क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

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संडे प्रोफाइल : मोहम्मद बिन सलमान:सुधारों, कूटनीति से सल्तनत का चेहरा बदलते एमबीएस

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इन दिनों सक्रिय कूटनीति को लेकर चर्चा में हैं। जुलाई में अमेरिका से परमाणु समझौते और 7 अगस्त को सऊदी, पाकिस्तान व तुर्किये के रक्षा करार में उनकी सक्रियता दिखी है। राजनेता को कई चेहरे लगाकर राजकाज चलाना पड़ता है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) इसका उदाहरण हैं। एक तरफ वे सऊदी समाज में बदलाव और आधुनिकता लाने की कोशिश करते हैं तो दूसरी तरफ सत्ता पर पकड़ मजबूत रखने के लिए सख्त फैसलों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जनवरी 2015 में किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के सत्ता संभालने के बाद एमबीएस को अहम जिम्मेदारियां मिलीं। इसके बाद वे तेजी से सत्ता के केंद्र में पहुंचे। आज 41 साल की उम्र में वे देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। हाल के दिनों में अमेरिका के साथ परमाणु समझौते और पाकिस्तान-तुर्किये के साथ रक्षा गठजोड़ ने उनकी सक्रिय कूटनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। इन कदमों के जरिए वे एक तरफ ईरान जैसे क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी का मुकाबला करना चाहते हैं तो दूसरी तरफ चीन, रूस और अमेरिका के बीच संतुलन साधते नजर आते हैं। एमबीएस ने सत्ता में आने के बाद सामाजिक बदलावों पर भी जोर दिया। धार्मिक पुलिस के अधिकार सीमित किए गए। महिलाओं को लेकर कई पुरानी पाबंदियां हटाई गईं। स्कूलों में लड़कियों के खेलने पर लगी रोक खत्म हुई और करीब 40 साल बाद 2018 में देश में सिनेमा फिर शुरू हुआ। 2019 में महिलाओं को पुरुष अभिभावक के बिना यात्रा और काम करने की ज्यादा स्वतंत्रता मिली। विश्व बैंक के अनुसार 2025 में सऊदी अरब की लेबर फोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 35% थी। आर्थिक मोर्चे पर एमबीएस ने तेल पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू कीं। निओम का हाईटेक शहर, लाल सागर के पर्यटन प्रोजेक्ट और खेलों को बढ़ावा देना इसी रणनीति का हिस्सा हैं। रियाद में 2024 में ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप हुआ। सऊदी अरब 2030 में एक्सपो और 2034 में फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी की तैयारी भी कर रहा है। हालांकि एमबीएस का दूसरा चेहरा विवादों से जुड़ा है। सत्ता मजबूत करने के दौरान उनके कई रिश्तेदारों और विरोधियों पर कार्रवाई हुई। पत्रकार जमाल खाशोगी की 2018 में हत्या के मामले में भी उन पर गंभीर आरोप लगे। मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी सरकार की आलोचना की है। एमबीएस की निजी छवि भी पारंपरिक सऊदी शासकों से अलग है। उन्हें वीडियो गेम, फॉर्मूला-1 और मोटरसाइकिलों में दिलचस्पी है। वे आम लोगों के साथ सेल्फी लेते भी नजर आते हैं। हालांकि, एक दशक से अधिक समय से सत्ता के केंद्र में रहने के बावजूद सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अब भी तेल पर काफी निर्भर है। यही उनकी महत्वाकांक्षी योजनाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

IPL 2027 में नहीं भाग लेंगे प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी, कोच ने दिए संकेत

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिया है कि अगले साल IPL 2027 में टीम के टेस्ट खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर कुछ कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि शेड्यूल बहुत व्यस्त है और एशेज़ से पहले तेज़ गेंदबाजों का मैनेजमेंट खास तौर पर अहम है।

ऑस्ट्रेलिया गुरुवार को डार्विन और मैके में बांग्लादेश के खिलाफ़ मैच के साथ 12 महीनों में 20 टेस्ट और 14 व्हाइट-बॉल गेम का सिलसिला शुरू करेगा। इस दौरान ज़िम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका में छह वनडे, दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट, घर पर इंग्लैंड के खिलाफ़ आठ व्हाइट-बॉल गेम, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ चार घरेलू टेस्ट, भारत का पांच-टेस्ट का दौरा, मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ़ 150वीं वर्षगांठ का एक घरेलू टेस्ट और फिर जून और जुलाई में इंग्लैंड का पांच-टेस्ट का दौरा शामिल है।

इस लिस्ट में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी जुड़ सकता है। इसके बाद अगस्त के आखिर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज़ होने की संभावना है, जिसके बाद अक्टूबर और नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप होगा।

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा पहली पसंद के टेस्ट और वनडे खिलाड़ियों में से पांच – पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड – आईपीएल लिस्ट में हैं, लेकिन रिटेंशन की समय-सीमा और इस साल के आखिर में होने वाली नीलामी के बाद यह बदल सकता है। वनडे विकेटकीपर और टेस्ट बैक-अप जोश इंग्लिस भी लखनऊ की मौजूदा टीम का हिस्सा हैं।

मैकडोनाल्ड ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट से कहा, “मुझे पता है कि लोग आईपीएल और उस समय का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में बात करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि आईपीएल हमारे कई खिलाड़ियों के लिए हमारे मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा है। टी20 क्रिकेट के लिहाज़ से सबसे अच्छे कॉम्पिटिशन में अपने सबसे अच्छे खिलाड़ियों को खेलने का मौका देने से उनके परफॉर्मेंस में भी फ़ायदा होता है। बस आपको इसमें बैलेंस बनाना होता है।”

उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव

भारत और ऑस्ट्रेलिया में आईपीएल के लिए उन खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर पहले ही तनाव रहा है। पिछले सीज़न में दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद तब निराश हुए थे जब स्टार्क, हेज़लवुड और कमिंस टूर्नामेंट में देर से पहुंचे थे, क्योंकि वे सीए की देखरेख में चोट की समस्याओं से निपट रहे थे।

ऑस्ट्रेलिया में तब हैरानी हुई थी जब नेशनल सेलेक्टर्स ने इन तीनों और हेड को पाकिस्तान और बांग्लादेश के दो व्हाइट-बॉल टूर से बाहर रखने का फ़ैसला किया, जबकि उन्हें आईपीएल खेलने की इजाज़त दी गई थी, ताकि वे आराम कर सकें और आगे के मुश्किल शेड्यूल के लिए तैयारी कर सकें।

IPL 2027 के दौरान आराम करने की योजना

ऑस्ट्रेलिया के उम्रदराज़ तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बिना खेले, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग के लिए शेड्यूल में आठ हफ़्ते का ब्रेक मिलना उनकी फ़िटनेस और 30 के दशक के बीच तक लंबे समय तक सफलता के लिए बहुत ज़रूरी रहा है। 2027 में आईपीएल का समय – जो जून में डब्ल्यूटीसी फ़ाइनल से पहले मार्च के बीच से मई के अंत तक चलने की संभावना है – एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जब ऑस्ट्रेलिया के पास अभी से 2027 के अंत तक कोई इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं होगा। आईपीएल ने उन विदेशी खिलाड़ियों के लिए दो साल का बैन लगाया है जो ऑक्शन के दौरान साइन करते हैं और फिर बिना किसी चोट के बाद में हट जाते हैं।

मैकडोनाल्ड ने कहा, “मुझे पता है कि लोग देश बनाम फ्रेंचाइज़ी और ऐसी बातें करते हैं, लेकिन इस समय का अहम हिस्सा यह है कि हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों को अपने शरीर को रीसेट करने और सब कुछ ठीक करने का मौका दे रहे हैं, ताकि वे उन 20 या 21 मैचों में अपना बेस्ट दे सकें जिनकी हर कोई बात करता है।”

नामीबिया में T20I त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेंगें दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे

नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे टी-20 त्रिकोणीय सीरीज की मेजबानी करेगा और उसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेलेगा। सभी मैच विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाएंगे।

टी-20 त्रिकोणीय 28 अगस्त को शुरू होगी, जिसका फ़ाइनल छह सितंबर को होगा और वनडे सीरीज नौ सितंबर से शुरू होगी। यह त्रिकोणीय सीरीज 2027 में होने वाले अफ्रीका कप की शुरुआत के लिए आधार तैयार करेगी। इस प्रतियोगिता का मक़सद ज़्यादा अफ्रीकी देशों को सबसे उच्च स्तर पर खेलने का मौका देना है।

त्रिकोणीय सीरीज से होने वाला सारा मुनाफ़ा अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन को दान किया जाएगा ताकि पूरे महाद्वीप में खेल को बढ़ावा दिया जा सके। क्रिकेट नामीबिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोहान मुलर ने कहा, “हम इस सीरीज़ के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के कमिटमेंट के लिए बहुत आभारी हैं। यह अफ्रीकी महाद्वीप में क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत पार्टनरशिप और साझा सोच को दिखाता है।”

दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप के संयुक्त मेजबान हैं। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोलेट्सी मोसेकी कहा, “हम इस व्हाइट-बॉल टूर का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। यह न सिर्फ़ हमारे पड़ोसी देशों में खेल को मज़बूत करने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है, बल्कि अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले उत्साह भी बढ़ाता है, जिसकी मेजबानी ये तीनों देश मिलकर करेंगे।”

Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

टी दिलीप: बेस्ट फील्डर मेडल की संस्कृति लाने वाले कोच ने लिखा भावुक पोस्ट

भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक पोस्ट लिखा।

टी दिलीप ने लिखा” एक ऐसे सफ़र के लिए सही शब्द ढूँढना मुश्किल है जो मेरे लिए बहुत मायने रखता है।जब मैं पहली बार इस टीम से जुड़ा, तो मेरा मकसद बस एक ही था – हर दिन अपना सब कुछ झोंक देना।

उस खेल में योगदान देने का मेरा तरीका हमेशा से फील्डिंग ही रहा है जिसे मैं बहुत प्यार करता हूँ, और मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मुझे इस टीम के सफ़र का हिस्सा बनने का मौका मिला।फील्डिंग मेडल हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा। ड्रेसिंग रूम में इसने जो उत्साह पैदा किया, जो मुस्कान बिखेरी और खिलाड़ियों ने इसे जो अहमियत दी – ये सब ऐसी यादें हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी।

इन उपलब्धियों का हिस्सा बनने पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा:

  • दो ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप जीत (2024 और 2026)
  • ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत (2025)
  • दो एशिया कप जीत (2023 और 2025)
  • ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और ICC मेन्स क्रिकेट ODI वर्ल्ड कप (2023) में रनर-अप
  • वर्ल्ड स्टेज पर कई यादगार सफ़र

मुझ पर भरोसा करने और भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका देने के लिए BCCI और भारतीय क्रिकेट टीम का दिल से शुक्रिया। राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर, आपके भरोसे के लिए धन्यवाद। आप दोनों के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा।

रोहित शर्मा, सूर्या कुमार, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर, आप सभी के साथ काम करना और आपके कप्तानी के समय में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हर खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्य को… धन्यवाद। हमने साथ में जो यादें बनाई हैं, वे ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगी।

जैसे ही यह अध्याय समाप्त हो रहा है, मैं हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगा कि मुझे पाँच यादगार वर्षों तक भारत का बैज पहनने का सम्मान मिला।हमेशा आभारी रहूँगा। सफ़र जारी है।”

T Dilip

भारत के क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप ने खुलासा किया कि वह ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में खिलाड़ियों के समूहों के बीच क्षेत्ररक्षण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना पसंद करते हैं क्योंकि इससे सही माहौल बनाने में मदद मिलती है।हाल ही में हुए एक प्रशिक्षण सत्र की बारीकियों को समझाते हुए दिलीप ने कहा कि उन्होंने गेंद को सीमा रेखा से वापस फेंकने पर काम किया। इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था।उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी लोग एक साथ मिलकर टीम ड्रिल करें लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे मैच के लिए भी तैयार हों।’’

Bhuvneshwar Kumar: ‘कोई अफसोस नहीं है…’टीम इंडिया में वापसी को लेकर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल करने की बात कही थी। अब भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में अपनी वापसी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावना काफी कम है। वहीं आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर चयनकर्ताओं को जरूर विचार करना चाहिए।

भुवी ने खुलकर की बात

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने अपने मौजूदा सोच के बारे में खुलकर बात की। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे यह गेम पसंद है। जब आप यंग होते हैं और इंडिया के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको गेम पसंद है। लेकिन सच कहूं तो, ‘जो कंट्रोल में है उसे कंट्रोल करो’, ‘ज्यादा मत सोचो’, या ‘गेम के पैशन के लिए खेलो’ जैसी बातें, मैं अब सच में उन चीजों को महसूस कर सकता हूं।”

भारत के लिए पहले खेल चुका हूं

36 साल के भुवी ने कहा, “मैं पहले भारत के लिए खेल चुका हूं। अब ऐसा नहीं है कि मुझे इसे हासिल करना बाकी है। अगर दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी, लेकिन मैं उस सफर का हिस्सा पहले ही रह चुका हूं। आज मैं जो भी क्रिकेट खेल रहा हूं, वह सिर्फ इस खेल के प्रति अपने प्यार की वजह से खेल रहा हूं। मुझे पता है कि आगे भी मुझे डिसिप्लिन बनाए रखना होगा।”

अपने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा

“मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में मेरा प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और इसके बाद मैं भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर हो गया। टेस्ट क्रिकेट में भी मैंने अपना आखिरी मैच साल 2018 में खेला था। अब मैं घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में खेलता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि खेल से मेरा तालमेल बना रहे। साथ ही, मैं अपने शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए जरूरत के मुताबिक आराम भी करता हूं।”

घर पर नहीं होती क्रिकेट की बातें

भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं पूरी तरह शांत हूं और इसका सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देता हूं। घर पर हम कभी क्रिकेट की बातें नहीं करते। न ही इस पर चर्चा होती है कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। मुझे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है। मैं अच्छी तरह समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा है और समय के साथ नई पीढ़ी आती है। यह अनुभव सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ है और न ही मैं आखिरी खिलाड़ी हूं जिसके साथ ऐसा हुआ हो। यही खेल की प्रकृति है। मेरे परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। मैं जहां हूं, वहां खुश हूं।”

2022 में खेला था आखिरी मैच

भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भूवी ने नवंबर 2022 के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला है। लंबे क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार किया है। समय के साथ उनकी रफ्तार बढ़ी और उन्होंने यॉर्कर व कटर जैसी गेंदों पर भी अच्छी पकड़ बना ली। यही अनुभव और नई तकनीक उन्हें आज भी एक प्रभावी तेज गेंदबाज बनाती है, जिसकी झलक आईपीएल में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन में देखने को मिलती है।

भुवनेश्वर कुमार को फिर मिले टीम इंडिया में मौका? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अश्विन ने की

साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया तीनों देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आईसीसी ने हाल ही में मेजबान शहरों की लिस्ट जारी कर दी है। विश्व कप के दौरान कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन 12 अलग-अलग शहरों में किया जाएगा। 2027 वनडे विश्व कप के लिए संभावित भारतीय टीम को लेकर पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अपनी राय रखी है। रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वनडे टीम में वापसी को लेकर समर्थन किया है।

अश्विन के मुताबिक, भुवनेश्वर का अनुभव भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर 2027 वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

वनडे वर्ल्ड कप में इनको दी जगह

क्रिकइन्फो पर बातचीत के दौरान वनडे वर्ल्ड के लिए संभावित टीम की चर्चा पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि, “वह भुवनेश्वर कुमार को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का हिस्सा देखना चाहते हैं। भुवनेश्वर को फर्स्ट क्लास क्रिकेट और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट लगातार खेलने चाहिए, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।” अश्विन के मुताबिक, “वहां भारत को भुवनेश्वर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज की जरूरत पड़ेगी।” इसके अलावा उन्होंने अपनी संभावित टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज का सपोर्ट किया, जबकि संजू सैमसन और शिवम दुबे को जगह नहीं दी।

कब खेला था आखिरी वनडे

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर खेला था। इसके बाद से वह वनडे टीम से बाहर हैं। उन्होंने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। भुवनेश्वर ने अब तक भारत के लिए 121 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 141 विकेट अपने नाम किए हैं। उनके अनुभव और नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की वजह से उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

साल 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान कर दिया है, जहां कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें जोहान्सबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, गेकेबरहा, कुगोम्पो सिटी, केप टाउन, पार्ल, ब्लोमफोंटेन, हरारे, बुलावायो, विक्टोरिया फॉल्स और विंडहोक शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुकाबले साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे, जहां की तेज और उछाल वाली पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं।

आईपीएल और घरेलू टीम में खेलते हैं

भले ही भुवनेश्वर कुमार इस समय भारतीय वनडे टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम के खिताब बचाने के अभियान में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वापसी की चर्चा फिर से तेज हो गई है।

Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान! भारतीय क्रिकेट का एक और सुनहरा अध्याय खत्म

Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने फैंस को संन्यास की जानकारी दी, जिसके बाद रहाणे काफी भावुक हो गए। बता दें कि वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी नहीं खलेंगे।

रहाण ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। हर दिन, हर पारी, बैटिंग का हर मौका—सब कुछ। सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का था। मैंने हमेशा एक ही नियम माना: अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया, तब से इंडियन क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे गर्व है कि पिछले 20 सालों में मैं इसका हिस्सा रहा हूं।”

मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए हैं। उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं।

वनडे क्रिकेट में भी रहाणे ने भारत के लिए अहम योगदान दिया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

इसके अलावा, रहाणे ने भारत के लिए 20 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। इस फॉर्मेट में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद के प्लान बताए

मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वे खेल से जुड़े रहेंगे और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर भले ही खत्म हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को साझा करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया है। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। क्रिकेट खेलने की खुशी, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने के सफ़र में कई जीत और हार मिलीं। यही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।”

उन्होंने अंतिम में कहा कि “BCCI, MCA, मेरे साथियों, मेरे कोचों, हर IPL फ्रैंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, मेरे दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। और उन सभी क्रिकेट फैंस का खास शुक्रिया जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन किया। अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्याद बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा। और वह है आपके दिलों में। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप #278 अब विदा ले रहा है।”

अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। करीब एक दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। 38 साल के रहाणे ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था और तब से अब तक भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।

नेशनल सेलेक्टर की नजर से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

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