Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 15 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,100 के नीचे रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 561.46 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 77,054.94 पर और निफ्टी 158.95 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,052.05 पर बंद हुआ। लगभग 1422 शेयरों में बढ़त हुई,2632 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में शामिल शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,श्रीराम फाइनेंस,HDFC लाइफ,टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। जबकि, भारती एयरटेल,अपोलो हॉस्पिटल्स,सन फार्मा,TCS और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा गिरा (2%),इसके बाद निफ्टी PSU बैंक (-1.8%),निफ्टी ऑटो (-1.6%),निफ्टी बैंक (-1.1%) और निफ्टी IT (-1%) रहे। अन्य सेक्टरों में,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.8%,निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.6%,निफ्टी FMCG 0.6%,निफ्टी मीडिया 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.3% गिरे।

वहीं, दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा ने 1% की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया,इसके बाद निफ्टी मेटल रहा,जिसमें 0.60% की बढ़त हुई। छोटे-मझोले शेयर भी दबाव में रहे। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.4% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% गिरे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं हैं,जिससे घरेलू इक्विटी पर फिर से दबाव आ गया। इससे यह डर भी पैदा हो गया कि क्या ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावट भारत की कॉर्पोरेट कमाई में सुधार को और धीमा कर देगी। रुपये के डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार करने से मुश्किलें और बढ़ गईं। इससे इंपोर्टेड महंगाई की चिंता बढ़ी और अलग-अलग इंडस्ट्रीज में इनपुट कॉस्ट बढ़ने का डर पैदा हो गया।

इसका सबसे ज्यादा असर महंगाई और कॉस्ट-सेंसिटिव सेक्टर पर दिखा। ऑटो,फाइनेंशियल और रियल्टी सेक्टर में गिरावट के कारण बाजार नीचे आया। जबकि फार्मा सेक्टर ने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने’डिफेंसिव’शेयरों का सहारा लिया। इससे फार्मा सेक्टर को फायदा हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी ने भी बाजार में सावधानी का माहौल बनाए रखा और सेंटीमेंट को कमजोर किया। अब सबकी नजरें US फेड चेयर पर हैं,जिनके आने वाले बयान ग्लोबल ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। इस बीच,Q1 अर्निंग्स सीजन तो अच्छा चल रहा है,लेकिन जियोपॉलिटिकल रिस्क में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को कुछ हद तक कमजोर कर दिया है।

इक्विरस वेल्थ में MD और बिज़नेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू करेंसी में भारी गिरावट के कारण बैंकिंग,IT,ऑटोमोबाइल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली हुई,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स गिर गए।

US-ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आवाजाही को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। FIIs की ओर से घरेलू इक्विटी में नई बिकवाली के चलते निवेशक इक्विटी में निवेश करते समय सावधानी बरतेंगे और चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाएंगे।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि NSE के वीकली ऑप्शन की एक्सपायरी के कारण गैप-डाउन के साथ खुलने के बाद इंडेक्स एक दायरे में ही बना रहा। इसने पिछले दिन के निचले स्तर के आसपास सपोर्ट लिया और गिरती हुई ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहा। इंडेक्स 50 EMA के ऊपर भी बना रहा, जो इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

शॉर्ट टर्म में,जब तक इंडेक्स 23,950 के ऊपर रहता है,तब तक आउटलुक पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ यह 24,250–24,300 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,950 के नीचे बड़ी गिरावट मौजूदा तेजी वाले सेटअप को कमजोर कर सकती है और कंसोलिडेशन का दौर शुरू कर सकती है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में US-ईरान युद्धे से जुड़ी घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और Q1FY27 के अर्निंग्स सीजन की अहम भूमिका होगी। कंपनियों के मज़बूत नतीजों से बाजार को सहारा मिल सकता है,लेकिन जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और तेल की बढ़ती कीमतें निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बनाए रख सकती हैं।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडलस्टिक पैटर्न’बनाया है,जो ऊंचे लेवल पर बिकवाली का दबाव दिखाता है। इंडेक्स अपने 200 डे के मूविंग एवरेज के पास भी बंद हुआ है,इसलिए इस सपोर्ट जोन पर नजर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा,RSI ने’लोअर टॉप’बनाया है जो ऊपर की ओर बढ़ने की रफ्तार (मोमेंटम) में कमी का संकेत है।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी बैंक के लिए सपोर्ट 56,800–56,900 के जोनन में है। जबकि, तत्काल रेजिस्टेंस 58,200 के आसपास दिख रहा है। मोमेंटम कमजोर होने को देखते हुए,ट्रेडर्स को थोड़ा सतर्क रहना चाहिए और नई पोजीशन लेने से पहले किसी साफ चाल(डिसाइसिव मूव)का इंतजार करना चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी के 24000 के ऊपर टिके रहने तक हर गिरावट में करें खरीदारी, आईटी और ऑटो सेक्टर के ये दो शेयर कर सकते हैं कमाल

Market Trend : मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच,14 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,100 के नीचे कारोबार कर रहा है। 9.50 बजे के आसपास सेंसेक्स 462.88 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 77,153.52 पर और निफ्टी 118.00 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 24,093.00 पर कारोबार कर रहा है। लगभग 908 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। वहीं, 1363 शेयरों में गिरावट आई है और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में हिंडाल्को,ONGC,TCS,इंफोसिस और विप्रो शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में HCL टेक,श्रीराम फाइनेंस,इंटरग्लोब एविएशन,बजाज फाइनेंस और L&T शामिल हैं।

निफ्टी व्यू

बाजार की चाल पर बात करते हुए manasjaiswal.com के Technical Analyst मानस जायसवाल ने कहा कि कल गिरावट के साथ हुई ओपनिंग के बाद निफ्टी बैंक निफ्टी दोनों ने ही 20 डे मूविंग एवरेज पे सपोर्ट लिया और वहां पर बाइंग इंटरेस्ट देखने को मिला है। ऐसे में बाजार की ओवरऑल ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव लग रहा है। निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा तब तक हर गिरावट में खरीदारी करेंगे और 24,500 के आपको टारगेट सेट करके चलना चाहिए।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी की जहां तक बात है,ये जब तक 57,400 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा,यहां पर भी पॉजिटिव ट्रेंड बना रहेगा। उम्मीद कि यहां पर आउट परफॉर्मेंस देखने को मिलेगा और बहुत ही जल्द ही यह इंडेक्स 58,900 को ब्रेक करके 59,000 की तरफ जाने की कोशिश करेगा। दोनों ही इंडाइससेस के ट्रेंड पॉजिटिव है और डिप पर खरीदारी करने की राय रहेगी।

मानस जायसवाल के पसंदीदा शेयर

मानस जायसवाल की पहली रिकमेंडेशन बजाज ऑटो है, जहां पर इंट्राडे चार्ट पर इनवर्स पैटर्न का ब्रेकआउट देखने को मिला है। बजाज ऑटो में 10,240 रुपए के स्टॉप लॉस से खरीदारी करने की राय रहेगी। इसमें 10,700 तक के टारगेट्स पॉसिबल है।

इनकी दूसरा रेमेंडेशन टाटा एलेक्सी है। अब ऐसा लग रहा है कि इस स्टॉक ने 3600 रुपए के आसपास एक बॉटम बना लिया है। इसमें हायर टॉप फायर बॉटम्स का कंफर्मेशन है। स्टॉक 10 डे मूविंग एवरेज के ऊपर निकला है। टाटा एलेक्सी में 3765 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी करेंगे। इसमें 3975 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Waaree Energies Share Price: यूबीएस ने रेटिंग में किया बदलाव, टारगेट प्राइस में भी की 30% की कटौती, जानें क्या हैं इसकी वजह

Waaree Energies Share Price: कैपिटल गुड्स सेक्टर , Electric Equipment इंडस्ट्रीज की कंपनी वारी एनर्जीज लिमिटेड (Waaree Energies) के शेयरों में मंगलवार, 14 जुलाई को गिरावट देखने को मिली। शेयर एनएसई पर 09.50 बजे के आसपास 1.88 फीसदी गिरकर 2826 रुपये पर ट्रेड कर रहा। शेयर में यह आज यह गिरावट ब्रोकरेज फर्म UBS द्वारा स्टॉक की रेटिंग में बदलाव और टारगेट प्राइस में भारी कटौती के बाद आया है।

ब्रोकरेज फर्म UBS ने स्टॉक को ‘Buy’ से ‘Neutral’ रेटिंग कर दी है। साथ ही UBS ने अपने प्राइस टारगेट को पहले के ₹4,400 से 30% घटाकर ₹3,100 कर दिया। हालांकि, बदले हुए टारगेट से अभी भी सोमवार को स्टॉक के आखिरी क्लोजिंग प्राइस से 8% की संभावित बढ़त का पता चलता है।

ब्रोकरेज ने इंडस्ट्री के साथियों की तुलना में ज़्यादा डिस्काउंट और कम मार्जिन की उम्मीदों का हवाला देते हुए अपने वैल्यूएशन मल्टीपल को 28x से घटाकर 21x 12-महीने के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) कर दिया।

UBS के अनुसार, यह डाउनग्रेड सोलर इंडस्ट्री के लिए बढ़ती नियर टू मीडियम अवधि की चुनौतियों को दिखाता है क्योंकि यह सेक्टर कंसोलिडेशन के दौर में प्रवेश कर रहा है।

ब्रोकरेज ने कहा कि वारी के प्लान किए गए ₹30,000 करोड़ के कैपिटल खर्च (जो पिछले साल घोषित ₹13,000 करोड़ से काफी ज़्यादा है) से FY28 तक इसकी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़कर 15.4 GW सोलर मॉड्यूल और 10 GW सेल और इंगोट-वेफर कैपेसिटी हो जाने की उम्मीद है। यह भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का लगभग 20% होगा।

ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि यह इन्वेस्टमेंट ज़्यादा बैकवर्ड इंटीग्रेशन के ज़रिए वारी की लीडरशिप पोजीशन को मज़बूत करेगा। हालांकि, इसने यह भी चेतावनी दी कि इंडस्ट्री में तेज़ी से कैपेसिटी बढ़ाने से प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है।ब्रोकरेज ने वारी के बड़े एक्सपेंशन प्लान से जुड़े एग्ज़िक्यूशन रिस्क का भी ज़िक्र किया और कहा कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे नए बिज़नेस से रिटर्न की विजिबिलिटी अभी भी लिमिटेड है।

ब्लूमबर्ग डेटा के मुताबिक, अभी 19 एनालिस्ट स्टॉक को कवर करते हैं। इनमें से 14 ने ‘buy’ रेटिंग दी है, 1 ने ‘hold’ करने की सलाह दी है, जबकि 4 ने ‘Sell’ करने की सलाह दी है।

वारी एनर्जीज़ के शेयर मंगलवार 14 जुलाई को सुबह 9.58 बजे 1.85% गिरकर ₹2,827.80 पर ट्रेड कर रहा है। पिछले एक महीने में इनमें लगभग 6% से ज्यादा की गिरावट आई है। जबकि 3 महीनों में यह 15 फीसदी से अधिक टूटा है।

Stock Market Live Update Today: सेंसेक्स 460 अंक टूटा, निफ्टी 24100 के नीचे, HCLTech 2% गिरा, Biocon में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Share Market Crash: Banking Stocks का दबाव, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, इन 5 बड़ी वजहों से Nifty लाल

Share Market Crash: कच्चा तेल की उबाल ने मार्केट को तोड़ दिया। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार जाकर $85 के करीब पहुंचा तो एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। घरेलू मार्केट में भी सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो निफ्टी 24050 पर आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:50 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 478.60 प्वाइंट्स यानी 0.62% की फिसलन के साथ 77,137.80 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 138.70 प्वाइंट्स यानी 0.57% की गिरावट के साथ 24,072.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

मार्केट पर अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू हुए सैन्य हमले और ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान ने दबाव बनाया हुआ है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% बढ़कर $84.98 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 2.1% बढ़कर $79.79 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में ब्रेंट क्रूड 9.6% बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी डेली बढ़त थी।

बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

महंगे तेल ने महंगाई बढ़ने की रफ्तार तेज होने की आशंका बढ़ाई तो अमेरिकी ट्रेडरी यील्ड उछल पड़ा। बेंचमार्क 10-साल के ट्रेजरी नोट पर यील्ड 4.9 बीपीएस बढ़कर 4.618% हो गई तो 30-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.3 बीपीएस बढ़कर 5.104% हो गई। दो-साल के अमेरिकी ट्रेजरी पर यील्ड 6.5 बीपीएस बढ़कर 4.273% हो गई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना। फिलहाल यह 3.52% के उछाल के साथ 13.75 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव

मार्केट पर आज बैंकिंग शेयरों ने दबाव बनाया हुआ है और इसमें रियल्टी सेक्टर भी साथ दे रहा है। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स में 1-1% से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक की। दूसरी तरफ मेटल और फार्मा के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो निफ्टी आईटी में हल्की ही सही, लेकिन शुरुआती कारोबार में बिकवाली के माहौल में भी यह ग्रीन था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 सेकंड में ₹1 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex में 500 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर आया 24050 पर

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ने पर कच्चा तेल उबल पड़ा। ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $80 के पार गया तो एशियाई मार्केट झुलस गए और घरेलू मार्केट में भी इसकी आंच महसूस हुई। इसकी आंच में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24050 तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम ही गिरावट है।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर में हल्की-फुल्की रौनक है लेकिन ऑटो, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली का काफी दबाव दिख रहा है और इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। बिकवाली के इस दबाव में ओवरऑल आज शुरुआती कारोबार में ही BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:20 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 397.08 प्वाइंट्स यानी 0.51% की फिसलन के साथ 77,219.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.80 प्वाइंट्स यानी 0.41% की गिरावट के साथ 24,111.20 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 552.99 प्वाइंट्स टूटकर 77,063.41 तक और निफ्टी 160.45 प्वाइंट्स गिरकर 24,050.55 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹1.14 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 13 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,81,59,666.72 करोड़ था। आज यानी 14 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,80,45,121.51 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,14,545.21 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 8 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 8 ही ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल टाटा स्टील, इंफोसिस और टीसीएस में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट एचसीएल, इंडिगो और बजाज फाइनेंस में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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48 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर फिलहाल 2617 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 988 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1452 में बिकवाली का दबाव है तो 177 अभी स्थिर हैं। इसके अलावा 48 शेयर एक साल के हाई और 14 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 49 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 57 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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आज इंट्रा-डे में इन शेयरों पर रहेगी नजर

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Airfare regulation : एयर लाइंस की मनमानी पर लगेगी लगाम, त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी पर लगेगी रोक

Airfare regulation : त्योहारों और छुट्टियों के दौरान अचानक बढ़ने वाले हवाई किराए से जल्दी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नए नियम तैयार कर लिए गए हैं और जल्दी ही संसद में पेश किए जा सकते हैं। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता असीम मनचंदा ने कहा कि अब हवाई किराया रेगुलेट होगा। त्योहारों और छुट्टियों में हवाई किराए में बढ़ोतरी के मामले में सरकार की तरफ से बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया है कि हवाई किराए को रेगुलेट करने के नियम तैयार कर लिए गए हैं। ये नियम 30 दिन में संसद के दोनों सदनों के सामने रखे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नियमों की एक कॉपी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार से दो हफ्ते में कॉपी दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

कोर्ट में हवाई किराए में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत बने नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये नियम एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए हैं, लेकिन इनके अमल पर अब कोर्ट नजर रख रहा है।

बता दें कि एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस बिना पर्याप्त नियमन के एल्गोरिदम आधारित डायनेमिक प्राइसिंग अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं। याचिका में कहा गया है कि यह व्यवस्था आम यात्रियों के हितों के खिलाफ है और इसमें पारदर्शिता का अभाव है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारत में निजी एयरलाइंस बिना पर्याप्त रेग्युलेशन के डायनेमिक प्राइसिंग (Dynamic Pricing) अपनाकर यात्रियों से बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

भारत में हवाई किराए को लेकर पैसेंजर्स की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कई बार त्योहारों या छुट्टियों में टिकट की कीमतें दोगुनी-तिगुनी हो जाती हैं। एयरलाइंस अतिरिक्त सामान, सीट चॉइस या खाने-पीने के लिए अलग से पैसे वसूलती हैं। यात्रियों की शिकायत होती है कि टिकट बुकिंग के समय सस्ता दिखता है, लेकिन अंत में कुल राशि बहुत ज्यादा हो जाती है। केंद्र सरकार को अब दो हफ्ते के अंदर नए नियम के बारे में बताना होगा। अगर नियम पहले ही संसद में रखे जा चुके हैं, तब भी कोर्ट उन्हें देखना चाहता है। यह फैसला आम यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।

डायनेमिक प्राइसिंग क्या है ?

आसान शब्दों में कहें तो डायनेमिक प्राइसिंग कीमतों को तय करने का एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए कंपनियां बाजार की मांग, ग्राहकों के व्यवहार और रियल टाइम डेटा के आधार पर अपने किराए में बदलाव करती रहती हैं। इसी के आधार पर हवाई जहाज कंपनियां, किसी एक उड़ान के लिए एक तय कीमत तय करने के बजाय, मांग के अनुसार हर घंटे या दिन टिकट के दाम बदलती हैं। अगर किसी खास रूट पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है या किसी सीट की मांग अधिक होती है, तो कीमतें बढ़ा दी जाती हैं।

 

 

Market Outlook : हल्के हरे निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 14 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Retail Inflation: महंगाई का झटका! जून में बढ़कर 4.38% पहुंची, RBI के लक्ष्य से ऊपर निकली

Retail Inflation: जून महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई। मई में यह 3.93% थी। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ने से महंगाई में फिर तेजी आई है। यह पिछले 6 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है और RBI के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर निकल गई है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जून में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम रहे। फूड इंफ्लेशन मई के 4.78% से बढ़कर जून में 5.32% हो गई। चूंकि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में खाने-पीने की चीजों का हिस्सा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए इनके दाम बढ़ने का असर सीधे कुल महंगाई पर पड़ा।

होटल और रेस्तरां में खाने-पीने की सेवाएं भी 6.94% महंगी हुईं। वहीं, निजी गाड़ी चलाने का खर्च 7.35% और माल ढुलाई सेवाओं की लागत 7.70% बढ़ गई। इससे साफ है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स का खर्च भी बढ़ा है।

गहनों की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

‘अन्य व्यक्तिगत सामान’ श्रेणी सबसे ज्यादा महंगी रही। इसमें सोने-चांदी और गहने शामिल हैं। इस श्रेणी में महंगाई दर 50.17% रही। हालांकि, मई में यह 56.35% थी, यानी बढ़ोतरी की रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी कम हुई है।

कुछ चीजों के दाम घटे भी

हर चीज महंगी नहीं हुई। जून में कुछ टिकाऊ सामानों की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई। गाड़ियों की खरीद पर महंगाई दर -4.59% रही। वहीं मनोरंजन से जुड़े टिकाऊ सामान और घर-बगीचे में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण भी सस्ते हुए। सरकार का कहना है कि GST में पहले की गई कटौती का असर इन प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखा।

गांवों में ज्यादा बढ़ी महंगाई

महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखने को मिला। जून में ग्रामीण महंगाई 4.74% रही, जो मई में 4.25% थी। वहीं शहरी महंगाई 3.53% से बढ़कर 3.92% हो गई। इससे पता चलता है कि खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों का असर गांवों में ज्यादा पड़ा।

इस साल के पहले पांच महीनों में महंगाई लगातार कम हो रही थी, लेकिन जून में इसमें फिर तेजी आ गई। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें ही महंगाई की दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

Market Outlook : हल्के हरे निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 14 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Insight: इसी हफ्ते निफ्टी छू सकता है 24500 का लेवल, शानदार रिटर्न के लिए बेहतरीन टेक्निकल सेटअप वाले इन शेयरों पर लगाएं दांव

Market Insight: सोमवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिल रही है। IT शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को शुरुआती नुकसान से उबरने में मदद की है। दोपहर 2:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 99.38 अंक या 0.13 प्रतिशत बढ़कर 77,668.77 पर और निफ्टी 17.15 अंक या 0.07 प्रतिशत बढ़कर 24,224.05 पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ भी पॉजिटिव दिख रहा है। 2,034 शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। जबकि 1,953 शेयरों में गिरावट दिख रही है। IT शेयरों ने इस तेजी को लीड किया है। मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी बढ़त नजर आ रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि इंडिया VIX दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आने के बावजूद ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।

ऐसे में बाजार की आगे की संभावनाओं पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि पिछले सोमवार को उन्होंने सतर्क रहने के साथ 24,500 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग की राय दी थी। उसके बाद ट्रंप के बयान बाद पिछले हफ्ते शार्प करेक्शन देखने को मिला। लेकिन एक वोलेटाइल वीक होने के बावजूद निफ्टी ने 24131 के 200 DMA पर सपोर्ट लिया। निफ्टी की पिछले हफ्ते की क्लोजिंग भी रिलेटिवली अच्छी रही। अब इस वीक की बात करें तो निफ्टी जब तक 24,000 के ऊपर है मार्केट का सेंटीमेंट बाय ऑन डिप का रहेगा। लॉन्ग पोजीशंस के लिए यहां से 23,950 का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं। अगर इंट्राडे में 24,000 के आसपास कोई भी डिप आती है तो खरीदारी करने की राय रहेगी। निफ्टी के लिए 24,500 पर एक रेजिस्टेंस है। इसको निकालना थोड़ा सा मुश्किल जरूर रहेगा। कल की एक्सपायरी में काफी डाटा भी चेंज होता हुआ दिखेगा। निफ्टी में क्लियरली बाय ऑन डिप का ट्रेंड है।

दूसरी सबसे इंटरेस्टिंग बात यह हो रही है कि बैंक निफ्टी ने लास्ट वीक थोड़ा विराम लिया। बैंक निफ्टी में तीन-चार वीक की आउटपरफॉर्मस थी और उसके बाद यह लास्ट वीक में कंसोलिडेट करता हुआ दिखा। लेकिन इस कंसोलिडेशन में पीएसयू बैंक्स का डेटा बहुत ही बेहतरीन निकल कर आया। अगर आप फ्यूचर्स का डेटा देखें तो कनरा बैंक का ओपन इंटरेस्ट तीन साल के हाईएस्ट लेवल पर है। आप अगर ओवरऑल पीएसयू बैंक्स को देखें तो बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के रिजल्ट्स बढ़िया रहे। इन स्टॉक्स ने काफी बेहतरीन मूव दिए। काफी सारे स्टॉक्स में ओपन इंटरेस्ट बढ़ा है। यह 1 साल और 3 साल के हाई पर है।

ऐसा लगता है कि हालिया करेक्शन के बाद पीएसयू बैंक्स में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए पोजीशनल बेसिस पर यूनियन बैंक का सेटअप बहुत प्रॉमिसिंग लगता है। यूनियन बैंक में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें 162 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा। अगले 5-10 दिनों में यह शेयर 180 रुपए तक के टारगेट्स हासिल कर सकता है। पीएसयू बैंक्स में यूनियन बैंक सबसे बेहतरीन पिक है।

इसके अलावा डेली चार्ट्स पर यूटीआई एएमसी में भी एक बहुत ही बेहतरीन राउंडिंग बॉटम देखने को मिला है। डिलीवरी बेसिस पर एक महीने के व्यू के हिसाब से यूटीआई एएमसी में 1086 रुपए के आसपास खरीदारी की जा सकती है। इसका पहला लक्ष्य 1100 रुपए का होगा। इस स्टॉक में तकरीबन 1 महीने में 20% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

आईटी शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि आईटी सेक्टर में हमें बाउंस बैक देखने को मिल रहा है। पिछले वीक भी इस सेक्टर में काफी बेहतरीन बाउंस बैक देखने को मिला था। फ्राइडे को TCS के रिजल्ट्स आ जाने के बाद आईटी शेयरों में जोश भर गया। अब Tech Mahindra का सेटअप काफी अच्छा दिख रहा। स्टॉक अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेजेज के आसपास कंसोलिडेट कर रहा है। खरीदारी के लिए इसका रिस्क रिवॉर्ड फेवरेबल है। इस स्टॉक में 1540-1550 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। Tech Mahindra में इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग्स के लिए 1430 रुपए का स्टॉप लॉस रखे।

इसके अलावा पीएसयू बैंक स्पेस से ही केनरा बैंक का शेयर भी अच्छा लग रहा है। इसका ओपन इंटरेस्ट 3 साल के हाईएस्ट लेवल पर ट्रेड कर रहा है। इस शेयर में 125 रुपए के स्टॉप लॉस की साथ खरीदारी करने की सलाह हो। अगले 5-10 दिनों में इस शेयर में 140 रुपए तक के टारगेट्स मिल सकते हैं।

राहुल शर्मा को भी एम्बर एंटरप्राइजेज का सेटअप भी काफी अच्छा दिख रहा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इस शेयर में काफी अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। 8200 रुपए के टारगेट्स के लिए इस शेयर को खरीदा जा सकता है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 7800 रुपए का स्टॉप लॉस रखें। इस स्टॉक का टेक्निकल सेटअप काफी बेहतरीन दिख रहा है। यहां पर मोमेंटम कैच अप होता हुआ दिखेगा।

Trading Plan : बाजार में अब बड़ा ट्रेंड “Buy on dips” का, ऐसे में बने रहें और गिरावट में और सौदे जोड़ें

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Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

Share Market Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

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Hot Stocks: दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थमा, कमजोर बाजार में भी ये दो शेयर करा सकते हैं बंपर कमाई

Hot Stocks : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों का दो दिन से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया है। मीडिया शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 24,100 के नीचे आ गया है। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 603.92 अंक या 0.78% गिरकर 76,965.47 पर और निफ्टी 179.50 अंक या 0.74% गिरकर 24,027.40 पर दिख रहा था। लगभग 1,557 शेयरों में बढ़त आई थी। 1,604 शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही थी और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24273-24332 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24378-24423/24456 पर है। इसके लिए पहला बेस 23988-24016/24066 पर और बड़ा बेस 23883-23939 पर है। शुक्रवार को निफ्टी ने मजबूत क्लोजिंग दी। FIIs और DIIs दोनों की ओर से खरीदारी रही। जियोपोलिटिकल तनाव फिर बढ़ा और क्रूड उछला है। रेट सेंसिटिव सेक्टर के लिए क्रूड बड़ा निगेटिव है। बेस-1 पर 10 DEMA और 24000 पुट राइटर्स हैं। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसल सकता है। ट्रेंड और लिक्विडिटी मजबूत रहे तो शॉर्ट से बचें। 57723-57520 टूटने पर ही बेस-2 दिख सकता है। बेस-1 बचा रहेगा तो अच्छा रिवर्सल भी मुमकिन है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58267-58389/58532 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58690-58839 पर है। इसके लिए पहला बेस 57520-57723 पर और बड़ा बेस 57010-57250 पर है। इंडियन बैंक के दमदार नतीजों PSU बैंकों में तेजी दिखी थी। PSU में ही एक्शन गायब था,शुक्रवार को तेजी में शामिल हुए। 58000 पर कॉल और पुट राइटर्स की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग बेस बेस-1 बना हुआ है। इसके टूटने पर बेस-2 की ओर फिसलने का खतरा है। कच्चे तेल की चाल सबसे अहम रहेगी। कच्चे तेल से ही आगे की दिशा तय होगी। बेस-1 बचा तो ऊपरी स्तरों की ओर वापसी संभव है। ऊपर की ओर 58267 पहली बड़ी रुकावट है। इसके ऊपर 58389-58532 तक तेजी की संभावना है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी एपीएल अपोलो में 1814 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1875 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। बंधन बैंक में भी इनकी 205.90 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 218 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

Trading Plan: क्या US-ईरान तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद निफ्टी 24000 और बैंक निफ्टी 57300 के स्तर को बनाए रख पाएगा?

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।