Awarapan 2 Budget vs Collection: 45 करोड़ के बजट में बनी ‘आवारापन 2’, इमरान हाशमी की फिल्म ने 3 गुना कमाया मुनाफा

Awarapan 2 Budget vs Collection: ‘आवारापन 2’ ठीक वही कर रही है, जिसकी उम्मीद इसके मेकर्स ने की थी – यानी लोगों को सिनेमाघरों तक वापस लाना। जबकि आपको जानकर हैरानी होगी कि रिलीज से पहले डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इस फिल्म में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इमरान हाशमी के लीड रोल वाली इस सीक्वल फिल्म ने शुरुआती दो दिनों में ही 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था, जबकि प्रोड्यूसर विशेष भट्ट का कहना है कि टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

कितना है फिल्म का बजट

जानकारी के मुताबिक फिल्म का बजट 30 से 45 करोड़ के बीच बताया जा रहा है। हालांकि ये आंकड़े ऑफिशियल नहीं हैं। फिल्म प्रोड्यूसर विशेष भट्ट ने बताया थी कि उनकी फिल्म पर कोई भरोसा नहीं कर रहा था। हर किसी को फिल्म के फ्लॉप हो जाने का डर सता रहा था। टीम को इस प्रोजेक्ट में अपना पैसा लगाना पड़ा था।

फिल्म ने कितनी कमाई की

2007 की फिल्म ‘आवारापन’ बेशक बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी, लेकिन इसका म्यूजिक और कहानी आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हैं। इसी का फायदा ‘आवारापन 2’ को पूरी तरह से मिला है। सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘आवारापन 2’ ने 21.50 करोड़ के नेट कलेक्शन के साथ ओपनिंग की थी। भारत में ग्रॉस कलेक्शन 25.80 करोड़ रुपये रहा था। जबकि वर्ल्डवाइड इस फिल्म ने 27.80 करोड़ से ओपनिंग की थी।

वहीं 8वें दिन फिल्म ने भारत में आठवें दिन 5.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। इसके साथ ही, फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 119 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 141.87 करोड़ रुपये है। फ़िल्म विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आठवें दिन, ‘आवारापन 2’ ने विदेशी बाजार में 1 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे इसका इंटरनेशनल कलेक्शन 27.30 करोड़ रुपये हो गया। फ़िल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 169.17 करोड़ रुपये है, जो इसे 170 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब ले आया है।

पहले दिन का कलेक्शन-22 करोड़

दूसरे दिन का कलेक्शन-33.75 करोड़

तीसरे दिन का कलेक्शन-26 करोड़

चौथे दिन का कलेक्शन-9.25 करोड़

पांचवें दिन का कलेक्शन-9.75 करोड़

छठवें दिन का कलेक्शन-6.75 करोड़

सातवें दिन का कलेक्शन-6 करोड़

आठवें दिन का कलेक्शन-5.75 करोड़

India Net (Sacnilk): 119.00 crore

India Gross (Sacnilk): 142.21 cr

Worldwide Gross: 169.17 crore

कितना कमाया मुनाफा

‘आवारापन 2’ ने 45 करोड़ के बजट के मुकाबले 74 करोड़ से 78.87 करोड़ का नेट प्रॉफिट (164% से 175% रिटर्न) कमाया है, जो अपने एक बड़ा आंकड़ा है। फिल्म साल की तीसरी बिग ओपनर बनकर उभरी है। इससे पहले यशराज की ‘सैयारा’ और ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान लाया था।

यह फ़िल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से टक्कर के बावजूद अपनी जगह बनाए रखने में कामयाब रही। लेकिन रिलीज़ से पहले कहानी कुछ और ही थी। ‘ज़ूम’ के साथ एक इंटरव्यू में, विशेष भट्ट – जिन्होंने बिलाल सिद्दीकी के साथ मिलकर इस फ़िल्म की कहानी भी लिखी है – ने बताया कि डिस्ट्रीब्यूटर इस फ़िल्म को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। उनके मुताबिक, दिलचस्पी न दिखाने की वजह से ही उन्हें नहीं लगता कि ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ जल्दी पैसे कमाने के मकसद से बनाई गई फ़िल्म है।

उन्होंने कहा, “अगर आप ‘आवारापन’ जैसी फ़िल्में देखना चाहते हैं, तो आपको सिनेमाघरों में जाकर उन्हें सपोर्ट करना होगा। वरना मुझे कैसे पता चलेगा कि आपको इसमें दिलचस्पी है? अगर मुझे पता होगा, तो मैं भी अपनी मेहनत की कमाई लगाकर फ़िल्म बनाऊंगा ताकि पैसे कमा सकूं। मैं आपको बता दूं, ‘आवारापन 2’ सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए बनाई गई फ़िल्म नहीं है।”

दुबई में पानीपुरी का ऐसा क्रेज, राजस्थानी शख्स के पास रोज पहुंचते हैं 500 से 1000 ग्राहक

भारत से बड़ी संख्या में लोग बेहतर नौकरी, कमाई और भविष्य की तलाश में विदेश का रुख करते हैं। लेकिन कुछ लोगों की कहानी सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहती। वे नए देश में अपनी मेहनत और हुनर के दम पर ऐसा काम शुरू कर देते हैं, जिसमें उनकी जड़ों की झलक भी दिखाई देती है। दुबई में रहने वाले राजस्थान के एक शख्स की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उसने विदेश में अपना कारोबार शुरू किया, लेकिन इसके लिए किसी विदेशी खाने को नहीं चुना, बल्कि भारत की मशहूर स्ट्रीट फूड पानीपुरी को अपना जरिया बनाया।

जिस पानीपुरी को भारत में लोग सड़क किनारे ठेलों और दुकानों पर बड़े चाव से खाते हैं, वही अब दुबई में इस शख्स की पहचान बन गई है। खास बात यह है कि उसके यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। उसकी कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग उसकी मेहनत और परिवार के लिए किए जा रहे प्रयासों की तारीफ कर रहे हैं।

रोज 500 से 1000 लोग पहुंचते हैं

इस शख्स की कहानी का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर @emirateslovesindia ने शेयर किया है। वीडियो में उसने बताया कि वह पिछले करीब दो साल से दुबई में रह रहा है और वहां पानीपुरी का कारोबार कर रहा है। जब उससे ग्राहकों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि रोजाना करीब 500 से 600 ग्राहक आते हैं और कई बार यह आंकड़ा 1,000 तक पहुंच जाता है। हालांकि, वीडियो में कारोबार की सटीक जगह और उसकी कमाई का खुलासा नहीं किया गया।

एक नहीं, कई फ्लेवर की पानीपुरी

दुबई में ग्राहकों को सिर्फ आम पानीपुरी का स्वाद नहीं मिलता। शख्स ने बताया कि उनके यहां कई अलग-अलग फ्लेवर उपलब्ध हैं। इनमें जीरा, लहसुन, खट्टा-मीठा, हाजमोला, नींबू और सामान्य फ्लेवर शामिल हैं। यानी देसी पानीपुरी को दुबई में थोड़ा अलग अंदाज देकर लोगों के सामने पेश किया जा रहा है।

कमाई का आधा हिस्सा भेजता है घर

इस शख्स की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उसकी कमाई को लेकर है। उसने बताया कि वह अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा घर भेजता है, जबकि बाकी 50 फीसदी रकम दुबई में अपने खर्चों के लिए रखता है। उसकी यह बात सोशल मीडिया यूजर्स को खास तौर पर पसंद आई, क्योंकि विदेश में रहते हुए भी वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करना जारी रख रहा है।

दुबई की जिंदगी भी है पसंद

सिर्फ कारोबार ही नहीं, शख्स ने दुबई में अपनी जिंदगी के बारे में भी बात की। उसने बताया कि उसे वहां का खाना, रहन-सहन और घूमना काफी पसंद है। उसके मुताबिक, दुबई की अच्छी सड़कें और बेहतर सेवाएं भी उसे पसंद आती हैं। यानी राजस्थान से हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद उसने वहां अपनी मेहनत से कमाई का रास्ता बना लिया है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने शख्स की मेहनत और उसके कारोबार की तारीफ की। कई लोगों को यह बात खास लगी कि वह विदेश में रहकर भी भारतीय स्ट्रीट फूड को लोगों तक पहुंचा रहा है और अपनी कमाई का एक हिस्सा परिवार को भेजता है।

हरिद्वार कांवड़ मेले में भिखारी बनकर बैठा यूट्यूबर, 8 घंटे में कमाए 4,000 रुपये

हरिद्वार कांवड़ मेले में भिखारी बनकर बैठा यूट्यूबर, 8 घंटे में कमाए 4,000 रुपये

हरिद्वार के कांवड़ मेले में एक यूट्यूब सोशल एक्सपेरिमेंट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। यूट्यूबर पुरुषोत्तम वशिष्ठ और उनके दोस्त सचिन ने यह जानने की कोशिश की कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक मेले में भिखारी बनकर पैसे मांगे, तो एक दिन में कितनी रकम जुटा सकता है। सचिन करीब 8 घंटे तक भिखारी का हुलिया बनाकर लोगों के बीच घूमे और दोनों के मुताबिक इस दौरान करीब ₹4,000 जमा हुए।

फटे कपड़े, हाथ में कटोरा और गले में QR कोड

एक्सपेरिमेंट के लिए सचिन ने फटे-पुराने कपड़े पहने और हाथ में छोटा सा कटोरा लेकर श्रद्धालुओं के बीच पैसे मांगने लगे। इस प्रयोग को थोड़ा अलग बनाने के लिए उन्होंने गले में UPI QR कोड भी लटका रखा था, ताकि लोग चाहें तो डिजिटल पेमेंट से भी मदद कर सकें। शुरुआत में दोनों को लगा था कि पूरे दिन में शायद ₹1,000 से ₹2,000 तक ही मिल पाएंगे।

शुरुआत में मिले सिर्फ ₹130

मेले में पैसे मांगने के शुरुआती घंटों में सचिन को ज्यादा सफलता नहीं मिली। काफी कोशिश के बाद उनके पास करीब ₹130 ही जमा हुए। कुछ लोगों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने उनकी मदद की। कई लोगों ने पैसे न होने की बात कहकर आगे बढ़ना बेहतर समझा, तो कुछ ने सचिन के साथ अच्छा व्यवहार किया।

दुकानदार ने दे दी चश्मे की जोड़ी

मेले में घूमते हुए सचिन कई दुकानदारों से भी बातचीत करने लगे। इसी दौरान एक सनग्लास विक्रेता ने उन्हें चश्मे की एक जोड़ी दे दी। इस घटना के बाद सचिन ने मजाकिया अंदाज में खुद को ‘प्रोफेशनल भिखारी’ तक कह दिया। वहीं, गले में लगे UPI QR कोड से भी करीब ₹40 का डिजिटल भुगतान मिला।

असली भिखारी से हुई दिलचस्प बातचीत

एक वक्त सचिन एक असली भिखारी के पास जाकर बैठ गए। दोनों के बीच बातचीत हुई। बताया गया कि उस व्यक्ति को अपना नाम और वह पहले कहां रहता था, इसकी जानकारी तक याद नहीं थी। यह मुलाकात एक्सपेरिमेंट के दौरान सामने आई उन स्थितियों में से एक थी, जिसने भिक्षावृत्ति के पीछे छिपी व्यक्तिगत परेशानियों की ओर भी ध्यान खींचा।

चार घंटे में ₹800, आठ घंटे में ₹4 हजार

करीब चार घंटे बाद सचिन ने अपनी जमा रकम गिनी तो उनके पास लगभग ₹800 थे। इसके बाद उन्होंने कई घंटे और मेले में बिताए। कभी लोगों ने पैसे दिए तो कभी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इस दौरान कुछ जगहों पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटने के लिए भी कहा। बारिश और लगातार पैदल चलने की वजह से एक्सपेरिमेंट उनके लिए शारीरिक रूप से भी काफी थकाऊ बन गया। करीब 8 घंटे बाद दोनों ने दावा किया कि कुल मिलाकर लगभग ₹4,000 जमा हुए। यानी इस प्रयोग में औसतन करीब ₹500 प्रति घंटे की रकम जुटी।

₹4 हजार से लाखों की कमाई का हिसाब

इसके बाद दोनों ने इसी आंकड़े के आधार पर अनुमान लगाना शुरू किया। उनका कहना था कि अगर रोजाना इतनी ही रकम मिलती रहे तो महीने में करीब ₹1.2 लाख तक जुटाए जा सकते हैं। वायरल पोस्ट में इससे भी ज्यादा कमाई का एक अनुमान सामने आया, जिसमें 12-13 घंटे रोजाना काम करने पर ₹8,000 से ₹10,000 प्रतिदिन तक की संभावित कमाई की बात कही गई। हालांकि, ये सिर्फ इस एक्सपेरिमेंट पर आधारित अनुमान हैं। इससे यह साबित नहीं होता कि वास्तविक जिंदगी में भीख मांगने वाले लोग नियमित रूप से इतनी रकम कमाते हैं।

‘भीख मांगना बिल्कुल आसान नहीं’

एक्सपेरिमेंट के अंत में दोनों ने माना कि बाहर से आसान दिखने वाला यह काम असल में बेहद थका देने वाला है। घंटों तक अजनबियों के पास जाकर मदद मांगना मानसिक और शारीरिक रूप से काफी मुश्किल लगा। सचिन को जहां कुछ लोगों ने पैसे देकर मदद की, वहीं कुछ लोगों के खराब व्यवहार का भी सामना करना पड़ा। दोनों ने लोगों को सलाह दी कि भीख मांगने को कमाई का जरिया बनाने के बजाय मेहनत और ईमानदारी से कमाने की कोशिश करनी चाहिए।

₹4 हजार की कमाई ने छेड़ दी बड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने 8 घंटे में ₹4,000 जमा होने पर हैरानी जताई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक आयोजनों और पर्यटन स्थलों पर भीख मांगना कुछ लोगों के लिए कमाई का स्थायी जरिया बन गया है।

वहीं, कई यूजर्स ने इस एक्सपेरिमेंट से बड़े निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी। उनका कहना था कि सिर्फ 8 घंटे का प्रयोग उन लोगों की असली जिंदगी को नहीं दर्शा सकता, जो गरीबी, बेघरपन, बीमारी, दिव्यांगता, शोषण या लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियों के कारण भीख मांगने को मजबूर हैं।

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Awarapan 2 Box Office Collection Day 8: छप्पर फाड़ कमाई कर रही इमरान हाशमी की फिल्म, 170 करोड़ के पहुंची करीब

Awarapan 2 Box Office Collection Day 8: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर अपने दूसरे हफ़्ते में भी अच्छी रफ़्तार से आगे बढ़ रही है। 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म, शानदार ओपनिंग के बाद भी दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है।

इंडस्ट्री ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, ‘आवारापन 2’ ने भारत में आठवें दिन 5.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। इसके साथ ही, फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 119 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 141.87 करोड़ रुपये है।

फ़िल्म विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आठवें दिन, ‘आवारापन 2’ ने विदेशी बाजार में 1 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे इसका इंटरनेशनल कलेक्शन 27.30 करोड़ रुपये हो गया। फ़िल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 169.17 करोड़ रुपये है, जो इसे 170 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब ले आया है।

आठवें दिन ‘आवारापन 2’ की भारत में कुल ऑक्यूपेंसी 15.19 प्रतिशत रही और फिल्म के 9,858 शो दिखाए गए। ये आंकड़े बताते हैं कि दूसरे हफ़्ते में भी फ़िल्म की पकड़ मज़बूत बनी हुई है।

फिल्म ने पहले दिन ₹22 करोड़ की कमाई के साथ शुरुआत की और वीकेंड पर इसकी कमाई में उछाल आया। इसने दूसरे दिन ₹33.75 करोड़ और तीसरे दिन ₹26 करोड़ कमाए। इसके बाद चौथे दिन कमाई घटकर ₹9.25 करोड़ हो गई, फिर पांचवें दिन ₹9.75 करोड़, छठे दिन ₹6.75 करोड़ और सातवें दिन ₹6 करोड़ रही। आठवें दिन फिल्म ने ₹5.50 करोड़ और कमाए, जिससे पहले आठ दिनों में इसकी कुल भारत नेट कमाई ₹119 करोड़ हो गई।

नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित, ‘आवारापन 2’ साल 2007 की फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। फिल्म में इमरान हाशमी, दिशा पाटनी, पूरन गब्बी, अनिरुद्ध रावल, शबाना आज़मी, सुविंदर विक्की, विजयंत कोहली और अतुल कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। विशेष फिल्म्स बैनर के तहत विशेष भट्ट और मुकेश भट्ट द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म शिवम पंडित की कहानी है, जो प्यार, त्याग और प्रायश्चित से जूझते हुए अपराध की दुनिया में वापस खिंचा चला आता है।

ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया:तीन दिन की बातचीत बेनतीजा; पीएम कार्नी बोले- US ने आखिरी समय शर्तें बदली

अमेरिका और कनाडा के बीच 3 दिन तक चली ट्रेड डील की बातचीत नाकाम रही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार आधी रात से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। अमेरिका और कनाडा के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी में तीन दिन की बातचीत की थी, लेकिन व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो सका। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका जितना टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतना ही जवाब देगा। अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के अमेरिका पर जवाबी टैरिफ अमेरिका के नए 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने तुरंत जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका के टैरिफ का डॉलर के बदले डॉलर के हिसाब से जवाब देगा। यानी अमेरिका जितने कनाडाई सामान पर टैरिफ लगाएगा, कनाडा भी उतने ही मूल्य के अमेरिकी सामान पर टैरिफ लगाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया है। ————— यह खबर भी पढ़ें… भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पूरी खबर पढ़ें…

अमीर बनने का सीक्रेट फॉर्मूला! आज ही अपनाएं ये 5 मनी हैबिट्स, तेजी से बढ़ेगी आपकी वेल्थ

फाइनेंशियल सिक्योरिटी हासिल करना और प्रॉपर्टी या वेल्थ क्रिएट करने के लिए जरूरी नहीं कि सिर्फ आपकी कमाई ज्यादा हो। यह इस बात पर भी डिपेंड करता है कि आप अपने कमाए हुए पैसे को कितने बेहतर तरीके से मैनेज करते हैं, बचाते हैं और इन्वेस्ट करते हैं। लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन करने और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सही फाइनेंशियल हैबिट्स को अपनाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं पैसे की बचत और निवेश से जुड़े उन व्यावहारिक नियमों के बारे में जो आपकी वित्तीय स्थिति को एक मजबूत रास्ते पर ला सकते हैं।

इमरजेंसी फंड बनाएं

नौकरी छूटने, मेडिकल बिल या अचानक आए किसी भी खर्च जैसी स्थिति में इमरजेंसी फंड वित्तीय सपोर्ट देता है। फाइनेंशियल प्लानर आमतौर पर सलाह देते हैं कि आपको बेसिक खर्चों के करीब तीन से छह महीने के बराबर की राशि किसी ऐसे खाते में रखनी चाहिए जहां से उसे आसानी से निकाला जा सके।

बचत को प्राथमिकता दें

सैलरी आते ही सबसे पहले बचत की आदत डालें। इसके लिए अपने वेतन में से एक निश्चित राशि को बचत या निवेश खातों में तुरंत ऑटोमैटिक ट्रांसफर करने की व्यवस्था करें। नियमित रूप से पैसे को सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर करने से बचत में निरंतरता बनी रहती है और पैसे खर्च करने का ऑप्शन भी कम होता है।

खर्चों पर नजर रखें

अपने रोजाना के खर्चों को ट्रैक करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आपका पैसा वास्तव में कहां जा रहा है। गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन, बार-बार किए जाने वाले छोटे-छोटे खर्चों और दूसरे ऐसे पैटर्न की पहचान करने के लिए बजटिंग ऐप, स्प्रेडशीट या सिंपल एक्सपेंस ट्रैकर का इस्तेमाल करें।

क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करें

सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड काफी मददगार साबित हो सकते हैं। अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने से बचें और ड्यू डेट तक पूरे बिल का भुगतान करने का लक्ष्य रखें। जिम्मेदारी से क्रेडिट का इस्तेमाल करने से एक स्वस्थ क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखने में मदद मिलती है और भारी लेट फीस या इंटरेस्ट से बचा जा सकता है।

जल्दी निवेश शुरू करें

कम उम्र में या जल्दी निवेश शुरू करने से आपके पैसे को कम्पाउंडिंग के जरिए बढ़ने का अधिक समय मिलता है। लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए निवेशक जिन विकल्पों पर विचार करते हैं उनमें कम लागत वाले इंडेक्स फंड भी शामिल हैं। हालांकि निवेश के विकल्पों का चयन हमेशा पर्सनल फाइनेंस टारगेट, जोखिम लेने की क्षमता और समय अवधि के अनुसार ही होना चाहिए।

स्किल्स बढ़ाएं और सैलरी नेगोशिएट करें

अपनी व्यावसायिक योग्यताओं और स्किल्स को सुधारने से समय के साथ आपकी कमाने की क्षमता बढ़ सकती है। सर्टिफिकेट्स, स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग और वर्कशॉप आपको बेहतर अवसरों के काबिल बनाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा आपकी सैलरी आपके भविष्य के बोनस, बचत और रिटायरमेंट योगदान को प्रभावित करती है। इसलिए जॉब ऑफर या अप्रेजल के दौरान अपनी इंडस्ट्री के सैलरी लेबल का रिसर्च करें। अपने लिए उचित सैलरी को मैनेजमेंट के साथ हमेशा कॉन्फिडेंस से डिस्कस करें।

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MLA Salary: कार, बंगला और लाखों के भत्ते! जानिए किस राज्य के विधायक कमाते हैं सबसे ज्यादा पैसा

MLA Salary: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सभी 234 विधायकों को सरकारी गाड़ी और हर महीने अतिरिक्त भत्ता देने के फैसले के बाद अब विधायकों की सैलरी और उन्हें मिलने वाली दूसरी सुविधाएं चर्चा में हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि विधायकों को वेतन के अलावा और क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।

नई व्यवस्था के तहत तमिलनाडु के हर विधायक को एक सरकारी गाड़ी मिलेगी। इसके अलावा गाड़ी, पेट्रोल-डीजल और मेंटेनेंस के खर्च के लिए हर महीने 75,000 रुपये और एक सहायक (असिस्टेंट) के लिए 25,000 रुपये दिए जाएंगे। यानी हर विधायक को वेतन के अलावा हर महीने कुल 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार ने विधायकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी बढ़ा दिया है।

इस फैसले के बाद देशभर में विधायकों की सैलरी और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अलग-अलग राज्यों में विधायकों की बेसिक सैलरी, भत्तों और दूसरी सुविधाओं में काफी अंतर देखने को मिलता है।

यह राज्यों का विषय है

सांसदों की सैलरी और भत्ते संसद तय करती है, लेकिन विधायकों की सैलरी और उन्हें मिलने वाली सुविधाएं राज्य सरकार के दायरे में आती हैं। हर राज्य की विधानसभा अपने विधायकों के वेतन और भत्तों से जुड़े नियम और कानून तय करती है।

विधायकों के लिए कोई एकसमान राष्ट्रीय वेतन संरचना नहीं है। उनकी कमाई में सिर्फ बेसिक सैलरी ही शामिल नहीं होती। राज्य सरकारें विधायकों को विधानसभा क्षेत्र के खर्च, ऑफिस और स्टाफ, यात्रा, रहने, फोन और कम्युनिकेशन, इलाज और दूसरे आधिकारिक खर्चों के लिए अलग-अलग भत्ते भी देती हैं।

पीआरएस विधायी अनुसंधान के अनुसार, अधिकांश राज्यों में, विधायक कानून के माध्यम से अपने वेतन और भत्ते स्वयं निर्धारित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्यों में मूल वेतन और समग्र वेतन पैकेज दोनों में महत्वपूर्ण अंतर देखने को मिलता है।

किस राज्य में विधायकों को सबसे अधिक वेतन मिलता है?

2025 में द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना राज्य में विधायकों को सबसे अधिक वेतन 2.75 लाख रुपये दिया जाता था। के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार के दौरान सभी भत्तों सहित यह वेतन 1.25 लाख रुपये से बढ़कर 2.75 लाख रुपये हो गया था।

किस राज्य में विधायकों का वेतन सबसे कम है?

पीआरएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, केरल के विधायकों का मासिक वेतन 70,000 रुपये है, जो देश के सबसे कम वेतन पाने वाले विधायकों में से एक है। उनके मासिक वेतन में 2,000 रुपये का निश्चित भत्ता, 25,000 रुपये का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 20,000 रुपये का न्यूनतम मासिक यात्रा भत्ता, 11,000 रुपये का टेलीफोन भत्ता, 4,000 रुपये का सूचना भत्ता और 8,000 रुपये का उपभोग भत्ता शामिल है। उन्हें राज्य के भीतर यात्रा के लिए 1,000 रुपये और केरल के बाहर यात्रा के लिए 1,200 रुपये का दैनिक भत्ता भी मिलता है।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कम वेतन वाले राज्य में विधायकों को कम सुविधाएं मिलती हैं। इन्हें आवास, सरकारी आवास, इलाज, यात्रा खर्च की भरपाई, स्टाफ सपोर्ट और दूसरी सुविधाएं अलग से दी जाती हैं।

विधायकों को वेतन के अलावा और क्या मिलता है?

विधायक का मासिक वेतन राज्य द्वारा विधायक पर किए जाने वाले कुल व्यय का केवल एक हिस्सा है।

सामान्य सुविधाओं और भत्तों में शामिल हैं:

  • निर्वाचन क्षेत्र के कार्यों से संबंधित खर्चों के लिए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता
  • कर्मचारियों और प्रशासनिक खर्चों के लिए सेक्रेटेरियल या ऑफिस भत्ता
  • सरकारी यात्राओं के लिए यात्रा और परिवहन भत्ता
  • विधानसभा सत्रों और समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए दैनिक भत्ता
  • राज्य की राजधानी में आवास
  • विधायक और कुछ राज्यों में परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल सुविधाएं
  • टेलीफोन और संचार भत्ता
  • वाहन सुविधाएं या वाहन भत्ता
  • कार्यालय उपकरण और स्टेशनरी भत्ता
  • विधानसभा छोड़ने के बाद पेंशन और अन्य लाभ, जो राज्य के नियमों पर निर्भर करते हैं
  • हरियाणा में आवास और कार सुविधा
  • कुछ राज्य पारंपरिक वेतन-भत्ते मॉडल से परे भी लाभ प्रदान करते हैं।

हरियाणा में विधायकों को सिर्फ सैलरी और भत्ते ही नहीं, बल्कि घर और गाड़ी खरीदने के लिए 1 करोड़ रुपये तक का लोन लेने की सुविधा भी मिलती है। यह लोन घर, मोटर कार या दोनों के लिए लिया जा सकता है।

इसके अलावा, विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की सुविधा भी दी जाती है। राज्य सरकार घर में बदलाव कराने और उसकी मरम्मत के लिए भी विधायकों को एडवांस राशि उपलब्ध कराती है।

ओडिशा का विधायक विकास कोष

एक और महत्वपूर्ण अंतर विधायक द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्राप्त लाभों और उनके निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े कोषों के बीच है।

ओडिशा की विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 से हर विधानसभा क्षेत्र को 5 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इस राशि को सामान्य विकास, शिक्षा और सड़क से जुड़े कामों के लिए बांटा जाता है।

हालांकि, इस राशि को विधायक का वेतन या व्यक्तिगत लाभ नहीं माना जाना चाहिए। यह सार्वजनिक धन है जो विधायक द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए निर्धारित किया गया है।

विधायकों के वेतन में इतना अंतर क्यों होता है?

इस अंतर के पीछे कई कारण हैं:

  • आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों के पास उच्च वेतन देने की वित्तीय क्षमता अधिक हो सकती है, हालांकि राजनीतिक प्राथमिकताएं भी मायने रखती हैं।
  • उच्च जीवन यापन और परिचालन लागत वाले राज्यों के विधायकों को अधिक भत्ते मिल सकते हैं।
  • अगर किसी विधायक का क्षेत्र बहुत बड़ा, दूर-दराज या कई इलाकों में फैला हुआ है, तो उसका यात्रा खर्च भी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में उसे ज्यादा यात्रा भत्ता मिल सकता है
  • कई बार राज्य सरकारें और विधानमंडल विधायकों की मांगों के बाद समय-समय पर वेतन और भत्तों में संशोधन करते हैं।

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‘द पैराडाइज’ को लेकर राघव जुयाल ने बढ़ाई एक्साइटमेंट, फिल्म को लेकर जताया पूरा भरोसा!

राघव जुयाल ‘किल’ में विलेन के किरदार में अपनी शानदार परफॉर्मेंस के लिए खूब पसंद किए गए थे। अब वह एक बार फिर एक दमदार और इंटेंस किरदार के साथ वापसी कर रहे हैं। वह ‘द पैराडाइज’ में विक्रम मलिक का किरदार निभाएंगे, जिसकी अनाउंसमेंट के बाद से ही फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है। फिल्म में नानी लीड रोल में हैं और एक सेक्स वर्कर के बेटे का किरदार निभा रहे हैं। उनके किरदार की एक दमदार बैकस्टोरी है, जो उनके बदलाव की कहानी में अहम भूमिका निभाती है!

‘द पैराडाइज’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक है, जिसमें नेचुरल स्टार नानी लीड रोल में हैं। इस फिल्म को मशहूर फिल्ममेकर श्रीकांत ओडेला ने डायरेक्ट किया है और अनाउंसमेंट के बाद से ही इसे लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। फिल्म के दमदार टीजर, पोस्टर्स और गानों ने इंटरनेट पर खूब धूम मचाई है, जिनमें दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और थ्रिल से भरपूर कहानी की झलक देखने को मिली है। टीजर में नानी के किरदार जदल की दमदार झलक दिखाई गई, जो काफी गुस्सैल, रॉ और देसी अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी स्लम एरिया की पृष्ठभूमि पर सेट है। हालांकि, राघव जुयाल के किरदार विक्रम मलिक ने सभी को हैरान कर दिया है और दर्शक उन्हें देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

राघव पहले ही ‘द पैराडाइज’ से अपने किरदार विक्रम मलिक की झलक दिखाकर सभी को चौंका चुके हैं। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,“सबने कहा कि ये मैं नहीं हूं। तभी मुझे एहसास हुआ कि ये लोग सिनेमा को कितना प्यार करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ये फिल्म बहुत जबरदस्त होने वाली है और मुझे सच में लगता है कि अपने हटकर कंटेंट की वजह से ये फिल्म खूब धमाल मचाएगी।”

इसके अलावा, नेचुरल स्टार नानी पहले ही ‘हाय नन्ना’ और ‘सरिपोधा सनिवारम’ जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुके हैं और इस बार वह ‘द पैराडाइज’ में बिल्कुल अलग स्केल और एक दमदार किरदार के साथ नजर आने वाले हैं। वहीं, डायरेक्टर श्रीकांत ओडेला अपनी मेगा ब्लॉकबस्टर डेब्यू फिल्म ‘दसरा’ के बाद वापसी कर रहे हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी और दुनियाभर में 121 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। इस बार भी वह दर्शकों के लिए एक और दमदार सिनेमाई अनुभव लेकर आने का वादा कर रहे हैं। ‘दसरा’ की सफलता के बाद एक बार फिर इन दोनों की जोड़ी साथ आ रही है और ऐसे में माना जा रहा है कि ये जोड़ी एक नया रिकॉर्ड बना सकती है।

वहीं, ‘द पैराडाइज’ का टीजर और इसके प्रमोशनल कंटेंट पहले ही नए बेंचमार्क बना रहे हैं और रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। फिल्म के गाने ‘आया शेर’ को यूट्यूब पर 200 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इसे 1.8 मिलियन से ज्यादा लाइक्स भी मिले हैं। यह गाना सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है, जहां हजारों इंस्टाग्राम रील्स बनाई जा रही हैं और फैंस नानी के लुक और उनके सिग्नेचर हुकस्टेप को रीक्रिएट कर रहे हैं। इन सभी चीजों ने फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दी है।

एसएलवी सिनेमाज द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘द पैराडाइज’ 24 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में बड़े स्तर पर रिलीज होने वाली है। फिल्म को आठ भाषाओं- हिंदी, तेलुगु, तमिल, इंग्लिश, स्पैनिश, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के ग्लोबल स्केल को देखते हुए मेकर्स ने कथित तौर पर हॉलीवुड स्टार रयान रेनॉल्ड्स से ‘द पैराडाइज’ को इंटरनेशनल मार्केट्स में प्रेजेंट करने के लिए संपर्क किया है। अपने विजनरी डायरेक्टर, दमदार स्टारकास्ट और ग्लोबल स्केल के साथ ‘द पैराडाइज’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़े कल्चरल फिनॉमिना के तौर पर सामने आ रही है, जिसे लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है।

Gold Loan कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, आपको आगे भी मालामाल कर सकते हैं ये शेयर

गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को तूफानी तेजी दिखी। इसकी वजह यह है कि विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और मण्णपुरम फाइनेंस के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने इन शेयरों को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है।

IIFL Finance के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस

IIFL Finance, Muthoot Finance और Manappuram Finance के शेयरों में 2 से 8 फीसदी की तेजी दिखी। सबसे ज्यादा 7.26 फीसदी की तेजी IIFL Finance के शेयर में दिखी। इससे शेयर का भाव 682.90 रुपये पर पहुंच गया। जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 18 फीसदी चढ़ सकता है।

IIFL Finance का शेयर बीते एक साल में 48 फीसदी चढ़ा है

सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, जेपी मॉर्गन का मानना है कि आईआईएफएल फाइनेंस टर्नअराउंड की शुरुआती अवस्था में है। प्रॉफिट बनाने की बढ़ती क्षमता को देखते हुए इसके शेयरों की रिरेटिंग हो सकती है। बीते एक साल में आईआईएफएल फाइनेंस का शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भा सकती है तेजी

मुथूट फाइनेंस के शेयरों के बारे में भी जेपी मॉर्गन की राय पॉजिटिव है। उसने इस शेयर के लिए 3,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 14 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि इस शेयर का प्रदर्शन इस साल दूसरी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों से कमजोर रहा है। ऐसे में अभी निवेश करने से आगे अच्छी कमाई हो सकती है। Muthoot Finance का शेयर 21 अगस्त को 2.29 फीसदी चढ़कर 3,038 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह 13.54 फीसदी चढ़ा है।

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश से भी होगी कमाई

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। जेपी मॉर्गन ने इस शेयर के लिए 395 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 13 फीसदी तेजी आ सकती है। उसने कहा है कि कंपनी के जून तिमाही के नतीजों से इसके टर्नअराउंड के संकेत मिले हैं। मण्णपुरम फाइनेंस का शेयर 21 अगस्त को 2.35 फीसदी चढ़कर 357.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 35 फीसदी उछला है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में नाममात्र की तेजी 

गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में तब जोरदार तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में बने रहे। 21 अगस्त को निफ्टी 0.08 फीसदी यानी 20 अंक चढ़कर 24,252 पर बंद हुआ। सेंसेक्स सिर्फ 3 अंक चढ़कर 77,540 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी में 0.46 फीसदी की मजबूती दिखी।

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FD पर 8.5% ब्याज! सीनियर सिटीजन के लिए ये बैंक दे रहे सबसे ज्यादा रिटर्न, देखें पूरी लिस्ट

जो सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) पर निश्चित रिटर्न पाना चाहते हैं, वे 8.5% तक ब्याज कमा सकते हैं। स्मॉल फाइनेंस बैंक डिपॉज़िट पर सबसे ज़्यादा ब्याज दरें दे रहे हैं। कई प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक भी अलग-अलग FD अवधि (एक साल से 10 साल तक) के लिए अच्छी ब्याज दरें दे रहे हैं।

सीनियर सिटीजन के लिए, FD ब्याज दरों में थोड़ा सा अंतर भी कुल रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है, खासकर तब जब बड़ी रकम निवेश की जा रही हो। अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करने और सही अवधि चुनने से ब्याज से होने वाली कमाई को ज़्यादा से ज़्यादा किया जा सकता है, साथ ही निवेश में जोखिम भी कम रहता है।

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  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • AU स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.90% तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।
  • स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.75 % तक की FD ब्याज दरें दे रहा है।

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  • SBM बैंक इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 8.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • DCB बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 8.00% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बंधन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.95% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडसइंड बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.75% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • YES बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.75% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • RBL बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.70%  तक ब्याज दर दे रहा है।
  • सिटी यूनियन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.50%  तक ब्याज दर दे रहा है।
  • IDFC फर्स्ट बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.50%तक ब्याज दर दे रहा है।
  • कोटक महिंद्रा बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.30% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • एक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.20%तक ब्याज दर दे रहा है।
  • HDFC बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10 % तक ब्याज दर दे रहा है।
  • ICICI बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10%तक ब्याज दर दे रहा है।

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  • बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.45% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.35% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ बड़ौदा फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.25% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.25% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडियन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.15% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • केनरा बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • इंडियन ओवरसीज़ बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • पंजाब नेशनल बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.05% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.05% तक ब्याज दर दे रहा है।
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  • स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.10% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • ड्यूश बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 7.00% तक ब्याज दर दे रहा है।
  • HSBC बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट पर 6.00 % तक ब्याज दर दे रहा है।

जानकारों का सुझाव है कि ₹5 लाख के इंश्योरेंस कवर के दायरे में रहने के लिए अपनी जमा राशि को कई बैंकों में बांटें, ज़्यादा रिटर्न के लिए चुनिंदा स्मॉल फाइनेंस बैंकों का इस्तेमाल करें और जमा की अवधि को अपनी नकदी की ज़रूरतों के हिसाब से तय करें। जमा पर इंश्योरेंस सुरक्षा और स्थिर रिटर्न के कारण, FD रिटायर हो चुके लोगों के लिए निवेश का एक भरोसेमंद ज़रिया बनी हुई है।

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