3-5 से अर्जेंटीना से हारकर भारतीय हॉकी टीम हुई विश्वकप से बाहर

एम्सटेलवीन में अपने सबसे ज़रूरी पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 पूल ई मुकाबले में भारत निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। हालांकि भारत ने आखिरी मिनटों में दो गोल दागे लेकिन शुरूआती लड़खड़ाहट ने भारत का काम खराब किया।

मैच के पहले तीनों गोल पहले क्वार्टर में हुए। अर्जेंटीना ने दो गोल की बढ़त बना ली थी, लेकिन भारत ने एक गोल वापस कर लिया। अर्जेंटीना के जोकिन टोस्कानी ने सिर्फ़ 39 सेकंड में गोल किया, और निकोलस डे ला टोरे ने छठे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, सुखजीत सिंह ने 34वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल करके बढ़त कम कर दी।

टॉमस डोमेन ने 33वें और 45वें मिनट में दो गोल दागकर बढ़त को 4-1 पहुंचकर भारत का संघर्ष समाप्त कर दिया। डोमेन ने तीसरा गोल मैदानी किया और उनका चौथा गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर आया। लुकास टोस्कानी ने 53वें मिनट में अर्जेंटीना का पांचवां गोल दाग दिया। हालांकि भारत ने सुखजीत सिंह के जरिये 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत को आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हार्दिक सिंह ने भारत का तीसरा गोल किया।

पिछले मैच में नीदरलैंड से हारने के बाद भारत पूल ई से अंतिम चार की दौड़ से लगभग बाहर ही हो गया था लेकिन अर्जेंटीना की इंग्लैंड पर जीत के बाद तकनीकी तौर पर उसके रास्ते खुले थे । इसके लिये उसे कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी । भारत ने पहले छह मिनट में ही दो गोल गंवा दिये और इस दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी । खराब पासिंग, गेंद पर कब्जा गंवाने और डिफेंस में ढिलाई का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा । आखिर में भारत ने दो मिनट के भीतर दो गोल किये लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।

इस पूल से नीदरलैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब दूसरी टीम का फैसला इंग्लैंड और नीदरलैंड के बीच होने वाले आखिरी पूल मैच से होगा ।

इमरान के लिए 21 पूर्व क्रिकेट कप्तानों की चिट्ठी:पाकिस्तान सरकार को लिखा- उन्हें सही इलाज दिया जाए; गावस्कर-कपिल के भी दस्तखत

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सही इलाज दिलाने के लिए दुनियाभर के क्रिकेटर आगे आए हैं। सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार को पत्र लिखकर वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी है। 23 अगस्त को लिखे गए लेटर में मांग की गई कि इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इमरान की मेडिकल जांच की जाए। लेटर लिखने वालों में भारत के 3, ऑस्ट्रेलिया के 8, इंग्लैंड के 6, वेस्टइंडीज-श्रीलंका के 1-1 और न्यूजीलैंड के 2 पूर्व कप्तान शामिल हैं। क्रिकेटर्स ने ईमेल से लेटर भेजा पूर्व कप्तानों का छह महीने बाद दूसरा लेटर इस पत्र में कहा गया है- ‘छह महीने पहले 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने आपको और पाकिस्तान सरकार को इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और सही मेडिकल इलाज की अपील की थी। हमने तब राजनेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्व साथियों के तौर पर लिखा था। उन्होंने कहा- क्रिकेट मैदान पर बना यह रिश्ता उन सीमाओं और मतभेदों से ऊपर है, जो अक्सर देशों को बांटते हैं। अब हम फिर लिख रहे हैं और इस बार 7 अन्य पूर्व कप्तान भी हमारे साथ हैं। 6 देशों के 21 पूर्व कप्तान, इनमें पाकिस्तान-बांग्लादेश का एक भी नहीं निजी डॉक्टरों को जांंच में शामिल करने को कहा पूर्व कप्तानों ने लिखा- सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में उनके पर्सनल डॉक्टरों और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल करने और परिवार से हर हफ्ते मुलाकात का आदेश दिया था। हालांकि, कोर्ट के आदेश के विपरीत राज्य द्वारा नियुक्त टीम ने महज कुछ ही घंटे में उन्हें फिट बताकर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही अदियाला जेल वापस भेज दिया।’ इमरान के परिवार और कानूनी टीम ने इसे अदालत के निर्देशों का सीधा उल्लंघन बताया है। वहीं, मामले पर नजर रख रहे पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने स्पष्ट किया कि वे पाकिस्तान की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला नहीं दे रहे, बल्कि निष्पक्षता के लिए गठित मेडिकल बोर्ड को पूरी और स्वतंत्र जांच करने देने की अपील कर रहे हैं। जैक गोल्डस्मिथ ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को पत्र लिखा ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के सदस्य और इमरान के पूर्व बहनोई जैक गोल्डस्मिथ ने 21 अगस्त को ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड को पत्र लिखा। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री से इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की। गोल्डस्मिथ ने आरोप लगाया- ‘अगर सार्थक हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो पाकिस्तानी सरकार इमरान खान को सिर्फ इसलिए खत्म कर देगी, क्योंकि जब तक वह जिंदा हैं, वे उनकी सत्ता और भ्रष्टाचार के लिए खतरा हैं।’ गोल्डस्मिथ पहले भी ब्रिटेन की संसद में इमरान की जेल का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने इस्लामाबाद पर ज्यादा कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग की थी। ब्रिटेन के मंत्रियों ने कहा है कि पाकिस्तान को बुनियादी आजादी, जेल में मानवीय व्यवहार और उचित मेडिकल इलाज तक पहुंच का सम्मान करना चाहिए। इमरान के इलाज को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच उनके स्वास्थ्य और इलाज को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला अब मानवीय चिंता का विषय बन गया है। हालिया तनाव तब बढ़ा, जब इमरान को कोर्ट के आदेश के बावजूद निजी शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने के बजाय इस्लामाबाद के सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। PTI और पाकिस्तान सरकार ने एक-दूसरे पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दाहिनी आंख की 85% रोशनी जाने का दावा इमरान के स्वास्थ्य में गिरावट के दावों के बीच उनके वकीलों ने फरवरी में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उनकी दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है। इमरान ने अक्टूबर 2025 से आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन वकीलों के मुताबिक जेल अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान सरकार ने उनकी हालत की गंभीरता पर सवाल उठाया है। इमरान के परिवार और वकीलों ने उनके निजी डॉक्टर डॉ. फैसल सुल्तान से मिलने और इलाज में उन्हें शामिल करने की मांग की है। इमरान के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनेगा सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इमरान की बहन डॉ. उजमा खान और उनके निजी डॉक्टर को भी मेडिकल बोर्ड में शामिल करने को कहा है। मेडिकल बोर्ड में कई विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। वे मिलकर इमरान की पूरी जांच करेंगे और पुरानी मेडिकल रिपोर्ट भी देखेंगे। इसके बाद डॉक्टर पता लगाएंगे कि उन्हें क्या परेशानी है, ब्लड क्लॉट क्यों बन रहा है और आगे कोई खतरा तो नहीं है। जांच के बाद बोर्ड बताएगा कि इमरान को किस इलाज की जरूरत है और उनका इलाज जेल में हो सकता है या अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। तोशाखाना क्या है और इमरान खान का मामला क्या है? तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का सरकारी भंडार है। यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और दूसरे सरकारी अधिकारियों को विदेशों से मिले कीमती तोहफे जमा किए जाते हैं। इनमें घड़ियां, गहने, पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। इमरान खान से जुड़े विवाद इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें कई महंगे विदेशी तोहफे मिले। आरोप है कि कुछ तोहफों की जानकारी और उनकी बिक्री से मिली रकम की पूरी जानकारी नहीं दी गई। इससे जुड़े तीन मामले… 1. तोहफों की जानकारी छिपाने का आरोप 2022 में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान को तोहफों की जानकारी गलत तरीके से घोषित करने का दोषी माना और उन्हें अयोग्य ठहराया। 2. तोशाखाना का पहला मामला इमरान पर आरोप था कि उन्होंने कुछ महंगे तोहफे तय कीमत देकर अपने पास रखे और बाद में बेच दिए। अगस्त 2023 में उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई। बाद में सजा निलंबित हो गई। 3. तोशाखाना-2 मामला इसमें 2021 में सऊदी क्राउन प्रिंस से मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट का मामला है। अभियोजन के मुताबिक इसकी कीमत करीब 8 करोड़ पाकिस्तानी रुपए थी, जबकि इसे करीब 29 लाख रुपए में रखने का आरोप है। इमरान खान के प्रमुख केस की स्थिति 1. तोशाखाना केस 2023 में इमरान खान को तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा हुई थी। बाद में यह सजा निलंबित हुई। हालांकि, बाद में तोशाखाना से जुड़े एक अन्य मामले में दिसंबर 2025 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई गई। यह सजा महंगे सरकारी तोहफों की कथित कम कीमत पर खरीद से जुड़े मामले में है। 2. साइफर केस इमरान खान को साइफर/स्टेट सीक्रेट्स केस में मिली 10 साल की सजा हाईकोर्ट ने पलट दी थी। जून 2024 में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया। 3. इद्दत निकाह केस फरवरी 2024 में इमरान खान और बुशरा बीबी को 7-7 साल की सजा मिली थी। जुलाई 2024 में दोनों को इस मामले में बरी कर दिया गया। 4. अल-कादिर ट्रस्ट/£190 मिलियन केस यह मामला इमरान खान के प्रधानमंत्री रहते हुए ब्रिटेन से पाकिस्तान लौटाए गए करीब £190 मिलियन और उससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।17 जनवरी 2025 को इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई। मई 2026 में इस सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। उनकी मुख्य अपील पर सुनवाई जारी है। पाकिस्तान की ‘तिहाड़’ है अडियाला जेल अडियाला जेल रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी जेल है। यहां 176 हाई-प्रोफाइल कैदियों के लिए अलग हाई-सिक्योरिटी बैरक है। 2013 में यहां 67 हाई-प्रोफाइल आतंकवादी समेत करीब 5,000 कैदी बंद थे। सुरक्षा के लिए यहां पुलिस, रेंजर्स और दूसरी एजेंसियां तैनात की जाती हैं। 2024 में यहां आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, रेंजर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और रेस्क्यू टीम ने जॉइंट मॉक ड्रिल भी की थी। इमरान खान के यहां बंद होने के बाद जेल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा पिकेट और एलीट कमांडो भी तैनात किए गए थे। यानी इसकी तुलना भारत की हाई-सिक्योरिटी तिहाड़ जेल से की जा सकती है। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी लिखें… कर्ण शर्मा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया:भारत के लिए 4 मुकाबले खेले; 25 अगस्त को यूपी लीग में आखिरी मैच खेलेंगे 38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला। पूरी खबर पढ़ें…

Hockey World Cup 2026: पाकिस्तान को फिर मिली करारी शिकस्त, भारत ने 5-3 से हराया

IND vs PAK: भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-3 से जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स में एम्सटेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए पूल डी के इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने शानदार खेल दिखाते हुए दो-दो गोल किए, वहीं भारत की ओर से एक और गोल भी हुआ। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बढ़त बना ली थी और बाद में पाकिस्तान की वापसी की कोशिशों को नाकाम करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने अपना अभियान मजबूत किया और अगले दौर में जगह पक्की कर ली।

पाकिस्तान को हराने के साथ ही भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी दूसरी जीत दर्ज कर ली। इस जीत ने भारतीय टीम का अगले दौर का रास्ता साफ कर दिया है। अब भारत टूर्नामेंट के दूसरे राउंड में पहुंच चुका है और टीम की नजरें आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने पर होंगी। वहीं इस हार के साथ पाकिस्तान का हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का सफर यहीं खत्म हो गया है।

Hockey World Cup: भारत-पाकिस्तान में हाईवोल्टेज मुकाबला…दांव पर सेमीफाइनल की टिकट, जानें कहां देखें लाइव एक्शन

IND vs PAK: हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान का सामना करेगी। भारत और पाकिस्तान की टीमें 19 अगस्त को एम्सटेलवीन में एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से मिली हार के बाद भारत के लिए ये मुकाबला काफी अहम हो गया है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत टीम को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला जीतना बहुत जरुरी है। भारत के दो मैचों में 3 अंक हैं और अगले दौर में पहुंचने के लिए उसे कम से कम पाकिस्तान के खिलाफ मैच ड्रॉ करना होगा।

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के खाते में सिर्फ 1 अंक है, इसलिए उसे आगे बढ़ने की उम्मीद बनाए रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। इंग्लैंड ने अपने दोनों मुकाबले जीतकर अगले दौर में जगह पक्की कर ली है।

कैसा रहा है भारत का टूर्नामेंट

भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप में वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से अभियान शुरू किया था। हालांकि, दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ टीम को 2-4 से हार झेलनी पड़ी। इस मैच में दूसरे हाफ के दौरान भारत ने तीन गोल गंवाए। टीम की डिफेंस में हुई गलतियां और पेनल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा पाना कोच क्रेग फुल्टन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत का पाकिस्तान के खिलाफ हालिया रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। इस साल प्रो लीग के यूरोपियन लेग में भी भारत ने पाकिस्तान को लगातार दो मैचों में 7-1 और 4-3 से हराया था। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2016 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को शिकस्त दी थी।

पाकिस्तान का टूर्नामेंट

पाकिस्तान को टूर्नामेंट में अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि वेल्स के खिलाफ उसका मुकाबला 3-3 से बराबरी पर खत्म हुआ। ऐसे में टीम को भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा। खासकर पेनल्टी कॉर्नर का सही इस्तेमाल और डिफेंस को मजबूत करना पाकिस्तान के लिए अहम होगा।

कब शुरू होगा मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप का मुकाबला बुधवार, 19 अगस्त को खेला जाएगा। दोनों टीमें एम्सटेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। ये मैच भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा।

कहां पर देखें भारत-पाक का मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मैच ऑनलाइन देखना चाहते हैं, वे JioHotstar पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

Hockey World Cup: इंग्लैंड से हारने के बाद सेमीफाइनल में कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया, पाकिस्तान के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला

FIH मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में खेले गए पूल D के इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत में एक गोल गंवाया, लेकिन दूसरे क्वार्टर में दो गोल कर 2-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे हाफ में तीन गोल दागे और मैच 4-2 से अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड ने भारत को हराकर FIH मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में लगातार दूसरी जीत दर्ज की और छह अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह बना ली।

वहीं भारत के खाते में दो मैचों से तीन अंक हैं और टीम पूल D की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है। आइए जानते हैं भारत कैसे पहुंच सकता है सेमीफाइनल में

पाकिस्तान के खिलाफ मैच अहम

भारत के पास अभी भी FIH मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल (दूसरे राउंड) में पहुंचने का मौका है। टीम का अगला मुकाबला 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ होगा। अगर हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय टीम इस मैच में जीत हासिल कर लेती है, तो वह टूर्नामेंट के अगले दौर के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम है। अगर भारत जीत जाता है तो वह इंग्लैंड के साथ दूसरे राउंड में पहुंच जाएगा। वहीं पाकिस्तान से हार मिलने पर भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। अगर मैच ड्रॉ रहता है, तो भी भारत के पास आगे बढ़ने का मौका रहेगा, लेकिन इसके लिए वेल्स को इंग्लैंड के खिलाफ जीत नहीं मिलनी चाहिए।

भारत-पाकिस्तान ड्रॉ हुआ तो कैसे होगा फैसला

अगर भारत और पाकिस्तान का मुकाबला ड्रॉ रहता है और वेल्स इंग्लैंड को हरा देता है, तो पूल D में भारत और वेल्स के बीच गोल डिफरेंस के आधार पर फैसला होगा। जिस टीम का गोल डिफरेंस बेहतर रहेगा, वह दूसरे स्थान पर रहकर अगले राउंड में पहुंचेगी। फिलहाल भारत का गोल डिफरेंस 0 है, जबकि वेल्स का -2 है। वेल्स को अपने पहले पूल D मुकाबले में भारत के खिलाफ 1-3 से हार मिली थी। अब भारत के अगले मुकाबले का नतीजा पूल D की तस्वीर तय करेगा।

पाकिस्तान ग्रुप में सबसे नीचे

अगर भारत पाकिस्तान से हार जाता है और वेल्स इंग्लैंड को नहीं हरा पाता, तो इंग्लैंड पूल में पहले स्थान पर रहेगा। वहीं पाकिस्तान चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचकर FIH मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे राउंड के लिए क्वालिफाई कर जाएगा। पाकिस्तान की टीम फिलहाल पूल D की अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर है। टीम ने अब तक दो मुकाबले खेले हैं, लेकिन उसे एक भी जीत नहीं मिली है। पहले मैच में पाकिस्तान को इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार मिली थी, जबकि वेल्स के खिलाफ उसका मुकाबला 3-3 की बराबरी पर खत्म हुआ। अब भारत के खिलाफ होने वाला मैच पाकिस्तान के लिए काफी अहम रहने वाला है।

विश्वकप में भारतीय हॉकी टीम को इंग्लैंड ने 2-4 से हराकर चौंकाया

भारत को FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के पूल डी मैच में इंग्लैंड के हाथों सोमवार को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।मैच की शुरुआत में पहले क्वार्टर में निक बांडुरक ने गोल करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, लेकिन दूसरे क्वार्टर में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के गोल की बदौलत भारत ने जोरदार वापसी की।

हालांकि, आखिरी दो क्वार्टर में इंग्लैंड ने भारत को पीछे छोड़ दिया। तीसरे क्वार्टर में स्टुअर्ट रशमेयर और हेनरी क्रॉफ्ट ने गोल करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, जबकि बांडुरक ने एक और गोल करके इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी।

इस नतीजे का मतलब है कि अगले दौर में जगह पक्की करने के लिए भारत को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच जीतना होगा। क्वालिफिकेशन पक्का करने के लिए भारत को जीतना ज़रूरी है, लेकिन अगर मैच ड्रॉ होता है तो उनके बाहर होने का खतरा रहेगा। हारने पर वे वर्ल्ड कप से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे।19 अगस्त को होने वाले इस बड़े मुकाबले पर सबकी नज़रें टिकी हैं!

दूसरे क्वार्टर में दो गोल करने वाली भारतीय टीम ने आखिरी 30 मिनट में इंग्लैंड को डिफेंस में सेंध लगाने का मौका दे दिया । इंग्लैंड के लिये निकोलस बेंडारूक ने (14वें और 55वें मिनट ) दो गोल किये जबकि स्टुअर्ट रशमेयेर ने 39वें और हेनरी क्रोफ्ट ने 43वें मिनट में गोल दागा । भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह (17वां ) और दिलप्रीत सिंह (25वां ) ने गोल किये।

पूल डी में दोनों मैच जीतकर इंग्लैंड शीर्ष पर है जबकि एक जीत और एक हार के बाद भारत दूसरे स्थान पर है । वेल्स से ड्रॉ खेलने के बाद पाकिस्तान एक हार और एक ड्रॉ के साथ तीसरे और वेल्स गोल औसत के आधार पर आखिरी स्थान पर है।

पुरुष और महिला हॉकी विश्वकप के साथ खेला जाएगा पैरा हॉकी विश्वकप भी

एफआईएच पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप शुरु हो चुका है लेकिन इसके साथ ही पहला एफआईएच पैरा हॉकी विश्व कप भी बेल्जियम और नीदरलैंड में 20 से 24 अगस्त तक आयोजित होगा। यह हॉकी और दुनिया भर में बौद्धिक अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिए एक अहम पल है।पहली बार, पैरा हॉकी खिलाड़ी विश्व चैंपियन का खिताब जीतने के लिए मुकाबला करेंगे, जिससे दुनिया के सामने प्रतिभा, दृढ़ संकल्प, विविधता और समावेश का जश्न देखने को मिलेगा।

यह टूर्नामेंट उन सिद्धांतों का एक सशक्त उदाहरण है जो अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ (FIH) के डीएनए और नीतियों में गहराई से बसे हैं: कि हॉकी सभी के लिए सुलभ, समावेशी और खुली होनी चाहिए।टूर्नामेंट में 16 टीमें हिस्सा लेंगी। जिन्हें दो पूल में बांटा जाएगा, जिसमें बौद्धिक अक्षमता (ID) वाले खिलाड़ी मिक्स्ड-जेंडर टीमों में मुकाबला करेंगे। मैच रोमांचक 6-ए-साइड प्रारूप में खेले जाएंगे।

FIH के अध्यक्ष तैयब इकराम ने कहा, “पहला एफआईएच पैरा हॉकी वर्ल्ड कप हमारे खेल के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, और यह उस चीज़ का जश्न है जिसके लिए हॉकी जानी जाती है: विविधता, समावेश और सभी के लिए अवसर। दुनिया भर के अनगिनत समर्थकों की सालों की मेहनत के बाद, पैरा हॉकी को विश्व मंच पर अपनी जगह मिल रही है। यह टूर्नामेंट सिर्फ़ मेडल जीतने के बारे में नहीं है।उयह लोगों को प्रेरित करने, सोच को चुनौती देने और यह दिखाने के बारे में है कि क्या संभव है। जब हर एथलीट को मुकाबला करने, बेहतर प्रदर्शन करने और प्रेरित करने का अवसर दिया जाता है। हम सब मिलकर पैरा हॉकी और पूरी हॉकी के लिए एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।”

पूल ए में बेल्जियम, इटली, जर्मनी, फ्रांस, पाकिस्तान, जाम्बिया, आयरलैंड और अमेरिका शामिल हैं। पूल बी में नीदरलैंड, स्पेन, बुल्गारिया, इंग्लैंड, भारत, मलेशिया, चिली और अर्जेंटीना शामिल हैं। यह प्रतियोगिता 20 से 24 अगस्त तक चलेगी, जिसमें 20 से 23 अगस्त के बीच मायरा हॉकी क्लब (नीदरलैंड) और लोवेन-ला-न्यूव हॉकी क्लब (बेल्जियम) में मैच खेले जाएंगे।टूर्नामेंट का समापन 24 अगस्त को होगा। आखिरी दिन के मैच हॉकी के प्रतिष्ठित स्टेडियम एमस्टेलवीन के वैगनर स्टेडियम और वावरे के बेल्फियस हॉकी एरिना में खेले जाएंगे।

विश्वकप में क्या खुलेगा चक दे गर्ल्स का खाता? कल सामने होगी द.अफ्रीका

चीन के साथ कड़े मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद अपनी पहली जीत की उम्मीद में भारतीय महिला टीम कल FIH वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में अपने दूसरे पूल डी मैच में दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी। भारत ने चीन के खिलाफ अच्छी शुरुआत की, जिसमें नवनीत और दीपिका ने गोल करके अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी।

चीन ने दो बार वापसी करते हुए बराबरी की, लेकिन भारत की अनुशासित रक्षापंक्ति और लड़ने के जज्बे ने उन्हें टूर्नामेंट की प्रमुख टीमों में से एक के खिलाफ एक अहम अंक दिलाने में मदद की। इस नतीजे से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले मैच से पहले भारत का आत्मविश्वास बढ़ेगा, साथ ही यह भी पता चलेगा कि अपनी सकारात्मक लय को तीन अंक में बदलना कितना जरूरी है।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका अपने पहले मैच में इंग्लैंड से 4-0 से हारने के बाद वापसी करने के लिए उत्सुक होगा। इंग्लैंड अभी पूल में सबसे आगे है, जबकि भारत और चीन पहले दिन ड्रॉ खेलने के बाद अंक के मामले में दूसरे स्थान पर हैं। टूर्नामेंट के पहले चरण से हर पूल की शीर्ष दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी, इसलिए हर अंक बहुत अहम हो जाता है।

इसलिए भारत इस मुकाबले में यह जानते हुए उतरेगा कि जीत से उनके क्वालिफिकेशन की उम्मीदों को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वे चीन के खिलाफ दिखाई गई तीव्रता और संयम को बनाए रखें और साथ ही अटैकिंग थर्ड में और अधिक सटीक खेलें।

टूर्नामेंट की शुरुआत में नवनीत और दीपिका की फॉर्म आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत होगी, जबकि दबाव झेलने की टीम की क्षमता का फिर से परीक्षण किया जाएगा। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका अपनी शुरुआती हार के बाद मजबूत वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार होगा। भारत को एक ऐसी टीम से कड़े मुकाबले की उम्मीद करनी चाहिए जिसके पास दांव पर लगाने के लिए बहुत कुछ है।

भारतीय टीम चीन के खिलाफ दिखाए गए भरोसे और जीतने की जबरदस्त इच्छाशक्ति से आत्मविश्वास हासिल करेगी। अब, इस विश्व कप में अपनी पहली जीत पर नजर रखते हुए, भारत उसी आधार को आगे बढ़ाना चाहेगा, तीन अहम अंक हासिल करना चाहेगा और कड़े मुकाबले वाले पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा।

मैच का समय – शाम 6.30 बजे

कहां देखें- स्टार सिलेक्ट या फिर जियो हॉटस्टार पर

IND vs PAK: ‘भारतीय टीम हमसे बेहतर..’ हॉकी वर्ल्ड कप के मुकाबले से पहले PAK कप्तान ने मानी हार? जानें क्या कहा

FIH वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों का मुकाबला 19 अगस्त को होगा। भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार अंदाज में टूर्नामेंट की शुरुआत की है। वहीं, पाकिस्तान को अपने पहले मैच में इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। अब दोनों टीमें अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के साथ मैदान पर उतरेंगी। भारत और पाकिस्तान को दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है। वहीं मुकाबले से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अबू बकर महमूद ने बड़ा बयान दिया है। अबू बकर महमूद को उम्मीद है कि उनकी टीम वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ हार का सिलसिला खत्म करेगी।

भारत की रैंकिंग काफी अच्छा

इस बड़े मुकाबले से पहले पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने PTI से कहा कि, “मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच में रैंकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन जरूरी है। ये मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।” पाकिस्तान ने आखिरी बार जून 2016 में लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत को 4-3 से हराया था। इसके बाद भारत ने हाल ही में FIH प्रो लीग के लंदन लेग में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से मात दी थी। पाकिस्तान की हॉकी टीम आठ साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी कर रही है।

भारत ने जीते लगातार 2 मेडल

महमूद ने कहा, “भारत इकलौती एशियाई टीम है, जिसने लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिए अच्छी बात है और हम उन्हें वर्ल्ड कप के लिए शुभकामनाएं देते हैं। हालांकि, इस बार हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे हैं।” महमूद को प्रो लीग में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कप्तान ने क्या कहा

वर्ल्ड कप के लिए टीम के रवाना होने से पहले पाकिस्तान के डच हेड कोच हरमन क्रुइस अपने घर लौट गए। इसके बाद गोलकीपिंग कोच बॉब-जोहान वेल्डहोफ ने टीम की जिम्मेदारी संभाली। कप्तान अबू बकर महमूद ने कहा कि, “कोच अदनान जाकिर, बॉब और सपोर्ट स्टाफ ने पिछले एक महीने में टीम के साथ काफी मेहनत की है, जिसका अच्छा असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिख रहा है। उन्होंने कहा कि टीम को हर मैच में बेहतर खेल दिखाना होगा। पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स है, लेकिन वर्ल्ड कप में टीम की कोशिश अंतिम आठ में जगह बनाने की होगी।”

अब रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं हम

28 साल के महमूद ने कहा कि वर्ल्ड कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं। अगर कोई टीम इन दोनों में नहीं खेलती है, तो वह विश्व हॉकी का हिस्सा नहीं मानी जाती। उन्होंने कहा, “यह हमारी किस्मत है या फिर हमारी कड़ी मेहनत का नतीजा कि हम आठ साल बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप में खेलने जा रहे हैं।” कैप्टन ने कहा, “प्रो लीग शुरू होने से पहले हम दुनिया में 14वें नंबर पर थे, लेकिन अब 12वें स्थान पर पहुंच गए हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेला, जिससे हमें काफी कुछ सीखने का मौका मिला। प्रो लीग के पहले दो चरणों के बाद हमने वर्ल्ड कप क्वालिफायर में हिस्सा लिया और फाइनल तक पहुंचकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने प्रो लीग के आखिरी दो चरणों में कुछ नई चीजों को आजमाया। हम प्रो लीग में खिताब जीतने के इरादे से नहीं, बल्कि सीखने के लिए गए थे, क्योंकि हमने काफी समय से दुनिया की बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मुकाबले नहीं खेले थे। अब वर्ल्ड कप में हमारा प्रदर्शन बताएगा कि हमने वहां से कितना सीखा है।”

ODI वर्ल्ड कप 2027 पर बड़ा अपडेट, गांधी जयंती पर शुरू होगा टूर्नामेंट!

ODI World Cup 2027: आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 को लेकर बड़ी खबर आ रही हैं। वहीं मेंस वनडे वर्ल्ड 2027 इस बार एक खास तारीख से शुरू होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन हो सकती है। गांधीजी का भारत के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका के इतिहास से भी गहरा जुड़ाव रहा है। वहीं 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। बता दें अभी आईसीसी ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

ICC ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबानी से जुड़े शहरों का ऐलान कर दिया है। जोहान्सबर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के कुल 12 शहरों को मैचों की मेजबानी के लिए चुना गया। इनमें दक्षिण अफ्रीका के आठ, जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया की राजधानी विंडहोक शामिल है। इन शहरों में टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे और क्रिकेट फैंस को अलग-अलग जगहों पर वर्ल्ड कप के रोमांच का अनुभव मिलेगा।