Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

Market Technicals : 28 अगस्त को निफ्टी में 0.4% की बढ़त के साथ तेजी लौटती दिखी। लेकिन लगातार दूसरे सेशन में भी यह क्लोजिंग बेसिस पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें मज़बूत मोमेंटम की कमी है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी है। इंडेक्स 23,606 से 24,774 तक की रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे बना रहा। जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में मजबूती की कमी दिखी। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला ट्रेड देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो निफ्टी में 23,800 की तरफ गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर यह रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है तो इसमें 24,800 के लेवल की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।

निफ्टी कल बढ़त के साथ खुला और दिन भर लगभग 100 अंकों के दायरे में घूमते रहने के बाद 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 24,176 पर बंद हुआ। निफ्टी पूरे हफ्ते ज्यादातर पिछले हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। इस हफ्ते इसमें 0.31 फीसदी की गिरावट आई।

डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक अच्छी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी सी विक(wick)थी। वीकली टाइमफ्रेम पर इसने पिछले हफ्ते की रेंज के अंदर एक रेड कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ साफ शैडो(shadows)दिखाई दे रही थीं। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत है।

डेली RSI के लेवल के आस-पास न्यूट्रल बना रहा। इससे पता चलता है कि किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। वहीं,निचले लेवल से बढ़ते ADX से संकेत मिला कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि,किसी निर्णायक ब्रेकआउट के न होने से यह संकेत मिलता रहा कि बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ही रहेगा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के ऊंचे सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज्यादा कमजोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है,क्योंकि अक्सर नीचे की ओर फाल्स ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर तेज चाल देखने को मिलती है।

उनका मानना ​​है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड 24,000 और 24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निचली रेंज के पास से कोई मजबूत उछाल आता है,तो जल्द ही 24,300–24,400 के लेवल तक अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए 24,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24,300 और 24,500 स्ट्राइक,जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है,वे शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। वहीं,24,000 और 24,100 स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,वे इंडेक्स के लिए सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

उधर फियर इंडेक्स के नाम से जाना जाने वाला इंडिया VIX लोअर लेवल पर बना रहा। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया और अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इन बातों से पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट काफी कम हो गई थी।

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग इंडेक्स की शुरुआत गिरावट के साथ हुई,लेकिन इसने रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि,यह बढ़त बरकरार नहीं रह सकी और अधिकांस ट्रेडिंग सेशन के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स 14 अंक गिरकर 57,496 पर बंद हुआ और अपने 20-डे और 50-डे के EMA के दायरे में रहा,जबकि पूरे हफ्ते में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई।

डेली चार्ट पर इस इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ साफ तौर पर विक्स(wicks)दिख रहे थे। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई फैसला नहीं हो पा रहा था और साफ दिशा वाला मोमेंटम नहीं था। वीकली टाइमफ़्रेम पर,इसने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक रेड कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव के बीच दबाव का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इससे पता चलता है कि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है।

डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन का संकेत है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में रहा,जिससे साफ तौर पर मजबूत मोमेंटम की कमी पता चलती है।

एक्सपर्ट की राय

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह स्तर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

उनका मानना ​​है कि ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58,000 के ऊपर के साफ ब्रेकआउट या 57,000 के नीचे ब्रेकडाउन से मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर खत्म हो सकता है और उस दिशा में एक बड़ी ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: रक्षाबंधन के अगले दिन चमका गोल्ड, चेक करें दिल्ली से पटना तक 24 से 18 कैरट का भाव

Gold Rate Today in India: अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने गोल्ड की चमक आज बढ़ाई है तो इंडस्ट्रियल डिमांड में नरमी से चांदी नीचे आई। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की गिरावट के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसकी चमक बढ़ी है। इन दो दिनों में 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹500 और 22 कैरट वाला ₹460 महंगा हुआ है। इससे पहले 27 अगस्त को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹3110 और 22 कैरट वाला ₹2850 सस्ता हुआ था। अब आज की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 24 कैरट और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 ऊपर चढ़ा है। चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद आज दूसरे दिन इसके भाव नीचे आए हैं और इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
मुंबई₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
कोलकाता₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
चेन्नई₹1,61,470₹1,48,010₹1,25,710
बेंगलुरू₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
हैदराबाद₹1,61,140₹1,47,710₹1,20,860
लखनऊ₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
पटना₹1,61,190₹1,47,760₹1,20,910
जयपुर₹1,61,290₹1,47,860₹1,21,010
अहमदाबाद₹1,61,190₹1,47,760₹1,20,910

छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद दूसरे दिन आज इसके भाव कम हुए हैं। दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है और इन छह दिनों की स्थिरता से पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹10,500 ऊपर चढ़ी थी तो उससे भी एक दिन पहले 19 अगस्त को एक किलो चांदी ₹5000 नीचे आई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,54,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,64,900 है यानी कि चारों बड़े महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में बिक रही है।

आगे क्या है रुझान

360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज विरल शाह का कहना है कि अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा लेवल से 10% तक ऊपर चढ़ सकता है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर अमेरिकी रुझान से इन्हें सपोर्ट मिलता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर की कमजोरों बढ़ती है तो इन्हें और फायदा मिल सकता है।

Gold Outlook: क्या सोना और चांदी खरीदने का यह सही समय है

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन अपने खर्चों पर रखें कंट्रोल, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 29 अगस्त का दिन आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने और भविष्य की तैयारी करने का संकेत दे रहा है। आज कुछ लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के पैसा लगाना या अचानक खर्च करना नुकसान पहुंचा सकता है। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज बजट, बचत और लंबे समय की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। जानिए मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का आर्थिक भविष्यफल।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दें। आकर्षक ऑफर या अचानक मिलने वाले अवसर देखकर तुरंत पैसा खर्च न करें। निवेश और बचत की योजनाओं को दोबारा देखें। धैर्य और सही योजना के साथ आगे बढ़ने पर भविष्य में आर्थिक फायदा मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में भविष्य की योजना बनाने का समय है। अपने आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखें और बेवजह खर्च करने से बचें। बजट के अनुसार खर्च करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेकर फैसला करना भी मददगार हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। नए निवेश या कमाई के अवसरों के बारे में पूरी जानकारी जुटाएं। जरूरत के अनुसार अपने बजट में बदलाव करने के लिए तैयार रहें। रिसर्च और सही जानकारी के आधार पर लिया गया फैसला आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक मामलों में आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। बजट को व्यवस्थित करने से आपकी स्थिति बेहतर होगी। गैर-जरूरी खर्चों से दूरी बनाए रखें। नए आर्थिक अवसर सामने आएं तो उन्हें अच्छी तरह समझकर ही फैसला लें। आपकी व्यावहारिक सोच आपको सही दिशा देगी।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें और जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें। अपने बजट को व्यवस्थित रखें और अचानक आने वाले खर्च के लिए कुछ रकम बचाकर रखें। सही योजना से आर्थिक दबाव कम किया जा सकता है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज अपने पैसों का हिसाब व्यवस्थित करने पर ध्यान दें। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और गैर-जरूरी चीजों पर पैसा लगाने से बचें। बजट की समय-समय पर समीक्षा करते रहें। पुरानी गलतियों से सीखकर आगे की आर्थिक योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देने का दिन है। लग्जरी और महंगी चीजों पर जरूरत से ज्यादा खर्च न करें। अपने वित्तीय लक्ष्यों को दोबारा देखें और उसी के अनुसार निवेश की योजना बनाएं। उपलब्ध पैसों और संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी होगा।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। लंबे समय के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। अचानक होने वाले खर्च से बचें। सही जानकारी के आधार पर लिया गया फैसला भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपने पुराने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत के अनुसार उनमें बदलाव करें। लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना आपके लिए बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

फेड चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई पर चेताया, बोले- 2% इंफ्लेशन का लक्ष्य हासिल करना जरूरी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि महंगाई अभी इतनी नहीं घटी है कि फेड निश्चिंत हो सके। जब तक महंगाई के 2% लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ने का भरोसा नहीं होता, तब तक फेड को काम करना होगा।

यह मई में फेड चेयर बनने के बाद वार्श का पहला बड़ा भाषण था। उन्होंने शुक्रवार को अमेरिका के व्योमिंग में जैक्सन होल में फेड के सालाना सम्मेलन में यह बात कही। वार्श ने कहा कि 2% का महंगाई लक्ष्य तय है। फेड इसी लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश करेगा। उनके मुताबिक, कीमतों में स्थिरता लाना फेड की जिम्मेदारी है।

महंगाई में अभी बड़ा सुधार नहीं

वार्श ने कहा कि गर्मियों में PCE और CPI के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि महंगाई की मूल स्थिति में बड़ा सुधार आ गया है। उन्होंने कहा कि महंगाई अभी भी 2% से ऊपर है। इसलिए फिलहाल फेड का मुख्य फोकस कीमतों पर होना चाहिए।

ब्याज दर है फेड का बड़ा हथियार

वार्श के मुताबिक, मौजूदा वित्तीय स्थितियां अभी बहुत सख्त नहीं हैं। ऐसे में ब्याज दर फेड का सबसे अहम हथियार है। उन्होंने कहा कि महंगाई अपने आप 2% तक नहीं आएगी। इसे स्थिर करना फेड की जिम्मेदारी है।

ब्याज दर बढ़ाने पर बंटी राय

अब बड़ा सवाल ब्याज दरों को लेकर है। अर्थशास्त्रियों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि महंगाई को काबू करने के लिए आने वाले महीनों में दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं।

जुलाई की बैठक में फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखा था। हालांकि, कई अधिकारियों ने दर बढ़ाने का समर्थन किया था। बैठक के मिनट्स में भी संकेत मिले थे कि अगर महंगाई कम नहीं हुई तो फेड को नीति और सख्त करनी पड़ सकती है।

पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हुई थी आलोचना

जुलाई की बैठक के बाद वार्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस की आलोचना भी हुई थी। आलोचकों का कहना था कि वह दरें स्थिर रखने की वजह साफ तरीके से नहीं बता पाए।

उसके बाद निवेशकों ने लंबी अवधि वाले अमेरिकी बॉन्ड बेचने शुरू किए। इससे उनकी यील्ड करीब दो दशक के उच्च स्तर तक पहुंच गई। इसे फेड के 2% महंगाई लक्ष्य को लेकर निवेशकों के भरोसे में कमी के संकेत के तौर पर देखा गया।

अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत

हालांकि, जुलाई की बैठक के बाद कुछ आंकड़ों से अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत मिले हैं। जुलाई में रिटेल बिक्री एक साल से ज्यादा समय में सबसे ज्यादा गिरी। कोर महंगाई भी सीमित रही। कंपनियों ने जुलाई में उम्मीद के उलट नौकरियां घटाईं। इससे पहले के दो महीनों के रोजगार आंकड़ों में भी कटौती की गई।

इन आंकड़ों के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कम हुई है। शुक्रवार सुबह फेडरल फंड्स फ्यूचर्स के मुताबिक, सितंबर में दर बढ़ने की संभावना करीब 36% थी। जुलाई के अंत में यह 70% से ज्यादा थी।

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? जानिए वक्त के साथ तस्वीर कैसे बदली

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? जानिए वक्त के साथ तस्वीर कैसे बदली

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर ने पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। तीनों ने अलग-अलग समय में अलग रिटर्न दिया है। कुछ अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं लंबी अवधि में सिल्वर ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

कम अवधि में बिटकॉइन आगे

1 महीने और 6 महीने के रिटर्न में बिटकॉइन सबसे आगे रहा। 1 महीने में इसका रिटर्न 17.23% रहा। 6 महीने में यह बढ़कर 22.26% हो गया। गोल्ड ने भी लगातार बढ़त दिखाई। हालांकि, शॉर्ट टर्म में बिटकॉइन की तेजी ज्यादा रही।

3 साल में सिल्वर ने मारी बाजी

3 साल की अवधि में तस्वीर बदल जाती है। यहां सिल्वर सबसे आगे रहा। इसका सालाना औसत रिटर्न 48.97% रहा। इसी अवधि में बिटकॉइन ने 47.46% और गोल्ड ने 41.06% का सालाना औसत रिटर्न दिया। यानी लंबी अवधि में सिल्वर ने बिटकॉइन और गोल्ड दोनों को पीछे छोड़ दिया।

₹10,000 की SIP का क्या हुआ?

एक साल की अवधि में अगर हर महीने ₹10,000 की SIP बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में की जाती, तो तीनों में निवेश का नतीजा अलग होता। इससे पता चलता है कि नियमित निवेश करने पर अलग-अलग एसेट ने कैसा प्रदर्शन किया। यहां SIP का मतलब हर महीने एक तय रकम निवेश करना है। इससे बाजार के अलग-अलग भाव पर निवेश होता रहता है।

बिटकॉइन ने 3 साल में भी शानदार कमाई की

CoinDCX की ग्रोथ और क्रिप्टो बिजनेस हेड मीनल ठुकराल के मुताबिक, बिटकॉइन का लंबी अवधि का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।

उनके मुताबिक, 24 अगस्त 2023 को लगाए गए $26,162 बढ़कर $77,472 हो गए। यानी निवेश पर 244% से ज्यादा रिटर्न मिला। रकम करीब 3.44 गुना हो गई। हालांकि, इस दौरान बिटकॉइन में कई बड़ी गिरावट भी आईं। इसलिए सिर्फ तेजी देखकर निवेश करना सही नहीं है। लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना अहम रहा।

बिटकॉइन का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा

बिटकॉइन ने 7 अक्टूबर 2025 को $1,25,752 का ऑल टाइम हाई बनाया था। 2026 में यह 15 जनवरी को $96,931 तक पहुंचा। इसके बाद कीमत में गिरावट आई। 1 जुलाई को बिटकॉइन $58,562 तक फिसल गया।

अगस्त के पहले हफ्ते में यह करीब $62,000 से $65,000 के स्तर पर था। 26 अगस्त तक बिटकॉइन करीब $80,000 से $80,300 के बीच कारोबार कर रहा था।

गोल्ड में भी तेज उतार-चढ़ाव

गोल्ड जनवरी 2026 में $5,500 प्रति औंस तक पहुंचा था। जुलाई में इसकी कीमत $4,000 प्रति औंस से नीचे आ गई। इसके बाद गोल्ड में फिर तेजी आई। 26 अगस्त तक यह $4,630 प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा था। कमजोर डॉलर और अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता ने गोल्ड को सपोर्ट दिया है।

सिल्वर भी तेजी से पलटा

सिल्वर जनवरी में करीब $120 प्रति औंस पर था। जुलाई में यह गिरकर $55 से $60 के दायरे में आ गया। इसके बाद सिल्वर में तेजी लौटी। 26 अगस्त तक इसकी कीमत करीब $63 से $70 प्रति औंस के बीच थी। सिल्वर की तेजी को गोल्ड की मजबूती से भी सपोर्ट मिला।

निवेश से पहले क्या समझें?

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन हर अवधि में अलग रहा है। छोटी अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं 3 साल में सिल्वर ने सबसे ज्यादा सालाना औसत रिटर्न दिया।

इसलिए सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बिटकॉइन और सिल्वर में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेश से पहले जोखिम और अपने निवेश के लक्ष्य को जरूर देखना चाहिए।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Gold Price Today: सोने की कीमत में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹3,300 टूटकर ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें सभी टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को इसका भाव ₹1,65,700 था।

तीन दिन में सोना ₹4,700 यानी करीब 3% सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को इसका भाव ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम था। हाल की तेजी के बाद अब कारोबारी मुनाफावसूली कर रहे हैं।

चांदी भी ₹5,000 सस्ती

चांदी में भी शुक्रवार को गिरावट रही। घरेलू बाजार में इसका भाव ₹5,000 गिरकर ₹2,45,500 प्रति किलो हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,50,500 प्रति किलो थी।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर 99.15 के स्तर से ऊपर चला गया। इसका असर सोने पर पड़ा। हाल की तेजी के बाद कारोबारी लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली कर रहे हैं।

कस्टम ड्यूटी घटने की खबर का भी असर

घरेलू बाजार में कस्टम ड्यूटी घटाने की खबरों से भी सोने पर दबाव आया। बढ़ती तस्करी के बीच सरकार कस्टम ड्यूटी घटा सकती है। ऐसी खबरें बाजार में चल रही हैं।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, इन खबरों से घरेलू सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में अंतर भी बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ $4,599.70 प्रति औंस पर था। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण पर है।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, बाजार वार्श के बयान पर नजर रख रहा है। महंगाई को लेकर उनका रुख अहम होगा। ऊंची यील्ड के बीच बाजार को उनके भाषण से संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार में फिलहाल सख्त रुख वाले बयान की उम्मीद है। अगर वार्श निवेशकों को भरोसा नहीं दिला पाते हैं, तो डॉलर कमजोर हो सकता है। ऐसे में सोने को फिर तेजी मिल सकती है।

Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹258 करोड़ के नए ऑर्डर, सोलर और रेलवे सेक्टर से मिला बड़ा कारोबार

Stock in Focus: इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की KP Green Engineering को कुल ₹258.02 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर सोलर, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन कारोबार से जुड़े हैं। कंपनी ने शुक्रवार, 28 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।

सोलर से मिले ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर

नए ऑर्डर्स में सबसे बड़ा हिस्सा सोलर का है। कंपनी को ₹114.53 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें फिक्स्ड टिल्ट मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर शामिल हैं। ट्रैकर टाइप मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर भी हैं। इसके अलावा दूसरे स्ट्रक्चरल कंपोनेंट्स की सप्लाई भी होगी।

रेलवे के लिए ₹92.38 करोड़ का काम

कंपनी को ₹92.38 करोड़ के क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिले हैं। इनमें रेलवे ट्रैक फेंसिंग से जुड़े काम भी शामिल हैं।

सोलर और क्रैश बैरियर के ऑर्डर मिलाकर करीब ₹207 करोड़ के हैं। यानी नए ऑर्डर्स का करीब 80% कारोबार इन्हीं दो सेगमेंट से आया है।

बिल्डिंग और पावर ट्रांसमिशन से भी ऑर्डर

KP Green Engineering को ₹33.76 करोड़ के प्री इंजीनियर्ड बिल्डिंग स्ट्रक्चर के ऑर्डर मिले हैं। पावर ट्रांसमिशन कारोबार से कंपनी को ₹15.42 करोड़ के ऑर्डर मिले।

इसके अलावा पोल और हाईमास्ट प्रोडक्ट्स के लिए ₹0.97 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। 220 kV, 66 kV और 33 kV नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले आइसोलेटर्स के लिए ₹0.96 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

FY27 में अब तक ₹497.64 करोड़ के ऑर्डर

नए ऑर्डर के बाद चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल कन्फर्म्ड ऑर्डर इनटेक ₹497.64 करोड़ हो गया है।

कंपनी के मुताबिक, इन ऑर्डर्स से कैपेसिटी का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे आने वाले समय के रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी। हालांकि, कंपनी ने अलग-अलग ऑर्डर के ग्राहकों और उन्हें पूरा करने की समयसीमा नहीं बताई है।

KP Green के शेयरों का हाल

KP Green Engineering का शेयर शुक्रवार को 0.33% गिरकर ₹260.05 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 20.67% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 53% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप

1.31 हजार करोड़ रुपये है।

Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Gold-silver Price : 360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज,विरल शाह का कहना है कि अगर US बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा स्तरों से 10% तक की तेजी आ सकती है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर US का रुख कीमती धातुओं को सपोर्ट करता रहेगा।

कमजोर डॉलर,US में कमजोर जॉब आंकड़ों और US ट्रेजरी विभाग की बॉन्ड-खरीद की घोषणा की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है। हालांकि,विरल शाह को लगता है कि सोने में 4,700–4,800 डॉलर और चांदी में 70–72 डॉलर के आस-पास कुछ टेक्निकल सेलिंग देखने को मिल सकती है। उन्हें उम्मीद है कि जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व का बयान निकट भविष्य में के लिए एक अहम ट्रिगर साबित होगा।

डॉलर में कमजोरी से कमोडिटी को मिलेगा सपोर्ट

उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर और कमजोर होता है तो कमोडिटीज को और फायदा मिल सकता है। डॉलर इंडेक्स के लिए 100-101 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख रहा है। उनका मानना ​​है कि डॉलर इंडेक्स के 97 की तरफ जाने से सोने,चांदी और बेस मेटल्स को सपोर्ट मिल सकता है।

कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत

प्रेशियस मेटल के अलावा,विरल शाह कॉपर और जिंक को लेकर भी पॉज़िटिव हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से कॉपर में लगभग एक साल से स्ट्रक्चरल बुल ट्रेंड बना हुआ है। उन्हें कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि उनका मानना ​​है कि कॉपर में अब तक की जोरदार बढ़त के बाद आगे और बढ़त का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।

जिंक और कॉपर को सप्लाई में तंगी से मिल रहा फायदा

जिंक पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताओं,खासकर चीन में बाढ़ के कारण कम उत्पादन होने से जिंक को सपोर्ट मिल रहा है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर इन्वेंट्री कम हो रही है और सप्लाई तंग है,जबकि इसकी मांग मज़बूत बनी हुई है। शाह को उम्मीद है कि जब तक सप्लाई मांग के बराबर नहीं हो जाती,तब तक कॉपर और जिंक दोनों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट मुमकिन

कच्चे तेल पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई बेहतर होती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है,तो क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि,उन्हें नहीं लगता कि यह लंबे समय तक बनी रहने वाली गिरावट होगी,क्योंकि तमाम देशों को आखिरकार अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को फिर से भरना ही होगा।

 

 

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।