कल का मौसम: IMD ने इस इलाके में भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग दी, यूपी-बिहार संग कई राज्यों में 30 अगस्त को बारिश का तांडव

30 August Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड कलर कैटेगरी की वॉर्निंग के तहत अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में 30 अगस्त को तेज बारिश और तूफानी मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।

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ओडिशा में रेड अलर्ट: 30 अगस्त को आ सकती है आफत की बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 30 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट है। पूर्वी भारत में बन रहे मौसमी तंत्र के असर से ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में अति भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी बादलों का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में भी 30 अगस्त को मूसलाधार बारिश की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 30 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

तटीय इलाकों और समुद्र में तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने समुद्र और तटीय क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर के इलाकों में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

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कल का मौसम: यूपी-बिहार समेत पूर्वी भारत में फिर तेज बारिश, 29 अगस्त को इन राज्यों में Heavy Rain का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून का असर लगातार देखा जा रहा है और कई क्षेत्रों में बारिश एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्तके लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वी भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में जहां मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, वहीं बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।

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ओडिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट, बिहार, झारखंड और बंगाल में भी बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 29 अगस्त को बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

उत्तर भारत का मिजाज: उत्तराखंड में भारी बारिश, जम्मू-कश्मीर में आंधी-बिजली की चेतावनी

उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी मानसूनी हवाओं का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 29 अगस्त को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड में अलग अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के क्षेत्रों में अलग अलग जगहों पर तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है। पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भूस्खलन व खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

मध्य भारत और पूर्वोत्तर का हाल: एमपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 29 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग इलाकों में गरज के साथ बिजली कड़कने और गिरने का जोखिम बना रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वोत्तर के इन सभी सातों राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का जोर, अंडमान में तूफानी अंधड़ की आशंका

दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश से ज्यादा तेज तूफानी हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ आ सकता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

द्वीपीय क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम बेहद तूफानी बना रहेगा। यहां पृथक स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं (Thundersquall) का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्से, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर तथा उत्तरी व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों में गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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कल का मौसम: 28 अगस्त को यूपी, बिहार, एमपी संग इन 14 राज्यों में IMD का मूसलाधार बारिश का अलर्ट, अंधड़ और आंधी-तूफान का खतरा

IMD Heavy Rain Alert: देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों समेत कुल 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। देश के अलग अलग इलाकों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।

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ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी, बंगाल और झारखंड में भी बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 28 अगस्त को मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा प्रभावित रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता बनी रहेगी। बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली चमकने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान दिया गया है। बिहार और झारखंड के नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत का हाल: पूर्वी यूपी में मूसलाधार बारिश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में आंधी-बिजली का अलर्ट

उत्तर भारत में मानसूनी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक 28 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही पूरे पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत में भी बारिश का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में 28 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के इन सभी सातों राज्यों में बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

दक्षिण भारत: तेज हवाओं का प्रकोप, अंडमान में तूफानी अंधड़ की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश से ज्यादा तेज हवाओं और आंधी का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, अंधड़ आने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में तेज सतह हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम बेहद तूफानी रहने वाला है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

अरब सागर में खतरनाक हवाएं, मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्री स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने अरब सागर के तटीय और खुले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों और उत्तरी और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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कल का मौसम: नेपाल में विनाशकारी सैलाब के बीच 27 अगस्त को UP, बिहार संग कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी ये चेतावनी

India Weather Update: पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के कारण मची तबाही और विनाशकारी सैलाब के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 अगस्त के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 13 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके साथ ही पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, वज्रपात और गर्जना को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तूफानी हवाएं चलने की आशंका है जबकि तटीय क्षेत्रों में समुद्र में उथल-पुथल को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अनुमान, पूर्वी राजस्थान में भी चेतावनी

उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। नेपाल से सटे इलाकों और यूपी के मैदानी भागों में बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

पर्वतीय राज्य उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश और आंधी का संकट

आईएमडी के मुताबिक 27 अगस्त को बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया गया है। बारिश के साथ-साथ इन पूर्वी राज्यों में मौसम काफी खराब रह सकता है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 27 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज गर्जना होने और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

मध्य और दक्षिण भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और केरल में होगी भारी बारिश

मध्य भारत के इलाकों में भी मानसून अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है। 27 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की गतिविधि भी देखने को मिल सकती है।

दक्षिण भारत की बात करें तो केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज सतह हवाएं चलने का भी अनुमान है।

अंडमान में तूफानी हवाओं का अलर्ट, समंदर में मछुआरों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने द्वीपीय क्षेत्रों और समुद्री सीमाओं पर खराब मौसम को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 27 अगस्त को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

समुद्री स्थिति पर नजर डालें तो अरब सागर में सोमालिया और ओमान तटों के साथ-साथ उत्तर, पूर्व-मध्य और पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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वहीं, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

कल का मौसम: 26 अगस्त को इन 12 राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश! यूपी-बिहार से बंगाल तक आंधी-तूफान का भी अलर्ट

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग हिस्सों भारी बारिश और आंधी तूफान के कहर के बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक देश के 12 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी जारी की गई है। समुद्र तटीय इलाकों में खराब मौसम और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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उत्तर भारत का मौसम: यूपी, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 26 अगस्त को सुपर एक्टिव मानसून का असर साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में गरज और चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिमी भारत से सटे पूर्वी राजस्थान में भी 26 अगस्त को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम-मेघालय समेत इन राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 26 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने इन दोनों राज्यों में बारिश के साथ-साथ गर्जना और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी 26 अगस्त को भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ बिजली चमकने और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए 26 अगस्त का दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाला है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इन राज्यों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। साथ ही आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और तेज बारिश के साथ बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल में भारी बारिश, आंध्र और तमिलनाडु में 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत में भी मानसून अपना असर दिखाएगा। केरल और माहे में 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही केरल, माहे और लक्षद्वीप क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक का अलर्ट है।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में मौसम अधिक उग्र रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

समंदर में रहेगा खराब मौसम, मछुआरों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं और तूफानी मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र से सटे समुद्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे से लेकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी की स्थिति देखें तो मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने इन सभी समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सख्त सलाह दी है।

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गुरुग्राम में 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम की सलाह! भारी बारिश के बाद प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

Gurugram Weather: सोमवार को दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण गुरुग्राम के कॉरपोरेट ऑफिस, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों और संस्थानों को 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी गई है। यह एडवाइजरी गुरुग्राम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने 24 अगस्त को जारी की। इसमें बताया गया है कि तेज बारिश के बाद शहर में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

जिला मजिस्ट्रेट और DDMA के चेयरमैन उत्तम सिंह ने कॉर्पोरेट ऑफिस, सरकारी विभागों और प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को मंगलवार को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने के लिए कहें। ताकि बारिश के कारण होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।

एडवाइजरी में क्या कहा गया है?

एडवाइजरी में कहा गया है, “गुरुग्राम जिले में 24.08.2026 को हुई भारी बारिश को देखते हुए, जलभराव और ट्रैफिक जाम की संभावना है। इसलिए, जिले के सभी कॉर्पोरेट ऑफिस और सरकारी व प्राइवेट स्कूलों/संस्थानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने कर्मचारियों को 25.08.2026 से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करने के लिए कहें, ताकि ट्रैफिक जाम से बचा जा सके और सिविक एजेंसियां ​​सड़कों और नालियों की मरम्मत का काम आसानी से कर सकें।”

बता दें कि इस कदम का मकसद ट्रैफिक जाम को कम करना और सिविक एजेंसियों को बिना किसी रुकावट के सड़कों और नालियों की मरम्मत और सफाई का काम करने में मदद करना है।

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि यह फैसला भारी बारिश और पूरे जिले में जलभराव व ट्रैफिक जाम की संभावना को देखते हुए लिया गया है।

प्रशासन ने की सहयोगी की अपील

प्रशासन ने सभी कंपनियों और संस्थानों से इस एडवाइजरी में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सड़कों और नालियों की मरम्मत व सफाई का काम आसानी से किया जा सके।

दरअसल, गुरुग्राम में हुई जोरदार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी से भर गई हैं। इसके चलते ट्रैफिक की आवाजाही को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR में मौसम का अलर्ट, जानें आपके इलाके का हाल

दिल्ली के कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसमें मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली शामिल हैं। दक्षिणी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी ऑरेंज अलर्ट है।

वहीं, उत्तर दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए सोमवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है।

दूसरी ओर, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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कल का मौसम: 25 अगस्त को इन राज्यों में होगी भारी बारिश! MP-छत्तीसगढ़ से यूपी-बिहार तक IMD ने दिया ये अलर्ट

India Weather Alert: देश के अलग-अलग राज्यों में इस वक्त मानसूनी बारिश पूरी रफ्तार से हो रही है। कम दबाव के क्षेत्र और दूसरे वेदर सिस्टम एक्टिव होने की वजह से हैवी बारिश का ये सिलसिला 25 अगस्त को भी जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड सहित देश के कई और राज्यों में भी तेज हवाओं और बिजली की कड़क के साथ भारी बारिश होने का पूर्वानुमान दिया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 25 अगस्त को मध्य भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन राज्यों के निचले इलाकों में पानी भर सकता है और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत उत्तर-पूर्वी भारत का हाल

उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की तेजी बनी रहेगी। 25 अगस्त को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सुदूर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के इलाकों में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इनकी स्पीड बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तराखंड, तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में भी बादल गरजने और बिजली कड़कने की संभावना बनी रहेगी।

तटीय इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट और समुद्र में स्थिति

मौसम विभाग ने तटीय और समुद्री क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास और मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा कर्नाटक और केरल के तटों तथा लक्षद्वीप के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से खराब मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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Monsoon 2026: भारत में मानसून पड़ा सुस्त और कर गया ड्राई फेज में एंटर! समझिए महंगाई से लेकर कहां-कहां पड़ेगा इसका असर

Monsoon 2026: देश में मानसून सीजन के दौरान अब बारिश की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है। इस वजह से भारत अब सामान्य से अधिक सूखे दौर का सामना कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक कम से कम 2 सितंबर तक देश भर में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले शनिवार तक पूरे भारत में मानसूनी बारिश का घाटा लंबी अवधि के औसत (LPA) से 14 फीसदी नीचे दर्ज किया गया है। मानसूनी ट्रफ के मध्य भारत की ओर दक्षिण में जाने के बजाय हिमालय की तलहटी के करीब बने रहने की वजह से यह घाटा और अधिक बढ़ सकता है।

क्या होता है मानसूनी ट्रफ और क्यों बढ़ रही है चिंता?

मानसूनी ट्रफ कम दबाव का एक लंबा वायुमंडलीय क्षेत्र होता है जहां उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की हवाएं आपस में मिलती हैं। यह नमी से भरी हवाओं को खींचता है और भारत के गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश लाता है। इस साल यह ट्रफ पूरे उत्तर भारत में ठीक से फैलने की बजाय हिमालय के करीब ही बना हुआ है।

आईएमडी द्वारा 20 अगस्त को जारी एक्सटेंडेंट रेंज के पूर्वानुमान के मुताबिक हाल के हफ्तों में बोई गई फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम कार्यालय ने कहा है कि नए मौसमी सिस्टम बनने के बावजूद पूर्वानुमान के दोनों हफ्तों के दौरान पूरे भारत में बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का गणित

हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि आने वाले सप्ताह में प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इससे 26 अगस्त तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आमतौर पर जब ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ता है तो मध्य भारत में अगस्त की सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है, लेकिन इसके ऐसा न करने से प्रमुख कृषि क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है।

स्काईमेट ने जताया सूखे का अंदेशा

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने पिछले सोमवार को अपने मानसूनी पूर्वानुमान को काफी घटा दिया है। स्काईमेट ने अब मौसमी बारिश के एलपीए का 85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अप्रैल में उसने इसे 94 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। स्काईमेट का कहना है कि देश में सूखे की 70 प्रतिशत अधिक संभावना दिख रही है।

एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगस्त के बाकी बचे दिनों में भारत के चार समरूप क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहेगा। इसके अलावा मजबूत होते अल नीनो और कमजोर इंडियन ओशन डिपोल की वजह से सितंबर में स्थिति और बिगड़ सकती है। आमतौर पर एक सकारात्मक इंडियन ओशन डिपोल अल नीनो के निगेटिव असर को कुछ हद तक बेअसर कर देता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां वैसा सपोर्ट नहीं दे रही हैं।

कहां कितना पहुंचा बारिश का घाटा?

बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश एलपीए से 26 प्रतिशत कम है। दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह घाटा 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पूर्व में बने कम दबाव के सिस्टम्स की वजह से सुधार देखने के बाद सिर्फ मध्य भारत ही सामान्य स्तर के सबसे करीब है, जहां बारिश एलपीए से केवल 3 प्रतिशत कम है।

फसलों के नुकसान और महंगाई का खतरा

स्काईमेट द्वारा अपने अप्रैल के अनुमान में 9 प्रतिशत अंकों की कटौती हाल के वर्षों में मध्य-सीजन के दौरान की गई सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। आईएमडी ने भी अपने मौसमी अनुमान को घटाया है, हालांकि उसकी कटौती का दायरा छोटा है। आईएमडी ने अप्रैल में बारिश के एलपीए का 92 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था जिसे जून में घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया था।

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IMD ने उसके बाद से अपने पूर्वानुमान में संशोधन नहीं किया है। लेकिन वर्तमान में मौजूद 14 प्रतिशत का घाटा और सितंबर की शुरुआत तक कमजोर बारिश का जारी रहना इस अनुमान पर दबाव बना सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश में और गिरावट आने से फूड इंफ्लेशन बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें पहले से ही कमोडिटी पर भारी असर डाल रही हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह जैश के अड्डे को फिर बना रहा पाकिस्तान, बहावलपुर में फिर सज रहा आतंकियों का अड्डा!

Pakistan News: भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जिन ठिकानों नेस्तानाबूद कर दिया था, अब उनको लेकर एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को पाकिस्तान द्वारा काफी हद तक फिर से बना लिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबंधों के बीच बहावलपुर कॉम्प्लेक्स का यह रीडेवलपमेंट इस बात का साफ सबूत है कि पाकिस्तान आतंकियों और उनके बुनियादी ढांचे को खत्म करने में पूरी तरह विफल रहा है।

25 करोड़ रुपये का फंड, ISI पर लगे आरोप

CNN-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान सरकार और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) ने जैश कॉम्प्लेक्स को बनाने के लिएए किश्तों में करीब 25 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस फंड में से करीब 11 करोड़ रुपये मरकज सुभानअल्लाह सेंट्रल हॉल को बनाने में खर्च किए गए हैं।

2026 की शुरुआत से ही चल रहा काम

रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर में ये काम साल 2026 की शुरुआत में ही दिखने लगा था। उस दौरान भारी मशीनरी, ईंटें, स्टील और दूसरे कंस्ट्रक्शन मैटेरियल साइट पर लाए गए थे। धीरे-धीरे आतंकियों का ये पूरा कॉन्प्लेक्स अब फंक्शनल हो गया है। इसके सेंट्रल हॉल को और बड़ा बनाया गया है। इसकी दीवारों पर नया प्लास्टर और पेंट किया गया है, संगमरमर का नया फर्श बिछाया गया है और पूरे परिसर की साफ-सफाई की गई है। सूत्रों का कहना है कि यह कॉम्प्लेक्स एक बार से इस्तेमाल के लिए तैयार हो रहा है।

क्या है बहावलपुर बेस का पाकिस्तानी सेना से कनेक्शन?

एन-5 हाईवे के ठीक पीछे स्थित बहावलपुर का यह ठिकाना ऐतिहासिक रूप से जैश-ए-मोहम्मद के लिए कई काम करता रहा है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से एक मदरसे, भर्ती केंद्र और आतंकी साजिशों के प्लानिंग सेंटर के रूप में किया जाता रहा है। सीएनएन-न्यूज18 की एक पुरानी रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया था कि यह कॉम्प्लेक्स पाकिस्तान की 31 कोर सैन्य छावनी के बेहद करीब है। खुफिया स्रोतों ने इस लोकेशन को इस बात का स्पष्ट संकेतक माना था कि पाकिस्तान के सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सेना के भीतर के तत्वों द्वारा जैश-ए-मोहम्मद को पूरी सुरक्षा और समर्थन दिया जाता है।

क्या था भारत का ऑपरेशन सिंदूर?

साल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बेहद घातक आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन ठिकानों को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी बुनियादी ढांचे का हिस्सा माना जाता था।

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यह पहली बार नहीं है जब ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जो इशारा करती हैं कि पाकिस्तान भारत द्वारा नष्ट किए गए आतंकी ठिकानों का फिर से निर्माण कर रहा है। भारत ने हमेशा इंटरनेशनल कम्युनिटी को बताया है कि पाकिस्तान लगातार जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी समूहों को पनाह देना जारी रखे हुए है। यही आतंकी संगठन भारत में 2019 के पुलवामा आतंकी हमले सहित कई हाई-प्रोफाइल हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है।

कल का मौसम: 24 अगस्त को सावधान! यूपी-बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक बिगड़ेगा मौसम, 18 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट!

Weather update for August 24: देश भर में मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम हिस्सों में मानसूनी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। IMD ने खराब मौसम को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

इन 3 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन इलाकों में लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश के चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक उछाल आने की संभावना बनी हुई है।

यूपी और बिहार समेत 18 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 18 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दूर-दराज के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी।

मध्य भारत और उससे सटे क्षेत्रों में पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में कड़कती बिजली और तूफानी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं का पूर्वानुमान

बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और तेलंगाना में आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

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अरब सागर और तटीय इलाकों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सोमालिया और ओमान तटों के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

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इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों के साथ-साथ लक्षद्वीप और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। ये बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।