कल का मौसम: 3 अक्टूबर को इन राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अरुणाचल में भारी बारिश, तमिलनाडु में 50 kmph तक हवाएं

IMD Weather Update: देश के बड़े हिस्से से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर के लिए जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और उमस भरा मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। राज्य में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण के असर से तूफानी हवाओं और आंधी की गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्थानीय निवासियों को तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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आंध्र प्रदेश, केरल और बंगाल में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

देश के अन्य तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश के मैदानी और तटीय इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

मछुआरों के लिए राहत, समुद्र में स्थिति नियंत्रित

तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर को समुद्र में किसी बड़े चक्रवाती दबाव या तूफान का खतरा नहीं है। इसी वजह से मौसम विभाग द्वारा मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, और समुद्री गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।

अब माता-पिता या दादा-दादी की जानकारी नहीं होगी जरूरी, EC ने 20 राज्यों में नए वोटर्स के लिए Form 6 का नियम बदला

अगर आप पहली बार वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने जा रहे हैं, तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट है। दरअसल, जिन 20 राज्यों में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) का काम पूरा हो चुका है, वहां नए वोटरों को अब वोटर लिस्ट में अपने माता-पिता के नाम या जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग ने ‘Form 6’ में बदलाव किया है, ताकि इन राज्यों में आवेदन करने वाले लोग माता-पिता और दादा-दादी की जानकारी मांगने वाले SIR से जुड़े अतिरिक्त घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) के बिना ही फॉर्म जमा कर सकें। हालांकि, जिन राज्यों में SIR का काम अभी भी चल रहा है, वहां नए वोटरों को यह घोषणा-पत्र जमा करना जारी रखना होगा।

Form 6 में बदलाव का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले चुनाव आयोग के तीन सदस्यों वाले पैनल के अंदर ही इस बदलाव को लेकर अंदरूनी विरोध की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस घोषणा को जोड़ने पर आपत्ति जताई थी। वहीं, ‘The Indian Express’ के पास मौजूद अंदरूनी रिकॉर्ड से पता चलता है कि उन्होंने ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ में संशोधन किए बिना इसे जोड़ने की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए थे।

हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR और Form 6 पर उसके फैसलों को तीनों कमिश्नरों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। 26 सितंबर को जारी एक स्पष्टीकरण में, चुनाव आयोग ने कहा कि Form 6 के साथ लगे SIR डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था और 1960 के नियमों के तहत तय फॉर्म का इस्तेमाल उन समयों में किया जाएगा जब SIR की प्रक्रिया नहीं चल रही होगी।

क्या बदला है?

पहले जब कोई व्यक्ति पहली बार वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करता था, तो उसे अपने माता-पिता या दादा-दादी का पिछली SIR वाली वोटर लिस्ट में दर्ज विवरण देने की जरूरत नहीं थी।

लेकिन SIR की प्रक्रिया के दौरान Form 6 में एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। इसके तहत नए आवेदकों से पुरानी वोटर लिस्ट से अपना संबंध साबित करने के लिए कुछ जानकारी मांगी जाती थी। इसमें माता-पिता या दादा-दादी से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी।

अब जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए वोटरों को Form 6 भरते समय यह अतिरिक्त घोषणा देने की जरूरत नहीं होगी।

चुनाव आयोग ने कहा है कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पूरा हो चुका है। युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग, साथ ही वे लोग जिनके नाम SIR के दौरान या उसके बाद छूट गए थे, वे लगातार अपडेट होने वाली प्रक्रिया के जरिए नाम जुड़वाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

जिन राज्यों में SIR चल रहा है, वहां क्या होगा?

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया अभी भी चल रही है, वहां यह जरूरत बनी रहेगी।

इन इलाकों में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने वाले नए वोटरों को SIR से जुड़ा डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र) और Form 6 जमा करना होगा। इसमें पिछली वोटर लिस्ट से अपना संबंध साबित करने के लिए जरूरी जानकारी भी देनी होगी।

इससे SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर का नाम जुड़वाने और SIR पूरा होने के बाद लगातार अपडेट होने की अवधि के दौरान नाम जुड़वाने के बीच अंतर हो जाता है।

चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

चुनाव आयोग का कहना है कि SIR के दौरान या SIR के बाद के समय में, Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग ने कहा, “Declaration Form एक अतिरिक्त दस्तावेज था जिसे उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मांगा गया था जहां 24 जून, 2025 के SIR आदेश के अनुसार SIR किया गया था। यह उस समय आयोग के सर्वसम्मत फैसले के अनुसार था। वहीं, 26 सितंबर, 2026 को जारी आयोग के प्रेस नोट के अनुसार, उन सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जहां SIR पूरा हो चुका है और जहां यह अभी शुरू होना है, Declaration Form की कोई जरूरत नहीं होगी।”

इससे SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर एनरोलमेंट और SIR पूरा होने के बाद लगातार अपडेट होने की अवधि के दौरान एनरोलमेंट के बीच अंतर पैदा होता है।

EC में मतभेद की वजह बना ‘Form 6’

CEC और दो चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेदों की खबरों में ‘Form 6’ से जुड़ा विवाद भी एक अहम मुद्दा था।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, संधू और जोशी की आपत्तियों के बावजूद ECINET पोर्टल पर अतिरिक्त घोषणा (डिक्लेरेशन) को शामिल किया गया था। दोनों आयुक्तों का तर्क था कि ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ में संशोधन किए बिना, प्रशासनिक या सॉफ्टवेयर बदलाव के जरिए कानूनी रूप से अनिवार्य ‘Form 6’ में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।

बता दें कि यह विवाद सिर्फ ‘Form 6’ तक ही सीमित नहीं था। खबरों के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं, जिनमें मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने, ECINET सिस्टम के कामकाज और वोटर लिस्ट के डेटा तक पहुंच जैसे मामले शामिल थे।

इसके बाद EC ने पॉलिसी-लेवल पर बंटवारे के सुझाव को खारिज कर दिया। EC का कहना था कि कई सदस्यों वाली संवैधानिक संस्था के कामकाज में आपसी जांच-पड़ताल और अलग-अलग राय होना सामान्य बात है और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

जानकारी के लिए बता दें कि Form 6 वह कानूनी आवेदन है जिसका इस्तेमाल योग्य नागरिक वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए करते हैं। SIR के दौरान इसमें जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा को लेकर इसलिए विवाद हुआ, क्योंकि पहली बार वोटर बनने वाले लोगों से पुरानी वोटर लिस्ट से जुड़े परिवार के सदस्यों की जानकारी मांगी जा रही थी।

वहीं, इस फैसले को वापस लेने का मतलब है कि किसी राज्य में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आवेदकों को SIR से जुड़ी परिवार की अतिरिक्त जानकारी देने के बजाय सामान्य Form 6 प्रक्रिया का पालन करना होगा।

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कल का मौसम: 1 अक्टूबर को इन राज्यों में मूसलाधार! केरल, कर्नाटक से उत्तर-पूर्व तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

October 1 Weather: देश के मैदानी इलाकों से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक गुरुवार 1 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में पृथक स्थानों पर मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल, तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आंधी और बिजली चमकने की गतिविधियां तीव्र रहेंगी। केरल व माहे, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में थंडरस्टॉर्म का अनुमान

देश के दूसरे दक्षिण-तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पृथक स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ तटीय कर्नाटक में भी अलग अलग जगहों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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कल का मौसम: 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में 65 kmph स्पीड से हवाएं, पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather forecast for September 30: देश भर में मानसून के अंतिम पड़ाव और समुद्र में बन रही चक्रवाती हवाओं के असर से बुधवार 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूरे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को देश के दो प्रमुख क्षेत्रों पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो पूरे आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक), केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में तेज बारिश होने के आसार हैं।

तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने का असर देखा जाएगा। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में बिजली चमकने और हवाओं का अनुमान

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम: 65 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों की बात करें तो बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। IMD के मुताबिक उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। समुद्र में तेज उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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कल का मौसम: 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! यहां आएगा आंधी-तूफान

IMD Weather forecast for September 29: देश भर में मानसून के अंतिम चरण और क्षेत्रीय मौसमी प्रणालियों के असर से मंगलवार, 29 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम काफी खराब रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक 29 सितंबर को तमिलनाडु, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के छह राज्यों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका है। इसके साथ ही देश के कई तटीय और मैदानी इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 सितंबर को देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसी तरह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न द्वीपों पर भी कल तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का असर देखा जाएगा। मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के निवासियों को आंधी और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में 40 किमी/घंटे से चलेंगी हवाएं

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा असम व मेघालय, मध्य प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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बंगाल की खाड़ी में तूफानी चक्रवात: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों के आसपास मौसमी तंत्र सक्रिय रहने के कारण समुद्र में स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और स्थिति अत्यंत विकराल रहने की वजह से मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र के भीतर न जाने की हिदायत दी गई है।

कल का मौसम: 28 सितंबर को उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने यूपी से बिहार तक दी आंधी-तूफान की चेतावनी

IMD Weather Update: देश के अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के बने रहने से सोमवार 28 सितंबर को भी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक सोमवार को उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल का अलर्ट

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बने मौसमी तंत्र के चलते वहां का मौसम बेहद खराब रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है, जिसके झोंके और तेज हो सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की गति से आंधी का अनुमान

देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में भी आंधी और बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पृथक स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग जगहों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं की वजह से स्थिति काफी प्रतिकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की गति और चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट के पास और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तरी अंडमान सागर तथा दक्षिणी म्यांमार तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जहां झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। उत्तरी म्यांमार तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।

Diwali Special Trains: दिवाली-छठ पर कन्फर्म टिकट मिलने की टेंशन खत्म, इन रूटों पर रेलवे चलाएगी स्पेशल ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

दिवाली पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाते हैं, लेकिन अगर समय रहते ट्रेन की टिकट बुक न हो तो सफर करना मुश्किल हो सकता है। वहीं रेलवे ने दिवाली के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने कई व्यस्त रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इससे घर जाने वाले यात्रियों को ज्यादा ट्रेनें मिलेंगी और सफर करना आसान होगा। इन अतिरिक्त ट्रेनों से उत्तर और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। त्योहार के समय घर जाने वाले यात्रियों के पास अब यात्रा के लिए पहले से ज्यादा विकल्प होंगे और ट्रेनों में भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी। आइए जानते हैं उन स्पेशल ट्रेन के बारे में

यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार सीटों की उपलब्धता और ट्रेन का नया टाइमटेबल जरूर चेक करें। इसके लिए रेलवे के आधिकारिक बुकिंग माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन जगहों के लिए चलेगी ट्रेन

रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इनमें कानपुर सेंट्रल से SMVT बेंगलुरु के बीच ट्रेन के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली अतिरिक्त सेवाएं भी शामिल हैं। इन ट्रेनों में टिकट बुकिंग संबंधित ट्रेन के तय रिजर्वेशन शेड्यूल के अनुसार की जा सकेगी, जिससे यात्री समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

बेंगलुरु के लिए चलेगी ये ट्रेन

दक्षिण रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कानपुर सेंट्रल और SMVT बेंगलुरु के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन नंबर 04131 कानपुर सेंट्रल से 4 अक्टूबर से हर रविवार शाम 4:30 बजे चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 04132 SMVT बेंगलुरु से 7 अक्टूबर से हर बुधवार सुबह 7:10 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा मिलेगी। दिवाली की भीड़ को देखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने कई प्रमुख रूटों पर फेस्टिव स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इनमें वाराणसी-दिल्ली, अयोध्या-आनंद विहार, चंडीगढ़-पटना और फिरोजपुर-पटना समेत कई रूट शामिल हैं।

दिल्ली से वाराणसी रुट पर चलेगी ये ट्रेन

दिवाली पर यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी और दिल्ली के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04209 वाराणसी से रात 10:15 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 1:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 04210 दिल्ली से शाम 6:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:50 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी, वहीं वापसी ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। ट्रेन में एसी 2 टियर, एसी 3 टियर, स्लीपर और जनरल कोच होंगे।

अयोध्या के लिए चलाई जाएगी ट्रेन

त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अयोध्या कैंट और आनंद विहार के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04213 अयोध्या कैंट से शाम 6:20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 04214 आनंद विहार से सुबह 9 बजे चलेगी और रात 10 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। रेलवे ने इस ट्रेन के कुल 36 फेरे तय किए हैं और यह सेवा 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच निर्धारित दिनों पर उपलब्ध रहेगी।

पटना के लिए चलेगी ये ट्रेनें

त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए चंडीगढ़ और पटना के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 04512/04511 हर हफ्ते चलेगी और इसके 18 फेरे होंगे। यह ट्रेन अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, वाराणसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा और दानापुर जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। वहीं फिरोजपुर कैंट और पटना के बीच ट्रेन नंबर 04616/04615 चलेगी, जिसके 16 फेरे होंगे। यह ट्रेन मोगा, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, वाराणसी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर, आरा और दानापुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।

त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नॉर्दर्न रेलवे ने कई व्यस्त रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इनमें नई दिल्ली-कानपुर, आनंद विहार-लौकाहा बाजार, हजरत निजामुद्दीन-दादर और आनंद विहार-मुजफ्फरपुर के बीच चलने वाली स्पेशल सेवाएं शामिल हैं।

कल का मौसम 27 सितंबर: उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, यूपी संग इन राज्यों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

कल का मौसम 27 सितंबर: उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, यूपी संग इन राज्यों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Weather Update: सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। आईएमडी ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। अचानक हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मा से राहत मिली है।

कैसा होगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चार धाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

27 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम अरब सागर से लगे सोमालिया तट के पास हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

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Weather Alert: एमपी से यूपी और उत्तराखंड तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की ये चेतावनी

Weather Alert: पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ पर बना डिप्रेशन (दबाव का क्षेत्र) अब उत्तर भारत की तरफ रुख कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 26 सितंबर 2026 की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार, यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह डिप्रेशन 26 सितंबर की शाम तक पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इसके बाद उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 12 घंटों के भीतर धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल हो जाएगा।

यूपी, उत्तराखंड और एमपी में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

इस डिप्रेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में भीषण बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। 26 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बेहद सख्त रहेगा। उत्तरी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों हिस्सों में बेहद मूसलाधार बारिश का अलर्ट है जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ पृथक इलाकों में असाधारण और अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। 28 सितंबर को भी राज्य में भारी वर्षा का सिलसिला बना रहेगा। 26 सितंबर को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 27 सितंबर को पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड मूसलाधार बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में इस मौसमी तंत्र की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में जमकर पानी बरसा है। उत्तर प्रदेश में 21 सेमी से अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड में अत्यधिक बारिश हुई। गांगेय पश्चिम बंगाल, पश्चिमी मध्य प्रदेश, केरल, बिहार और विदर्भ में भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 60kmph की आंधी और बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम का व्यापक असर देखा जाएगा। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26 और 27 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी। इसके साथ ही 26 और 27 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी/घंटे तक) चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश में 26 और 28 सितंबर को भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी राजस्थान में 26 से 30 सितंबर और पश्चिमी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर के दौरान झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

बिहार, झारखंड और बंगाल का मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 26 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। बिहार में 26 सितंबर को तेज सतही हवाएं चलने के साथ कई जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 26 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। बिहार और झारखंड में 26 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 26 से 29 सितंबर के दौरान तेज बारिश और हवाओं का दौर बना रहेगा।

दक्षिण, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत की स्थिति

दक्षिण भारत में केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 26 से 30 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 26 से 28 सितंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 26 और 27 सितंबर को बिजली चमकने और 29 व 30 सितंबर को असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है।

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September 27 Weather: सितंबर के आखिरी हफ्ते में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। ऐसे में मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावनता जताई है। वहीं, उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और आंधी-तूफान की उम्मीद है।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

शहर के मौसम के अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर को न्यूनतम तापमान 22°C और अधिकतम तापमान 31°C रहने की उम्मीद है और मौसम को लेकर कोई खास चेतावनी नहीं है। वहीं, फरीदाबाद और गुड़गांव में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है क्योंकि हरियाणा-दिल्ली के बड़े इलाके में भारी बारिश की चेतावनी जारी है।

उत्तर प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। हालांकि, 28 सितंबर से मौसम की चेतावनी में राहत मिलने की उम्मीद है।

इस अनुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका वाले इलाकों में व्यवस्थाओं पर नजर रखें।

इसके अलावा, रेड अलर्ट वाले और अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं।

उत्तराखंड में कल का मौसम

27 सितंबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही आंधी-तूफान और बिजली भी कड़क सकती है। वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रह सकती है, जिस वजह से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।

राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। साथ ही 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

पंजाब में कल का मौसम

पंजाब में भी 27 सितंबर को भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। फिलहाल 28 सितंबर से राज्य के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

झारखंड में कल का मौसम

मध्य और पूर्वी भारत से गुजर रहे मौसम सिस्टम के असर से झारखंड में बारिश हो रही है। 27 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि 28 सितंबर से हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और पानी भरे इलाकों से गुजरते समय सावधानी बरतें।

कल राजस्थान का मौसम

राजस्थान में 27 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

कल जम्मू-कश्मीर का मौसम

27 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए मौसम की कोई चेतावनी नहीं है। 28 सितंबर से कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।

कल ओडिशा का मौसम

भुवनेश्वर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, कल ओडिशा में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, राज्य के लिए मौसम की कोई गंभीर चेतावनी नहीं है।

कल आंध्र प्रदेश का मौसम

29 सितंबर तक आंध्र प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 27 से 30 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, 27 और 28 सितंबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर में कल का मौसम

27-28 सितंबर को असम और मेघालय में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

इसेक अलावा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 सितंबर को काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है।

वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 27 सितंबर और 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर तक ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में कल का मौसम

ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में बने डिप्रेशन और सक्रिय मॉनसून की वजह से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई है। दार्जिलिंग में भूस्खलन हुआ है, और IMD ने जिले में और बारिश का अनुमान लगाया है।

कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की संभावना है, और मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भूस्खलन की चेतावनी दी है।

महाराष्ट्र और गुजरात का मौसम

अगले कुछ दिनों के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

कल दक्षिण भारत का मौसम

27 से 30 सितंबर के बीच रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।

इसी दौरान केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक और तेलंगाना में 27 से 30 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में भी 27-28 सितंबर को ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

27-28 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में, और 27-28 सितंबर को ही रायलसीमा में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) चलने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर के बाद कई उत्तरी राज्यों में मौसम की तेज गतिविधियां कम हो जाएंगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के लिए चेतावनी कम होने की उम्मीद है।

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