Gift Nifty Indictor: बाजार पर हावी हो सकते है मंदड़िए, गिफ्ट निफ्टी 200 अंक नीचे, जानें आज निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए कौन से लेवल होंगे अहम

Gift Nifty Indictor: भारतीय बाजार आज 24, जुलाई को एक और कमजोर सेशन के लिए तैयार हैं। गिफ्ट निफ्टी पर ग्लोबल इक्विटी में बिकवाली और तेल की कीमतों में तेज गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी 50 की परफॉर्मेंस का शुरुआती इंडिकेटर,  गिफ्ट निफ्टी  सुबह 8 बजे 23,656.50 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज 23,873.60 से 205 पॉइंट्स नीचे है।

बता दें कि गुरुवार को, बेंचमार्क में लगातार चौथे सेशन में गिरावट जारी रही, जो 6 जून के बाद से उनकी सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला था, क्योंकि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों ने सेंटिमेंट पर असर डाला। निफ्टी 50 126.65 पॉइंट्स या 0.53% गिरकर 23,869.60 पर आ गया, जबकि सेंसेक्स 363.66 पॉइंट्स या 0.47% गिरकर 76,391.39 पर आ गया।

शुक्रवार को एशियाई मार्केट भी नीचे ट्रेड कर रहे थे, पिछले सेशन से हो रही गिरावट जारी रही क्योंकि तेल की ज़्यादा कीमतों और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बिकवाली के एक और दौर ने महंगाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले इन्वेस्टमेंट के आउटलुक को लेकर चिंता बढ़ा दी। जापान का निक्केई 225 2.46 परसेंट गिरा, साउथ कोरिया का कोस्पी 3.04 परसेंट गिरा, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.57 परसेंट गिरा और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.01 परसेंट फिसला।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में तेज़ी आने से गुरुवार को U.S. इक्विटीज़ तेज़ी से नीचे बंद हुईं, जबकि इन्वेस्टर्स दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों की तिमाही कमाई का अंदाज़ा लगा रहे थे। अल्फाबेट के नतीजों ने बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खर्च को लेकर चिंता बढ़ा दी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 506.93 पॉइंट्स या 0.97 परसेंट गिरकर 51,711.65 पर आ गया। S&P 500 1.21 परसेंट गिरकर 7,408.30 पर आ गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 2.15 परसेंट गिरकर 25,137.69 पर आ गया। टेक्नोलॉजी-हैवी इंडेक्स पर अल्फाबेट में 7 परसेंट और टेस्ला में 14 परसेंट की गिरावट का असर पड़ा, जो उनकी अर्निंग्स रिपोर्ट के बाद आई।

रेड सी में टैंकरों पर हूथी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट संघर्ष में एक नया मोर्चा खुलने के बाद ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले बढ़ाने की धमकी दी थी। ग्लोबल बेंचमार्क गुरुवार को दो महीने में पहली बार $100 के निशान से ऊपर चढ़ गया और इस हफ्ते इसमें लगभग 14 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $92 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था।

ट्रंप ने रेड सी में जहाजों पर और हमले होने पर ईरान और हूथी दोनों के लिए “बड़ी मिलिट्री सज़ा” की चेतावनी दी और एक्सियोस को बताया कि वह ईरान पर “बड़े हमले” पर विचार कर रहे हैं।

तेल बाज़ार रूस के ब्लैक सी कोस्ट पर कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल पर हुए हमलों से भी जूझ रहा है, जो कज़ाकिस्तान का ज़्यादातर क्रूड एक्सपोर्ट करता है। मिडिल ईस्ट में महीनों से चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल इन्वेंटरी कम हो गई है, जिससे सप्लाई कम होने और बड़े पैमाने पर आर्थिक झटके का खतरा बढ़ गया है।

इस महीने तेल की कीमतों में तेज़ी आई है क्योंकि फ़ारस की खाड़ी में US और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ गई है, जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट से ट्रैफ़िक में रुकावट आई है और क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस के फ्लो पर असर पड़ा है। रेड सी में ईरान-समर्थित हूथी मिलिटेंट्स द्वारा सऊदी अरब के टैंकरों पर पहले हमलों ने पूरे इलाके में सप्लाई में बड़े पैमाने पर रुकावटों को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए क्या होगा आज आउटलुक 

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर बात करते हुए एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि  बैंक निफ्टी के नेगेटिव बायस के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है, जिससे हाल के सेशन में देखी गई लगातार कमजोरी और बढ़ेगी। इंडेक्स अपने मुख्य रेजिस्टेंस लेवल से नीचे बना हुआ है और अपने 200-दिन के EMA (56,495) से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि बेयर्स शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पर मजबूती से कंट्रोल में हैं। टेक्निकल नजरिए से, 56,800–56,900 ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस है, इसके बाद 57,200–57,300 ज़ोन और ऊपर है।

नीचे की तरफ, 56,400–56,300 ज़ोन तुरंत सपोर्ट बना हुआ है, जो पिछले सेशन में मजबूत बना हुआ था। इस लेवल से नीचे एक बड़ा ब्रेक सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है और इंडेक्स 56,000–55,800 सपोर्ट ज़ोन की ओर खिंच सकता है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है, इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर में काफ़ी सुधार लाने और मोमेंटम को बुल्स के पक्ष में करने के लिए 57,000 मार्क से ऊपर लगातार मूव जरूरी होगा।

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट ने कहा, “तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ने और जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के कारण बाज़ार फिर से साफ़ तौर पर रिस्क-ऑफ मोड में आ गए हैं। मज़बूत कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स पर सख्त फाइनेंशियल हालात और बढ़ते रिस्क से बचने की प्रवृत्ति का असर पड़ सकता है। निफ्टी के लिए, 23,600 एक मुख्य सपोर्ट लेवल बना हुआ है, जबकि 24,000 तुरंत रेजिस्टेंस है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हाहाकार, ₹4 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex तीसरे दिन लाल, Nifty टूटकर 24000 के नीचे बंद

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबाल आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे दिन फिसले। इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24,000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज काफी दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में तो थोड़ी अधिक ही। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से थोड़ी अधिक गिरावट आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 1% से अधिक टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज आज ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की लेकिन बाकी अहम सेक्टर्स के दबाव में घबराहट गायब नहीं हो पाई। निफ्टी एफएमसीजी आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ तो निफ्टी ऑटो भी बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं रियल्टी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक, निफ्टी पीएसयू बैंक करीब 2%, निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% से अधिक, निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी, और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक कमजोर हुआ। बिकवाली के इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत ₹4 लाख करोड़ से अधिक कम हो गई।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के एक दिन पहले आज सेंसेक्स (Sensex) 715.06 प्वाइंट्स यानी 0.92% की कमजोरी के साथ 76,755.05 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 191.45 प्वाइंट्स यानी 0.79% की गिरावट के साथ 23,996.25 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 828.92 प्वाइंट्स टूटकर 76,641.19 और निफ्टी 226.30 प्वाइंट्स गिरकर 23,961.40 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹4.16 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 21 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,84,21,297.62 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,04,542.03 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹416,755.59 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 12 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से आज सिर्फ 12 ही ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की एटर्नल, एचयूएल और पावरग्रिड में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज इंडिगो, एक्सिस बैंक और इंफोसिस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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114 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4418 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 1473 शेयर आज मजबूत हुए तो 2762 में गिरावट रही जबकि 183 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 114 शेयर एक साल के हाई और 100 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर से लगी आग, आपकी जेब पर भी पड़ेगा महंगे क्रूड का असर

क्रूड ऑयल की कीमतों में 22 जुलाई को बड़ी तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड 2.76 फीसदी चढ़कर 93.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 2.83 फीसदी की तेजी के साथ 86.74 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार और भारत की करेंसी रुपये पर भी पड़ा। निफ्टी में 0.76 फीसदी यानी 186 अंक की गिरावट दिखी, जबकि सेंसेक्स करीब 700 अंक क्रैश कर गया।

क्रूड में उछाल का असर रुपये पर भी पड़ा। डॉलर के मुकाबले यह 11 पैसे गिरकर 96.36 के लेवल पर आ गया। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल की वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती लड़ाई है। अमेरिकी ने लगातार 11वें दिन ईरान पर हमला जारी रखा। ईरान भी जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशान बना रहा है। टेंशन बढ़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ऑयल टैंकर्स की आवाजाही बाधित है। इससे क्रूड की कीमतें चढ़ रही हैं।

इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू हुई थी। उसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया था। एक समय ब्रेट क्रूड का प्राइस 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान से क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट आई थी। लेकिन, मध्यपूर्व में टेंशन फिर बढ़ने से क्रूड की कीमतें चढ़ने लगी हैं। क्रूड की कीमतों में उछाल भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है।

पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, क्रूड की कीमतों में उछाल की वजह से जून तिमाही में भारत का क्रूड इंपोर्ट बिल एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 60 फीसदी ज्यादा रहा। भारत अपनी जरूरत के 88 फीसदी क्रूड ऑयल का इंपोर्ट करता है। इस वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल से सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ जाता है।

पहले ही क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने पर भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। इससे दिल्ली में पेट्रोल का प्राइस प्रति लीटर 102.12 रुपये और मुंबई में 111.21 रुपये पहुंच गया है। दिल्ली में डीजल की कीमतें भी 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। अगर क्रूड में तेजी जारी रहती है तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां फिर से पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो सकती है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।

महंगे पेट्रोल और डीजल से महंगाई बढ़ने का डर है। मई और जून में रिटेल इनफ्लेशन बढ़ा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईंधन खासकर डीजल महंगा होने से कई चीजों की कीमतें बढ़ती हैं। इसकी वजह यह है कि डीजल का इस्तेमाल ट्रांसपोर्टेशन के लिए होता है। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से फल-सब्जी सहित रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती है। पहले से ही प्याज सहित कई चीजों की कीमतों में उछाल दिख रहा है। इससे परिवारों के बजट पर बोझ बढ़ गया है।

Share Market Crash: खास वजहों से IT-Pharma Sector में बिकवाली की आंधी, 500 प्वाइंट्स टूट गया Sensex

Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। फार्मा सेक्टर में जेनेरिक्स दवाईयों पर अमेरिकी टैरिफ और एआई से जुड़े शेयरों में तेजी के चलते भारतीय आईटी स्टॉक्स पर दबाव में सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24000 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी तक की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:34 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 564.77 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 76,905.34 और निफ्टी (Nifty) 158.00 प्वाइंट्स यानी 0.65% की फिसलन के साथ 24,029.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 581.61 प्वाइंट्स टूटकर 76,888.50 और निफ्टी 168.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,019.40 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

US-Iran War

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसने मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर किया है।

आईटी-फार्मा सेक्टर में तेज बिकवाली

मार्केट पर आज सबसे अधिक दबाव फार्मा सेक्टर ने बनाया है। ट्रंप ने अपनी पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयों को भी शामिल किया तो इस सेक्टर की कंपनियों को झटका लगा और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक फिसल गया। इसके अलावा एआई से जुड़े स्टॉक्स में तेजी के चलते भारतीय मार्केट में आईटी कंपनियों पर दबाव पड़ा और निफ्टी आईटी 1% से अधिक टूट गया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में भी बिकवाली का तेज दबाव है और सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 3.25% की गिरावट के साथ 13.01 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

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US-Iran War: अब आर-पार के मूड में ट्रंप! अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर पर की बमबारी, होर्मुज में बढ़ा तनाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला जारी है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के RED SEA BLOCKADE से कच्चे तेल में उछाल आया। ब्रेंट 92 डॉलर के पार निकला। इधर कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव दिखा रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत मिल रहे है। जापान का बाजार निक्केई 2 परसेंट तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6% ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US INDICES में अच्छी बढ़त दिखी। सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

HDFC Bank की गिरावट पर Sensex-Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण निवेशकों पर बरसे ₹2 लाख करोड़

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबला आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन फिसले। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) जैसे हैवीवेट स्टॉक में गिरावट के चलते इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम बढ़त रही तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज मार्केट में सबसे अच्छी रौनक रियल्टी सेक्टर में दिखी जिसके निफ्टी इंडेक्स में 1% से अधिक बढ़त रही। निफ्टी ऑटो में 1% से थोड़ी कम बढ़त रही। वहीं दूसरी तरफ सरकारी बैंकों में बिकवाली का दबाव दिखा और इसका निफ्टी इंडेक्स 0.88% कमजोर हुआ तो निफ्टी आईटी भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 238.41 प्वाइंट्स यानी 0.31% की कमजोरी के साथ 77,470.11 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 50.80 प्वाइंट्स यानी 0.21% की गिरावट के साथ 24,187.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 371.19 प्वाइंट्स टूटकर 77,337.33 और निफ्टी 102.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,135.65 तक आ गया था।

₹2.15 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 20 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,82,19,644.97 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,84,29,159.65 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,09,514.68 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है

Sensex के 21 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 21 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज बजाज फिनसर्व, इंडिगो और अल्ट्राटेक सीमेंट में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एचडीएफसी बैंक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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 131 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4399 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2188 शेयर आज मजबूत हुए तो 2021 में गिरावट रही जबकि 190 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 131 शेयर एक साल के हाई और 90 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 15 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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पश्चिमी एशिया में क्या है स्थिति

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10वीं रात किया ताबड़तोड़ हमला किया तो दूसरी तरफ इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वीकेंड पर अमेरिकी सैनिकों की हुई मौतों और नुकसान से भड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भयंकर बदले की कसम खाई है। अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य और व्यापारिक नेटवर्क पर चौतरफा हमला बोल दिया है। ईरानी सेना ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज अमेजन के सेंट्रल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई क्रूज मिसाइलों से हमला कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

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लगातार 10वीं रात अमेरिका ने ईरान पर किया तबाही वाला हमला, इस बीच 17 अमेरिकी सैनिक मारे गए तो ट्रंप ने खाई ये कसम

ईरान का सबसे भीषण पलटवार! बहरीन में अमेजन का सेंट्रल डेटा सेंटर तबाह, कुवैत से जॉर्डन तक अमेरिकी ठिकानों पर हमला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी का शेयर बना रॉकेट, जून तमाही के जोरदार नतीजों का असर

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयरों में 21 जुलाई को पंख लग गए। शेयर सुबह में मजबूत खुले। उसके बाद अच्छी खरीदारी से रॉकेट बन गए। 12 बजे शेयर का प्राइस एनएसई में 10:41 फीसदी के उछाल के 674 रुपये चल रहा था। बीते छह महीनों में यह शेयर 58 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में रिटेल सेल्स 49 फीसदी बढ़ा

Bluestone Jewellery and Lifestyle के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में उसका शानदार प्रदर्शन है। कंपनी ने 20 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया, जिससे उसके शेयरों पर इसका असर 21 जून को देखने को मिला। जून तिमाही में कंपनी का रिटेल सेल्स साल दर साल आधार पर 49 फीसदी बढ़ा है।

कंपनी के कंज्यूमर बेस में 21 फीसदी इजाफा

ब्लूस्टोन ज्वेलरी का रेवेन्यू जून तिमाही में बढ़कर 733 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तार का हाथ है। साल दर साल आधार पर कंपनी ने अपना कंज्यूमर बेस 21 फीसदी तक बढ़ाया। रिपीट कस्टमर्स से भी कंपनी को अच्छा सपोर्ट मिला। इससे कंपनी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ी है।

एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 21 करोड़ रुपये का एडजस्टेड नेट लॉस हुआ था। कंपनी जून तिमाही में लॉस से प्रॉफिट में आई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में बढ़ी है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त में शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे।

अगले पांच सालों में मुनाफा बनाने की क्षमता बढ़ेगी

ब्लूस्टोन ज्वेलरी मुंबई की ज्वैलरी कंपनी है। कंपनी ने अगले पांच सालों में कंपनी को मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ गौरव कुशवाहा ने कहा, “हमने छह साल पहले ऑपरेशन शुरू किया था। हमारे आधे से ज्यादा स्टोर्स तीन साल से कम पुराने हैं। आगे इन स्टोर्स का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है।”

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी 

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 12:15 बजे निफ्टी 0.28 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,172 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.34 फीसदी यानी 267 अंक गरकर 77,445 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.08 फीसदी की हल्की गिरावट देखने को मिली। 20 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

GIFT Nifty Indicator: “बुल्स या बीयर” आज किस ओर रुख करेगा बाजार, जानें सेंसेक्स-निफ्टी के लिए गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहे संकेत

GIFT Nifty Indicator: मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, लगातार विदेशी इंस्टीट्यूशनल सेलिंग और ग्लोबल ऑयल मार्केट में मामूली गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे है। यहीं कारण है कि निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी मंगलवार को नीचे खुल सकते हैं। GIFT Nifty गैप-डाउन शुरुआत का संकेत दे रहा है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8:20 बजे 24,181 पर ट्रेड कर रहा था, जो 112 पॉइंट या 0.46 फीसदी नीचे था, जिससे पता चलता है कि Nifty 50 सोमवार के 24,238.50 के क्लोजिंग से काफी नीचे खुल सकता है। यह कमजोर संकेत तब मिला जब सोमवार को भारतीय इक्विटीज नीचे बंद हुए, जो जून-तिमाही की कमाई और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बाद प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में भारी बिकवाली की वजह से नीचे आ गए। सेंसेक्स 442.93 पॉइंट्स या 0.57 परसेंट गिरकर 77,708.52 पर आ गया, जबकि निफ्टी 95.80 पॉइंट्स या 0.39 परसेंट गिरकर 24,238.50 पर आ गया।

एशिया बाजारों में तेजी

मंगलवार को एशियाई इक्विटी में बढ़त हुई क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों की उम्मीदों से तेल की कीमतें एक महीने के ऊंचे लेवल से नीचे आ गईं, हालांकि इन्वेस्टर्स जियोपॉलिटिकल रिस्क और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की लीडरशिप में कॉर्पोरेट अर्निंग्स के बिज़ी हफ़्ते पर फोकस करते रहे।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स लगातार तीन सेशन की गिरावट के बाद 0.25 परसेंट बढ़ा। जापान का निक्केई 1 परसेंट से ज़्यादा बढ़ा, जबकि साउथ कोरिया का KOSPI लगभग 3 परसेंट चढ़ा। US स्टॉक फ्यूचर्स बढ़े, हालांकि यूरोपियन फ्यूचर्स ने कमजोर शुरुआत का इशारा किया।

यमन के ईरान-समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर नेवल ब्लॉकेड की धमकी के बाद भी मार्केट वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए हैं, जबकि रिपोर्ट्स में बताया गया है कि US और ईरान के बीच नाजुक सीज़फ़ायर को फिर से शुरू करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें चल रही हैं।

क्रूड में दबाव

ब्रेंट क्रूड मंगलवार को फिसल गया, जबकि पिछले सेशन में यह $91.42 पर पहुंच गया था, जो जून के बीच के बाद इसका सबसे ऊंचा लेवल है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.4 परसेंट गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड थोड़ा बदलकर $82.47 प्रति बैरल पर आ गया। हालाँकि तेल की कीमतें हाल के हाई से कम हुई हैं, लेकिन जियोपॉलिटिकल टेंशन एनर्जी मार्केट को किनारे पर रखे हुए हैं और भारत जैसी इन्फ्लेशन-सेंसिटिव इकॉनमी के लिए एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।

US स्टॉक्स सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए क्योंकि इन्वेस्टर्स बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे और मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट्स पर नज़र रख रहे थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 परसेंट गिरा, S&P 500 0.19 परसेंट गिरा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.05 परसेंट फिसला।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, FII की लगातार बिकवाली और रुपये में लगातार कमजोरी के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जून-तिमाही के कमाई के मौसम में स्टॉक से जुड़े एक्शन की संभावना है, जबकि जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर ज़्यादा क्लैरिटी आने तक बड़े मार्केट का सेंटिमेंट ग्लोबल डेवलपमेंट, एनर्जी की कीमतों और कैपिटल फ्लो के प्रति सेंसिटिव रहेगा।

पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी में सावधानी से कंस्ट्रक्टिव झुकाव बना हुआ है, जिसमें 24,300-24,400 तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। इस बैंड से ऊपर लगातार मूव 24,500-24,600 की ओर रास्ता बना सकता है। उन्होंने कहा कि नीचे की तरफ, 24,100 मुख्य सपोर्ट है, और इससे नीचे जाने पर 24,000 के लेवल पर नई बिकवाली शुरू हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी, तीन लिस्टिंग, इंट्रा-डे में Indigo-Bajaj Healthcare समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 117 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 24,166 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 20 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

बजाज ऑटो, बंधन बैंक, जेएसडब्ल्यू इंफ्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, आवास फाइनेंशियर्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, एंथम बायोसाइंसेज, अदाणी टोटल गैस, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, क्रिसिल, इंडियन होटल्स कंपनी, मास्टेक, मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज, ट्राइडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी और वेल्सपन स्पेशलिटी सॉल्यूशंस आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

इन कंपनियों के तिमाही नतीजे पेश

Bajaj Healthcare Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बजाज हेल्थकेयर का प्रॉफिट 14.1% बढ़कर ₹13.9 करोड़ और रेवेन्यू 11.3% उछलकर ₹165.6 करोड़ पर पहुंच गया।

SML Mahindra Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर एसएमएल महिंद्रा का प्रॉफिट 5% गिरकर ₹63.6 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 13.2% उछलकर ₹957.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Sobha Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर सोभा का प्रॉफिट करीब 4 गुना बढ़कर ₹13.6 करोड़ से ₹50.8 करोड़ और रेवेन्यू 50% उछलकर ₹1,278.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Canara HSBC Life Insurance Company Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट 20.2% बढ़कर ₹28.1 करोड़, नेट प्रीमियम इनकम 23.8% उछलकर ₹2,407.5 करोड़ और नेट कमीशन 21.8% चढ़कर ₹117.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Rallis India Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर रैलिस इंडिया का प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ और रेवेन्यू 6.8% उछलकर ₹1,022 करोड़ पर पहुंच गया।

Bluestone Jewellery and Lifestyle Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ब्लूस्टोन ज्वैलरी ₹34.5 करोड़ के घाटे से ₹6.96 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो इस दौरान रेवेन्यू भी 49.6% उछलकर ₹736.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Wanbury

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13 जुलाई से 17 जुलाई, 2026 तक वानबरी की आंध्र प्रदेश में स्थित फैसिलिटी में cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) की नियमित जांच की और इस जांच के बाद छह ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Redington

रेडिंगटन ने रियल-टाइम ऑडियंस एंगेजमेंट सॉल्यूशंस में ग्लोबल लीडर रिजल्टिक्स के साथ पांच साल के लिए एक स्ट्रैटेजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंडिगो ने एयरबस ए320 नियो फैमिली के 510 जहाजों के लिए 1 हजार से अधिक लीप-1ए इंजन्स के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एमओयू किया है। लीप इंजन्स के लिए यह अब तक सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर होगा और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक रिकॉर्ड होगा। इसमें इंजन MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) को लेकर भी लॉन्ग-टर्म मैटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत बात बनी है।

बल्क डील्स

Sparc Electrex

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने स्पार्क इलेक्ट्रेक्स में 0.33% हिस्सेदारी वाले 66,001 इक्विटी शेयर ₹3.04 लाख में प्रति शेयर ₹4.61 के भाव पर बेचे हैं।

Accent Microcell

प्रमोटर घनश्याम अर्जनभाई पटेल ने एक्सेंट माइक्रोसेल के 3.9 लाख शेयर (1.62% हिस्सेदारी) ₹20.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹521.01 के भाव पर बेचे हैं।

Gandhar Oil Refinery India

नियोमाइल ग्रोथ फंड-सीरीज I ने गांधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 8.64 लाख शेयर (0.88% हिस्सेदारी) ₹19.4 करोड़ में प्रति शेयर ₹224.8 के भाव पर खरीदे हैं।

Horizon Reclaim

फिनएवेन्यू ग्रोथ फंड ने होरिजोन रिक्लेम (इंडिया) के 1.93 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) ₹2.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹155 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

आज एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज एंजेल वन, चोलमंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी, इंडो बोराक्स एंड केमिकल्स, जारो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, केसॉल्व्स इंडिया, लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, पंजाब एंड सिंध बैंक, और रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स और होरीजोन रीक्लेम के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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