Silver Rate Today: आज का चांदी का भाव! लगातार छठे दिन गिरावट, जानिए आज 1 किलो सिल्वर का ताजा भाव

Silver Price Today: अगर आप चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज चांदी की कीमत में 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद चांदी का भाव घटकर 2,21,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गया है। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बाजार में यह लगातार छठा कारोबारी सत्र है, जब चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

बाजार के जानकारों के अनुसार, 10 जुलाई से अब तक चांदी की कीमत में कुल 15,500 रुपये प्रति किलोग्राम यानी करीब 6.5 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। निवेशक वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों और भू-राजनीतिक तनाव पर नजर बनाए हुए हैं, जिसका असर चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सितंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा में हल्की तेजी दर्ज की गई। वायदा कारोबार में चांदी 1,618 रुपये (0.75%) बढ़कर 2,18,021 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

दिल्ली में 1 किलो सिल्वर ₹2,35,100

अगर आप आज चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा भाव जान लेना आपके लिए जरूरी है। आज दिल्ली में चांदी की कीमत ₹235.10 प्रति ग्राम और ₹2,35,100 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। दिल्ली देश के सबसे बड़े सर्राफा बाजारों में से एक है। यहां चांदी की मांग हमेशा ऊंची रहती है। निवेश के साथ-साथ लोग चांदी का इस्तेमाल आभूषण, बर्तन, सजावटी सामान, सिक्के और उपहार के रूप में भी बड़े पैमाने पर करते हैं। इसी वजह से दिल्ली में चांदी की कीमतों पर निवेशकों और खरीदारों की लगातार नजर रहती है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर समय-समय पर बदलते रहते हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले अपने शहर का ताज़ा रेट जरूर जांच लेना चाहिए। यदि आप निवेश या व्यक्तिगत उपयोग के लिए चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो अधिकृत ज्वेलर्स या सर्राफा बाजार से मौजूदा कीमत की पुष्टि करने के बाद ही खरीदारी करें।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 21 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है। क्योंकि शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी करीब 24,141 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

20 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क गिरावट के साथ बंद हुए। जून तिमाही के नतीजों के बाद प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली और मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कमजोर ग्लोबल संकेतों ने बाजार का मूड खराब कर दिया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 442.93 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 77,708.52 पर और निफ्टी 95.80 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,238.50 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 24,141 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाज़ारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। गिफ्ट निफ्टी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, जापान के निक्केई में 2.28 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.53 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.39 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है। वहीं, ताइवानी बाजार में 3.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी करीब 3.73 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.34 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 307.16 अंक या 0.59% गिरकर 51,839.26 पर आ गया, S&P 500 में 14.41 अंक या 0.19% की गिरावट हुई और यह 7,443.28 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 12.17 अंक या 0.05% गिरकर 25,508.07 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मंगलवार को अमेरिकी डॉलर एक हफ्ते के उच्चतम स्तर के आस-पास आ गया है। बाजार मध्य पूर्व से मिल रहे विरोधाभासी संकेतों के बीच उलझन में है। एक तरफ इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो रही हैं,तो दूसरी तरफ़ युद्धविराम की उम्मीदों से कुछ राहत भी मिल रही है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.96 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ है और यह क्रमशः 4.58% और 4.20% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। मलेशियन रिंगित सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी है, जिसमें 0.108% की बढ़त हुई है। इसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.087% की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर डॉलर में 0.023% की मामूली बढ़त दिख रही है। जबकि फिलीपीन पेसो में 0.006% की मामूली बढ़त के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जापानी येन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ।

दूसरी ओर दक्षिण कोरियाई वॉन सबसे कमजोर करेंसी है। इसमें 0.264% की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया का नंबर रहा, जो 0.15% गिरा है। ताइवान डॉलर में 0.081% की गिरावट आई है,जबकि थाई बहत 0.056% कमजोर हुआ है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

20 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,121 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,312 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

 

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LPG Cylinder Price Today: एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी, जानिए आपके शहर में आज कितनी है घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमत

LPG Cylinder Price Today: अगर आप आज यानी 21 जुलाई को एलपीजी गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 21 जुलाई के लिए घरेलू और 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम जारी कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि आज गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर ही सिलेंडर मिलेगा। इस महीने की शुरुआत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए थे। इसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर के प्रमुख शहरों में दाम

दिल्ली – ₹942.00

मुंबई – ₹941.50

कोलकाता – ₹968.00

चेन्नई – ₹957.50

चंडीगढ़ – ₹951.50

देहरादून – ₹961.00

हैदराबाद – ₹934.00

भुवनेश्वर – ₹968.00

तिरुवनंतपुरम – ₹951.00

19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम

दिल्ली – ₹2,930.00

मुंबई – ₹2,885.50

कोलकाता – ₹3,082.00

चेन्नई – ₹3,106.00

चंडीगढ़ – ₹2,954.50

देहरादून – ₹2,983.50

हैदराबाद – ₹2,052.50

भुवनेश्वर – ₹3,115.00

तिरुवनंतपुरम – ₹2,970.50

घर बैठे ऐसे जानें अपने शहर का रेट

अगर आप अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की ताज़ा कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की नवीनतम दरें आसानी से देख सकते हैं।

गैस सिलेंडर लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय यह सुनिश्चित करें कि सिलेंडर की सेफ्टी सील सही सलामत हो। यदि गैस रिसाव की आशंका हो तो सिलेंडर स्वीकार न करें। सिलेंडर पर अंकित एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें और संभव हो तो डिलीवरी के समय उसका वजन भी चेक करें। रेगुलेटर सही तरीके से फिट होना चाहिए और भुगतान के बाद बिल या कैश मेमो जरूर लें। साथ ही सिलेंडर को हमेशा सीधी स्थिति में, हवादार स्थान पर तथा आग या तेज धूप से दूर रखें, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

नए रेट कब जारी होते हैं?

भारत में एलपीजी सिलेंडर के नए रेट आमतौर पर हर महीने की 1 तारीख को सरकारी तेल कंपनियां (Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum) जारी करती हैं। नई दरें 1 तारीख की सुबह से लागू हो जाती हैं। हालांकि, घरेलू (14.2 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हर महीने बदलाव जरूरी नहीं होता।

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कई बार कीमतें कई महीनों तक स्थिर रहती हैं। जबकि 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर के दाम अपेक्षाकृत अधिक बार बदले जा सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में सरकार या तेल कंपनियां महीने के बीच में भी घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

Rashifal Today: आज किस मूलांक को होगा आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत देता है। आज अधिकांश मूलांक वालों को अपने बजट, बचत और भविष्य की वित्तीय योजनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें और हर आर्थिक निर्णय को अच्छी तरह परखने के बाद ही आगे बढ़ें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए अच्छा रहेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बचत और निवेश की योजना बनाएं। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो आपके बजट के अनुरूप हों। अनुशासित आर्थिक व्यवहार आगे चलकर आपको मजबूत स्थिति में पहुंचाएगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलित सोच रखने की जरूरत है। अपनी आय और खर्च का हिसाब देखें और जरूरत पड़ने पर बजट में बदलाव करें। अनावश्यक खरीदारी से बचें। यदि आप अपने वित्तीय लक्ष्यों पर टिके रहेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिरता हासिल कर सकेंगे।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज वित्तीय योजना बनाने के लिए अनुकूल समय है। अपने बजट की समीक्षा करें और निवेश या बचत से जुड़े नए विकल्पों पर जानकारी जुटाएं। अचानक आने वाले खर्चों के लिए भी तैयार रहें। परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता आपको लाभ दिला सकती है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने की बजाय जरूरत के हिसाब से खर्च करें। परिवार की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए बजट बनाएं और भविष्य की योजनाओं को प्राथमिकता दें। इससे आर्थिक तनाव कम रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक व्यवस्था को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। बेवजह के खर्चों पर रोक लगाएं और पुराने वित्तीय दायित्वों की समीक्षा करें। आय बढ़ाने या निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में लाभदायक साबित होगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज खर्च और बचत का स्पष्ट हिसाब रखने की जरूरत है। अपनी आय, खर्च और बचत की पूरी योजना बनाएं। छोटे-छोटे बदलाव भी आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। गैरजरूरी खर्च कम करने से भविष्य के लिए अच्छी बचत हो पाएगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। विलासिता की चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें। अपनी बचत और निवेश की समीक्षा करें और देखें कि वे आपके भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार हैं या नहीं। व्यावहारिक सोच आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए अच्छा है। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और भविष्य की जरूरतों के अनुसार बदलाव करें। सही योजना आगे चलकर अच्छे परिणाम दे सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी आर्थिक फैसले में जल्दबाजी न करें। अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करें और जरूरत पड़ने पर अनुभवी लोगों की सलाह लें। धैर्य और समझदारी से लिया गया निर्णय लंबे समय में लाभ पहुंचाएगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गोल्ड पर ईरान युद्ध का कितना असर पड़ा? अब खरीदें या बेचने में भलाई, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: जुलाई की शुरुआत में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव था। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली एसेट की ओर रुख करते हैं। हालांकि, यह तेजी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। मुनाफावसूली बढ़ने के साथ सोने की कीमतों में फिर गिरावट आ गई।

युद्ध के तनाव के अलावा अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों ने भी सोने के भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव पैदा किया।

जुलाई में सोने की चाल कैसी रही?

MCX पर 1 जुलाई को सोने का भाव करीब ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम था। सिर्फ दो कारोबारी सत्र में यह बढ़कर ₹1,47,650 पर पहुंच गया। यानी करीब 4.1% की तेजी आई।

लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और बाजार ने युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों का नए सिरे से आकलन किया। इसका असर यह हुआ कि 17 जुलाई तक सोना गिरकर ₹1,40,550 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 20 जुलाई को सोने में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली। इसका भाव फिर ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

अगर लंबी अवधि की बात करें, तो 29 जनवरी को सोने ने ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम (करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस) से ऊपर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद 30 जून तक इसमें करीब 30% की गिरावट आ चुकी थी और भाव करीब ₹1.40 लाख (करीब 3,960 डॉलर प्रति औंस) तक आ गया।

युद्ध के बावजूद सोना क्यों कमजोर पड़ा?

Augmont की हेड ऑफ रिसर्च रेनिशा चैनानी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद इस महीने सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जो जून के आखिर के बाद का सबसे निचला स्तर है।

उनके मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे बाजार को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से ज्यादा असर ब्याज दरों की चिंता का पड़ा।

अभी खरीदें, होल्ड करें या बेच दें?

Geojit Investments के हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च हरीश वी का कहना है कि युद्ध से जुड़े जोखिम का बड़ा हिस्सा पहले ही सोने की कीमतों में शामिल हो चुका है। अब निवेशकों का फोकस सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि ब्याज दरों, महंगाई और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद पर ज्यादा है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन निवेशकों के पास पहले से सोना है, वे फिलहाल होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को तेजी के दौरान खरीदारी करने के बजाय कीमतों में गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

‘घबराकर बेचने की जरूरत नहीं’

रेनिशा चैनानी का कहना है कि अभी होल्ड की रणनीति बेहतर रहेगी। जिन लोगों ने पहले से निवेश किया हुआ है, वे बाजार की मौजूदा उतार-चढ़ाव वाली स्थिति का इंतजार कर सकते हैं। वहीं, लंबे समय के निवेशक 3,950 से 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।

हालांकि, उनका यह भी कहना है कि फिलहाल घबराकर बेचने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ाता है या कच्चे तेल की कीमतों में और तेज उछाल आता है, तो सोने की कीमतें 3,900 डॉलर प्रति औंस तक भी फिसल सकती हैं।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

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Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Bitcoin Price Today: क्रिप्टो बाजार में सोमवार को दबाव देखने को मिला। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन करीब 1.63% टूटकर 63,500 डॉलर के आसपास पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। निवेशकों को डर है कि अगर महंगाई फिर बढ़ी, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है।

एक साल में 45% क्रैश हुआ

बिटकॉइन की कीमत में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 6 महीने में यह 30.05% गिर चुका है। वहीं, 1 साल में बिटकॉइन 45.44% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में इसने 87.77% का रिटर्न जरूर दिया है। लेकिन, इसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह बेहद कम है।

बिटकॉइन की कीमत गिरने की 5 बड़ी वजह

1. अमेरिका-ईरान तनाव : बिटकॉइन की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने से दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं। वे क्रिप्टो से पैसा निकालकर सोना और डॉलर जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं। इसका असर बिटकॉइन पर भी साफ दिखा।

2. कच्चा तेल महंगा : तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया। महंगा तेल मतलब महंगाई बढ़ने का खतरा। अगर महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरें भी लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। यही डर क्रिप्टो बाजार पर भारी पड़ रहा है।

3. फेड की ब्याज दर : निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरें कम नहीं करेगा। कुछ लोगों को तो यह भी उम्मीद है कि साल के आखिर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली एसेट्स के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

4. अहम स्तर पार न कर पाना : बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर के बीच का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद कई ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बिकवाली बढ़ी और कीमत 63,500 डॉलर के करीब पहुंच गई। तकनीकी चार्ट भी फिलहाल कमजोरी का संकेत दे रहे हैं।

5. खरीद से ज्यादा बिकवाली : एक अच्छी बात यह है कि स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार पैसा आ रहा है। इसका मतलब बड़े निवेशकों की दिलचस्पी अभी खत्म नहीं हुई है। लेकिन दूसरी तरफ, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। इसलिए खरीदारी का असर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा और बिटकॉइन दबाव में बना हुआ है।

बिटकॉइन के लिए अहम लेवल क्या हैं?

Delta Exchange की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल का कहना है कि कि बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद मुनाफावसूली बढ़ी और कीमत नीचे आ गई।

उनके मुताबिक, अगर बिटकॉइन 63,000 डॉलर के नीचे जाता है, तो यह 62,300 से 61,800 डॉलर तक फिसल सकता है। अब बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही चीजें आगे बिटकॉइन की दिशा तय कर सकती हैं।

क्या अब बिकवाली थम रही है?

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि गिरावट के बीच कुछ अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं। Glassnode के ऑन-चेन डेटा से पता चलता है कि लंबे समय से बिटकॉइन होल्ड करने वाले निवेशकों की बिकवाली अब कम होने लगी है। इसका मतलब है कि घबराहट में होने वाली बड़ी बिकवाली शायद अपने आखिरी दौर में है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में स्पॉट बिटकॉइन ETF में करीब 290 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश आया है। इससे बाजार को सहारा मिला है। हालांकि, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। यही वजह है कि बिटकॉइन अभी भी अपने 50 महीने के मूविंग एवरेज यानी करीब 65,900 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या सलाह है?

Pi42 के को-फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर का कहना है कि ETF में लगातार पैसा आना अच्छी बात है। इससे पता चलता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। उनके मुताबिक, बाजार इस समय एक हेल्दी कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। यानी आगे की तेजी से पहले यह सामान्य ठहराव हो सकता है।

वहीं, Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज का कहना है कि छोटी अवधि की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक बिटकॉइन 65,000 डॉलर के ऊपर टिक नहीं जाता और ETF में लगातार मजबूत निवेश नहीं आता, तब तक थोड़ा-थोड़ा निवेश करना और ज्यादा जोखिम लेने से बचना बेहतर रणनीति होगी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Gold Silver Price Today: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना ₹1,400 चढ़कर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को चांदी ₹1,000 सस्ती हो गई और यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में कमजोर रही।

सोने का ताजा भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना सोमवार को ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत ₹1,400 बढ़ गई।

चांदी में लगातार छठे दिन गिरावट

दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,000 घटकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,22,500 प्रति किलो था।

अगर 10 जुलाई से अब तक की बात करें, तो चांदी की कीमत में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है।

क्यों बढ़ा सोने का भाव?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर सोने की खरीदारी शुरू की। इसी वजह से कीमतों में रिकवरी देखने को मिली।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और डॉलर में नरमी की वजह से सोने को समर्थन मिला। डॉलर कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना कुछ सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 2% की बढ़त के साथ 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है।

कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता

भूराजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

हालांकि बाद में ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की ब्याज दरों और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

वहीं, LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि MCX पर सोने में करीब ₹900 की तेजी आई है और यह ₹1,41,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 3,975 डॉलर के सपोर्ट से उछलकर करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।

उनके मुताबिक, जून के नरम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से सोने को शुरुआती समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से आने वाले महीनों में महंगाई फिर बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर या दिसंबर में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

गोल्ड के लिए अहम लेवल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और महंगे कच्चे तेल की वजह से फिलहाल सोने की तेजी सीमित रह सकती है। तकनीकी स्तर पर MCX गोल्ड के लिए ₹1,40,000 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ₹1,42,500 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

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Gold Rate Today: कच्चे तेल में उबाल से वैश्विक बाजार में भी लुढ़का सोना, ​मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा रहा महंगाई की चिंता

देश के साथ-साथ देश के बाहर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,014.53 डॉलर प्रति औंस पर है। अगस्त में डिलीवरी वाला ​US गोल्ड फ्यूचर्स गिरकर 4,019.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। इससे महंगाई को लेकर चिंता ने फिर जोर पकड़ लिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कई नीति-निर्माताओं ने संकेत दिया है कि कीमतों के दबाव को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।

ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार नौवीं रात हमले किए हैं। जॉर्डन पर ईरानी हमलों में कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इजराइली सेना ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ कई मिसाइलें दागी हैं।

चांदी की कीमत कहां

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी वैश्विक बाजारों में गिरावट बनी हुई है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।