Ambuja Cements Share Price: बर्नस्टीन ने इस सीमेंट स्टॉक की रेटिंग को किया अपग्रेड, जानें क्या है टारगेट प्राइस

Ambuja Cements Share Price: बर्नस्टीन ने गुरुवार, 2 जुलाई को अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (Ambuja Cements Ltd) को उसकी पिछली रेटिंग “मार्केट परफॉर्म” से “आउटपरफॉर्म” में अपग्रेड किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारत के दो सबसे बड़े सीमेंट प्रोड्यूसर के बीच वैल्यूएशन का अंतर अब टिकाऊ नहीं रहा। अपग्रेड के बावजूद, बर्नस्टीन ने अंबुजा सीमेंट्स पर अपना प्राइस टारगेट ₹542 प्रति शेयर से घटाकर ₹486 कर दिया, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से 16% की बढ़त की संभावना है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अंबुजा, अल्ट्राटेक सीमेंट के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही है, भले ही यह कैपेसिटी के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट प्रोड्यूसर बन गई है।

बर्नस्टीन के अनुसार, अल्ट्राटेक की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹3.6 लाख करोड़ है और इसकी सीमेंट कैपेसिटी 206 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है, जबकि श्री सीमेंट की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹90,000 करोड़ है और इसकी कैपेसिटी 69 MTPA है। इसकी तुलना में, अंबुजा की एंटरप्राइज वैल्यू लगभग ₹1.2 लाख करोड़ है, जबकि इसकी कैपेसिटी 109 MTPA है।

ब्रोकरेज ने कहा कि अंबुजा की वैल्यू अभी लगभग एक नया ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट बनाने की लागत के बराबर है, जो कंपनी के स्केल या कमाई की क्षमता को नहीं दिखाता है। बर्नस्टीन को उम्मीद है कि अंबुजा की चल रही कैपेसिटी बढ़ाने और ऑपरेशनल सुधारों से आगे चलकर अल्ट्राटेक और श्री सीमेंट दोनों के साथ प्रति टन EBITDA का अंतर कम करने में मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि आने वाले सालों में मजबूत एग्जीक्यूशन से री-रेटिंग को बढ़ावा मिलना चाहिए क्योंकि कंपनी बड़ी कंपनियों के साथ प्रॉफिट का अंतर कम कर रही है।

अंबुजा सीमेंट्स पर 46 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 33 ने स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी है, 10 ने “होल्ड” कहा है, जबकि तीन अन्य ने “सेल” रेटिंग दी है।

अंबुजा सीमेंट्स के शेयर अभी गुरुवार को 1.7% बढ़कर ₹426.5 पर ट्रेड कर रहे हैं। स्टॉक अपने 52-हफ़्ते के हाई ₹624 से 32% नीचे है। 2027 में अब तक स्टॉक 24% नीचे आ चुका है।

Dividend Stocks: महिंद्रा ग्रुप की 5 कंपनियां देंगी ₹110 तक का डिविडेंड, नहीं हैं शेयरहोल्डर तो आज, 2 जुलाई को आखिरी मौका

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stocks: महिंद्रा ग्रुप की 5 कंपनियां देंगी ₹110 तक का डिविडेंड, नहीं हैं शेयरहोल्डर तो आज, 2 जुलाई को आखिरी मौका

महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की 5 कंपनियां 110 रुपये तक का डिविडेंड बांटने वाली हैं। रिकॉर्ड डेट 3 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप इन 5 कंपनियों में से किसी के डिविडेंड का फायदा पाना चाहते हैं लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं हैं तो आज, 2 जुलाई को ट्रेडिंग बंद होने से पहले शेयर खरीद करनी होगी। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 5 कंपनियां…

महिंद्रा एंड महिंद्रा

महिंद्रा एंड महिंद्रा 33 रुपये प्रति शेयर का ​डिविडेंड दे रही है। शेयर में 2 जुलाई को तेजी है। फेस वैल्यू 5 रुपये है।

टेक महिंद्रा

आईटी कंपनी टेक महिंद्रा प्रति शेयर 36 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। 2 जुलाई को इसमें भी तेजी है।

Mahindra Lifespace Developers

यह कंपनी 3.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर में गुरुवार को तेजी है।

Zee Entertainment का शेयर 4% तक लुढ़का, वॉरंट इश्यू की घोषणा के बाद बिकवाली

SML महिंद्रा

कंपनी 23.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड बांटने वाली है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। 2 जुलाई को शेयर हरे निशान में है।

स्वराज इंजन्स

कंपनी 110 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए है। ​यह कंपनी की ओर से घोषित अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है। इस डिविडेंड पर कंपनी की 20 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर में 2 जुलाई को तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LIC सहित इन 8 कंपनियों और बैंकों में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, IDBI Bank का शेयर 2.46% उछला

सरकार एलआईसी सहित 8 बड़ी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने सरकार की वित्तीय सेहत पर दवाब बढ़ा दिया था। वित्तीय सेहत ठीक करने के लिए सरकार विनिवेश पर फोकस बढ़ाना चाहती है। इसके लिए एलआईसी, हिंदुस्तान जिंक सहित 8 कंपनियों में अगले कुछ महीनों में विनिवेश की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इनमें कुछ सरकारी बैंक भी शामिल हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

LIC में हिस्सा बेचने से 10000 करोड़ मिल सकते हैं

Life Insurance Corporation (LIC) देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। ब्लूमबर्ग ने पहले खबर दी थी कि इस कंपनी में हिस्सेदारी बेच सरकार 10,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। Hindustan Zinc के शेयरों में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को 5,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी हर हफ्ते इस बारे में मीटिंग कर रहे हैं। इनवेस्टमेंट बैंकर्स इनवेस्टर्स डिमांड का पता लगा रहे हैं। वे शेयरों की कीमत और बिक्री के समय के बारे में भी विचार कर रहे हैं। मामले से जुड़े लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

IDBI Bank के लिए भी नई बोलियां आमंत्रित की जा सकती हैं

इस मामले के बारे में जानकारी देने वाले लोगों ने यह भी बताया कि भविष्य में कुछ और सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए अतिरिक्त बैंकर्स की नियुक्ति की जा रही है। अथॉरिटीज IDBI Bank में ब़ड़ी हिस्सेदारी बेचने के लिए नई बोलियां (bids) आमंत्रित करने के बारे में भी सोच रही है। इसके लिए सरकार रिजर्व प्राइस में कमी कर सकती है। इससे पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया इसलिए रोक दी गई थी, क्योंकि खरीदारों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। 2 जुलाई को IDBI Bank के शेयर में तेजी दिखी। यह 2.46 फीसदी चढ़कर 84.30 रुपये पर चल रहा था।

विदेशी निवेशकों ने इस साल 29 अरब डॉलर की बिकवाली की

इस बारे में पूछने पर वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सरकार ऐसे वक्त अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। इस साल की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इस दौरान निफ्टी में करीब 9 फीसदी की गिरावट में इसका बड़ा हाथ है।

इस साल जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई के मेगा आईपीओ भी आएंगे

इस साल Jio Platforms और NSE के आईपीओ भी आने वाले हैं। सरकार के अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के प्लान पर इन आईपीओ का असर पड़ सकता है, क्योंकि ये दोनों ही आईपीओ काफी ज्यादा अमाउंट के होंगे। इस मामले की जानकारी देने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सरकार पहले Coal India और NHPC में हिस्सेदारी बेचकर निवेशकों के रिस्पॉन्स का पता लगाना चाहती है।

यह भी पढ़ें: Vedanta Oil and Gas के शेयरों में तूफानी तेजी, समूह की दूसरी कंपनियों के स्टॉक्स भी उछले

सरकार का विनिवेश से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

सरकार ने इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अप्रैल से जून के दौरान सरकार ने विनिवेश से करीब 2 अरब डॉलर (18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) जुटाए  हैं। यह बीते तीन सालों में हर साल विनिवेश से आए कुल अमाउंट से ज्यादा है। 2 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.50 फीसदी से ज्यादा मजबूती थी।

Monthly Horoscope July 2026: बैंक बैलेंस से नौकरी तक…, इन 3 राशियों की जुलाई में बदलने वाली है किस्मत

Monthly Horoscope July 2026: साल 2026 के 6 महीने बीत चुके हैं। अब जुलाई की शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हर नया महीना ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव लाता है, जिसका असर सीधा हमारे जीवन, करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर होता है। जुलाई 2026 कुछ खास ग्रहों के गोचर और शुभ संयोगों को लेकर आया है, जिसके चलते 3 राशियों पर इसका खास असर होने वाला है।

जुलाई में इन राशियों के जातकों को न केवल भाग्य का साथ मिलने वाला है, बल्कि लंबे समय से रुके हुए काम भी पूरे होते दिखेंगे। तो आइए जानते हैं कौन सी तीन वे राशियां हैं जिनकी किस्मत चमकने वाली है।

मेष राशि (Aries)

सबसे पहले बात करते हैं मेष राशि की। जुलाई 2026 मेष राशि के जातकों के लिए सुनहरे अवसरों से भरपूर होने वाला है। इस महीने आपके कर्म स्थान पर शुभ ग्रहों का पॉजिटिव असर देखने को मिलेगा, जिससे आपके करियर को एक नई ऊंचाई और दिशा मिलेगी। बता दें कि इनकी सफलता की वजह बढ़ा हुआ आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में सीनियर्स से मिलने वाला सपोर्ट होगा। अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने या प्रमोशन के इंतजार में है, तो इस महीने आपकी यह इच्छा पूरी होती दिख रही ही। वहीं व्यापार से जुड़े लोगों के लिए जुलाई का महीना नए निवेश के अवसर लेकर आने वाला है। आय के नए स्त्रोत खुलेंगे।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि के लोगों के लिए जुलाई 2026 वरदान साबित होने वाला हैं। सूर्य और बुध की अनुकूल स्थिति आपके लग्न और एकादश भाव पर असर डालेंगी, जिससे आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। सिंह राशि की सफलताकी वजह उनकी बातचीत (Communication Skills) और लीड करने की क्षमता होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को तारीफ मिलेगी, साथ ही उन्हें लागू करने के लिए आपको पूरी आजादी दी जाएगी। सोसाइटी और ऑफिस में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में भी बढ़त होगी। सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले और किसी बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने की चाहत रखने वालों को भी गुड न्यूज मिल सकती है।

वहीं अगर आप पार्टनरशिप में कोई नया बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो सफलता मिलेगी। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल होंगे और परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आपकी ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, जिससे आप हर परेशानी का सामना कर सकते हैं।

तुला राशि (Libra)

जुलाई 2026 में तीसरी सबसे लकी राशि तुला रहने वाली है। आपके भाग्य स्थान और लाभ स्थान पर ग्रहों की चाल इस महीने आपके जीवन के हर क्षेत्र में खुशहाली लेकर आएगी। पिछले कुछ समय से आप, जिस मानसिक तनाव या परेशानियों का सामना कर रहे थे, वे इस महीने खत्म होंगी।

तुला राशि वालों की सफलता का कारण भाग्य का पूरा सहयोग मिलना है। इस महीने आपके सभी काम बहुत कम प्रयास में पूरे होते दिख रहे हैं। जॉब कर रहे लोगों को मनचाहा ट्रांसफर या नई नौकरी के अवसर मिलेंगे। विदेश यात्रा का योग भी बन सकता है। फिजूलखर्ची कम होगा, साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत मिलती दिखेगी।

ग्रहों की स्थिति भले ही इन तीनों राशियों पर अच्छा असर डाले, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बिना कर्म के भाग्य का पूरा लाभ नहीं उठा सकते हैं। मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों को जुलाई 2026 के इस शुभ समय का पूरा फायदा उठाते हुए आलस को छोड़ना होगा और अपने काम पर फोकस करना होगा।

Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। मनी कंट्रोल हिंदी किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं कर रहा है। किसी भी चीज को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Vedanta Oil and Gas के शेयरों में तूफानी तेजी, समूह की दूसरी कंपनियों के स्टॉक्स भी उछले

वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयरों में 2 जुलाई को भी तेजी देखने को मिली। बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद शेयरों को पंख लग गए। 12 बजे शेयर 8.69 फीसदी के उछाल के साथ 42 रुपये पर चल रहा था। एक हफ्ते में यह शेयर 28 फीसदी से ज्यादा उछला है। 1 जुलाई को भी इस शेयर में जबर्दस्त तेजी आई थी।

Vedanta Iron and Steel में लगा अपर सर्किट 

Vedanta ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी जबर्दस्त तेजी। वेदांता ने अपने बिजनेस का डीमर्जर किया था। इसकी चार कंपनियां 15 जून को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। गुरुवार को सभी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। सबसे ज्यादा तेजी Vedanta Iron and Steel में दिखी। 10 फीसदी चढ़ने के बाद इस शेयर में अपर सर्किट लग गया। यह शेयर एक हफ्ते में 31 फीसदी से ज्यादा उछला है।

ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

2 जुलाई को 12 बजे वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर 10 फीसदी चढ़कर 42.65 रुपये पर चल रहा था। Vedanta Oil and Gas का शेयर 8.76 फीसदी के उछाल के साथ 42.07 रुपये पर चल रहा था। Vedanta Power का शेयर 4.95 फीसदी की तेजी के साथ 46.40 रुपये पर था। Vedanta Aluminium का शेयर 1.36 फीसदी की तेजी के साथ 458.40 रुपये पर चल रहा था।

1 जुलाई को भी इस वजह से आई थी तूफानी तेजी

1 जुलाई को भी इन चारों कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए थे। इसकी वजह यह थी कि ये शेयर ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट से बाहर आए थे। ये चारों शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में 15 जून को लिस्ट हुए थे। पहले 10 कारोबारी दिनों के लिए इन्हें टी2टी सेगमेंट में डाला गया था। T2T सेगमेंट में शामिल शेयरों में हर ट्रांजेक्शन पर डिलीवरी जरूरी होती है। इन शेयरों में इंट्रा-डे बाइंग और सेलिंग की इजाजत नहीं होती है। शेयर की कीमत चढ़ने या उतरने की स्थिति में 5 फीसदी पर ही सर्किट लग जाता है।

वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों का 550 रुपये टारगेट प्राइस

बाजार के जानकारों का कहना है कि वेदांता का डीमर्जर सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इससे शेयरों में तेजी दिख रही है। डीमर्जर के बाद वेदांता की लिस्टेड कंपनियों की संख्या 5 हो गई है। वेदांता ग्रुप की कंपनियों को लेकर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। एमके ग्लोबल ने वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों को खरीदने की राय दी है। उसने शेयर के लिए 550 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

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वेदांता पावर का बड़ा फ्यूचर प्लान 

ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने वेदांता पावर के बारे में कहा है कि कंपनी स्थापित क्षमता के लिहाज से भारत के टॉप पांच प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी FY33 तक टॉप 3 प्राइवेट बिजली उत्पादक कंपनियों में अपनी जगह बनाना चाहती है। कंपनी कोयला आधारित अपनी क्षमता 4.2GW से बढ़ाकर इस वित्त वर्ष के अंत तक 4.8GW करना चाहती है। 2 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। निफ्टी और सेंसेक्स करीब 0.50 फीसदी ऊपर चल रहे थे।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

सेबी ने 144 करोड़ रुपए के पंप एंड डंप मामले का जोमौटो ऑर्डर और फ्लाइट टिकट से किया पर्दाफाश, मुख्य आरोपी पर लगी 10 करोड़ रुपए की पेनाल्टी

SEBI ने 144 करोड़ रुपये के पंप एंड डंप स्कैम के एक बड़े मामले में फाइनल ऑर्डर जारी कर दिया है। सेबी ने सारी रकम जब्त करने के साथ ही आरोपियों पर सख्त एक्शन लिया है। SEBI ने 144 करोड़ रुपए के जिस पंप एंड डंप स्कैम पर फाइनल ऑर्डर निकाला है वह पंप एंड डंप के अब तक के सबसे बड़े मामलों में से एक है। इस पंप एंड डंप में 226 एंटिटीज शामिल हैं। इसके जरिए साल 2017-2020 के बीच 5 शेयरों में खेल हुआ है।

इन पांच शेयरों में पंप एंड डंप का खेल

पंप एंड डंप का यह खेल जिन शेयरों में हुआ है उनमे मौरिया उद्योग (Mauria Udyog), विशाल फैब्रिक्स (Vishal Fabrics), 7NR रिटेल (7NR Retail), GBL इंडस्ट्रीज़ (GBL Industries) और दार्जिलिंग रोपवे (Darjeeling Ropeway) शामिल हैं।

क्या है SEBI का फाइनल ऑर्डर?

SEBI के फाइनल ऑर्डर में कहा गया है कि इन शेयरों में गलत तरीके से कमाए गए 144 करोड़ रुपए जब्त किए जाएंगे। स्कैम के मुख्य आरोपी हनीफ शेख पर 7 साल का बैन लगेगा। हनीफ शेख पर 10 करोड़ रुपये की पेनल्टी भी लगेगी। बाकी आरोपियों पर 4 से 6 साल की रोक लगेगी। इन पर सेबी ने 5 लाख से 2 करोड़ की पेनल्टी लगाई है।

पंप एंड डंप का खेल, SEBI ने कैसे किया खुलासा?

मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने हनीफ शेख को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया है। हनीफ शेख के 4 मोबाइल नंबर्स की जांच दौरान यह खुलासा हुआ है। एयरलाइन बुकिंग और होटल रिजर्वेशन के जरिए हनीफ शेख के खिलाफ सबूत जुटाए गए हैं। स्कैम के खुलासे के लिए फूड डिलीवरी एप और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। WhatsApp पर हुई बातचीत और पैसों के लेन-देन से भी सबूत इकट्ठा किए गए। मामले की जांच के लिए डोमेन रजिस्ट्रेशन की हिस्ट्री और बल्क SMS गेटवे को भी खंगाला गया। इससे पता चला कि मौरिया उद्योग (Mauria Udyog) के 62 कर्मचारियों ने शेयर बेचे थे। शेयरों में हेरफेर के जरिए मुनाफा कमाने के लिए कई शेल अकाउंट का इस्तेमाल हुआ।

SEBI ने इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए बैंक रिकॉर्ड के अलावा भी कई चीजें देखीं। SEBI ने चार ऐसे मोबाइल नंबरों की जांच की जिनके बारे में शक था कि वे हनीफ शेख के हैं,जबकि शेख का दावा था कि वे नंबर उसके कर्मचारियों के हैं,उसके नहीं। SEBI को इस जांच के दौरान इंडिगो फ़्लाइट के ऐसे रिकॉर्ड मिले जिनसे पता चला कि बुकिंग के लिए आरोपी के अपने फोन नंबर और ईमेल का इस्तेमाल किया गया था। इससे उसका यह दावा गलत साबित हो गया कि नंबर किसी कर्मचारी का था।

होटल बुकिंग के रिकॉर्ड का इस्तेमाल घोटाले से जुड़े लोगों के बीच आपसी संबंध साबित करने के लिए किया गया। ज़ोमैटो फ़ूड डिलीवरी डेटा को यह पक्का करने के लिए क्रॉस-चेक किया गया कि असल में कौन सा फोन नंबर कौन इस्तेमाल कर रहा था। वेबसाइट की ओनरशिप का पता लगाने के लिए SEBI ने गोडैडी (GoDaddy)डोमेन रिकॉर्ड,एडमिन लॉगिन हिस्ट्री और मार्केटिंग एजेंसी के इनवॉइस की जांच की ताकि यह पता चल सके कि प्रोमोशनल वेबसाइट्स को असल में कौन कंट्रोल कर रहा था।

बल्क SMS रिकॉर्ड से पता चला कि सिर्फ़ एक स्टॉक के लिए 2.1 करोड़ से ज्यादा मैसेज भेजे गए। सभी पांच स्टॉक्स के लिए 60,000 से ज्यादा अलग-अलग नंबरों को टारगेट किया गया। जांच से पता चला कि हेरफेर वाले समय के दौरान मौरिया उद्योग के 62 कर्मचारियों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर्स ने शेयर बेचे। शेयर की बढ़ी हुई कीमतों से हुआ मुनाफा कई शेल/कंड्यूट अकाउंट्स (फर्जी या बिचौलिया खातों) के जरिए आगे बढ़ाया गया। इस लेयरिंग (पैसे को कई खातों में घुमाने) का मकसद असली फायदा उठाने वालों की पहचान छिपाना था।

क्या होता है पंप एंड डंप का खेल?

शेयर बाजार में निवेश करने वाले हर व्‍यक्ति को इसकी बारीकियों की जानकारी नहीं होती। इनमें से कई निवेशक एक्‍सपर्ट की सलाह के आधार पर किसी शेयर को खरीदते या बेचते हैं। निवेशकों की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर पंप एंड डंप का खेल खेला जाता है। सोशल मीडिया इंफ्लूएंशर्स और यूट्यूबर्स भी ऐसे ही फर्जी ज्ञान का फायदा उठाकर निवेशकों को गुमराह करते हैं। मार्केट गुरु बने ऐसे धोखेबाज किसी कंपनी के शेयर को लेकर हाइप बनाते हैं और निवेशकों से उसमें पैसे लगाने की बात करते है।

इन फर्जी गुरुओं का एक कही मंत्र होता है,निवेशकों से पैसे लगवाकर किसी शेयर की कीमत बढ़वाओ और फिर उसे बेचकर निकल लो। वास्तव में ये फर्जी गुरु पहले से ही ऐसी किसी कंपनी का शेयर खरीद लेते हैं और निवेशकों को उसके बारे में अच्‍छी-अच्‍छी बातें बताकर खूब पैसे लगाने के लिए प्रोत्‍साहित करते हैं। जब निवेशक उस शेयर को खरीदना शुरू करते हैं तो जाहिर है कि मांग बढ़ने से एक्‍सचेंज पर उस शेयर की कीमत में भी बड़ा इजाफा हो जाता है। बस यही तो इनका मकसद है और ये फर्जी गुरु तत्‍काल बढ़ी कीमत पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा काट लेते हैं। यानी पहले पंप करके शेयर के भाव बढ़ाओ और फिर उसे डंप कर दो।

 

 

Market Insight: 24150 का लेवल पार हुआ तो निफ्टी में 24250-24300 की ओर तेजी मुमकिन, अभी बैंक निफ्टी में शॉर्ट करने से बचें

Gold Silver Price: सोने की कीमतों में तेजी, यूएस जॉब डेटा में नरमी और क्रूड में गिरावट से मिला सपोर्ट

Gold Silver Price: गुरुवार को सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। सोने को उम्मीद से कम जॉब डेटा और क्रूड की कम कीमतों से सपोर्ट मिला, जबकि मार्केट का फोकस फेडरल रिजर्व की चाल पर नए संकेतों के लिए आज की यूएस पेरोल रिपोर्ट पर था। पिछले सेशन में 23 जून के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल को छूने के बाद, 0251 GMT तक स्पॉट गोल्ड 0.7% बढ़कर $4,057.92 प्रति औंस हो गया। अगस्त डिलीवरी के लिए U.S. गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर $4,070.10 पर आ गया।

प्राइवेट पेरोल डेटा उम्मीद से कम आने के बाद बुलियन बुधवार को 7 महीने से ज़्यादा के निचले स्तर के करीब रहा, फिर $4,029.89 पर बंद हुआ।

ABC रिफाइनरी में इंस्टीट्यूशनल मार्केट्स के ग्लोबल हेड निकोलस फ्रैपेल ने कहा, ADP डेटा अनुमान से थोड़ा कम आया, इसलिए शायद यही सोने की तेजी की वजह है क्योंकि कुछ लोगों को लगता है कि डेटा का असर नॉन-फार्म पेरोल में दिखेगा।” ADP नेशनल एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट से पता चला कि मई में बिना बदलाव के 122,000 की बढ़त के बाद पिछले महीने प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट में 98,000 नौकरियां बढ़ीं। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट में 118,000 की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

इस बीच, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने बुधवार को कहा कि हाल के हफ्तों में महंगाई की उम्मीदें और महंगाई के रिस्क कम हुए हैं, हालांकि उन्होंने दोहराया कि फेड महंगाई को अपने 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए कमिटेड है।

CME फेडवॉच टूल के मुताबिक, ट्रेडर्स सितंबर में रेट बढ़ने की लगभग 64% संभावना मान रहे हैं। इन्वेस्टर्स अब जून के नॉनफार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो आज दिन में बाद में आएगा, ताकि फेड की मॉनेटरी पॉलिसी के रास्ते के बारे में और सुराग मिल सकें। बुधवार को ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर फोकस्ड इनडायरेक्ट बातचीत खत्म होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन इससे पक्की शांति की तरफ कोई खास बढ़त नहीं हुई।

क्रूड की बढ़ी हुई कीमतें और मजबूत लेबर मार्केट महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों को लेकर डर पैदा कर सकते हैं।

हालांकि सोने को पारंपरिक रूप से महंगाई के खिलाफ बचाव के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ज्यादा ब्याज दर वाले माहौल में यह एक नॉन-यील्डिंग एसेट के तौर पर अपनी अपील खो देता है। स्पॉट सिल्वर 1.6% बढ़कर $60.06 प्रति औंस हो गया, प्लैटिनम 2% बढ़कर $1,607.67 हो गया, और पैलेडियम 1.4% बढ़कर $1,227.13 हो गया।

Gold price today: सोने-चांदी में गिरावट जारी, एमसीएक्स पर सोना 1% टूटा, चांदी भी 2% फिसली

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जापान की PM ताकाइची राष्ट्रपति भवन पहुंची:गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत;  आज मोदी से निवेश और सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय चर्चा होगी

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची का गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वागत समारोह में मौजूद रहे। ताकाइची आज प्रधानमंत्री मोदी के साथ भारत-जापान की 16वीं वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगी। दोनों नेताओं के बीच निवेश, व्यापार, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। यह प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का पहला भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की उम्मीद है। भारत-जापान में डॉलर के बिना व्यापार की तैयारी भारत और जापान व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका कम करने की तैयारी कर रहे हैं। निक्की एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे कारोबार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में हो सके। इस प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की नई दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद ऐलान किया जा सकता है। साने ताकाइची आज 3 दिन के भारत दौरे पर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाले 16वें भारत-जापान सलाना शिखर सम्मेलन में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, सप्लाई चेन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डॉलर पर निर्भरता घटेगी, स्पेशल अकाउंट के जरिए सीधे पेमेंट अगर भारत और जापान के बीच भुगतान से जुड़ा ये प्रस्ताव लागू होता है तो दोनों देशों के बीच पहली बार स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर औपचारिक व्यवस्था बनेगी। इस योजना के तहत जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर सीधे रुपए और येन में लेनदेन कर सकेंगी। यानी लेनदेन के लिए अमेरिकी डॉलर या किसी तीसरे देश के बैंक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा बदलने का खर्च कम होगा, पैसे भेजने की लागत घटेगी और भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी हो सकेगा। दोनों देशों को उम्मीद है कि इससे व्यापार करना आसान होगा और कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। 2025 में बनी थी सहमति, अब लागू करने की तैयारी स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ एक सहयोग समझौता (MoC ) करने की तैयारी में है। यह प्रस्ताव पूरी तरह नया नहीं है। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के लिए साझा विजन दस्तावेज जारी किया था। उसमें भी पेमेंट सिस्टम और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की बात कही गई थी। अब उसी योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। भारत भी पिछले कुछ वर्षों से रुपए में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। जुलाई 2022 में RBI ने ‘स्पेशल रुपी वोस्त्रो अकाउंट’ शुरू किया था, ताकि दूसरे देशों के साथ रुपए में व्यापार हो सके। बाद में इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी बैंकों को इन खातों में जमा अतिरिक्त रकम भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की भी अनुमति दी गई। भारत पहले से बढ़ा रहा रुपए में कारोबार संसद में सरकार ने बताया था कि अब तक 30 देशों के 123 विदेशी बैंकों के लिए भारत के 26 बैंकों में 156 विशेष रुपया वोस्त्रो खाते खोले जा चुके हैं। RBI का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मजबूत विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता कम होगी और रुपए का वैश्विक इस्तेमाल बढ़ेगा। जापान भी एशिया के दूसरे देशों के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है। दिसंबर 2025 में उसने इंडोनेशिया के साथ भी ऐसा ही समझौता किया था, जिससे दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में सभी तरह के लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। भारत में बढ़ रहा जापानी निवेश भारत और जापान के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया। वहीं जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 61 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने का लक्ष्य भी तय कर चुका है। फिलहाल भारत में करीब 1,400 जापानी कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग आधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना समेत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी निवेश कर रहा है। हाल ही में जापानी कंपनी ने यस बैंक में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 1.6 अरब डॉलर का निवेश भी किया है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत-जापान व्यापार की 5 खास बातें जापान भारत में निवेश करने वाला पांचवां सबसे बड़ा देश है। मार्च 2026 तक उसका कुल निवेश ₹4.58 लाख करोड़ पहुंच चुका था। भारत-जापान ने साल 2025 में अगले 10 साल के लिए 10 ट्रिलियन जापानी येन (₹5.84 लाख करोड़) के जापानी निजी निवेश का टारगेट तय किया। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और हाई-टेक डिफेंस उद्योगों में होगा। एक सर्वे के मुताबिक, जापानी कंपनियों के लिए भारत दुनिया का सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद निवेश देश है। भारत में व्यापार कर रही 75% से अधिक जापानी कंपनियां मुनाफे में हैं। चीन पर वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे लिथियम, कोबाल्ट की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए 2025 में एक विशेष रणनीतिक डायलॉग शुरू किया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पूरी तरह जापानी शिनकानसेन तकनीक और जापानी लोन की मदद से आगे बढ़ रहा है, जो दोनों देशों के सहयोग का सबसे बड़ा प्रतीक है। ———————————— जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जापान में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी:मजबूत सेना और संविधान में संशोधन की समर्थक हैं, मोदी-ट्रम्प ने दी बधाई साने ताकाइची जापान की प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। ताकाइची को संसद के निचले सदन में हुए चुनाव में 149 के मुकाबले 237 वोटों से जीत मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…