Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी

देश में सोने की कीमत में वीकली बेसिस पर अच्छी मजबूती दिख रही है। अलग-अलग शहरों में एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3490 रुपये तक ​बढ़ी है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3200 रुपये तक महंगा हुआ है। आज 16 अगस्त को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 155280 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,379.9 डॉलर प्रति औंस पर है। एक सप्ताह में सोने की वैश्विक कीमत लगभग 0.9 प्रतिशत बढ़ी है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155280 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142350 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 142200 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142200 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 142200 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली142350155280
मुंबई142200155130
अहमदाबाद142250155180
चेन्नई142200155130
कोलकाता142200155130
हैदराबाद142200155130
जयपुर142350155280
भोपाल142250155180
लखनऊ142350155280
चंडीगढ़142350155280

इस म्यूचुअल फंड ने ₹10 लाख के निवेश को सिर्फ 13 साल में ₹1.25 करोड़ बना दिया

चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी भी वीकली बेसिस पर महंगी हुई है। एक सप्ताह में भाव 5000 रुपये ​बढ़ा है। 16 अगस्त की सुबह चांदी की कीमत 250000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस पर है।

जुलाई में सोने का आयात मामूली बढ़ा, चांदी का घटा

कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि के बाद जुलाई में भारत के सोने और चांदी के आयात में नरमी आई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सोने का आयात केवल 4.77 प्रतिशत बढ़ा और 4.16 अरब डॉलर रहा। इससे पहले, अप्रैल में सोने के आयात में 81.69 प्रतिशत, मई में 34 प्रतिशत और जून में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। चांदी का आयात 66.1 प्रतिशत घटकर 17.16 करोड़ डॉलर रह गया। सरकार ने 13 मई से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। अप्रैल-जुलाई 2026 अवधि में सोने का कुल आयात 32.41 प्रतिशत बढ़कर 15.17 अरब डॉलर हो गया। चांदी का आयात 50.81 प्रतिशत घटकर 71.84 करोड़ डॉलर रहा।

Lalithaa Jewellery Mart IPO: 22 एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹508 करोड़, 17 अगस्त को खुलेगा ₹1700 करोड़ का इश्यू

मेनबोर्ड सेगमेंट में ललिता ज्वेलरी मार्ट का ₹1,700 करोड़ का IPO 17 अगस्त को खुलने वाला है। ओपनिंग से पहले कंपनी ने 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ जुटाए। एंकर बुक में गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, ICICI प्रूडेंशियल AMC समेत कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 2.53 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कुल एंकर एलोकेशन में से 1.14 करोड़ शेयर 4 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 9 स्कीमों के जरिए अलॉट किए गए। इनमें ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, सैमको म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड का नाम शामिल है।

कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने भी 21.49 लाख शेयरों के लिए ₹43.19 करोड़ का निवेश किया। इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर और लॉट साइज 74 शेयर है। इश्यू में ₹1,200 करोड़ के 5.97 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹500 करोड़ के 2.49 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर किरण कुमार जैन शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ललिता ज्वेलरी मार्ट लिमिटेड की दक्षिण भारत में अच्छी मौजूदगी है। कंपनी ललिता ब्रांड नेम के तहत सोने, चांदी, हीरे और कीमती व सेमी-कीमती (अर्ध-कीमती) पत्थरों वाली ज्वेलरी की पेशकश करती है। यह कई तरह की ज्वेलरी स्कीम भी पेश करती है। IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ललिता ज्वेलरी मार्ट अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल 10 नए स्टोर खोलने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 11.94 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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Lalithaa Jewellery Mart की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर ₹25,039.80 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 177 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹1,009.82 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में ललिता ज्वेलरी मार्ट का रेवेन्यू ₹16,907.88 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹364.73 करोड़ रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apollo Hospitals Share Price: इस साल 25% चढ़ा है शेयर, क्या अभी खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Apollo Hospitals Share Price: अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 7,044 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा 28 फीसदी बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया। एबिड्टा मार्जिन भी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 14.6 फीसदी था।

कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट 581 करोड़ रुपये

जून तिमाही में Apollo Hospitals का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 581 करोड़ रुपये रहा। करीब सभी बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। इनमें हेल्थकेयर सर्विसेज, अपोलो हेल्थको और AHLL शामिल हैं। सभी बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही।

एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट में 8 फीसदी इजाफा 

हॉस्पिटल बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 3,567 करोड़ रुपये रहा। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ में 11 फीसदी, प्राइसिंग में 4 फीसदी और केस और पेयर मिक्स में 3 फीसदी ग्रोथ का हाथ है। इनपेशेंट वॉल्यूम 13 फीसदी बढ़ा। ऑक्युपेंस 70 फीसदी बनी रही। एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़ा।

मैनेजमेंट को रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी रहने का भरोसा 

मैनेजमेंट को हॉस्पिटल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ FY27 में करीब 20 फीसदी रहने का भरोसा है। बेंगलुरु में 180 बेड के हॉस्पिटल्स में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुग्राम के हॉस्पिटल में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी ने FY31 तक बेड की संख्या बढ़कर 14,100 करने का प्लान बनाया है।

बेड की टैरिफ लिमिट तय होने से रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर 

अपोलो हॉस्पिटल्स की ग्रोथ आगे स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। इसमें स्ट्रॉन्ग ऑक्युपेंसी, बढ़ती क्लिनिकल जटिलता, कपैसिटी विस्तार पर फोकस और डिजिटल बिजनेसेज में मुनाफा बनाने की बढ़ती क्षमता का हाथ होगा। हालांकि, हाल में संसदीय समिति ने हॉस्पिटल्स में बेड के टैरिफ की लिमिट तय करने की सलाह दी है। इसका असर अपोलो जैसे हॉस्पिटल्स के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

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14 अगस्द को 3 फीसदी ज्यादा चढ़कर बंद हुआ शेयर 

यह शेयर इस साल अब तक 25 फीसदी चढ़ चुका है। FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 24 गुना पर शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इस पर हमने रेटिंग ओवरवेट से इक्वल-वेट कर दी है। Apollo Hospitals का शेयर 14 अगस्त को 3.71 फीसदी चढ़कर 8,919 रुपये पर बंद हुआ। इनवेस्टर्स इस शेयर में थोड़ा मुनाफावसूली कर सकते हैं।

इस म्यूचुअल फंड ने ₹10 लाख के निवेश को सिर्फ 13 साल में ₹1.25 करोड़ बना दिया

म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश में फंड का चुनाव काफी मायने रखता है। आप सिप से निवेश करें या एकमुश्त, अगर आपने सही फंड का चुनाव किया है तो आप पैसे की बरसात होगी। खासकर लंबी अवधि के निवेश में यह बात पूरी तरह से लागू होती है। हम बात कर रहे हैं एचडीएफसी मिडकैप फंड डायरेक्ट ग्रोथ की। लंबी अवधि में इस फंड ने निवेशकों को मालामाल किया है।

10 लाख का निवेश आज 1.25 करोड़ रुपये हो गया होता

अगर आपने HDFC Mid Cap Fund Direct Growth में 2013 में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 1.25 करोड़ रुपये हो गया होता। यह रिटर्न फंड के एनएवी में ग्रोथ के आधार पर कैलकुलेट किया गया है। यह एक ओपन एंडेड स्कीम है। इसका मतलब है कि इस फंड में किसी समय निवेश किया जा सकता है और किसी समय पैसे निकाले जा सकते हैं।

यह स्कीम मुख्यत: मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है

एचडीएफसी फंड हाउस की यह इक्विटी स्कीम मुख्य रूप से मिडकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करती है। फंड हाउस के मुताबिक, फंड का फोकस हर समय मिडकैप स्टॉक्स में कम से कम 65 फीसदी निवेश बनाए रखने पर होता है। हालांकि, यह फंड काफी ज्यादा रिस्क वाले फंड की कैटेगरी में आता है। इसलिए यह फंड सिर्फ उन निवेशकों के लिए सही है, जो रिस्क ले सकते हैं।

इस फंड के डायरेक्ट प्लान की शुरुआत 2013 में हुई थी

इस फंड की शुरुआत 1 जनवरी, 2013 को हुई थी। इस फंड के बेहतर रिटर्न में लॉन्ग टर्म कंपाउंडिंग का बड़ा हाथ है। मिडकैप कंपनियों के शेयरों में ज्यादा-उतार चढ़ाव होता है। लेकिन, इकोनॉमी और कॉर्पोरेट अर्निंग्स बेहतर रहने पर इन शेयरों का रिटर्न भी ज्यादा रहता है। इस फंड ने कई तरह के सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया है। इससे डायवर्सिफिकेशन का फायदा इससे मिलता है। साथ ही रिस्क भी कम हो जाता है।

इस फंड का लंबी अवधि में सालाना रिटर्न 20 फीसदी से ज्यादा

इस फंड के डायरेक्ट ग्रोथ प्लान का लंबी अवधि में रिटर्न सालाना 20 फीसदी से ज्यादा रहा है। इस स्की की शुरुआत जून 2007 में हुई थी। लेकिन, इसका डायरेक्ट प्लान जनवरी 2013 में शुरू हुआ था। इस फंड का रिटर्न शानदार रहा है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले प्रदर्शन के आधार पर उसमें निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।

किसी फंड के पिछले प्रदर्शन के आधार पर नहीं लें निवेश का फैसला

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इनवेस्टर्स को निवेश के अपने मकसद, रिस्क लेने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रख फंड का चुनाव करना चाहिए। खासकर इक्विटी फंड में अच्छा रिटर्न तभी मिलता है, जब आप लंबी अवधि के लिहाज से उसमें एकमुश्त या सिप से निवेश करते हैं।

38 साल की उम्र में पुणे के इस कपल ने बनाया अपना रिटायरमेंट प्लान, इस एक चीज ने डिसाइड किया इनका FIRE फॉर्म्युला

पुणे के रहने वाले 38 साल के एक कपल ने कुल मिलाकर लगभग 11.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है। वे अगले दो-तीन साल और काम करने के बाद जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि काम का बढ़ता दबाव और सेहत की चिंताएं उन्हें अपनी फाइनेंशियल प्राथमिकताओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इस कपल की कोई संतान नहीं है और वे अभी अपनी जीवनशैली पर सालाना लगभग 22 लाख रुपये खर्च करते हैं। उनकी संपत्ति रियल एस्टेट, भारतीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड, अमेरिकी स्टॉक, कैश और रिटायरमेंट सेविंग्स में बंटी हुई है। उनकी मौजूदा संपत्ति के बंटवारे में रियल एस्टेट में लगभग 3.2 करोड़ रुपये, भारतीय स्टॉक और म्यूचुअल फंड में 1.8 करोड़ रुपये, अमेरिकी स्टॉक में 5 करोड़ रुपये और कैश व रिटायरमेंट सेविंग्स में 1.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कपल रिटायरमेंट का फैसला लेने से पहले अगले दो-तीन साल तक काम जारी रखने की योजना बना रहा है। 30 के दशक के आखिर में होने वाले कई अन्य जोड़ों के विपरीत, उन्हें बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या परिवार पालने से जुड़े अन्य बड़े खर्चों के लिए रिटायरमेंट फंड नहीं बनाना है।

हालांकि, उनकी फाइनेंशियल जिम्मेदारियां खत्म नहीं हुई हैं। उनके माता-पिता रिटायर हो चुके हैं और उन पर निर्भर हैं, जिसका मतलब है कि कपल इतनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बनाए रखना चाहता है कि अगर वे जल्दी काम करना छोड़ भी दें, तो भी वे अपने माता-पिता की आराम से मदद कर सकें।

X पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता उनकी अपनी सेहत है। उनकी नौकरियों में लंबे समय तक काम करना, लगातार दबाव और काम से बहुत कम छुट्टी मिलना शामिल हो गया है। इस कपल को अपनी जीवनशैली के कारण सेहत पर असर भी दिखने लगा है, जिससे वे यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या इतनी तेज़ी से और ज़्यादा पैसा कमाते रहना सही है।

अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि “हम और कितना कमा सकते हैं?” के बजाय “कितना पैसा काफ़ी है?” पत्नी की बात को पोस्ट में इस तरह बताया गया- “हमने अपनी जवानी का समय पैसा बनाने में बिताया। शायद अब समय आ गया है कि हम इसमें से कुछ पैसा अपनी ज़िंदगी पर खर्च करें।”

यह जानकारी X पर अमित अरोड़ा नाम के यूज़र ने शेयर की। उन्होंने कपल की आर्थिक स्थिति को तो शानदार बताया, लेकिन सवाल उठाया कि क्या उनका असली मकसद ज़्यादा नेट वर्थ (कुल संपत्ति) बनाना होना चाहिए या ज़्यादा आज़ादी पाना।

“38 साल की उम्र में ऐसी स्थिति में होना शानदार है। दिलचस्प बात यह है कि वे आज़ादी चाहते हैं या ज़्यादा पैसा। ऐसी क्या चीज़ है जो उन्हें रिटायरमेंट में देरी करने पर मजबूर कर सकती है?” इस पोस्ट ने एक बहस छेड़ दी है कि क्या 11.5 करोड़ रुपये का फंड इस कपल के लिए 30 के दशक के आखिर में काम बंद करने के लिए काफ़ी है, खासकर उनके सालाना खर्च, माता-पिता की मदद करने की संभावना और निवेश के कई दशकों तक चलने की ज़रूरत को देखते हुए।

एक कमेंट करने वाले ने कपल की लोकेशन के हिसाब से उनके जमा किए गए पैसे (कॉर्पस) के साइज़ पर सवाल उठाया और उनकी इनकम के बारे में पूछा- “38 साल की उम्र में 11.5 करोड़ की नेट वर्थ बहुत बड़ी बात है… वो भी पुणे में… वहां की सैलरी देखकर सुखद आश्चर्य हुआ… क्या उनकी सालाना इनकम पता चल सकती है ताकि मैं यह देख सकूं कि मेरा बेंचमार्क कितना खराब रहा है?”

दूसरों ने कपल के बच्चे न करने के फ़ैसले और आगे चलकर उनकी ज़िंदगी कैसी होगी, इस पर ध्यान दिया। एक कमेंट में लिखा था- “जब वे बूढ़े हो जाएंगे, तो उनसे बात करने के लिए कुत्ते होंगे।” एक और कमेंट करने वाले ने सवाल उठाया कि क्या कपल की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति उन्हें बिना नौकरी के अगले चार दशकों तक सहारा देने के लिए काफ़ी होगी और उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर चिंता जताई।

“मौजूदा आंकड़े बिना काम किए अगले 40 साल गुज़ारने के लिए ठीक नहीं हैं और एसेट एलोकेशन वेटेज और एस्टेट प्लानिंग पर फिर से काम करने की ज़रूरत है।” एक ज़्यादा आलोचनात्मक प्रतिक्रिया में सवाल उठाया गया कि क्या कपल को बाद में बच्चे न होने का पछतावा हो सकता है और तर्क दिया गया कि उन्हें जल्दी रिटायर होने के बजाय काम करते रहना चाहिए। “रिटायर होने के बाद वे क्या करेंगे? बच्चे न होने का पछतावा? जितना कम समय इसके लिए होगा, उतना ही अच्छा है। इसलिए उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए ताकि वे अपने उस भयानक फ़ैसले के बारे में न सोचें।” यह बहस FIRE (फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली) अप्रोच से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने लाती है, जिसमें लोग इतनी संपत्ति और इन्वेस्टमेंट इनकम जमा करने का लक्ष्य रखते हैं कि पेड एम्प्लॉयमेंट (नौकरी) ज़रूरी न रहे।

Stocks to Watch: आज 14 अगस्त को Tata Motors PV, Honasa, Piramal Pharma, LG समेत इन शेयरों में दिखने वाली है बड़ी हलचल

शुक्रवार, 14 अगस्त को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, होनासा कंज्यूमर, पिरामल फार्मा, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, जैसे नाम प्रमुख हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजे जारी किए थे। लिहाजा बाजार आज, शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। वहीं कुछ कंपनियों के नतीजे आज सामने आएंगे। साथ ही कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी।

इसके अलावा शुक्रवार को मेनबोर्ड सेगमेंट में 2 और SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही करीब 40 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही रिजल्ट

फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, अल्केम लैबोरेटरीज, भारत डायनामिक्स, 3M इंडिया, डिशमैन कार्बोजन एम्सिस, ईजी ट्रिप प्लानर्स, जिनकुशल इंडस्ट्रीज, नैटको फार्मा, GVK पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वालिटी वॉल्स (इंडिया), पुरवांकरा, NMDC, टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस, पतंजलि फूड्स, एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर, INDO-MIM, सूरज एस्टेट डेवलपर्स, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया, जी मीडिया कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors Passenger Vehicles: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 80.2% घटकर ₹775 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9.3% बढ़कर ₹95,799 करोड़ हो गया।

Honasa Consumer: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹755.9 करोड़ हो गया।

KRBL: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 73.2% बढ़कर ₹260.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹1,495.9 करोड़ रहा।

Indigo Paints: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 61% बढ़कर ₹41.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 19.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹369.7 करोड़ रहा।

Welspun Living: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.6% बढ़कर ₹160.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 23.7% बढ़कर ₹2,795.5 करोड़ हो गया।

LG Electronics India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 27.2% बढ़कर ₹652.9 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 15.5% बढ़कर ₹7,233.4 करोड़ रहा।

Piramal Pharma: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक मौजूदा शेयरहोल्डर ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का साइज लगभग ₹1,750 करोड़ होने का अनुमान है।

Aditya Birla Real Estate: कंपनी की सब्सिडियरी, बिड़ला एस्टेट्स ने नवी मुंबई मार्केट में एंट्री करने का ऐलान किया है। यह एंट्री वाशी में शिव साई को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के रीडेवलपमेंट के जरिए होगी। यह रीडेवलपमेंट प्रियंका ग्रुप की एक सहयोगी कंपनी के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से लगभग 2,600 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

बल्क और ब्लॉक डील

UltraTech Cement: प्रमोटर कंपनी पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने 25 लाख शेयर बेचे हैं। यह बिक्री 2,896.25 करोड़ रुपये की रही। दूसरी ओर, कुल 17 घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने पिलानी इन्वेस्टमेंट द्वारा बेचे गए सभी शेयर खरीदे। इन निवेशकों में ICICI प्रूडेंशियल AMC, HDFC AMC, नेशनल पेंशन इंश्योरेंस फंड, कोटक महिंद्रा AMC, एडलवाइस MF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, टाटा म्यूचुअल फंड, टेम्पलटन फंड्स, J.P. मॉर्गन फंड ICVC और व्हाइटओक कैपिटल MF शामिल हैं।

Urban Company: SBI म्यूचुअल फंड ने 3.15 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह सौदा 428.4 करोड़ रुपये का रहा। दूसरी ओर VYC11 ने 96.31 लाख शेयर 130.98 करोड़ रुपये में, VY ​​EM2 ने 18.68 लाख शेयर 25.41 करोड़ रुपये में और Accel India IV (मॉरीशस) ने 2 करोड़ शेयर 272 करोड़ रुपये में बेचे। इसके अलावा, बेसेमर इंडिया कैपिटल होल्डिंग्स II ने अलग से अर्बन कंपनी के 1.21 करोड़ शेयर 170.19 करोड़ रुपये में बेचे।

Renaissance Global: विजय मोहन करनानी ने 11.79 लाख शेयर 12.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

RPP Infra Projects: चेन्नई की कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘दीवा प्रोजेक्ट्स’ ने प्रमोटरों से लगातार तीन सेशन में 4.99 करोड़ रुपये में 8.48 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, प्रमोटर ‘यागवी एन ए’ ने 11.66 लाख शेयर 6.88 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Thyrocare Technologies: प्रमोटर Docon Technologies Private Limited ने 1,57,69,696 इक्विटी शेयरों की बिक्री की है। शेयरों की यह संख्या कंपनी की लगभग 9.90 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। दूसरी ओर शेयर खरीदने वालों में HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, ICICI Prudential AMC, HBM हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स (Cayman), सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, DSP म्यूचुअल फंड, ITI म्यूचुअल फंड और कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं।

Seamec: ‘360 ONE पाइप फंड’ ने 2 लाख शेयर 30.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

मेनबोर्ड लिस्टिंग

LEAP India

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स

SME लिस्टिंग

Optimystix Entertainment India

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन

गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स

गोदावरी पावर एंड इस्पात

फेडरल बैंक

क्रेस्ट वेंचर्स

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स

अनूप इंजीनियरिंग

बोंडाडा इंजीनियरिंग

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP Calculator: SIP की एक किस्त छोड़ दी? यही गलती बाद में लाखों रुपये का नुकसान करा सकती है

SIP Calculator: SIP शुरू करना आसान है। मुश्किल काम है उसे लगातार जारी रखना। कई बार महीने के आखिर में खर्च बढ़ जाते हैं। बैंक खाते में बैलेंस कम होता है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि इस महीने रहने देते हैं, अगले महीने से फिर शुरू कर देंगे।

यहीं सबसे बड़ी गलती हो जाती है। SIP में सिर्फ पैसा नहीं बढ़ता, समय भी आपके लिए काम करता है। जितनी जल्दी पैसा निवेश होता है, उतने ज्यादा साल उसे बढ़ने का मौका मिलता है। इसलिए एक किस्त मिस होने का नुकसान सिर्फ उस महीने तक नहीं रहता। कई साल बाद वही रकम बड़ी बन सकती है।

पहले समझिए नुकसान क्यों होता है

SIP की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग है। इसका मतलब है कि आपका पैसा सिर्फ रिटर्न नहीं कमाता, बल्कि उस रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता रहता है। यही वजह है कि शुरुआती सालों की हर किस्त सबसे ज्यादा अहम होती है।

अगर बीच में कोई किस्त नहीं जाती, तो उस पैसे का पूरा बढ़ने वाला सफर रुक जाता है।

₹1,000 की SIP में कितना नुकसान?

मान लीजिए आप हर महीने ₹1,000 की SIP करते हैं। निवेश की अवधि 20 साल है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

अगर पहले साल की सिर्फ एक किस्त नहीं जाती, तो वह ₹1,000 करीब 20 साल बाद लगभग ₹9,650 बन सकती थी। यानी एक छोटी सी चूक भविष्य के करीब ₹8,650 के मौके को खत्म कर सकती है।

₹2,000 की SIP का हिसाब

यही उदाहरण ₹2,000 की SIP से समझिए। अगर पहले साल की एक किस्त छूट जाती है, तो उसकी संभावित वैल्यू करीब ₹19,300 हो सकती थी। यानी सिर्फ ₹2,000 बचाने के चक्कर में भविष्य के करीब ₹17,300 का नुकसान हो सकता है।

₹5,000 की SIP में असर और बड़ा

अब मान लीजिए आपकी SIP ₹5,000 महीने की है। अगर पहले साल की एक किस्त नहीं जाती, तो वही ₹5,000 करीब ₹48,200 तक पहुंच सकते थे। यानी भविष्य में लगभग ₹43,200 का संभावित अंतर पड़ सकता है।

तीन महीने SIP नहीं गई तो?

अब एक बड़ा उदाहरण देखते हैं। मान लीजिए आपकी SIP ₹5,000 महीने की है। पहले साल लगातार तीन महीने निवेश नहीं हुआ। यानी कुल ₹15,000 निवेश नहीं हो पाया।

अगर यही पैसा 20 साल तक 12% की दर से बढ़ता, तो उसकी संभावित वैल्यू करीब ₹1.45 लाख हो सकती थी। यानी उस वक्त ₹15,000 बचाने का फैसला आगे चलकर लाख रुपये से ज्यादा का फर्क पैदा कर सकता है। अगर शुरुआत में 6 किस्त चूक गए, तो नुकसान करीब 3 लाख तक का हो सकता है।

अलग-अलग SIP में एक किस्त छूटने का असर

मासिक SIP
20 साल बाद 1 छूटी किस्त की संभावित वैल्यू*

₹1,000₹9,650
₹2,000₹19,300
₹5,000₹48,200

*यह अनुमान 20 साल और 12% सालाना रिटर्न के आधार पर है। वास्तविक रिटर्न बाजार के हिसाब से अलग हो सकता है।

पैसे की दिक्कत हो तो क्या करें?

अगर किसी महीने आर्थिक दबाव हो, तो पूरी SIP बंद करना जरूरी नहीं है। कई म्यूचुअल फंड SIP की रकम कम करने की सुविधा देते हैं। ऑटो-डेबिट की तारीख बदलना भी एक आसान विकल्प हो सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि निवेश की आदत बनी रहे।

आखिर याद क्या रखना चाहिए?

SIP में बड़ी दौलत अक्सर बड़ी रकम से नहीं बनती। नियमित निवेश से बनती है। कई लोग ₹1,000, ₹2,000 या ₹5,000 जैसी छोटी SIP से भी अच्छा फंड बना लेते हैं, क्योंकि उन्होंने बीच में रुकना नहीं चुना।

इसलिए अगली बार अगर लगे कि “इस महीने SIP छोड़ देते हैं”, तो एक बार यह हिसाब जरूर याद कर लीजिए। हो सकता है आज की ₹5,000 की बचत भविष्य के ₹48,000 बनने वाले हों।

EPS Pension: रिटायरमेंट के बाद EPFO से कितनी पेंशन मिलेगी? पूरा हिसाब समझिए

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

SIP या Lump Sum? जानें कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न! रिटायरमेंट के लिए एक्सपर्ट्स ने बताए ये धांसू फंड्स!

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर दोबारा विचार करने को मजबूर कर दिया है। इसकी वजह यह है कि सिप के कई निवेशकों की शिकायत है कि पिछले दो साल में सिप से लगातार निवेश करने के बावजूद उनका पैसा ज्यादा नहीं बढ़ा है। कई इनवेस्टर्स तो सिप बंद करने के बारे में सोचने लगे हैं। सवाल है कि क्या सिप की जगह एकमुश्त निवेश करने से ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

एकमुश्त और सिप दोनों तरीके निवेश के लिए सही

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश के दोनों ही तरीके ठीक हैं। दोनों में कौन सा तरीका ज्यादा सही है, यह निवेशक के रिस्क लेने की क्षमता और निवेश करने की कपैसिटी पर निर्भर करता है। जो निवेशक एक बार में बड़े अमाउंट का निवेश नहीं कर सकते, उनके लिए सिप हमेशा निवेश का ज्यादा सुविधाजनक तरीका है। आज सिप के रास्ते म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में काफी ज्यादा पैसा आ रहा है। इनमें से कई निवेशकों के लिए एकमुश्त निवेश करना मुश्किल हो सकता है।

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा फंड जरूरी है

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा अमाउंट जरूरी है। अगर किसी के पास बोनस या किसी दूसरे तरीके से बड़ा फंड आया है तो वह एकमुश्त निवेश म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में कर सकता है। एकमुश्त निवेश करना तब फायदेमंद होता है, जब बाजार में स्टैबिलिटी होती है या बाजार चढ़ रहा होता है। ऐसा होने पर निवेशक को अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव वाले बाजार में एकमुश्त निवेश करना रिस्की हो सकता है।

रिटायरमेंट के लिए मल्टी एसेट फंड में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के लिए म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में आज निवेश करना चाहता है तो वह मल्टी एसेट फंड में निवेश कर सकता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम कई तरह के एसेट्स में निवेश करती है। यह एक तरह की हाइब्रिड स्कीम है। यह इक्विटी, डेट और कमोडिटी खासकर गोल्ड और सिल्वर में निवेश करती है। लंबी अवधि में हर एसेट में निवेश से अच्छा रिटर्न मिलता है। इस फंड के लिए हर एसेट में कम से कम 10 फीसदी निवेश करना जरूरी है।

मल्टी एसेट फंड में डायवर्सिफिकेशन का फायदा 

मल्टी एसेट फंड में निवेश करना का दूसरा फायदा यह है कि इससे डायवर्सिफिकेशन का मकसद पूरा हो जाता है। डायवर्सिफिकेशन से निवेश से जुड़ा रिस्क कम हो जाता है। इसकी वजह है कि आम तौर पर हर एसेट क्लास में एक साल साथ गिरावट नहीं आती है।

यह भी पढ़ें: Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए क्या ₹1 करोड़ का फंड काफी है? एक्सपर्ट से समझें महंगाई और रिटर्न का पूरा गणित

एक एसेट का रिटर्न कमजोर होने पर दूसरे का रिटर्न अच्छा रहता है

कई बार इक्विटी मार्केट जब बेयरिश फेज में होता है तो गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन अच्छा होता है। पिछले दो सालों में निवेशकों को शेयर बाजार से ज्यादा रिटर्न नहीं मिला है, लेकिन गोल्ड और सिल्वर ने बहुत अच्छे रिटर्न दिए हैं। ऐसे पीरियड में मल्टी एसेट फंड का प्रदर्शन अच्छा रहता है।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के लिए क्या ₹1 करोड़ का फंड काफी है? एक्सपर्ट से समझें महंगाई और रिटर्न का पूरा गणित

Retirement Planning Calculation: भारतीय निवेशकों के बीच सालों से ₹1 करोड़ को रिटायरमेंट का एक मैजिक नंबर माना जाता रहा है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि एक बार बैंक खाते या म्यूचुअल फंड में ₹1 करोड़ आ गए, तो उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा। लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

किसी व्यक्ति के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस काफी हो सकता है, तो किसी के लिए ₹5 करोड़ भी कम पड़ सकते हैं। आपका रिटायरमेंट फंड कितना होना चाहिए, यह किसी राउंड फिगर पर नहीं बल्कि आपकी मासिक खर्चों, महंगाई दर, रिटायरमेंट की उम्र और लाइफ एक्सपेक्टेंसी पर निर्भर करता है। आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं रिटायरमेंट प्लानिंग का पूरा गणित।

क्यों फेल हो सकता है ₹1 करोड़ का ‘मैजिक नंबर’?

वाइज फिनसर्व के ग्रुप सीईओ और सीआईओ अजय कुमार यादव के अनुसार, ₹1 करोड़ की समस्या यह नहीं है कि यह छोटा अमाउंट है, बल्कि समस्या यह है कि यह नंबर आपके भविष्य की जीवनशैली के खर्चों को नहीं दर्शाता।

मान लीजिए कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र में रिटायर होता है और 90 साल की उम्र (30 साल का रिटायरमेंट) तक का प्लान बनाता है। अगर ₹1 करोड़ पर 7% सालाना रिटर्न मिले, तो व्यक्ति हर महीने ₹66,500 की फिक्स्ड पेंशन ले सकता है।

अगर महंगाई दर केवल 5% सालाना भी मान ली जाए, तो आज का ₹66,500 का खर्च 10 साल बाद बढ़कर ₹1.08 लाख और 20 साल बाद ₹1.76 लाख प्रति माह हो जाएगा। यानी आपके पैसे की क्रय शक्ति तेजी से घटेगी और कुछ ही सालों में ₹1 करोड़ का फंड खत्म हो जाएगा।

इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न का असली गणित

अगर आपका पोर्टफोलियो 7% का रिटर्न देता है और महंगाई दर 5% रहती है, तो आपका वास्तविक या इन्फ्लेशन-एडजस्टेड रिटर्न केवल 2% ही रह जाता है। इस 2% वास्तविक रिटर्न के हिसाब से देखें, तो ₹1 करोड़ का फंड 30 सालों के लिए केवल ₹37,000 प्रति माह की ही परचेजिंग पावर दे पाएगा।

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹1 लाख निकालना चाहता है और वह महंगाई को अनदेखा करता है, तो उसका ₹1 करोड़ का कॉर्पस 12.5 साल में खत्म होगा। लेकिन अगर महंगाई जोड़ दी जाए, तो यह फंड मात्र 9.1 साल यानी करीब 69 साल की उम्र तक में ही पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

आपको रिटायरमेंट के लिए असल में कितने पैसों की जरूरत है?

रिटायरमेंट कॉर्पस की गणना हमेशा उल्टे क्रम से करनी चाहिए। मान लीजिए एक 40 वर्षीय व्यक्ति का आज का मासिक खर्च ₹1 लाख है और वह 60 साल में रिटायर होना चाहता है। 6% महंगाई दर पर 60 साल की उम्र में वही जीवनशैली बनाए रखने के लिए उसे प्रति माह ₹3.21 लाख यानी साल के करीब ₹38.49 लाख की आवश्यकता होगी।

कितना कॉर्पस चाहिए होगा?

बिना महंगाई एडजस्टमेंट (7% रिटर्न पर) 60 साल की उम्र में कम से कम ₹4.82 करोड़ का फंड चाहिए। 5% पोस्ट-रिटायरमेंट महंगाई जोड़ने पर यही फंड बढ़कर ₹8.68 करोड़ हो जाता है।

क्या है 30X रिटायरमेंट रूल?

ट्रैक (Trackk) के सह-संस्थापक और सीईओ वेदांत गुप्ते और अजय कुमार यादव के अनुसार, 30X रूल एक अच्छा शुरुआती अनुमान हो सकता है:

नियम: अपने रिटायरमेंट के पहले साल के कुल अनुमानित खर्च को 30 से गुणा कर दें।

उदाहरण: अगर रिटायरमेंट के पहले साल का खर्च ₹38.49 लाख है, तो ₹38.49 लाख × 30 = लगभग ₹11.55 करोड़ का कॉर्पस चाहिए।

यह बड़ा फंड आपको शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव, मेडिकल इमरजेंसी और लंबी उम्र जीने के जोखिम से सुरक्षा का बड़ा कवर देता है।

महंगाई के अलावा इन 3 बातों का रखें खास ध्यान

लाइफ एक्सपेक्टेंसी: अब औसतन लोग लंबा जीवन जी रहे हैं। अपनी वित्तीय योजना 75 या 80 साल के बजाय कम से कम 90 साल की उम्र मानकर बनाएं।

हेल्थकेयर कॉस्ट: इलाज का खर्च आम महंगाई की तुलना में दोगुनी तेजी से बढ़ता है। इसके लिए रिटायरमेंट फंड से अलग एक समर्पित मेडिकल एंड इमरजेंसी रिजर्व बनाएं।

कैश फ्लो पर ध्यान दें, गोल नंबर पर नहीं: ₹1 करोड़ या ₹5 करोड़ जैसे गोल नंबरों के पीछे भागने के बजाय यह तय करें कि रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने कितना कैश फ्लो चाहिए और आपका घर कहां मेट्रो शहर या टियर-2 शहर है।

आपके लिए क्या है सही रिटायरमेंट नंबर?

भारतीय निवेशकों के लिए कोई एक फिक्स्ड रिटायरमेंट नंबर नहीं हो सकता। ₹1 करोड़ एक शुरुआत का पड़ाव तो हो सकता है, लेकिन यह पूरा रिटायरमेंट प्लान नहीं है। आपका सही नंबर वह है जो आपकी जीवनशैली, स्वास्थ्य जरूरतों, पेंशन/रेंटल इनकम और महंगाई को जोड़कर तैयार होता है ताकि रिटायरमेंट के बाद आपके पैसे कभी खत्म न हों।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक को होगा आर्थिक लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन आपके पक्ष में रह सकता है। कहीं से रुका हुआ पैसा मिलने या पुराने निवेश से फायदा होने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को नया ग्राहक या ऑर्डर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को बोनस या अतिरिक्त कमाई का मौका मिल सकता है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है। घर की मरम्मत, स्वास्थ्य या यात्रा से जुड़ा अचानक खर्च सामने आ सकता है। शेयर बाजार या किसी जोखिम भरे निवेश में पैसा लगाने से बचें। पुरानी बचत को सुरक्षित रखना आपके लिए बेहतर रहेगा

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हाल में किया गया कोई कारोबार का सौदा आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को वेतन बढ़ने या इंसेंटिव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सामाजिक कार्यक्रमों और दोस्तों से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीमा, म्यूचुअल फंड या रिटायरमेंट जैसी वित्तीय योजना शुरू करने के लिए दिन ठीक है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में मिला-जुला परिणाम मिल सकता है। कमाई बनी रहेगी, लेकिन अचानक घर या वाहन से जुड़ा खर्च आ सकता है। किसी के कहने पर निवेश करने से बचें और पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आर्थिक रूप से आज का दिन आपके लिए अच्छा रह सकता है। किसी योजना के जरिए पैसा मिलने की संभावना है। नौकरी में प्रमोशन या बोनस मिल सकता है, जबकि कारोबार में कोई पुराना भुगतान या सौदा पूरा हो सकता है। विदेश से जुड़े कारोबार में भी फायदा मिल सकता है। खर्च बढ़ने के बावजूद कमाई उसे संभाल सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। परिवार से जुड़ी कोई ऐसी जरूरत सामने आ सकती है, जिस पर अचानक पैसा खर्च करना पड़े। आमदनी सामान्य रहेगी, लेकिन बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचें। अगर किसी को पैसा उधार दिया है तो उसकी वापसी में देरी हो सकती है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य और स्थिर रह सकती है। धीरे-धीरे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कारोबार में फायदा मिलने के मौके बन सकते हैं, खासकर अगर आपका काम फैशन, ब्यूटी, कला या डिजाइन से जुड़ा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपके काम की तारीफ भी हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज अचानक आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है या लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। बैंक, बीमा या बचत से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है। हालांकि, किसी के साथ पैसों का लेन-देन करते समय पूरी सावधानी रखें, क्योंकि धोखे की आशंका हो सकती है। सट्टेबाजी और जोखिम भरे कामों से दूर रहना बेहतर रहेगा।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने के लिए अच्छा है। आप किसी बड़े निवेश, बीमा पॉलिसी या लंबी अवधि की योजना की शुरुआत कर सकते हैं, जिसका फायदा आगे चलकर मिल सकता है। धन बचाने और भविष्य के लिए पूंजी तैयार करने के लिहाज से दिन अच्छा है।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।