Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets

Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets
Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets

Kinetic Watts & Volts (KWV) is evaluating seven international markets as the Pune-based electric two-wheeler maker looks to expand beyond India. Turkey, Nepal, Sri Lanka, Bangladesh, Kenya, Nigeria and Egypt are currently being assessed, with KWV studying local regulations, customer requirements, electric two-wheeler demand and potential distribution partners.

  1. International expansion to cover markets across Europe, South Asia and Africa
  2. Makarand Joshi appointed to lead KWV’s international business development
  3. Company plans to add 40 more exclusive showrooms in India

Kinetic EV international expansion plans

It has also issued 150 LOIs to prospective dealership partners.

KWV currently sells the Kinetic DX and DX+ electric scooters in India, with the range positioned around accessible urban mobility. The company is now looking to identify markets and distribution partners that can support its next phase of growth overseas.

KWV has appointed Makarand Joshi as head of international business development to lead its overseas plans. Joshi has more than two decades of experience in developing overseas markets for Indian automotive products, with experience across Asia, the Middle East, Europe and Africa. His background includes two-wheelers, commercial vehicles and tractors, as well as international distribution and market-entry strategies.

Ajinkya Firodia, Vice Chairman and Managing Director, Kinetic Watts & Volts, said the company’s products had been designed with a broad range of markets in mind. He added that the momentum of its domestic business had allowed KWV to begin laying the groundwork for international expansion. The company is yet to confirm which of the seven markets it will enter or provide a timeline for its overseas launch.

KWV’s international plans come as it continues to build its presence in the Indian market. The company currently has 45 exclusive showrooms and expects another 40 outlets to become operational within the next two months. It has also issued 150 Letters of Intent (LOI) to prospective dealership partners.

With inputs from ANGITHA SURESH

Women’s Champions Trophy: श्रीलंका से छिनी गई चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी, जानें ICC ने क्यों लिया ये फैसला

श्रीलंका क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। 2027 में पहली बार होने वाली ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी अब श्रीलंका के हाथ से निकल गई है। अब 14 से 28 फरवरी के बीच होने वाला छह टीमों का यह टूर्नामेंट अब श्रीलंका में आयोजित नहीं किया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट में सरकारी दखल को लेकर ICC ने आपत्ति जताई है। श्रीलंका से मेजबानी छिनने के बाद अभी तक ICC ने नए मेजबान देश के नाम का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर ICC की अगली बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद कोई फैसला लिया जा सकता है।

इससे पहले भी छिनी गई है मेजबानी

मेजबानी छिनने से श्रीलंकाई क्रिकेट के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है। ये फैसला ऐसे समय में आया जब श्रीलंका क्रिकेट और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के बीच प्रशासन और कामकाज को लेकर विवाद अभी सुलझा नहीं है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को 2023-24 में कुछ समय के लिए निलंबित भी किया गया था। उस दौरान बोर्ड के कामकाज में राजनीतिक दखल का मुद्दा सामने आया था। बोर्ड और सरकार के बीच भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोपों को लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा। इस विवाद का असर क्रिकेट आयोजनों पर भी पड़ा और 2024 में होने वाले पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी श्रीलंका से लेकर दक्षिण अफ्रीका को दे दी गई थी।

क्यों लिया फैसला

इस साल अप्रैल में श्रीलंकाई सरकार ने क्रिकेट बोर्ड के कामकाज को अस्थायी रूप से अपने नियंत्रण में ले लिया था। सरकार ने क्रिकेट से जुड़े विवादों को खत्म करने और बोर्ड में जरूरी बदलाव करने के लिए एक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी बनाने की बात कही थी। वहीं ICC का कहना है कि श्रीलंका क्रिकेट में चुनी हुई व्यवस्था वापस आनी चाहिए और बोर्ड के चुनाव कराए जाने चाहिए। इसी वजह से सरकार की बनाई कमेटी के सदस्यों को ICC की बोर्ड बैठकों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है।

श्रीलंका नहीं करेगी मेजबानी

ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सचिव प्रकाश शैफ्टर ने ‘संडे टाइम्स’ से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी अब श्रीलंका में नहीं होगी। शैफ्टर के मुताबिक, इसे किसी दूसरे देश में आयोजित किया जाएगा, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि टूर्नामेंट की मेजबानी कौन सा देश करेगा। ये फैसला उस वक्त लिया गया है, जब श्रीलंका क्रिकेट अभी भी ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी की निगरानी में चल रहा है।

क्या है आईसीसी के नियम

ICC के नियमों के मुताबिक, किसी भी सदस्य क्रिकेट बोर्ड को सरकारी हस्तक्षेप से स्वतंत्र होकर काम करना जरूरी है। श्रीलंका क्रिकेट का मौजूदा ढांचा इसी नियम को लेकर ICC के साथ विवाद की वजह बना हुआ है। श्रीलंका से टूर्नामेंट की मेजबानी छिनने के बाद अब उसके खुद इस प्रतियोगिता में खेलने पर भी सवाल उठ सकते हैं। पहले तय नियमों के मुताबिक मेजबान देश के अलावा रैंकिंग में ऊपर रहने वाली टीमों को टूर्नामेंट में जगह मिलनी थी। मौजूदा रैंकिंग में श्रीलंका छठे नंबर पर है। हालांकि, ICC ने अभी यह नहीं बताया है कि मेजबान बदलने के बाद टीमों के चयन के नियमों में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।

श्रीलंका ने किला लड़ाकर किया कोलंबो टेस्ट ड्रॉ लेकिन भारत ने सीरीज 1-0 से जीती

Sonal Dinusha

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनूशा और पुछल्ले बल्लेबाजों ने पांचवे दिन कमाल का संघर्ष दिखाते हुए मैच ड्रॉ करा लिया। 229 पर 6 विकेट खोकर अंतिम दिन  श्रीलंका की टीम ने बारिश का इंतजार नहीं किया और पूरे दिन बल्लेबाजी की। श्रीलंका की टीम ने 429 रन 9 विकेट गंवाए।

इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शतकवीर सोनल दिनूशा से हाथ मिला लिया। श्रीलंका के सोनल दिनुशा शुरु से अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने 251 गेंदों में नाबाद 131 रन बनाए।

हालंकि यह सीरीज भारत के नाम रही क्योंकि गॉल टेस्ट भारत ने 300 रनों के अंतर से जीता था। लेकिन यह टेस्ट ना जीत पाने के कारण भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस चक्र में यह भारत का दूसरा ड्रॉ मैच है।

श्रीलंका ने ड्रॉ की नीव पहले सत्र में ही डाल दी थी जब टीम ने 29 ओवर में बिना विकेट खोए 100 रन बना लिए थे। दूसरे सत्र में टीम ने 2 विकेट गंवाए जिसके कारण टीम बहुत धीमे खेली और 31.2 ओवर में सिर्फ 54 रन बनाए। अंतिम सत्र में टीम ने 46 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट गंवाया।

पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुशा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए नाबाद 133 रन की पारी के दौरान 264 गेंद का सामना किया और भारत को जीत से वंचित कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में और आठ चौके और दो छक्के जड़े। कल के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुशा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया।

दिनुशा की अगुआई में श्रीलंका ने दूसरी पारी में जब 154 ओवर में 9 विकेट पर 429 रन बनाए थे तब दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। इस समय श्रीलंका को 216 रन की बढ़त हासिल थी।श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुशा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया।

दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की दौरान 246 गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद लाहिरू कुमारा (12 रन, 90 गेंद) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के दौरान भी मिलकर 170 गेंद खेली जिससे भारत की जीत हासिल करने की रही सही उम्मीद भी टूट गई।

भारत की ओर से रविंद्र जडेजा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने एक-एक विकेट चटकाया।भारत ने इससे पूर्व अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम दिनुशा के 103 रन के बावजूद 290 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था।

भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए।

स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे।श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे।

पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे।

पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया।

जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया।लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा।

दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी।जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।

दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया।कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।

कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने से मुश्किल हुआ WTC Final का सपना अब हर सीरीज नॉकआउट

INDvsSL श्रीलंका ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ  करावाकर भारत की स्थित विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र 2025-27 में मुश्किल कर दी है। भारत ने भले ही यह सीरीज 1-0 से जीत ली है लेकिन अब उसको आने वाले दोनों सीरीज के लगभग सारे मैच जीतने होंगे। ज्यादा से ज्यादा टीम एक ड्रॉ और खेल सकती है लेकिन हार उसे अंक तालिका में और भी नीचे गिरा देगी। फिलहाल टीम 51.51 की जीत प्रतिशत से पांचवे पायदान पर खड़ी है।

यह इस चक्र में भारत का दूसरा ड्रॉ है। पहला ड्रॉ इंग्लैंड के खिलाफ हुआ था। कुल मिलाकर भारत की 5 जीत 4 हार और 2 ड्रॉ हैं। तालिका में 2 ड्रॉ का असर एक हार जैसा होता है। इस कारण भारत की यह पांचवी हार भी कही जा सकती है।

भारत की स्थिति पर एक नजर:

टेस्ट 11
जीत 5
हार 4
ड्रॉ 2
अंक प्रतिशत 51.51

आगामी सीरीज़:

न्यूज़ीलैंड (विदेशी धरती पर) 2 टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया (घरेलू धरती पर) 5 टेस्ट

त्रिकोणीय मुकाबले ने भारत को डाला मुश्किल में

न्यूजीलैंड अगर इंग्लैंड से 2-1 या 3-0 से टेस्ट सीरीज हार जाती तो भारत के फायदे की बात होती लेकिन न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से सीरीज हराकर भारत की स्थिति थोड़ी और मुश्किल कर दी है। फिलहाल मुकाबला 3 टीमों ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच लग रहा है। भारत के लिए 7 में से जो 2 सबसे ज्यादा मुश्किल मुकाबले हैं वह न्यूजीलैंड के खिलाफ ही देखने को मिलेंगे।  ऑस्ट्रेलिया भारतीय धरती पर बोर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी।

इसका मतलब है 5 जीत और दो ड्रॉ (80 अंक) या 7 जीत (84 अंक)। इनमें से पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होंगे, जिसके विरुद्ध भारत ने 2008 से अब तक घरेलू मैदान पर पिछली पांच सीरीज़ में 12-2 का रिकॉर्ड बनाया है।पिछले WTC चक्र में फ़ाइनलिस्ट टीमों का अंक प्रतिशत 69.44 (दक्षिण अफ़्रीका) और 67.54 (ऑस्ट्रेलिया) था।

5 जीत और दो हार भारत को 62.96 प्रतिशत तक ले जाएंगी, जबकि 7 जीत और 1 हार के साथ वह 68.52 प्रतिशत पर पहुंचेगा।यानी भारत के पास अब भी ग़लती की बहुत कम गुंजाइश बची है।

पहले वैभव फिर यशस्वी…मैदान पर बढ़ते विवादों पर भड़के मांजरेकर, पूर्व दिग्गज ने की सख्त सजा की मांग!

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। वहीं इस मुकाबले के दौरान मैच के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई थी। इसके बाद आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों पर 25% मैच फीस का जुर्माना और 1 डिमेरिट पॉइंट लगाया है। इससे पहले श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की भी गेंदबाज विशेन हलम्बागे से झड़प हुई थी। हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने दोनों खिलाड़ियों के मैदान पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई है। मांजरेकर का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर अपने व्यवहार को लेकर ज्यादा संयम रखना चाहिए।

आईसीसी-बीसीसीआई को लेकर कही ये बात

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंटेटर और एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहे संजय मांजरेकर ने X पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ICC और BCCI से मैदान पर खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। मांजरेकर ने X पर लिखा कि, “वैभव सूर्यवंशी के बाद अब यशस्वी जायसवाल भी मैदान पर ऐसे व्यवहार के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने ICC और BCCI से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर खिलाड़ियों को ऐसी हरकतों के लिए लगातार बचाया जाएगा, तो वे आगे भी ऐसा व्यवहार दोहरा सकते हैं। यह न तो क्रिकेट के लिए अच्छा है और न ही खिलाड़ियों के भविष्य के लिए।”

क्यों भिड़े जायसवाल

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच भिड़ंत 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

जून में श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई सीरीज के दौरान सुपर ओवर में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी एक खिलाड़ी से बहस में उलझ गए थे। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका A के विशेन हलम्बागे को धक्का भी दिया था। 15 साल की उम्र में इस तरह के व्यवहार को लेकर संजय मांजरेकर ने चिंता जताई है।

ऋषभ पंत की चोट है गंभीर, गेंदबाजी कोच के बयान से टीम और फैंस चिंता में

भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मंगलवार को कहा कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को कंधे पर ‘काफी चोट’ लगी है जिससे उनकी मूवमेंट प्रभावित हुई है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह श्रीलंका के खिलाफ यहां चल रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन मैदान पर लौटेंगे।

पंत ने यहां तीसरे दिन विकेटकीपिंग नहीं की और ध्रुव जुरेल ने उनकी जगह यह जिम्मेदारी निभाई।दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर चोट लगने के बाद पंत ड्रेसिंग रूम में हाथ में पट्टी बांधकर दिखे।

मोर्कल ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऋषभ के कंधे पर चोट लगी है। इस बारे में कल रात भी चर्चा हुई थी क्योंकि उन्हें काफी चोट लगी है। मुझे लगता है कि आज सुबह वार्मअप करने की कोशिश के दौरान उनकी मूवमेंट सीमित थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब हम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेंगे और उम्मीद है कि कल वह हमारे लिए विकेटों के पीछे मौजूद होंगे। उनका वहां होना महत्वपूर्ण है क्योंकि खेल को समझने की उनकी क्षमता असाधारण है।’’

मोर्कल ने कहा कि अगर कुलदीप यादव दूसरे टेस्ट से पहले वायरल बुखार की चपेट में नहीं आए होते तो चयन के लिए उनके नाम पर विचार किया जाता।उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, चयन मेरे हाथ में नहीं है। मुझे लगता है कि पहले टेस्ट के लिए उन्हें कुछ निश्चित भूमिकाएं निभाने को कहा गया था जो थोड़ा मुश्किल टेस्ट था। लेकिन मेरे हिसाब से वह अंतिम चयन के दावेदारों में जरूर होते।’’

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि भारत बुधवार को जल्द से जल्द श्रीलंका के बचे हुए दो विकेट हासिल करके बढ़त अपने पक्ष में बनाए रखना चाहेगा। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा, केशरा नुवंता और लाहिरू कुमारा ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं। मोर्कल ने कहा कि क्रिकेट में ऐसे दौर आते रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जितनी जल्दी हो सके मैदान से बाहर आना चाहते हैं, हमेशा यही योजना होती है। लेकिन यह खेल का हिस्सा है। कभी-कभी कूकाबूरा गेंद थोड़ी नरम हो जाती है और पिच से गेंद को अतिरिक्त तेजी दिलाना काफी मुश्किल होता है।’’मोर्कल ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि उन्होंने (श्रीलंका ने) काफी अच्छी बल्लेबाजी की और वहां अच्छी साझेदारी बनाई। मुझे नहीं लगता कि उन्हें गेंदबाजी करने में हमें कोई परेशानी हुई, यह सिर्फ खेल की प्रकृति है।’’

कृष्णा और सुथार के 3-3 विकेट, सोनल लड़ रहे श्रीलंका को फॉलोऑन से बचाने के लिए

INDvsSL प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार के 3-3 विकेट के कारण भारत ने 83.4 ओवरों में श्रीलंका के 265 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए हैं। इसके बाद बारिश के कारण मैच को रोकना पड़ा। अंतिम सत्र में श्रीलंका ने काहिरा का विकेट खोया और लाहिरू 8 रन और सोनल दिनूशा 85 रन पर क्रीज पर खड़े हुए हैं। श्रीलंका अभी भारत से 239 रन पीछे है और फॉलोऑन टालने के लिए मेजबान को 39 रन चाहिए।

श्रीलंका ने सुबह दो विकेट पर आठ रन से आगे खेलना शुरू किया और पहले सत्र में 122 रन जोड़े। बारिश के कारण देर से शुरू हुए दूसरे सत्र में उसने 86 रन जोड़े और इस बीच तीन विकेट गंवाए।मानव सुथार की सटीक गेंदबाजी से भारत ने लंच के बाद श्रीलंका को शुरुआती झटका दिया। सुथार की गेंद धनंजय डी सिल्वा के बल्ले का किनारा देकर पहली स्लिप में केएल राहुल के सुरक्षित हाथों में चली गई।

लेकिन श्रीलंका को सबसे बड़ा झटका पासिंदु सूरियाबंडारा (80) के आउट होने से लगा, जिन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। रविंद्र जडेजा ने उन्हें चकमा देकर बोल्ड किया।इसके दो रन बाद मोहम्मद सिराज ने लेग साइड से डाली गई एक साधारण सी गेंद पर निरोशन डिकवेला को आउट कर दिया। विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने उनका कैच लिया।

पहले सत्र के खेल के दौरान ऋषभ पंत की जगह क्षेत्ररक्षण करने आए सरफराज खान, मोहम्मद सिराज और श्रीलंकाई बल्लेबाजों के बीच हुई जुबानी जंग से यह सत्र और भी रोमांचक हो गया।प्रसिद्ध कृष्णा ने दिन के सातवें ओवर में ही अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे कामिल मिसारा (19) को विकेट के पीछे कैच करा दिया। प्रसिद्ध की तेजी से उठती गेंद को मिसारा नहीं समझ पाए। गेंद उनके बल्ले को चूमकर विकेटकीपर जुरेल के हाथों में चली गई।

लेकिन सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस (32) ने भारत को लगभग दो घंटे तक विकेट से महरूम रखा। इन दोनों बल्लेबाजों ने मानव सुथार और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे सारांश जैन को हावी नहीं होने दिया।ऑफ स्पिनर जैन ने कुछ उछाल और टर्न हासिल किया लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाजों को परेशानी में नहीं डाल सके। सूरियाबंडारा और मेंडिस ने चौथे विकेट के लिए 87 रन जोड़े।

इसमें अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे सूरियाबंडारा का योगदान महत्वपूर्ण रहा। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज में 76 गेंद पर अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।दूसरी ओर, मेंडिस ने मानव सुथार की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से छक्का लगाकर अपने इरादे स्पष्ट किए। प्रसिद्ध ने लंच से ठीक पहले तेजी से उछाल लेती गेंद पर मेंडिस को मिड विकेट पर खड़े रविंद्र जडेजा के हाथों कैच कराकर यह साझेदारी तोड़ी।

कोलंबो टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम हुई और कमजोर, इन दो युवाओं पर खेला दांव

श्रीलंका के लिए गॉल टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 5 मैचों में दूसरी हार थी जिससे श्रीलंका की स्थिति खराब हुई। कोलंबो में यह बद से बदत्तर हो सकती है क्योंकि टीम के 3 अनुभवी बल्लेबाज पथुम निसंका, कुशल मेंडिस और दिनेश चंदीमल चोट के कारण बाहर है। ऐसे में टीम को नए चेहरों पर दांव खेलना पड़ा है।

श्रीलंका ने भारत के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के लिए ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर साहन अरच्चिगे और बल्लेबाज कामिल मिशारा को टीम में शामिल किया है।भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

अरच्चिगे को रमेश मेंडिस की जगह टीम में लिया गया है। उन्होंने अब तक 5 वनडे और 1 T20I मैच खेला है।अरच्चिगे ने पिछले महीने श्रीलंका ए की कप्तानी करते हुए भारत A के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने कुल 209 रन बनाए थे और वह साई सुदर्शन (332 रन) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज मिशारा ने टीम में निशान फर्नांडो की जगह ली, जिनका पहले टेस्ट मैच में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।निशान फर्नांडो ने अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ दो पारियों में अर्धशतक जड़े थे और कोई भी भारतीय गेंदबाज उनका विकेट नहीं ले पाया था लेकिन पहले टेस्ट में वह उम्मीद पर खरे नहीं उतरे और गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर दोनों बार मोहम्मद सिराज का शिकार बने।

पासिंदु सूरियाबंदारा चोटिल दिनेश चांदीमल की जगह टीम में बने रहेंगे।चांदीमल दूसरे टेस्ट से अपने आप बाहर हो गए हैं क्योंकि आईसीसी के नियमों के अनुसार, सिर में चोट के कारण सब्स्टीट्यूट किए गए खिलाड़ी सात दिनों तक नहीं खेल सकते। गॉल में चौथे दिन उनके बाहर होने से पसिनदु सूरियाबंदारा के डेब्यू का रास्ता साफ हुआ। सूरियाबंदारा अपनी पहली टेस्ट पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए थे, लेकिन फिर भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रख सकते हैं।

वहीं, निसांका जून में हुई अपनी कलाई की सर्जरी से उबरने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) के शुरुआती दौर में हैमस्ट्रिंग की चोट लगने के बाद से मेंडिस ने कोई भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। टेस्ट टीम में उनकी जगह निरोशन डिकवेला को शामिल किया गया था, और पहली पारी में 80 रन बनाने के बाद, डिकवेला के अपनी जगह बनाए रखने की संभावना है।

दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम: लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदारा, कामिंदु मेंडिस (उप कप्तान), धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सहान अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशारा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायके, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो।

सबसे अनुभवी बल्लेबाज के बिना श्रीलंका को पीछा करना होगा 372 रनों का लक्ष्य

INDvsSL श्रीलंका के सबसे अनुभवी बल्लेबाज जिन्होंने टीम को गॉल में साल 2015 में भारत के खिलाफ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी वह मौजूदा गॉल टेस्ट से बाहर हो चुके हैं। दिनेश चंदीमल ने आज चौथे दिन के चौथे ओवर में राहुल के एक शॉट को रोकने के चक्कर में अपनी गर्दन और कंधे चोटिल कर लिये।

हालांकि श्रीलंका के लिए खबर बहुत बुरी से सिर्फ बुरी है और उनको 10 नहीं बल्कि 11 बल्लेबाजों के साथ खेलना होगा। गर्दन और कंधे की चोट के कारण श्रीलंका टीम को कनकशन सबस्टीट्यूट मिल गया है। उनकी जगह टीम के लिए पसींदू सूर्यबंदारा खेलेंगे जो अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ खेले थे।

हालांकि सबसे अनुभवी बल्लेबाज  दिनेश चंदीमल के ना होने से श्रीलंका खुश नहीं होगी भले ही उन्होंने पहली पारी में सिर्फ 15 गेंदों में 4 रन ही क्यों ना बनाए हों। पसींदू सूर्यबंदारा ने अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ मिली अच्छी शुरुआत को भुना नहीं पाए थे और दूसरी पारी में फ्लॉप रहे थे। पहली पारी में उन्होंने 35 रन बनाे थे और दूसरी पारी में सिर्फ 4 रन बना पाए थे।उनके आने से श्रीलंका को कोई फायदा भी नहीं हुआ क्योंकि दूसरी पारी में वह बिना खाता खोले मानव सुथार की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए।

गौरतलब है कि 36 वर्षीय दिनेश चंदीमल अपने सौंवे टेस्ट खेलने के करीब हैं। अब तक उन्होंने अपने करियर में 92 टेस्ट मैच खेलकर 6500 रन बनाए हैं। उनका औसत 43 का है जिसमने 16 शतक और 36 अर्धशतक शामिल हैं।

पंत के आतिशी अर्धशतक की बदौलत भारत पहुंचा 194 रनों तक, श्रीलंका को जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य

ऋषभ पंत के आतिशी अर्धशतक के कारण भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में दूसरी पारी में 10 विकेटों के नुकसान पर 193 रन बना लिए। भारत पहली पारी के आधार पर मेजबान श्रीलंका से 178 रन आगे था। इस कारण अब श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन बनाने होंगे।

आज सुबह भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले अशिता की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डीकल के बीच 80 रनों की साझेदारी हुई लेकिन गिल और राहुल के जाने के बाद टीम ने संभलकर खेला। पड्डीकल भी अपने पचास रन नहीं बना पाए और 44 रनों पर आउट हो गए।

इसके बाद क्रीज पर आए ऋषभ पंत ने टेस्ट में चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी की । उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और एक छक्का ऐसा मारा कि गॉल स्टेडियम के बाहर गेंद जाकर गिरी। हालांकि दूसरे छोर से विकेटों का पतन बदस्तूर जारी रहा और भारत 193 रन बना पाया। श्रीलंका को यह मैच जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे।