Rekha: रेखा के जीजा जी ने उनके ट्रांसफॉर्मेशन और कड़ी मेहनत को किया याद किया, बोले- “पहले वह काफी मोटी थीं”

Rekha: रेखा बॉलीवुड की सबसे मशहूर स्टाइल और ब्यूटी आइकॉन में से एक हैं। 1970 की फ़िल्म ‘सावन भादों’ से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू करने वाली रेखा ने अगले कुछ सालों में अपने जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन से दर्शकों का दिल जीत लिया था। हाल ही में, उनके जीजा और एक्टर तेज सप्रू ने फ़िल्म इंडस्ट्री में उनके शुरुआती दिनों के बारे में बात की। उन्होंने याद किया कि कैसे बॉलीवुड में आने के बाद रेखा का ज़बरदस्त मेकओवर हुआ।

‘रेडिफ़ ओरिजिनल्स’ के यूट्यूब चैनल के साथ बातचीत में तेज ने बताया कि उन्होंने 1987 में रेखा की सौतेली बहन धनलक्ष्मी से शादी की थी। उन्होंने यह भी बताया कि शादी से पहले ही वह रेखा को अपनी बहन मानते थे क्योंकि वह अक्सर उन्हें “लगभग राखी बांधती” थीं। धनलक्ष्मी एक्ट्रेस पुष्पावल्ली और सिनेमैटोग्राफर के. प्रकाश की बेटी हैं, जबकि रेखा, पुष्पावल्ली और एक्टर जेमिनी गणेशन की बेटी हैं।

रेखा के बारे में फैली गलतफहमियों पर बात करते हुए तेज ने कहा कि वह उन पर ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन एक एक्ट्रेस के तौर पर उनके लिए बहुत सम्मान रखते हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा, “मैं आपको बता सकता हूं कि एक एक्ट्रेस के तौर पर उन्होंने खुद को जिस तरह से संवारा, मुझे नहीं लगता कि कोई और ऐसा कर सकता है। मैं इसका पूरा श्रेय उन्हें देता हूं। जब उन्होंने फ़िल्मों में काम करना शुरू किया, तो उस समय वह मोटी थीं… यह बात सभी जानते हैं।”

1980 के दशक में सिमी गरेवाल के चैट शो में रेखा ने अपने ज़बरदस्त बदलाव के बारे में बात की और फ़िटनेस के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “खूबसूरत दिखने के लिए, एक पूरी तरह से खूबसूरत महिला बनने के लिए, आपको शारीरिक रूप से फ़िट रहना होगा। अगर आप स्लिम रह सकती हैं, तो अच्छा है। लेकिन मोटी बिल्कुल नहीं। मोटापा भद्दा लगता है।”

पचास साल से ज़्यादा के करियर में, रेखा ने 180 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया है। उनकी कुछ यादगार फ़िल्मों में ‘उमराव जान’, ‘सिलसिला’, ‘खून भरी माँग’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’, ‘खूबसूरत’ और कई अन्य फ़िल्में शामिल हैं।

Sawan Bhadon: सांवली सलोनी रेखा के संग काम करने को तैयार नहीं थे नवीन निश्चल, फिर शूटिंग के समय अफेयर के उड़े रूमर्स

Sawan Bhadon: फिल्म इंडस्ट्री में रेखा की शुरुआत मुश्किलों से भरी रही है। साउथ सिनेमा में बतौर बाल कलाकार काम शुरू करने के बाद वे 70 के दशक में हिंदी सिनेमा की तरफ आईं। आईकॉनिक रेखा ने बॉलीवुड डेब्यू ‘सावन भादों’ से किया। 2 सितंबर 1970 को रिलीज हुई इस फिल्म के लिए साउथ इंडियन रेखा ने हिंदी भाषा सीखी थी। मूवी के लीड हीरो नवीन निश्चल भी इस फिल्म से फिल्मी दुनिया में कदम रख रहे थे। इसके अलावा अभिनेता रंजीत ने भी इसी फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था।

रेखा के साथ काम नहीं करना चाहते थे नवीन

फिल्म ‘सावन भादों’ ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवीन निश्चल फिल्म ‘सावन भादों’ में रेखा के साथ काम करना नहीं चाहते थे। उनके मुताबिक एक्ट्रेस ‘काली’ और ‘मोटी’ थीं। हालांकि, बाद में इस फिल्म की शूटिंग करते हुए दोनों के अफेयर के खूब चर्चे हुआ करते थे। पुलिस ऑफिसर के रोल में ज्यादातर नजर आने वाले अभिनेता इफ्तेखार नेगेटिव रोल में दिखाई दिए थे।

मोहन सहगल ने नवीन को किया था लॉन्च

फिल्म ‘सावन भादों’ का डायरेक्शन मोहन सहगल ने किया था। इस मूवी में नवीन निश्चल की कास्टिंग बेहद अनोखे तरीके से हुई थी। अपने कॉलेज के दिनों में नवीन निश्चल का परफॉमेंस काफी बुरा चल रहा होता था। नवीन के पिता के साथ मोहन सहगल उनके कॉलेज पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर के पिता ने मोहन सहगल से अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की थी और मदद करने को कहा था। मोहन सहगल ने नवीन को पूना फिल्म इंस्टीट्यूट भेजा और उनकी फीस भरी। नवीन निश्चल पूना फिल्म इंस्टीट्यूट के गोल्ड मेडलिस्ट बने। नवीन जब लौटे तो ‘सावन भादो’ से उन्हें बॉलीवुड में लॉन्च किया गया।

फिल्म के लिए रेखा ने हिंदी पर बनाई पकड़

रेखा की शुरुआत हिंदी फिल्मों में साल 1969 में ‘अंजाना सफर’ से होने वाली थी, लेकिन यह फिल्म कुछ सीन्स की वजह से सेंसर बोर्ड में फंसी रही। पूरे एक दशक बाद ‘दो शिकारी’ टाइटल से इसे 1979 में रिलीज किया गया था। ‘सावन भादों’ में रेखा ने गांव की एक लड़की चंदा का रोल किया था। नवीन निश्चल के किरदार विक्रम का दिल चंदा पर फिदा हो जाता है। इस फिल्म के बाद रेखा ने हिंदी सिनेमा में अलग मुकाम हालिस किया और एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं।