ण की नगरी

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। देश-दुनिया से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। प्रमुख मंदिरों, बाजारों और मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। रात होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए शहर का दृश्य देखते ही बन रहा है।

 

हर तरफ कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर उत्सुकता है, मंदिरों में विशेष आयोजन की तैयारियां चल रही हैं तो बाजार भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजकर तैयार हैं। कृष्ण भक्ति के गीतों और जयकारों से शहर का माहौल लगातार भक्तिमय होता जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट

 

इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वृंदावन पहुंचने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन और जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

 

प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि जन्माष्टमी के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और पर्व शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

 

हर ओर बस कृष्ण भक्ति का रंग

 

मथुरा में जन्माष्टमी का उल्लास अब केवल मंदिरों की चौखट तक सीमित नहीं है। शहर की गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों तक हर जगह कृष्ण भक्ति की छटा दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकली श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा ने इस उत्साह को नई ऊंचाई दे दी।

 

ब्रज की लोक संस्कृति से सजे कलाकार, ढोल-मृदंग की थाप पर थिरकते श्रद्धालु और गूंजते जयकारों के बीच ऐसा लगा मानो पूरी मथुरा नगरी स्वयं कान्हा के स्वागत में निकल पड़ी हो। जन्माष्टमी से पहले ही कान्हा की नगरी में उत्सव का रंग गहरा हो चुका है, हर ओर भक्ति है, हर कदम पर उल्लास है और हर जुबां पर बस एक ही नाम है..श्रीकृष्णा, श्रीकृष्णा।

गोबर को ऊर्जा और आय में बदलेंगे 1000 विशेषज्ञ, गांवों तक तैयार होगा नेटवर्क

गोबर को ऊर्जा और आय में बदलेंगे 1000 विशेषज्ञ, गांवों तक तैयार होगा नेटवर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में गो-संरक्षण को केवल गोवंश के आश्रय और देखभाल तक सीमित न रखते हुए उसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में गोशालाओं में उपलब्ध गोबर को स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद, प्राकृतिक खेती और आय के संसाधन में बदलने के लिए उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग और ‘पार्टनर्स इन प्रॉसपेरिटी’ (पीएनपी) के बीच तकनीकी सहयोग का एमओयू हुआ है। इसके तहत प्रदेश में स्थापित दीनबंधु मॉडल बायोगैस संयंत्रों को तकनीकी सहयोग देने के साथ भविष्य में स्थापित होने वाले संयंत्रों के लिए भी मजबूत तकनीकी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके तहत 1,000 तकनीकी विशेषज्ञ कर्मियों का नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इसका लक्ष्य गोबर के वैज्ञानिक व आर्थिक उपयोग के जरिए गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना है।

 

समझौते की सबसे महत्वपूर्ण बात जमीनी स्तर पर तकनीकी तंत्र तैयार करना है। चरणबद्ध तरीके से करीब 1,000 तकनीकी कर्मियों का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। यह नेटवर्क दीनबंधु बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के साथ उनके संचालन, रखरखाव, तकनीकी प्रशिक्षण और फील्ड मॉनिटरिंग में सहयोग करेगा। इससे बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के बाद उनके नियमित और प्रभावी संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर तकनीकी सहायता उपलब्ध हो सकेगी। संस्था उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 3,900 से अधिक दीनबंधु बायोगैस इकाइयों का निर्माण कर चुकी है। संस्था बायोगैस परियोजना विकास से लेकर तकनीकी डिजाइन, फीडस्टॉक एवं गोबर आकलन, संयंत्र निर्माण, संचालन एवं रखरखाव, लाभार्थियों के प्रशिक्षण और फील्ड मॉनिटरिंग तक पूरा तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगी।

गोबर के एक चक्र से ऊर्जा, खाद, खेती और कार्बन लाभ

नई पहल की अहमियत केवल गोबर से बायोगैस तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए बायोगैस, जैव-स्लरी, जैविक खाद/बायो-इनपुट, प्राकृतिक एवं पुनर्योजी कृषि, कार्बन लाभ की पूरी श्रृंखला विकसित करने की योजना है। यानी गोशाला का गोबर पहले ऊर्जा का स्रोत बनेगा और बायोगैस संयंत्र से निकलने वाली जैव-स्लरी को जैविक खाद और बायो-इनपुट के रूप में खेती से जोड़ा जा सकेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक व पुनर्योजी कृषि को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इस मॉडल को भविष्य में पर्यावरणीय लाभ और कार्बन परियोजनाओं से जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम होगा।

‘गोबर अपशिष्ट नहीं, ग्रामीण समृद्धि का संसाधन’

उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि गोबर को केवल अपशिष्ट मानने के बजाय ऊर्जा, जैविक कृषि और ग्रामीण आय के महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में देखने की आवश्यकता है। दीनबंधु बायोगैस मॉडल को तकनीकी रूप से सुदृढ़ कर बड़े स्तर पर लागू किया जाना गोशालाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए बहुआयामी लाभ का आधार बन सकता है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधन को स्वच्छ ऊर्जा, जैविक उर्वरक और सतत कृषि से जोड़ते हुए ऐसी सर्कुलर इकोनॉमी विकसित करना है, जिसमें गोवंश संरक्षण के साथ रोजगार, ऊर्जा की बचत, कृषि उत्पादकता और पर्यावरणीय लाभ भी हासिल हों। प्रदेश के किसान और ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का जमीनी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। तकनीकी नेटवर्क और स्थानीय अनुभव का मेल गोशालाओं में बायोगैस मॉडल को टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक अवसर

योगी सरकार के गो-संरक्षण मॉडल में यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसमें गोवंश संरक्षण को आर्थिक चक्र से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गोबर यदि ऊर्जा और जैविक खाद में परिवर्तित होकर खेती में वापस पहुंचता है तो गोशालाओं के संसाधनों के उपयोग के साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए भी आर्थिक अवसर तैयार हो सकते हैं। इस तरह प्रदेश में ‘गोबर से ऊर्जा, ऊर्जा से जैविक कृषि और जैविक कृषि से समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाला है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज क्षेत्र को मुख्यमंत्री योगी देंगे 1051 करोड़ रुपये की 229 योजनाओं की सौगात

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज क्षेत्र को मुख्यमंत्री योगी देंगे 1051 करोड़ रुपये की 229 योजनाओं की सौगात

 

 

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज क्षेत्र को विकास की नई सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री 3 सितंबर को दो दिवसीय प्रवास पर मथुरा आ रहे हैं, जहां वे ब्रजवासियों को करीब 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का बड़ा उपहार देंगे। इस भव्य समारोह के दौरान 540 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही 437 करोड़ रुपये की लागत वाली 167 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री पीएम आवास (शहरी) और सीएम आवास (ग्रामीण) योजना के लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण करेंगे। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, चेक और प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे।

 

श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दो दिवसीय मथुरा प्रवास विकास और धर्म के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को दोपहर में सीएम योगी का राजकीय हेलीकॉप्टर वृंदावन स्थित पवनहंस हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे गीता शोध संस्थान पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री नवनिर्मित और अत्याधुनिक 'श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह' का भव्य लोकार्पण करेंगे। जहां एक हजार लोगों के बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्था है।

 

संतों से मिलेंगे और बच्चों को कराएंगे अन्नप्राशन संस्कार

इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी प्रो-पुअर प्रदर्शनी का अवलोकन, वृक्षारोपण, संतों से मुलाकात करेंगे और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराएंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व चेक वितरित कर जनसभा को संबोधित करेंगे।  इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की प्रगति जानने के लिए अहम समीक्षा बैठक करेंगे।

 

'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन

समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री वृंदावन के होटल विवान्ता में 'आज तक' न्यूज चैनल के 'पंचायत आज तक' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इसके बाद वे वृंदावन में विकसित किए गए भव्य 'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन करेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद शाम को वे पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा पहुंचेंगे और परिसर स्थित अशोका अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे।

 

जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे सीएम योगी

अगले दिन शुक्रवार 4 सितंबर को सुबह सीएम योगी श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां वे सबसे पहले गो पूजन करेंगे और उसके बाद मुख्य मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन व विशेष पूजन अर्चना करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री प्रस्थान कर जाएंगे।

नौकरी की सिक्योरिटी, भविष्य की भी चिंता… आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को योगी सरकार का ‘सुरक्षा कवच’

नौकरी की सिक्योरिटी, भविष्य की भी चिंता... आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को योगी सरकार का 'सुरक्षा कवच'

Yogi adityanath

UP outsourcing employees outsourcing job security: नौकरी सिर्फ हर महीने मिलने वाली तनख्वाह का नाम नहीं होती। नौकरी के साथ कर्मचारी को अपने भविष्य की चिंता होती है, परिवार की जिम्मेदारी होती है और यह भरोसा भी चाहिए होता है कि उसकी मेहनत का रिकॉर्ड सुरक्षित है, उसका वेतन समय पर मिलेगा और जरूरत पड़ने पर उसके अधिकारों की सुनवाई करने वाली कोई व्यवस्था मौजूद है।

 

आउटसोर्सिंग व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने लंबे समय से यही सबसे बड़ी चिंता रही है। वेतन, EPF, ESIC और सेवा संबंधी दूसरी सुविधाओं को लेकर भी असमंजस की स्थिति रहती थी। अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को एक संस्थागत और डिजिटल ढांचे से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS का शुभारंभ किया। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, तैनाती, उपस्थिति, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और शिकायत निस्तारण जैसी व्यवस्थाओं को एक व्यवस्थित ढांचे में लाने की शुरुआत हुई है।

एक कर्मचारी, एक डिजिटल व्यवस्था

UPCOS के जरिए सरकारी विभाग, आउटसोर्सिंग एजेंसियां और कर्मचारी एक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ेंगे। मैनपावर की जरूरत का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान और उसके अनुसार मानव संसाधन की योजना भी बनाई जाएगी।

 

भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी, योग्यता और मेरिट आधारित होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा। SC, ST, OBC, दिव्यांगजन, महिलाओं, EWS, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और पूर्व सैनिकों के लिए नियमों के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। कर्मचारी अपने सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान और अन्य जानकारी एक ही जगह देख सकेगा। वह अपनी शिकायत भी दर्ज कर सकेगा, उसकी स्थिति ट्रैक कर सकेगा और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था होगी।

हर महीने 5 तारीख तक वेतन

नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू समय पर पारिश्रमिक से जुड़ा है। आउटसोर्स कर्मचारियों को हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच पारिश्रमिक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। भुगतान सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में पहुंचाने का प्रावधान है। EPF और ESIC से जुड़े कर्मचारियों के खाते खुलवाना और नियमित रूप से अंशदान जमा कराना भी व्यवस्था का हिस्सा होगा। एजेंसियों को इसका प्रमाण भी निगम को निर्धारित समय में देना होगा। यानी कर्मचारी के वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों को अब अधिक स्पष्ट और जवाबदेह ढांचे में लाया जा रहा है।

मनमाने ढंग से नहीं हटाया जा सकेगा कर्मचारी

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक नौकरी की असुरक्षा भी रही है। नई व्यवस्था में कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने पर रोक लगाई गई है। आउटसोर्सिंग एजेंसी किसी कर्मचारी को अपने स्तर से नहीं हटा सकेगी। अनुशासनहीनता या दंडनीय अपराध जैसी परिस्थितियों में भी संबंधित विभाग या संस्था और निगम की सहमति के बाद ही कार्रवाई की जा सकेगी।

प्रशिक्षण और मेरिट आधारित चयन

नई व्यवस्था केवल नौकरी देने तक सीमित नहीं है। कर्मचारियों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई है। सेवायोजन विभाग के पोर्टल के माध्यम से उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। योग्यता, दक्षता और तय मानकों के आधार पर पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। श्रेणी-3 और श्रेणी-4 के पदों के लिए साक्षात्कार नहीं होगा। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को चयन प्रक्रिया में वरीयता देने का भी प्रावधान है।

मातृत्व अवकाश और वैधानिक सेवा लाभ

नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए केवल वेतन और नौकरी की बात नहीं की गई है। मातृत्व अवकाश सहित अन्य वैधानिक सेवा लाभों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था की गई है। EPF, ESIC और बैंकिंग से जुड़ी अनुमन्य सुविधाओं को भी कर्मचारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी तय की गई है।

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40 लाख तक का दुर्घटना बीमा

UPCOS के साथ सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़ाया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए एमओयू के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए व्यापक सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। निर्धारित वेतन श्रेणियों के अनुसार कर्मचारी को लगभग 40 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। स्थायी आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में भी निर्धारित बीमा सुरक्षा उपलब्ध होगी। इसके अलावा जलने की स्थिति में प्लास्टिक सर्जरी के लिए 10 लाख तक, आकस्मिक दवाओं के लिए 5 लाख तक और आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपए तक की सुविधा शामिल है।

कर्मचारी के बाद परिवार की भी चिंता

इस व्यवस्था की सबसे अलग बात यह है कि सामाजिक सुरक्षा का दायरा कर्मचारी तक ही सीमित नहीं रखा गया है। किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में उसके परिवार के लिए भी आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। कर्मचारी के पुत्र की शिक्षा के लिए ₹8 लाख तक और पुत्री की शिक्षा के लिए ₹10 लाख तक सहायता का प्रावधान है। दो पुत्रियों के विवाह के लिए ₹8 से ₹10 लाख तक की सहायता और कर्मचारी के अंतिम संस्कार के लिए ₹50 हजार तक की व्यवस्था की गई है।

 

कर्मचारी और उसके परिवार के लिए जीरो बैलेंस बैंक खाते की सुविधा भी उपलब्ध होगी। वेतन खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था भी की गई है।

बिचौलियों की जगह जवाबदेह व्यवस्था

UPCOS का बड़ा उद्देश्य आउटसोर्सिंग व्यवस्था में कर्मचारी, एजेंसी और विभाग के बीच जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना भी है। एजेंसियों का चयन और इंपैनलमेंट तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। विभाग, निगम और एजेंसी के बीच त्रिपक्षीय व्यवस्था के माध्यम से जवाबदेही तय होगी। भर्ती से लेकर पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, ग्रेच्युटी, बीमा और दूसरी सेवा सुविधाओं का डिजिटल प्रबंधन और निगरानी की जाएगी। इसका सीधा अर्थ है कि कर्मचारी को अपनी सेवा से जुड़ी जानकारी के लिए अलग-अलग दफ्तरों और लोगों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 

3.5 लाख कर्मचारियों को सीधा फायदा

योगी सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा। अब इन कर्मचारियों को समय पर वेतन के साथ ही सुरक्षा की गारंटी और भविष्य की सिक्योरिटी भी मिलेगी।

आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, नियोक्ता नहीं कर पाएंगे शोषण और अन्याय

आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, नियोक्ता नहीं कर पाएंगे शोषण और अन्याय

Yogi adityanath

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लगभग लगभग पांच लाख आउटसोर्स कार्मिकों को बड़ी सौगात दी है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के बाद अब नियोक्ता द्वारा न आउटसोर्स कर्मियों का शोषण हो पाएगा और न ही उनके साथ अन्याय हो पाएगा। पहली बार सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित हुआ। इसके साथ ही इससे सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। पांच साल में रिवीजन होगा। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया में नियोक्ता का मनमानापन भी नहीं चल पाएगा। 

मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया यूपी कॉस पोर्टल 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी कॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग की। यूपी कॉस पोर्टल से आउटसोर्स निगमकर्मियों को बड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके जरिए ऑनलाइन माध्यम से भर्ती व जॉइनिंग प्रक्रिया की जानकारी मिलेगी। समय पर मानदेय व सरकारी लाभ के साथ ही आउटसोर्स कर्मियों की पूरी जानकारी एक जगह मिलेगी। इससे उपस्थिति की सटीक जानकारी व छुट्टी का प्रबंधन भी सुनिश्चित होगा। यहां शिकायत और समाधान की भी सुविधा होगी। समय पर ईपीएफ अंशदान व ईएसआईसी का लाभ सुनिश्चित होगा। पोर्टल पर विभाग, एजेंसी और आउटसोर्सकर्मियों के लिए एक ही मंच होगा। 

एमओयू का किया गया हस्तांतरण

भारतीय स्टेट बैंक के साथ आउटसोर्स कर्मियों को मिलने वाले लाभ व सामाजिक सुरक्षा के लिए एसबीआई के साथ एमओयू का हस्तांतरण भी किया गया। 

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मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए चेक 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में आउटसोर्स कर्मियों को चेक भी वितरित किए। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। सीएम के हाथों इन्हें मिला चेक- 

  • रोहित कुमार- फर्राश- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • कसिन खान- रात्रि चौकीदार- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • सरिता-सफाई कर्मी- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • आशु कुमार- फर्राश- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • अरविंद कुमार यादव- वाहन चालक- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • रामकुमार- माली- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • जितेंद्र प्रसाद- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ 
  • राजू कन्नौजिया- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ
  • हंसराज सिंह- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ
  • दिलीप कुमार- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ
  • अंजनी कुमार- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ 
  • नरेंद्र तिवारी- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ ।

बेटियों की प्रतिभा को मंच, सपनों को पंख दे रही योगी सरकार

बेटियों की प्रतिभा को मंच, सपनों को पंख दे रही योगी सरकार

प्रदेश की बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को लखनऊ के खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव हौसलों की उड़ान-2026 का आयोजन किया गया। 

 

बेटियों के आत्मविश्वास को मिल रहा सरकार का संबल

 

इस दौरान समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने छात्राओं से संवाद कर उनकी प्रतिभा एवं उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियों में प्रतिभा के साथ आत्मविश्वास भी भरपूर है। शिक्षा के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी बढ़ती भागीदारी इसका प्रमाण है। बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार हैं। 

 

अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की राह हुई आसान

 

योगी सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत माध्यम बन रही है। खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में संचालित अभ्युदय योजना के तहत अब तक 80 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो चुका है। यह उपलब्धि योजना के प्रभाव और छात्राओं की मेहनत दोनों को दर्शाती है।

 

अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब से मिलेगा डिजिटल संसाधनों का लाभ

 

मंत्री असीम अरुण ने घोषणा की कि अभ्युदय कोचिंग को और प्रभावी बनाने के लिए कॉलेज में जल्द ही अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं छात्राओं को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट और डिजिटल रिसर्च जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी संसाधन भी उपलब्ध हों, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर आत्मनिर्भर बन सकें।

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद

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Yogi Adityanath government: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर वर्ष 2017 में इसकी स्थापना से अब तक ₹1 लाख करोड़ (₹1 ट्रिलियन) से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। देश के सभी राज्यों द्वारा जेम के माध्यम से की गई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी, एफिशियंसी और इन्क्लूसिव पब्लिक प्रोक्योरमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में- जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं। इन पुरस्कारों को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव शशिभूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया।

योगी सरकार के सुशासन मॉडल की बड़ी उपलब्धि

उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल सरकारी खरीद के आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे योगी सरकार के गुड गवर्नेंस और डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जेम के व्यापक उपयोग से सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी, सरल और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है। सरकारी खरीद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक प्रक्रियाओं में होने वाली जटिलताओं को कम करने, अधिक विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा का अवसर देने और सरकारी संस्थानों को बेहतर कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

₹1 लाख करोड़ की खरीद ‘वैल्यू फॉर मनी’

जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों ने डिजिटल खरीद व्यवस्था को बड़े पैमाने पर अपनाया है। इसके माध्यम से खरीद प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी, कम्पीटीशन, एफिशियंसी और ‘वैल्यू फॉर मनी’ को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। योगी सरकार की नीति के अनुरूप सरकारी खरीद को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के साथ-साथ छोटे और स्थानीय कारोबारियों को भी सरकारी बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिले अवसर

जेम के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद को केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित रखने के बजाय एमएसएमई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी वर्ग द्वारा संचालित उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए भी अवसरों का विस्तार किया है। इस व्यवस्था से छोटे उद्यमों को देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने का डिजिटल मंच मिला है। इससे प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार का दायरा बढ़ा है और उन्हें राज्य के बाहर भी अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिला है।

क्षमता निर्माण पर भी जोर

उत्तर प्रदेश की सफलता में ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में समय-समय पर अधिकारियों, विभागों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि जेम की सुविधाओं और प्रक्रियाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। इसी दिशा में किए गए प्रयासों को ‘बेस्ट आउटरीच इनिशिएटिव फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ राष्ट्रीय पुरस्कार के माध्यम से मान्यता मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार और जेम के बीच लगातार बेहतर होते समन्वय ने प्रदेश में सार्वजनिक खरीद सुधारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समावेशी और परिणाम आधारित बनाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।