Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद हुए। हालांकि,मिडकैप शेयरों पर दबाव देखने को मिला और मिडकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं,निफ्टी बैंक में लगभग फ्लैट क्लोजिंग रही। आज सेंसेक्स 363 प्वाइंट चढ़कर 76,515 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 24 प्वाइंट चढ़कर 23,898 पर बंद हुआ। कैपिटल मार्केट और मेटल शेयरों में खरीदारी रही। रियल्टी,फार्मा और IT शेयरों पर दबाव रहा।

बैंक निफ्टी 11 प्वाइंट गिरकर 57,370 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 156 प्वाइंट गिरकर 63,079 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 28 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में खरीदारी दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 9 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स ने लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और मामूली रिकवरी की। पूरे हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मिडकैप 100 गिरावट के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण ग्लोबल इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। इससे भारत के लिए फिस्कल और महंगाई से जुड़े जोखिम और बढ़ गए।

इसी दौरान,ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी बिकवाली हुई,जिससे सॉवरेन बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। US ट्रेजरी यील्ड में हुई इस बढ़ोतरी ने भारत समेत दुनिया भर के इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया।

घरेलू मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भारत की Q1FY27 रियल GDP ग्रोथ शानदार 7.8% पर रही। इसने एक्सपोर्ट और इन्वेस्टमेंट में मजबूत ग्रोथ के दम पर बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स उत्साहजनक बने हुए हैं,लेकिन त्योहारों के बाद की रफ्तार अहम बनी रहेगी।

इस हफ्ते भारतीय रुपये ने क्रूड ऑयल और यील्ड के दबाव के बावजूद मजबूती दिखाई,जिसे फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट इनफ्लो का सहारा मिला।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होने से भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी रही। हालांकि,ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा वसूली और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेज़ी सीमित रही। निवेशकों की नज़र आज आने वाले अमेरिकी रोज़गार के आंकड़ों पर है,जबकि ब्याज दरों की आगे की चाल का अंदाज़ा लगाने के लिए अगले हफ़्ते आने वाले अमेरिकी CPI के आंकड़े अहम होंगे।

अगस्त में कोर महंगाई में मामूली गिरावट की उम्मीदों से फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने में कुछ समय के लिए रोक लगने की संभावना मजबूत हो सकती है और इससे बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव को काबू में रखने में मदद मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर,पूरे बाजार में खास शेयरों और सेक्टरों में खरीदारी देखी गई और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने इंट्राडे में अब तक के नए उच्चतम स्तर को छुआ। मजबूत अर्निंग ग्रोथ, टिकाऊ आर्थिक विकास और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग से ब्रॉडर मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में 107 अंको की सीमित ट्रेडिंग रेंज देखी गई और यह 0.10% की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इंडेक्स ने अपर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा के बारे में पक्के संकेत न होने का इशारा है। पिछले पांच सेशन में निफ्टी लगभग 348 अंको की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जब तक कि किसी भी तरफ कोई निर्णायक ब्रेकआउट न हो जाए तब तक लगातार कंसोलिडेशन होने के संकेत दे रहा है।

टेक्निकल नजरिए से निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे निकट अवधि का स्ट्रक्चर सतर्कता वाला बना हुआ है। डेली RSI 30–50 ज़ोन में बना हुआ है,जो स्पष्ट मोमेंटम की कमी को दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे नेगेटिव रुझान बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX ट्रेंड की तेजी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का संकेत है,जिससे पता चलता है कि उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है और दोनों तरफ के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

आगे 23750–23700 का जोन जो 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बराबर है, निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह लेवल 23700 टूटता है तो 23600–23570 के लेवल तक और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ,24050–24080 तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। लगातार 24080 के ऊपर बने रहने पर निफ्टी में 24200 के लेवल तक वापसी हो सकती है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी लगभग 24 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। इंडेक्स 0.02% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ और डेली चार्ट पर एक छोटी बॉडी वाली ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई,जिसके दोनों तरफ विक्स (wicks) थीं। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। डेली RSI 50 के स्तर के आसपास न्यूट्रल बना रहा, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी को दिखाता है।

आगे 56900–56800 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। ऊपर की तरफ,57800–57900 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन से ऊपर ब्रेकआउट या 56800 से नीचे ब्रेकडाउन मौजूदा कंसोलिडेशन के दौर को खत्म कर सकता है और किसी खास दिशा में बड़ी चाल की शुरुआत हो सकती है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rise: 4 दिन बाद शानदार तेजी, सेंसेक्स 594 अंक तक उछला; लेकिन निवेशकों ने गंवाए ₹18000 करोड़

शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 सितंबर को सुबह के कारोबार में शानदार तेजी है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर करीब 594 अंक तक उछल गया। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 18000 करोड़ रुपये घट गया। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 76,746.80 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर 76.4 अंकों की बढ़त के साथ 23,949.85 के हाई तक गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह 4,88,53,640.70 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 18,052.644 करोड़ रुपये की कमी।

एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

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रुपया और मजबूत

4 सितंबर को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 94.46 पर पहुंच गया। एक दिन पहले अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 4 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : गुरुवार, 3 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। US फ़ेडरल रिज़र्व के साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इस आशंका के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.55% गिरकर 76,152 पर बंद हुआ। ये दोनों इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट लेकर बंद हुए। हालांकि, हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। इसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.40% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.27% की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी, मीडिया, केमिकल और प्राइवेट बैंक के शेयरों में खरीदारी आई। वहीं, IT, FMCG, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार की रिकवरी की कोशिशें असफल हो गईं। ग्लोबल स्तर पर मिले अच्छे संकेतों और FII के नए निवेश के बावजूद, लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने बाजारर को सपोर्ट दिया। स्मॉल-कैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। यह घरेलू विकास की संभावनाओं में भरोसे को दिखाता है। कच्चे तेल की लगातार बनी ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि भारत की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी और हाल ही में सॉवरेन रेटिंग में सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं। लेकिन बाजार की निकट भविष्य की दिशा मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो और जियोपॉलिटिकल जोखिमों में होने वाली घट-बढ़ पर निर्भर करेगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा और वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के कारण निफ्टी गैप-अप के साथ खुला। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सेशन आगे बढ़ा बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स नीचे आ गया। नतीजतन अंत में निफ्टी 0.17% गिरकर दिन के निचले स्तर के पास 24,873.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि IT और FMCG शेयरों पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.37% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.20% ऊपर बंद हुआ।

शुरुआत में मार्केट को ग्लोबल मार्केट में रिकवरी, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी, FII की खरीदारी और RBI के उम्मीद से ज़्यादा FCNR डिपॉजिट रोलओवर से सपोर्ट मिला, जिससे मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि ये फैक्टर ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित करते रहते हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ़्टी को रिकवरी के दौरान रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत है। इसके लिए 23,800 का जोन शॉर्ट-टर्म के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटता है, तो 23,700–23,600 के जोन की ओर गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर, 24,000–24,150 का जोन रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर मार्केट मोमेंटम को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट पर खास फोकस रखते हुए सतर्क और स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़े तो बाजार में सावधानी बरती जा सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि इंस्टीट्यूशनल निवेश में स्थिरता और भारत की मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है। खास तौर पर ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की रणनीति अपनाने की जरूरत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई, लेकिन राइजिंग चैनल के निचले बैंड के पास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली टाइमफ्रेम पर ‘डार्क क्लाउड कवर’ कैंडलस्टिक पैटर्न बना है जो निकट भविष्य में कमजोरी बने रहने का संकेत देता है। निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 23,850 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700–23,730 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,000 पर रेजिस्टेंस है। मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।

 

बाजार में इस समय निफ्टी का टेक्सचर काफी खराब, अभी इंडेक्स में कोई पोजिशन कैरी नहीं करें

 

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Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारो में बढ़त

Stock Market live Updates : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मज़बूती के साथ खुल सकता है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ लगभग 24,082.50 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। वहीं, वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया,जिसके चलते 2 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और लगातार तीसरे दिन भी बिकवाली का दौर जारी रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

रिकवरी के बावजूद Sensex 374 प्वाइंट्स कमजोर, Nifty 23914 पर बंद, डूबे निवेशकों के ₹2.69 लाख करोड़

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध की आंच तेज हुई तो कच्चा तेल उबल पड़ा और इन दोनों ने मिलकर दुनिया भर में कोहराम मचा दिया। घरेलू स्टॉक मार्केट में सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया और निचले स्तर पर रिकवरी के बावजूद यह गहरे लाल बंद हुआ। ब्रोडर लेवल पर भी रिकवरी हल्की ही रही और शुरुआती कारोबार में 1% की गिरावट से हल्की रिकवरी के साथ निफ्टी मिडकैप 100 आज 0.53% तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.37% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवाइज आईटी और आईटी सेक्टर ने मार्केट पर ऐसा दबाव बनाया कि यह संभल ही नहीं पाया। निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक और निफ्टी आईटी 1% से अधिक कमजोर हुआ। सरकारी बैंकों ने रिकवरी तो कर ली लेकिन इसके निफ्टी इंडेक्स में बढ़त मामूली रही तो दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट आई। बिकवाली के इस दबाव में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 02 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 373.93 प्वाइंट्स यानी 0.49% की फिसलन के साथ 76,570.35 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 141.35 प्वाइंट्स यानी 0.59% की कमजोरी के साथ 23,914.45 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।

निवेशकों के ₹2.69 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 01 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। आज यानी 02 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,86,72,129.50 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹269,860.14 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 10 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 10 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और पावरग्रिड सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 सेकंड में ₹5 लाख करोड़ साफ, Sensex में 800 अंकों की गिरावट, Nifty 23800 के नीचे

Share Market Crash: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध गहराने से घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप में 1-1% की गिरावट है। निफ्टी के सभी सेक्टर्स के इंडेक्स लाल हैं। ओवरऑल बात करें तो BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5.60 लाख करोड़ घट गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही ₹5.60 लाख करोड़ कम हो गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 706.50 प्वाइंट्स यानी 0.92% की गिरावट के साथ 76,237.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 235.40 प्वाइंट्स यानी 0.98% की फिसलन के साथ 23,820.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।

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निवेशकों की दौलत में ₹5.60 लाख करोड़ की गिरावट

एक कारोबारी दिन पहले यानी 01 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। आज यानी 02 सितंबर 2026 को मार्केट खुलते ही यह ₹4,83,81,902.24 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी ₹5,60,087.4 करोड़ घट गई है।

Sensex का सिर्फ एक शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ एक सन फार्मा ही फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें भी तेजी मामूली ही है। सबसे अधिक गिरावट फिलहाल इंडिगो, इंफोसिस और एमएंडएम में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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63 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 2836 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 895 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1766 में गिरावट का रुझान है और 175 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा 63 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 71 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 97 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sensex लगातार दूसरे दिन लाल, एक्सपायरी को Nifty 24056 पर बंद, डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes red: उम्मीद से बेहतर जीडीपी ग्रोथ और निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग से मार्केट में तेज रिकवरी आई लेकिन फिर कच्चे तेल के उबाल और बैंकिंग शेयरों की बिकवाली का दबाव अधिक भारी पड़ गया। इस दबाव में डे-हाई से सेंसेक्स 576 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप स्पेस में अधिक दबाव दिखा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 आज 0.25% कमजोर हुआ तो निफ्टी मिडकैप 100 भी 1.39% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवाइज एफएमसीजी और आईटी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1% मजबूत हुए। हालांकि ऑटो, बैंकिंग और फार्मा स्टॉक्स का दबाव अधिक भारी पड़ गया। निफ्टी फार्मा आज करीब डेढ़ फीसदी तो निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक 1% से अधिक और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ। बिकवाली की इस आंधी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो महीने के पहले कारोबारी दिन आज 1 सितंबर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 12.99 प्वाइंट्स यानी 0.02% की मामूली फिसलन के साथ 76,944.28 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.60 प्वाइंट्स यानी 0.10% की कमजोरी के साथ 24,055.80 पर बंद हुआ है।

इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उठा-पटक दिखी। पहले तो सेंसेक्स 193.01 प्वाइंट्स गिरकर 76,764.26 तक आया था, जिससे फिर यह 467.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,231.87 के हाई तक पहुंचा लेकिन फिर इस हाई से यह 575.75 प्वाइंट्स टूटकर 76,656.12 तक आ गया। वहीं निफ्टी भी 70.90 प्वाइंट्स टूटकर 24,009.50 तक आया था, जिससे यह फिर 133.65 प्वाइंट्स ऊपर चढ़कर 24,143.15 तक पहुंचा था लेकिन फिर इस हाई लेवल से यह 190.60 प्वाइंट्स टूटकर 23,952.55 तक आ गया।

डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,58,204.57 करोड़ था। आज यानी 1 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,88,11,607.93 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,46,596.64 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 13 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 13 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज आईटीसी, एचसीएलटेक और इंफोसिस सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ मारुति, एसबीआई और इंडिगो में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

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रक्षाबंधन के बाद Sensex लाल, 24100 के नीचे बंद Nifty, निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ साफ

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचा तो कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी आंच में एशियाई मार्केट झुलस गया और घरेलू मार्केट में भी बिकवाली की आंधी चलने लगी। इस दबाव में सेंसेक्स 513 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव तेज रहा लेकिन मिडकैप में रिकवरी दिखी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में करीब आधे फीसदी की गिरावट से उबरते हुए अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से अधिक टूट गया।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज प्राइवेट बैंकों और फार्मा कंपनियों ने संभालने की काफी कोशिश की लेकिन मेटल और एफएमसीजी का दबाव अधिक भारी पड़ गया। आईटी सेक्टर ने रिकवरी की काफी कोशिश की लेकिन 1% से अधिक गिरावट से उबरते हुए इसकी गिरावट आधे फीसदी से थोड़ी कम रह ही गई। वहीं निफ्टी प्राइवेट में करीब 1% तो निफ्टी फार्मा में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त रही तो निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आ गया। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 31 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 307.24 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 76,957.27 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.25 प्वाइंट्स यानी 0.39% की कमजोरी के साथ 24,080.40 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 513.19 प्वाइंट्स फिसलकर 76,751.32 और निफ्टी 182.05 प्वाइंट्स गिरकर 23,993.60 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹3.79 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 28 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,94,12,415.27 करोड़ था। आज यानी 31 अगस्त 2026 को यह घटकर ₹4,90,33,359.29 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹379,055.98 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 10 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 10 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी और एयरटेल में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।