UP में MBBS इंटर्न को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा स्टाइपेंड

UP में MBBS इंटर्न को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा स्टाइपेंड

उत्तर प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे MBBS छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की गई है। योगी सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले MBBS छात्रों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब उन्हें हर महीने 12 हजार रुपये की जगह 25 हजार रुपये मिलेंगे।

लंबे समय से MBBS इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। बढ़ी हुई राशि पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी।

प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस व बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को अब हर माह 12 हजार के बजाय 25 हजार रुपये इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि योगी सरकार ने इससे पहले भी 2021 में यह भत्ता 7500 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया था।

2021 में भी बढ़ाया गया था इंटर्नशिप भत्ता : अभी इंटर्नशिप के दौरान मेडिकल छात्रों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह बतौर भत्ता मिलता है। कैबिनेट ने यह राशि दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति माह किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर इन छात्रों को आर्थिक राहत दी है। इससे प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न को प्रोत्साहन मिलेगा।

ओपीडी व रात्रि ड्यूटी में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका : प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए रोटेटिंग इंटर्नशिप अनिवार्य है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र राजकीय चिकित्सा संस्थानों में मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग देने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, वार्ड, ओपीडी और रात्रि ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यूपी में 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा : यूपी की योगी सरकार ने आज एक और बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें एक ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ भी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में पूरी जिंदगी मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी को मान्य दस्तावेज माना जाएगा। सरकार के मुताबिक, इस योजना से एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। रक्षाबंधन से पहले लिए गए इस फैसले को महिलाओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

Ganga Expressway to Haridwar: प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे! ₹10,761 करोड़ की योजना को यूपी कैबिनेट की मंजूरी

Ganga Expressway to Haridwar: उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रयागराज और हरिद्वार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को विस्तार देने के प्रस्ताव को मंगलवार (25 अगस्त) को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को छह-लेन हाईवे के तौर पर बनाया जाएगा, जिसमें भविष्य में इसे आठ-लेन तक बढ़ाने की गुंजाइश होगी। एक बयान में कहा गया है कि यूपी का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (594 किमी, मेरठ से प्रयागराज) हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। इसके विस्तार की कुल लंबाई 130 किमी होगी (100 किमी यूपी में और 30 किमी उत्तराखंड में)। इस प्रोजेक्ट पर ₹10,761 करोड़ का खर्च आएगा, जिसे पूरा राज्य सरकार वहन करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे दो कुंभ नगरियों (प्रयागराज और हरिद्वार) के बीच सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना में केंद्र सरकार की किसी तरह की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित या प्रस्तावित नहीं है।

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने समेत आगे की आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, उत्तराखंड सीमा से लगे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए फिलहाल प्रमुख रूप से मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे उपलब्ध है।

प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बनेगा

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर से हरिद्वार तक आवागमन बेहतर एवं तेज होगा। बयान के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत प्रयागराज-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेसवे गलियारा विकसित किया जाएगा।

बयान में बताया गया कि गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज एवं सुगम ट्रैफिक सुविधा विकसित होगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए दोनों धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

₹10,761 करोड़ का आएगा खर्च

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने पर राज्य सरकार का अनुमानित खर्च 10,761 करोड़ रुपये होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से किसी वित्तीय मदद की उम्मीद या प्रस्ताव नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, आगे की जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसमें डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना भी शामिल है। अभी उत्तराखंड की सीमा से सटे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 (मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार नेशनल हाईवे) का इस्तेमाल किया जाता है।

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से बिजनौर को शहर से बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे से बिजनौर और राज्य की राजधानी लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यूपी सरकार ने एक बयान में कहा कि इस विकास से क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी

गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने से प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। इस पहल से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए इन दो पवित्र शहरों के बीच यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।

एक्सप्रेसवे के विस्तार से धार्मिक पर्यटन में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य क्षेत्रों में पर्यटन-आधारित आर्थिक गतिविधियों में भी तेज़ी आ सकती है।

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प्रोजेक्ट के निर्माण और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता भी लगातार बढ़ रही है। अब तक 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहन उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हो चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि प्रदेश में लोग पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपना रहे हैं।

 

पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद

इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में अलग ऊर्जा व्यवस्था पर आधारित होने के कारण जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने में सहायक है। इससे ऊर्जा के क्षेत्र में वैकल्पिक एवं टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा मिल रहा है।

 

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार हो रहा विस्तार

यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है। चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग की सुविधा मिल रही है और ईवी अपनाने को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार विशेष रूप से प्रमुख शहरों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों तथा महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 

स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या प्रदेश में स्वच्छ और हरित परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश सरकार की नीतियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रयासों से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को भी मजबूती मिल रही है। आने वाले समय में चार्जिंग सुविधाओं के और विस्तार तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता से प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।

 

ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बढ़ता यूपी

उत्तर प्रदेश का पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचना और प्रदेश में 17.67 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। यह बदलाव न केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ से बनेगा बड़ा औद्योगिक क्लस्टर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास IMLC को कैबिनेट की मंजूरी

सुल्तानपुर में 272 करोड़ से बनेगा बड़ा औद्योगिक क्लस्टर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास IMLC को कैबिनेट की मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने औद्योगिक कॉरिडोर योजना के अंतर्गत जनपद सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की स्थापना के लिए अवस्थापना विकास के निर्माण कार्यों से संबंधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी।

 

272.25 करोड़ रुपए की परियोजना को मिली मंजूरी

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सन्निकट विकसित किए जाने वाले इस औद्योगिक क्लस्टर के लिए 27225.33 लाख रुपए यानी लगभग 272.25 करोड़ रुपए की लागत अनुमोदित की गई है। निर्माण कार्य में होने वाला संभावित व्यय-भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। परियोजना में केंद्र सरकार की किसी प्रकार की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित अथवा प्रस्तावित नहीं है।

 

ग्लोबल बिड से होगा निर्माण एजेंसी का चयन

कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना के निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा और परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

 

पूर्वांचल में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

आईएमएलसी के विकास से सुल्तानपुर में उद्योगों की स्थापना, निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप होने के कारण क्लस्टर को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

 

स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

परियोजना के क्रियान्वयन और इसके अंतर्गत उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे सुल्तानपुर के लोगों को अपने ही जनपद में रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास से सुल्तानपुर में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।

मिशन रोजगार के तहत 3572 युवाओं को नियुक्ति, योगी सरकार के पारदर्शी मॉडल की सराहना

मिशन रोजगार के तहत 3572 युवाओं को नियुक्ति, योगी सरकार के पारदर्शी मॉडल की सराहना

UP Mission Rozgar

UP Mission Rozgar

UP Mission Rozgar: मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 3572 युवाओं को बड़ी सौगात दी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। चयनित युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से नियुक्ति पूरी कराने के लिए योगी सरकार की जमकर सराहना की।

सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर काम कर रही

अम्बेडकर नगर निवासी साधना देवी का चयन कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक पद पर हुआ है और उन्हें अयोध्या जिले में तैनाती मिली है। उन्होंने नियुक्ति वितरण कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए खुशी और गर्व का क्षण है। 

दो महीने के भीतर नियुक्ति पत्र मिलना सरकार की तेजी और कार्यप्रणाली को दर्शाता 

बस्ती निवासी महिपाल सिंह का चयन कृषि प्राविधिक सहायक पद पर हुआ है और उनकी पोस्टिंग बाराबंकी में हुई है। महिपाल ने वर्तमान सरकार में चयन प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हुई है। उन्होंने कहा कि 23 जून को परिणाम आने के करीब दो महीने के भीतर नियुक्ति पत्र मिलना सरकार की तेजी और कार्यप्रणाली को दर्शाता है। 

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में बेहतर प्रयास

रायबरेली निवासी राणा प्रताप सिंह का चयन कृषि प्राविधिक सहायक पद पर हुआ है और उनकी नियुक्ति अमेठी में हुई है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। वर्तमान सरकार में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में बेहतर प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए गौरव का विषय है।

आरक्षण नियमों का हुआ पूरी तरह पालन

बाराबंकी की महिमा मौर्या का चयन मंडी सचिव पद पर हुआ है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बताते हुए कहा कि आरक्षण के नियमों का पूरी तरह पालन किया गया। महिमा ने कहा कि सीटों में किसी तरह की हेरफेर नहीं हुई और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर नियमानुसार चयन हुआ। वहीं प्राविधिक सहायक पद पर चयनित ज्ञानवी तिवारी ने योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही और महिलाओं को भी बड़ी संख्या में अवसर मिल रहे हैं। निष्पक्ष भर्ती से युवाओं में सरकार के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है।

नई जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएंगी

रामपुर की खुशनुमा का चयन मंडी सचिव ग्रेड-2 पद पर हुआ है। खुशनुमा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का काम हुआ है। नियुक्तियों की पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। सीएम के संबोधन में कही गई बातों को अपने कार्यक्षेत्र में धरातल पर उतारने का पूरा प्रयास करेंगी और नई जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएंगी।

योगी सरकार की सराहना, युवाओं से मेहनत की अपील

प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) पद पर चयनित पवनेश कुमार ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है। योग्य युवाओं को बिना भेदभाव अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति मिलना उनके लिए गौरव और खुशी का क्षण है। पवनेश ने युवाओं से अपील की कि वे लक्ष्य तय कर पूरी मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करें।

 

योगी सरकार के निपुण मॉडल को समझने गाजियाबाद पहुंचे 5 देशों के प्रतिनिधि

योगी सरकार के निपुण मॉडल को समझने गाजियाबाद पहुंचे 5 देशों के प्रतिनिधि

Nipun Bharat Mission

Nipun Bharat Mission: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुनियादी शिक्षा और बच्चों की सीखने की क्षमता  को मजबूत करने के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय पीयर-लर्निंग का विषय बन रहे हैं। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत भारत में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) सुधारों को समझने के उद्देश्य से केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों एवं नागरिक समाज के प्रतिनिधियों का लगभग 70 सदस्यीय दल गाजियाबाद पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने परिषदीय विद्यालयों में कक्षा शिक्षण का प्रत्यक्ष अवलोकन कर निपुण भारत की नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन को समझा।

 

23 से 27 अगस्त तक चल रहे सप्ताहभर के पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल को छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर गाजियाबाद के नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 विद्यालयों का भ्रमण कराया गया। प्रतिनिधियों ने कक्षा-कक्ष में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया देखी तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से संवाद किया।

 

गाजियाबाद के परिषदीय विद्यालयों में पांच देशों के प्रतिनिधियों का यह अध्ययन दौरा उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन सुधारों को नीति से कक्षा तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा सीख का अवसर प्रदान कर रहा है।

यह है उद्देश्य

कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन सुधारों को समझना और अनुभव साझा करना है। गाजियाबाद के विद्यालयों में कक्षा शिक्षण के प्रत्यक्ष अवलोकन और शिक्षा अधिकारियों के साथ तकनीकी संवाद के माध्यम से प्रतिनिधियों ने एफएलएन सुधारों के जमीनी क्रियान्वयन को करीब से समझा।

शिक्षा विभाग के साथ हुई तकनीकी चर्चा

विद्यालयों के दौरे के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई। इसमें गाजियाबाद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और राज्य संसाधन समूह के सदस्य शामिल हुए। चर्चा में पाठ्यक्रम एवं अध्ययन उद्देश्यों, संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही सुधारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मिडिल टीयर की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

नीति से कक्षा तक की प्रक्रिया को समझा

विद्यालय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने यह जाना कि निपुण भारत मिशन के अंतर्गत तैयार नीतियों और एफएलएन सुधारों को कक्षा स्तर पर किस तरह लागू किया जा रहा है। विद्यार्थियों और शिक्षकों से सीधे संवाद के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया, अकादमिक सहयोग और बच्चों की सीख से जुड़े अनुभवों को समझा गया।

 

ज्ञात हो कि लाइटहाउस इंडिया इमर्शन कार्यक्रम की मेजबानी सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन कर रहा है। यह भारत की एंकर लाइटहाउस संस्था है। कार्यक्रम में सेंट्रो लेमन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त है तथा ग्लोबल स्कूल फोरम, ऑप्टिमा और गेट्स फाउंडेशन द्वारा इसका वित्तपोषण किया जा रहा है।

योगी सरकार का बड़ा एक्शन प्लान, IIT कानपुर, BHU और रुड़की को सौंपी कमान! यूपी में ₹100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट्स का यूं होगा ऑडिट

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी सुधारने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सड़क, पुल, सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाओं की क्वालिटीकी जांच देश के प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) संस्थानों के एक्सपर्ट्स करेंगे। सरकार ने इसके लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था में IIT कानपुर, IIT-BHU वाराणसी और IIT रुड़की जैसे प्रमुख संस्थान बड़ी परियोजनाओं की टेक्निकल क्वालिटी की निगरानी करेंगे।

इसका मकसद यह है कि निर्माण में किसी भी तरह की तकनीकी कमी, घटिया सामग्री या सुरक्षा से जुड़ी समस्या का पता परियोजना पूरी होने के बाद नहीं। बल्कि निर्माण के दौरान ही चल जाए। थर्ड-पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) में सड़कें, पुल, सीवरेज सिस्टम और पानी की सप्लाई वाले प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर आखिर तक होगी जांच 

एक्सपर्ट्स हर प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर आखिर तक जांच करेंगे। इसमें उसका डिजाइन, बनाने का तरीका, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और जरूरी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, जैसे सभी कारण शामिल होगा। IIT की टीमें निर्माण के अलग-अलग चरणों की भी निगरानी करेंगी ताकि काम पूरा होने के बाद के बजाय शुरुआती दौर में ही किसी भी समस्या का पता लगाया जा सके।

शुरुआत से अंत तक होगी जांच

IIT के विशेषज्ञ केवल तैयार सड़क या पुल की जांच नहीं करेंगे, बल्कि परियोजना के अलग-अलग चरणों की निगरानी करेंगे। इसका उद्देश्य निर्माण पूरा होने के बाद खामियां मिलने के बजाय उन्हें समय रहते पहचानकर ठीक करना है। इसमें मुख्य रूप से-

  • प्रोजेक्ट के डिजाइन की जांच
  • निर्माण में अपनाई जा रही तकनीक
  • इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता
  • निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन
  • निर्माण की सुरक्षा
  • काम की अलग-अलग स्टेज पर गुणवत्ता की जांच शामिल होगी।

IIT कानपुर को 8 डिवीजन की जिम्मेदारी

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी व्यवस्था के तहत IIT कानपुर को उत्तर प्रदेश के 8 डिवीजन में प्रोजेक्ट की क्वालिटी जांच की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की तकनीकी जांच IIT कानपुर की टीम करेगी।

IIT-BHU के जिम्मे ये इलाके

IIT-BHU वाराणसी को भी कई महत्वपूर्ण डिवीजन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। वहीं IIT रुड़की को सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ समेत पांच डिवीजन की जिम्मेदारी दी गई है।

₹100 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर खास नजर

नई व्यवस्था के तहत ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रमुख प्रोजेक्ट जांच के दायरे में आएंगे। टेक्निकल एक्सपर्ट निर्माण की क्वालिटी के साथ-साथ इस्तेमाल की जा रही सामग्री और परियोजना की सुरक्षा का भी परीक्षण करेंगे। सरकार का मानना है कि बाहरी और एक्सपर्ट्स संस्थानों से ऑडिट कराने से निर्माण एजेंसियों पर गुणवत्ता बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही सरकारी पैसे से तैयार होने वाली बड़ी परियोजनाओं की विश्वसनीयता बेहतर होगी।

‘उन्नाव एक्सप्रेसवे’ हादसे के बाद बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब उन्नाव में ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद ढहने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे। इसके करीब 12 दिन बाद एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के ढहने की खबर ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

अब निर्माण के दौरान ही पकड़ में आएंगी खामियां

नई TPQA व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि किसी परियोजना के पूरा होने के बाद सामने आने वाली तकनीकी खामियों को निर्माण के दौरान ही पकड़ा जा सकेगा। सरकार की कोशिश है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट केवल समय और बजट के भीतर पूरे न हों। बल्कि उनकी गुणवत्ता, मजबूती और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। यानी अब यूपी में ₹100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट पर सिर्फ सरकारी विभागों की नजर नहीं होगी। बल्कि IIT के टेक्निकल एक्सपर्ट भी निर्माण की क्वालिटी का हिसाब रखेंगे।

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CM Yogi: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा अपडेट दिया है। मंगलवार को लखनऊ में अपॉइंटमेंट लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। ये नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री के बताया, 2017 से अब तक राज्य में 9.3 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी रोजगार मिल चुका है। उन्होंने कहा कि इन भर्तियों में प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और बिना भेदभाव के चयन पर जोर दिया गया है।

6 महीने में मिलेंगे 1 लाख युवाओं को नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि, “मैं प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त कर रहा हूं कि अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। ये नियुक्ति पत्र अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह बांटे जाएंगे।” सीएम योगी ने कहा, “उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक उत्तर प्रदेश के 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा गया है। इन नियुक्तियों में किसी तरह की अनियमितता या भेदभाव की गुंजाइश नहीं रखी गई है।”

पिछली सरकार पर साधा निशाना

सीएम योगी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, 2017 से पहले सरकारी भर्तियों में युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोग पूरे प्रदेश में वसूली करते थे। योगी ने बिना किसी का नाम लिए ‘चाचा-भतीजा’ और ‘पूरा परिवार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पिछली व्यवस्था पर सवाल उठाए।

जीरो टॉलरेंस की नीति पर कर रही काम

उन्होंने कहा कि, ‘उस समय युवा भर्ती के नतीजों का इंतजार करते रह जाते थे और कई मामलों में अदालत को नियुक्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। इससे युवाओं का समय और मेहनत दोनों बर्बाद होते थे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘इसके लिए युवाओं को नहीं, बल्कि उस समय भर्ती व्यवस्था से जुड़े भ्रष्ट अधिकारियों, बोर्डों, आयोगों और नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ‘हमारी सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। साथ ही, नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि युवाओं को बिना किसी भेदभाव के समय पर नौकरी दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

UP-Japan Relations: CM योगी का बड़ा प्लान, जापानी निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

UP-Japan Relations: CM योगी का बड़ा प्लान, जापानी निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को इन्वेस्ट यूपी व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार 240 लोगों के प्रतिनिधिमंडल का प्रदेश में आगमन हुआ। इस यात्रा में जापान व उत्तर प्रदेश के बीच सकारात्मक माहौल का सृजन हुआ। जापान से आए अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की सराहना की। ऐसे में जापान व उत्तर प्रदेश के बीच निरंतर संवाद कर निवेश के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। 

 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को जापान के प्रतिनिधिमंडल की ओर से किए गए सभी एमओयू के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इस दौरे का मुख्य फोकस निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, तकनीक, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने पर रहा।

 

मुख्यमंत्री जी ने यीडा के अंतर्गत जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने अवगत कराया कि 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री जी ने इस कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापान में सितंबर, अक्टूबर व दिसंबर में होने वाले विभिन्न वैश्विक आयोजन में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को भी भेजा जाए। इसमें मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, उद्योगपतियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी भाषा के प्रशिक्षण तथा स्किल डेवलपमेंट के कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। यामानाशी प्रांत सहित जापान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन्वेस्ट यूपी में अलग से यामानाशी जापान डेस्क बनाई जाए। इसके जरिए निरंतर संवाद होता रहे। उन्होंने हर तीसरे महीने इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी लेने का निर्देश दिया। 

 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जापानी पर्यटकों को उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर जाने के लिए अच्छी सुविधाएं दी जाएं। एक ऐसा रूट विकसित किया जाए, जिससे वे एक साथ सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु समेत अधिक से अधिक बौद्ध स्थलों का दर्शन कर सकें। 

 

मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित किए जाएं, जिससे युवाओं को उनके अनुभवों का लाभ प्राप्त हो सके।  मुख्यमंत्री जी ने कहाकि यूनेस्को ने सारनाथ की भांति जापान के नारा को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया है। दोनों को परस्पर सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के लिए कदम उठाए जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने द्विपक्षीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश एवं यामानाशी प्रांत के टूर ऑपरेटरों के मध्य बढ़ावा देने हेतु आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बौद्ध सर्किट में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए।

मेरे पास 5 गाय हैं और भी रखने के लिए जगह… सीतापुर की पूनम देवी की ये बात सुनते ही CM योगी ने पशुधन विभाग को दिया ये आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, जनता से सीधे संवाद का सिलसिला जारी रहता है। सोमवार को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी ने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को इनके जल्द और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

इस दौरान सीतापुर के हरगांव की रहने वाली पूनम देवी भी सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर गाय पालन के जरिए अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की इच्छा जाहिर की। पूनम के पास पहले से ही पांच गायें हैं और उन्होंने और गायें उपलब्ध कराने की मांग की। पूनम ने बताया की उनके पास अन्य गोवंश रखने के लिए पर्याप्त जगह भी हैं।

इस पर मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (पशुपालन) को निर्देश दिया कि उन्हें बेसहारा गायें उपलब्ध कराई जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें ‘मुख्यमंत्री सहभागिता योजना’ का लाभ मिले, ताकि वह गोसेवा के साथ दूथ की बिक्री से परिवार की आय बढ़ा सकें।

श्रावण मास में मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने पर जताया आभार

अपने जनता दर्शन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोसेवा के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास माना गया है। सीएम योगी ने पूनम से कहा कि मन से गोसेवा करें, क्योंकि श्रद्धा और मन से की गई गोसेवा से जीवन की बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं। पूनम देवी ने भी अपनी इच्छा पूरी करने की दिशा में मुख्यमंत्री की ओर से मिले भरोसे के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने और मदद का आश्वासन मिलने से उन्हें खुशी हुई है।

दिव्यांग की जमीन पर कब्जे की शिकायत

बता दें कि जनता दर्शन के दौरान अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री से की। योगी आदित्यनाथ ने उसकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित को हर संभव मदद दिलाने और उसकी समस्या का उचित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

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