झारखंड में बने डिप्रेशन से यूपी, एमपी, दिल्ली संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त तक इन राज्यों में होगी मूसलाधार

IMD Heavy Rain Alert: झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा 14 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस मौसमी बदलाव की वजह से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 20 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

झारखंड में बना डिप्रेशन और प्रमुख मौसमी सिस्टम

आईएमडी के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन 14 अगस्त की सुबह झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 14 से 20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 से 15 अगस्त और फिर 17 से 18 अगस्त को काफी बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 14, 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त और 16 से 20 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 14, 16 और 17 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक, हिमाचल प्रदेश में 14, 17 और 18 अगस्त को और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट भी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मूसलाधार

मध्य भारत में डिप्रेशन के सीधे असर से बारिश का जोर रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 14 से 16 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होग, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन दोनों राज्यों में 14 और 15 अगस्त को पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी जबकि 16 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ में 14 से 18 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, ओडिशा और बिहार में चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। ओडिशा में 14-15 अगस्त और 17-19 अगस्त के दौरान और बिहार में 16 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।

झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक और असम-मेघालय में 16 अगस्त को बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून मेहरबान रहेगा। कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 14 और 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 14 से 18 अगस्त तक भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक लगातार बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 14 से 16 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का जोर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और केरल में 14 अगस्त को भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 14 से 18 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

विदेश घूमना अब नहीं महंगा! ₹50,000 के बजट में एक्सप्लोर करें 7 खूबसूरत एशियाई देश

अगर आप कम बजट में विदेश घूमने का सपना देख रहे हैं, लेकिन महंगे टिकट और वीजा की लंबी प्रक्रिया की वजह से प्लान टाल रहे हैं, तो आपके लिए कुछ एशियाई देश बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। इन जगहों पर भारतीय यात्रियों को वीजा के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता, जिससे ट्रिप प्लान करना काफी आसान हो जाता है। खूबसूरत शहरों से लेकर समुद्र, पहाड़, ऐतिहासिक जगहों और एडवेंचर तक, यहां घूमने के कई ऑप्शन मिलते हैं।

सबसे खास बात यह है कि कुछ डेस्टिनेशन के लिए भारत से राउंड-ट्रिप फ्लाइट का किराया ₹50,000 से भी कम मिल सकता है। फ्लाइट के किराए तारीख, शहर और बुकिंग के समय के हिसाब से बदल सकते हैं।

 

कजाकिस्तान

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राउंड-ट्रिप फ्लाइट: नई दिल्ली–अस्ताना

अगर आप एक ही ट्रिप में शहर, पहाड़, झीलें और एडवेंचर का मजा लेना चाहते हैं, तो कजाकिस्तान बेहतरीन ऑप्शन है। अल्माटी की खूबसूरत कैफे वाली सड़कें, बर्फ से ढके पहाड़, साफ झीलें और केबल कार राइड यहां की खास पहचान हैं। साथ ही यहां के लोकल बाजार और सेंट्रल एशियन खाने का स्वाद भी आपकी ट्रिप को यादगार बना देगा। इंडियन 14 दिनों तक वीजा-फ्री ट्रैवल कर सकते हैं। हर 180 दिनों में मैक्सिमम 42 दिन तक बिना वीजा के रह सकते हैं।

 

मलेशिया

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राउंड-ट्रिप फ्लाइट: हैदराबाद–कुआलालंपुर

मलेशिया कम बजट में घूमने के लिए शानदार देश है। कुआलालंपुर अपने स्ट्रीट फूड, मॉडर्न बिल्डिंग और शॉपिंग के लिए मशहूर है। वहीं कैमरून हाइलैंड्स की हरियाली, लंगकावी के शांत बीच और बोर्नियो के घने रेनफॉरेस्ट नेचर लवर को खूब पसंद आते हैं। अगर आप खाने, घूमने और एडवेंचर का कॉम्बिनेशन चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। इंडियन के लिए 31 दिसंबर 2026 तक वीजा-फ्री एंट्री।

 

मकाऊ

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राउंड-ट्रिप फ्लाइट: नई दिल्ली–मकाऊ

मकाऊ सिर्फ कैसीनो के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी खूबसूरत विरासत और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। यहां का ऐतिहासिक शहर, रंग-बिरंगी पुर्तगाली स्टाइल की बिल्डिंग, पुराने मंदिर और UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स देखने लायक हैं। यहां का मकानीज खाना चीनी और पुर्तगाली स्वाद का अनोखा ब्लेंड है, जिसे एक बार जरूर चखना चाहिए। 30 दिनों तक वीजा-फ्री।

 

फिलीपींस

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राउंड-ट्रिप फ्लाइट: चेन्नई–एंजेल्स: ₹27,015

अगर आपको समुद्र, बीच और आइलैंड्स पसंद हैं, तो फिलीपींस शानदार ऑप्शन है। यहां 7,000 से ज्यादा द्वीप हैं, जहां पलावान की नीली झीलें, बोहोल की चॉकलेट हिल्स और सियार्गाओ की सर्फिंग सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं। 14 दिन में एक या दो द्वीप आराम से घूमे जा सकते हैं और यादगार छुट्टियां बिताई जा सकती हैं। 14 दिनों तक वीजा-फ्री।

 

नेपाल

राउंड-ट्रिप फ्लाइट: नई दिल्ली–काठमांडू

नेपाल इंडियन के लिए सबसे आसान और सस्ती इंटरनेशनल ट्रिप में से एक है। काठमांडू के प्राचीन मंदिर, पुराने बाजार और कैफे ट्रैवलर को खास एक्सपीरियंस देते हैं। इसके अलावा पोखरा की झीलें, चितवन नेशनल पार्क और हिमालय के खूबसूरत ट्रेकिंग रूट्स नेचर और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए बेहतरीन हैं। इंडियन के लिए वीजा-फ्री, रहने की कोई टाइम लिमिट नहीं।

भूटान

राउंड-ट्रिप फ्लाइट: कोलकाता–पारो

भूटान अपनी नेचुरल ब्यूटी, शांति और बौद्ध संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां के किलेनुमा मठ, जोंग, हरी-भरी घाटियां और शांत माहौल आपको शहर की भागदौड़ से दूर ले जाते हैं। अच्छी बात यह है कि भारतीयों को यहां दूसरे फॉरेन टूरिस्ट की तरह सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस नहीं देनी पड़ती, जिससे ट्रिप और भी अफोर्डेबल हो जाती है। इंडियन के लिए वीजा-फ्री, लेकिन एंट्री परमिट जरूरी है।

 

थाईलैंड

राउंड-ट्रिप फ्लाइट: चेन्नई–बैंकॉक

थाईलैंड इंडियन टूरिस्ट की पसंदीदा फॉरेन ट्रिप में शामिल है। बैंकॉक के मंदिर, फ्लोटिंग मार्केट और नाइट मार्केट, चियांग माई के पहाड़ और कैफे, जबकि फुकेत, क्राबी और कोह समुई जैसे द्वीप शानदार बीच वेकेशन का एक्सपीरियंस देते हैं। भारत से कई शहरों के लिए सीधी फ्लाइट्स और कम किराया इसे बजट-फ्रेंडली इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनाते हैं। इंडियन के लिए 30 दिनों तक वीजा-फ्री।

Heavy Rain Alert 14 Aug: आज यूपी संग इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश! दिल्ली-NCR में भी मौसम बदलेगा, ऑरेंज अलर्ट जारी

देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अगस्त के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आम लोगों और प्रशासन को सजग रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में भी बदलेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आज मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वी राजस्थान के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

उत्तर-पूर्व और मध्य भारत में उग्र मानसूनी हलचल

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी मानसून जमकर बरसेगा। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। इसके साथ ही मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण और पश्चिमी भारत के तटीय इलाकों में भी मौसम काफी अशांत बना रहेगा। कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। तटीय कर्नाटक, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और लक्षद्वीप के क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय भी काफी तेज सतह हवाएं चल सकती हैं।

अरब सागर में उथल-पुथल, मछुआरों के लिए अलर्ट

मौसम प्रणाली में हो रहे बदलावों का सीधा असर समुद्री इलाकों पर भी पड़ रहा है। अरब सागर के मध्य और पश्चिम-मध्य भागों में, खास तौर पर सोमालिया और ओमान तट के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे गहरे समुद्र में जाने से बचें और तटीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

पाकिस्तानी PM बोले- भारत पानी रोकेगा तो मुंहतोड़ जवाब देंगे:कश्मीर पर रुख कभी नहीं बदलेंगे, मुनीर की लीडरशिप में हमने दुश्मन को हराया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर एक बार फिर से भारत को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर कोई समझौता नहीं होगा। अगर इसे रोकने या कम करने की कोशिश हुई तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज ने गुरुवार को इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख कभी नहीं बदलेगा। अपने भाषण में शहबाज ने एक बार फिर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को हराया। चीन की दोस्ती को हिमालय से भी मजबूत बताया शहबाज ने अपने भाषण में चीन-पाकिस्तान की दोस्ती को हिमालय से भी बुलंद बताया। उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान का अजीम दोस्त है। हर मुश्किल घड़ी में वह चट्टान की तरह देश के साथ रहा है। फिर दोहराया- ट्रम्प ने कराया था युद्धविराम शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में एक बार फिर दावा किया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पहल से समय रहते युद्धविराम संभव हो सका। हालांकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि संघर्ष विराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई मध्यस्थता नहीं थी। कश्मीर, फिलिस्तीन और अफगानिस्तान पर भी बोले अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख नहीं बदलेगा और कश्मीरियों की कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान फिलिस्तीन के लोगों के अधिकारों का समर्थन करता रहेगा। अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार से उन्होंने अपील की कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दे। साथ ही दावा किया कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका भी निभाई है। भारत ने पहलगाम हमले के बाद संधि पर लगाई थी रोक अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। तभी से यह मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की बड़ी वजह बना हुआ है। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि पर रोक जारी रहेगी। वहीं, पाकिस्तान का दावा है कि यह संधि अब भी कानूनी रूप से प्रभावी है और इसे एकतरफा निलंबित नहीं किया जा सकता। 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों का बंटवारा किया गया था। इसी संधि को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं और हाल के महीनों में यह विवाद फिर से गहरा गया है। गंभीर जल संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान में पानी की कमी लगातार बढ़ रही है। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक- पाकिस्तान की सिंचाई व्यवस्था के अहम हिस्से सुक्कुर बैराज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। पानी का स्तर लगातार घटने से कृषि और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कल का मौसम: 13 अगस्त को यूपी समेत 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! इन 2 इलाकों में IMD ने जारी की रेड कलर वॉर्निंग

Weather Update 13 August: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बड़े हिस्से में सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। इस बीच आईएमडी ने 13 अगस्त के मौसम को लेकर भी एक विस्तृत चेतावनी बुलेटिन जारी किया है। इसके मुताबिक देश के उत्तरी, पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिण-प्रायद्वीपीय हिस्सों में बादलों की तगड़ी आवाजाही के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देश के 20 से अधिक राज्यों में तेज से बहुत तेज बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस मानसूनी बारिश के बीच सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी भारत के दो राज्यों में देखने को मिल सकती है। इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने रेड कलर वार्निंग जारी की है।

गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए रेड वार्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार 13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से भी बेहद भारी बारिश यानी अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसी परिस्थिति को देखते हुए इन दोनों इलाकों के लिए रेड कलर वार्निंग जारी की गई है। इसका सीधा मतलब है कि स्थानीय प्रशासन और नागरिक स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें और आवश्यक कदम उठाएं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम प्रणालियों के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज बारिश के साथ-साथ निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्य छत्तीसगढ़ के मौसम में भी 13 अगस्त को खासा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्य के कई इलाकों में मेघगर्जन और बिजली चमकने का अंदेशा भी जताया गया है, जिससे नदी-नालों में उफान और ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 13 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कई स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। पश्चिमी भारत और उससे सटे क्षेत्रों में राजस्थान, गुजरात क्षेत्र, कोंकण एवं गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

मध्य और पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है, जहां अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के इलाकों में भी भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज आंधी, बिजली चमकने और हवाओं की रफ्तार का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है।

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इसी तरह अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, पूरे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली चमकने के साथ वज्रपात का अलर्ट दिया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

समंदर में तूफानी हलचल और मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी उग्र रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान तट के पास और उससे दूर, पश्चिमी-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों तथा गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

शहर की नौकरी छोड़ पहाड़ों में बसे पति-पत्नी! 4BHK मकान, फ्री पानी और ₹50 हजार के खर्च का ब्रेकडाउन वायरल

शहर की तेज रफ्तार जिंदगी से दूर पहाड़ों के बीच रहना सुनने में जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही दिलचस्प है यह जानना कि वहां रोजमर्रा की जिंदगी कितने खर्च में चलती है। हिमाचल प्रदेश के मनाली के पास रहने वाले दिव्या भट्ट और सौरभ यादव ने अपनी पहाड़ी जिंदगी की झलक सोशल मीडिया पर साझा की है। दोनों ने गजान गांव में अपना ठिकाना बनाया है और साथ ही होमस्टे भी चलाते हैं। दिव्या ने अपने एक वीडियो में बताया कि पहाड़ों में रहते हुए उनका महीने का खर्च करीब ₹50 हजार आता है।

इस बजट में घर का राशन, बाहर खाना, ईंधन, बिजली और घूमने-फिरने जैसे खर्च शामिल हैं। खास बात यह है कि आसपास की प्राकृतिक खूबसूरती ही उनके लिए मनोरंजन का बड़ा जरिया है, इसलिए कई आउटिंग पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं होता। अब उनका यह सादा लेकिन खूबसूरत लाइफस्टाइल इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

मनाली के पास गांव में बसाया घर

दिव्या और सौरभ ने हिमाचल प्रदेश के गजान गांव को अपना ठिकाना बनाया है। यह गांव मनाली के पास हिमालयी इलाके में स्थित है। दोनों यहां रहते भी हैं और एक होमस्टे भी चलाते हैं। दिव्या ने इंस्टाग्राम पर ‘Living in the Mountains, Episode 1’ नाम से वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने पहाड़ों में अपनी जिंदगी और हर महीने होने वाले खर्च का हिसाब बताया।

1BHK का किराया करीब ₹15 हजार

कपल जिस 4BHK प्रॉपर्टी में रहता है, उसका इस्तेमाल उनके होमस्टे से भी जुड़ा है। इसलिए उनका रहने का खर्च सामान्य किरायेदार से अलग है। दिव्या के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सिर्फ रहने के लिए मनाली के पास घर किराए पर लेना चाहता है, तो 1BHK का किराया करीब ₹15,000 और 2BHK का करीब ₹25,000 तक हो सकता है।

घर का खाना, फिर भी ₹15 हजार का फूड बजट

पहाड़ों में रहने के बावजूद कपल खाने पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं करता। दोनों ज्यादातर खाना घर पर ही बनाते हैं। दिव्या के मुताबिक, उनकी महीने की ग्रॉसरी करीब ₹10,000 आती है। इसके अलावा बाहर खाने-पीने पर करीब ₹5,000 खर्च हो जाते हैं।

छोटी दूरी के लिए गाड़ी नहीं, पैदल सफर

गांव में रहने का एक फायदा यह भी है कि रोजमर्रा के कई छोटे काम पैदल ही हो जाते हैं। दिव्या ने बताया कि दोनों स्थानीय स्तर पर ज्यादातर जगह पैदल जाते हैं। इसके बावजूद गाड़ी के ईंधन पर करीब ₹3,000 प्रति महीने खर्च हो जाता है।

पानी का बिल जीरो, बिजली करीब ₹1,000

यूटिलिटी खर्च की बात करें तो कपल के लिए पानी पर कोई मासिक खर्च नहीं है। दिव्या के अनुसार, पानी मुफ्त है। वहीं बिजली का बिल करीब ₹1,000 प्रति महीने आता है।

पहाड़ों में घूमना भी बजट में शामिल

पहाड़ों में रहने का सबसे बड़ा फायदा शायद यही है कि घूमने के लिए महंगी जगहों की जरूरत नहीं पड़ती। आसपास प्रकृति आसानी से उपलब्ध है, इसलिए कपल की ज्यादातर आउटिंग मुफ्त ही होती हैं। फिर भी अपने छोटे-मोटे माउंटेन एडवेंचर पर करीब ₹3,000 महीने का खर्च हो जाता है।

करीब ₹50 हजार में पूरा महीना

दिव्या के मुताबिक, ग्रॉसरी, बाहर का खाना, ईंधन, बिजली और घूमने-फिरने जैसे खर्च जोड़ने पर दोनों का कुल मासिक खर्च करीब ₹50,000 बैठता है। हालांकि, उनका रहने का इंतजाम होमस्टे बिजनेस से जुड़ा है, इसलिए यह खर्च ऐसे व्यक्ति से अलग होगा जो सिर्फ अपने रहने के लिए घर किराए पर लेता है।

लोगों को पसंद आई पहाड़ों वाली जिंदगी

वीडियो सामने आने के बाद लोगों का ध्यान सिर्फ ₹50 हजार के बजट पर नहीं गया, बल्कि कपल की शांत जिंदगी ने भी खूब आकर्षित किया। एक यूजर ने पहाड़ों के नजारे को जिंदगी का ‘प्रीमियम सब्सक्रिप्शन’ बताया। वहीं कई लोगों ने कहा कि असली लग्जरी पैसा नहीं, बल्कि ऐसी जगह मिलने वाला सुकून और शांति है।

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कल का मौसम: 12 अगस्त को ओडिशा-बंगाल-महाराष्ट्र, राजस्थान संग इन 20 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट! यहां होगी मूसलाधार बरसात

IMD Alert: देशभर में बारिश ने इस वक्त प्रचंड रफ्तार पकड़ रखी है। इस बीत मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 अगस्त को भी कई राज्यों में बारिश का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक बुधवार को देश के करीब 20 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी व मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर और तटीय राज्यों तक बादलों का जमकर बरसना तय माना जा रहा है।

ओडिशा, बंगाल, महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 अगस्त को चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी/घाटी वाले क्षेत्रों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

उत्तर भारत, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत 20 राज्यों में भारी बारिश

मूसलाधार बारिश वाले राज्यों के अलावा देश के कई दूसरे हिस्सों में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद और पश्चिमी राजस्थान में तेज बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह पश्चिमी और मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र और कोंकण व गोवा में भी मूसलाधार बारिश का जोर रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके साथ ही अंडमान व निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

तूफानी हवाएं, आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

12 अगस्त को बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का गंभीर खतरा बना रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग अलग जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और बिजली चमकने का अनुमान है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में अलर्ट

मैदानी और तटीय राज्यों में मौसमी हलचल बनी रहेगी। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्री सुरक्षा के लिहाज से मौसम विभाग ने अरब सागर के लिए भी चेतावनी जारी की है।

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अरब सागर में सोमालिया और ओमान तट के पास व उससे सटे क्षेत्र, पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

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Heavy Rain Alert: मौसम फिर बदलेगा करवट! 15 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश, 13 से बढ़ेगा मानसून का जोर

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मानसून की बारिश हो रही है। वहीं देश के कई हिस्सों में मानसून इस सप्ताह भी सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले दो दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

सबसे अहम बदलाव 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास देखने को मिल सकता है। यहां 11 अगस्त के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन बनने और 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से 13 अगस्त से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।

उत्तर भारत में पूरे सप्ताह बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। पंजाब में 10-11 और 13-14 अगस्त को कई जगह बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त और 13 अगस्त को बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त को बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में 9 से 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश की संभावना है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में इस सप्ताह बारिश का असर देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त को बारिश बढ़ सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त, जबकि छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में भी इस सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। ओडिशा में 9-10 अगस्त और फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बिहार में 13-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त तथा 12-15 अगस्त को बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त और असम-मेघालय में 14-15 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 9 से 13 अगस्त के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश हो सकती है। गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ सकती है। 11 अगस्त को गुजरात में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9-15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने की संभावना है। केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

दिल्ली में 12 अगस्त तक बारिश का दौर

दिल्ली में 9 से 12 अगस्त तक मौसम आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा। 9 और 10 अगस्त को कई जगह हल्की बारिश और कुछ जगह मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश के साथ शाम या रात में भी हल्की बारिश की संभावना है। 12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

IMD Issues Rain Alert: दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट! इन 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी, यूपी के 11 जिलों में होगी मूसलाधार बरसात

IMD Issues Red Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली और NCR के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया है। दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। ITO और महरौली-बदरपुर रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक जाम लग गया है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और अंडरपास में काफी पानी भर गया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे और वजीराबाद रोड जैसे मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक की रफ़्तार बहुत धीमी हो गई है।

इस बीच, एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइन ने सलाह दी है कि IGI एयरपोर्ट जाने वाले यात्री यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। राजधानी में भारी बारिश के साथ-साथ बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की स्थिति भी बनी हुई है।

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, रविवार (9 अगस्त) को दिल्ली में बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी में एक और दौर की बारिश का अनुमान लगाया है। IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में सुबह से लेकर दोपहर तक बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है। दिन भर आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है।

दिल्ली में कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जलभराव, ट्रैफिक की समस्या और कामकाज में रुकावटें आई हैं। शनिवार को सफदरजंग मौसम केंद्र ने सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में 98.7 मिमी बारिश दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में दिल्ली में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा। शहर ने महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। इस दौरान सफदरजंग में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिमी होती है।

तापमान में होगी बढ़ोतरी 

रविवार को मौसम विभाग को उम्मीद है कि बारिश कम होने के साथ तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर सुबह और शाम के समय जब बारिश की संभावना है। IMD ने इस सप्ताह पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

यूपी में भी बारिश का अलर्ट

उत्तर में प्रयागराज से सहारनपुर तक मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान संग बादल जमकर बरसेंगे। इसी के साथ मानसून के फिर सक्रिय रहने का अनुमान है। यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। IMD ने यूपी के निवासियों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों में गरज-चमक संग भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यूपी के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है। जबकि हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में भी भीषण बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है।

जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की आशंका है। बिहार में भी मूसलाधार बारिश जारी रहने की आशंका है।

हिमाचल और केरल में तबाही, असम में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 99 हुई

देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ। लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई। जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

मौत का नया मामला गोलाघाट जिले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं।

हिमाचल में 153 सड़कें बंद, ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

केरल में भी बारिश जारी

केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा। हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।

कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है। जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिन में ही पूरे महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में ही इस महीने की औसत बारिश से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग वेधशाला में अब तक 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग में इस महीने की शुरुआत से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर और बारिश हुई, जिससे कुल वर्षा 230.1 मिलीमीटर हो गई।

IMD के अनुसार, 1991 से 2020 की जलवायु अवधि के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में औसतन कुल 226.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को पिछले दो वर्ष में अगस्त के किसी एक दिन में सर्वाधिक बारिश भी दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे अधिक बारिश एक अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस समय 107.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी।

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शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक, इसके अलावा रिज में 9.4 मिलीमीटर और लोधी रोड में 6.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सफदरजंग और पालम में 4.4-4.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।

Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।