LPG Cylinder Price Today: एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी, जानिए आपके शहर में आज कितनी है घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमत

LPG Cylinder Price Today: अगर आप आज यानी 21 जुलाई को एलपीजी गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जान लें। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 21 जुलाई के लिए घरेलू और 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम जारी कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि आज गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर ही सिलेंडर मिलेगा। इस महीने की शुरुआत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए थे। इसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

घरेलू एलपीजी सिलेंडर के प्रमुख शहरों में दाम

दिल्ली – ₹942.00

मुंबई – ₹941.50

कोलकाता – ₹968.00

चेन्नई – ₹957.50

चंडीगढ़ – ₹951.50

देहरादून – ₹961.00

हैदराबाद – ₹934.00

भुवनेश्वर – ₹968.00

तिरुवनंतपुरम – ₹951.00

19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम

दिल्ली – ₹2,930.00

मुंबई – ₹2,885.50

कोलकाता – ₹3,082.00

चेन्नई – ₹3,106.00

चंडीगढ़ – ₹2,954.50

देहरादून – ₹2,983.50

हैदराबाद – ₹2,052.50

भुवनेश्वर – ₹3,115.00

तिरुवनंतपुरम – ₹2,970.50

घर बैठे ऐसे जानें अपने शहर का रेट

अगर आप अपने शहर में एलपीजी सिलेंडर की ताज़ा कीमत जानना चाहते हैं, तो इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की नवीनतम दरें आसानी से देख सकते हैं।

गैस सिलेंडर लेते समय इन बातों का रखें ध्यान

एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय यह सुनिश्चित करें कि सिलेंडर की सेफ्टी सील सही सलामत हो। यदि गैस रिसाव की आशंका हो तो सिलेंडर स्वीकार न करें। सिलेंडर पर अंकित एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें और संभव हो तो डिलीवरी के समय उसका वजन भी चेक करें। रेगुलेटर सही तरीके से फिट होना चाहिए और भुगतान के बाद बिल या कैश मेमो जरूर लें। साथ ही सिलेंडर को हमेशा सीधी स्थिति में, हवादार स्थान पर तथा आग या तेज धूप से दूर रखें, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।

नए रेट कब जारी होते हैं?

भारत में एलपीजी सिलेंडर के नए रेट आमतौर पर हर महीने की 1 तारीख को सरकारी तेल कंपनियां (Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum) जारी करती हैं। नई दरें 1 तारीख की सुबह से लागू हो जाती हैं। हालांकि, घरेलू (14.2 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हर महीने बदलाव जरूरी नहीं होता।

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कई बार कीमतें कई महीनों तक स्थिर रहती हैं। जबकि 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर के दाम अपेक्षाकृत अधिक बार बदले जा सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में सरकार या तेल कंपनियां महीने के बीच में भी घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।

Rashifal Today: आज किस मूलांक को होगा आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने का संकेत देता है। आज अधिकांश मूलांक वालों को अपने बजट, बचत और भविष्य की वित्तीय योजनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। जल्दबाजी में खर्च करने से बचें और हर आर्थिक निर्णय को अच्छी तरह परखने के बाद ही आगे बढ़ें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए अच्छा रहेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बचत और निवेश की योजना बनाएं। बिना सोचे-समझे खर्च करने से बचें और केवल उन्हीं चीजों पर पैसा लगाएं जो आपके बजट के अनुरूप हों। अनुशासित आर्थिक व्यवहार आगे चलकर आपको मजबूत स्थिति में पहुंचाएगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में संतुलित सोच रखने की जरूरत है। अपनी आय और खर्च का हिसाब देखें और जरूरत पड़ने पर बजट में बदलाव करें। अनावश्यक खरीदारी से बचें। यदि आप अपने वित्तीय लक्ष्यों पर टिके रहेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिरता हासिल कर सकेंगे।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज वित्तीय योजना बनाने के लिए अनुकूल समय है। अपने बजट की समीक्षा करें और निवेश या बचत से जुड़े नए विकल्पों पर जानकारी जुटाएं। अचानक आने वाले खर्चों के लिए भी तैयार रहें। परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता आपको लाभ दिला सकती है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने की बजाय जरूरत के हिसाब से खर्च करें। परिवार की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए बजट बनाएं और भविष्य की योजनाओं को प्राथमिकता दें। इससे आर्थिक तनाव कम रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी आर्थिक व्यवस्था को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। बेवजह के खर्चों पर रोक लगाएं और पुराने वित्तीय दायित्वों की समीक्षा करें। आय बढ़ाने या निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं। सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में लाभदायक साबित होगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज खर्च और बचत का स्पष्ट हिसाब रखने की जरूरत है। अपनी आय, खर्च और बचत की पूरी योजना बनाएं। छोटे-छोटे बदलाव भी आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। गैरजरूरी खर्च कम करने से भविष्य के लिए अच्छी बचत हो पाएगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। विलासिता की चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें। अपनी बचत और निवेश की समीक्षा करें और देखें कि वे आपके भविष्य के लक्ष्यों के अनुसार हैं या नहीं। व्यावहारिक सोच आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन वित्तीय रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए अच्छा है। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें और भविष्य की जरूरतों के अनुसार बदलाव करें। सही योजना आगे चलकर अच्छे परिणाम दे सकती है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी आर्थिक फैसले में जल्दबाजी न करें। अपनी वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करें और जरूरत पड़ने पर अनुभवी लोगों की सलाह लें। धैर्य और समझदारी से लिया गया निर्णय लंबे समय में लाभ पहुंचाएगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 32% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-इनपुट कंपनी Rallis India ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन इस बार उम्मीद से बेहतर रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹95 करोड़ था।

रेवेन्यू और EBITDA दोनों बढ़े

जून तिमाही में Rallis India का रेवेन्यू 6.8% बढ़कर ₹1,022 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह कम था। वहीं, EBITDA 23.3% बढ़कर ₹185 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.7% से बढ़कर 18.1% हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी पहले के मुकाबले ज्यादा मुनाफे के साथ कारोबार कर रही है। बेहतर प्राइसिंग, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार से मार्जिन मजबूत हुआ।

Crop Care बिजनेस ने दिखाई मजबूती

Rallis India के Crop Care कारोबार का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹697 करोड़ पहुंच गया। इस कारोबार में रिटेल यानी B2C बिजनेस 19% बढ़ा। हालांकि, B2B कारोबार में 19% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद कुल कारोबार बढ़त में रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने फसल सुरक्षा से जुड़े Balwan, Prodim Ultra और Kengen नाम के तीन नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। कंपनी ने फील्ड प्रोग्राम्स पर भी जोर दिया। साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया। इसका फायदा कारोबार पर साफ दिखाई दिया।

Seeds कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ

Rallis India का Seeds कारोबार भी मजबूत रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹325 करोड़ पहुंच गया। प्री-सीजन डिमांड और सही समय पर प्रोडक्ट प्लेसमेंट का फायदा कंपनी को मिला।

तिमाही के दौरान कंपनी ने कपास, धान और बाजरा कैटेगरी में 9 नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें उत्तर भारत के लिए दो नए कॉटन हाइब्रिड भी शामिल हैं। इसके अलावा Dhaanya ब्रांड के तहत हर्बीसाइड-टॉलरेंट डायरेक्ट-सीडेड राइस भी बाजार में उतारा गया।

कंपनी ने क्या कहा?

Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि कंपनी ने मजबूत रणनीति और बेहतर परिचालन की बदौलत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में सुधार के साथ-साथ नए प्रोडक्ट्स पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

उनके मुताबिक, कंपनी आगे भी भारतीय किसानों के लिए नए और बेहतर कृषि समाधान विकसित करने पर फोकस बनाए रखेगी। साथ ही सभी कारोबारों में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगी।

नतीजों से पहले सोमवार को Rallis India का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ ₹240 पर बंद हुआ।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गोल्ड पर ईरान युद्ध का कितना असर पड़ा? अब खरीदें या बेचने में भलाई, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: जुलाई की शुरुआत में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव था। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली एसेट की ओर रुख करते हैं। हालांकि, यह तेजी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। मुनाफावसूली बढ़ने के साथ सोने की कीमतों में फिर गिरावट आ गई।

युद्ध के तनाव के अलावा अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों ने भी सोने के भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव पैदा किया।

जुलाई में सोने की चाल कैसी रही?

MCX पर 1 जुलाई को सोने का भाव करीब ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम था। सिर्फ दो कारोबारी सत्र में यह बढ़कर ₹1,47,650 पर पहुंच गया। यानी करीब 4.1% की तेजी आई।

लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और बाजार ने युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों का नए सिरे से आकलन किया। इसका असर यह हुआ कि 17 जुलाई तक सोना गिरकर ₹1,40,550 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 20 जुलाई को सोने में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली। इसका भाव फिर ₹1,41,850 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया।

अगर लंबी अवधि की बात करें, तो 29 जनवरी को सोने ने ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम (करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस) से ऊपर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद 30 जून तक इसमें करीब 30% की गिरावट आ चुकी थी और भाव करीब ₹1.40 लाख (करीब 3,960 डॉलर प्रति औंस) तक आ गया।

युद्ध के बावजूद सोना क्यों कमजोर पड़ा?

Augmont की हेड ऑफ रिसर्च रेनिशा चैनानी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद इस महीने सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जो जून के आखिर के बाद का सबसे निचला स्तर है।

उनके मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे बाजार को लगता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग से ज्यादा असर ब्याज दरों की चिंता का पड़ा।

अभी खरीदें, होल्ड करें या बेच दें?

Geojit Investments के हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च हरीश वी का कहना है कि युद्ध से जुड़े जोखिम का बड़ा हिस्सा पहले ही सोने की कीमतों में शामिल हो चुका है। अब निवेशकों का फोकस सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि ब्याज दरों, महंगाई और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीद पर ज्यादा है।

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन निवेशकों के पास पहले से सोना है, वे फिलहाल होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को तेजी के दौरान खरीदारी करने के बजाय कीमतों में गिरावट का इंतजार करना चाहिए।

‘घबराकर बेचने की जरूरत नहीं’

रेनिशा चैनानी का कहना है कि अभी होल्ड की रणनीति बेहतर रहेगी। जिन लोगों ने पहले से निवेश किया हुआ है, वे बाजार की मौजूदा उतार-चढ़ाव वाली स्थिति का इंतजार कर सकते हैं। वहीं, लंबे समय के निवेशक 3,950 से 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास गिरावट आने पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।

हालांकि, उनका यह भी कहना है कि फिलहाल घबराकर बेचने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ाता है या कच्चे तेल की कीमतों में और तेज उछाल आता है, तो सोने की कीमतें 3,900 डॉलर प्रति औंस तक भी फिसल सकती हैं।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bitcoin Price Today: बिटकॉइन एक साल में 45% क्रैश हुआ, एक्सपर्ट्स बोले – अभी दूर रहने में ही भलाई

Bitcoin Price Today: क्रिप्टो बाजार में सोमवार को दबाव देखने को मिला। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन करीब 1.63% टूटकर 63,500 डॉलर के आसपास पहुंच गई। इसकी बड़ी वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। निवेशकों को डर है कि अगर महंगाई फिर बढ़ी, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकता है।

एक साल में 45% क्रैश हुआ

बिटकॉइन की कीमत में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 6 महीने में यह 30.05% गिर चुका है। वहीं, 1 साल में बिटकॉइन 45.44% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में इसने 87.77% का रिटर्न जरूर दिया है। लेकिन, इसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह बेहद कम है।

बिटकॉइन की कीमत गिरने की 5 बड़ी वजह

1. अमेरिका-ईरान तनाव : बिटकॉइन की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने से दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल है। ऐसे समय में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं। वे क्रिप्टो से पैसा निकालकर सोना और डॉलर जैसी सुरक्षित जगहों पर लगाने लगते हैं। इसका असर बिटकॉइन पर भी साफ दिखा।

2. कच्चा तेल महंगा : तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया। महंगा तेल मतलब महंगाई बढ़ने का खतरा। अगर महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरें भी लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। यही डर क्रिप्टो बाजार पर भारी पड़ रहा है।

3. फेड की ब्याज दर : निवेशकों को लग रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरें कम नहीं करेगा। कुछ लोगों को तो यह भी उम्मीद है कि साल के आखिर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऊंची ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली एसेट्स के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

4. अहम स्तर पार न कर पाना : बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर के बीच का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद कई ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बिकवाली बढ़ी और कीमत 63,500 डॉलर के करीब पहुंच गई। तकनीकी चार्ट भी फिलहाल कमजोरी का संकेत दे रहे हैं।

5. खरीद से ज्यादा बिकवाली : एक अच्छी बात यह है कि स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार पैसा आ रहा है। इसका मतलब बड़े निवेशकों की दिलचस्पी अभी खत्म नहीं हुई है। लेकिन दूसरी तरफ, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। इसलिए खरीदारी का असर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा और बिटकॉइन दबाव में बना हुआ है।

बिटकॉइन के लिए अहम लेवल क्या हैं?

Delta Exchange की रिसर्च एनालिस्ट रिया सहगल का कहना है कि कि बिटकॉइन ने 65,200 से 65,500 डॉलर का स्तर पार करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद मुनाफावसूली बढ़ी और कीमत नीचे आ गई।

उनके मुताबिक, अगर बिटकॉइन 63,000 डॉलर के नीचे जाता है, तो यह 62,300 से 61,800 डॉलर तक फिसल सकता है। अब बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही चीजें आगे बिटकॉइन की दिशा तय कर सकती हैं।

क्या अब बिकवाली थम रही है?

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि गिरावट के बीच कुछ अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं। Glassnode के ऑन-चेन डेटा से पता चलता है कि लंबे समय से बिटकॉइन होल्ड करने वाले निवेशकों की बिकवाली अब कम होने लगी है। इसका मतलब है कि घबराहट में होने वाली बड़ी बिकवाली शायद अपने आखिरी दौर में है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में स्पॉट बिटकॉइन ETF में करीब 290 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश आया है। इससे बाजार को सहारा मिला है। हालांकि, तेजी आते ही कई निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं। यही वजह है कि बिटकॉइन अभी भी अपने 50 महीने के मूविंग एवरेज यानी करीब 65,900 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या सलाह है?

Pi42 के को-फाउंडर और सीईओ अविनाश शेखर का कहना है कि ETF में लगातार पैसा आना अच्छी बात है। इससे पता चलता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। उनके मुताबिक, बाजार इस समय एक हेल्दी कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। यानी आगे की तेजी से पहले यह सामान्य ठहराव हो सकता है।

वहीं, Giottus के सीईओ विक्रम सुब्बुराज का कहना है कि छोटी अवधि की तेजी देखकर जल्दबाजी में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक बिटकॉइन 65,000 डॉलर के ऊपर टिक नहीं जाता और ETF में लगातार मजबूत निवेश नहीं आता, तब तक थोड़ा-थोड़ा निवेश करना और ज्यादा जोखिम लेने से बचना बेहतर रणनीति होगी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Gold Silver Price Today: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना ₹1,400 चढ़कर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को चांदी ₹1,000 सस्ती हो गई और यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में कमजोर रही।

सोने का ताजा भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना सोमवार को ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत ₹1,400 बढ़ गई।

चांदी में लगातार छठे दिन गिरावट

दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,000 घटकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,22,500 प्रति किलो था।

अगर 10 जुलाई से अब तक की बात करें, तो चांदी की कीमत में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है।

क्यों बढ़ा सोने का भाव?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर सोने की खरीदारी शुरू की। इसी वजह से कीमतों में रिकवरी देखने को मिली।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और डॉलर में नरमी की वजह से सोने को समर्थन मिला। डॉलर कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना कुछ सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 2% की बढ़त के साथ 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है।

कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता

भूराजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

हालांकि बाद में ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की ब्याज दरों और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

वहीं, LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि MCX पर सोने में करीब ₹900 की तेजी आई है और यह ₹1,41,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 3,975 डॉलर के सपोर्ट से उछलकर करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।

उनके मुताबिक, जून के नरम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से सोने को शुरुआती समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से आने वाले महीनों में महंगाई फिर बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर या दिसंबर में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

गोल्ड के लिए अहम लेवल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और महंगे कच्चे तेल की वजह से फिलहाल सोने की तेजी सीमित रह सकती है। तकनीकी स्तर पर MCX गोल्ड के लिए ₹1,40,000 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ₹1,42,500 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

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Gold Rate Today: कच्चे तेल में उबाल से वैश्विक बाजार में भी लुढ़का सोना, ​मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा रहा महंगाई की चिंता

देश के साथ-साथ देश के बाहर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,014.53 डॉलर प्रति औंस पर है। अगस्त में डिलीवरी वाला ​US गोल्ड फ्यूचर्स गिरकर 4,019.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। इससे महंगाई को लेकर चिंता ने फिर जोर पकड़ लिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कई नीति-निर्माताओं ने संकेत दिया है कि कीमतों के दबाव को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।

ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार नौवीं रात हमले किए हैं। जॉर्डन पर ईरानी हमलों में कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इजराइली सेना ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ कई मिसाइलें दागी हैं।

चांदी की कीमत कहां

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी वैश्विक बाजारों में गिरावट बनी हुई है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।

Iran Kuwait Conflict: ईरान के हमले से कुवैत के पावर प्लांट में लगी भीषण आग, अमेरिका ने भी तेज किए वार। देखें वीडियो

Iran Kuwait Conflict: कुवैत में रविवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब ईरान ने अल-सुबिया पावर जनरेशन और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। बता दें कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका ने लगातार नौवीं बार रात को ईरान के ठिकानों पर हमले किए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अल-सुबिया प्लांट से उठता हुआ काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। ये वीडियो ओपन सोर्स इंटेल समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा शेयर किए गए हैं।

वहीं, ईरान के इस हमले पर कुवैत की सेना ने कहा कि उन्होंने दिन भर देश के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों को रोका।

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने एक बयान में कहा, “आज सुबह से ही सशस्त्र बलों ने कुवैत के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाया है, जिन्हें रोककर बेअसर कर दिया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि “ईरान की निंदनीय आक्रामकता देश में आम नागरिकों और जरूरी सुविधाओं को निशाना बना रही है।” उन्होंने बताया कि बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े कुछ ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे वहां आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।

इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए दौर के हमलों की घोषणा की। CENTCOM ने X पर कहा, “उसने आज शाम 7 बजे (ET) ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात नए हमले शुरू किए। ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना जारी रखेंगे जिनका इस्तेमाल होर्मुज (Strait Of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।”

मरीन वन से रवाना होने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया हमले उस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की याद में किए गए थे।

ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात फिर उन पर जोरदार हमला किया।” उन्होंने बताया कि ये हमले हाल के दिनों में मध्य पूर्व में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों के “सम्मान में” किए गए थे।

बता दें कि यह ताजा हमला ऐसे समय हुआ है, जब इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी कुवैत के बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट्स पर हमलों की खबर सामने आई थी।

कुवैत, जो अपनी पानी की सप्लाई के लिए बड़े पैमाने पर खारे पानी को मीठा बनाने की प्रक्रिया (डिसैलिनेशन) पर निर्भर है, तेहरान द्वारा खाड़ी देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से जुड़ी सुविधाओं को संभावित टारगेट के तौर पर पहचाने जाने के कारण अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव में फंसता जा रहा है।

यह तनाव ऐसे समय और गहरा गया है, जब जून में अमेरिका और ईरान के बीच बनी अस्थायी युद्धविराम की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों ने क्षेत्र में ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

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LIVE: CJP संसद मार्च पर अड़ी, दिल्ली में धारा 163 लागू

cjp protest delhi

Latest News Today Live Updates in Hindi : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी संसद मार्च पर अड़ी। दिल्ली में धारा 163 लागू। पल पल की जानकारी…

जम्मू-कश्मीर: कल रात से हो रही लगातार बारिश की वजह से रियासी ज़िले में चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी का पानी कई निचले इलाकों में बहने लगा है।कांग्रेस के लोकसभा सांसद विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी लेने के लिए संसद में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के दफ्तर में सुबह 10.30 बजे मिलेंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, 'भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया है। देश भर से लोग आ रहे हैं। जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं… संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।'

-संसद के मानसून सत्र और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

-पुलिस हाई अलर्ट पर है। 5000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है।

-संसद, इंडिया गेट और VVIP इलाकों के आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

-दिल्ली पुलिस ने इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्टा होने पर रोक।

Delhi Weather Today: 5 साल की सबसे गर्म जुलाई की रात के बाद दिल्ली में बारिश की वापसी, IMD ने जारी किया आंधी-तूफान का अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 20 जुलाई को दिल्ली में एक बार फिर बारिश ने जोरदार वापसी की। सुबह राजधानी के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है। बता दें कि शहर में एक और गर्म और उमस भरे दिन और पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद, इस बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

IMD के मुताबिक, कई जगहों पर हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कुछ अलग-अलग इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। सुबह और दोपहर से पहले गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, दोपहर और शाम के समय भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है, जो रविवार की गर्मी के मुकाबले काफी कम है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली में जुलाई महीने की पिछले पांच सालों में सबसे गर्म रात दर्ज की गई। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री ज्याद था। इससे पहले शहर में जुलाई की इससे ज्यादा गर्म रात 1 जुलाई 2021 को दर्ज की गई थी, जब न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के औसत से 3.1 डिग्री ज़्यादा है। इस महीने में यह दूसरी बार था जब न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।

अन्य मौसम केंद्रों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 37.2 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 36.7 डिग्री सेल्सियस और रिज में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान लोधी रोड में 30 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 29.4 डिग्री सेल्सियस, पालम में 29 डिग्री सेल्सियस और रिज में 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी में बारिश की संभावना

हवा में नमी होने के बावजूद, रविवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच शहर के पांचों मुख्य मौसम केंद्रों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण सोमवार को व्यापक बारिश होने की उम्मीद है।

IMD ने कहा कि मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और आंधी-तूफान आने की संभावना है। इससे जलभराव, विजिबिलिटी कम होने और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है, खासकर सुबह और शाम के समय जब लोग आवाजाही करते हैं।

इसके अलावा, आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर सकती हैं और संवेदनशील इलाकों में बिजली की आपूर्ति में अस्थायी रुकावट आ सकती है।

AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में

रविवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (AQI) ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 169 दर्ज किया गया। वहीं, सुबह 8:30 बजे हवा में नमी 68% थी, जो शाम 5:30 बजे तक घटकर 50% रह गई।

IMD ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान, राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिन का तापमान 31-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और हाल ही में पड़ी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

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