IMD Weather Update October 4: मौसम का आज बदलेगा मिजाज! इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

IMD Weather Update October 4: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के भी कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने वाला है। IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

दिल्ली-NCR में अभी सूखा मौसम, 6-7 अक्टूबर को बारिश के आसार

दिल्ली में आज मौसम मुख्य रूप से शुष्क और धूप वाला रहने की संभावना है। राजधानी में फिलहाल कोई बड़ी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। यानी दिल्ली-NCR के लोगों को सप्ताह के मध्य में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

यूपी में फिलहाल बारिश का अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश में भी फिलहाल मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। IMD के ताजा चेतावनी बुलेटिन के अनुसार, 4 से 9 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य में शनिवार को भी गरज-चमक, भारी बारिश या किसी अन्य गंभीर मौसम की स्थिति का अलर्ट नहीं है।

ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिश

उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में जहां मौसम शुष्क रहने वाला है। वहीं, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ओडिशा में 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। वहीं, बिहार और झारखंड में 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश शुरू हो सकती है।

पूर्वोत्तर में गरज-चमक और भारी बारिश के आसार

पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इस क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां 7 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

केरल में तेज हवाओं के साथ बारिश

केरल में मौजूदा बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, अगले दो-तीन दिनों में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने 4 से 6 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश

IMD ने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश के नए दौर का अनुमान जताया है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 6 और 7 अक्टूबर को कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हालांकि, 3 से 5 अक्टूबर के बीच पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 2 से 5 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की वापसी का दौर जारी

देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी हो सकती है। हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद दक्षिण, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

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कल का मौसम: 3 अक्टूबर को इन राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अरुणाचल में भारी बारिश, तमिलनाडु में 50 kmph तक हवाएं

IMD Weather Update: देश के बड़े हिस्से से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर के लिए जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और उमस भरा मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। राज्य में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण के असर से तूफानी हवाओं और आंधी की गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्थानीय निवासियों को तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

Weather alerts

आंध्र प्रदेश, केरल और बंगाल में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

देश के अन्य तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश के मैदानी और तटीय इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

मछुआरों के लिए राहत, समुद्र में स्थिति नियंत्रित

तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर को समुद्र में किसी बड़े चक्रवाती दबाव या तूफान का खतरा नहीं है। इसी वजह से मौसम विभाग द्वारा मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, और समुद्री गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।

Monsoon 2026: दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत से मानसून की तेज विदाई के बीच IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Weather Update: देश भर में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है वहीं दूसरी तरफ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 24 घंटों में देश के बड़े हिस्से से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। हालांकि मौसमी चक्रों की सक्रियता की वजह से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

अगले 24 घंटों में उत्तर और मध्य भारत से मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हुए इलाकों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।

दक्षिण भारत में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 4 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। 2 से 6 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। केरल में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 2 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2 से 6 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। 2 और 3 अक्टूबर को इन सभी राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने और बादलों की तेज गर्जना का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 8 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड में 7 अक्टूबर को व्यापक रूप से बारिश हो सकती है।

मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र (कोंकण व गोवा) में 2 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम बेहद गर्म और आद्र रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि 5 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।

कल का मौसम: 28 सितंबर को उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने यूपी से बिहार तक दी आंधी-तूफान की चेतावनी

IMD Weather Update: देश के अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के बने रहने से सोमवार 28 सितंबर को भी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक सोमवार को उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल का अलर्ट

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बने मौसमी तंत्र के चलते वहां का मौसम बेहद खराब रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है, जिसके झोंके और तेज हो सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की गति से आंधी का अनुमान

देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में भी आंधी और बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पृथक स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग जगहों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं की वजह से स्थिति काफी प्रतिकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की गति और चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट के पास और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तरी अंडमान सागर तथा दक्षिणी म्यांमार तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जहां झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। उत्तरी म्यांमार तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।

कल का मौसम 27 सितंबर: उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, यूपी संग इन राज्यों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Weather Update: सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। आईएमडी ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। अचानक हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मा से राहत मिली है।

कैसा होगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चार धाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

27 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम अरब सागर से लगे सोमालिया तट के पास हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।

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Delhi Weather Update: दिल्ली में फिर पलटेगा मौसम, जानें किस दिन होगी भारी बारिश!

नई दिल्ली: दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद मौसम एक बार फिर से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 25 सितंबर को राजधानी में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर के बाद बादल बढ़ सकते हैं और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा के झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

26 और 27 सितंबर से बारिश बढ़ेगी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 सितंबर को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर कम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। दिन का टेम्परेचर 32 से 34 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

27 सितंबर को बारिश का असर और बढ़ सकता है। इस दिन सुबह और दोपहर के समय कई इलाकों में हल्की से कम बारिश होने की संभावना है। शाम के समय मैक्सिमम टेम्परेचर 30 से 32 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 21 से 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

बारिश के बाद कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

28 सितंबर को सुबह कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। 29 सितंबर को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को दिल्ली में मौसम साफ रहने का अनुमान है। मैक्सिमम टेम्परेचर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

समय से पहले दिल्ली से लौटा मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 सितंबर को दिल्ली से वापस लौट गया है। जबकि पिछले साल 2025 में मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से लौटा था। इस साल मानसून ने 2 जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी, जबकि इसकी शुरुआत 27 जून को हुई थी। 1 जून से 23 सितंबर तक सफदरजंग में 728.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि बारिश 629.7 मिमी रहती है। दिल्ली में सामान्य से करीब 16 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई।

पिछले 24 घंटे में दिल्ली के टेम्परेचर में थोड़ी कमी आयी है। सफदरजंग में मैक्सिमम टेम्परेचर 35.7 डिग्री और मिनिमम 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मैक्सिमम टेम्परेचर करीब 33 से 37 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड हुआ। इस समय मैक्सिमम ह्यूमिडिटी 84 प्रतिशत और मिनिमम ह्यूमिडिटी 53 प्रतिशत रही। आने वाले दिनों में टेम्परेचर में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

कल का मौसम: 23 सितंबर को ओडिशा, आंध्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी मौसम का तांडव

September 23 Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप ले चुकी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार 23 सितंबर के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मौसम का भारी तांडव देखने को मिलेगा। इन राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।

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4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तूफानी मौसम का सामना करना होगा। इन चारों राज्यों में मध्यम से तेज बारिश के बीच कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।

महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई दूसरे राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के साथ सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

50 से 60 kmph की रफ्तार से थंडरस्कवॉल और आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) की चेतावनी दी है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा और महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। वहीं कर्नाटक, केरल व माहे, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने की संभावना

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और हवा की स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम जल्द ही तटीय इलाकों में अपना असर दिखा सकता है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके जल्द ही और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने बताया था कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है।

IMD ने कहा, “पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 18 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) उसी इलाके में 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व में स्थित था।”

IMD ने आगे कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और पश्चिम-मध्य व उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (deep depression) में बदलने की बहुत संभावना है।” साथ ही, यह भी बताया गया कि इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के बुधवार रात और गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को ‘डीप डिप्रेशन’ के रूप में पार करने की संभावना है।

इसका नाम ‘अर्नब’ कब रखा जाएगा?

उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा।

‘अर्नब’ का मतलब बंगाली भाषा में ‘समुद्र’ होता है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से तैयार की गई क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की नामकरण सूची में शामिल है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 22-23 सितंबर को इन दोनों जिलों और पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इसके अलावा पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने और नालियों के जाम होने का खतरा भी है। कुछ जगहों पर जलाशयों या बांधों के टूटने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही सड़क, रेल और हवाई यातायात को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों के साथ बिजली और पानी विभागों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह मौसम संबंधी एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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कल का मौसम 21 सितंबर: सोमवार को 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! अपने राज्य का वेदर अपडेट जानिए

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार 21 सितंबर के लिए देश भर का मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक सप्ताह के पहले दिन देश के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत और द्वीपीय क्षेत्रों के 7 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

सोमवार को इन 7 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 21 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, देश के 7 प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना शामिल हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और अंडमान में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। यह मौसमी बदलाव अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, झारखंड, ओडिशा, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में बिजली कड़कने की भी आशंका है।

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तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल में 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के कुछ अन्य हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में केवल गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को लेकर बुलेटिन जारी किया है। जिन राज्यों में बिजली चमकने का अलर्ट है, उनमें असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, पूरा गुजरात राज्य, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं।

समुद्री इलाकों और मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्र में तेज तूफानी हवाओं और खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में उतरने वालों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य के कुछ हिस्सों और दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहेगा, जहां हवा के झोंके 65 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण व मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों (जो उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे हैं) और मन्नार की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।