Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी, तीन लिस्टिंग, इंट्रा-डे में Indigo-Bajaj Healthcare समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 117 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 24,166 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 20 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

बजाज ऑटो, बंधन बैंक, जेएसडब्ल्यू इंफ्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, आवास फाइनेंशियर्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, एंथम बायोसाइंसेज, अदाणी टोटल गैस, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, क्रिसिल, इंडियन होटल्स कंपनी, मास्टेक, मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज, ट्राइडेंट, टीवीएस मोटर कंपनी और वेल्सपन स्पेशलिटी सॉल्यूशंस आज कारोबारी नतीजे पेश करेगी।

इन कंपनियों के तिमाही नतीजे पेश

Bajaj Healthcare Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बजाज हेल्थकेयर का प्रॉफिट 14.1% बढ़कर ₹13.9 करोड़ और रेवेन्यू 11.3% उछलकर ₹165.6 करोड़ पर पहुंच गया।

SML Mahindra Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर एसएमएल महिंद्रा का प्रॉफिट 5% गिरकर ₹63.6 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 13.2% उछलकर ₹957.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Sobha Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर सोभा का प्रॉफिट करीब 4 गुना बढ़कर ₹13.6 करोड़ से ₹50.8 करोड़ और रेवेन्यू 50% उछलकर ₹1,278.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Canara HSBC Life Insurance Company Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट 20.2% बढ़कर ₹28.1 करोड़, नेट प्रीमियम इनकम 23.8% उछलकर ₹2,407.5 करोड़ और नेट कमीशन 21.8% चढ़कर ₹117.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Rallis India Q1 (YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर रैलिस इंडिया का प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹125 करोड़ और रेवेन्यू 6.8% उछलकर ₹1,022 करोड़ पर पहुंच गया।

Bluestone Jewellery and Lifestyle Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर ब्लूस्टोन ज्वैलरी ₹34.5 करोड़ के घाटे से ₹6.96 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो इस दौरान रेवेन्यू भी 49.6% उछलकर ₹736.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Wanbury

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13 जुलाई से 17 जुलाई, 2026 तक वानबरी की आंध्र प्रदेश में स्थित फैसिलिटी में cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) की नियमित जांच की और इस जांच के बाद छह ऑब्ज़र्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Redington

रेडिंगटन ने रियल-टाइम ऑडियंस एंगेजमेंट सॉल्यूशंस में ग्लोबल लीडर रिजल्टिक्स के साथ पांच साल के लिए एक स्ट्रैटेजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरशिप का ऐलान किया है।

InterGlobe Aviation (Indigo)

इंडिगो ने एयरबस ए320 नियो फैमिली के 510 जहाजों के लिए 1 हजार से अधिक लीप-1ए इंजन्स के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एमओयू किया है। लीप इंजन्स के लिए यह अब तक सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर होगा और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक रिकॉर्ड होगा। इसमें इंजन MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) को लेकर भी लॉन्ग-टर्म मैटेरियल सर्विसेज एग्रीमेंट के तहत बात बनी है।

बल्क डील्स

Sparc Electrex

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने स्पार्क इलेक्ट्रेक्स में 0.33% हिस्सेदारी वाले 66,001 इक्विटी शेयर ₹3.04 लाख में प्रति शेयर ₹4.61 के भाव पर बेचे हैं।

Accent Microcell

प्रमोटर घनश्याम अर्जनभाई पटेल ने एक्सेंट माइक्रोसेल के 3.9 लाख शेयर (1.62% हिस्सेदारी) ₹20.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹521.01 के भाव पर बेचे हैं।

Gandhar Oil Refinery India

नियोमाइल ग्रोथ फंड-सीरीज I ने गांधार ऑयल रिफाइनरी इंडिया के 8.64 लाख शेयर (0.88% हिस्सेदारी) ₹19.4 करोड़ में प्रति शेयर ₹224.8 के भाव पर खरीदे हैं।

Horizon Reclaim

फिनएवेन्यू ग्रोथ फंड ने होरिजोन रिक्लेम (इंडिया) के 1.93 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) ₹2.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹155 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

आज एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डेट

आज एंजेल वन, चोलमंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी, इंडो बोराक्स एंड केमिकल्स, जारो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, केसॉल्व्स इंडिया, लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज, पंजाब एंड सिंध बैंक, और रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स और होरीजोन रीक्लेम के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Gold Price:चढ़ गया सोने-चांदी का भाव, क्या अब भी कर रहे है सही मौके की तलाश, जानें क्या है एक्सपर्ट की राय की राय

Silver Gold Price: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 21 जुलाई को सुबह के कारोबार में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। दरअसल, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता से सोने-चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला। हालांकि भले ही US में ज़्यादा ब्याज दरों की उम्मीदों ने बढ़त को सीमित रखा। COMEX सोना $4,041 प्रति औंस के इंट्राडे हाई को छूने के बाद 0.34% बढ़कर $4,029.60 प्रति औंस हो गया, जबकि COMEX चांदी 0.13% बढ़कर $57.145 प्रति औंस हो गई।

कीमती धातुओं का बाजार 2 अलग-अलग वजहों को बैलेंस कर रहा है। एक तरफ, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग को सपोर्ट मिल रहा है। दूसरी तरफ, कच्चे तेल की ज़्यादा कीमतें महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रही हैं, जिससे यह उम्मीद मज़बूत हो रही है कि US फ़ेडरल रिज़र्व इस साल के आखिर में फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

सोने के लिए तेल क्यों ज़रूरी है

US और ईरान के बीच बीच-बचाव की कोशिशों की खबरों से कुछ समय के लिए सीज़फ़ायर की उम्मीद बढ़ने के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को तेल की कीमतों में थोड़ी कमी आई। ब्रेंट क्रूड 0.4% गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US WTI क्रूड $82.47 के करीब ट्रेड कर रहा था।

हालांकि, यमन के ईरान-समर्थित हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर नेवल ब्लॉकेड की धमकी देने के बाद जियोपॉलिटिकल रिस्क अभी भी बढ़े हुए हैं, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों की चिंता बढ़ गई है। US और ईरान के बीच नए मिलिट्री हमलों ने भी बाज़ारों को किनारे पर रखा है।

कच्चे तेल की ज़्यादा कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। अगर महंगाई ज़्यादा बनी रहती है, तो फ़ेडरल रिज़र्व ब्याज़ दरों को ज़्यादा समय तक बनाए रख सकता है या फिर से दरें बढ़ा सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जिसका असर आमतौर पर सोने जैसे बिना ब्याज़ वाले एसेट्स पर पड़ता है।

फेड की उम्मीदों ने बुलियन की बढ़त को रोका

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP, कायनात चैनवाला के अनुसार, स्पॉट गोल्ड $4,020 प्रति औंस के करीब है, जबकि सिल्वर $57 प्रति औंस से ऊपर रिकवर हो गया है, लेकिन बढ़त सीमित है क्योंकि मार्केट ने साल के आखिर तक कम से कम एक और फेडरल रिजर्व रेट हाइक को काफी हद तक तय कर लिया है।

उन्होंने कहा कि US पॉलिसीमेकर्स के सख्त कमेंट्स और तेल की कीमतों में हालिया तेजी ने सितंबर में रेट हाइक की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है, जिससे जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स से बीच-बीच में मिल रहे सपोर्ट के बावजूद बुलियन की अपील कम हो गई है।

आखिर कहां तक जाएगी कीमतें

LKP सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के VP रिसर्च एनालिस्ट, जतीन त्रिवेदी ने कहा कि US में नरम महंगाई के आंकड़ों से गोल्ड में रिकवरी हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, मजबूत US डॉलर और फेड रेट में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदों को लेकर चिंताएं बढ़त को रोक रही हैं। घरेलू बाज़ार में, उन्हें MCX गोल्ड के लिए तुरंत सपोर्ट के तौर पर ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम दिख रहा है, जबकि आने वाले सेशन में ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम एक अहम रेजिस्टेंस लेवल हो सकता है।

इस बीच, चांदी ने हाल के निचले स्तरों से उबरने के बाद ज़्यादा मज़बूती दिखाई है, हालांकि दोनों कीमती धातुएं ग्लोबल तेल बाज़ारों में हो रहे बदलावों, पश्चिम एशिया संघर्ष और US मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर उम्मीदों के प्रति सेंसिटिव बनी हुई हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sensex में 443 अंकों की गिरावट, Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण ₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी उबाल में आज घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) समेत दो और दिग्गज प्राइवेट बैंकों की गिरावट पर सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और मिडकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक बढ़त आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज प्राइवेट बैंकों ने मार्केट पर तगड़ा दबाव बनाया। सेंसेक्स के टॉप 4 लूजर में मारुति को छोड़ बाकी तीन प्राइवेट सेक्टर के बैंक हैं तो इसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक कमजोर हुआ है। हालांकि मार्केट को इस गिरावट से उबारने के लिए सरकारी बैंकों और फार्मा सेक्टर ने काफी कोशिश की। निफ्टी पीएसयू बैंक आज ढाई फीसदी से अधिक तो निफ्टी फार्मा करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 783.16 प्वाइंट्स गिरकर 77,368.29 और निफ्टी 198.45 प्वाइंट्स फिसलकर 24,135.8 तक आ गया था।

₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,80,82,764.50 करोड़ था। आज यानी 20 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,82,66,717.85 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,953.35 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 19 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 19 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज ट्रेंट, पावरग्रिड और एनटीपीसी में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex 12

124 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4514 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2226 शेयर आज मजबूत हुए तो 2039 में गिरावट रही जबकि 249 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 124 शेयर एक साल के हाई और 107 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 15 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

bse 19

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: HDFC Bank, Cipla और PNB समेत इन स्टॉक्स पर फोकस, खास वजहों से तेज हलचल की उम्मीद

Stocks to Watch:  कच्चे तेल में उबाल पर वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एक कारोबारी दिन पहले 17 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 964.58 प्वाइंट्स यानी 1.25% के उछाल के साथ 78,151.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 261.55 प्वाइंट्स यानी 1.09% की बढ़त के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

Reliance Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹23,196 करोड़, ग्रास रेवेन्यू 24.5% उछलकर ₹3.4 लाख करोड़, ईबीआईटीडीए 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 18% से 15.9% पर आ गया।

Jio Platforms Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़, रेवेन्यू 11.8% उछलकर ₹39,173 करोड़, ईबीआईटीडीए 15.1% बढ़कर ₹20,865 करोड़ और मार्जिन 51.8% से 53.3% पर पहुंच गया।

HDFC Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,059.7 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 6.7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 78.8% गिरकर ₹3,059.8 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.15% से बढ़कर 1.17% तो नेट एनपीए 0.38% से उछलकर 0.41% पर पहुंच गया।

ICICI Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 15.9% बढ़कर ₹14,804.5 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 12.7% बढ़कर ₹24,384.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 30.5% गिरकर ₹1,260.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.40% से गिरकर 1.38% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.33% से उछलकर 0.35% पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 9.2% चढ़कर ₹7,928.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 44.7% गिरकर ₹668.1 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.20% से गिरकर 1.18% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.25% से उछलकर 0.27% पर पहुंच गया।

Axis Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एक्सिस बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 22.5% बढ़कर ₹7,113.9 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 8% चढ़कर ₹14,646.1 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 43.7% गिरकर ₹2,222.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.23% से बढ़कर 1.28% और नेट एनपीए 0.37% से उछलकर 0.39% पर पहुंच गया।

Punjab National Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब नेशनल बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 213.6% बढ़कर ₹5,253.3 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% चढ़कर ₹10,798.4 करोड़ और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 67.5% उछलकर ₹541.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का टैक्स पर खर्च 66% घटकर ₹1,724.7 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से फिसलकर 0.28% पर आ गया।

Oberoi Realty Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओबेराय रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹543.5 करोड़ और रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,300.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

NATCO Pharma

नाटको फार्मा को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से ओलापारिब 100 mg और 150 mg टैबलेट के लिए टेंटेटिव अप्रूवल मिला है। ये टैबलेट एस्ट्राजेनेका फार्मा की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्रग लिनपार्जा (Lynparza) टैबलेट की बायोइक्विवेलेंट हैं। यह टैबलेट नाटको बनाएगी औक अमेरिका में इसे एलेम्बिक फार्मा बेचेगी। इंडस्ट्री के सेल्स डेटा के अनुसार मार्च 2026 को खत्म होने वाले 12 महीनों में ओलापारिब टैबलेट की अमेरिका में अनुमानित बिक्री लगभग $140 करोड़ रही।

Samvardhana Motherson International

समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल को जापान की अदालत से युताका गिकेन में 81% हिस्सेदारी और युताका गिकेन की सब्सिडियरी शिनिची कोग्यो कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने की मंज़ूरी मिल गई है। शिनिची में युताका गिकेन की 62% हिस्सेदारी है।

GAIL India

गेल (इंडिया) ने देश की लॉन्ग-टर्म रिसोर्स सिक्योरिटी को सपोर्ट करने के लिए अहम मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए खनिज विदेश इंडिया (KABIL) के साथ एक एमओयू किया है।

Aditya Birla Capital

आदित्य बिड़ला कैपिटल ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी शेयरों में राइट्स इश्यू के जरिए ₹484.5 करोड़ का निवेश किया है।

Sterlite Technologies

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की अमेरिकी सब्सिडियरी एसटीएल ऑप्टिकल कनेक्टिविटी ने अमेरिका की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक के नेटवर्क पर फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपना नया एडवांस्ड FTTH सॉल्यूशन CONCAT लॉन्च किया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13-17 जुलाई के बीच न्यूयॉर्क में सिप्ला की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी इनवाजेन फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नियमित तौर पर होने वाली cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) जांच की और आखिरी में एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Power Grid Corporation of India

पावर ग्रिड ने फतेहगढ़-II ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सफल बोली लगाई है। इस प्रोजेक्ट में फतेहगढ़-II पावर स्टेशन पर दो सिंक्रोनस कंडेंसर और उनसे जुड़े बे (bays) को लगाने और चालू करने का काम है।

Force Motors

अमित प्रमोद जोशी ने निजी कारणों से फोर्स मोटर्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 17 जुलाई से प्रभावी है।

SpiceJet

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पाइसजेट पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न यानी भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस के इस्तेमाल पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।

बल्क डील्स

Landmark Cars

हेलियोस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹520.28 के भाव पर लग्जरी कार रिटेलर लैंडमार्क कार्स के 2.45 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹12.79 करोड़ में खरीदे।

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया के 5.94 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹138.4 करोड़ में ₹2,330.03 के भाव पर बेचे।

Updater Services

एसआईएस ने प्रति शेयर ₹193.71 के भाव पर अपडेटर सर्विसेज के 6.53 लाख शेयर (0.97% हिस्सेदारी) ₹12.66 करोड़ में और खरीदे। जून 2026 तक एसआईएस के पास कंपनी में पहले से ही 4.88% हिस्सेदारी थी। वहीं दूसरी तरफ हेज फंड ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड I ने अपडेटर सर्विसेज में अपनी लगभग पूरी हिस्सेदारी बेच दी। फंड ने ₹15.8 करोड़ में 8.17 लाख शेयर ₹193.27 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक फंड के पास कंपनी में 1.25% हिस्सेदारी (8.39 लाख शेयर) थी।

Rappid Valves India

एजिस इन्वेस्टमेंट फंड ने रैपिड वाल्व्स (इंडिया) के 2.06 लाख शेयर (3.97% हिस्सेदारी) ₹6.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.4 के भाव पर खरीदे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड ने ₹323.7 के भाव पर रैपिड वाल्व्स के 1.45 लाख शेयर (2.79% होल्डिंग) ₹4.7 करोड़ में और अशोक कुमार धारीवाल ने प्रति शेयर ₹338 के भाव पर ₹1.25 करोड़ में 37,200 शेयर बेचे। मार्च 2026 तक महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड के पास रैपिड वाल्व्स में 5.58% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आदित्य इन्फोटेक, एक्सेलरेटबीएस इंडिया, फेयरकेम ऑर्गेनिक्स, ग्रेफाइट इंडिया, हैप्पी फोर्जिंग्स, केपीआर मिल, एनडीआर ऑटो कंपोनेंट्स, नेलकास्ट, नेस्को, पोकरना, क्वेस्ट कैपिटल मार्केट्स और एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

Asian Market : US-Iran तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार, एशियाई बाजारों पर बना दबाव

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: सोने-चांदी के भाव स्थिर, 7 दिनों में ₹1040 गिरा गोल्ड, चेक करें 24 से 18 कैरट का लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: करीब छह दिनों तक उठा-पटक के बाद आज गोल्ड के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने और युद्ध की आंच गहराने पर महंगाई की तेज रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ी तो इससे अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के आसार बढ़ा दिए। इससे गोल्ड जैसी ब्याज नहीं देने वाले एसेट्स का आकर्षक कम हुआ तो इस पर दबाव बढ़ा। हालांकि आज गोल्ड के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन इससे पहले 11 जून को स्थिर रहने के बाद छह दिनों में उठा-पटक के साथ 10 ग्राम 24 कैरट वाला गोल्ड ₹1040 और 22 कैरट वाला ₹950 सस्ता हुआ था। चांदी की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के साथ-साथ इंडस्ट्रीज की तरफ से डिमांड में सुस्ती ने इस पर भी दबाव डाला है। हालांकि आज एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन इसकी चमक स्थिर बनी हुई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,43,440₹1,31,450₹1,07,620
मुंबई ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
कोलकाता ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
चेन्नई  ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,09,500
बेंगलुरू ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
हैदराबाद ₹1,43,290 ₹1,31,350 ₹1,07,470
लखनऊ ₹1,43,440 ₹1,31,450 ₹1,07,620
पटना ₹1,43,340 ₹1,31,400 ₹1,07,520
जयपुर  ₹1,43,440 ₹1,31,450 ₹1,07,620
अहमदाबाद ₹1,43,340  ₹1,31,400 ₹1,07,520

एक दिन की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन स्थिर चांदी

चांदी की बात करें तो 11 जून को एक किलो चांदी ₹5000 सस्ती हुई थी और उसके बाद लगातार पांच दिनों तक यह स्थिर रही और फिर 17 जुलाई को ₹5 हजार फिर सस्ती हुई। इसके बाद लगातार दो दिन इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। आज की बात करें तो दिल्ली में एक किलो चांदी बिना किसी बदलाव के ₹2,30,000 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। हालांकि चेन्नई में एक किलो चांदी का भाव ₹2,35,900 है यानी चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

Iran-US War: जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला, 2 की मौत, बौखलाए ट्रंप ने ईरान को तबाह करने के दिए आदेश; कई शहरों पर भीषण बमबारी से हड़कंप

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध ने अब बेहद खतरनाक रूप ले लिया है। दोनों और भीषण हमले जारी है। ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। ईरान की इस कार्रवाई से अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप गुस्से में लाल हो गए

Read More

Iran-US War Update: फिर बंद होने के कगार पर होर्मुज! ईरान ने जॉर्डन में की मिसाइलों की बौछार, अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

Iran-US War Update: ब्रिटिश सेना ने शुक्रवार (17 जुलाई) को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ओमान के सबसे पास वाले समुद्री रूट्स से गुजर रहे एक टैंकर पर हमला किया गया। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला शुक्रवार तड़के हुआ, जिसमें एक टैंकर से टकराया। UKMTO  ने बताया कि हमले में टैंकर के बाईं हिस्से को मामूली क्षति पहुंची। उसने कहा, “चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। सभी का पता लगा लिया गया है। पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं है। पोत अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ रहा है।”

ईरान ओमान के निकट इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर हमले करता रहा है। हालांकि, इस घटना के संबंध में ईरान की ओर से तत्काल किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई। इस बीच जॉर्डन की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया।

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना ने यह जानकारी दी। हमले में किसी के हताहत होने की अभी सूचना नहीं है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक और सैन्य विमान तैनात हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमलों का अभियान तेज किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान कई बार जॉर्डन को निशाना बना चुका है।

होर्मुज में ट्रैफिक कम हुआ

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ी लड़ाई ने होर्मुज से होने वाले ट्रैफिक को काफी हद तक रोक दिया है। होर्मुज तेल और गैस के लिए दुनिया का सबसे अहम शिपिंग रूट है। इसके बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के शुक्रवार सुबह 0513 GMT के डेटा के मुताबिक, फ्यूल ऑयल ले जा रहे ‘मीरान’ (एक सैंक्शन वाला प्रोडक्ट टैंकर) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस ले जा रहे छोटे जहाज ‘नोरिता’ ने गुरुवार को ईरानी रूट से जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पार किया।

लेकिन ओमान की खाड़ी में रुक गए। वहां US की नाकेबंदी है। LSEG के डेटा से पता चला कि इराकी फ्यूल ऑयल से लदा बंकरिंग टैंकर ‘एरोलिया’ शुक्रवार को खाड़ी से बाहर निकलने के कुछ ही घंटों बाद वापस खाड़ी की ओर मुड़ गया।

अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक टावर की तस्वीर शेयर की, जो ईरान पर लगातार हमलों के बाद गिरता हुआ दिख रहा था। न्यूज  एजेंसी AP के अनुसार, यह तस्वीर चाबहार पोर्ट के टावर की है। हालांकि हेगसेथ ने खुद इस टावर या तस्वीर को किसी खास जगह से नहीं जोड़ा। चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले बार-बार होते रहे हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने इस जगह पर हमलों के तीसरे दौर की बात तो मानी। लेकिन तुरंत यह नहीं बताया कि टावर गिर गया है। हालांकि, ईरान ने कहा कि यह टावर पोर्ट पर आने-जाने वाले कमर्शियल ट्रैफिक पर नजर रखने का काम करता था।

ये भी पढ़ें- Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

ईरान का पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड भी देश भर के पोर्ट्स पर काम करता है। इस बीच, तेहरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने खाड़ी इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं। यह जवाबी कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हमलों के इस नए दौर से तनाव और बढ़ गया है। पिछले महीने हुए सीजफायर के बाद अब दोनों तरफ से रोजाना हमले हो रहे हैं।

Iran-US War: ‘ईरान हमारे साथ फिर से समझौता करना चाहता है, मगर ट्रंप चुपचाप बैठकर…’, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने किया बड़ा दावा

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दोनों और से हमले जारी है। अमेरिकी सेना का ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी है। लगातार छठे दिन तेहरान के कई शहरों को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की गई है। वहीं, ईरान के तरफ से हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा

Read More

US-Iran War Update: ईरान ने होर्मुज को बताया ‘अटूट रेड लाइन’, अमेरिका को दी खुली चेतावनी! दुनिया की तेल सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा

US-Iran War Update: पश्चिम एशिया में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अपनी ‘अटूट रेड लाइन’ (unbreakable red line) घोषित करते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने इस रणनीतिक जलमार्ग में किसी भी तरह का हस्तक्षेप किया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार पांचवीं रात ईरान पर हवाई हमले कर चुका है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान युद्ध छोड़ बातचीत की मेज पर नहीं लौटता तो उसके बिजली प्लांटों और प्रमुख पुलों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

क्या है ईरान की ‘रेड लाइन’?

एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी दखल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि यह ईरान की ‘अटूट रेड लाइन’ है। इसे पार करने की कोशिश गंभीर परिणाम ला सकती है। ईरान पहले भी कह चुका है कि जब तक अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकता, तब तक होर्मुज को बंद रखने का विकल्प उसके पास मौजूद है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला वैश्विक कच्चे तेल और एलएनजी (Liquefied Natural Gas) का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यहां आवाजाही प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

दुनिया का लगभग 20% पेट्रोलियम (करीब 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का एक बड़ा हिस्सा रोजाना इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हालांकि, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने इस रास्ते से बचने के लिए जमीनी पाइपलाइनें बनाई हैं। लेकिन वे कुल तेल का केवल एक छोटा हिस्सा ही ले जा सकती हैं। खाड़ी देशों के अधिकांश तेल निर्यात के पास इस जलमार्ग के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

अमेरिका ने तेज किए हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास समेत कई स्थानों पर ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है जिससे वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इससे पहले ग्रेटर तुंब द्वीप पर तटीय रक्षा ठिकानों और क्रूज मिसाइल साइटों पर भी हमले किए गए थे।

ईरान में कई जगह धमाके

ईरानी मीडिया के मुताबिक, हालिया हमलों का दायरा पहले की तुलना में कहीं ज्यादा व्यापक रहा। उत्तरी ईरान के सेमनान एयरपोर्ट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा। जबकि लोरेस्तान प्रांत में भी विस्फोटों की खबरें सामने आईं। राजधानी तेहरान के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। वहीं, खुजेस्तान प्रांत के अहवाज क्षेत्र में एक बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास भी हमले की सूचना मिली, जिसकी ईरान ने कड़ी निंदा की है।

35 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा घायल

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया अमेरिकी हमलों में कम से कम 35 लोगों की मौत हुई है। जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने लगातार हो रहे धमाकों से दहशत का माहौल बताया है।

ईरान की पलटवार की धमकी

अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो केवल होर्मुज जलडमरूमध्य ही नहीं। बल्कि पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हितों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। ईरानी सेना ने कहा कि अगर अमेरिका आगे बढ़ता है तो क्षेत्र का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर ईरानी सशस्त्र बलों के जवाबी हमलों की जद में आ सकता है।

खाड़ी देशों पर भी बढ़ा खतरा

ईरान की सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वहीं, जॉर्डन ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। कुवैत ने ड्रोन गिराने की जानकारी दी। जबकि बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए। इराक के एरबिल क्षेत्र में भी विस्फोटक ड्रोन को रोके जाने की खबर सामने आई है।

कूटनीतिक रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं

हालांकि, दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। लेकिन कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है। वहीं, ईरान ने संकेत दिया है कि यदि उसे किसी समझौते का लाभ नहीं मिलता तो वह उस पर कायम रहने का कोई कारण नहीं देखता। उधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि यदि ईरान जल्द बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

दुनिया पर क्या होगा असर?

यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है या वहां जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, समुद्री व्यापार और पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह टकराव केवल क्षेत्रीय नहीं। बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी चिंता बनता जा रहा है।

ये भी पढ़ें- Onam Bumper Lottery: सिर्फ 500 का टिकट और लॉटरी जीतने पर अब मिलेंगे 30 करोड़ रुपये! CM सतीशन ने कर दिया बड़ा ऐलान

Iran-US War: ईरान-अमेरिका युद्ध क्यों नहीं हो रहा खत्म? उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा आरोप, कहा- इजरायली सरकार के अंदर कुछ खास लोग…

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कहा है कि इजरायल सरकार के कुछ लोग ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को अनिश्चितकाल तक लंबा खींचना चाहते हैं। उन्होंने यह बात पॉडकास्टर जो रोगन के साथ हुए इंटरव्यू में कही।वेंस ने बताया कि इजरायल के कुछ तत्व अमेरिकी जनता की राय को प्रभावित करने की

Read More