Trump Tariffs: जेनेरिक्स पर ट्रंप का एक ऐलान, फार्मा सेक्टर में कोहराम, भारतीय कंपनियों पर पड़ेगा इतना गहरा असर

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 22 जुलाई को 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ लगाने की नई टाइमलाइन का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद अब सन फार्मा (Sun Pharma), ल्यूपिन (Lupin), सिप्ला (Cipla) समेत देश की कई दवा कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका में आयात होने वाली दवाईयों पर सभी जेनेरेकि दवाओं पर अब दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा। ट्रंप के ऐलान के मुताबिक इसके बाद 1 अगस्त 2028 से इन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा और 1 अगस्त 2029 से इसे बढ़ाकर 200% कर दिया जाएगा।

Trump Tariffs: अमेरिका के लिए कितना अहम है जेनेरिक्स?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुकाबिक जेनेरिक दवाओं का उत्पादन अमेरिका में करने के लिए टैरिफ पॉलिसी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां तय समय के भीतर अमेरिका में अपने प्लांट और इक्विपमेंट नहीं लगाएंगी, उन्हें टैरिफ झेलना पड़ेगा। इससे पहले ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए थे, उसके दायरे में ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाईयां थीं, जिसमें अभी भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले वाली पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयां शामिल नहीं थीं क्योंकि अमेरिका में डॉक्टर्स करीब 90% जेनेरिक्स दवाईयां ही लिखते हैं। ट्रंप सरकार ने ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट के सेक्शन 232 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर फार्मा इंडस्ट्री की जांच भी शुरू की थी। इसके अलावा आम लोगों सीधे सस्ती दवाओं की बिक्री के लिए Trump RX नाम से एक प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया।

भारतीय फार्मा कंपनियों पर क्या असर?

जेनेरिक्स पर अमेरिकी टैरिफ का भारतीय कंपनियों पर बहुत असर पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि भारतीय दवा कंपनियों का अमेरिका में जितना सेल्स वॉल्यूम है, उसका करीब 90% तो जेनेरिक्स दवाईयों का है तो अमेरिका जितना जेनेरिक्स आयात करता है, उसमें 40% भारत से है। भारत से अमेरिका को करीब $1 हजार करोड़ का फार्मा एक्सपोर्ट है। इसके अलावा भारत के बाहर अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से मंजूरी मिली हुई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सबसे अधिक भारतीय कंपनियों की ही हैं, जिनकी संख्या लगभग 670 है।

अमेरिका की तुलना में भारत में क्यों बनती हैं अधिक दवाईयां

भारत में दवा बनाने की लागत अमेरिका की तुलना में 30-50% तक सस्ती पड़ती है। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्री के कई जानकारों का मानना है कि अभी यह देखना बाकी है कि इस नीति को वास्तव में कैसे लागू किया जाएगा और ट्रंप के कार्यकाल के बाद इस पर क्या होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक लगातार कीमतों में गिरावट, तगड़े कॉम्पटीशन , अलग-अलग प्रकार की डोजेज और सख्त मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी के चलते अमेरिका में बड़े पैमाने पर जेनेरिक दवाओं का उत्पादन आसान नहीं है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अमेरिका में बड़े वॉल्यूम में प्रोडक्शन कैपेसिटी डेवलप करने में कई दशक लग सकते हैं, क्योंकि कम लागत वाली जेनेरिक दवाइयां बनाने को लेकर अमेरिका की क्षमता काफी हद तक कम हो चुकी है।

अमेरिका में किन भारतीय कंपनियों की है मौजूदगी

कई भारतीय कंपनियों की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। अरबिंदो फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी मौजूदगी है तो डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, ल्यूपिन, सिप्ला और जाइडस लाइफ जैसी कंपनियों का भी अमेरिका में कारोबार फैला हुआ है। वहीं एल्केम लैब्स और टोरेंट फार्मा जैसी कंपनियां पूरी तरह से भारत में मौजूद मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर निर्भर हैं और अमेरिका से उनकी कमाई बहुत अधिक नहीं होती है। बायोकॉन जैसी कंपनियां बायोसिमिलर और जेनेरिक दवाओं के प्रोडक्शन के लिए भारत और मलेशिया की यूनिट्स पर निर्भर हैं, जबकि सेनोरेस फार्मा की अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी है।

Market Insight : IT की रैली पर फिर मंडरा रहा खतरा, ट्रंप ने फार्मा सेक्टर को  दिया झटका, जानिए इनमें अब क्या हो रणनीति

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दिल्ली से दूर नहीं, लेकिन खूबसूरती में किसी हिल स्टेशन से कम नहीं हैं ये 7 जगहें

बारिश का मौसम आते ही दिल्ली (Delhi) और आसपास का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। सूखी सड़कें हरियाली से भर जाती हैं, झीलें (lakes) और पार्क (parks) ताजगी से खिल उठते हैं और ठंडी हवाएं सफर का मजा दोगुना कर देती हैं। ऐसे मौसम में घर पर बैठने के बजाय छोटी-सी रोड ट्रिप (short road trip) का प्लान बनाना एक बेहतरीन आइडिया हो सकता है।

अगर आपके पास लंबी छुट्टी नहीं है, तो भी चिंता की बात नहीं। दिल्ली से करीब 4 घंटे या उससे कम दूरी पर कई ऐसी शानदार जगहें हैं, जहां आप दोस्तों या परिवार के साथ आराम से वीकेंड (weekend) बिता सकते हैं। यहां आपको नेचर, इतिहास, झीलें, किले, बर्ड वॉचिंग और शानदार खाने का मजा एक साथ मिलेगा:

Agra, आगरा: बारिश में और भी खूबसूरत लगता है ताजमहल

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दिल्ली (Delhi) से लगभग 3 से 4 घंटे की दूरी पर स्थित आगरा (Agra) सिर्फ ताजमहल (Agra) के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड और ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी मशहूर है। मानसून के दौरान बादलों के बीच ताजमहल का नजारा और भी अट्रैक्टिव लगता है। यहां आगरा किला (Agra Fort) देखने के साथ लोकल मार्केट और मशहूर पेठा का स्वाद भी जरूर लें।

Sohna, सोहना: कम समय में शानदार वीकेंड

Aravalli hills Images - Free Download on Magnific (formerly Freepik)

अगर ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते, तो सोहना बेहतरीन ऑप्शन है। यह दिल्ली से केवल 1.5 से 2 घंटे की दूरी पर है। अरावली की पहाड़ियों (Aravalli hills) के बीच बसा यह इलाका अपने रिजॉर्ट, हरियाली और प्राकृतिक गर्म पानी के झरनों के लिए जाना जाता है। फैमिली के साथ एक दिन की छोटी और आरामदायक ट्रिप के लिए यह जगह परफेक्ट है।

Sultanpur National Park, सुल्तानपुर नेशनल पार्क: नेचर लवर के लिए खास

Sultanpur National Park: A Birdwatcher's Paradise Near Delhi

दिल्ली (Delhi) से करीब 1 से 1.5 घंटे की दूरी पर सुल्तानपुर नेशनल पार्क बर्ड वॉचिंग (birdwatching) के लिए मशहूर है। बारिश के मौसम में यहां कई तरह के पक्षी देखने को मिलते हैं। सुबह या शाम के समय पार्क घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। यहां बैटरी से चलने वाली गाड़ियां भी अवेलेबल हैं, जिससे बुजुर्ग और बच्चों के साथ घूमना आसान हो जाता है।

Rewari, रेवाड़ी: हिस्ट्री और लोकल फ्लेवर का यूनिक एक्सपीरियंस

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दिल्ली से लगभग 2 से 2.5 घंटे की दूरी पर रेवाड़ी (Rewari) उन लोगों के लिए खास है जो कुछ अलग देखना चाहते हैं। यहां मौजूद रेवाड़ी स्टीम लोकोमोटिव शेड भारत के सबसे पुराने स्टीम इंजन शेड में से एक है। इसके अलावा आप शहर के लोकल बाजार (local market) घूम सकते हैं और हरियाणा के पारंपरिक खाने (Haryanvi cuisine) का स्वाद भी ले सकते हैं।

Alwar, अलवर: हिस्ट्री और नेचर का शानदार ब्लेंड

Bala Quila Fort Alwar | History, Timings, Entry Fee & Safari

राजस्थान (Rajasthan) का अलवर दिल्ली से लगभग 3 से 4 घंटे की दूरी पर है। बारिश के मौसम में अरावली की पहाड़ियां (Aravalli hills) हरी-भरी हो जाती हैं और यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है। यहां आप बाला किला (Bala Quila), सिटी पैलेस (City Palace)और सिलीसेढ़ झील (Siliserh Lake)घूम सकते हैं। अगर भीड़ से दूर शांत जगह पर समय बिताना चाहते हैं, तो अलवर अच्छा ऑप्शन है।

Neemrana Fort Palace, नीमराना फोर्ट पैलेस: शाही अंदाज में बिताएं वीकेंड

Neemrana Fort Palace| Heritage Resort near Jaipur | Stay near Jaipur

दिल्ली से करीब 2.5 से 3 घंटे की दूरी पर बना नीमराना फोर्ट पैलेस इतिहास और लग्जरी का शानदार ब्लेंड है। कई सौ साल पुराने इस किले को अब हेरिटेज होटल (heritage hotel) में बदल दिया गया है। यहां की छतों, बगीचों और पुराने आंगनों से बारिश के बाद का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यहां एक दिन बिताकर भी रॉयल फील का एक्सपीरियंस लिया जा सकता है।

Bharatpur, भरतपुर: पक्षियों और हरियाली के बीच सुकून भरा दिन

The Palaces of Deeg — Google Arts & Culture

दिल्ली से करीब 3.5 से 4 घंटे की दूरी पर भरतपुर (Bharatpur) मानसून (monsoon) में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां का केवलादेव नेशनल पार्क (Keoladeo National Park) बारिश के बाद हरियाली से भर जाता है और देश-विदेश के कई पक्षी यहां दिखाई देते हैं। पार्क को देखने के लिए साइकिल या साइकिल रिक्शा सबसे अच्छा ऑप्शन’है। अगर आपको फोटोग्राफी या नेचर पसंद है, तो यह जगह आपको जरूर पसंद आएगी।

सफर पर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

8 Best Places for a Romantic Stay During Monsoon in India 2026

मानसून ट्रिप (monsoon trip) पर निकलने से पहले कुछ छोटी-छोटी तैयारियां आपकी जर्नी को और आसान बना सकती हैं। कोशिश करें कि सुबह जल्दी निकलें ताकि ट्रैफिक से बच सकें और दिनभर घूमने का पूरा समय मिले। घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लें। अपने साथ छाता या हल्की रेन जैकेट, आरामदायक वॉटरप्रूफ जूते, पानी की बोतल, हल्के स्नैक्स और जरूरी दवाइयां जरूर रखें। बारिश के दौरान गाड़ी सावधानी से चलाएं और जल्दबाजी करने के बजाय रास्ते की हरियाली, ठंडी हवाओं और खूबसूरत नजारों का भी भरपूर आनंद लें।

Share Market Crash: खास वजहों से IT-Pharma Sector में बिकवाली की आंधी, 500 प्वाइंट्स टूट गया Sensex

Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी फिसल गए। फार्मा सेक्टर में जेनेरिक्स दवाईयों पर अमेरिकी टैरिफ और एआई से जुड़े शेयरों में तेजी के चलते भारतीय आईटी स्टॉक्स पर दबाव में सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24000 के एकदम करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव दिख रहा है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी तक की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:34 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 564.77 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 76,905.34 और निफ्टी (Nifty) 158.00 प्वाइंट्स यानी 0.65% की फिसलन के साथ 24,029.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 581.61 प्वाइंट्स टूटकर 76,888.50 और निफ्टी 168.30 प्वाइंट्स गिरकर 24,019.40 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

US-Iran War

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसने मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर किया है।

आईटी-फार्मा सेक्टर में तेज बिकवाली

मार्केट पर आज सबसे अधिक दबाव फार्मा सेक्टर ने बनाया है। ट्रंप ने अपनी पॉलिसी में जेनेरिक्स दवाईयों को भी शामिल किया तो इस सेक्टर की कंपनियों को झटका लगा और निफ्टी फार्मा 1% से अधिक फिसल गया। इसके अलावा एआई से जुड़े स्टॉक्स में तेजी के चलते भारतीय मार्केट में आईटी कंपनियों पर दबाव पड़ा और निफ्टी आईटी 1% से अधिक टूट गया। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर में भी बिकवाली का तेज दबाव है और सरकारी और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 3.25% की गिरावट के साथ 13.01 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

US-Iran War: अब आर-पार के मूड में ट्रंप! अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर पर की बमबारी, होर्मुज में बढ़ा तनाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Market Today: सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी से कोस्पी 5% से ज्यादा उछला, जानें एशिया मार्केट में और कहां है आज हलचल

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में तेजी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में लगातार बढ़त की वजह से बुधवार को एशियाई मार्केट लगातार दूसरे सेशन में आगे बढ़े। यह तेजी तब आई जब US और ईरान के बीच लड़ाई में हालिया बढ़ोतरी के बाद वेस्ट एशिया में नए टेंशन के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं।

जापान का निक्केई 225 1.81% बढ़ा। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.45 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.85 फीसदी चढ़कर 45,050.66 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.86 फीसदी की गिरावट के साथ 24,901.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.24 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 3,880.99 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें नैस्डैक सबसे ज़्यादा बढ़त पर रहा, जिसे सेमीकंडक्टर शेयरों में तेजी से बढ़ावा मिला। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 पॉइंट्स या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 65.92 पॉइंट्स या 0.89% बढ़कर 7,509.20 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 329.13 पॉइंट्स या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक प्राइस में 1.97% की बढ़ोतरी हुई, AMD के शेयर 8.11% बढ़े, इंटेल के शेयर 8.64% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 12.17% बढ़े, ब्रॉडकॉम 2.21% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.13% गिरे, टेस्ला के स्टॉक प्राइस में 2.53% की बढ़ोतरी हुई और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% बढ़े।

US-ईरान युद्ध

US मिलिट्री ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 11वें दिन हमला किया है, जिसमें ईरानी मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताएं, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। इससे पहले, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि US जल्द ही पिकैक्स माउंटेन के पास के इलाके को निशाना बनाएगा।

ट्रंप टैरिफ

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त 2028 से इम्पोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि 1 अगस्त से, US दो साल तक देश में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर 0% टैरिफ लगाए रखेगा, जिसके बाद इसे एक साल के लिए 100% और उसके बाद 200% कर दिया जाएगा।

जापान ट्रेड डेफिसिट

कमजोर येन के बीच जून में जापान का ट्रेड डेफिसिट बढ़ गया। जून में वैल्यू के हिसाब से कुल एक्सपोर्ट में YoY 19.3% की बढ़ोतरी हुई। जून में इम्पोर्ट में एक साल पहले के मुकाबले 25.4% की बढ़ोतरी हुई। इस वजह से, जून में जापान का ट्रेड डेफिसिट 406.9 बिलियन येन ($2.49 बिलियन) रहा, जबकि डेफिसिट का अनुमान 120 बिलियन येन था।

जापानी बॉन्ड यील्ड

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सबसे लंबे समय के कर्ज की बिक्री से पहले महंगाई की चिंता बढ़ने से जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड बढ़ी। बेंचमार्क 10-साल की JGB यील्ड 2.5 bps बढ़कर 2.745% हो गई। पांच-साल की यील्ड 2 bps बढ़कर 1.960% हो गई और दो-साल की यील्ड 1.435% पर स्थिर रही। 40-साल के बॉन्ड पर यील्ड 3.89% पर बिना बदले रही।

क्रूड में उछाल

US के ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमले तेज करने के बाद सप्लाई में और रुकावट की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.22% बढ़कर $92.12 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.09% बढ़कर $85.26 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

पिछले सेशन में लगभग 2% की तेज़ी के बाद सोने की कीमतों में बढ़त जारी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $4,080.79 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमत $58.83 प्रति औंस पर स्थिर रही।

डॉलर

डॉलर एक हफ़्ते के हाई के पास रहा। US डॉलर इंडेक्स, जो छह करेंसी के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 101.20 पर था। येन के मुकाबले डॉलर 0.1% गिरकर 163.06 येन पर आ गया। यूरो आखिरी बार $1.1401 पर था, और स्टर्लिंग $1.3385 पर आ गया।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत हैं। जापान का बाजार निक्केई दो फीसदी तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6 फीसदी ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US के बाजारों में अच्छी बढ़त दिखी है,सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

21 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच भारतीय इक्विटी बेंचमार्क लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बड़ी प्राइवेट बैंकों में कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर,कंपनियों के अच्छे नतीजों और व्यापक बाजार की मजबूती पर भारी पड़ा। बाजार की शुरुआत धीमी रही और बाद में सुबह के कारोबार के दौरान दबाव में आ गया,जिससे निफ्टी गिरकर 24,135.65 के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निवेशक सतर्क रहे। हालांकि,आखिरी घंटे में आई खरीदारी से इंडेक्स को कुछ नुकसान की भरपाई करने और 24,200 के स्तर के आसपास बंद होने में मदद मिली।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के मेन इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें नैस्डैक सबसे आगे रहा। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 385.38 अंक या 0.74% बढ़कर 52,224.64 पर पहुंच गया, S&P 500 में 65.92 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 7,509.20 पर आ गया। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 329.13 अंक या 1.29% बढ़कर 25,837.21 पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमी

21 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,650 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदकर लगातार छह सत्रों से चली आ रही बिकवाली का सिलसिला तोड़ दिया। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार नौ सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला खत्म किया और 656 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर वे नेट सेलर बन गए।

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला, कच्चे तेल में तेजी,ब्रेंट $92 के पार

ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन भी हमला जारी रहा। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया है। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के रेड सी के नाकेबंदी से कच्चे तेल में उछाल आया है। ब्रेंट 92 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।

Market View : निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति करेगी काम, इस कैपिटल मार्केट शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

जेनेरिक दवाओं के टैरिफ पर ट्रंप का बड़ा एलान

आज फार्मा सेक्टर के लिए निगेटिव खबर है। अमेरिका में जेनेरिक दवा के इंपोर्ट पर पहले दो साल तक टैरिफ नहीं लगेगा। लेकिन ट्रंप ने तीसरे साल से 100% और चौथे साल से 200% टैरिफ लगाने का एलान किया है। यह टैरिफ स्ट्रक्चर इस साल 1 अगस्त से लागू होगा।

बंधन बैंक Q1: मुनाफा 35% बढ़ा, NIMs फ्लैट

बंधन बैंक में आज दबाव दिख सकता है। कंपनी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। लेकिन मैनेजमेंट की कमेंट्री खराब रही है। पहली तिमाही में बैंक का मुनाफा 35 फीसदी बढ़ा है। NIMs बिलकुल फ्लैट रही है लेकिन कमजोर आउटलुक ने सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। मैनेजमेंट ने रिटर्न ऑन असेट्सका लक्ष्य घटाते हुए कहा है कि आगे मार्जिन पर भी दबाव दिख सकता है।

इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा

पहली तिमाही में इंडियन होटल्स का मुनाफा 21% बढ़ा है। रेवेन्यू में भी 15% की बढ़त दिखी है। कंपनी के EBITDA में 17% का उछाल दिखा है। साथ ही मार्जिन में भी हल्का सुधार हुआ है।

DRL, नेस्ले और इटरनल के नतीजे आज, वायदा के नतीजों की लंबी लिस्ट

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की तीन कंपनियां डॉ रेड्डीज, इटरनल और नेस्ले के रिजल्ट आएंगे। डॉक्टर रेड्डीज का मुनाफा 53% घट सकता है। मार्जिन पर तगड़ी मार संभव है। साथ ही युनाइटेड स्पिरिट्स,HPCL,BPCL समेत वायदा की नौ कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

GABRIEL INDIA की बड़ी शॉपिंग

Gabriel India,दक्षिण कोरिया की ऑटो एंसिलरी कंपनी HL Mando Anand में करीब 29% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह सौदा 2231 करोड़ रुपये में होगा। प्रोमोटर यह शेयर 1305 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: ईरान पर अमेरिका का 11वें दिन हमला जारी है। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की चेतावनी दी। तेहरान ने युद्ध का दायरा बढ़ाने का एलान किया। इधर जंग बढ़ने और हूतियों के RED SEA BLOCKADE से कच्चे तेल में उछाल आया। ब्रेंट 92 डॉलर के पार निकला। इधर कच्चे तेल में उछाल से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हुआ है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 60 प्वाइंट का दबाव दिखा रहा है। हालांकि FIIs और ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत मिल रहे है। जापान का बाजार निक्केई 2 परसेंट तो कोरिया मार्केट कॉस्पी 6% ऊपर है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी के बीच US INDICES में अच्छी बढ़त दिखी। सोने-चांदी की भी चमक बढ़ी है।

Bajaj to update 125-160cc motorcycle range

Pulsar N125

Bajaj Auto has announced plans to upgrade its 125-160cc motorcycle portfolio following a record first quarter performance, as the company looks to build on its momentum in one of India’s largest motorcycle segments. The company’s current 125-160cc lineup includes models under the Pulsar and Freedom brands, although Bajaj did not specify which models would be updated or when.

  1. Bajaj Auto to upgrade its 125-160cc motorcycle portfolio following strong Q1 FY27 performance
  2. Pulsar, Avenger and Dominar all posted double-digit year-on-year growth in the quarter
  3. Q1 FY27 revenue up 37 percent YoY to a record Rs 17,244 crore

Bajaj Auto Q1 FY27 and product plans: Key details

Sports segment grew around 50 percent; Pulsar range gained market share

In its Q1 FY27 earnings statement, Bajaj Auto said product interventions across the Pulsar range helped it gain market share in the sports segment during the quarter, with the segment as a whole growing by around 50 percent. The planned updates across the 125-160cc range are expected to further strengthen the company’s position in the segment. Bajaj Auto had previously outlined plans in its annual report to sharpen its focus on the domestic 125cc-plus motorcycle market, and the Pulsar 125 Classic – which has been spotted testing multiple times ahead of an expected festive season launch – appears to be among the products in the pipeline.

On the financial front, Q1 FY27 was a record quarter for the company. Revenue from operations rose 37 percent year-on-year to Rs 17,244 crore, profit after tax climbed 42 percent to Rs 2,983 crore, and EBITDA grew 45 percent to Rs 3,596 crore, resulting in an EBITDA margin of 20.9 percent. Total vehicle sales reached a record 1.44 million units, up 29 percent year-on-year, with domestic two-wheeler volumes rising 11 percent and exports surging 52 percent to their highest-ever quarterly level.

JSW could acquire majority stake in Volkswagen’s India business

JSW and VW

JSW Group is in advanced talks to acquire a stake in Skoda Auto Volkswagen India, with the proposed deal potentially giving the Sajjan Jindal-led conglomerate a majority holding in Volkswagen AG’s India business, according to a Bloomberg report.

  1. Terms of the deal are yet to be finalised
  2. Skoda Auto Volkswagen India held 2.34 percent market share in FY2026
  3. JSW already owns 35 percent of JSW MG Motor India

The report says the proposed investment would bring fresh capital into Skoda Auto Volkswagen India, which oversees the group’s Skoda, Volkswagen, Audi, alongside luxury and super-luxury marques like Porsche, Lamborghini, and Bentley brands in the country. Both sides are aiming to reach an agreement in the coming weeks, although the terms are not settled and a transaction may not follow, the report said.

Volkswagen declines to comment

A Volkswagen spokesperson did not confirm the discussions, saying only that the company regularly evaluates opportunities to support its strategy in India’s passenger vehicle market. Bloomberg added that the terms of the proposed transaction are still being negotiated and may change before any agreement is reached.

What the deal could mean

If completed, the deal would mark JSW Group’s second major investment in India’s passenger vehicle industry after acquiring a 35 percent stake in MG Motor India from SAIC in 2023. The joint venture, JSW MG Motor India, began operations in 2024.

For Volkswagen, the investment could strengthen its position in India, where Skoda Auto Volkswagen India accounted for 2.34 percent of passenger vehicle sales in FY2026, according to FADA data. By comparison, Kia India held a 5.94 percent share, while JSW MG Motor India accounted for 1.40 percent. The additional investment could also support the group’s future product and business plans in the country.

India remains a focus market for Volkswagen 

India has become an increasingly important market for Volkswagen as it reshapes its global operations. According to the Bloomberg report, the company is looking to strengthen its presence outside Europe following its withdrawal from Russia and its planned exit from China.

With inputs from Dhruv Dhaka

JSW could acquire majority stake in Volkswagen’s India business

JSW and Skoda VW

JSW Group is in advanced talks to acquire a stake in Skoda Auto Volkswagen India, with the proposed deal potentially giving the Sajjan Jindal-led conglomerate a majority holding in Volkswagen AG’s India business, according to a Bloomberg report.

  1. Terms of the deal are yet to be finalised
  2. Skoda Auto Volkswagen India held 2.34 percent market share in FY2026
  3. JSW already owns 35 percent of JSW MG Motor India

The report says the proposed investment would bring fresh capital into Skoda Auto Volkswagen India, which oversees the group’s Skoda, Volkswagen, Audi, alongside luxury and super-luxury marques like Porsche, Lamborghini, and Bentley brands in the country. Both sides are aiming to reach an agreement in the coming weeks, although the terms are not settled and a transaction may not follow, the report said.

Volkswagen declines to comment

A Volkswagen spokesperson did not confirm the discussions, saying only that the company regularly evaluates opportunities to support its strategy in India’s passenger vehicle market. Bloomberg added that the terms of the proposed transaction are still being negotiated and may change before any agreement is reached.

What the deal could mean

If completed, the deal would mark JSW Group’s second major investment in India’s passenger vehicle industry after acquiring a 35 percent stake in MG Motor India from SAIC in 2023. The joint venture, JSW MG Motor India, began operations in 2024.

For Volkswagen, the investment could strengthen its position in India, where Skoda Auto Volkswagen India accounted for 2.34 percent of passenger vehicle sales in FY2026, according to FADA data. By comparison, Kia India held a 5.94 percent share, while JSW MG Motor India accounted for 1.40 percent. The additional investment could also support the group’s future product and business plans in the country.

India remains a focus market for Volkswagen 

India has become an increasingly important market for Volkswagen as it reshapes its global operations. According to the Bloomberg report, the company is looking to strengthen its presence outside Europe following its withdrawal from Russia and its planned exit from China.

With inputs from Dhruv Dhaka

Maruti Suzuki to yet again hike prices from August 2026

Maruti-Suzuki-price-hike

Maruti Suzuki has announced yet another price hike across its vehicle range of up to Rs 30,000, effective from August 2026. This will be the second price hike from Maruti Suzuki in short succession, having just, following a similar hike of up to Rs 30,000 introduced in June.

  1. This will be Maruti’s third price hike in 2026 
  2. Rising input costs and commodity inflation cited as reasons 

In a regulatory filing with the stock exchanges, the company cited persistent commodity inflation and rising input costs as the primary drivers behind the adjustment. The automaker stated it attempted to absorb cost increases through internal efficiency measures and cost reduction initiatives. However, sustained pressure on operating margins necessitated “passing a fraction of the cost burden on to the market.”

When announcing its previous revision in June, Maruti Suzuki had also attributed the decision to a sustained rise in input costs and elevated inflationary pressures. 

The exact price adjustment will vary depending on the specific model and variant. The upcoming August price adjustment follows a pattern of broader industry price revisions aimed at managing raw material volatility, with Mahindra, BYD and Tata Motors among others announcing price hikes in recent weeks.