कच्चे तेल में नरमी से 564 अंक चढ़ा सेंसेक्स

Sensex

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक बढ़त में रहे। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक (0.6 प्रतिशत) चढ़कर 74,858.99 अंक पर बंद हुआ। बाजार में शुरू से ही तेजी रही। दिन के दौरान यह ऊपर 74,987.40 अंक और नीचे 74,454.18 अंक तक गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग इसी तरह रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी में 23,414.30 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल आज करीब तीन प्रतिशत टूट गया। यह फिलहाल 101 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इससे घरेलू बाजार में निवेश धारणा को समर्थन मिला।

प्रमुख सूचकांकों के विपरीत वृहत बाजार में ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.07 प्रतिशत टूट गया।

Also Read : 78 वर्ष के हुये महेश भट्ट

सेक्टर आधारित सूचकांकों में एफएमसीजी, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के शेयरों में लिवाली ज्यादा देखी गई। धातु और आईटी समूहों के सूचकांक फिसल गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर चार प्रतिशत से अधिक चढ़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज करीब साढ़े तीन प्रतिशत और इटरनल तथा टाइटन में ढाई प्रतिशत के आसपास तेजी रही।

आईटीसी, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, ट्रेंट, एलएंडटी, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। इंडिगो, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ऊपर रहे।

भारती एयरटेल का शेयर करीब दो प्रतिशत और पावरग्रिड का एक प्रतिशत से अधिक टूट गया। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में भी गिरावट रही।

Pic Credit : UNI

Stocks to buy: इन दो स्टील शेयरों में आने वाली है जोरदार तेजी, मोतीलाल ओसवाल ने बताई वजह

Stocks to buy: आप अगर ऐसे शेयरों की तलाश में हैं, जिनमें निवेश को बढ़ाने का दम हो तो आप दो स्टील शेयरों पर दांव लगा सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटा स्टील के शेयरों को अपना टॉप पिक्स बताया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि स्टील की कीमतों में आए उछाल का फायदा इन दोनों कंपनियों को मिलेगा।

दूसरी छमाही में भी स्टील की कीमतें हाई लेवल पर रहेंगी

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि डिमांड में सीजनल कमजोरी के बावजूद इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में स्टील की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहेंगी। सितंबर में डोमेस्टिक हॉट-रोल्ड कॉयल (HRC) की कीमतें महीने दर महीने आधार पर 7 फीसदी बढ़कर सितंबर में 62,000 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई, जो चार महीने का सबसे ऊंचा लेवल है।

एचआरसी और सीआरसी दोनों की कीमतों में उछाल 

कोल्ड-रोल्ड कॉयल (CRC) की कीमत भी महीने दर महीने आधार पर 8 फीसदी बढ़कर सितंबर में 70,500 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई। रिबार की कीमतें भी सितंबर में बढ़कर 56,800 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई। यह इस साल जून में 48,850 रुपये प्रति टन थी। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सीजनल कमजोरी के बावजूद डोमेस्टिक स्टील वॉल्यूम अच्छी बनी हुई है।

दुनिया में स्टील के प्रोडक्शन में गिरावट के संकेत

उधर, दुनिया में क्रूड स्टील का प्रोडक्शन इस साल जनवरी-जुलाई के दौरान साल दर साल आधार पर 0.6 फीसदी घटकर करीब 1.08 अरब टन रहा। चीन में भी उत्पादन में साल दर साल आधार पर 3.1 फीसदी कमी आई है। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि घरेलू स्टील कंपनियों को ज्यादा कीमतों का फायदा मिलेगा।

जेएसडब्ल्यू स्टील और टाटी स्टील के शेयर चढ़ सकते हैं

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनियों के लिए रियलाइजेशन स्ट्रॉन्ग रहेगी। हालांकि, इसके लिए मानसून के बाद डिमांड का सामान्य लेवल पर आना जरूरी है। उसने स्टील सेक्टर को आउटलुक को देखते हुए जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर के लिए 1,340 रुपये का टारगेट दिया है, जबकि टाटा स्टील के लिए 220 रुपये का टारगेट दिया है।

यह भी पढ़ें: Warren Buffett lessons: वॉरेन बफे ने हमेशा इन 2 नियमों का पालन किया, आप भी कर सकते हैं 

18 सितंबर को जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर में तेजी

टाटा स्टील का शेयर 18 सितंबर को 0.58 फीसदी गिरकर 186.20 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में इस शेयर ने रिटर्न नहीं दिया है। जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर 1.30 फीसदी चढ़कर 1,269.70 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर 13 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

शेयर बाजारों में लिवाली का जोर, आईटी कंपनियां दबाव में

Share Market Crash

कच्चे तेल में जारी नरमी से घरेलू शेयर बाजारों शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा, हालांकि आईटी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई का सेंसेक्स 19.63 अंक (0.03 प्रतिशत) फिसलकर 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिलहाल सवा फीसदी नीचे है। इससे दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। वृहत बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

Also Read : ‘समुक’ में रजत कपूर की एंट्री की चर्चा

सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी धातु 1.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.19 प्रतिशत और निफ्टी रसायन 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों में भी तेजी रही। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक टूट गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का शेयर सवा चार फीसदी से ज्यादा टूट गया। टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर दो प्रतिशत गिर गए। मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीईएल में भी गिरावट रही।

अडानी पोर्ट्स का शेयर पौने चार फीसदी के करीब चढ़ गया। पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल में दो से ढाई फीसदी तक तेजी रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक भी बढ़त में रहे।

Pic Credit : ANI

शेयर बाजारों में लिवाली के बीच बैंकिंग सेक्टर के दबाव से सेंसेक्स 22 अंक टूटा

Share Market

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को कुल मिलाकर तेजी रही, हालांकि बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 22 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स में आज दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। यह करीब 154 अंक की गिरावट में 74,182.62 अंक पर खुला और बीच कारोबार में 74,163 अंक से 74,678 अंक के बीच रहा। अंत में गत दिवस की तुलना में 21.86 अंक (0.03 प्रतिशत) नीचे 74,314.59 अंक पर रहा। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 23,270.60 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में तेजी रही। निफ्टी-मिडकैप-50 सूचकांक 0.96 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ।

सेक्टर आधारित सूचकांकों में बैंकिंग और तेल एवं गैस को छोड़कर अन्य सभी समूहों में लिवाली का जोर रहा। निजी बैंकों में अधिक गिरावट रही। मीडिया, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य सेक्टरों में तेजी अधिक रही। एनएसई में जिन 3,651 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 2,262 कंपनियों के शेयर बढ़त में 1,279 के नुकसान में रहे। अन्य 110 कंपनियों के शेयर अंततः अपरिवर्तित बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 के शेयर हरे निशान में रहे। टाटा स्टील का शेयर 2.82 प्रतिशत चढ़ा। बीईएल में 2.38 प्रतिशत, इंडिगो में 2.32 और इटरनल में 2.24 प्रतिशत की तेजी रही।

Also Read : ट्रंप खाड़ी देशों के नेताओं के साथ ईरान पर बातचीत करेंगे

मारुति सुजुकी का शेयर 1.64 फीसदी, एशियन पेंट्स का 1.45, बजाज फिनसर्व का 1.24 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 1.03 प्रतिशत मजबूत हुआ। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, सन फार्मा, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी ऊपर बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.30 प्रतिशत, टाइटन का 1.14 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिशत टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनीलिवर में 0.38 प्रतिशत की गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत मजबूत हुआ।

हांगकांग के हैंग सेंग में 0.44 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.41 प्रतिशत की गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.55 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ।

Pic Credit : ANI

Tata Sons News: नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को गैरकानूनी बताया, जानिए आखिर यह पूरा मामला क्या है

Tata Sons News: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 17 सितंबर को एक्सटेंशन मिल गया। वह 20 फरवरी, 2027 को कार्यकाल खत्म होने के अगले 5 सालों तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। टाटा संस के बोर्ड की बैठक 17 सितंबर को हुआ, जिसमें चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव 4-1 के वोट से पारित हो गया। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।

टाटा ने रीअप्वाइंटमेंट पर उठाए सवाल

नोएल टाटा ने अब कहा है कि टाटा संस के चेयरमैन पद पर एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति गैरकानूनी है। उन्होने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के बोर्ड के फैसले पर सवाल उठाए हैं। इसका असर देश के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप की लीडरशिप पर प़ड़ सकता है। टाटा संस टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। इसके चेयरमैन चंद्रशेखरन है, जबकि नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं।

टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ दिया वोट 

टाटा ने कहा, “मैंने चंद्रा की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। कानूनी राय के आधार पर गलत तरीके से मेरे वीटो को खारिज कर दिया। यह फैसला गैरकानूनी है। मैंने अपना विरोध दर्ज कराया।” उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए संक्षिप्त इंटरव्यू में यह बात बताई। टाटा समूह के शेयरों में चंद्रशेखरन के एक्सटेंशन के बाद तेजी दिखी।

अब एजीएम में चंद्रा को हटाने की कोशिश होगी

इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि अब नोएल टाटा का नेतृत्व वाला टाटा ट्रस्ट्स एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में चंद्रशेखरन को टाटा संस से बाहर करने की कोशिश करेगा। एक व्यक्ति ने बताया, “अगर उन्हें एक बार डायरेक्टर पद से हटा दिया जाता है तो वह चेयरमैन के पद पर बने नहीं रह सकते।”

SRTT के मसले के समाधान के बाद होगी एजीएम

व्यक्ति ने कहा, “सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के मसले के समाधान के बाद एजीएम होगी।” इस मामले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, “टाटा के ट्रस्टों में से एक ने पहले ही चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है और उसने तीसरी बार पुनर्नियुक्ति नहीं चाहने के चंद्रशेखर के फैसले को भी स्वीकार कर लिया है।”

टाटा संस आर्टिकल्स एसोसिएशन के एक आर्टिकल से फंसा पेच

इस बारे में जानकारी के लिए टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। इस पूरे विवाद की जड़ में टाटा संस आर्टिकल्स एसोसिएशन का एक आर्टिकल है। इसमें यह कहा गया है कि टाटा ट्रस्ट्स की तरफ से टाटा संस के बोर्ड में नियुक्त आधे से ज्यादा डायरेक्टर्स की मंजूरी के बाद ही कोई फैसला लागू हो सकता है।

SDTT ने चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है

टाटा संस के बोर्ड में एन चंद्रशेखरन, नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, सौरभ अग्रवाल, हरीश मनवानी और अनीता एम जॉर्ज शामिल हैं। टाटा के दो प्रमुख ट्रस्टों में से एक सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) ने 12 अगस्त को चंद्रशेखरन के पद छोड़ने के ऐलान के बाद कहा था कि वह चंद्रशेखरन के फैसले का सम्मान करता है। एसडीटीटी ने टाटा संस के नए चेयरमैन की तलाश के लिए एक कमेटी के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

यह भी पढ़ें: Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 5 साल का एक्सटेंशन मिलने से टाटा ग्रुप के शेयरों को लगे पंख

अब दिसंबर तक होने वाली एजीएम पर टिकी निगाहें 

अब नजरें टाटा संस की एजीएम पर होंगी, जिसे पहले टाला जा चुका है। 31 दिसंबर तक एजीएम जरूरी है। यह एजीएम इसलिए अहम है, क्योंकि रोटेशन के आधार पर चंद्रशेखरन को टाटा संस के डायरेक्टर पद से रिटायर होना है और उनकी पुनर्नियुक्ति के लिए शेयरोल्डर्स का एप्रूवल जरूरी है।

एक्सपायरी पर Sensex फ्लैट, लगातार दूसरे दिन Nifty मजबूत, किन घटी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें बढ़ाई लेकिन चूंकि घरेलू मार्केट को पहले से ही इसकी उम्मीद थी तो इसका कोई खास असर नहीं दिखा। कच्चे तेल की नरमी पर सेंसेक्स और निफ्टी ने रेड जोन से शानदार वापसी की और सेंसेक्स इंट्रा-डे के निचले स्तर से 500 प्वाइंट्स से अधिक रिकवरी को तो निफ्टी भी 23200 के नीचे से रिकवर होकर 23350 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज फार्मा, मेटल, ऑटो और रियल्टी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला है। इसमें से रियल्टी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स डेढ़ फीसदी के आस-पास बंद हुए तो मेटल और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1-1% मजबूत हुए। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश और निफ्टी पीएसयू बैंक में हल्की गिरावट रही लेकिन निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब आधे फीसदी कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस माहौल में आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 17 सितंबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 21.86 प्वाइंट्स यानी 0.03% की मामूली गिरावट के साथ 74,314.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 53.00 प्वाइंट्स यानी 0.23% की बढ़त के साथ 23,270.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 172.50 प्वाइंट्स टूटकर 74,163.95 तक आया था जिससे यह 513.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,677.56 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 23.95 प्वाइंट्स गिरकर 23,193.65 तक आया था जिससे यह 169.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,363.55 तक पहुंचा था।

₹1.87 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,23,712.00 करोड़ था। आज यानी 17 सितंबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,10,906.37 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹187,194.36 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 21 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 21 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज टाटा स्टील, बीईएल और इंडिगो सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 1h

113 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4535 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2686 शेयर आज मजबूत हुए तो 1642 में गिरावट रही जबकि 207 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 113 शेयर एक साल के हाई और 139 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 43 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

इन चार वजहों से आज छा गई मार्केट में रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजारों में लौटी तेजी, सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा

कच्चे तेल में नरमी से घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 333 अंक की बढ़त में बंद हुआ।

सेंसेक्स 245 अंक चढ़कर 74,249 अंक पर खुला और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 332.63 अंक (0.45 प्रतिशत) चढ़कर 74,336.45 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत ऊपर 23,217.60 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज कच्चे तेल में गिरावट रही। लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा एक प्रतिशत फिसलकर 108 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया। इससे लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। यूरोपीय बाजार भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे।

घरेलू बाजारों में एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, धातु, मीडिया, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक ऊपर रहे। आईटी, स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टरों में गिरावट रही।

Also Read : हैरी ब्रूक का नाबाद शतक, इंग्लैंड ने टी-20 में श्रीलंका को 119 रनों से रौंदा

वृहत बाजार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.02 प्रतिशत ऊपर रहा जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.18 प्रतिशत टूट गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी का शेयर करीब ढाई फीसदी मजबूत हुआ। भारतीय स्टेट बैंक में सवा दो प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनीलिवर और सन फार्मा के शेयर एक से दो प्रतिशत तक की बढ़त में रहे।

अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल और भारती एयरटेल के शेयर भी हरे निशान में रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की टीसीएस का शेयर ढाई फीसदी से अधिक लुढ़क गया। अन्य आईटी कंपनियों में इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर सवा फीसदी से डेढ़ फीसदी के बीच गिरे। बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टाटा स्टील के शेयर भी नुकसान में बंद हुए।

Pic Credit : ANI

शेयर बाजारों में लगातार दूसरी गिरावट, सेंसेक्स 778 अंक लुढ़का

Stock Market

विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 778 अंक नीचे बंद हुआ।

सेंसेक्स करीब 588 अंक ऊपर 75,369.63 अंक पर खुला और एक समय 655 अंक चढ़ गया था। हालांकि कुछ ही देर बाद बाजार में बिकवाली शुरू हो गई और सेंसेक्स 73,994 अंक तक टूट गया। इस प्रकार इसमें 1,375 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04 प्रतिशत) नीचे 74,003.82 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी कारोबार की समाप्ति पर 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत नीचे 23,118.60 अंक पर रहा।

बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर में लिवाली रही। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.19 प्रतिशत ऊपर रहा। अन्य सभी सेक्टरों में बिकवाली का जोर रहा। रियल्टी समूह का सूचकांक 4.04 प्रतिशत, रसायन समूह का 3.42, धातु का 2.54 टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद का 2.41, मीडिया का 2.17, ऑटो का 2.01, वित्त का 1.83, बैंकिंग का 1.43, फार्मा का 1.30, तेल एवं गैस का 1.29 और स्वास्थ्य समूह का 1.17 प्रतिशत टूट गया। वृहत बाजार में मिडकैप-50 सूचकांक 2.08 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.43 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका में लगभग सभी प्रमुख एशियाई शेयर बाजार लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजार भी गिरावट में खुले।

Also Read : डिजिटल भुगतान पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा यू टर्न: राहुल

सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल का शेयर सबसे ज्यादा छह प्रतिशत, इंडिगो का चार प्रतिशत और टाइटन, बजाज फिनसर्व तथा अडानी पोर्ट्स के तीन-तीन प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड के शेयर दो से तीन प्रतिशत नीचे बंद हुए। आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और मारुति सुजुकी के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिरे। एनटीपीसी, आईटीसी और सन फार्मा के शेयर भी नुकसान में रहे।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब चार प्रतिशत और इंफोसिस का साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए। एचडीएफसी बैंक का शेयर सवा फीसदी मजबूत हुआ। हिंदुस्तान यूनीलिवर और टाटा स्टील के शेयर भी हरे निशान में रहे।

Pic Credit : ANI

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 11 सितंबर को एक और उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,400 के लेवल के आसपास बंद होने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। आज लगभग 1773 शेयरों में बढ़त हुई, 2373 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, HDFC बैंक, ITC, टेक महिंद्रा और विप्रो निफ्टी में बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे, जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील, टाटा स्टील, आयशर मोटर्स और ONGC सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.5% बढ़ा। वहीं, मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई,जबकि ऑटो, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची ब्याज दरों की चिंता ने घरेलू शेयर बाज़ार पर दबाव बनाया,जिससे बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। प्रोड्यूसर महंगाई में बढ़ोतरी और मज़बूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़त की संभावना को मज़बूत किया है। इससे बॉन्ड यील्ड बढ़ी और FII की बिकवाली जारी रही। हालांकि,यूरोपीय बाज़ारों में अच्छी शुरुआत के बाद कुछ खास सेक्टरों (खासकर IT) में वैल्यू बाइंग की वजह से बाज़ार दिन के निचले स्तरों से संभल गया।

बाज़ार में सुधार के बावजूद,कमज़ोर मार्केट ब्रेड्थ से पता चलता है कि बाज़ार में अभी भी उतार-चढ़ाव के साथ सुस्ती का दौर जारी है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है,लेकिन मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और संस्थागत निवेशकों के सपोर्ट से निचले स्तरों पर खरीदारी हो रही है। ऐसे में किसी बड़ी गिरावट का डर नहीं है और मध्यम अवधि के नजरिए से बाज़ार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,सेशन के पहले हिस्से के बाद बिकवाली का दबाव जारी नहीं रहा और इंडेक्स में निचले स्तरों से थोड़ी शॉर्ट-कवरिंग देखी गई। निफ्टी दिन के निचले स्तर से लगभग 200 अंक सुधरा। हालांकि यह 0.34% नीचे बंद हुआ। डेली चार्ट पर लगातार गिरावट के बाद इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडल बनाया,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,एक ठोस रिकवरी की पुष्टि के लिए आगे भी लगातार बढ़त जारी रहने की जरूरत होगी।

टेक्निकल नज़रिए से डेली RSI अभी भी 40 ज़ोन के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह मंदी के रुख (बेयरिश बायस) के बने रहने का संकेत है। निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे भी ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर कमज़ोर बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX और हाई लेवल पर बना इंडिया विक्स ग्लोबल अनिश्चितता के बीच ट्रेंड की तेजी और लगातार उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहे हैं। निकट भविष्य में स्ट्रक्चर में ठोस सुधार के लिए लगातार खरीदारी की जरूरत होगी।

आगे निफ्टी के लिए 23250–23230 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,जो आज के निचले स्तर के आसपास है। अगर यह 23230 के नीचे बना रहता है,तो 23080 के स्तर की ओर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ, 23600–23620 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी 23620 के ऊपर बना रहता है,तो पुलबैक 23800 के स्तर तक बढ़ सकता है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,जोरदार शॉर्ट कवरिंग की वजह से इसमें दिन के निचले स्तर से लगभग 890 अंकों की रिकवरी देखी गई। बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर लोअर विक (lower wick) के साथ एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। गैप-डाउन ओपनिंग के बावजूद इंडेक्स 0.24% ऊपर बंद हुआ,जो निचले स्तरों पर खरीदारों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56000–55900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 55900 के नीचे बना रहता है तो 55500 के स्तर तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है। ऊपर की तरफ 57100–57200 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख सकता है,जबकि 57200 के ऊपर बने रहने पर पुलबैक 57500 के स्तर तक बढ़ सकता है।

 

Pine Labs share price : नई पार्टनरशिप के बाद 14% भागा शेयर, जानिए अब क्या हो इसमें निवेश रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।