Market View : कमजोर बाजार में भी करनी है कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव, नहीं होंगे निराश

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,200 के नीचे आ गया। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 676.84 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 77,474.61 पर और निफ्टी 168.45 अंक या 0.69 प्रतिशत गिरकर 24,165.85 पर कारोबार कर रहा था। लगभग 1480 शेयरों में बढ़त देखी देखने को मिल रही थी। 1331 शेयरों में गिरावट आई थी और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में ICICI बैंक,टेक महिंद्रा,ONGC,JSW स्टील और सिप्ला शामिल थे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,HDFC बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक,इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फाइनेंस शामिल थे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में बाजार की आगे की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24381-24423 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24505-24545/24593 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24161 पर और बड़ा बेस 24139-24063 पर है। शुक्रवार को बड़े नतीजों से पहले तेज मूव देखने के मिला। दिन का हाई 24366 रहा। रेजिस्टेंस-1 पार करते ही निफ्टी सीधे रेजिस्टेंस-2 तक पहुंचा। तेजी सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित रही, मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही। FIIs ने कैश में बिकवाली की,लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में जोरदार खरीदारी की।

FIIs की भारी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट करीब 2.16 लाख पर आ गए। 24200, 24100 और 24000 पर मजबूत पुट राइटिंग देखने को मिली। 24500-24600 पर हल्की कॉल राइटिंग मौजूद है। जियोपॉलिटिकल सेटअप निगेटिव और $90 के करीब क्रूड से चिंता है। आज बड़ी कंपनियों के नतीजों का रिएक्शन दिखेगा। चिप शेयरों में कमजोरी जारी है। कई बड़े ग्लोबल इंडेक्स दबाव में हैं। रेजिस्टेंस-1 (200DEMA+50WEMA) पार हुआ तो रंजिस्टेंस-2 भी संभव है। 24381-24423 के ऊपर टिकने पर 24505-24593 की तरफ बढ़त संभव है। फिलहाल आंकड़ो के मुताबिक 24593-628 संभव है। 24210-24161 पर बेस है। पुट राइटिंग के मद्देनजर बेस-1 के करीब गिरावट में एंट्री का सही मौका होगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58710-58978/59040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 59378-59513/59719 पर है। इसके लिए पहला बेस 58210-58045 और बड़ा बेस 57811-57631 पर है। आज बड़े प्राइवेट बैकों के नतीजों का असर दिखेगा। ICICI बैंक के शानदार नतीजों से सपोर्ट मुमकिन है। 90 डॉलर के करीब कच्चा तेल बाजार के लिए चिंता का विषय है। शुक्रवार की तेज तेजी के बाद 59000 पर कॉल राइटिंग बढ़ी है। 58000 के आसपास मजबूत पुट राइटिंग बनी हुई है।

कच्चे तेल और मिले-जुले नतीजों के बीच लेवल टू लेवल ट्रेड करें। 58710 के ऊपर टिकने पर 58978-59040 तक तेजी संभव है। अगली बड़ी चाल 59040 के ऊपर टिकने पर ही बनेगी। 59040 के ऊपर बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस-2 की ओर बढ़ सकता है। जब तक बेस-1 बचा हुआ है BUY ON DIPS की रणनीति रखें। पुट राइटर्स के जोन टूटने तक बैंक निफ्टी में मजबूती संभव है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी कोलगेट पॉमोलिव (COLPAL) में 2014 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 2090 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, कोटक बैंक में इनकी 384 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Live:निफ्टी 24200 के नीचे फिसला,Q1 नतीजों के बाद HDFC बैंक और एक्सिस बैंक में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंक टूटा

 

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Stocks to Watch: HDFC Bank, Cipla और PNB समेत इन स्टॉक्स पर फोकस, खास वजहों से तेज हलचल की उम्मीद

Stocks to Watch:  कच्चे तेल में उबाल पर वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एक कारोबारी दिन पहले 17 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 964.58 प्वाइंट्स यानी 1.25% के उछाल के साथ 78,151.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 261.55 प्वाइंट्स यानी 1.09% की बढ़त के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

Reliance Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹23,196 करोड़, ग्रास रेवेन्यू 24.5% उछलकर ₹3.4 लाख करोड़, ईबीआईटीडीए 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 18% से 15.9% पर आ गया।

Jio Platforms Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़, रेवेन्यू 11.8% उछलकर ₹39,173 करोड़, ईबीआईटीडीए 15.1% बढ़कर ₹20,865 करोड़ और मार्जिन 51.8% से 53.3% पर पहुंच गया।

HDFC Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,059.7 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 6.7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 78.8% गिरकर ₹3,059.8 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.15% से बढ़कर 1.17% तो नेट एनपीए 0.38% से उछलकर 0.41% पर पहुंच गया।

ICICI Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 15.9% बढ़कर ₹14,804.5 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 12.7% बढ़कर ₹24,384.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 30.5% गिरकर ₹1,260.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.40% से गिरकर 1.38% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.33% से उछलकर 0.35% पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 9.2% चढ़कर ₹7,928.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 44.7% गिरकर ₹668.1 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.20% से गिरकर 1.18% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.25% से उछलकर 0.27% पर पहुंच गया।

Axis Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एक्सिस बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 22.5% बढ़कर ₹7,113.9 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 8% चढ़कर ₹14,646.1 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 43.7% गिरकर ₹2,222.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.23% से बढ़कर 1.28% और नेट एनपीए 0.37% से उछलकर 0.39% पर पहुंच गया।

Punjab National Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब नेशनल बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 213.6% बढ़कर ₹5,253.3 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% चढ़कर ₹10,798.4 करोड़ और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 67.5% उछलकर ₹541.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का टैक्स पर खर्च 66% घटकर ₹1,724.7 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से फिसलकर 0.28% पर आ गया।

Oberoi Realty Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओबेराय रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹543.5 करोड़ और रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,300.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

NATCO Pharma

नाटको फार्मा को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से ओलापारिब 100 mg और 150 mg टैबलेट के लिए टेंटेटिव अप्रूवल मिला है। ये टैबलेट एस्ट्राजेनेका फार्मा की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्रग लिनपार्जा (Lynparza) टैबलेट की बायोइक्विवेलेंट हैं। यह टैबलेट नाटको बनाएगी औक अमेरिका में इसे एलेम्बिक फार्मा बेचेगी। इंडस्ट्री के सेल्स डेटा के अनुसार मार्च 2026 को खत्म होने वाले 12 महीनों में ओलापारिब टैबलेट की अमेरिका में अनुमानित बिक्री लगभग $140 करोड़ रही।

Samvardhana Motherson International

समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल को जापान की अदालत से युताका गिकेन में 81% हिस्सेदारी और युताका गिकेन की सब्सिडियरी शिनिची कोग्यो कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने की मंज़ूरी मिल गई है। शिनिची में युताका गिकेन की 62% हिस्सेदारी है।

GAIL India

गेल (इंडिया) ने देश की लॉन्ग-टर्म रिसोर्स सिक्योरिटी को सपोर्ट करने के लिए अहम मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए खनिज विदेश इंडिया (KABIL) के साथ एक एमओयू किया है।

Aditya Birla Capital

आदित्य बिड़ला कैपिटल ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी शेयरों में राइट्स इश्यू के जरिए ₹484.5 करोड़ का निवेश किया है।

Sterlite Technologies

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की अमेरिकी सब्सिडियरी एसटीएल ऑप्टिकल कनेक्टिविटी ने अमेरिका की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक के नेटवर्क पर फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपना नया एडवांस्ड FTTH सॉल्यूशन CONCAT लॉन्च किया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13-17 जुलाई के बीच न्यूयॉर्क में सिप्ला की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी इनवाजेन फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नियमित तौर पर होने वाली cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) जांच की और आखिरी में एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Power Grid Corporation of India

पावर ग्रिड ने फतेहगढ़-II ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सफल बोली लगाई है। इस प्रोजेक्ट में फतेहगढ़-II पावर स्टेशन पर दो सिंक्रोनस कंडेंसर और उनसे जुड़े बे (bays) को लगाने और चालू करने का काम है।

Force Motors

अमित प्रमोद जोशी ने निजी कारणों से फोर्स मोटर्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 17 जुलाई से प्रभावी है।

SpiceJet

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पाइसजेट पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न यानी भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस के इस्तेमाल पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।

बल्क डील्स

Landmark Cars

हेलियोस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹520.28 के भाव पर लग्जरी कार रिटेलर लैंडमार्क कार्स के 2.45 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹12.79 करोड़ में खरीदे।

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया के 5.94 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹138.4 करोड़ में ₹2,330.03 के भाव पर बेचे।

Updater Services

एसआईएस ने प्रति शेयर ₹193.71 के भाव पर अपडेटर सर्विसेज के 6.53 लाख शेयर (0.97% हिस्सेदारी) ₹12.66 करोड़ में और खरीदे। जून 2026 तक एसआईएस के पास कंपनी में पहले से ही 4.88% हिस्सेदारी थी। वहीं दूसरी तरफ हेज फंड ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड I ने अपडेटर सर्विसेज में अपनी लगभग पूरी हिस्सेदारी बेच दी। फंड ने ₹15.8 करोड़ में 8.17 लाख शेयर ₹193.27 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक फंड के पास कंपनी में 1.25% हिस्सेदारी (8.39 लाख शेयर) थी।

Rappid Valves India

एजिस इन्वेस्टमेंट फंड ने रैपिड वाल्व्स (इंडिया) के 2.06 लाख शेयर (3.97% हिस्सेदारी) ₹6.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.4 के भाव पर खरीदे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड ने ₹323.7 के भाव पर रैपिड वाल्व्स के 1.45 लाख शेयर (2.79% होल्डिंग) ₹4.7 करोड़ में और अशोक कुमार धारीवाल ने प्रति शेयर ₹338 के भाव पर ₹1.25 करोड़ में 37,200 शेयर बेचे। मार्च 2026 तक महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड के पास रैपिड वाल्व्स में 5.58% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आदित्य इन्फोटेक, एक्सेलरेटबीएस इंडिया, फेयरकेम ऑर्गेनिक्स, ग्रेफाइट इंडिया, हैप्पी फोर्जिंग्स, केपीआर मिल, एनडीआर ऑटो कंपोनेंट्स, नेलकास्ट, नेस्को, पोकरना, क्वेस्ट कैपिटल मार्केट्स और एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

Asian Market : US-Iran तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार, एशियाई बाजारों पर बना दबाव

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Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। सिर्फ कंपनी के प्रमोटर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओएफएस में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे

Lohia Corp कानपुर की कंपनी है। यह टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाती है। ऑफर फॉर सेल में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे। 23 जुलाई को ही दो और आईपीओ आ रहे हैं। इसलिए इनवेस्टर्स को सोच-समझकर आईपीओ में निवेश करने की सलाह है। आईपीओ से आने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स की जेब में जाएगा। कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।

30 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे शेयर 

कंपनी ने ओएफएस में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटा दी है। पहले ओएफएस में 4.22 करोड़ शेयरों को बेचने का प्लान था। इस इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 27 जुलाई तक इनवेस्ट कर सकते हैं। शेयरों का ऐलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर स्टॉक एक्सचेंज में 30 जुलाई को लिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज के लिए 2 लाख शेयर रिजर्व किए हैं। कंपनी ने अभी प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया है।

कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी बनाती है

इस आईपीओ का सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ओएफएस में लोहिया फैमिली अपने शेयर्स बेचेगी। लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह टेप एक्सट्रूशन लाइंस, सर्कुलर लूम, कोटिंग एंड लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग एंड कनवर्सन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है।

FY26 में प्रॉफिट में 64.2 फीसदी का उछाल

FY26 में कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 64.2 फीसदी बढ़कर 193.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले प्रॉफिट 117.8 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 24.7 फीसदी बढ़कर 1,717 करोड़ रुपये रहा। Rajoo Engineers, Lakshmi Machine Works (LMW) और ममता मशीनरी इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां हैं।

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शेयर बाजार के सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट 

यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है। अमेरिका-ईरान की लड़ाई फिर से उग्र रूप धारण करने और क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद शेयर बाजारों में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24,000 अंक के लेवल के ऊपर बना हुआ है। 17 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में जबर्दस्त तेजी आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शानदार रह सकता है। स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, लगातार अच्छा कैपिटल एक्सपेंडिचर और क्रेडिट एक्सपैंशन इसकी वजह होगी। हालांकि, इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में इजाफा हो सकता है। एललामा की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

चुनौतियों की बीच इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी

इस रिपोर्ट में इनफ्लेशन बढ़ने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऑयल की दोगुनी कीमतों को बर्दाश्त किया है। महंगे ऑयल के बावजूद 7.8 फीसदी ग्रोथ बनाए रखी है। भारतीय इकोनॉमी ज्यादातर दूसरी बड़ी इकोनॉमीज के मुकाबले मजबूत है। 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 59.3 है।

निफ्टी की वैल्यूएशन 10 साल के एवरेज के मुकाबले कम

इनफ्लेशन को चिंता की वजह बताते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनफ्लेशन बढ़ने के 9-15 महीनों के दौरान मार्केट में तेजी दिखी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी अपने 10 साल के एवरेज 18.6 के पी/ई के मुकाबले 17.7 पी/ई पर आ गया है। इस हिसाब से महंगे बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार सस्ता है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल भारतीय शेयर बाजारों में अब तक 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 45.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस रिपोर्ट में एनर्जी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।

बाजार के लिए ये हैं कुछ बड़े रिस्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल, आरबीआई के उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और जल्द डिसइनफ्लेशन जैसे रिस्क बने हुए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट और साइक्लिकल्स में ओवरवेट बने रहना ठीक होगा। जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारत को लेकर बदला है। उन्होंने भारत में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है।

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17 जुलाई को प्रमुख सूचकाकों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने और क्रूड में उछाल के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। 17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी दिखी। निफ्टी 1.09 फीसदी यानी 261.55 फीसदी चढ़कर 24,334 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.25 फीसदी यानी 964 अंक के उछाल के साथ 78,151 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock Market Rally: शाइनिंग शुक्रवार, सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24300 के पार, निवेशकों पर ₹81698 करोड़ की बारिश

शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह काफी अच्छी रही। हरे निशान में ओपनिंग के बाद सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 1,095.68 अंक तक उछला। इसने 78,282.55 का मार्क छुआ। आईटी स्टॉक्स, बैंकिंग स्टॉक्स, ऑटो स्टॉक्स, रियल्टी स्टॉक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज व जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी के दम पर सेंसेक्स बाद में 964.58 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर दिन में पिछली क्लोजिंग से 294.55 अंक उछलकर 24,367.30 के हाई तक गया। बाद में यह 261.55 अंकों की बढ़त के साथ 24,334.30 पर सेटल हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 81,697.82 करोड़ रुपये बढ़ गया। गुरुवार, 16 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,80,10,512.78 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह बढ़कर 4,80,92,210.60 करोड़ रुपये हो गया।

market cap new1

एक दिन पहले क्या रहा था मार्केट का हाल

गुरुवार को सेंसेक्स लगभग फ्लैट रहा था। सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 5.75 अंक गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ था। आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में तेजी रही थी।

रुपये की चाल

17 जुलाई को रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 96.42 पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में नए तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी ने घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव पड़ा।

वैश्विक बाजारों की चाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में गिरावट है। निक्केई 225 लगभग 5 प्रतिशत नीचे है। हेंग सेंग 2 प्रतिशत, शंघाई वेटेड 3 प्रतिशत और ताइवान वेटेड 7 प्रतिशत गिरा है। जकार्ता कंपोजिट में 1 प्रतिशत की तेजी है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए भारतीय इक्विटी इंडेक्स, जानिए 20 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 17 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के ऊपर रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 964.58 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 78,151.45 पर और निफ्टी 261.55 अंक या 1.09 प्रतिशत बढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। लगभग 1632 शेयरों में बढ़त हुई, 2419 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक,टेक महिंद्रा,TCS,जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,डॉ. रेड्डीज़ लैब्स,विप्रो,सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी बैंक रहा,जिसमें 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी IT में 1.7 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरे बढ़त वाले सेक्टरों में निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में 1.3-1.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 0.7 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी फार्मा में 1.4 प्रतिशत और मेटल में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बाजार जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार के लिए पहली तिमाही के नतीजे मेन ट्रिगर होंगे,जिससे अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में हलचल दिखेगी। हालांकि,मिडिल ईस्ट में हो रही घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी अहम डिसाइडिंग फैक्टर बने रहेंगे। इनसे ब्याज दरों,कंपनियों की अर्निंग, महंगाई और देश के मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक के अनुमानों पर असर पड़ने की संभावना है।

टाटा म्यूचुअल फंड को उम्मीद है कि बेहतर होते मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल के दम पर FY27 में निफ्टी की अर्निंग्स में 15-17% की बढ़ोतरी होगी। इसका कहना है कि निफ्टी का वैल्यूएशन अपने लान्ग टर्म एवरेज से नीचे आ गया है,जो अगले 12-18 महीनों में इक्विटी रिटर्न के लिए एक अच्छा माहौल बनाता है। भारत का लॉन्ग-टर्म इक्विटी आउटलुक, बेहतर होते इन्वेस्टमेंट साइकल,क्रेडिट ग्रोथ,मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे सपोर्ट,रियल एस्टेट में रिकवरी और मज़बूत बैंकिंग फंडामेंटल्स की वजह से अच्छा बना हुआ है। FII की लगातार बिकवाली के बावजूद,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मज़बूत निवेश भारतीय इक्विटी को सपोर्ट कर रहा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि मार्केट की चाल में बदलाव दिख रहा है, जिसमें IT और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में लार्ज-कैप शेयरों की ओर जबरदस्त रुझान है। बिजनेस अपडेट्स और Q1 की कमाई की उम्मीदों को लेकर अच्छे माहौल से इसे सपोर्ट मिल रहा है। यह ट्रेंड मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों की वजह से दिख रहा है,जो महंगे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों से निकलकर बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल और आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों में निवेश कर रहे हैं।

साथ ही,FY27 की दूसरी छमाही (H2) में घरेलू मांग अच्छी रहने की उम्मीद में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी खरीदारी का रुझान दिख रहा है। कुल मिलाकर भारत के लिए बेहतर होते आउटलुक के बीच चुनिंदा शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग और खरीदारी के साथ ब्रॉडर मार्केट का रुख पॉजिटिव बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि इंडेक्स पांच दिन के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकल गया है। यह ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के बढ़ते भरोसे का संकेत है। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,RSI बुलिश क्रॉसओवर में आ गया है,जिससे पॉजिटिव मोमेंटम और मजबूत हुआ है। आने वाले समय में निफ्टी के मजबूत बने रहने और 24,800 के लेवल की ओर बढ़ने की संभावना है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार रिलायंस इंडस्ट्रीज,HDFC बैंक और ICICI बैंक के Q1FY27 नतीजों पर बारीकी से नजर रखेगा। इनसे बाजार की निकट भविष्य की दिशा तय होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर,बाजार के स्टॉक-स्पेसिफ़क रहने की संभावना है। अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Reliance Industries Share Price: Q1 नतीजों से पहले शेयर 2% उछला, तिमाही आधार पर 4% बढ़ सकता है EBITDA

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे आज, 17 जुलाई को जारी होने वाले हैं। पहले बोर्ड मीटिंग में इन पर चर्चा की जाएगी और इन्हें मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। तिमाही परफॉरमेंस की घोषणा से पहले RIL के शेयर में तेजी है। दिन में BSE पर शेयर की कीमत पिछले बंद भाव से लगभग 2.5 प्रतिशत तक उछलकर 1323.80 रुपये के हाई तक गई।

एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि कंपनी का अलग-अलग क्षेत्रों में फैला कारोबार, रिफाइनिंग मार्जिन में मजबूती और पेट्रोकेमिकल कारोबार से बेहतर मुनाफा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के असर को कम करने में मदद करेगा। CNBC-TV18 के एक पोल के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज जून 2026 तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले 3.7 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ 3.05 लाख करोड़ रुपये की आय दर्ज कर सकती है। EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो सकता है। मार्जिन 15 प्रतिशत पर स्थिर रह सकता है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है RIL

RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17.86 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 16 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,611.20 रुपये और एडजस्टेड लो 1,253.65 रुपये है।

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जियो फाइनेंशियल के कैसे रहे नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने जून 2026 तिमाही के नतीजे एक दिन पहले यानि कि 16 जुलाई को जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 227.28 प्रतिशत बढ़कर 2,004.47 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 612.46 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा एक साल पहले से 155.7 प्रतिशत बढ़कर 830.25 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में मुनाफा 324.66 करोड़ रुपये रहा था।

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Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 16 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए हैं। IT और कंज्यूमर सेंट्रिक शेयरों में बढ़त का असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में कमजोरी से खत्म हो गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1.44 अंक बढ़कर 77,186.87 पर और निफ्टी 5.75 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ। लगभग 1947 शेयरों में बढ़त हुई, 2119 शेयरों में गिरावट आई और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

अलग-अलग शेयरों में मिला-जुला असर दिखा। इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा, जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद विप्रो (+1.7%), बजाज फाइनेंस (+1.6%), HCL टेक्नोलॉजीज (+1.6%) और मारुति सुजुकी (+1.4%) रहे। गिरावट वाले शेयरों में, एटरनल 2.8% गिरा, जबकि SBI लाइफ इंश्योरेंस में 2.3% की गिरावट आई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.9% गिरा, HDFC बैंक 0.8% टूटा और श्रीराम फाइनेंस में 0.8% की गिरावट आई।

सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी मीडिया (+1%), निफ्टी IT (+0.7%) और निफ्टी ऑटो (+0.4%) रहे। निफ्टी FMCG (+0.25%) भी बढ़त के साथ बंद हुआ।

गिरावट वाले सेक्टरों में, निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जिसमें 1% की गिरावट आई। निफ्टी PSU बैंक 0.5% गिरा, इसके बाद निफ्टी मेटल (-0.3%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-0.3%) और निफ्टी बैंक (-0.3%) रहे।

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 0.4% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजार के कमजोर रुझानों के बीच निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती रही। महंगाई की चिंताओं ने फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर पर दबाव डाला, वहीं कुछ पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी फिर से लागू होने और मज़बूत कमाई के दम पर केमिकल सेक्टर एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा। उधर उम्मीद से कम अमेरिकी महंगाई दर ने ब्याज दरों से जुड़ी चिंताओं को कम किया और बाजार को कुछ सहारा दिया। आगे बाजार की नजर कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों के साथ-साथ मॉनसून की प्रगति पर रहेगी। इसके अलावा ग्लोबल स्थिति और महंगाई से जुड़ी घटनाएं बाजार की चाल पर असर डालती रहेंगी।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि निफ्टी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो न्यूट्रल रुख के साथ कंसोलिडेशन का संकेत है। टेक्निकल तौर पर इंडेक्स को 23,950–24,000 के जोन में मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 24,250–24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 24,500 के आसपास एक बड़ी रुकावट हो सकती है।

ऑप्शन चेन डेटा भी 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ‘पुट राइटिंग’ का संकेत दे रहा है, जो इसे एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर मजबूत करता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए, सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास उछाल पर बिकवाली की रणनीति सही रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बैंक निफ्टी इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाई है, जो अनिश्चितता का संकेत है क्योंकि इंडेक्स कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास स्थिर है, जो मज़बूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी का संकेत है। टेक्निकल तौर पर 56,800–57,000 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जबकि 58,200 का लेवल अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक रुख न्यूट्रल रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में सपोर्ट के पास ‘बाय-ऑन-डिप्स’ और रेजिस्टेंस के पास ‘सेल-ऑन-राइज़’ की रणनीति फायदेमंद रहेगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 23960-23930 के पास स्थित 50-डे का EMA जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा । अगर यह 23930 के लेवल से नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो और ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और इंडेक्स 23780 के लेवल तक गिर सकता है, जो अगला अहम सपोर्ट जोन बन सकता है।

ऊपर की तरफ, 24160-24200 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बनी हुई है। अगर इंडेक्स इस दीवार को पार कर जाता है, तो मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हो सकता है और और ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है। तब तक, इंडेक्स में एक तय रेंज के अंदर ही ट्रेडिंग होने की संभावना है।

 

 

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शेयरों में निवेश करने जा रहे हैं? पहले जान लीजिए एचएसबीसी ने Sensex के लिए क्या टारेगट दिया है

शेयर बाजार में सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई फिर से शुरू होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब बना हुआ है। इस बीच, विदेशी ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने 16 जुलाई को भारतीय कंपनियों के शेयरों की रेटिंग बढ़ा दी। उसने रेटिंग ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ कर दी ।

विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी

HSBC ने कहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कंपनियों की अर्निंग्स को लेकर रिस्क घटा है। रुपये को गिरने से रोकने के उपायों से विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी हुई है। एचएसबीसी ने 2026 के अंत में BSE Sensex का टारगेट बढ़ाकर 84,000 प्वाइंट्स कर दिया है। पहले उसने 80,500 का टारगेट प्राइस दिया था। इसका मतलब है कि सेंसेक्स मौजूदा लेवल से 8.6 फीसदी चढ़ सकता है।

2026 में सेंसेक्स और निफ्टी का रिटर्न निगेटिव

इस साल भारतीय शेयर बाजार का रिटर्न निगेटिव है। निफ्टी और सेंसेक्स 2026 में अब तक 7 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। एचएसबीसी की रिपोर्ट की मानें तो अगले छह महीनों में बाजार में हालात बदलने वाले हैं। एचएसबीसी ने पहले इस साल दिसंबर तक सेंसेक्स के लिए 80,500 अंक का टारेगट दिया था। इस बीच, India VIX 12.91 पर आ गया है। 16 जुलाई को इसमें 2.71 फीसदी गिरावट दिखी। इंडिया वीआईएक्स का 15 से नीचे होना बाजार के लिए पॉजिटिव है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स रिकॉर्ड ऊंचाई से 33% गिरा

क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर है। भारत क्रूड की अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी हिस्सा इंपोर्ट से पूरा करता है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अप्रैल में Brent curde Futures 126.41 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इस लेवल से क्रूड 33 फीसदी गिर चुका है।

क्रूड ऑयल में नरमी से मार्जिन पर दबाव घटा

एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “ऑयल में नरमी आई है। इससे मार्जिन पर दबाव थोड़ा कम हुआ है। अर्निंग्स डाउनग्रेड का रिस्क भी घटा है।” इस महीने की शुरुआत में गोल्डमैन सैक्स ने इंडिया के आउटलुक को बेहतर बताया था। उसने कमोडिटी की कीमतों में नरमी और रुपये में स्थिरता को इसकी वजह बताई थी।

जुलाई में विदेशी निवेशकों ने की 1.6 अरब डॉलर की खरीदारी

विदेशी निवेशकों का रुख भारतीय बाजार को लेकर बदलता दिख रहा है। जुलाई में उन्होंने अब तक 1.6 अरब डॉलर के शेयर खरीदे हैं। चार महीनों तक भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक शुद्ध खरीदार बन गए हैं। 2026 में उन्होंने भारतीय बाजार में 27.7 अरब डॉलर की बिकवाली की है। यह पिछले साल उनकी 18.9 अरब डॉलर की बिकवाली से ज्यादा है। इसकी बड़ी वजह AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी है।

फॉरेन इनवेस्टर्स ने की इस वजह से बिकवाली 

भारतीय बाजार में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की कमी है। इस वजह से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से पैसे निकाल अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में लगाए हैं। इससे इन बाजारों में अच्छी तेजी आई है। दक्षिण कोरिया का बाजार तो इस साल दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार बन गया है। वहां एआई कंपनियों के शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई हैं।