GIFT Nifty में 100 अंकों की छलांग! शेयर बाजार में आज हरे निशान पर शुरुआत के संकेत; जानें ग्लोबल मार्केट का हाल

GIFT Nifty: चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर है। एशियाई बाजारों में मजबूती और वॉल स्ट्रीट में आई शानदार तेजी के दम पर आज घरेलू बाजार की शुरुआत हरे निशान में होने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं।

सुबह 8:45 बजे GIFT Nifty लगभग 100 अंक या 0.42% की बढ़त के साथ 24,033 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में एक मजबूत ओपनिंग का इशारा कर रहा है।

क्यों बदला बाजार का मूड? ये हैं 3 बड़े ग्लोबल ट्रिगर

1. अमेरिका में ब्याज दरें न बढ़ने की उम्मीद से वॉल स्ट्रीट में तेजी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महंगाई का दबाव कम होता है, तो वे सितंबर की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरें स्थिर रखने का समर्थन करेंगे।

इसके बाद CME FedWatch Tool के अनुसार, सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 50.4% रह गई (जो बुधवार को 63.2% थी)।

इस बयान के बाद गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर जबरदस्त तेजी देखने को मिली Nasdaq 1.40% उछला, डाउ जोन्स 1.18% और S&P 500 में 1.06% की तेजी दर्ज की गई।

2. एशियाई बाजारों में हरियाली और बॉन्ड यील्ड में गिरावट

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से रिस्क एपेटाइट बढ़ा है। दक्षिण कोरिया के टेक शेयरों की अगुवाई में एशियाई इक्विटीज में तेजी है। हैंगसेंग फ्यूचर्स 1.1% चढ़ा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

3. $96 के करीब पहुंचा कच्चा तेल

शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 0.3% बढ़कर $95.76 प्रति बैरल पर पहुंच गया है और यह जुलाई के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण क्रूड की कीमतों में उबाल आया है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और बाजार के मूड के लिए बड़ी चुनौती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण निवेशक वीकेंड से पहले बड़ी पोजीशन बनाने से बच सकते हैं, जिससे ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: जानिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस का स्तर

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज के कारोबार में निफ्टी के लिए ये लेवल बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे:

इमीडिएट रेजिस्टेंस: 24,000 – 24,200 का दायरा निफ्टी के लिए पहला बड़ा रोड़ा है। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है, तभी टिकाऊ मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।

अहम सपोर्ट: 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 23,600 के स्तर तक फिसल सकता है।

FIIs और DIIs के आंकड़े (3 सितंबर का कारोबार)

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रखा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया:

FIIs (विदेशी निवेशक): नेट सेलर रहे और ₹2,346 करोड़ के शेयर बेचे।

DIIs (घरेलू निवेशक): नेट बायर रहे और ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

आपको बता दें कि गुरुवार को आईटी, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका का ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमला, 12 लोगों की मौत, तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का किया दावा

अमेरिका का ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमला, 12 लोगों की मौत,  तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का किया दावा

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने मंगलवार रात ईरान के सिरिक, खुज़ेस्तान, क़ेश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में 12 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। ईरान का दावा है कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल बताया गया है।

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खुज़ेस्तान में भी हमले का दावा

 

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, खुज़ेस्तान प्रांत में हुए एक अन्य हमले में 7 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, अमेरिका ने इन आरोपों के बीच कहा है कि उसकी सेना ने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

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ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का किया दावा

 

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और बढ़ने की आशंका है।

 

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी हुआ था अमेरिकी हमला

 

यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका ने 30 अगस्त को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लारक द्वीप पर मौजूद दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हवाई हमला किया था। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी वैश्विक चिंता बढ़ सकती है।

ईरान में शादी वाले घर पर अमेरिकी मिसाइल का कहर! बच्चे समेत 5 की मौत; तेहरान का जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में US ठिकानों पर जवाबी हमला

US-Iran War Update: ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। दक्षिणी ईरान में एक ऐसे रिहायशी मकान को मिसाइल हमले से नुकसान पहुंचा, जहां शादी का समारोह चल रहा था। अमेरिकी सेना के हमले में एक बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, तेहरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद US ठिकानों पर जवाबी हमला किया है।

ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, यह हमला होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुआ। जिस घर को हमले के दौरान नुकसान पहुंचा, वहां शादी का जश्न मनाया जा रहा था। रेड क्रिसेंट ने बताया कि अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद मिसाइल के छर्रे रिहायशी मकान तक पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।

रेड क्रिसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी में एक छोटे बच्चे समेत चार लोगों की मौत की बात कही गई थी। जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 बताई गई। घायलों की संख्या 50 से ज्यादा है।

मलबे में तब्दील हुआ घर, चीख-पुकार का वीडियो सामने आया

ईरानी सरकारी मीडिया ने हमले के बाद का कथित वीडियो भी जारी किया है। फुटेज में घटनास्थल पर भारी मलबा और मकान को हुआ नुकसान दिखाई देता है। वीडियो में आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई देती है। हालांकि, वीडियो और मृतकों तथा घायलों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान का पलटवार, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

इस बीच, ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने बुधवार तड़के जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुए, जिसमें उन्होंने ईरान को अमेरिका के खिलाफ किसी भी हमले की स्थिति में और ज्यादा कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।

ईरानी हमले ऐसे समय हुए जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में हमलों की एक नई लहर शुरू की थी। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। वॉशिंगटन के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित हमले के प्रयासों के जवाब में की गई।

जॉर्डन में 10 मिसाइलों को मार गिराने का दावा

जॉर्डन में ईरानी IRGC ने एक अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बेस पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने इस सैन्य ठिकाने की पहचान कैंप टिटिन के तौर पर की है, जो अकाबा की खाड़ी के पास स्थित बताया गया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ ने दावा किया कि हमले में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया। जवाबी हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात कही। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जॉर्डन की ओर से 10 ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हमले से बढ़ता तनाव, खाड़ी क्षेत्र पर मंडरा रहा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य और IRGC से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रही है। वहींं ईरान जवाब में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले देशों और ठिकानों को निशाना बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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GIFT Nifty से सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों और वॉल स्ट्रीट ने बिगाड़ा बाजार का मूड

मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने की संभावना है,क्योंकि आज के कारोबार में GIFT निफ्टी में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं हैं,जबकि वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह करीब 8.10 बजे GIFT निफ्टी 24,166 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। इसमें पिछले दिन की क्लोजिंग से 60 अंक या 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार हो रहा था। पिछले सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 307.68 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,956.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।

मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मिले-जुले बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ से मिलने वाले कुछ सपोर्ट को बेअसर कर सकती हैं। साथ ही यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व लंबे समय तक मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों में रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ सकता है।

US-Iran के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से तेल की कीमत $91 के पार

मंगलवार को मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं है। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.9% बढ़कर $86.55 प्रति बैरल हो गया है। US और ईरान के बीच लगभग एक महीने में पहली बार हमले हुए है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक द्वीप पर हमला किया और ईरान ने जवाब में संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

आज मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल है। निवेशक जियोपॉलिटिकल चिंताओं और क्षेत्रीय बाजारो में मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ताइवान के शेयरों की अगुवाई में MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा है। हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत गिरा है। जबकि Shanghai Composite में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

Stock Market live Updates: GIFT निफ्टी से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, अमेरिकी बाजार गिरे, एशियाई बाजारों में बढ़त

महंगाई की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ हुआ बंद

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.70 प्रतिशत गिरकर 53,185.90 पर आ गया,जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 7,686.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 0.12 प्रतिशत गिरकर 26,370.89 पर आ गया।

हाल के संकेतों से पता चलता है कि पॉलिसी मेकर्स महंगाई को काबू में रखने पर फोकस रहे हैं। US जॉब्स रिपोर्ट अगला अहम ग्लोबल ट्रिगर होगा। निवेशक इसमें फेड की पॉलिसी की दिशा,ट्रेज़री यील्ड और जोखिम लेने की इच्छा से जुड़े संकेत तलाशेंगे।

भारत की मज़बूत GDP ग्रोथ से घरेलू बाजार को सपोर्ट

घरेलू मोर्चे पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात का सामना करना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की उम्मीदों,दोनों से बेहतर है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ग्लोबल माहौल के मुश्किल होते जाने के बावजूद,मजबूत घरेलू खपत,लगातार होते निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ की वजह से बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिली है। उन्हें उम्मीद है कि ग्रोथ के ये आंकड़े भारतीय इक्विटी मार्केट के सामने आने वाले जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।

 

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LPG Price 31 August 2026: महीने के आखिरी दिन जानें गैस सिलेंडर का ताजा भाव, दिल्ली-मुंबई समेत इन शहरों में कितनी है कीमत

LPG Price Today: 31 अगस्त 2026 को LPG सिलेंडर की कीमतों पर सबकी नजर है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव करती हैं। ऐसे में आज 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों में खास दिलचस्पी है।

घरेलू LPG की कीमत का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबारों की लागत को प्रभावित करते हैं।

दिल्ली, मुंबई और बड़े शहरों में LPG का भाव

दिल्ली में घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि मुंबई में यह ₹941.50 में उपलब्ध है।फिलहाल 1 सितंबर 2026 के नए LPG रेट जारी होने का इंतजार है। नए दाम सामने आने तक ग्राहकों को पिछले महीने लागू कीमतों के आधार पर ही सिलेंडर मिल रहा है। शहर के हिसाब से LPG की कीमत अलग हो सकती है, इसलिए बुकिंग से पहले अपने शहर का मौजूदा रेट जरूर जांच लें

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

जून में बढ़े थे घरेलू LPG के दाम

घरेलू LPG की कीमतों में आखिरी बड़ा बदलाव जून 2026 में देखने को मिला था। उस समय तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में घरेलू LPG का भाव ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गया था।

जून के बाद घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए सितंबर में भी लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या तेल कंपनियां घरेलू LPG के दाम में कोई बदलाव करती हैं।

अगस्त में कमर्शियल LPG हुआ था सस्ता

कमर्शियल LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 1 अगस्त को राहत मिली थी। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में करीब ₹192 से ₹209 तक की कटौती की थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को इसका प्रमुख कारण माना गया था।

सितंबर में LPG के दाम पर क्यों है नजर?

LPG की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बाजार के साथ-साथ रुपये की स्थिति और वैश्विक सप्लाई का भी असर पड़ता है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग गतिविधियों में आई कमी के कारण आने वाले समय में तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में 1 सितंबर के बाद भी LPG की कीमतों में संभावित बदलाव पर लोगों की नजर बनी रहेगी। सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक करें।

US-Iran War: अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की जमकर बमबारी, तेहरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप (Larak Island) पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है।

इस हमले से फरवरी से रुक-रुक कर चल रही लड़ाई में आई शांति टूट गई है। ईरान ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए बदला लेने की घोषणा की है। इससे एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी हमले को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह जुलाई के अंत के बाद ईरान पर अमेरिका का पहला बड़ा हमला है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स ने CBS News को बताया कि IRGC की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। BBC के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने देखा था कि ईरानी बल होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।

लारक द्वीप पर क्यों हुआ हमला?

लारक द्वीप ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाह बंदर अब्बास के बिल्कुल करीब स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बीचों-बीच आता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस इलाके से गुजरने वाले टैंकरों को लारक द्वीप के पास से होकर जाने और जांच कराने के लिए मजबूर कर रहा है।

कुछ जहाजों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक का शुल्क लिए जाने की बात भी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी को देखते हुए लारक द्वीप पर मौजूद लॉन्चरों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने दी बदले की धमकी

ईरानी सेना IRGC ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। इसे ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीतिक और घातक गलती बताया। IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि इस गलत आकलन की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर चुकानी पड़ेगी। ईरान की IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, लारक द्वीप पर हमला ड्रोन के जरिए किया गया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले में दो लोगों की मौत हुई है। जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।

जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों किंग हुसैन और अल-अजराक को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों के तकनीकी ढांचे, रखरखाव सुविधाओं और लड़ाकू विमानों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहां भारी नुकसान हुआ है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में घुसी आठ मिसाइलों को रोक लिया है। जॉर्डन की सरकारी न्यूज एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ये मिसाइलें सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई थीं।

ट्रंप ने दी थी समुद्री सुरंगों पर चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को या तो नष्ट कर दिया गया है या हटा दिया गया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने दोबारा किसी जहाज या नाव के जरिए नई सुरंगें बिछाने की कोशिश की तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के इस दावे को ‘प्रचार और भ्रम फैलाने वाली बात’ बताया है।

ईरान पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिका ने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया था। इनका उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग करना तथा उसके सहयोगी देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाना है। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इन प्रतिबंधों को पहले से जारी अमेरिकी आर्थिक दबाव का ही विस्तार बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका सैन्य संघर्ष में असफल रहने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल इस्तेमाल होने वाले तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था। इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह का सैन्य टकराव या समुद्री ट्रैफिक में रुकावट का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

छह महीने से जारी है ईरान युद्ध

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया था। इस संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक लगभग बंद हो गया था।

अब लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले और उसके बाद जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई ने इस लंबे संघर्ष को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला दिया है। सबसे बड़ी टेंशन यह है कि होर्मुज में फिर से सैन्य टकराव बढ़ा तो इसका सीधा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

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LPG Price 29 August 2026: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम जारी, जानें दिल्ली समेत पूरे देश का भाव

LPG Price 29 August 2026: 29 अगस्त 2026 को देशभर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों को लेकर तेल कंपनियों ने कोई बदलाव नहीं किया है। यानी आज ग्राहकों को सिलेंडर खरीदने के लिए पिछले महीने जितनी ही कीमत चुकानी होगी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत बड़े शहरों में LPG के मौजूदा रेट फिलहाल स्थिर हैं। घरेलू रसोई गैस की कीमत लंबे समय से लोगों के लिए अहम मुद्दा बनी हुई है, खासकर तब जब महंगाई का असर लगातार घरेलू बजट पर दिखाई दे रहा है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों की नजर भी कीमतों पर बनी रहती है।

ऐसे में आज LPG के दामों में बदलाव नहीं होने से उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर ₹942 और मुंबई में ₹941.50 पर उपलब्ध है। जानिए देश के प्रमुख शहरों में आज LPG के क्या रेट हैं।

आपके शहर में LPG सिलेंडर की कीमत कितनी है?

LPG सिलेंडर के दाम हर शहर में अलग-अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चों के कारण एक ही घरेलू सिलेंडर की कीमत में शहर के अनुसार अंतर देखने को मिलता है। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा LPG रेट जरूर चेक कर लें।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

जून में महंगा हुआ था घरेलू सिलेंडर

घरेलू LPG की कीमत में आखिरी बदलाव जून 2026 में हुआ था। उस समय तेल कंपनियों ने प्रति सिलेंडर ₹29 की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई थी और तब से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

अगस्त में कमर्शियल LPG हुआ था सस्ता

कमर्शियल LPG इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 1 अगस्त को राहत मिली थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम अलग-अलग शहरों में करीब ₹192 से ₹209 तक घटाए थे।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी परेशानी

मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर भी दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। 25 अगस्त को इस रास्ते से सिर्फ पांच जहाज गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या सात थी। इस रूट में व्यवधान से तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है।

ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमला

इस बीच ओमान के तट के पास तेल टैंकर AL SALAM II पर अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमले की सूचना सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में विस्फोट हुआ और आग लग गई। नुकसान के चलते टैंकर आगे यात्रा करने की स्थिति में नहीं है। हमले को लेकर ईरान के IRGC पर संदेह जताया गया है, हालांकि जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

LPG की कीमतों पर आगे भी रहेगी नजर

घरेलू LPG के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तेल-गैस बाजार और मध्य-पूर्व की स्थिति पर तेल कंपनियों की नजर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले समय में LPG कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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Gold-silver Price : कमोडिटी में मजबूत रैली कायम रहने की उम्मीद, सोने-चांदी में अभी भी 10% तेजी की गुंजाइश

Gold-silver Price : 360 ONE के प्रेसिडेंट और हेड-ब्रोकरेज,विरल शाह का कहना है कि अगर US बॉन्ड यील्ड में नरमी आती है तो अगले 6 से 8 महीनों में सोना और चांदी में मौजूदा स्तरों से 10% तक की तेजी आ सकती है। उनका मानना ​​है कि जियोपॉलिटिकल घटनाओं और हाई बॉन्ड यील्ड को लेकर US का रुख कीमती धातुओं को सपोर्ट करता रहेगा।

कमजोर डॉलर,US में कमजोर जॉब आंकड़ों और US ट्रेजरी विभाग की बॉन्ड-खरीद की घोषणा की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में पहले ही जबरदस्त तेजी आ चुकी है। हालांकि,विरल शाह को लगता है कि सोने में 4,700–4,800 डॉलर और चांदी में 70–72 डॉलर के आस-पास कुछ टेक्निकल सेलिंग देखने को मिल सकती है। उन्हें उम्मीद है कि जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व का बयान निकट भविष्य में के लिए एक अहम ट्रिगर साबित होगा।

डॉलर में कमजोरी से कमोडिटी को मिलेगा सपोर्ट

उन्होंने आगे कहा कि अगर डॉलर और कमजोर होता है तो कमोडिटीज को और फायदा मिल सकता है। डॉलर इंडेक्स के लिए 100-101 के आस-पास रेजिस्टेंस दिख रहा है। उनका मानना ​​है कि डॉलर इंडेक्स के 97 की तरफ जाने से सोने,चांदी और बेस मेटल्स को सपोर्ट मिल सकता है।

कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत

प्रेशियस मेटल के अलावा,विरल शाह कॉपर और जिंक को लेकर भी पॉज़िटिव हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर्स और ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन की वजह से कॉपर में लगभग एक साल से स्ट्रक्चरल बुल ट्रेंड बना हुआ है। उन्हें कॉपर के फंडामेंटल्स मजबूत दिख रहे हैं। हालांकि उनका मानना ​​है कि कॉपर में अब तक की जोरदार बढ़त के बाद आगे और बढ़त का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।

जिंक और कॉपर को सप्लाई में तंगी से मिल रहा फायदा

जिंक पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताओं,खासकर चीन में बाढ़ के कारण कम उत्पादन होने से जिंक को सपोर्ट मिल रहा है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर इन्वेंट्री कम हो रही है और सप्लाई तंग है,जबकि इसकी मांग मज़बूत बनी हुई है। शाह को उम्मीद है कि जब तक सप्लाई मांग के बराबर नहीं हो जाती,तब तक कॉपर और जिंक दोनों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट मुमकिन

कच्चे तेल पर अपनी राय जाहिर करते हुए विरल शाह ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई बेहतर होती है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है,तो क्रूड की कीमतों में 7-8% की और गिरावट आ सकती है। हालांकि,उन्हें नहीं लगता कि यह लंबे समय तक बनी रहने वाली गिरावट होगी,क्योंकि तमाम देशों को आखिरकार अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को फिर से भरना ही होगा।

 

 

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LPG New Connection: LPG के नए कनेक्शन पर लगी रोक कब हटेगी? पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट

LPG New Connection: अगर आप नया LPG गैस कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे हैं तो फिलहाल आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-ईरन के बीच चल रहे विवाद के बीच देशभर में नए घरेलू LPG कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगी हुई है। तेल कंपनियां फिलहाल नए कनेक्शन की बुकिंग नहीं कर रही हैं। मौजूदा ग्राहकों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

तेल कंपनियों के मुताबिक, मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ रहा है।

सरकार ने नए कनेक्शन पर रोक की वजह बताई

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए नए LPG कनेक्शन जारी करना अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, इस समय LPG वितरकों का मुख्य फोकस मौजूदा ग्राहकों को समय पर रिफिल उपलब्ध कराने पर है, ताकि पहले से कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए कनेक्शन पर लगी रोक स्थायी नहीं है। पश्चिम एशिया की स्थिति सामान्य होने और LPG आपूर्ति स्थिर रहने के बाद नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है।

अभी सिर्फ मौजूदा ग्राहकों को मिल रही गैस

फिलहाल, तेल कंपनियां नए उपभोक्ताओं के बजाय पुराने ग्राहकों की जरूरत पूरी करने पर जोर दे रही हैं। जिन लोगों के कनेक्शन पहले से मौजूद हैं, उन्हें रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, निष्क्रिय या बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया जारी है।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं से KYC पूरा कराने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट LPG कनेक्शनों को हटाना और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

LPG की सप्लाई फिलहाल स्थिर, लेकिन आगे का अनुमान मुश्किल

‘द हिंदू’ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, FLDI के महासचिव पवन सोनी ने कहा कि फिलहाल LPG की आपूर्ति की स्थिति स्थिर है। लेकिन यह स्थिरता कितने समय तक बनी रहेगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया में लगातार बने हुए तनाव के कारण यह निश्चित नहीं है कि तेल कंपनियां LPG लेकर कितने जहाज भारत तक ला पाएंगी। यही वजह है कि सरकार और कंपनियां मौजूदा स्टॉक और सप्लाई को लेकर सतर्कता बरत रही हैं।

नया कनेक्शन नहीं मिल रहा तो क्या विकल्प है?

जिन लोगों को फिलहाल 14.2 किलो का नया घरेलू LPG कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, उनके लिए कुछ डिस्ट्रीब्यूटर 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर का विकल्प बता रहे हैं। खास तौर पर बड़े शहरों में 10 किलो का FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे बुक कराया जा सकता है और जरूरत के मुताबिक डिलीवरी भी ली जा सकती है। हालांकि, उपलब्धता और नियम क्षेत्र तथा वितरक के हिसाब से अलग हो सकते हैं।

होर्मुज संकट का LPG सप्लाई पर क्यों पड़ा असर?

पश्चिम एशिया में तनाव का भारत की LPG सप्लाई पर सीधा असर इसलिए पड़ता है क्योंकि देश अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। पहले भारत के LPG आयात का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्ग से आता था। करीब 90 फीसदी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते पहुंचता था।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी। इसके बाद भारत ने LPG की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अमेरिका से LPG और LNG की खरीद भी बढ़ाई है। अमेरिका से आने वाली LPG को भारत तक पहुंचने में लंबा समुद्री रास्ता तय करना पड़ता है। पश्चिम एशिया से आने वाली आपूर्ति की तुलना में इसकी लागत भी अधिक हो सकती है।

कब से शुरू होगी नए कनेक्शन की बुकिंग?

सबसे अहम सवाल यही है कि नया LPG कनेक्शन कब से मिलना शुरू होगा? फिलहाल सरकार ने कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, यह रोक अस्थायी है। स्थिति सामान्य होने पर नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया बहाल की जाएगी। यानी अभी उपभोक्ताओं को निश्चित तारीख का इंतजार करना होगा।

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फिलहाल सरकार की प्राथमिकता मौजूदा LPG ग्राहकों को नियमित रिफिल उपलब्ध कराना है। पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई और देश में LPG की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही आपूर्ति व्यवस्था पर्याप्त रूप से स्थिर होगी, नए कनेक्शन की बुकिंग दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।

LPG Price 26 August 2026: दिल्ली से बिहार तक 14.2 किलो LPG कितने रुपये की? बुकिंग से पहले यहां चेक करें रेट

LPG Price 26 August 2026: 27 अगस्त 2026, गुरूवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने घरेलू गैस के नए रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही हैं। यानी घरेलू LPG सस्ती होने का इंतजार कर रहे लोगों को इस बार भी राहत नहीं मिली। शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर की कीमत अलग-अलग है। स्थानीय टैक्स, ढुलाई और दूसरे खर्चों की वजह से अलग-अलग जगहों पर गैस के दाम में अंतर रहता है।

दिल्ली में LPG सिलेंडर ₹942

जून में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹942 है। मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 का रेट है।

प्रमुख शहरों में घरेलू LPG के दाम

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

घरेलू LPG की कीमत में लोगों को राहत नहीं मिली, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती हुई थी। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब ₹194 से ₹200 तक कम हुई। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारियों को फायदा हुआ।

अमेरिका से बढ़ रहा LPG आयात

भारत अब LPG के लिए अमेरिका से ज्यादा गैस खरीद रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण LPG सप्लाई के स्रोत में बदलाव देखने को मिल रहा है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में भारत ने अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात की। अगस्त में अब तक करीब 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।

वहीं, UAE और कतर से LPG की सप्लाई कम हुई है। अगस्त में UAE से करीब 1.40 लाख टन और कतर से करीब 60 हजार टन LPG आई। जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात नहीं हुआ।

घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का रेट

अगर आप Indane Gas इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले के अनुसार LPG की कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com के ‘Quick Book & Pay’ विकल्प से रेट चेक कर सकते हैं। HP Gas ग्राहक HP Pay ऐप पर कीमत देख सकते हैं। इसके अलावा UMANG ऐप से भी LPG की कीमत और रिफिल की जानकारी मिल सकती है।

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