Ketan Murder: क्या केतन अग्रवाल की कुंडली में था हत्या का संकेत? वायरल दावों के बीच ज्योतिषियों ने बताए खतरनाक ग्रह योग, दी ये अहम चेतावनी

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस मामले में जहां पुलिस हत्या की साजिश की जांच कर रही है। वहीं सोशल मीडिया पर केतन और उनकी मंगेतर सिया गोयल की कुंडली को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। दावा किया जा रहा है कि शादी से पहले दोनों की कुंडली का मिलान कराया गया था, जिसमें 36 में से 27 गुण मिले थे। कुंडली में किसी भी बड़े दोष का संकेत नहीं मिला था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ज्योतिष ऐसी घटनाओं की भविष्यवाणी कर सकता है?

पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या किए जाने का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।

कुंडली को लेकर कई तरह के दावे वायरल

इसी बीच, सोशल मीडिया पर दोनों की कुंडली को लेकर कई तरह के दावे वायरल होने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी तय होने से पहले दोनों परिवारों ने ज्योतिषीय मिलान कराया था। News18 मराठी की रिपोर्ट के मुताबिक केतन का ‘देव गण’ और सिया का ‘मनुष्य गण’ होने के बावजूद दोनों के 36 में से 27 गुण मिले थे। किसी भी बड़े दोष (दोष) की बात सामने नहीं आई थी। वैवाहिक जीवन को सामान्य एवं सुखद बताया गया था।

हालांकि, कथित हत्या की घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल तेज हो गया है कि यदि कुंडली अनुकूल थी, तो इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हुई? इसी मुद्दे पर Zee News से बातचीत में ज्योतिषाचार्य डॉ. अरुण बंसल और डॉ. अजय भाम्बी ने कुछ पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, जन्म कुंडली में मंगल का पांचवें या नौवें भाव में होना, बृहस्पति का कमजोर होना या शनि का ऐसे स्थान पर होना जिससे सप्तम भाव प्रभावित हो, कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति के स्वभाव, क्रोध या वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले योग माने जाते हैं।

हालांकि दोनों ज्योतिषियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे ग्रह योग किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित नहीं करते। उनके मुताबिक, ये केवल कुछ प्रवृत्तियों या मानसिक झुकाव का संकेत माने जाते हैं। जबकि किसी व्यक्ति का व्यवहार उसके संस्कार, पारिवारिक माहौल, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन के अनुभवों से भी गहराई से प्रभावित होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति में अत्यधिक क्रोध, आवेग या मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो केवल ज्योतिषीय उपायों पर निर्भर रहने के बजाय मनोवैज्ञानिक परामर्श, ध्यान, योग और परिवार का सहयोग अधिक महत्वपूर्ण है। पारंपरिक मान्यताओं के तहत रुद्राक्ष धारण करने, नियमित ध्यान करने और भगवद्गीता के छठे अध्याय का पाठ करने की भी सलाह दी गई।

सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?

सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि कुंडली पूरी तरह अनुकूल थी तो कथित तौर पर इतनी भयावह घटना कैसे हुई। वहीं कई यूजर्स का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के निर्णय, रिश्ते और अपराध जैसे मामलों को केवल कुंडली के आधार पर नहीं समझा जा सकता।

News18 मराठी की रिपोर्ट के मुताबिक, रिश्ता पक्का करने से पहले केतन के पिता और सिया के भाई साहिल ने एक ज्योतिषी से शादी को लेकर सलाह ली थी। कहा जा रहा है कि कुंडली अच्छी तरह से मिली थी। केतन का ‘देव गण’ और सिया का ‘मनुष्य गण’ आपसी समझ का संकेत दे रहे थे। दोनों के 36 में से 27 गुण मिल रहे थे। कोई बड़ा दोष नहीं पाया गया था। ज्योतिषियों ने जोड़े के लिए सुखद वैवाहिक जीवन की भविष्यवाणी की थी।

ये भी पढ़ें- Muskan Soni: कौन हैं डॉ. मुस्कान सोनी? डेंटिस्ट ने केतन की हत्या का उड़ाया मजाक, अब 5 साल के लिए हुई सस्पेंड

(डिस्क्लेमर: यह खबर ज्योतिषाचार्यों द्वारा व्यक्त पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। ज्योतिष आस्था और व्यक्तिगत विश्वास का विषय है। इससे किसी व्यक्ति के स्वभाव, भविष्य या अपराध में संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जारी है और आरोपितों का दोष न्यायालय में विधिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।)

Ketan Murder Update: मंगेतर सिया ने बैठकर दिया था मौत का इशारा, प्रेमी चेतन के साथ मिलकर रची थी साजिश

Ketan Murder Update: महाराष्ट्र के पुणे जिले में 25 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार, केतन की मंगेतर 20 वर्षीय सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को केतन की हत्या का संकेत देने के लिए जानबूझकर बैठने का इशारा किया था। यह केवल हमला शुरू करने का संकेत नहीं था। बल्कि खुद को सुरक्षित रखने की भी सोची-समझी रणनीति थी।

पुलिस के मुताबिक, 18 जून को लोहागढ़ किले पर पहुंचने के बाद योजना के अनुसार सिया को पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठना था। जैसे ही वह बैठती, चेतन पीछे से आकर अनजान केतन को खाई में धक्का दे देता। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों ने इस योजना को पूरी तरह उसी तरह अंजाम दिया, जैसा पहले से तय किया गया था।

बैठने का संकेत का मकसद

जांच में यह भी सामने आया है कि बैठने का संकेत इसलिए चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के समय सिया केतन की पहुंच से दूर रहे। पुणे पुलिस का मानना है कि दोनों को आशंका थी कि यदि धक्का लगने के बाद केतन खुद को बचाने के लिए सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह संकेत तय किया गया था।

पुलिस ने बताया कि चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भी पूरी तैयारी की थी। वह पुणे से लगभग 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक कार की बजाय स्कूटर से गया, क्योंकि उसे डर था कि कार टोल प्लाजा के CCTV कैमरों में दर्ज हो सकती है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया स्कूटर जब्त कर लिया है।

जांच में यह भी सामने आया कि चेतन किले पर चढ़ते समय ‘हुडी’ पहनकर गया था। बाद में उसने हुडी उतारकर काली टी-शर्ट पहन ली। फिर वापस लौटते समय फिर से हुडी पहन ली। पुलिस का मानना है कि उसने लोगों का ध्यान भटकाने और पहचान छिपाने के लिए ऐसा किया।

क्राइम सीन रीक्रिएशन

रविवार को पुलिस सिया गोयल को घटनास्थल पर लेकर गई, जहां एक डमी की मदद से पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया गया। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि 18 जून को हत्या किस तरह अंजाम दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि हत्या से पहले वे लोहागढ़ किले पर उपयुक्त स्थान की तलाश करने गए थे।

इतना ही नहीं, उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले वहां हत्या की प्रैक्टिस भी की थी। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने किस स्थान पर यह प्रैक्टिस किया था। मामले में दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस आगे की जांच के लिए उनकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी।

ये भी पढ़ें- Ketan Agarwal Murder Video: चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर मैच देख रही है सिया गोयल, सामने आया चौंकाने वाला वीडियो

इस बीच पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई से भी लंबी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। केतन मर्डर की साजिश से जुड़े सभी तथ्यों को अदालत के सामने रखा जाएगा।

Ketan Agarwal Murder Case: लोहागढ़ किले में 18 जून को क्या हुआ था? केतन मर्डर केस में सिया गोयल को लेकर पहुंची पुलिस, देखें वीडियो

Ketan Agarwal Murder Case: पुलिस ने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी एवं उनकी मंगेतर सिया गोयल को रविवार 28 जून को लोहागढ़ किले ले जाकर अपराध स्थल पर घटनाक्रम दोहराया। पुलिस के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य 18 जून के सटीक घटनाक्रम का पता लगाना है। आरोप है कि 20 वर्षीय सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने अग्रवाल को किले से धक्का देकर उनकी हत्या कर दी थी। दोनों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों से पूछताछ में हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं।

पुलिस आरोपी सिया गोयल को क्राइम सीन को फिर से रीक्रिएट करने के लिए लोहागढ़ किले में ले गई। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सिया को लोहागढ़ किले में उस स्थान पर ले जाया गया, जहां से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल को कथित रूप से धक्का दिया था। चेतन को अलग से किले में ले जाया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि घटनाक्रम दोहराए जाने के दौरान इस संबंध में आरोपी के दावों की पुष्टि की जाएगी कि अग्रवाल को किस तरह और किस स्थान से धक्का दिया गया था। गोयल और चौधरी को अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने और उन्हें पुणे जिले के लोहागढ़ किले से धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सिया ने पुलिस को क्या बताया

सिया ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर अग्रवाल की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इनमें कथित अपराध की साजिश, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके डिजिटल रिकॉर्ड और हत्या का मकसद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) के खिलाफ केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इन दोनों के आपस में प्रेम संबंध थे। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले में अग्रवाल को एक चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

‘चेतन ने ही सिया को मंगेतर की हत्या के लिए उकसाया था’

केतन अग्रवाल की कथित हत्या मामले की जांच में सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल को उसकी हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह दावा किया।

इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने अग्रवाल परिवार की उस मांग को मान लिया है जिसमें मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को विशेष अभियोजक नियुक्त करके फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की बात कही गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया कि चौधरी ने ही गोयल को लोहागढ़ किले पर अग्रवाल की हत्या करने के लिए उकसाया था।” उन्होंने बताया कि मामले में गोयल के भाई से भी पूछताछ की गई है।

केतन के पिता ने क्या कहा?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि यह सच है कि केतन विग का एक छोटा सा पैच लगाता था। सगाई से पहले ही सिया और उनके परिवार को इस बारे में बता दिया गया था। उन्होंने कहा, “…अगर उसे (सिया) कोई दिक्कत थी, तो उसे मना कर देना चाहिए था। मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?”

जांच से जुड़े पुणे देहात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि चट्टान वाले स्थान पर पहुंचने के बाद पहले से तय संकेत सिया ने चेतन चौधरी को दिया, जिसके बाद चौधरी ने अग्रवाल को पीछे से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बीच, सिया गोयल की मां ने दावा किया कि उनकी बेटी 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन केतन अग्रवाल और उनकी मां ने उसे वहां जाने के लिए मना लिया।

उन्होंने कहा, “17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने सिया से लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। कॉल के दौरान केतन की मां ने भी सिया से बात की और उसके साथ जाने के लिए कहा। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन एक पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वह ट्रैकिंग पर नहीं जाना चाहती और आराम करना चाहती है।”

वहीं, सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर में एक महल बुक किया गया था। साथ ही मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।

केतन के पिता से मिले सीएम फडणवीस

इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, फडणवीस ने परिवार की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाए और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए।

ये भी पढ़ें- Iran-US War: अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरी बार किया हमला, ट्रंप बोले- ‘तेहरान का अब अस्तित्व ही नहीं रहेगा’

पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि यह घटना समाज में उभर रही एक बेहद चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिस पर गंभीर आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना होगा कि अच्छे परिवारों के शिक्षित युवा-युवतियों के मन में आखिर ऐसी आपराधिक मानसिकता या बदले की भावना क्यों पैदा हो रही है। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। बल्कि इसका एक सामाजिक पक्ष भी है।

Ketan Agarwal Murder: ‘मर्डर इसने किया, मैंने नहीं…’; मंगेतर मर्डर केस में सिया गोयल पुलिस के सामने अलग ही कहानी सुनाने लगी

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के लोहगढ़ किले के पास हुए 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मर्डर मिस्ट्री ने पूरे देश को चौंका दिया है। शुरुआती जांच में जिसे महज एक हादसा समझा जा रहा था, वह अब सोची-समझी साजिश के तहत किया गया मर्डर का मामला बन चुका है। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसका बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी अब एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस के सामने दोनों आरोपी अलग-अलग कहानियां सुनाकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

मंगेतर और बॉयफ्रेंड का ब्लेम गेम!

केतन अग्रवाल की कथित हत्या के बाद से सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों ही सलाखों के पीछे हैं। लेकिन पूछताछ के दौरान दोनों का रवैया एक-दूसरे पर दोष मढ़ने का है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक चेतन ने जांचकर्ताओं के सामने दावा किया है कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था। उसका आरोप है कि सिया गोयल ने ही केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने यानी उसकी हत्या करने पर जोर दिया था।

दूसरी तरफ सिया गोयल ने पुलिस को एक बिल्कुल अलग कहानी सुनाई है। सिया का दावा है कि हत्या की पूरी योजना चेतन चौधरी के दिमाग की उपज थी। सिया ने यह भी बताया कि इससे पहले 14 जून को भी केतन को मारने की एक कोशिश की गई थी लेकिन जब वह योजना विफल हो गई तो चेतन उसके सामने भावुक होकर रोने लगा था।

पुलिस का दावा- यह दोनों की डिफेंस स्ट्रेटेजी

दोनों आरोपियों द्वारा एक-दूसरे पर मढ़ जा रहे आरोपों को लेकर जांच टीम का हिस्सा रहे एक पुलिस अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि वे साजिश का जिम्मा एक-दूसरे पर डालने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से उनकी डिफेंस स्ट्रेटेजी लग रही है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि मौजूदा सूबत साफ कर रहे हैं कि इस साजिश में दोनों की बराबर की हिस्सेदारी रही है।

पुणे के कैफे में हुई मुलाकात और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस इस मामले में डिजिटल और फिजिकल सबूतों को पुख्ता करने में जुटी है। जांच में पुलिस को पता चला है कि सिया और चेतन के बीच 31 मई से 4 जून के बीच पुणे के एक कैफे में मुलाकात हुई थी। पुलिस अब इस बैठक की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह स्थापित किया जा सके कि क्या यह मुलाकात भी उसी मर्डर की साजिश का हिस्सा थी। जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच हुए कम्युनिकेशन को खंगाला है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि यह मर्डर पूरी तरह से प्री-प्लान्ड था।

शादी की तैयारी और अनचाहा रिश्ता: क्या थी मर्डर की वजह?

मृतक केतन अग्रवाल एक बड़े रियल एस्टेट व्यवसायी का बेटा था और अपनी पारिवारिक फर्म में निदेशक के पद पर काम कर रहा था। वह बोस्टन से अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद हाल ही में भारत लौटा था। केतन और सिया के परिवार एक-दूसरे को 1990 के दशक से जानते थे। इसी साल गुलबर्गा में एक शादी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई, जिसके बाद शादी की बातचीत तेजी से आगे बढ़ी और महज एक सप्ताह के भीतर दोनों की सगाई हो गई।

पुलिस के मुताबिक सिया पहले से ही चेतन चौधरी के साथ रिलेशनशिप में थी और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसके बावजूद दोनों परिवारों की ओर से इस साल के अंत में राजस्थान में एक भव्य और विस्तृत शादी समारोह आयोजित करने की तैयारियां चल रही थीं।

हादसे की मनगढ़ंत कहानी से ऐसे उठा पर्दा

बीती 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले के पास एक गहरी खाई में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद सिया ने केतन के परिवार और पुलिस को सूचित करते हुए दावा किया था कि केतन का पैर अनजाने में फिसल गया और यह एक हादसा था। पुलिस को सिया के बयानों में कई विसंगतियां नजर आईं।

इसके बाद जब पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वहां एक संदिग्ध शख्स दिखाई दिया, जिसकी पहचान बाद में सिया के बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के रूप में हुई। इसी सुराग ने पुलिस को गहरी जांच के लिए प्रेरित किया और यह साफ हो गया कि केतन फिसला नहीं था बल्कि उसे सिया और चेतन ने कथित तौर पर धक्का दिया था।

ये भी पढ़ें- Ketan Murder Update: पुणे के कैफै में चेतन और सिया ने इस तरह रची थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश, पहली बार सामने आया CCTV फुटेज

जांच के बाद पुलिस ने 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जांचकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या इस पूरी आपराधिक साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

Ketan Murder Update: पुणे के कैफै में चेतन और सिया ने इस तरह रची थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश, पहली बार सामने आया CCTV फुटेज

Ketan Agarwal Murder Update: पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में एक नया खुलासा हुआ है। केतन अग्रवाल की कथित हत्या से एक दिन पहले सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पुणे के एक कैफै में मिले थे। यह CCTV फ़ुटेज अब जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है। बताया जा रहा है कि 17 जून को पुणे में सिया गोयल और उनके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के बीच एक कॉफी डेट हुई थी। इस दौरान कथित तौर पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साज़िश रची गई थी।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना अग्रवाल को पुणे के लोहागढ़ किले में एक खाई में धकेले जाने से एक दिन पहले हुई थी। शुरुआती जांच के अनुसार, दोनों ने कैफै में बैठकर हत्या के बारे में बातचीत की और योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि सिया ने चेतन के साथ लोहागढ़ किले के बारे में जानकारी शेयर की थी। इसके बाद YouTube वीडियो की मदद से उससे उस जगह के बारे में चर्चा की थी।

मारने का आइडिया कैसे आया?

पुलिस के मुताबिक, 31 मई को सिया और केतन लोहागढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया के दिमाग में उसे मारने का आइडिया आया। बताया जा रहा है कि 14 जून को भी केतन को किले से धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस वक्त सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की साजिश रची थी, लेकिन केतन बच गया था। इसके बाद सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी से पुणे के एक कैफे में मिली। वहां दोनों ने लोहागढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने की योजना पर डिटेल्स चर्चा की थी।

बैकअप प्लान भी था तैयार 

‘दैनिक भास्कर’ के मुताबिक, इस दौरान दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था। ‘इंडिया टुडे’ को मिले CCTV फुटेज में वे दोनों हत्या के एक दिन पहले शाम करीब 4:35 बजे कैफ़े में आते और लगभग 5:30 बजे वहां से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पुणे के पास लोहागढ़ किले में अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ ट्रेकिंग के दौरान 18 जून को खाई में गिरने से केतन अग्रवाल की मौत हो गई। केतन अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी, सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे। कपल की सगाई इसी साल हुई थी और नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों ने राजस्थान के उदयपुर में एक भव्य शादी की योजना बनाई थी।

SIT गठित करने का निर्देश

इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने सरकार को पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 26 वर्षीय अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे में लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया था।

सिया गोयल (20) और चौधरी (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। अग्रवाल और गोयल की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक महल में होने वाली थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सदस्य सुनील शेलके ने राज्य विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और मांग की थी कि हत्या के मामले में गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाया जाए।

उन्होंने दावा किया कि गोयल परिवार ने अग्रवाल परिवार से उसके (सिया) किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने कहा कि हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाना चाहिए। खरे ने सरकार को हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया।

शेलके ने राज्य सरकार से पीड़ित के परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। विधायक ने कहा कि केतन अग्रवाल के परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उसकी मौत एक हादसे में हुई है। हालांकि, पुलिस की विस्तृत जांच में बाद में यह सामने आया कि यह हत्या का मामला था।

उन्होंने आरोपियों सिया गोयल और उसके प्रेमी के बीच कथित संबंधों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि जांच के दौरान फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य सामने आए हैं। शेलके ने अधिकारियों से मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच करने की अपील की और मांग की कि इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द अदालत में की जाए।

ये भी पढ़ें- Ketan Murder: ‘केतन अभी जिंदा है…’; मंगेतर के खाई में गिरने के बाद सिया गोयल ने जब सुनी ये बात तो उसके उड़ गए थे होश, ऐसा हो गया था चेहरा