Air India टर्बुलेंस मामले में बड़ी खबर, विमान का एक पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव, क्या हुआ था फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में?

Air India Pilot News: एयर इंडिया की फुकेत से दिल्ली आ रही एक फ्लाइट में 4 अगस्त को हुई गंभीर टर्बुलेंस की घटना अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। The Times of India ने कई सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस एयर इंडिया विमान को उड़ाने वाले कैप्टन का पोस्ट-फ्लाइट डोप टेस्ट कथित तौर पर साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए पॉजिटिव आया है। हालांकि, इस दावे की अभी Air India ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पायलटों का डोप टेस्ट किया गया था। लेकिन Air India का कहना है कि इस टेस्ट के नतीजे अभी उसे उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए एयरलाइन फिलहाल यह बताने की स्थिति में नहीं है कि टेस्ट का परिणाम वास्तव में क्या रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 अगस्त को टर्बुलेंस का सामना करने और अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिरने के बाद फ्लाइट के कैप्टन का डोप टेस्ट (नशीले पदार्थों की जांच) पॉजिटिव आया है।

Air India ने क्या कहा?

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन को जानकारी है कि लागू नियमों और प्रोटोकॉल के तहत फ्लाइट के बाद पायलटों की स्क्रीनिंग की गई थी। हालांकि, टेस्ट के परिणाम एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके क्रू सदस्यों का नियमित रूप से ड्रग टेस्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया किसी एक स्पेशल फ्लाइट या दुर्घटना जैसी घटना से जरूरी तौर पर जुड़ी नहीं होती। Air India के मुताबिक, वह नागरिक उड्डयन नियमों के तहत अपने क्रू की नियमित ड्रग टेस्टिंग कराती है। टाटा ग्रुप की एयरलाइन ने कहा कि संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में पूरा सहयोग जारी रखेगी।

एयरलाइन ने कहा, “एयर इंडिया किसी खास फ़्लाइट या ऑपरेशनल घटना से अलग, सिविल एविएशन नियमों का पालन करते हुए क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट करती है। हम ज़रूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।” डोप टेस्ट का यह नतीजा ऐसे समय में आया है जब एविएशन अधिकारी 4 अगस्त की टर्बुलेंस की घटना की जांच कर रहे हैं। इस घटना के दौरान फ्लाइट अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए थे।

आखिर 4 अगस्त को Phuket-Delhi फ्लाइट में हुआ क्या था?

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने बताया कि फुकेत से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में मंगलवार 4 अगस्त को चार से पांच मिनट तक हवा में तेज टर्बुलेंस हुई, जिसमें चालक दल के कुछ सदस्यों को रीढ़ और गर्दन में चोटें आईं। उन्होंने बताया कि हवा में अचानक आई टर्बुलेंस के कारण विमान करीब 300 फुट नीचे चला गया। इस घटना में चालक दल के चार सदस्यों समेत कम से कम 17 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।

नायडू ने राष्ट्रीय राजधानी में कहा कि विमान को करीब पांच मिनट तक हवा में टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “विमान को इसके बाद भी करीब एक घंटे तक उड़ान भरनी थी। इस दौरान चालक दल के सदस्यों ने यात्रियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई। यह बहुत बहादुरी का काम था… मैं उनके साहस के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।” चोटों की गंभीरता के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि चालक दल के दो सदस्यों को रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और गर्दन के पास चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।

13 यात्रियों को कराया गया भर्ती

विमान में 137 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। मंगलवार को घटना के बाद 13 यात्रियों और चालक दल के चार सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। Air India ने एक बयान में कहा, “चार अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान AI2379 से जुड़ी घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी 13 यात्रियों को पांच अगस्त को दोपहर 3:30 बजे तक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”

ये भी पढ़ें- Khamenei Video: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर! अचानक सामने आया वीडियो, बीमारी की खबरों के बीच मचा हड़कंप

बयान में आगे कहा गया, “चालक दल के चार सदस्य अब भी डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनका इलाज जारी है।’’ एयर इंडिया ने कहा कि उसकी टीम अस्पतालों में मौजूद हैं और प्रभावित लोगों के संपर्क में हैं।

Ahaan Panday: अहान पांडे की बहन अलाना पांडे ने सेकेंड प्रेग्नेंसी का किया ऐलान, शेयर की क्यूट फोटो

Ahaan Panday: एक्टर अहान पांडे की बहन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अलाना पांडे अपने पति आइवर मैकक्रे के साथ अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। अलाना ने सोशल मीडिया पर यह खबर शेयर की और उनकी कज़िन अनन्या पांडे ने प्यारा सा रिएक्शन दिया।

अलना पांडे की दूसरी प्रेग्नेंसी

शनिवार को अलना ने इंस्टाग्राम पर एक शानदार वीडियो शेयर किया। इसमें वह हॉल्टर-नेक ड्रेस पहने हुए अपने बेटे रिवर के साथ एक बगीचे में टहल रही थीं और बैकग्राउंड में एक महल दिख रहा था। बाद में उनके पति भी उनके साथ शामिल हुए और उन्होंने अपने बेटे रिवर को गोद में उठा लिया। इसके बाद अलना ने अपना बेबी बंप दिखाया और उसे प्यार से सहलाया।

रिवर ने अपनी मां को प्यार से गले लगाया। आइवर भी अलना के बेबी बंप को प्यार से सहलाते हुए दिखे। कपल ने सोनोग्राफी की एक फोटो भी शेयर की, जिसके साथ कैप्शन लिखा था, ‘जल्द आ रहा है’। अलना ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा, “प्यार करने के लिए एक और सदस्य।”

डीन पांडे ने अलाना की दूसरी प्रेग्नेंसी पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “दूसरी बार नानी बन रही हूं। भगवान तुम पर कृपा बनाए रखे।” अलीज़ेह अग्निहोत्री, मृणाल ठाकुर और आलिया कश्यप ने भी इस कपल को बधाई दी। आइवर ने कमेंट किया, “रिवर अब बड़ा भाई बन गया है।” अनन्या पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यह वीडियो शेयर किया और अपनी खुशी ज़ाहिर करने के लिए कई रेड हार्ट इमोजी और एक ‘बुरी नज़र से बचाने वाला’ (evil eye) इमोजी लगाया।

अलाना पांडे और आइवर मैकक्रे के बारे में

अलाना, चंकी पांडे के भाई चिक्की पांडे और फिटनेस इंस्ट्रक्टर डीन पांडे की बेटी हैं। वह एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और उन्होंने करण जौहर के शो ‘द ट्राइब’ से स्क्रीन पर डेब्यू किया। 2024 में प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुए इस शो में अल्फिया जाफरी, आर्याना गांधी, सृष्टि पोरे और अलाविआ जाफरी भी शामिल थीं।

अलाना ने मार्च 2023 में मुंबई में एक हिंदू शादी समारोह में अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड आइवर से शादी की। इस शादी में कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ शामिल हुए, जिनमें उनकी कज़िन अनन्या पांडे, चंकी पांडे, रेखा, शाहरुख खान, जैकी श्रॉफ, बॉबी देओल, नीलम कोठारी, महिमा चौधरी और तुषार कपूर जैसे कई लोग शामिल थे।

इस कपल ने 2024 में अपने बेटे ‘रिवर’ का स्वागत किया। पेरेंट बनने के अनुभव के बारे में बात करते हुए, अलाना ने अपने एक वीडियो में कहा, “यह सच में बहुत शानदार रहा है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी चीज़ आपको उस बदलाव के लिए तैयार कर सकती है जो आपकी ज़िंदगी में आने वाला है। मुझे लगता है कि जब आप परिवार शुरू करते हैं तो एक इंसान के तौर पर आप बहुत आगे बढ़ते हैं, ज़िम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है, और आप अपने बारे में और अपनी क्षमताओं के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। माता-पिता बनना ज़िंदगी की सबसे अच्छी चीज़ों में से एक है। अपने परिवार के लिए मेरे मन में जितना प्यार है, वह मेरी सोच से कहीं ज़्यादा है।”

Jharkhand Students Protest: झारखंड में अनशन पर बैठे छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत! कविता, कटाक्ष और पोस्टर बने हथियार, सरकार आज फिर करेगी बातचीत

Jharkhand Students Protest: झारखंड सरकार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 16वें दिन भी जारी छात्रों के आंदोलन के बीच रविवार (9 अगस्त) को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के साथ फिर बातचीत करेगी। सरकार और छात्र संगठनों के बीच शुक्रवार रात और शनिवार को दिनभर हुई बैठकों के बावजूद गतिरोध दूर नहीं हो सका। इसके बाद रविवार को एक और दौर की बातचीत करने का फैसला लिया गया। इस बीच, रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में करीब एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की हालत शनिवार देर रात करीब तीन बजे अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसका ब्लड शुगर लेवल 53 दर्ज किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के साथ शुक्रवार रात बातचीत की थी। इसके बाद शनिवार को सरकार ने विभिन्न छात्र संगठनों के साथ चार दौर की बातचीत की जिनमें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ शामिल हैं। ये बैठकें बेनतीजा रहने के बाद सरकार ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे छात्र प्रतिनिधियों के साथ छठे दौर की बातचीत करने का फैसला किया।

राजनीतिक चालबाजी का आरोप

इस फैसले के तुरंत बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने सरकार पर राजनीतिक चालबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच फूट डालना और उनकी मुख्य मांगों से लोगों का ध्यान भटकाना है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे संगठनों के साथ बातचीत कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिनकी मौजूदा आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही।

पासवान ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पत्रकारों से कहा, “यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों में विभाजन पैदा करने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। लेकिन उसे पता होना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं।” पासवान ने दावा किया कि जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने शुक्रवार रात पांच सदस्यीय सरकारी समिति के सामने अपनी सभी मांगें रख दी थीं।

हालांकि, शनिवार को मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चामरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव वाली समिति ने एनएसयूआई, झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ सहित विभिन्न छात्र संगठनों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरानलउनसे उनकी मांगों का डिटेल्स मांगा।

सरकार बातचीत जारी रखेगी

सरकार ने हालांकि कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। वह प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की चिंताओं पर विचार कर रही है। रविवार को फिर बातचीत करने का फैसला शनिवार शाम सरकारी समिति और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच चार घंटे की बैठक के बाद लिया गया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि समिति ने मुख्यमंत्री को छात्र प्रतिनिधिमंडलों की ओर से उठाई गई मांगों और चिंताओं से अवगत कराया। मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में व्यापक सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार बातचीत जारी रखेगी।

छात्र मोर्चा ने रखी 5 मांगें

झारखंड छात्र मोर्चा ने पांच मांगें रखी हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करना शामिल है। वहीं एनएसयूआई ने छह मांगें रखीं, जिनमें संदेह के घेरे में आने वाली सभी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर सीआईडी जांच और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तर्ज पर झारखंड परीक्षा एजेंसी की स्थापना शामिल है। आदिवासी छात्र संघ के नेता कार्तिक उरांव ने भर्ती परीक्षाओं में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को अनिवार्य योग्यता वाले विषयों के रूप में शामिल करने तथा जिन परीक्षाओं में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें रद्द करने की मांग की।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार के संबंध में अभ्यर्थियों से सुझाव लेने के लिए सरकार ने एक ईमेल आईडी जारी की है। बातचीत जारी रहने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के रविवार तक मांगें पूरी नहीं करने पर 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की भी घोषणा की है।

आइसा ने अलग मंच बनाया

इस बीच, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने शनिवार को स्टेडियम में अपना अलग मंच बनाया। हालांकि, उसके नेताओं ने कहा कि इसे अलग आंदोलन नहीं माना जाना चाहिए। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, जिन पर शुक्रवार को बिरसा चौक के पास विधानसभा मार्च के दौरान स्याही फेंकी गई थी। इसके बाद थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर नारे लगाए।

संगठन की रांची इकाई के प्रमुख विजय कुमार ने कहा कि उसके सदस्य 10 अगस्त के मार्च में शामिल होंगे। लेकिन अखिल भारतीय छात्र संघ के बैनर के बिना। आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने भी प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास के पास अवरोधक तोड़ने की कोशिश के दौरान उनकी पुलिस से झड़प हुई थी।

विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा

उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अजय आर्यन ने बताया कि मार्च के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के करीब आठ से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 11 अगस्त को अलग विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की है। जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व परीक्षा पैनल अध्यक्ष एल. खियांग्ते से 28 जुलाई के बाद से चार बार पूछताछ की जा चुकी है।

ये भी पढ़ें- Khamenei Video: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर! अचानक सामने आया वीडियो, बीमारी की खबरों के बीच मचा हड़कंप

कविता, कटाक्ष और पोस्टर बने हथियार

सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्र अपने गुस्से को हिंसा या अपशब्दों के बजाय रचनात्मक अंदाज में आवाज दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर कहीं सरकारी नौकरियों का फर्जी ‘रेट कार्ड’ लगा है। कहीं व्यंग्यात्मक पोस्टर हैं तो कहीं ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियां गूंज रही हैं। रांची के बीचोंबीच स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 500 रुपये के नोट जैसी दिखने वाली गड्डियों से लदा एक तराजू सरकारी नौकरियों के नकली रेट कार्ड के पास रखा है। वहीं कुछ दूरी पर छात्र रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति रश्मिरथी की पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच इस कविता का ‘कृष्ण की चेतावनी’ खंड सबसे अधिक लोकप्रिय है। इसके जरिए महाभारत के प्रसंग को मौजूदा भर्ती आंदोलन से जोड़ा जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र खासकर ये पंक्तियां सुनाते नजर आते हैं, “वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी, पत्थर, पांडव आए कुछ और निखर।” छात्र इन पंक्तियों के जरिए पांडवों के वर्षों के संघर्ष की तुलना सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर अनिश्चितता के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की अपनी तैयारी से कर रहे हैं।

‘नौकरी बिक्री केंद्र’

कुछ छात्रों ने व्यंग्यात्मक ‘नौकरी बिक्री केंद्र’ बनाया है, जिसमें सहायक शिक्षक के पद की कीमत 15 लाख रुपये, पुलिस उपाधीक्षक की 1.2 करोड़ रुपये, प्रखंड विकास अधिकारी की 90 लाख रुपये और अंचल अधिकारी की एक करोड़ रुपये बताई गई है। कुछ पोस्टर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर के साथ काल्पनिक ‘मुख्यमंत्री सीट बेचो योजना’ का जिक्र किया गया है। यहां व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा है, “पेमेंट करो आराम से, नौकरी पाओ सम्मान से।”

प्रदर्शनकारी छात्र विवेक ने सफेद टी-शर्ट पर स्याही से लिखा है, “व्यवस्था ने हमें निराश किया है।” एक अन्य स्थान पर एक छात्रा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के दिवंगत संस्थापक शिबू सोरेन के बड़े पोस्टर के सामने सिर झुकाकर उनके बेटे एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ ‘अन्याय करने वालों के खिलाफ कार्रवाई’ की अपील करती नजर आई।

IMD Issues Rain Alert: दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट! इन 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी, यूपी के 11 जिलों में होगी मूसलाधार बरसात

IMD Issues Red Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली और NCR के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया है। दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। ITO और महरौली-बदरपुर रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और अंडरपास में काफी पानी भर गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे और वजीराबाद रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक की रफ़्तार बहुत धीमी हो गई है।

इस बीच, एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने सलाह दी है कि IGI एयरपोर्ट जाने वाले यात्री यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। राजधानी में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की स्थिति भी बनी हुई है।

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, रविवार (9 अगस्त) को दिल्ली में बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी में एक और दौर की बारिश का अनुमान लगाया है। IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में सुबह से लेकर दोपहर तक बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है। दिन भर आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है।

दिल्ली में कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जलभराव, ट्रैफिक की समस्या और कामकाज में रुकावटें आई हैं। शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र ने सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में दिल्ली में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा। शहर ने महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। इस दौरान सफदरजंग में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिमी होती है।

तापमान में होगी बढ़ोतरी 

रविवार को मौसम विभाग को उम्मीद है कि बारिश कम होने के साथ तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर सुबह और शाम के समय जब बारिश की संभावना है। IMD ने इस सप्ताह पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

यूपी में भी बारिश का अलर्ट

उत्तर में प्रयागराज से सहारनपुर तक मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान संग बादल जमकर बरसेंगे। इसी के साथ मानसून के फिर सक्रिय रहने का अनुमान है। यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। IMD ने यूपी के निवासियों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है। जबकि हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी भीषण बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है।

जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की आशंका है। बिहार में भी मूसलाधार बारिश जारी रहने की आशंका है।

हिमाचल और केरल में तबाही, असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 99 हुई

देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ। लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई। जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

मौत का नया मामला गोलाघाट जिले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं।

हिमाचल में 153 सड़कें बंद, ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

केरल में भी बारिश जारी

केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा। हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।

कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है। जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिन में ही पूरे महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में ही इस महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग वेधशाला में अब तक 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग में इस महीने की शुरुआत से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर और बारिश हुई, जिससे कुल वर्षा 230.1 मिलीमीटर हो गई।

IMD के अनुसार, 1991 से 2020 की जलवायु अवधि के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में औसतन कुल 226.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को पिछले दो वर्ष में अगस्त के किसी एक दिन में सर्वाधिक बारिश भी दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे अधिक बारिश एक अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस समय 107.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

ये भी पढ़ें- LPG Rate Today 9 August: एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज कितना हुआ बदलाव? घर की रसोई से लेकर होटल तक, जानिए 14.2 km और 19 किलो गैस के ताजा रेट

शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक, इसके अलावा रिज में 9.4 मिलीमीटर और लोधी रोड में 6.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सफदरजंग और पालम में 4.4-4.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।

LPG Rate Today 9 August: एलपीजी सिलेंडर के दाम में आज कितना हुआ बदलाव? घर की रसोई से लेकर होटल तक, जानिए 14.2 km और 19 किलो गैस के ताजा रेट

LPG Cylinder Price Today: रविवार यानी 9 अगस्त 2026 को देशभर में LPG गैस सिलेंडर के दाम को लेकर लोगों की नजरें बनी हुई हैं। महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की थी। जबकि आम परिवारों के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया। यानी रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले घरेलू ग्राहकों को इस महीने फिलहाल पुराने रेट पर ही सिलेंडर मिल रहा है।

घरेलू LPG सिलेंडर का आज क्या रेट है?

14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में जून में हुई बढ़ोतरी के बाद अगस्त में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, देश की राजधानी नई दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर ₹942 पर ही मिल रहा है। इसमें कोई नया बदलाव नहीं हुआ है।

दूसरी तरफ हाल ही में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत घटकर ₹2,738 हो गई थी। देश के दूसरे शहरों में LPG की कीमतें स्थानीय टैक्स, लागत और संबंधित तेल कंपनी के लागू रेट के कारण अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी दूसरे शहर के लिए स्थानीय ताजा रेट देखना जरूरी है।

प्रमुख महानगरों में घरेलू LPG के रेट इस प्रकार हैं:-

नई दिल्ली: ₹942

मुंबई: ₹941.50

कोलकाता: ₹967.50

चेन्नई: ₹958.50

(ये 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर के प्रमुख शहरों में लागू रेट हैं।)

कमर्शियल LPG सिलेंडर ने दी बड़ी राहत

जहां घरेलू LPG के दाम स्थिर हैं। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में अगस्त की शुरुआत में बड़ी कटौती की गई। 1 अगस्त 2026 से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कई शहरों में ₹200 से ज्यादा तक की कमी हुई। यह कटौती होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और दूसरे व्यावसायिक ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है।

प्रमुख शहरों में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के रेट:-

नई दिल्ली: करीब ₹2,730-₹2,738

मुंबई: ₹2,885.50

कोलकाता: करीब ₹3,072

चेन्नई: करीब ₹3,100

(नोट- शहर और तेल कंपनी के हिसाब से कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।)

आखिर घरेलू गैस के दाम क्यों नहीं घटे?

इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि कमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ। लेकिन घरेलू LPG की कीमत में राहत क्यों नहीं मिली। घरेलू LPG की कीमतों में आखिरी बड़ी बढ़ोतरी जून में हुई थी, जब दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर पर ₹29 बढ़ाए गए थे। इसके बाद अगस्त में घरेलू दरों को स्थिर रखा गया है। LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, कच्चे तेल और गैस की कीमतों, आयात लागत तथा घरेलू कीमतों जैसे कई कारणों से प्रभावित होता है।

आगे बढ़ सकता है रसोई गैस का खर्च?

LPG ग्राहकों के लिए आने वाले दिनों में एक और खबर महत्वपूर्ण हो सकती है। सरकार देश की रणनीतिक ईंधन भंडारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए LPG और प्राकृतिक गैस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के अनुसार, प्रस्तावित LPG लेवी ₹1.29 प्रति किलो हो सकती है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम मंजूरी के स्तर पर नहीं है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई नई बढ़ोतरी लागू नहीं हुई है। लेकिन आगे सरकार के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी।

आज का सीधा हिसाब

14.2 किलो घरेलू LPG: दिल्ली ₹942, मुंबई ₹941.50, कोलकाता ₹967.50, चेन्नई ₹958.50।

19 किलो कमर्शियल LPG: अगस्त में बड़ी कटौती के बाद दिल्ली में करीब ₹2,738 और मुंबई में ₹2,885.50 के आसपास।

इसलिए अगर आप घरेलू गैस सिलेंडर बुक करने वाले हैं, तो आज के लिए दिल्ली में ₹942 ही मौजूदा घरेलू LPG रेट है। वहीं, होटल-रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक ग्राहकों को 19 किलो वाले सिलेंडर में अगस्त की कटौती का फायदा मिल रहा है।

12 महीने में घरेलू LPG कितनी महंगी हुई?

अगर पिछले 12 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई देती है। सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच घरेलू LPG की कीमत में कुल ₹89 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी भले ही अभी घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर है। लेकिन एक साल की अवधि में ग्राहकों पर LPG का खर्च बढ़ा है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू LPG की सबसे बड़ी बढ़ोतरी मार्च 2026 में ₹60 की रही।

कमर्शियल LPG में भी 12 महीने में बदलाव

कमर्शियल LPG की बात करें तो पिछले 12 महीनों में इसकी कीमत में कुल मिलाकर ₹1 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि इस दौरान कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में कमर्शियल LPG की सबसे बड़ी बढ़ोतरी ₹993 रही थी। इसके बाद अगस्त 2026 में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई और कमर्शियल सिलेंडर ₹192 तक सस्ता हुआ।

क्यों शहरों में अलग-अलग होते हैं दाम?

तेल कंपनियां (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) हर महीने की शुरुआत में वैश्विक स्तर पर सऊदी सीपी (Saudi Contract Price) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतों के आधार पर एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। स्थानीय राज्य स्तरीय करों (VAT) और परिवहन लागत की वजह से हर राज्य और शहर में अंतिम खुदरा मूल्य में अंतर देखा जाता है।

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान, सऊदी और तुर्किये के बीच हुआ ‘मुस्लिम NATO’ डील, तो जेडी वेंस ने लगाया PM मोदी को फोन, क्या हुई बात?

Rekha: रेखा के जीजा जी ने उनके ट्रांसफॉर्मेशन और कड़ी मेहनत को किया याद किया, बोले- “पहले वह काफी मोटी थीं”

Rekha: रेखा बॉलीवुड की सबसे मशहूर स्टाइल और ब्यूटी आइकॉन में से एक हैं। 1970 की फ़िल्म ‘सावन भादों’ से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू करने वाली रेखा ने अगले कुछ सालों में अपने जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन से दर्शकों का दिल जीत लिया था। हाल ही में, उनके जीजा और एक्टर तेज सप्रू ने फ़िल्म इंडस्ट्री में उनके शुरुआती दिनों के बारे में बात की। उन्होंने याद किया कि कैसे बॉलीवुड में आने के बाद रेखा का ज़बरदस्त मेकओवर हुआ।

‘रेडिफ़ ओरिजिनल्स’ के यूट्यूब चैनल के साथ बातचीत में तेज ने बताया कि उन्होंने 1987 में रेखा की सौतेली बहन धनलक्ष्मी से शादी की थी। उन्होंने यह भी बताया कि शादी से पहले ही वह रेखा को अपनी बहन मानते थे क्योंकि वह अक्सर उन्हें “लगभग राखी बांधती” थीं। धनलक्ष्मी एक्ट्रेस पुष्पावल्ली और सिनेमैटोग्राफर के. प्रकाश की बेटी हैं, जबकि रेखा, पुष्पावल्ली और एक्टर जेमिनी गणेशन की बेटी हैं।

रेखा के बारे में फैली गलतफहमियों पर बात करते हुए तेज ने कहा कि वह उन पर ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन एक एक्ट्रेस के तौर पर उनके लिए बहुत सम्मान रखते हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा, “मैं आपको बता सकता हूं कि एक एक्ट्रेस के तौर पर उन्होंने खुद को जिस तरह से संवारा, मुझे नहीं लगता कि कोई और ऐसा कर सकता है। मैं इसका पूरा श्रेय उन्हें देता हूं। जब उन्होंने फ़िल्मों में काम करना शुरू किया, तो उस समय वह मोटी थीं… यह बात सभी जानते हैं।”

1980 के दशक में सिमी गरेवाल के चैट शो में रेखा ने अपने ज़बरदस्त बदलाव के बारे में बात की और फ़िटनेस के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “खूबसूरत दिखने के लिए, एक पूरी तरह से खूबसूरत महिला बनने के लिए, आपको शारीरिक रूप से फ़िट रहना होगा। अगर आप स्लिम रह सकती हैं, तो अच्छा है। लेकिन मोटी बिल्कुल नहीं। मोटापा भद्दा लगता है।”

पचास साल से ज़्यादा के करियर में, रेखा ने 180 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है। उनकी कुछ यादगार फ़िल्मों में ‘उमराव जान’, ‘सिलसिला’, ‘खून भरी माँग’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’, ‘खूबसूरत’ और कई अन्य फ़िल्में शामिल हैं।

Salman Khan: सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर तैनात मुंबई पुलिस के कॉन्स्टेबल की हार्ट अटैक से मौत

Salman Khan: सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर तैनात मुंबई पुलिस के 41 वर्षीय कॉन्स्टेबल की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक अधिकारी की पहचान गणेश रायते के तौर पर हुई है, जो एक्टर के गैलेक्सी अपार्टमेंट्स में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। मुंबई पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, रायते घर के बाहर तैनाती के दौरान अचानक बीमार पड़ गए और गिर पड़े। उन्हें इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई है।

8 अगस्त को IANS ने खबर दी कि सलमान खान के घर के बाहर तैनात मुंबई पुलिस के 41 वर्षीय कॉन्स्टेबल की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। बांद्रा में गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर तैनाती के दौरान, जहां सलमान खान रहते हैं, कॉन्स्टेबल ने 7 अगस्त को शाम करीब 6 बजे बेचैनी की शिकायत की थी।

जब उन्हें भाभा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया। खबरों के मुताबिक, उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद मौत की सही वजह की पुष्टि होने की उम्मीद है।

यह घटना सलमान की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच हुई है। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके नेटवर्क से जुड़ी लगातार धमकियों के बाद उन्हें Y-प्लस सुरक्षा दी गई है। अप्रैल 2024 में बांद्रा स्थित उनके घर ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट्स’ के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने के बाद सलमान खान की सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई थी।

इस घटना के बाद पुलिस ने बड़ी जांच शुरू की और एक्टर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। जांचकर्ताओं ने बाद में इस गोलीबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ा और जांच में पता चला कि यह हमला खान को डराने के मकसद से किया गया था। तब से, एक्टर को घर पर और सार्वजनिक कार्यक्रमों या यात्राओं के दौरान कड़ी सुरक्षा मिलती रही है।

इससे पहले, मीडिया से बात करते हुए सलमान ने अपनी बढ़ी हुई सुरक्षा के बारे में कहा था, “भगवान, अल्लाह सब उन पर है। जितनी उम्र लिखी है, उतनी ही लिखी है। बस यही बात है। कभी-कभी, इतने सारे लोगों के साथ घूमना-फिरना मुश्किल हो जाता है।”

Tarun Tejpal: यौन उत्पीड़न मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल को 10 साल की जेल की सजा, Tehelkaके पूर्व संपादक का आया पहला बयान

Tarun Tejpal: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहकर्मी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने गोवा की एक सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले उसे बरी करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। हाई कोर्ट की गोवा पीठ की जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर ने पहले तरुण तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। लेकिन उनके वकीलों के अनुरोध पर अदालत ने यह अवधि बढ़ाकर चार सप्ताह कर दी।

अदालत ने न्यूनतम सजा सुनाते हुए कहा कि यह घटना 13 वर्ष पहले हुई थी। तब से तेजपाल ने कोई अन्य अपराध नहीं किया है। अदालत ने यह भी कहा, “संभव है कि पीड़िता और तेजपाल, दोनों अब अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हों।” हाई कोर्ट ने तेजपाल पर 10,21,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। पीठ ने कहा, “यौन उत्पीड़न की पीड़िता को जुर्माने की पूरी राशि सौंपी जाएगी।”

तेजपाल ने खुद को बताया ‘राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार’

सुनवाई के दौरान तरूण तेजपाल ने खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताया। दो बेटियों का पिता होने का हवाला देते हुए पूर्व संपादक ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। वहीं, गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा की मांग करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि नहीं का मतलब नहीं (शारीरिक संबंध के लिए सहमति नहीं देना) होता है। पीठ ने कहा, “हम निचली अदालत के बरी करने के आदेश को निरस्त करते हैं। प्रतिवादी (तरुण तेजपाल) को दोषी करार देते हैं।” हाई कोर्ट के फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर पयत्रकारों से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

बेटियों का दिया हवाला

अदालत ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (भादसं) की धारा 376(2)(f) (संरक्षक या विश्वास अथवा प्राधिकार की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति द्वारा महिला से दुष्कर्म), धारा 354(a) (यौन उत्पीड़न) और धारा 354(b) (महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से उसके खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग) के तहत दोषी करार दिया है। अदालत में मौजूद तेजपाल ने खुद को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार बताते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया। तेजपाल ने यह भी कहा कि वह दो बेटियों का पिता है।

उसने अदालत में कहा, “मैं 62 वर्ष का हूं। मेरी दो बेटियां हैं और मेरी पत्नी भी है। मैं राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई का शिकार हूं। मेरे वकीलों ने भी मुझसे कहा है कि मैं अदालत से नरमी बरतने की गुजारिश करूं।” तरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा ने न्यूनतम सजा देने का अनुरोध करते हुए अदालत से यह भी आग्रह किया था कि सजा और दोषसिद्धि पर कम से कम 10 सप्ताह के लिए रोक लगाई जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का समय मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे तेजपाल

बाद में पत्रकारों से बातचीत में तेजपाल ने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। हमारा मानना है कि यह फैसला गलत है। हम इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, तेजपाल ने कहा, “हम निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वे राजनीतिक बदले की भावना और ‘तहलका’ के काम की वजह से मेरे पीछे पड़े हैं। हमने ट्रायल कोर्ट में 7.5 साल तक केस लड़ा और बरी हो गए। जो लोग उनके साथ हैं, वे बरी हो जाते हैं, लेकिन वे उनके पीछे पड़ते हैं जिन्होंने उनके खिलाफ लिखा है।”

Tehelka के पूर्व एडिटर इन चीफ तेजपाल ने आगे कहा, “उमर खालिद और शरजील इमाम कई सालों से जेल में हैं। ‘तहलका’ की रिपोर्टिंग से शायद उन्हें कुछ राजनीतिक नुकसान हुआ हो या उनके निजी हितों को चोट पहुंची हो। वे पिछले 13 सालों से बदले की भावना से मेरे पीछे पड़े हैं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि ऐसे जज होंगे जो सच देखेंगे। हम सबूत सबके सामने रखेंगे।”

क्या है पूरा मामला?

यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित ‘थिंकफेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल की एक पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी के कथित यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म से संबंधित है। निचली अदालत ने 2021 में तेजपाल को इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। तेजपाल के वकील पोंडा ने कहा, “वह मुकदमे की शुरुआत से ही जमानत पर हैं और उन्होंने कभी जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। वह वरिष्ठ नागरिक हैं।”

हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पीड़िता के प्रति तेजपाल के बेहद निर्लज्ज रवैये और कथित घटना के बाद उसके सामान्य आचरण को आधार बनाकर आरोपों को कमजोर साबित करने की कोशिश को देखते हुए उन्हें आजीवन कारावास की अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। मेहता ने कहा, “दोषी (तेजपाल) पीड़िता पर अधिकार जताने और प्रभाव रखने की स्थिति में था। पीड़िता केवल उसकी सहकर्मी ही नहीं, बल्कि उसकी बेटी की मित्र भी थी। दोषी ने अपने कृत्य पर कोई पछतावा प्रदर्शित नहीं किया है।”

उन्होंने कहा कि तेजपाल ने अगले दिन भी अपराध दोहराया और मुकदमे के दौरान तथा अब हाई कोर्ट में भी यह कहकर पीड़िता के आचरण पर सवाल उठाया कि घटना के बाद वह सामान्य व्यवहार कर रही थी। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई के दौरान मेहता ने दलील दी थी कि ट्रायल कोर्ट ने यह मानकर गंभीर गलती की कि यौन उत्पीड़न की पीड़िता का व्यवहार एक तय धारणा के अनुसार होना चाहिए और उसी आधार पर शिकायतकर्ता के आचरण का आकलन किया।

Cinema Flashback: जब जुदा होने के सालों बाद आमने-सामने आए देव आनंद और सुरैया….

Cinema Flashback: बॉलीवुड की असल जिंदगी की लव स्टोरीज पर्दे पर दिखाए जाने वाले रोमांटिक ड्रामा से कहीं ज्यादा सच्ची होती हैं। इसमें शामिल लोग, दांव पर लगी चीजें और नतीजे – सब कुछ असली होता है। अधूरा प्यार न सिर्फ हिंदी सिनेमा का एक पसंदीदा जॉनर है, बल्कि यह उन मशहूर ऑन-स्क्रीन और असल जिंदगी के जोड़ों की पहचान भी है, जिनकी कहानियां अधूरी रह गईं।

ऐसे ही पुराने लव कपल में से एक हैं सदाबहार देव आनंद और सिंगर-स्टार सुरैया। मशहूर कहानी है कि फिल्म ‘विद्या’ के गाने ‘किनारे-किनारे चले जाएंगे’ की शूटिंग के दौरान, जब देव आनंद ने सुरैया को डूबने से बचाया, तो दोनों एक-दूसरे के प्यार में बुरी तरह गिरफ्तार हो गए। यह बिल्कुल फिल्मी था।

वह नाव से फिसल गई थीं और उन्हें बचाने के लिए देव आनंद झील में कूद पड़े थे। सुरैया ने एक बार अपने इंटरव्यू में कहा था कि अगर उन्होंने उन्हें न बचाया होता, तो वह जिंदा न होतीं। इसी बात ने उन्हें देव आनंद की ओर आकर्षित किया।

वे मिलते रहे और हर मुलाकात के साथ उनका प्यार और गहरा होता गया। लेकिन सुरैया की दादी इस अलग-अलग धर्मों वाले रिश्ते के खिलाफ थीं। कहा जाता है कि सुरैया, देव आनंद के साथ भागने की योजना भी बना रही थीं, लेकिन उनकी दादी को इसका पता चल गया और उन्होंने उनके प्लान पर पानी फेर दिया।

हाल ही में विक्की लालवानी के साथ एक इंटरव्यू में, देव आनंद के लंबे समय तक सेक्रेटरी और सहयोगी रहे अशोक सिन्हा ने उस घटना को याद किया जब अलग होने के कई साल बाद एक अवॉर्ड फंक्शन में यह एक्स कपल को लगभग फिर से मिलने ही वाला था।

फिल्म सिटी में एक फंक्शन था। राम मोहन नाम के पुराने जमाने के एक एक्टर थे, जो काफी मशहूर थे। राम मोहन जी मेरे पास आए और बोले, ‘सुरैया यहां आई हैं, वह देव साहब से मिलना चाहती हैं। मैंने कहा, ‘यह मुश्किल होगा। मुझे उनसे पूछने दीजिए। यह एक नाजुक मामला है’।

अशोक सिन्हा ने बताया- मैंने देव साहब से पूछा, तो वह असहज हो गए। उन्होंने कहा, ‘चलो जल्दी चलते हैं। मुझे यहां से ले चलो’। जी के रऊफ ने कहा, ‘देव साहब को अवॉर्ड्स में ले आओ। उनका वहां जाना ज़रूरी है’। वह आमतौर पर अवॉर्ड शो में नहीं जाते थे”।

आखिरकार, देव आनंद इवेंट में जाने के लिए तैयार हो गए। उन्हें लता मंगेशकर को वह खास अवॉर्ड देना था। मशहूर रेडियो अनाउंसर अमीन सयानी इस अवॉर्ड शो के होस्ट थे। अशोक सिन्हा ने बताया कि जब देव आनंद और मैं बैकस्टेज थे, तो मैंने देखा कि अमीन सयानी लगभग यह ऐलान करने ही वाले थे कि ‘देव आनंद और सुरैया मिलकर यह अवॉर्ड देने जा रहे हैं’। मैंने कहा, ‘रुको!’ देव साहब चौंक गए। सोचिए उनकी क्या हालत रही होगी। हममें से किसी को भी इसके बारे में पता नहीं था। सब कुछ रुक गया। उन्होंने कहा, ‘यह कोई चाल है’।

फिर अशोक सिन्हा ने उस पल को याद किया जब उन्होंने सुरैया को देव आनंद की ओर आते देखा। मैंने उनसे कहा, ‘सर, वह आपकी तरफ आ रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप मजाक कर रहे हैं। मुझे बताते रहो कि वह ठीक कहां हैं।’ फिर मैंने कहा, ‘वह ठीक आपके पीछे हैं।’ देव साहब मुड़े और सामने सुरैया थीं। क्या पल था वह! दो प्रेमी जो बहुत लंबे समय से नहीं मिले थे। देव आनंद ने शादी कर ली थी, जबकि सुरैया अभी भी कुंवारी थीं।”

देव आनंद ने अपनी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में अपनी प्रेम कहानी के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने लिखा है -“किस्मत में ऐसा ही लिखा था। अगर मैं उनके पास चला जाता, तो मेरी ज़िंदगी कुछ और होती। अगर मैंने उनसे शादी की होती, तो उनकी तरफ की ज़िंदगी मुझे किसी और रास्ते पर ले जाती।” उन्होंने लिखा, “तब शायद मैं आज वाला देव आनंद नहीं बन पाता।”

देव आनंद ने 1954 में अपनी फ़िल्म ‘बाज़ी’ की को-स्टार कल्पना कार्तिक से शादी की। उनके दो बच्चे थे- बेटा सुनील आनंद, जिनका हाल ही में लंदन में निधन हो गया, और बेटी देविना। अशोक सिन्हा ने आगे कहा, “मैं सुरैया के हाव-भाव कभी नहीं भूल सकता। उनकी आंखों में किसी भी पल आंसू आ सकते थे। देव आनंद के चेहरे पर भी वही भाव थे। दोनों बिल्कुल चुप थे। फिर उन्होंने सुरैया के गाल को छुआ और कहा, ‘सुरैया’। उन्होंने हल्के से उनके गाल पर थपथपाया।”

अशोक सिन्हा ने अमीन सयानी से साफ तौर पर कहा कि वे देव आनंद और सुरैया का नाम एक साथ न लें। इस बीच, लता मंगेशकर भी बैकस्टेज मौजूद थीं। देव आनंद ने दोनों महिलाओं से बात की और सुरैया को लता मंगेशकर को अवॉर्ड देने के लिए मना लिया। देव आनंद और उनके सेक्रेटरी चुपचाप बैकस्टेज से निकल गए, ताकि आयोजकों और जनता की नजर उन पर न पड़े।

चीन-तुर्की की मदद से सर क्रीक के पास पाकिस्तान का नया पैंतरा, ये अबाबील- द डिवाइन स्ट्राइक क्या है?

Pakistan News: भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा पर स्थित स्ट्रैटिजकली काफी सेंसेटिव सर क्रीक क्षेत्र के पास पाकिस्तान अपनी नौसैनिक और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बना रहा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘फर्स्टपोस्ट’ की रिपोर्ट में ‘CNN-न्यूज18’ के हवाले से बताया गया है कि टॉप पॉकिस्तानी सोर्सेज के जरिए ये जानकारी सामने आई है। ये पता चला है कि यह पूरा सैन्य विस्तार पाकिस्तान के एक नए प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसे अबाबील- द डिवाइन स्ट्राइक नाम दिया गया है। सर क्रीक और उससे लगे इलाकों में पाकिस्तान की इन नई गतिविधियों की वजह से समुद्री सीमा पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

‘अबाबील’ प्रोजेक्ट के तहत SSG-N कमांडोज की तैनाती

सीएनएन-न्यूज18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान नौसेना ने अपने प्रोजेक्ट अबाबील के तहत सर क्रीक इलाके में नेवल स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG-N) के विशेष कमांडोज को तैनात किया है। एसएसजी-एन पाकिस्तान की एक प्रमुख मैरिटाइम स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स है। ये समंदर के साथ हवा और जमीन तीनों माध्यमों से बेहद जोखिम भरे सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित की जाती है।

तुर्की के ड्रोन और चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट से बढ़ा तनाव

रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान इस क्षेत्र में तुर्की में निर्मित आधुनिक ड्रोन, चीन के आधुनिक होवरक्राफ्ट और हाई स्पीड वाली नौसैनिक नौकाओं की तैनाती कर रहा है। वहां आधुनिक रॉकेट और एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए जा रहे हैं। सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि पाकिस्तान द्वारा तैनात किए जा रहे तुर्की के ये ड्रोन विस्फोटक सामग्री ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं और इनका इस्तेमाल हवाई निगरानी के लिए भी किया जा सकता है। अबाबील प्रोजेक्ट के तहत एक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल किया गया है। ये सर क्रीक और अरब सागर क्षेत्र में पाकिस्तान थलसेना की नई गठित रॉकेट फोर्स के साथ कोआर्डिनेशन में काम करेगा।

चीन और तुर्की की मदद से भारतीय नौसेना को चुनौती देने की कोशिश

सीएनएन-न्यूज18 को अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सर क्रीक और अरब सागर में भारत की नौसैनिक मौजूदगी को चुनौती देने के इरादे से पाकिस्तान ने अपने समुद्री अभियानों में मानवरहित एरियल और समुद्री ड्रोनों को शामिल किया है। इसमें चीन और तुर्की की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। ये दोनों देश मॉडर्न सैन्य उपकरण और तकनीक की आपूर्ति करके पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के मॉडर्नाइजेशन में मदद कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान को अपनी पहली हैंगोर-क्लास पनडुब्बी सौंप दी है। सूत्र का कहना है कि इससे अरब सागर में पाकिस्तान की स्टेल्थ क्षमता और सेकेंड-स्ट्राइक क्षमता में काफी इजाफा होगा। इसके अलावा इस्लामाबाद ने अपने नौसेना बेड़े को आधुनिक बनाते हुए चीन निर्मित हाई एंड तुगरिल-क्लास युद्धपोतों को भी शामिल किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि सर क्रीक और अरब सागर के तटीय इलाकों में दर्जनों तटीय रक्षा नौकाएं, मरीन असॉल्ट क्राफ्ट, होवरक्राफ्ट, नौसैनिक जहाज और तेज गति वाली गश्ती नौकाएं तैनात की गई हैं। इसके साथ ही इस पूरे क्षेत्र में नौसैनिक गश्त को भी काफी बढ़ा दिया गया है।

फील्ड मार्शल असीम मुनीर की यूनिफाइड कमान में चल रहा मॉडर्नाइजेशन

सीएनएन-न्यूज18 के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अंडर में यूनिफाइड कमान के तहत पाकिस्तान की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बड़े पैमाने पर मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है। इसी साल की शुरुआत में मुनीर ने तीनों सेनाओं के अभियानों को एक साथ जोड़ने और बाहरी खतरों के खिलाफ पाकिस्तान की ओवरऑल डिटर्जेंस कैपेबिलिटी को मजबूत करने के मकसद से नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड की स्थापना की थी।

ये भी पढ़ें- आखिरी बार बेटियों का इंतजार करते रहे कारोबारी पिता, लेकिन अर्थी को मिला सिर्फ Video Call का सहारा, ₹5100 ट्रांसफर कर तोड़ा खून का रिश्ता