आस्था स्पिनटेक्स की फाल्कन यार्न्स को ₹51 करोड़ के ऑर्डर, बोनस शेयर और डिविडेंड का भी किया है ऐलान

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी Falcon Yarns Pvt. Ltd. के लिए ₹51.46 करोड़ की ऑर्डर बुक का ऐलान किया है। ये ऑर्डर अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरे किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाली तिमाहियों के रेवेन्यू को मजबूती मिलेगी।

10 से ज्यादा ग्राहकों से मिले ऑर्डर

कंपनी को 10 से अधिक ग्राहकों से 38 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। यह ऑर्डर बुक कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के कुल रेवेन्यू का करीब 20.62% है।

ऑर्डर देने वाले प्रमुख ग्राहकों में Fair Deal, Elkins TradeLinks, ACME Textile जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान A M Trading को नए ग्राहक के रूप में भी जोड़ा है।

बोनस शेयर और विस्तार की तैयारी

बोर्ड ने Aastha Spintexकी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी है। इसके तहत 1:1 बोनस शेयर, डिविडेंड और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में फॉरवर्ड इंटीग्रेशन शामिल है। कंपनी के मुताबिक, वो अब केवल यार्न निर्माता नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी गई। साथ ही अधिकृत शेयर पूंजी ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

पिछले साल कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹352 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.8 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में उसका मुनाफा करीब 2,200% बढ़ा है। यह लगभग ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23.8 करोड़ हो गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, ग्राहकों का भरोसा और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GE Shipping Q1 Results: शिपिंग कंपनी का मुनाफा 159% उछला, हर शेयर पर ₹14.40 डिविडेंड का ऐलान

GE Shipping Q1 Results: शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज सेक्टर की कंपनी The Great Eastern Shipping Company (GE Shipping) ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹505 करोड़ से बढ़कर ₹1,309 करोड़ हो गया। यानी कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 159% बढ़ा है।

कंपनी का रेवेन्यू 66.9% बढ़कर ₹2,005.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,201.5 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA लगभग दोगुना होकर ₹1,337.7 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹642.8 करोड़ था।

वहीं, EBITDA मार्जिन 53.5% से बढ़कर 66.7% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग क्षमता में भी अच्छा सुधार आया है।

शिपिंग कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

GE Shipping की सबसे बड़ी कमाई शिपिंग कारोबार से हुई। इस सेगमेंट का रेवेन्यू ₹994.21 करोड़ से बढ़कर ₹1,890.97 करोड़ हो गया।

वहीं, ऑफशोर सर्विसेज कारोबार का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹406.02 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में ₹350.41 करोड़ था।

₹14.40 प्रति शेयर डिविडेंड

GE Shipping के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹14.40 प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनी ने 7 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। पात्र शेयरधारकों को 27 अगस्त 2026 या उसके बाद डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।

नतीजों से पहले सोमवार को GE Shipping का शेयर 3.97% की बढ़त के साथ ₹1,404 पर बंद हुआ।

GE Shipping का बिजनेस क्या है

यह देश की सबसे बड़ी निजी शिपिंग कंपनियों में से एक है। कंपनी मुख्य रूप से कच्चा तेल (Crude Oil), पेट्रोलियम उत्पाद, गैस, कोयला, लौह अयस्क और अन्य बल्क कार्गो की समुद्री ढुलाई करती है।

इसके अलावा कंपनी का ऑफशोर सर्विसेज कारोबार भी है। इसके तहत तेल और गैस की खोज और उत्पादन करने वाली कंपनियों को ऑफशोर सपोर्ट वेसल (OSV) और दूसरी समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

Texmaco Rail Q1 Results: रेल कंपनी का मुनाफा 67% उछला, डिफेंस कारोबार में भी उतरने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Chavda Infra: बोनस शेयर और डिविडेंड की सिफारिश, विस्तार के लिए निवेश बढ़ाने का प्लान

Chavda Infra: इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी चावड़ा इंफ्रा लिमिटेड के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने और डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह फैसला 3 अगस्त की बोर्ड मीटिंग में हुआ।

कंपनी ने बताया कि यह प्रस्ताव जरूरी रेगुलेटरी और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगा। कंपनी का कहना है कि यह फैसला शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने और लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएशन की रणनीति का हिस्सा है।

₹89.45 करोड़ का नया प्रोजेक्ट मिला

चावड़ा इंफ्रा को हाल ही में ADI Shantigram Abode LLP से ₹89.45 करोड़ का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है। इसके तहत अहमदाबाद के अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में प्रस्तावित हाई-राइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग का कोर और शेल निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट अगले 24 महीनों में पूरा किया जाना है। कंपनी का दावा है कि इससे उसके प्रीमियम प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलेगी।

FY26 में मजबूत रही ग्रोथ

वित्त वर्ष 2025-26 में चावड़ा इंफ्रा का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.6% बढ़कर ₹320.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, मार्च तिमाही (Q4 FY26) में रेवेन्यू 49.8% की सालाना बढ़त के साथ ₹167.6 करोड़ रहा। कंपनी ने बताया कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मजबूत कामकाज की वजह से यह ग्रोथ हासिल हुई।

विस्तार पर फोकस

चावड़ा इंफ्रा का बड़े और हाई-राइज प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान है। इसके लिए एडवांस्ड एल्युमीनियम फॉर्मवर्क सिस्टम में निवेश किया है। कंपनी का कहना है कि इससे निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी और गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026 में अवनी आयाम, अभिषेक, राजश्री रेगलिया, मोंडील वन, राजुल ग्रीन्स और मनाली रीडेवलपमेंट जैसे कई प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इसके अलावा कंपनी AA+ कॉन्ट्रैक्टर क्लासिफिकेशन हासिल करने की प्रक्रिया में भी है। इससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत प्रोजेक्ट्स के लिए उसकी पात्रता बढ़ेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर महेशकुमार चावड़ा ने कहा कि कंपनी का फोकस ऑपरेशनल एक्सीलेंस, मजबूत प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर है।

उन्होंने कहा कि हालिया प्रोजेक्ट के साथ बोनस शेयर और डिविडेंड का प्रस्ताव कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति और शेयरधारकों के साथ ग्रोथ का लाभ साझा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.1% बढ़कर ₹793.9 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹762.7 करोड़ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹2,716.7 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा कमजोर

जून तिमाही में DLF का EBITDA 58.7% घटकर ₹150.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹364.2 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 13.4% से घटकर 11.7% पर आ गया।

इसके बावजूद कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 51% रहा। तिमाही के दौरान DLF ने ₹1,317 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो बनाया। इससे कंपनी की नेट कैश पोजिशन बढ़कर ₹15,200 करोड़ हो गई।

लॉन्च में देरी से घटी बिक्री

जून तिमाही में DLF की नई सेल्स बुकिंग ₹657 करोड़ रही। DLF ने कहा कि कुछ प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में देरी की वजह से यह आंकड़ा प्रभावित हुआ। कंपनी को उम्मीद है कि जरूरी मंजूरियां जल्द मिलेंगी और नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का कहना है कि मजबूत ब्रांड, ग्राहकों की लगातार मांग और आने वाले प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन के दम पर वह मध्यम अवधि के ग्रोथ लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

रेंटल कारोबार बना मजबूत

DLF का करीब 5 करोड़ वर्ग फुट का रेंटल पोर्टफोलियो 95% ऑक्यूपेंसी के साथ मजबूत बना हुआ है। कंपनी का फोकस लंबे समय में अपने रेंटल बिजनेस को और बढ़ाने पर है।

चालू वित्त वर्ष में DLF करीब 15 लाख वर्ग फुट के तीन नए रिटेल प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इनमें DLF Midtown Plaza (नई दिल्ली), DLF Summit Plaza (गुरुग्राम) और DLF Promenade (गोवा) शामिल हैं।

DCCDL का प्रदर्शन भी मजबूत

DLF की सहयोगी कंपनी DLF Cyber City Developers Limited (DCCDL) का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,917 करोड़ रहा। EBITDA 9% बढ़कर ₹1,474 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹717 करोड़ हो गया।

DLF ने क्या कहा?

DLF का कहना है कि मजबूत लैंड बैंक, नए प्रोजेक्ट्स की बड़ी पाइपलाइन, मजबूत बैलेंस शीट और लगातार बढ़ता कैश फ्लो कंपनी को रियल एस्टेट सेक्टर की तेजी का फायदा उठाने में मदद करेगा। कंपनी का फोकस आगे भी लाभदायक और टिकाऊ ग्रोथ पर रहेगा।

DLF का शेयर सोमवार को 0.62% की बढ़त के साथ ₹663 पर बंद हुआ।

Vijay Kedia : ₹80 का शेयर बना ₹16400, विजय केडिया ने बताया मल्टीबैगर स्टॉक का सीक्रेट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vijay Kedia : ₹80 का शेयर बना ₹16400, विजय केडिया ने बताया मल्टीबैगर स्टॉक का सीक्रेट

Vijay Kedia Investment Tips: कई निवेशक हमेशा सिर्फ मल्टीबैगर स्टॉक खोजने की कोशिश करते हैं। इसके चक्कर में कई बार ऐसे शेयरों में भी पैसे लगा बैठते हैं, जहां भारी नुकसान हो जाता है। दिग्गज निवेशक विजय केडिया का कहना है कि बड़ी कमाई करने का राज अगला मल्टीबैगर शेयर ढूंढने में नहीं, बल्कि अच्छे बिजनेस में लंबे समय तक टिके रहने में है।

उन्होंने कहा, “जब लोग 10, 20 या 50 गुना रिटर्न देने वाले शेयरों की बात करते हैं, तो मैं कभी यह सोचकर शेयर नहीं खरीदता कि यह मल्टीबैगर बनेगा। मुझे पहले से ये पता नहीं होता।”

टॉर्च की रोशनी जैसा है निवेश

केडिया निवेश की तुलना रात में टॉर्च लेकर चलने से करते हैं। उनका कहना है, ‘टॉर्च सिर्फ 25 मीटर आगे तक रास्ता दिखाती है। आप पहले उतना चलते हैं, फिर अगले 25 मीटर दिखाई देते हैं। निवेश भी बिल्कुल ऐसा ही है।’

उनके मुताबिक, निवेश से पहले वह सिर्फ एक सवाल पूछते हैं, ‘क्या मैं इस कंपनी के शेयर को अगले 10 साल तक अपने पास रख सकता हूं?’

एक निवेश की कहानी

केडिया ने अपने एक सफल निवेश का उदाहरण भी दिया। उन्होंने 2005 में करीब ₹80 के भाव पर एक कंपनी के शेयर खरीदे। अगले कई सालों में शेयर कभी ₹250 पहुंचा, फिर ₹50-60 तक गिर गया। इसके बाद यह ₹600, ₹1,000 और ₹1,500 तक गया और फिर गिरा।

कोविड-19 के दौरान भी शेयर करीब ₹4,200 से गिरकर ₹1,700 तक आ गया। लेकिन उन्होंने अपने शेयर नहीं बेचे।

सिर्फ डिविडेंड से निकल गई लागत

केडिया के मुताबिक, 16 साल में कंपनी ने करीब ₹250 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड दिया। यानी उन्हें खरीद कीमत से तीन गुना ज्यादा डिविडेंड मिल चुका था। उन्होंने कहा, “एक तरह से मेरे शेयर मुफ्त हो गए थे।”

बाद में कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर भी दिया। बोनस को शामिल करने के बाद केडिया ने करीब ₹16,400 प्रति शेयर के एडजस्टेड भाव पर अपना निवेश बेचा। यह उनके सबसे सफल निवेशों में शामिल रहा।

50-60% गिरावट भी झेली

केडिया का कहना है कि असली चुनौती मल्टीबैगर ढूंढना नहीं, बल्कि 50-60% की गिरावट के दौरान भी निवेश बनाए रखना है। उनके मुताबिक, “यही सबसे बड़ी समस्या है। ज्यादातर निवेशक गिरावट देखकर घबरा जाते हैं।”

ट्रेन यात्रा से समझाया निवेश

केडिया ने निवेश की तुलना मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन से की। उन्होंने कहा, “अगर ट्रेन मुंबई से देर से निकले या दादर स्टेशन पर ज्यादा देर रुक जाए, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरी नजर मंजिल पर होती है, हर स्टेशन पर नहीं।”

उनका कहना है कि शेयर अगर 50% भी गिर जाए, लेकिन बिजनेस पर भरोसा कायम हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि जब शेयर फिर से खरीद कीमत तक लौटता है, तो उनका भरोसा और मजबूत हो जाता है।

केडिया के मुताबिक, मल्टीबैगर बनने का राज पहले से उसकी पहचान करना नहीं है, बल्कि सही बिजनेस में इतना लंबा टिके रहना है कि कंपाउंडिंग अपना कमाल दिखा सके।

Ather Energy Q1 Results: घाटे में बड़ी कमी, रेवेन्यू 88% उछला; 1 साल में 223% चढ़ा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ather Energy Q1 Results: घाटे में बड़ी कमी, रेवेन्यू 88% उछला; 1 साल में 223% चढ़ा स्टॉक

Ather Energy Q1 Results: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹51 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹178.2 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 88.8% बढ़कर ₹1,217 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA घाटा भी काफी कम होकर ₹33.4 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹134.3 करोड़ था। इसका मतलब है कि बिक्री बढ़ने के साथ कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर हुई है।

EV बाजार में दिख रहा बड़ा मौका

Ather Energy का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी के मुताबिक, दिल्ली EV पॉलिसी और केंद्र सरकार की PM E-Drive जैसी योजनाएं इस सेक्टर को मजबूती दे रही हैं।

इसके अलावा पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता भी है। इससे ग्राहक EV अपनाने की तरफ बढ़ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि हालिया पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही EV की मांग तेज होने लगी थी।

जल्द लॉन्च होगा नया स्कूटर

Ather अब अपने नए EL स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी में है। जून तिमाही में इसका होमोलोगेशन पूरा हो गया है और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।

कंपनी के होसुर प्लांट में FY27 की दूसरी तिमाही से इसका कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा। अगस्त में होने वाले Ather Community Day के दौरान इस स्कूटर को लॉन्च किया जाएगा।

कंपनी आने वाले समय में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60,000 गाड़ी प्रति माह करने की योजना पर काम कर रही है।

हाल ही में जुटाए ₹1,300 करोड़

Ather Energy ने इसी महीने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹1,300 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने 1.08 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,202 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए।

टेक्नोलॉजी फीचर्स पर भी फोकस

एथर एनर्जी लगातार अपने सॉफ्टवेयर फीचर्स भी मजबूत कर रही है। हाल ही में उसने ‘Pothole+ Alerts’ फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर 450 Apex, 450X और Rizta Z समेत Gen 2 और उसके बाद के स्कूटरों में उपलब्ध है।

यह फीचर Ather के कनेक्टेड स्कूटरों से मिले डेटा की मदद से रास्ते में गड्ढों, टूटी सड़कों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और स्पीड ब्रेकर की पहले से जानकारी देता है। इससे राइडिंग ज्यादा सुरक्षित और आसान हो सके।

Ather Energy के शेयरों का हाल

एथर एनर्जी का शेयर सोमवार को 1.56% की बढ़त के साथ 1,280 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 89.38% का रिटर्न दिया है। वहीं 1 साल में इसने 223.27% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 50.16 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Persistent Systems Share Price: Q1 नतीजों के बाद IT कंपनी का शेयर 4% तक फिसला, HSBC को आगे और गिरावट की आशंका

सोमवार, 3 अगस्त को IT कंपनी Persistent Systems Ltd. के शेयरों में दिन में 4 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर शेयर 5319.75 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 13.67 प्रतिशत बढ़कर 483.04 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 424.93 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 4,303.22 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 3,333.58 करोड़ रुपये था। सॉफ्टवेयर, हाई-टेक और उभरते उद्योग क्षेत्र कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले बने रहे। इसकी हिस्सेदारी 40.7 प्रतिशत रही। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की हिस्सेदारी कुल रेवेन्यू में 34 प्रतिशत रही। हेल्थकेयर और लाइफसाइंसेज सेक्टर का योगदान 25.3 प्रतिशत रहा।

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के कर्मचारियों की संख्या 30 जून 2026 तक बढ़कर 28,640 हो गई। खर्च 3750.76 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2832.84 करोड़ रुपये के थे। जून तिमाही में कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बुकिंग दर्ज कीं। एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 65 करोड़ डॉलर से ज्यादा की डील के कारण कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) लगभग दोगुनी होकर 1.15 अरब डॉलर हो गई। सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) पिछली तिमाही के मुकाबले 20.6 प्रतिशत बढ़कर 53.68 करोड़ डॉलर हो गई।

Persistent Systems पर HSBC ने ‘होल्ड’ रेटिंग रखी बरकरार

जून तिमाही की कमाई सामने आने के बाद ब्रोकरेज फर्म HSBC ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर के लिए ₹4,610 के टारगेट प्राइस के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग को दोहराया है। यह टारगेट शेयर के पिछले बंद भाव से 17 प्रतिशत कम है। HSBC ने कहा कि कंपनी ने जून 2026 तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान से बेहतर रही और रिकॉर्ड डील हासिल की गईं। मजबूत ऑर्डर इनफ्लो काफी हद तक उम्मीदों के मुताबिक था। लेकिन शुद्ध मुनाफा उम्मीदों से कम रहा। ज्यादा डायरेक्ट कॉस्ट और अधिक सेल्स व मार्केटिंग खर्चों ने मुनाफे पर असर डाला। EBIT मार्जिन गिरकर 16% हो गया, जबकि अनुमान लगभग 16.5% का था।

Sterlite Tech Share Price: ₹960 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट ने भरा जोश, शेयर 5% चढ़ा; लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट

मार्जिन के दबाव के बावजूद, ब्रोकरेज ने कहा कि Persistent अपने सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली IT सर्विसेज कंपनियों में से एक बनी हुई है। इसकी 4.1% की कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ TCS, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, Mphasis, Zensar, LTTS और हेक्सावेयर जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बेहतर रही।

शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत चढ़ा

Persistent Systems का मार्केट कैप 86700 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 18 प्रतिशत की तेजी देख चुका है। बीएसई पर 52 सपताह का एडजस्टेड हाई 6,597 रुपये और एडजस्टेड लो 4,242.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 30.29 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Urban Company का शेयर बना रॉकेट, 17% तक उछला; मॉर्गन स्टेनली से मिला डबल अपग्रेड

होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 3 अगस्त को जबरदस्त तेजी है। बीएसई पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 17.6 प्रतिशत तक उछलकर 152 रुपये के हाई तक गई। कंपनी ने शुक्रवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए थे। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। इसके बावजूद शेयर में बंपर खरीद हो रही है।

इसकी एक वजह यह है कि तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। ब्रोकरेज ने अक्टूबर 2025 में स्टॉक पर अपना कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके अलावा कंपनी की InstaHelp सर्विस ने 1 लाख डेली डिलीवर्ड ऑर्डर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।

बता दें कि तिमाही आधार पर कंपनी का घाटा कम हुआ है। मार्च 2026 तिमाही में यह 161.16 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 367.27 करोड़ रुपये रहा था। कुल खर्च बढ़कर 639.88 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 384.25 करोड़ रुपये के थे।

मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रहा है मैनेजमेंट

अर्बन कंपनी का इंडिया बिजनेस से रेवेन्यू जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत ज्यादा रहा। मार्जिन भी बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि घाटा ज्यादा बना रहेगा क्योंकि कंपनी आगे बाकी सब चीजों से ज्यादा मार्केट लीडरशिप को प्राथमिकता दे रही है। अर्बन कंपनी के शेयर को 7 सात एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 2 ने “बाय” और 2 ने “सेल” रेटिंग दी है। 3 ने “होल्ड” की सलाह दी है।

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अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

सितंबर 2025 में लिस्ट हुई थी Urban Company

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी का शेयर शेयर एक सप्ताह में 17 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 22600 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

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