Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 5 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Kotak Bank, Advit Jewels और RailTel समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 19.50 प्वाइंट्स यानी 0.08% की मामूली गिरावट के साथ 23,985.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को निफ्टी-बैंक निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 249.70 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 76,478.67 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.50 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

KPIT Technologies

पिछले कुछ हफ्ते में रेवेन्यू में एकाएक गिरावट के चलते केपीआईटी टेक ने जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू के उम्मीद से कमजोर होने के आसार जताए हैं और सालाना आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 1% की गिरावट आ सकती है। कंपनी ने तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन में भी गिरावट की आशंका जताई है। हालांकि कंपनी को इस वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में प्रॉफिटेबल ग्रोथ का भरोसा है और मार्च 2027 तिमाही में तिमाही आधार पर अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।

Cupid

जून 2026 तिमाही में क्यूपिड को ₹150 करोड़ से अधिक रेवेन्यू की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने इस वित्त वर्ष 2027 के रेवेन्यू आउटलुक में कम से कम 10% बढ़ा दिया है।

Hexagon Nutrition Q4 (Consolidated YoY)

मार्च 2026 तिमाही में हेग्जागन न्यूट्रिशन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.6% बढ़कर ₹10.9 करोड़ और रेवेन्यू 8% उछलकर ₹115 करोड़ पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक ने भारत में ड्यूश बैंक के रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस को खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इस बिजनेस में लगभग ₹29,000 करोड़ के लोन, ₹16,000 करोड़ की डिपॉजिट्स और ₹10,500 करोड़ का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) शामिल हैं। इसमें 1,000 एंप्लॉयीज काम कर रहे हैं और इसके करीब 1.5 लाख ग्राहक हैं।

RailTel Corporation of India

रेलटेल को महानदी कोलफील्ड्स से 60 महीनों के लिए रेंटल बेसिस पर MPLS VPN नेटवर्क सेटअप करने के लिए ₹107.6 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है।

Tata Communications

जीनियस वोंग ने टाटा कॉम के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट ( कोर और नेक्स्ट-जेन कनेक्टिविटी सर्विसे) और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी इस्तीफा 31 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। रूपेश चोकशी को 1 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल बिज़नेस हेड (नेटवर्क सर्विसेज) नियुक्त किया गया है, जबकि विवेक श्रीवास्तव को 17 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी सर्विसेज) नियुक्त किया गया है।

Rane (Madras)

हिंदुस्तान कम्पोजिट्स के फ्रिक्शन बिजनेस को राणे (मद्रास) खरीद रही है। दोनों के बीच गोइंग कंसर्न के तौर पर स्लम्प सेल के आधार पर ₹370 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर इस लेन-देन के लिए एक एग्रीमेंट हुआ है।

RHI Magnesita India

आरएचआई मैग्नेसाइटा इंडिया के बोर्ड ने पंकज मल्हान को 1 जुलाई, 2026 से कंपनी का एमडी और सीईओ बनाने का ऐलान किया है। बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि कंपनी के चेयरमैन, एमडी और सीईओ प्रमोद सागर चेयरमैन बने रहेंगे।

SRF

एसआरएफ के शेयरहोल्डर्स ने सालाना आम बैठक में कार्तिक भरत राम को 1 जून, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक के अगले कार्यकाल के लिए जॉइंट एमडी के तौर पर फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दी।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Genus Power Infrastructures

जीआईसी ग्रुप की सहयोगी कंपनी चिस्विक इन्वेस्टमेंट ने तीन ट्रांजैक्शन के जरिए जीनस पावर के कुल 3.35 करोड़ इक्विटी शेयर (11.03% हिस्सेदारी) बेचे। इनमें से 89.28 लाख शेयर ₹282.15 के भाव, 1.42 करोड़ शेयर ₹282.58 के भाव और 1.03 करोड़ शेयर ₹290 के भाव पर बिके। मार्च 2026 तक इसकी कंपनी में 15.11% हिस्सेदारी थी।

इनमें से बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी और आकाश माणिक भंसाली की कंपनी प्रॉफिटेक्स शेयर्स एंड सिक्योरिटीज ने लगभग ₹130 करोड़ में 44.82-44.82 लाख शेयर खरीदे, जो जीनस पावर में 1.47% हिस्सेदारी के बराबर हैं। जाने-माने निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला ने ₹40 करोड़ में 13.79 लाख शेयर (0.45% हिस्सेदारी खरीदे। इन तीनों ने शेयर प्रति शेयर ₹290 के भाव पर खरीदारी की। इनके अलावा मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने प्रति शेयर ₹283.68 के औसत भाव पर ₹40.76 करोड़ में 14.37 लाख शेयर, इरेज ब्रोकिंग सर्विसेज ने ₹286.83 के भाव पर ₹91.48 करोड़ में 31.89 लाख शेयर, D3 स्टॉक विजन ने ₹281.66 के भाव पर ₹44.5 करोड़ में 15.8 लाख शेयर खरीदे।

Indo Tech Transformers

प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के प्रति शेयर ₹3,231.23 के भाव पर 68,048 शेयर और ₹3,215.39 के भाव पर 1.31 लाख शेयर बेचे। कुल मिलाकर 1.88% हिस्सेदारी के बराबर शेयरों ₹66.41 करोड़ में बिक्री हुई। सोमवार को भी प्रमोटर ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स में 1.88% हिस्सेदारी बेची थी।

Ivalue Infosolutions

360 वन पाइप फंड ने आईवैल्यू इन्फोसोल्यूशन्स के 19.23 लाख शेयर (3.52% हिस्सेदारी) ₹260 प्रति शेयर के भाव पर ₹50 करोड़ में खरीदे। इसके अलावा जाने-माने इन्वेस्टर आशीष कचोलिया की इन्वेस्टमेंट फर्म बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने प्रति शेयर ₹262.13 के भाव पर आईवैल्यू के 3 लाख शेयर ₹7.86 करोड़ में और खरीदे। वहीं साउथ और साउथ-ईस्ट एशिया पर फोकस करने वाली प्राइवेट इक्विटी फर्म क्रीडोर की सहयोगी कंपनी सुंडरा (मॉरिशस) ने मंगलवार को आईवैल्यू से एग्जिट किया। उसने अपने सभी 56.98 लाख शेयर (10.43% हिस्सेदारी) ₹260.2 के भाव पर ₹148.27 करोड़ में बेच दिए।

Krishna Defence and Allied Industries

प्रमोटर्स पल्लवी अश्विन शाह, अंकुर अश्विन शाह और प्रेयल अंकुर शाह ने कृष्णा डिफेंस के 7 लाख शेयर (4.68% हिस्सेदारी) ₹84.21 करोड़ में बेच दिए। वहीं 360 वन पाइप फंड ने 4.41 लाख शेयर (2.95% हिस्सेदारी) ₹1,203.47 के भाव पर ₹53.15 करोड़ में खरीदे हैं।

Filatex Fashions

प्रमोटर प्रभात सेठिया ने फिलाटेक्स फैशन्स के 7.2 करोड़ शेयर (0.86% हिस्सेदारी) 1.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹0.18 के भाव पर बेच दिए। 21 मई, 2026 तक कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 4.85% थी।

Shankara Building Products

प्रमोटर एंटिटी द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट ने शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स में 4.13% हिस्सेदारी वाले अतिरिक्त 10.02 लाख शेयर ₹12.75 करोड़ रुपये में प्रति शेयर ₹127.25 के भाव पर खरीदे हैं।

Axiscades Technologies

प्रमोटर जुपिटर कैपिटल ने एक्सिसकेड्स टेक्नोलॉजीज के 10 लाख शेयर (2.35% हिस्सेदारी) ₹166.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,667.76 के भाव पर बेचे।

Prozone Realty

प्रमोटर एंटिटी एपैक्स ट्रस्ट ने प्रोजोन रियल्टी के 13.02 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹5.8 करोड़ में प्रति शेयर ₹44.67 के भाव पर और खरीदा है।

Energy Infrastructure Trust

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर ब्रुकफील्ड कॉर्पोरेशन की सब्सिडियरी रैपिड होल्डिंग्स 2 ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की 3.97 करोड़ यूनिट ₹302.13 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76.01 के भाव पर बेच दी। इनमें से नियो रियल एसेट यील्ड फंड 39.25 लाख यूनिट ₹29.83 करोड़ में, HDFC सिक्योरिटीज ने 1.31 करोड़ यूनिट ₹99.94 करोड़ में और अरवेस्टा फाइनेंशियल सर्विसेज ने 33 लाख यूनिट ₹25.08 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

अद्वित ज्वेल्स और वाटरवेज लेजर टूरिज्म के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर आज एंट्री होगी। वहीं श्रीधर स्पिनर्स के शेयरों की एनएसई एसएमई तो जिविल इंडस्ट्रीज और रियासत लाइफस्टाइल की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज डीसीएम श्रीराम केमिकल्स और ग्रोवी इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: गोल्ड की चमक में हल्का इजाफा, चांदी सस्ती, चेक करें लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today In India: अमेरिका और ईरान के सुलह की तेज कोशिशों ने जियोपॉलिटिल टेंशन में नरमी के संकेत दिए तो सोने की चमक बढ़ी लेकिन दूसरी तरफ इंडस्ट्रियल डिमांड की सुस्ती ने चांदी पर दबाव बनाया हुआ है। पहले गोल्ड की बात करें तो एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन आज यह महंगा हुआ है। 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड दो दिनों में ₹120 और 22 कैरट वाला ₹110 महंगा हुआ है। इससे पहले 29 जून को 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹2020 और 22 कैरट वाला ₹1850 सस्ता हुआ था। आज की बात करें तो फिलहाल 24 और 22 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 नीचे आया है।

चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर दबाव डाला है और चमक फीकी की है। लगातार तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसके भाव नीचे आए हैं और इन दो दिनों में एक किलो चांदी ₹5100 सस्ती हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट22 कैरट18 कैरट
दिल्ली₹1,42,200₹1,30,360₹1,06,690
मुंबई₹1,42,050₹1,30,210₹1,06,540
कोलकाता₹1,42,050₹1,30,210₹1,06,540
चेन्नई₹1,43,990₹1,31,990₹1,10,490
बेंगलुरू₹1,42,050₹1,30,210₹1,06,540
हैदराबाद₹1,42,050₹1,30,210₹1,06,540
लखनऊ₹1,42,200₹1,30,360₹1,06,690
पटना₹1,42,100₹1,30,260₹1,06,590
जयपुर₹1,42,200₹1,30,360₹1,06,690
अहमदाबाद₹1,42,100₹1,30,260₹1,06,590

तीन दिनों की स्थिरता के बाद लगातार दूसरे दिन फिसली चांदी

चांदी की बात करें तो तीन दिनों की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन इसके भाव नीचे आए हैं। इससे पहले लगातार तीन दिनों की स्थिरता से पहले 26 जून को एक किलो चांदी ₹5 हजार महंगी हुई थी और 25 जून को ₹10 हजार सस्ती हुई थी। अब आज की बात करें तो दिल्ली में यह प्रति किग्रा ₹100 ऊपर सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,44,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

Stocks to Watch: एक्सपायरीज की बाढ़; HDFC Bank, SIS और Yes Bank समेत इन स्टॉक्स पर खास वजहों से रहेगी नजर

Stocks to Watch: कच्चे तेल की नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 22.00 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 23,976.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को सेंसेक्स (Sensex) 372.10 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 76,728.37 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 109.75 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 23,946.25 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, हेक्सागॉन न्यूट्रिशन, मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस और सुपरहाउस आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 30 जून से एडिशनल डायरेक्टर (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें आरबीआई की मंजूरी मिलने पर बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बोर्ड ने एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा को 1 सितंबर, 2026 से एचडीएफसी बैंक का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेज़िनेट और 1 दिसंबर से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाने की मंजूरी दी।

Axis Bank

एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा ने 31 अगस्त से प्रभावी इस्तीफा दे दिया है।

Bandhan Bank

राजीव मंत्री ने नए मौकों की तलाश के लिए बंधन बैंक के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 25 सितंबर से लागू होगा।

Engineers India

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अतुल गुप्ता (डायरेक्टर-कमर्शियल) को इंजीनियर्स इंडिया का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उन्होंने 29 जून से कंपनी के सीएमडी का पदभार संभाल लिया है।

SIS

एसआईएस के बोर्ड ने ₹120 करोड़ तक के शेयर बायबैक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अगस्त 2017 में कंपनी की लिस्टिंग के बाद से यह उसका पांचवां बायबैक होगा।

Crest Ventures

क्रेस्ट वेंचर्स ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी सतलज हाउसिंग (SHPL) के जरिए प्रफुल्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के साथ एक डेवलपमेंट एग्रीमेंट रजिस्टर किया है। यह सोसाइटी मुंबई के दादर में एक बड़े क्लस्टर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

Yes Bank

यस बैंक के बोर्ड ने इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके ₹7,500 करोड़ तक और डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंज़ूरी दे दी है।

RITES, Container Corporation of India

राइट्स ने कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CONCOR) के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत वे CONCOR के टर्मिनल और एस्टैब्लिशमेंट्स के विकास और सुधार के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं पर मिलकर काम करेंगे, जिसमें कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक के प्रोजेक्ट शामिल होंगे।

Sterling and Wilson Renewable Energy

स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी ने मिस्र और MENA क्षेत्र के प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर में से एक हसन अल्लाम कंस्ट्रक्शन के साथ 50:50 के जॉइंट वेंचर में मिस्र के मिन्या गवर्नरेट में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए लगभग $5 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया है।

Afcons Infrastructure

एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए हर शेयर पर ₹2 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है जिसकी रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई है।

Juniper Hotels

जुनिपर होटल्स के सीएफओ तरुण जेटली ने नए मौकों की तलाश में इस्तीफा दे दिया है। जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा।

Jagsonpal Pharmaceuticals

जगसोनपाल फार्मा ने ₹20.8 करोड़ में मुंबई की एक फार्मा कंपनी इक्विटास हेल्थकेयर में 85% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।

SJVN

एसजेवीएन ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स (PPAs) किया है। ये एग्रीमेंट्स हिमाचल प्रदेश में कंपनी की आने वाले समय में आने वाली पनबिजली परियोजनाओं—66 MW धौलासिध HEP, 210 MW लुहरी स्टेज-I HEP और 382 MW सुन्नी डैम HEP—से बिजली की सप्लाई के लिए हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Indo Tech Transformers

आईआईएफएल एसेट मैनेजमेंट ने प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स से प्रति शेयर ₹2,985 के भाव पर इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के 2 लाख शेयर (1.88% हिस्सेदारी) ₹59.7 करोड़ में खरीदे हैं।

Bliss GVS Pharma

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर मैटेउस (Mateus) ने एरियन इन्वेस्टमेंट से प्रति शेयर ₹490 के भाव पर ब्लिस GVS फार्मा के 11.5 लाख शेयर (1.08% हिस्सेदारी) ₹56.35 करोड़ में खरीदे हैं।

Goodluck India

सेजवन-फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड ने प्रति शेयर ₹1420 के भाव पर गर्ग परिवार की कंपनी गुडलक इंडिया के अतिरिक्त 2.5 लाख शेयर (0.75% हिस्सेदारी) ₹35.5 करोड़ में खरीदे हैं। हालांकि प्रमोटर मनीष गर्ग ने कंपनी के 2.9 लाख शेयर (0.87% हिस्सेदारी) ₹1,420.81 के भाव पर ₹41.2 करोड़ में बेचे हैं। सेजवन के पास फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड समेत अपनी दो स्कीमों के जरिए मार्च 2026 तक गुडलक इंडिया में 2.46% हिस्सेदारी थी।

Multi Commodity Exchange of India

यूटीआई म्यूचुअल फंड ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX के 14.65 लाख शेयर (0.57% हिस्सेदारी) ₹425.01 करोड़ में प्रति शेयर ₹2,899.23 के भाव पर खरीदा है।

Pondy Oxides & Chemicals

प्रमोटर मंजू बंसल ने प्रति शेयर ₹1,270.27 के भाव पर पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 9 लाख शेयर (2.94% हिस्सेदारी) ₹114.32 करोड़ में बेच दिए। दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 4.72 लाख शेयर (1.54% हिस्सेदारी) ₹59.94 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,270 के भाव पर खरीदे।

Ramco Systems

ओरेगन पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम ने रामको सिस्टम्स के 1.9 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹14.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹772.4 के भाव पर खरीदे। वहीं जेन सिक्योरिटीज ने ₹18.78 करोड़ में 2.39 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) प्रति शेयर ₹785.4 के भाव पर बेचे।

Shankara Building Products

प्रमोटर ‘द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट’ (The Ballygunge Family Trust) ने प्रति शेयर ₹123.54 के भाव पर शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के 1.36 लाख शेयर (0.56% हिस्सेदारी) ₹1.68 करोड़ में खरीदी है।

एक्स-डेट

आज बजाज फिनसर्व, बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट, बजाज फाइनेंस, महाराष्ट्र स्कूटर्स और वेल्सपन कॉर्प के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स के बायबैक की भी आज एक्स-डेट है।

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Iran-US War: गुड न्यूज! अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर हुए सहमति, कतर में होगी होर्मुज पर वार्ता

Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक गुड न्यूज आई है। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद दोनों देशों की तरफ से किए गए हमले के बाद यह सहमति बनी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

कतर में होर्मुज पर होगी चर्चा

कतर की राजधानी दोहा में होने वाली बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक है, जहां हालिया हमलों ने शिपिंग को बाधित किया है।

इसके अलावा, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि 17 जून को हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया, “MoU के सभी क्षेत्रों पर तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे।” यह उस समझौते का जिक्र है जिसके तहत होर्मुज को समुद्री ट्रैफिक के लिए फिर से खोला जाएगा।

ईरान के हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध

गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) के हमले के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई थी। इसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। रविवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और ड्रोन दागे। इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक संघर्ष खत्म करने के समझौते का सम्मान करने में विफल रहता है, तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

ट्रंप ने दी चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले भी किए थे। यह एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा शिपिंग रूट्स है जिसे तेहरान ने संघर्ष के दौरान काफी हद तक बंद कर दिया था। ‘Axios’ की रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है।

ट्रंप ने लिखा, “एक समय ऐसा आ सकता है जब हम अब समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!

राजनयिक कोशिशों को झटका लगा

17 जून के अंतरिम शांति समझौते का मकसद लड़ाई रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत बड़े मुद्दों पर बातचीत का रास्ता बनाना था। स्विट्जरलैंड में मध्यस्थता वाली बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका था, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने की थी।

वाशिंगटन ने तेहरान पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए थे। लेकिन इन राजनयिक कोशिशों के बावजूद सैन्य टकराव फिर से शुरू हो गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उसने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों ने संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है।

IRGC ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के कारण सभी राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुक जाएंगी। जबकि उसके नौसैनिक कमांड ने कहा कि इस इलाके में अमेरिकी ठिकानों को आने वाले दिनों में नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। लेकिन कहा कि किसी अमेरिकी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

इलाके में तनाव बरकरार

इजरायल ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एक और हमला किया। इससे पहले शनिवार को भी लेबनान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद एक अलग हमला किया गया था। ईरान का कहना है कि अगर व्यापक क्षेत्रीय समझौते को बनाए रखना है, तो लेबनान में लड़ाई खत्म होनी चाहिए।

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वहीं, दूसरी ओर बहरीन ने कहा कि ईरान के हमले से मुहर्रक प्रांत में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।

जब दुनिया थमने लगी, तब भारत ने दिखाया दम! युद्ध के बीच जारी रही पेट्रोल-डीजल और LPG की सप्लाई, ईंधन संकट से बचने की अनकही कहानी

Fuel Crisis News: फरवरी 2026 में जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया, तो पूरी दुनिया पेट्रोल-डीजल और LPG को लेकर हड़कंप मच गया। होर्मुज वह रास्ता है जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है। भारत के लिए यह स्थिति किसी बड़ी आपदा से कम नहीं थी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।

भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल और 60% एलपीजी (LPG) आयात करता है। ईंधन संकट की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि भारत का 50% तेल और 90% एलपीजी इसी रास्ते से आता था, जो अगले चार महीनों के लिए पूरी तरह ठप हो गया।

संकट के बीच भारत ने दिखाया दम

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े संघर्ष के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। इसके बावजूद भारत ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए संभावित ईंधन संकट को टाल दिया। सरकार का दावा है कि करीब चार महीने तक आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद देश में कहीं भी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राशनिंग लागू नहीं करनी पड़ी। इस दौरान ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी रही।

जरूरत का लगभग 90% तेल आयात करता है भारत

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत और एलपीजी का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत कच्चा तेल और 90 प्रतिशत एलपीजी होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल से अधिक पहुंच गई। जबकि ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक चला गया। एलपीजी के आयात में भी करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सरकार ने कई मोर्चों पर बनाई रणनीति

ईंधन संकट के शुरुआती दिनों में ही केंद्र सरकार ने नियंत्रण संबंधी आदेश जारी किए। घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ वैकल्पिक देशों से तेल और गैस की खरीद तेज कर दी। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिया गया कि वे बढ़ी हुई लागत का अधिकांश बोझ खुद वहन करें ताकि आम उपभोक्ताओं पर इसका असर कम से कम पड़े।

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिली। इस फैसले से केंद्र सरकार को लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू का त्याग करना पड़ा।

बीते एक दशक में मजबूत हुई ऊर्जा सुरक्षा

सरकार का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए निवेश का लाभ इस संकट के दौरान मिला। वर्ष 2014 में जहां देश में 11 एलपीजी आयात टर्मिनल थे। वहीं, अब उनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई है। इसी अवधि में एलपीजी आयात क्षमता 12 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 32.3 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई।

इसके अलावा भारत अब 27 की बजाय 41 देशों से कच्चे तेल का आयात कर रहा है। लीबिया, गैबॉन, इक्वेटोरियल गिनी और गुयाना जैसे नए देशों को भी सप्लाई चेन में शामिल किया गया है। रूस और अमेरिका से भी आयात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार ने वैकल्पिक समुद्री रूट्स का भी इस्तेमाल बढ़ाया, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता पहले की तुलना में कम हुई।

एथेनॉल मिश्रण से भी मिली राहत

सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ने से भी कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली। सरकार का कहना है कि इससे हर साल बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की बचत हो रही है।

तेल कंपनियों पर पड़ा भारी वित्तीय बोझ

सरकार के अनुसार, सार्वजनिक तेल कंपनियों ने दो महीने से अधिक समय तक खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की। बाद में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। इसके बावजूद कंपनियां एक समय प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये के अंडर रिकवरी का सामना कर रही थीं। यह बाद में घटकर करीब 650 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गई। अनुमान है कि चालू तिमाही में तेल कंपनियों को 1 से 1.2 लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

आसमान छूती कीमतें और सरकार पर बढ़ता दबाव

होर्मुज होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार चली गईं। भारत जो तेल $70 प्रति बैरल में खरीद रहा था, उसकी कीमत महज चार हफ्तों में $120 के पार पहुंच गई। वहीं ब्रेंट क्रूड $126 प्रति बैरल के अपने उच्चतम स्तर पर जा पहुंच गया। दूसरी ओर, एलपीजी की कीमतों में 46% की भारी बढ़ोतरी हुई। इससे एक 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की आयात लागत बढ़कर 1,600 रुपये से अधिक हो गई। जहाजों का युद्ध-जोखिम बीमा (War-risk insurance) भी कई गुना बढ़ चुका था।

संकट के चक्रव्यूह को भारत ने कैसे तोड़ा?

इस अभूतपूर्व संकट के बीच भारत सरकार, तेल कंपनियों और कूटनीतिज्ञों ने मिलकर एक बहुआयामी रणनीति तैयार की, ताकि आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े:-

1. 10 साल की तैयारी आई काम (इन्फ्रास्ट्रक्चर का अपग्रेड)

भारत पिछले 10 वसालों से अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर लगातार निवेश कर रहा था। साल 2014 में जहाँ देश में केवल 11 एलपीजी आयात टर्मिनल थे। वहीं, 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 22 हो गई। इस वजह से एलपीजी आयात क्षमता 12 मिलियन टन (2014) से बढ़कर 2026 में 32.3 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई। इसने संकट के समय एक बड़े सुरक्षा कवच का काम किया.

2. नए देशों से दोस्ती और नए रास्ते की खोज

भारत ने केवल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते पर निर्भर रहने के बजाय आक्रामक आपूर्ति की नीति अपनाई। साल 2014 में भारत जहां 27 देशों से कच्चा तेल खरीदता था, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 41 देश हो गई। भारत ने लीबिया, गैबॉन, इक्वेटोरियल गिनी और गुयाना जैसे नए देशों से तेल मंगाना शुरू किया। साथ ही अमेरिका और रूस से तेल के आयात को और गहरा किया। नए समुद्री रास्तों की खोज की गई, जिससे होर्मुज स्ट्रेट पर भारत की निर्भरता पहले के मुकाबले काफी कम हो गई।

3. घरेलू मोर्चे पर राहत और सरकारी खजाने पर बोझ

सरकार ने तुरंत डिमांड मैनेजमेंट (Demand-management) लागू किया और घरेलू स्तर पर तेल उत्पादन को तेजी से बढ़ाया। इसके अलावा, पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) के ऊंचे स्तर ने एक बड़ा सहारा दिया। इससे हर साल भारी मात्रा में कच्चे तेल के आयात की बचत होती है।

सबसे बड़ा फैसला यह था कि सरकार ने कीमतों का बोझ सीधे आम जनता पर नहीं डाला। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने दो महीने से अधिक समय तक खुदरा कीमतों को स्थिर रखा। बाद में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केवल 7 रुपये प्रति लीटर की मामूली बढ़ोतरी की। इस वजह से तेल कंपनियों को प्रति दिन करीब 650 करोड़ रुपये से लेकर 1,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ा। इस तिमाही में उन्हें कुल 1 लाख करोड़ से 1.2 लाख करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है।

अर्थव्यवस्था पर सीमित रहा असर

सरकार का दावा है कि पूरे संकट के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 728 अरब डॉलर से अधिक के स्तर पर बना रहा। चालू खाते का घाटा नियंत्रण में रहा। साथ ही खुदरा महंगाई भी भारतीय रिजर्व बैंक की तय सीमा के भीतर रही। जीडीपी वृद्धि दर करीब 7 प्रतिशत के आसपास बनी रही।

दूसरे देशों से अलग रही भारत की रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, जहां कई देशों को पेट्रोल-डीजल की राशनिंग लागू करनी पड़ी। वहीं भारत ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार, बांग्लादेश और इथियोपिया जैसे देशों ने ईंधन संकट से निपटने के लिए अलग-अलग प्रतिबंध लगाए। जबकि जापान, दक्षिण कोरिया और कई यूरोपीय देशों ने अपने रणनीतिक भंडार का उपयोग किया। साथ ही उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी।

भारत में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए न तो ईंधन की राशनिंग लागू की गई और न ही स्कूल बंद करने या वर्किंग डे घटाने जैसे कदम उठाए गए। केवल कमर्शियल एवं थोक एलपीजी तथा डीजल और एविएशन फ्यूल के निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।

अब सामान्य हो रही स्थिति

सरकार के अनुसार, होर्मुज फिर से खुलने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। भारत के पास फिलहाल कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी का लगभग दो महीने का भंडार उपलब्ध है। साथ ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (ISPRL) की क्षमता बढ़ाने का काम भी जारी है। इससे भविष्य में किसी भी वैश्विक आपूर्ति संकट से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। हालांकि, खबर है कि अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ने की आशंका है।

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Ketan Agarwal Murder Case: लोहागढ़ किले में 18 जून को क्या हुआ था? केतन मर्डर केस में सिया गोयल को लेकर पहुंची पुलिस, देखें वीडियो

Ketan Agarwal Murder Case: पुलिस ने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी एवं उनकी मंगेतर सिया गोयल को रविवार 28 जून को लोहागढ़ किले ले जाकर अपराध स्थल पर घटनाक्रम दोहराया। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य 18 जून के सटीक घटनाक्रम का पता लगाना है। आरोप है कि 20 वर्षीय सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने अग्रवाल को किले से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। दोनों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों से पूछताछ में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट करने के लिए लोहागढ़ किले में ले गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सिया को लोहागढ़ किले में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल को कथित रूप से धक्का दिया था। चेतन को अलग से किले में ले जाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि घटनाक्रम दोहराए जाने के दौरान इस संबंध में आरोपी के दावों की पुष्टि की जाएगी कि अग्रवाल को किस तरह और किस स्थान से धक्का दिया गया था। गोयल और चौधरी को अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और उन्हें पुणे जिले के लोहागढ़ किले से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सिया ने पुलिस को क्या बताया

सिया ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इनमें कथित अपराध की साजिश, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके डिजिटल रिकॉर्ड और हत्या का मकसद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

‘चेतन ने ही सिया को मंगेतर की हत्या के लिए उकसाया था’

केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले की जांच में सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को उसकी हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह दावा किया।

इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल परिवार की उस मांग को मान लिया है जिसमें मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की बात कही गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।” उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है।

केतन के पिता ने क्या कहा?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था। सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था। उन्होंने कहा, “…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?”

जांच से जुड़े पुणे देहात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद पहले से तय संकेत सिया ने चेतन चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।

उन्होंने कहा, “17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।”

वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल बुक किया गया था। साथ ही मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।

केतन के पिता से मिले सीएम फडणवीस

इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए।

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पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि यह घटना समाज में उभर रही एक बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अच्छे परिवारों के शिक्षित युवा-युवतियों के मन में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता या बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। बल्कि इसका एक सामाजिक पक्ष भी है।

India Weather Today: IMD ने बिहार समेत इन 21 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज बिहार, झारखंड, केरल और असम समेत देश के करीब 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा इस समय सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और यूपी-उत्तराखंड में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है। वहीं दिल्ली, यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में आज भी भीषण गर्मी और लू का कहर देखने को मिलेगा।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और रिकॉर्ड तोड़ बारिश का अनुमान जताया है। असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और कुछ अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश

आईएमडी के मुताबिक, कुछ राज्यों में आज मानसून की सक्रियता बहुत अधिक रहेगी, जिससे वहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

टदेश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले राज्य निम्नलिखित हैं:-

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, ओड़िशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश हो सकती है। मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली से यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र, ओड़िशा, कोंकण व गोवा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान है।

30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी बिजली चमकने के साथ आंधी आ सकती है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में लू का प्रकोप

बारिश के इस मौसम के बीच उत्तर भारत के कुछ राज्य अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। यूपी में आज मौसम का सबसे कड़ा रूप दिखेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ पॉकेट्स में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली) और बिहार के अलग-अलग इलाकों में आज लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को तीखी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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Ketan Agarwal Murder Video: चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर मैच देख रही है सिया गोयल, सामने आया चौंकाने वाला वीडियो

Ketan Agarwal murder case: पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जारी जांच के बीच सोशल मीडिया पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी का एक क्रिकेट मैच देखते हुए चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वायरल क्लिप में सिया और चेतन दर्शकों के स्टैंड में बैठकर मैच देखते और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर सिया मैच देख रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह वीडियो अहम है क्योंकि इससे इस दावे को बल मिल सकता है कि सिया और चेतन केतन अग्रवाल से सगाई और शादी से पहले रिलेशनशिप में थे।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि सिया के परिवार को इस रिश्ते के बारे में तब पता चला जब दोनों को एक क्रिकेट मैच में साथ देखा गया था। रिश्ते के बारे में पता होने के बावजूद, सिया के परिवार ने अग्रवाल परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए केतन के साथ उसकी शादी करवा दी। जांच के तहत, पुणे पुलिस ने सिया के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें इस रिश्ते और अरेंज मैरिज से जुड़े हालात के बारे में क्या जानकारी थी।

दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई

सिया गोयल और चेतन चौधरी पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि उनकी दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई थी। वे सिया के भाई साहिल के एक क्रिकेट मैच के दौरान मिले थे। बाद में उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। खेल के प्रति उनका जुनून एक बिना तारीख वाले वीडियो में साफ दिखता है। सिया और चेतन एक मैच के दौरान दर्शकों की गैलरी में बैठे और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दोनों के बीच लगातार हो रही थी बात

यह क्लिप ऐसे समय में सामने आया है जब जांचकर्ता कथित हत्या की साजिश की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने उनके फोन रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि जनवरी से अब तक उन्होंने आपस में 2,004 बार बात की थी। इससे उनके कथित रिश्ते का पता चलता है। इन कॉल्स की कुल अवधि 238 घंटे थी। सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी। जबकि उनकी शादी इस नवंबर में होने वाली थी।

सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की

महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है। केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि सिया के माता-पिता प्रवीण और पूजा गोयल और भाई साहिल पूर्वाह्न करीब 11 बजे अपने बयान दर्ज कराने के लिए लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और लगभग 12 घंटे बाद वहां से निकले। इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने साहिल से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची, क्योंकि उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें कथित अपराध की योजना, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ और हत्या के पीछे का मकसद शामिल है।

पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश में 18 जून से पहले और घटना के बाद अपने मोबाइल फोन से चैट रिकॉर्ड हटा दिया। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है। पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों की पुष्टि के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

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इस बीच, केतन को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उस हाउसिंग सोसाइटी में कैंडल मार्च निकाला गया, जहां अग्रवाल परिवार रहता है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार को न्याय के अलावा और कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना के दिन लोहागढ़ किले पर कई लोग मौजूद थे।उनसे अपील की कि वे आगे आएं और पुलिस को जानकारी दें।

Iran-US War Update: ईरान का अमेरिका पर जोरदार पलटवार, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से किया हमला

Iran-US War Update: ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है। अमेरिकी हमले के बाद अब ईरान ने अमेरिका पर जोरदार पलटवार किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस बलों ने ईरानी क्षेत्र पर ताजा अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक संयुक्त मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन शुरू किया है। इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।

IRGC ने कहा है कि उसने खाड़ी देशों में मौजूद 8 अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे पहले अमेरिका ने दूसरे दिन लगातार रविवार तड़के ईरान पर बड़ा हमला किया है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन फैसिलिटी पर हमले के बाद ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ ही ईरान को नक्शे से मिटाने की धमकी दी है।

IRGC ने क्या कहा?

IRGC की नेवल और एयरोस्पेस यूनिट्स ने मिलकर यह ऑपरेशन किया है। इसे ईरान के अंदर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों का बदला बताया गया। गार्ड्स ने एक बयान में कहा, “कुवैत में अली अल-सलेम बेस और बहरीन के पोर्ट सलमान में फिफ्थ फ्लीट नेवल बेस पर आठ ज़रूरी अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों को तबाह कर दिया।”

गार्ड्स ने कहा, “दुश्मन की किसी भी आक्रामकता का चाहे उसका बहाना कुछ भी हो, और चाहे वह मामूली लक्ष्यों के ख़िलाफ़ ही क्यों न हो…करारा जवाब दिया जाएगा।” IRGC के अनुसार, यह हमला शनिवार को अमेरिकी सेना की उस कार्रवाई के जवाब में किया गया है जिसमें ईरान के मिसाइल और ड्रोन डिपो के साथ-साथ तटीय रडार सुविधाओं को निशाना बनाया गया था।

ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी आरोप लगाया कि वाशिंगटन ने ईरान के पांच तटीय ठिकानों पर हमला किया था। साथ ही, उसने आरोप लगाया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज से जुड़ी घटना का इस्तेमाल इस सैन्य अभियान को सही ठहराने के लिए किया।

कुवैत ने मिसाइलों और ड्रोनों को रोका

कुवैत की सेना ने कहा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली दुश्मन मिसाइलों और ड्रोनों को रोका। पूरे देश में हवाई हमले के सायरन बजाए गए। जबकि बहरीन ने भी एहतियात के तौर पर चेतावनी वाले सायरन बजाए। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इस बारे में कोई तत्काल बयान नहीं आया कि क्या निशाना बनाए गए सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान पहुंचा है या कोई हताहत हुआ है।

होर्मुज स्टेट में सिंगापुर के कमर्शियल जहाज द्वारा ईरान के निर्देश ना मानने पर उस पर ड्रोन हमला किया गया है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। जबाब में ईरान ने भी खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे है।

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इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को ईरानी और ओमान के समुद्री इलाकों से निकालने के लिए दो नए रास्तों की घोषणा की है। ईरान ने इस योजना को खारिज कर दिया और कहा कि इसकी घोषणा बिना किसी बातचीत के की गई थी। ताइवान द्वारा संचालित ‘एवर लवली’ जहाज पर ओमान के तट के पास एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन से हमला हुआ, जिससे जहाज को कुछ नुकसान तो हुआ। लेकिन चालक दल के किसी सदस्य को चोट नहीं आई।