IT Stocks के दम पर Sensex में 500 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty भी 24150 के पार

Share Market Rally: इस वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के दूसरे दिन भी मार्केट में शानदार रौनक है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ी तो कच्चे तेल फिसल गया और मार्केट में रौनक छा गई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप आधे-आधे फीसदी मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स 295.10 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 77,217.74 और निफ्टी 50 भी 89.45 प्वाइंट्स यानी 0.37% की बढ़त के साथ 24,095.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 526.61 प्वाइंट्स चढ़कर 77,449.25 और निफ्टी 153.60 प्वाइंट्स उछलकर 24,159.45 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान वार्ता

कतर का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है। यह रास्ता कच्चे तेल के लिए काफी अहम है क्योंकि युद्ध से पहले वैश्विक सप्लाई का पांचवा हिस्सा यहीं से होकर गुजरता था।

कच्चे तेल में गिरावट

लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल में गिरावट ने मार्केट में रौनक बिखेरी है। अमेरिका और ईरान के बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर इस पर दबाव बढ़ा। ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक गिरकर प्रति बैरल $71 के नीचे आ गया को यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 1% से अधिक टूटकर प्रति बैरल $68 के नीचे आ गया।

रुपये की मजबूती

कच्चे तेल की गिरावट से रुपये को सपोर्ट मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 32 पैसे मजबूत 94.93 के भाव पर खुला।

India VIX में गिरावट

मार्केट को घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट में अनिश्चितता कम होने का संकेत दिया। फिलहाल यह 3.85% की गिरावट के साथ 12.73 पर है।

आईटी शेयरों की जोरदार खरीदारी

लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी आईटी ने आज जोरदार वापसी की और 3% से अधिक उछल पड़ा। फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी और मेटल को छोड़ सभी में 1% से कम तेजी है। निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की बढ़त है।

टेक्निकल आउटलुक

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंज जेम्स का कहना है कि अनुमान के मुताबिक कल की बढ़त 24000 के लेवल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन हाई VWAP से इसमें आगे तेजी का संकेत मिल रहा है। उनका कहना है कि निफ्टी को शुरुआत में 24170 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है लेकिन इसके 24600 तक पहुंचने की संभावना अधिक है। हालांकि यह बुलिश रुझान तब तक है, जब तक निफ्टी का 23,970 का लेवल बना रहे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CSM Tech IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, ₹113 के शेयरों ने दिया बड़ा झटका

CSM Tech IPO Listing: खरीदारी के माहौल में भी गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर को आईटी सर्विसेज देने वाली सीएसएम टेक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.37 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹113 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹113.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹107.35 (CSM Tech Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.48% घाटे में हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में आज अच्छी तेजी है।

CSM Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सीएसएम टेक का ₹146 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-29 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹22.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹56.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

CSM Tech के बारे में

सीएसएम टेक्नोलॉजीज उन कुछ आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में शुमार हैं जिन्होंने सरकार और प्राइवेट क्वाइंट्स, दोनों के लिए यूनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। यह माइनिंग, एग्रीकल्चर, ट्रेड एडुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और पब्लिक सर्विसेज सेक्टर्स में सॉल्यूशंस ऑफर करती है। 27 साल से यह ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रा तैयार कर रही है और सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनर के तौर पर काम कर रही है। इसका कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है। भारत, इथियोपिया, केन्या, रवांडा, गाम्बिया, गैबन, यूएसए और कनाडा समेत 12 देशों के बाजार में यह है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹15.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹12.55 करोड़ रह गया और अगले वित्त वर्ष 2025 में थोड़ा रिकवर होकर ₹14.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना औसतन 11% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹200.63 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹14.70 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹167.05 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹56.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹88.88 करोड़ पड़े थे।

STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Trend : बाजार में तेजी कायम, एक्सपर्ट के सुझाए इन दो शेयरों में हो सकती हैं अच्छी कमाई

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी 24100 पर वापस आ गया है। निफ्टी में इंफोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज,TCS,टेक महिंद्रा ओर इटरनल टॉप गेनर्स में शामिल हैं। जबकि NTPC,पावर ग्रिड कॉर्प,बजाज फाइनेंस,भारती एयरटेल और ONGC टॉप लूजर्स में से हैं। पावर,कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। IT इंडेक्स लगभग 3% ऊपर है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24097-24128 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24176-24209/24261 पर है। इसके लिए पहला बेस 23859-23910 पर और बड़ा बेस 23719/23766-23809 पर है। जैसा कल कहा था,नई सीरीज के पहले दिन काउंटर चाल दिखी। निफ्टी रजिस्टेंस-1 (24038) तक पहुंचा। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली जारी रही। निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में भी बिकवाली रही। FIIs का नेट शॉर्ट 4000 बढ़कर 2.60 लाख हो गया। 24000 पर या 100DEMA के नीचे कंसोलिडेशन के संकेत हैं।

कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है। फिलहाल रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच ट्रेडिंग रेंज संभव है। 24000 पर ऑप्शन राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 पर 20 DEMA और 50 DEMA है। रजिस्टेंस-1 पर 100 DEMA है। इस रेंज में ऊपर बेचें, नीचे खरीदने की रणनीति रखें। निफ्टी IT कमजोर है। जबकि बैंक निफ्टी मजबूत है। 24128 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट संभव है। 23809 के नीचे कमजोरी और बढ़ सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58241-58423/58567 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58733-58839/59080 पर है। इसके लिए पहला बेस 57517 (10DEMA)-57710 पर है। बड़ा बेस 57710-57341 पर है। जैसा कहा था,बेस-1(10 DEMA)से शानदार रिवर्सल मिला। रेजिस्टेंस-1 का लक्ष्य भी हासिल हुआ। आखिरी घंटे में PSU बैंकों में जोरदार खरीदारी दिखी। मूविंग एवरजेज के क्लस्टर से मजबूत रिवर्सल आया। कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बैंकिंग के लिए बड़ा पॉजिटिव है। IT में कमजोरी के बीच,बैंक निफ्टी सबसे सुरक्षित दांव हो सकता है। 58000 पर कॉल-पुट की मजबूत पोजिशनिंग है। फिलहाल इंडेक्स 57710-58241 की रेंज में रह सकता है। 58241 के ऊपर निकलते ही 58567 तक तेजी की उम्मीद है। 58567 पर मजबूती की अगली बड़ी परीक्षा होगी। 58567 के ऊपर टिका तो रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम है। 57517-57438 के नीचे ही कमजोरी बढ़ेगी।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनका अदाणी एंटरप्राइजेज के फ्यूचर्स में 3152-3153 रुपए के आसपास, 3125 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 3220 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। एटरनल (जोमैटो) में भी इनकी 281.60 रुपए के ऊपर, 277 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 290 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Plan: जारी रह सकता है बुल्स का जोश, निफ्टी फिर से हासिल कर सकता है 24200 का लेवल, बैंक निफ्टी भी 58700 के लिए तैयार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: US-ईरान बातचीत के बीच लगातार तीसरे सेशन में गिरे क्रूड के दाम, $71 के नीचे आया ब्रेंट का भाव

Crude Oil Price: ईरान और अमेरिका के बीच पॉजिटिव बातचीत की खबरों से कच्चे तेल में लगातार तीसरे सेशन में नरमी देखने को मिल रहा। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की शिपमेंट बढ़ी और US और ईरान के बीच इनडायरेक्ट बातचीत में प्रोग्रेस के संकेत दिखे।

सितंबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड पिछले दो सेशन में 3% से ज़्यादा गिरने के बाद $71 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $68 प्रति बैरल के आसपास था।

आज कच्चे तेल की कीमतों को क्या चला रहा है?

ब्लूमबर्ग ने US अधिकारी के हवाले से कहा कि स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से तेल शिपमेंट बढ़कर 10 मिलियन बैरल प्रति दिन से ज़्यादा हो गया है, जो समुद्री ट्रैफिक को रोकने की ईरान की घटती क्षमता को दिखाता है। इस बीच, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चल रही बातचीत में हुई प्रोग्रेस का स्वागत किया।

कतर ने कहा कि अगले राउंड की बातचीत ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद जल्द से जल्द तय की जाएगी, जो लड़ाई शुरू होने पर एक एयर स्ट्राइक में मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि ये सेरेमनी 4 जुलाई से शुरू होंगी और कई दिनों तक चलेंगी।

2020 के बाद से तिमाही में सबसे बड़ी गिरावट के बाद तेल की कीमतों में गिरावट जारी है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का शिपमेंट – जो फारस की खाड़ी के प्रोड्यूसर्स को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने वाला एक ज़रूरी रास्ता है – वीकेंड में हुई झड़पों के बावजूद बिना रुके जारी रहा। हालांकि कुल सप्लाई कुछ हद तक सीमित है, यूनाइटेड अरब अमीरात ने अल्टरनेटिव लॉजिस्टिक्स के ज़रिए एक्सपोर्ट को लड़ाई से पहले के लेवल पर वापस ला दिया है, जबकि अमेरिकी तेल की कमज़ोर मांग के बीच अमेरिका के बड़े कच्चे तेल के बेंचमार्क डिस्काउंट पर आ गए हैं।

कतर में बातचीत से पहले, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग पर कंट्रोल बनाए रखने के अपने इरादे को फिर से पक्का किया, और अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम और लेबनान में लड़ाई सहित कुछ खास रुकावटों पर ज़ोर दिया, जो 60-दिन के सीज़फ़ायर पीरियड के दौरान बातचीत को मुश्किल बना रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वर्जीनिया में रिपोर्टर्स से बात करते हुए दोहराया कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए।

Crude Oil Price: US-ईरान बातचीत में अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ब्रेंट क्रूड $73 के पास

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan: जारी रह सकता है बुल्स का जोश, निफ्टी फिर से हासिल कर सकता है 24200 का लेवल, बैंक निफ्टी भी 58700 के लिए तैयार

Trading Plan : कुछ दिनों की प्रॉफिट बुकिंग के बाद पिछले सेशन में अच्छी रिकवरी के आई। निफ्टीअपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा। तेल की कीमतों में और गिरावट के साथ ही Nifty 50 के ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि,बाजार जानकारों का कहना है कि मोमेंटम इंडिकेटर पूरी तरह से इसके पक्ष में नहीं हैं और 24,200 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो यह 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,900-23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500-58,700 के जोन में रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। इस रेंज के ऊपर जाने पर ही 59,200-59,300 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए नीचे की तरफ,57,500 के लेवल पर सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी एक सीमित दायरे में ही बना रहा। यह इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन से यह 24,000 के स्तर के आसपास ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। दायरे में उतार-चढ़ाव के बावजूद,शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है और इंडेक्स ने पूरे सेशन के दौरान मजबूती दिखाई है।

हालांकि,तेजी की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। हालांकि, जब तक निफ़्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ,इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन लगातार ऊपर की ओर बढ़ने की चाल जारी रख सकता है और निकट भविष्य में 24,200 या उससे भी ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,500

अहम सपोर्ट: 23,800

स्ट्रैटेजी: 7 जुलाई की एक्सपायरी वाली Nifty 24,000 कॉल 152 रुपये पर खरीदें। स्टॉप-लॉस 120 रुपये और टारगेट 210 रुपये रखें।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

रूपक डे का कहना है कि बैंक निफ्टी ने बुधवार का सेशन बढ़त के साथ खत्म किया और एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाया। यह निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाता है। इंडेक्स अभी भी एक कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है और अपने अहम मूविंग एवरेज (जैसे 20-दिन और 200-दिन के DMA) से ऊपर बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

अपट्रेंड के नए दौर की पुष्टि के लिए 58,500 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। ऐसे में ट्रेडर्स मौजूदा दायरे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,800 और 57,500 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,500 और 58,700 पर दिख रहा है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 58,700

अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500

स्ट्रैटेजी: जुलाई एक्सपायरी का Bank Nifty 58,500 कॉल 795 रुपए के ऊपर खरीदें। स्टॉप-लॉस 680 रुपए और टारगेट 1,000 रुपए रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

भारत में डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (STT GDC इंडिया) अपना IPO लाना चाहती है। कंपनी इसे अगले साल लॉन्च करने की तैयारी में है। यह बात मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चली है। कंपनी AI-रेडी को-लोकेशन डेटा सेंटर सर्विस देने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के बीच एक जॉइंट वेंचर है। ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स के पास 74 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस के पास 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सूत्रों का कहना है कि STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर के बीच फंड जुटाने की योजना बना रही है। अभी के लिए इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल और सिटी को एडवाइजर रखा गया है। IPO पर काम शुरू हो गया है। बाद के स्टेज में और एडवाइजर्स को भी शामिल किया जा सकता है।

कितनी वैल्यूएशन पर नजर

कंपनी 6-7 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है। हालांकि अभी प्लानिंग शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मार्केट की स्थितियों के आधार पर इश्यू का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है।

2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य

STT GDC इंडिया 2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। कंपनी के पास कई फॉर्च्यून 500 कंपनियों सहित अलग-अलग तरह के कस्टमर हैं। इस साल की शुरुआत में, STT GDC इंडिया ने चेन्नई में अपने चौथे डेटा सेंटर को लॉन्च करने की घोषणा की थी। डेटा सेंटर सेगमेंट में घरेलू लिस्टिंग की तैयारी करने वाली अन्य कंपनियों में सिफी इनफिनिट स्पेस लिमिटेड और योटा डेटा सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

OYO IPO का 75% पैसा कर्ज चुकाने में होगा खर्च! ₹6650 करोड़ के इश्यू को लेकर ये है ओयो का प्लान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Noida Airport News: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए 9 नए शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा की है। इस नए विस्तार के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जुड़ने वाले शहरों की कुल संख्या अब 15 हो जाएगी। एयरलाइन ने बुधवार 1 जुलाई को इन नई सेवाओं की शुरुआत की। इनमें जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़ (अजमेर), पंतनगर और जम्मू शामिल हैं।

एयरलाइन ने 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर बिजनेस ऑपरेशन शुरू किया था। उद्घाटन उड़ान लखनऊ से नोएडा के बीच संचालित हुई थी। इसके बाद से एयरलाइन बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ानें चला रही है। इंडिगो का यह विस्तार केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। यात्रियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नेटवर्क और मजबूत होगा

1 जुलाई से शुरू हुई नई सेवाओं के बाद नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो द्वारा जुड़े शहरों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। इसी दिन से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नोएडा से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो जहां अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं, बरेली के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा किशनगढ़ (अजमेर) के लिए मंगलवार, गुरुवार और रविवार को फ्लाइट उपलब्ध रहेगी।

इन नए शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें

इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए रूटों में देश के कई प्रमुख और पर्यटन शहर शामिल हैं:-

जयपुर, जोधपुर और देहरादून

धर्मशाला, बरेली और किशनगढ़ (अजमेर)

देहरादून, पंतनगर और चंडीगढ़

अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट

इंडिगो अधिकांश नए शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, बरेली के लिए उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेंगी। जबकि किशनगढ़ (अजमेर) के लिए उड़ानें मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उपलब्ध होंगी।

10 जुलाई से श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

इंडिगो 10 जुलाई से नोएडा-श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान सेवा भी शुरू करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि फिलहाल नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए उड़ानें चंडीगढ़ के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर लेगा। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू किए जाने की उम्मीद है।

नई किराया कैटेगरी ‘IndiGo Lite Fare’

इसी बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘IndiGo Lite Fare’ नाम से नई एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया श्रेणी शुरू की है। इसमें केवल केबिन बैगेज शामिल होगा और सीट चयन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस किराए में फ्री चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत होगी, उन्हें इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।

अकासा एयर के बाद इंडिगो की बड़ी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को अकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं, जो वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अब इंडिगो ने भी लखनऊ से नोएडा के बीच अपनी उद्घाटन उड़ान के साथ परिचालन का विस्तार कर दिया है। इसके अलावा कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें चला रही है।

नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

एनआईए (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 10 जुलाई से नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इसके साथ ही श्रीनगर के लिए भी सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान में एयरलाइन के पास नोएडा-जयपुर-मुंबई रूट का लेओवर (Layover) विकल्प है। जबकि नोएडा से नवी मुंबई और नोएडा से श्रीनगर की उड़ानें चंडीगढ़ होकर रूट की जाएंगी।

इंडिगो के नोएडा एयरपोर्ट से 9 नए रूट शुरू होने के प्रमुख फायदे

यात्रियों को अधिक विकल्प: नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को अब कई शहरों के लिए सीधे या बेहतर कनेक्टिविटी वाली उड़ानें मिलेंगी। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

समय की बचत: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे।

पर्यटन को बढ़ावा: जयपुर, धर्मशाला, देहरादून, जम्मू और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा: नए हवाई संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेशकों के लिए नोएडा तथा आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।

रोजगार के अवसर: उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरपोर्ट, एयरलाइन, होटल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्षेत्रीय विकास: बरेली, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से उनका आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी: कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शुरू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ होगा, जिससे विदेश यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

सस्ती यात्रा का विकल्प: इंडिगो की नई IndiGo Lite Fare योजना के तहत केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को कम किराए में टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

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Stocks to Watch: 24100 के पार Gift Nifty, आज Sensex की एक्सपायरी को V-Mart और Airtel समेत इन पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 142.00 प्वाइंट्स यानी 0.59% की बढ़त के साथ 24,186.00 पर है। चूंकि आज जुलाई सीरीज में सेंसेक्स की पहली वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 01 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

तिमाही बिजनेस अपडेट

Punjab & Sind Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब एंड सिंध बैंक का टोटस बिजनेस 15.33% बढ़कर ₹2.67 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 12.16% बढ़कर ₹1.47 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 19.5% बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए रेश्यो भी 76.19% से सुधरकर 81.18% पर पहुंच गया।

Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 13.6% बढ़कर ₹15.28 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 13.3% बढ़कर ₹8.43 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 13.9% बढ़कर ₹6.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का घरेलू सीएएसए रेश्यो भी 38.97% से सुधरकर 39.64% पर पहुंच गया।

South Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साउथ इंडियन बैंक का टोटल डिपॉजिट्स 11.39% बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 17.01% बढ़कर ₹1.04 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 14.61% बढ़कर ₹41,493 करोड़ और सीएएसए रेश्यो 32.06% से सुधरकर 32.99% पर पहुंच गया।

Tamilnad Mercantile Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 23.04% बढ़कर ₹1.21 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 19.7% बढ़कर ₹64,409 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 27.01% बढ़कर ₹57,306 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 16.94% बढ़कर ₹16,852 करोड़ पर पहुंच गया।

Dhanlaxmi Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर धनलक्ष्मी बैंक का टोटस बिजनेस 21.12% बढ़कर ₹35,188 करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 17.1% बढ़कर ₹19,403 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 26.5% बढ़कर ₹15,785 करोड़ पर पहुंच गया।

Ashiana Housing Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आशियाना हाउसिंग का एरिया बुकिंग सालाना आधार पर गिरकर 5.05 लाख स्क्वेयर फीट से 3.61 लाख स्क्वेयर फीट पर आ गया तो बिके एरिया की वैल्यू भी फिसलकर ₹430.97 करोड़ से ₹357.8 करोड़ पर आ गई।

V-Mart Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी-मार्ट रिटेल का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹1,089 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 1% से 9% पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 15 स्टोर खोले तो 1 बंद किया।

Sai Silks Kalamandir Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में साई सिल्क्स कलामंदिर का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1% गिरकर ₹375 करोड़ पर आ गया। कंपनी ने कर्नाटक में दो नए स्टोर के जरिए 30 हजार स्क्वेयर फीट का रिटेल स्पेस जोड़ा।

V2 Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी2 रिटेल का स्टैंडएलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 58.25% बढ़कर ₹997 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 5% से 7.5% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 57 नए स्टोर खोले और 1 बंद किया।

JTL Industries Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेटीएल इंडस्ट्रीज की सेल्स वॉल्यूम 18% बढ़कर 1.18 लाख टन पर पहुंच गई।

मंथली बिजनेस अपडेट

Force Motors (June YoY)

जून महीने में फोर्स मोटर्स की टोटल सेल्स सालाना आधार पर 23.5% बढ़कर 3,568 यूनिट्स पर पहुं गई। इसमें घरेलू सेल्स सालाना आधार पर 26.63% बढ़कर 3,547 यूनिट्स पर पहुंचा लेकिन निर्यात 76.14% गिरकर 21 यूनिट्स पर आ गया।

NMDC (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर एनएमडीसी के लौह अयस्क का उत्पादन 44.3% बढ़कर 5.15 टन और इसकी सेल्स 11.2% बढ़कर 3.98 टन पर पहुंच गई।

Stocks to Watch : इन पर भी रहेगी नजर

Lupin

13-17 अप्रैल 2026 के बीच जांच के बाद अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से अमेरिका के न्यू जर्सी के सोमरसेट में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए लुपिन को EIR (एस्टैब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट) मिली है, जिसमें वॉलंटरी एक्शन इंडिकेटेड (VAI) क्लासिफिकेशन को संतोषजनक बताया गया है। वहीं यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने पीडियाट्रिक इन्वेस्टिगेशन प्लान (PIP) के आधार पर NaMuscla के मार्केटिंग ऑथराइजेशन की शर्तों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी में मौजूदा 167 mg स्ट्रेंथ के अलावा दो नई डोज स्ट्रेंथ-62 एमजी और 83 एमजी कैप्सूल भी शामिल हैं।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ₹750 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ अपने दूसरे ग्लोबल पार्ट्स सेंटर (GPC) का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्य में उसका कुल निवेश ₹3,200 करोड़ से ज्यादा हो जाएगा।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज और टेनेको एलएलसी ने मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए अपनी ग्लोबल पार्टनरशिप को और मजबूत किया है। टेनेको अगले पांच वर्षों में इस साझेदारी में $10.0 करोड़ से अधिक का निवेश कर सकती है।

Bharti Airtel

भारती एयरटेल की सब्सिडियरी एयरटेल मनी ने टाइप II नॉन-डिपॉजिट-टेकिंग NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के तौर पर कमर्शियल कामकाज शुरू कर दिया है।

Syngene International

सिद्धार्थ मित्तल ने 1 जुलाई से पीटर बेन की जगह सिनजीन इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ का पद संभाल लिया है।

Studds Accessories

भरत गोयल को 1 जुलाई से स्टड्स एक्सेसरीज का सीएफओ नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने मनीष मेहता को 1 जुलाई से सीएफओ के पद से हटाकर सीनियर मैनेजमेंट कैटेगरी में वाइस प्रेसिडेंट–टैक्सेशन एंड कंप्लायंस बनाया है।

Coal India

कोल इंडिया को बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड से 600 MW का सोलर प्लांट लगाने के लिए ₹2,831.11 करोड़ का लेटर ऑफ अवार्ड मिला है।

Srivasavi Adhesive Tapes

बेंगलुरु रूरल में श्रीवासवी एडहेसिव टेप्स के पॉलिमर डिवीजन (यूनिट 5) ने एक ग्लोबल मल्टीनेशनल कंपनी के साथ पर्चेजिंग एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी PP, HDPE, फैब्रिक और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की सप्लायर बन गई है।

Sai Parenterals

साई पैरेंटरल्स की ऑस्ट्रेलियाई सब्सिडियरी नौमेड फार्मा ने ऑस्ट्रेलिया की मल्टी-बिलियन डॉलर की फार्मेसी चेन के साथ अपने लॉन्ग टर्म एक्सक्लूसिव OTC (ओवर-द-काउंटर) दवा सप्लाई एग्रीमेंट को रिन्यू किया है। नए एग्रीमेंट में प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाई गई है, समय-सीमा बढ़ाई गई है और कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू भी काफी ज्यादा है। रिन्यू हुए एग्रीमेंट की वैल्यू साढ़े सात साल की बढ़ी हुई अवधि के लिए AUD 20.2 करोड़ (लगभग ₹1,300 करोड़) यानी सालाना लगभग AUD 2.7 करोड़ है। इस एग्रीमेंट में आपसी सहमति से इसे और तीन साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी शामिल है।

लिस्टिंग

आज सीएसएम टेक के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज लॉयड्स एंटरप्राइजेज और चेमबॉन्ड मैटेरियल टेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात एनर्जी के स्पिन ऑफ की भी आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market News: जून तिमाही में रिटेल निवेशकों ने इक्विटी में की जोरदार खरीदारी, बाजार में लगाए 35,328 करोड़ रुपये

Stock Market News: कई महीनों तक किनारा बनाए रहने के बाद,रिटेल निवेशक भारतीय इक्विटी मार्केट में वापस लौट रहे हैं। जून तिमाही में इनकी खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। यह लंबे समय तक सावधानी बरतने के बाद निवेशकों की सोच में आए बदलाव का संकेत है। NSE के डेटा के मुताबिक रिटेल निवेशकों ने जून में 14,088 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह इनकी तरफ से मई में 3,018 करोड़ रुपये और अप्रैल में 18,222 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए। पूरी जून तिमाही की बात करें तो उनकी कुल खरीदारी 35,328 करोड़ रुपये रही। यह दिसंबर 2024 की तिमाही के बाद उनकी सबसे बड़ी तिमाही खरीदारी है। दिसंबर तिमाह में उन्होंने लगभग 56,126 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

जून तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद रिटेल निवेशकों की तरफ से जमकर खरीदारी हुई।

2025 की शुरुआत से ही रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बनाए हुए थे। उन्होंने 2025 में 25,615 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। जबकि 2026 के शुरुआती तीन महीनों में उन्होंने सिर्फ 2,750 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज में फंडामेंटल रिसर्च के हेड,सौरभ जैन ने कहा कि यह खरीदारी सट्टेबाजी के लिए गिरावट पर की गई खरीदारी नहीं है,बल्कि यह साइड में पड़ी पूंजी का रणनीतिक और मैक्रो-आधारित निवेश है। ब्रॉडर मार्केट के हालात भी इस नजरिए का सपोर्ट करते हैं।

buying

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान,सेंसेक्स और निफ्टी में 6.3 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो पिछले चार तिमाहियों में उनकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। इस दौरान मेन इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 16.7 प्रतिशत बढ़ा,जो जून 2024 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त रही।

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी

छोटे-मझोले शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 24.5% की बढ़त हुई,जो जून 2020 के बाद से इसका सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन रहा। BSE 250 माइक्रोकैप इंडेक्स भी 30% उछला,जो मार्च 2025 में इंडेक्स के शुरू होने के बाद से इसकी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त है। जून तिमाही के दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 15% बढ़ा।

जैन ने आगे कहा कि फरवरी के आखिर में शुरू हुई मिडिल-ईस्ट जंग और उसके चलते तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से निवेशकों का भरोसा शुरू में कमजोर हुआ था,लेकिन जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते ने एक बड़ी राहत का काम किया। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमत चार महीने के निचले स्तर $72 पर आ गई और एनर्जी शॉक प्रीमियम का असर भी कम हुआ।

बाजार को मिला पॉलिसी सपोर्ट

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार के 5 जून के बड़े पॉलिसी पैकेज से इस जियोपॉलिटिकल तनाव के असर को कम करने में काफी मदद मिली। इस पैकेज में FPI बॉन्ड निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को हटाना,’फुल्ली एक्सेसिबल रूट’का विस्तार करना और लॉन्ग-टर्म FCNR फिक्स्ड डिपॉजिट व NRI इक्विटी निवेश के लिए बेहतर इंसेंटिव देना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पॉलिसी सपोर्ट ने FII की निकासी को रोका,रुपये को स्थिर किया और मैक्रो रिस्क को कम किया। इससे रिटेल निवेशकों को यह भरोसा मिला कि वे मार्केट में गिरावट(करेक्शन)का इस्तेमाल एंट्री के अच्छे मौकों के तौर पर कर सकते हैं और अपने कैश रिजर्व को व्यवस्थित तरीके से इक्विटी में फिर से लगा सकते हैं।

FIIs रहे नेट सेलर

बाजार जानकारों का कहना है कि इस तिमाही के ज्यादातर हिस्से में FIIs नेट सेलर बने रहे। उनकी बिकवाली मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर रहे। इसमें US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और ग्लोबल स्तर पर रिस्क-ऑफ का माहौल शामिल है। यह भारत के घरेलू मार्केट के फंडामेंटल्स में किसी खराबी के बजाय ग्लोबल एसेट एलोकेशन में बदलाव को दिखाता है।

विदेशी निवेशकों की निकासी को घरेलू निवेशकों ने किया बेअसर

घरेलू निवेशकों से मिले जबरदस्त सपोर्ट के चलते विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के बावजूद,भारतीय बाजार मजबूत बने रहे। म्यूचुअल फंड SIP के जरिए लगातार निवेश,घरेलू संस्थागत निवेशकों की जोरदार खरीदारी और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने FII की बिकवाली से बनी सप्लाई को संभाल लिया। इससे बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई और बाजार का ओवरऑल तेजी वाला ढांचा कायम रहा।

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में आई मजबूत रिकवरी

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि भले ही बेंचमार्क इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कई लार्ज-कैप और अच्छे मिड-कैप शेयरों ने अपने लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल (जैसे 100 डे और 200 डे मूविंग एवरेज) को बनाए रखा। हर गिरावट के बाद ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ बाजार में मजबूत रिकवरी आई, जो इस बात का संकेत है कि निवेशक शेयर जमा (accumulate) कर रहे हैं,न कि बड़े पैमाने पर बेच रहे हैं। यह एक ऐसा प्राइस पैटर्न है जिसे आम तौर पर टेक्निकल नज़रिए से अच्छा माना जाता है।

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