4 नियम पड़े रिटेल इंवेस्टर्स पर भारी, SEBI ने लाया था खास वजह से और पड़ा ऐसा असर

पिछले दो वर्षों में मार्केट रेगुलेटर सेबी देश के कैपिटल मार्केट को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और लेस स्पेक्यूलेटिव यानी कम सट्टेबाजी वाला बनाने के लिए कई नियम लागू किए हैं। इसका उद्देश्य रिटेल इंवेस्टर्स को बचाना, लेवरेज कम करना और रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करना है। ब्रोकरेज फर्म सैम्को सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी के मुताबिक सेबी की यह पहल बेहतर तो है रेगुलेशन के साथ-साथ मार्केट की एफिसिएंसी, लिक्विडिटी और फेयर एक्सेस भी बनी रहनी चाहिए। यहां ऐसे ही 4 नियमों के बारे में बताया जा रहा है, जिनसे रिटेल इंवेस्टर्स काफी प्रभावित हुए और जिमीत मोदी ने रिटेलर्स पर इसके असर को लेकर जिक्र किया है।

4 नियम और उनके असर

1.F&O पर लगाम से घटी सट्टेबाजी लेकिन एक्सेस भी हुआ कम

सेबी ने सबसे बड़ा दखल इक्विटी डेरिवेटिव्स में दिया है। इसके तहत कॉन्ट्रैक्ट का साइज बढ़ाया गया, वीकली एक्सपायरी के ऑप्शन कम किए गए, एक्सपायरी-डे पर रिस्क कवर बढ़ाया गया, ऑप्शन प्रीमियम पहले से जमा करना जरूरी किया गया और पोजिशन लिमिट की इंट्रा-डे मॉनिटरिंग शुरू की गई। इसका उद्देश्य बहुत अधिक शॉर्ट-टर्म स्पेक्यूलेटिव को रोकना और रिटेल इन्वेस्टर्स को बड़े नुकसान से बचाना था।

हालांकि वित्त वर्ष 2026 में F&O में रिटेलर्स का नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रह गया लेकिन F&O में हिस्सेदारी भी लगभग 20% घटकर 78.6 लाख रह गई। रिटेलर्स का नुकसान कम तो हुआ लेकिन प्रति ट्रेडर औसत नुकसान ₹1.14 लाख से बढ़कर ₹1.17 लाख हो गया। इससे एक अहम सवाल उठता है कि क्या हम समस्या को हल कर रहे हैं, या हिस्सेदारी कम करके एक्सपोजर को कम कर रहे हैं?

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2.लॉट साइज में बढ़ोतरी: सुरक्षित मार्केट या हाई एंट्री बैरियर्स?

मिनिमम कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू बढ़ाने का मकसद छोटे निवेशकों को बहुत बड़ी स्पेक्यूलेटिव वाली पोजिशन लेने से रोकना था। हालांकि डेरिवेटिव्स रिस्क-मैनेजमेंट टूल का भी एक बड़ा जरिया है, खासतौर से उन निवेशकों के लिए जो अपने कैश-मार्केट एक्सपोजर को हेज करना चाहते हैं। लॉट साइज बड़ा होने से ऐसे हेज के लिए अधिक कैपिटल की जरूरत पड़ने लगी जिससे अंडरलाइंग पोजिशन के साथ हेज का तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए मार्केट में हिस्सा लेना मुश्किल बनाने करने की बजाय इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि वे रिस्क को कैसे मैनेज करते हैं।

3.एक्सपायरी और मार्जिन के नियम

सेबी ने एक्सपायरी के समय मिलने वाले कई मार्जिन बेनेफिट्स को हटा दिया और वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव्स के नियमों को तार्किक बनाया। इसका उद्देश्य बहुत अधिक रिस्क वाली पोजिशन और एक्सपायरी के दिन होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को कम करना था, लेकिन इनसे ट्रेडिंग और हेजिंग की चली आ रही स्ट्रैटेजीज भी बदल गई हैं। सेबी की साल 2025 की स्टडी से पता चला कि इससे इक्विटी डेरिवेटिव्स में यूनिक इंडिविजुअल ट्रेडर्स की संख्या सालाना आधार पर 20% गिर गई तो प्रीमियम के हिसाब से इंडिविजुअल टर्नओवर 11% घट गया। ऐसे में सेबी का नियम सिर्फ खराब तरीके ही नहीं हटा रहा, बल्कि मार्केट के तरीके को भी बदल रहा है।

4.क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS): बेहतर प्राइस डिस्कवरी लेकिन

3 अगस्त 2026 से सेबी ने F&O स्टॉक्स के लिए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ (CAS) शुरू किया, जिसने पहले के 30 मिनट वाले VWAP-बेस्ड क्लोजिंग सिस्टम की जगह ली। इसका उद्देश्य कीमत तय करने के तरीके को बेहतर बनाना, आखिरी मिनट के ट्रेड के असर को कम करना और भारतीय मार्केट को ग्लोबल तौर-तरीकों से जोड़ना। हालांकि शुरुआती कुछ सेशन में स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों में असामान्य अंतर दिखा और शुरुआत में लोगों की भागीदारी कम रही। सेबी के मुताबिक इसमें कोई मैनिपुलेशन नहीं मिला है, और तब से भागीदारी में सुधार भी हुआ है। हालांकि इससे यह सबक मिलता है कि अच्छे ढंग से बनाए गए सुधार भी मार्केट में हिस्सा लेने वालों के लिए थोड़े समय के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।

कहां आई दिक्कत?

सेबी के नियमों से एफएंडओ एक्टिविटी कम हुई। इसकी वित्त वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स 51.5% और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 17.7% घट गया। इसकी वजह एसटीटी में बढ़ोतरी के साथ-साथ सेबी के नियम भी हैं। जिमीत के मुताबिक स्पेक्यूलेशन में कमी तब अच्छी है, जब इससे अच्छा रुख दिखे लेकिन अगर वॉल्यूम भी गिरे क्योंकि मार्केट में एंट्री बहुत महंगी या कठिन हो गई है तो इससे लिक्विडिटी और प्राइस डिस्कवरी पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि लक्ष्य सड़क को सुरक्षित बनाना होना चाहिए, सड़क को खाली करना नहीं। जिमीत के मुताबिक भारतीय मार्केट को देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों के मजबूत निवेश की जरूरत है। जिमीत के मुताबिक बैरियर बढ़ाने की तुलना में बेहतर डिस्क्लोजर, इंवेस्टर एडुकेशन, सूटेबिलिटी चेक्स और रिस्क-बेस्ड सेफगार्ड्स अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

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Market cues : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव, रिकवरी आने पर 24600-24700 पर दिखेगा रेजिस्टेंस

Trade setup for today : 11 अगस्त को निफ्टी में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच 0.50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इंट्राडे में यह 4 अगस्त की रेंज के निचले स्तर यानी 24,430 के करीब पहुंच गया था। इसके बावजूद, मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। लेकिन कमजोर मोमेंटम इंडिकेटर्स कंसोलिडेशन जारी रहने के संकेत दे रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने भी मार्केट को थोड़ा सतर्क कर दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी मंगलवार की रेंज से नीचे गिरता है और वहीं बना रहता है तो 24,350 (50-डे EMA) और 24,200 (100-डे EMA) के स्तर तक गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,अगर इसमें रिकवरी आती है तो 24,600-24,700 की रेंज में रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,436, 24,401 और 24,345

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,549, 24,584 और 24,640

डेली चार्ट पर निफ्टी ने कल एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी शैडो देखने को मिली। इससे पता चलता है कि रेंज बाउंड ट्रेडिंग के बीच बिकवाली का दबाव बना रहा। हालिया की तेजी के बाद इंडेक्स 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से थोड़ा नीचे आ गया है, लेकिन फिर भी सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI गिरकर 56.1 पर आ गया और इसमें ‘बेयरिश क्रॉसओवर’ देखने को मिला। जबकि MACD सिग्नल लाइन की ओर नीचे झुका और लगातार चौथे सेशन में हिस्टोग्राम पर हरा बार फीका पड़ गया। इन सभी बातों से मोमेंटम में सुस्ती और तेजड़ियों की ताकत कमजोर होने का संकेत मिल रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57,446) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,575, 57,681 और 57,853

पिवट प्वाइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,232, 57,126 और 56,955

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली टाइमफ्रेम पर बैंक निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी आई है। इंडेक्स ने जुलाई के निचले स्तर से हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट और 50-डे EMA पर सपोर्ट लिया और उन स्तरों से रिकवर होकर दिन के निचले स्तर के पास 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ,लेकिन मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। RSI गिरकर 49.95 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर नजर आया। जबकि MACD में बेयरिश क्रॉसओवर दिखा और पिछले पांच सेशन में पहली बार हिस्टोग्राम लाल हो गया।

ये सभी इंडीकेटर बताते हैं कि नियर टर्म में तेजी की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है और बाजार का रुख़ ‘साइडवेज़’ से ‘बेयरिश’ हो सकता है। हालांकि,अहम सपोर्ट लेवल से हुई रिकवरी यह बताती है कि निचले स्तरों से खरीदारी आ रही है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

11 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार तीसरे सेशन में ₹258 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट बायर बने रहे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय इक्विटी मार्केट में लगभग ₹25 करोड़ का निवेश किया और वे भी खरीदार बने रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX कल 3.18% गिरकर 11.85 पर आ गया और 27 जुलाई से अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। यह बाजार में बुल्स के लिए सपोर्ट और अनिश्चितता कम होने का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 11 अगस्त को पिछले सेशन के 0.99 से बढ़कर 1.00 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक और SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

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Stocks to Watch: इंट्रा-डे में आज कहां बनेगा प्रॉफिट? दो लिस्टिंग और L&T, Manappuram समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 45.50 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 24,561.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 11 अगस्त को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 388.19 प्वाइंट्स यानी 0.49% की गिरावट के साथ 78,154.25 और निफ्टी 112.10 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 24,471.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

टाटा मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), अरविंद, एस्ट्रल, आदित्य इन्फोटेक, EID पैरी इंडिया, EMS, GMR एयरपोर्ट्स, इंडिक्यूब स्पेस, IRCTC, ज्योति लैब्स, नेशनल फर्टिलाइजर्स, पेट्रोनेट एलएनजी, एसकेएफ इंडिया, सन टीवी नेटवर्क, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, VIP इंडस्ट्रीज, वीके टेक वाबाग और यात्रा ऑनलाइन आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के रिजल्ट पेश

Bata India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर बाटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.04% उछलकर ₹63.98 करोड़ और रेवेन्यू 3.9% बढ़कर ₹978.9 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹25 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है।

Manappuram Finance Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर मणप्पुरम फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 4 गुना से अधिक बढ़कर ₹138.4 करोड़ से ₹584.6 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 28.1% बढ़कर ₹1,723.7 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स पर इमपेयरमेंट 60.6% घटकर ₹225.5 करोड़ पर आ गया।

RHI Magnesita India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर आरएचआई मैग्नेसिटा इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 83.2% उछलकर ₹64.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹1,014 करोड़ पर पहुंच गया।

Tribhovandas Bhimji Zaveri Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर त्रिभोवनदास भीमजी जावेरी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 50.8% उछलकर ₹33.92 करोड़ और रेवेन्यू 34.8% बढ़कर ₹840.97 करोड़ पर पहुंच गया।

PI Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर पीआई इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39% घटकर ₹244.2 करोड़ और रेवेन्यू 10.4% फिसलकर ₹1,702.3 करोड़ पर आ गया।

Linde India Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लिंडे इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.4% घटकर ₹104.6 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 21.6% फिसलकर ₹694.4 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने विकास डोकनिया को सीएफओ बनाया है जोकि 15 सितंबर से प्रभावी होगा।

Landmark Cars Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर लैंडमार्क कार्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 110.5% उछलकर ₹14.5 करोड़ और रेवेन्यू 22.7% बढ़कर ₹1,302.4 करोड़ पर पहुंच गया।

JSW Dulux Q1 (Consolidated YoY)

जून तिमाही में सालाना आधार पर जेएसडब्ल्यू ड्यूलक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 12.4% गिरकर ₹79.7 करोड़ और रेवेन्यू 2.8% फिसलकर ₹965 करोड़ पर आ गया।

Stocks To Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Tenneco Clean Air India

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक टेनेको क्लीन एयर इंडिया की प्रमोटर एंटिटी टेनेको मॉरीशस ब्लॉक डील्स के जरिए अपनी 8% हिस्सेदारी बेच सकती है जिसमें 2% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी शामिल है। इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹515 और बेस ऑफर साइज ₹1663 करोड़ है।

Zydus Lifesciences

जाइडस लाइफसाइंसेज की सब्सिडियरी सेंटिनल थेरेप्यूटिक्स और मेरेओ बायोफार्मा ग्रुप पीएलसी ने AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट (Alvelestat) के अमेरिकी कमर्शियलाइजेशन और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग राइट्स के लिए एक ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट किया है। एल्वेलेस्टैट एक न्यूट्रोफिल इलास्टेस इनहिबिटर है, जिसके फेज 3 ट्रायल की तैयारी चल रही है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह फेफड़ों की रेयर और तेजी से बढ़ने वाली जेनेटिक बीमारी के लिए पहला ओरल ट्रीटमेंट होगा। इस ऑप्शन और लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत सेंटिनल को अमेरिका में AATD-LD के लिए एल्वेलेस्टैट को कमर्शियलाइज करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस राइट्स मिलेगा, जबकि मेरेओ के पास बाकी दुनिया में कमर्शियल राइट्स बने रहेंगे।

BEML

बीईएमएल को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) के फ्यूजलेज एयरोस्ट्रक्चर के निर्माण और सप्लाई के लिए ₹184.25 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

HG Infra Engineering

एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग को राजस्थान सरकार से पीएम सेतु के कंपोनेंट-1 के तहत आईटीआई भिवाड़ी क्लस्टर के O&M (ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट) के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिला है। ₹241 करोड़ की अनुमानित लागत में इसकी हिस्सेदारी 17.10% है।

Larsen and Toubro (L&T)

एलएंडटी ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत यह अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस बिजनेस ₹1,400 करोड़ में व्योमा को गोइंग-कंसर्न बेसिस पर स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर करेगी।

KFin Technologies

केफिन टेक ने वित्तीय संस्थानों की बेहतरीन फर्जीवाड़े को गलत तरीके से सही मान लेना या सही सिग्नेचर को भी गलत तरीके से रिजेक्ट करने जैसी ऑपरेशनल खामियों को दूर करने के लिए एक एजेंटिक एआई सॉल्यूशन Klarity लॉन्च किया है।

Diamond Power Infrastructure

डायमंड पावर इंफ्रा को को राजेश पावर सर्विसेज से कुल ₹195.48 करोड़ के दो ऑर्डर मिले हैं। इसके तहत कंपनी को गुजरात में SDMF (स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड) स्कीम और सिस्टम इंप्रूवमेंट (अर्बन अंडरग्राउंड) प्रोग्राम के तहत PGVCL (पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड) के प्रोजेक्ट्स के लिए 11 kV मीडियम वोल्टेज (MV) अंडरग्राउंड पावर केबल की सप्लाई करना है। इस पर कंपनी को 12 महीनों में काम पूरा करना है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Metropolis Healthcare

प्रमोटर एंटिटी डुरू शाह फैमिली ट्रस्ट और मेट्ज एडवाइजरी ने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर के 10.5-10.5 लाख शेयर कुल ₹118.44 करोड़ में ₹564 के भाव पर बेचे। ये शेयर कुल मिलाकर कंपनी में 1.01% हिस्सेदारी के बराबर थे। इनमें से आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड ने ₹59.16 करोड़ में 10.49 लाख शेयर, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर ने कुल ₹59.26 करोड़ में 5.25-5.25 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्लेक्सी कैप फंड के पास मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में पहले से ही 1.95% हिस्सेदारी थी।

Univastu India

टौरस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹130 के भाव पर ₹4.9 करोड़ में यूनिवास्तु इंडिया के 3.77 लाख शेयर (0.99% हिस्सेदारी) खरीदी।

Rolex Rings

जर्मन इन्वेस्टमेंट फर्म बायर्नइन्वेस्ट ने ईआरआई बायर्नइन्वेस्ट फोंड्स एक्टियन एशियन की तरफ से ₹15.33 करोड़ में हर शेयर ₹170.59 के भाव पर ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी रोलेक्स रिंग्स के 8.98 लाख शेयर खरीदे।

RPP Infra Projects

चेन्नई की कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी दीवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के 8.48 लाख शेयर (1.71% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में ₹58.90 के भाव पर हासिल किए। वहीं प्रमोटर अरुल सुंदरम नित्या ने ₹58.74 के भाव पर 5.13 लाख शेयर ₹3.01 करोड़ में तो पी अरुल सुंदरम ने ₹59.21 के भाव पर 3.59 लाख शेयर ₹2.13 करोड़ में बेचे। प्रमोटर्स ने कुल मिलाकर 1.76% होल्डिंग के बराबर शेयर बेचे।

लिस्टिंग

एर्डी इंडस्ट्रीज के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो जीवी इलेक्ट्रिकल्स की आज बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

CAMS, KPIT टेक्नोलॉजीज, NHPC, ASM टेक्नोलॉजीज, धुनसेरी टी एंड इंडस्ट्रीज, गैब्रिएल इंडिया, गुजरात कंटेनर्स, एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल एंड प्रूडेंशियल इन्वेस्टमेंट कंपनी, KCP, नीलमलाई एग्रो इंडस्ट्रीज, संडूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स, नर्मदा जिलेटिन्स, यूनिपार्ट्स इंडिया, वैभव ग्लोबल और वोइथ पेपर फैब्रिक्स इंडिया के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो नेशनल हाईवेज इंफ्रा ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एसएआईएल और बंधन बैंक में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : निफ्टी कल लगातार चौथे सेशन में एक दायरे में ट्रेड करता रहा। 10 अगस्त को यह 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर कंसोलिडेशन फेज के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं। जब तक कि इंडेक्स पिछले बुधवार के 24,500-24,700 के दायरे को किसी भी तरफ मजबूती से तोड़ नहीं देगा, बाजार इसी दायरे में ही रहेगा।

इस रेंज से ऊपर जाने पर निफ्टी 24,800-25,000 तक जा सकता है,जबकि इससे नीचे गिरने पर 24,400-24,300 के लेवल देखने को मिल सकते हैं। बाजार की नजर मिडिल ईस्ट में हो रही हलचल और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर भी रहनी चाहिए।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450–24,400 के जेन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट एरिया 24,300–24,250 के आसपास दिख रहा है। जब तक निफ्टी अपने इमीडिएट सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा। हालांकि ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,650–24,700 का जोन इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। उसके बाद 24,800–25,000 पर अगला रेजिस्टेंस होगा। 24,700 के ऊपर टिके रहने से मोमेंटम और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर,24400 के नीचे जाने से शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और बड़े सपोर्ट जोन पर दबाव बन सकता है।

निफ्टी बैंक आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक ही दायरे में बना हुआ है। यह 621 अंकों के छोटे दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है और कई ऐसी कैंडलस्टिक बना रहा है जिनसे किसी साफ दिशा का पता नहीं चलता। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भी यह इसी दायरे में ट्रेड करता रहेगा।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह 58,100 के ऊपर निकलता है,तो तेजी का दौर फिर से शुरू होने का संकेत मिलेगा और शॉर्ट टर्म में 58,600 और उसके बाद 59,200 तक की नई रैली की गुंजाइश बन सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि 50-डे EMA अभी 57,100-57,000 के आस-पास है और इससे मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक जारी कंसोलिडेशन के बावजूद तेजी का बड़ा ट्रेंड बरकरार रहने की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,530, 24,504 और 24,462

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,614, 24,640 और 24,682

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है,जो तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता को दिखाता है। असल में,इंडेक्स ने पिछले चार सेशन में 24,500-24,700 के दायरे में अनिश्चितता दिखाने वाली कैंडल बनाई हैं, लेकिन इस प्राइस एक्शन का असर सीमित है क्योंकि यह एक रेंज-बाउंड मूवमेंट में हुआ है। मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मज़बूत बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है। साथ ही हाल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के भी ऊपर बना हुआ है। वहीं,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि नियर टर्म में किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है।

बैंक निफ्टी (57,687) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,930, 58,045 और 58,232

पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,557, 57,442 और 57,255

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई है। यह उतार-चढ़ाव के बीच मामूली करेक्शन का संकेत है। कुल मिलाकर,इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में पिछले मंगलवार की रेंज के अंदर ही ट्रेड कर रहा है। इसलिए,इस पैटर्न का असर सीमित है। कीमतों में उतार-चढ़ाव न होने के बावजूद,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि नियर टर्म में एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 0.72% की बढ़त हुई और यह 12.24 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। जब तक यह 14-15 के दायरे से नीचे बना रहता है,तब तक बाजार में बड़ी अनिश्चितता की संभावना कम है और तेजड़ियों के लिए राहत रहेगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : निफ्टी में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद, 24700–24800 की दीवार पार होने पर आएगी तेजी

Trade setup for today : 5 अगस्त को कंसोलिडेशन के बीच बाजार सीमित दायरे में ट्रेडिंग करता दिखा। ट्रेंडिंग सेशन के अंत में निफ्टी मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। यह क्लोजिंग बेसिस पर 24600 के लेवल को बचाए रखने में कामयाब रहा। कच्चे तेल में स्थिरता और वोलैटिलटी इंडेक्स इंडिया VIX में आई कमी की मदद से कंसोलिडेशन के बावजूद टेक्निकल इंडिकेटर्स ने बाजार को सपोर्ट किया। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,700–24,800 के रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक इसमें एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,500–24,400 के जोन में तत्काल सपोर्ट दिख रहा। अगर यह इस सपोर्ट के नीचे टूटता है,तो बाजार पर मंदड़िए हावी हो सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,700–24,800 की दीवार को पार कर जाता है तो फिर ऊपर की तरफ 25,000 के स्तर की ओर जाने का रास्ता साफ हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,531, 24,489 और 24,420

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,669, 24,711 और 24,780

निफ्टी कल पिछले दिन की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और डेली टाइमफ्रेम पर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ लंबी शैडो थी। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच निचले लेवल पर खरीदारी आ रही है। लगातार कंसोलिडेशन के बावजूद मार्केट का स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है और 10 , 20 और 50 डे EMA ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।

हाल की तेज बढ़त के बाद भी निफ्टी 23.6 प्रतिशत के फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। RSI 61.96 पर पॉजिटिव क्रॉसओवर में रहा,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों से ऊपर अपनी ऊपर की ओर बढ़ने की चाल बनाए हुए था। MACD हिस्टोग्राम ने भी लगातार चौथे सेशन में अपनी हरी बार्स को बढ़ाया,जो लगातार बने पॉजिटिव मोमेंटम का संकेत है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

बैंक निफ्टी

पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,891, 58,003 और 58,185

पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,528, 57,416 और 57,234

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी भी मंगलवार की रेंज में ही ट्रेड करता रहा और एक छोटी बॉडी वाली’बेयरिश कैंडल’बनाई। इसमें ऊपर की तरफ छोटी विक (wick) और नीचे की तरफ काफी लंबी विक थी। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई साफ फैसला नहीं हो पा रहा था,हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी आती दिखी। इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा,जिससे संकेत मिलता है कि शॉर्ट-टर्म मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। यह लगातार तीसरे सेशन में भी हाल की तेज बढ़त के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बना रहा। RSI 53.62 पर ज्यादातर एक ही दायरे में रहा,लेकिन अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा। MACD में मामूली बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम लगभग एक महीने में पहली बार हरे रंग का हो गया। कुल मिलाकर,ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि लगातार कंसोलिडेशन के बावजूद बैंक निफ्टी में पॉजिटिव रुख बना हुआ है। निचले स्तरों पर खरीदारी आ रही है और बेहतर होता मोमेंटम इसके तेजी के ट्रेंड को सपोर्ट कर रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5 अगस्त को लगातार छह सत्रों से जारी अपनी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे (नेट सेलर बन गए)। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बॉयर रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 1.07% की गिरावट आई और यह 12.06 पर आ गया। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो तेजड़ियों के लिए लगातार सपोर्ट बने रहने का संकेत है। जब तक यह 14–15 की रेंज से नीचे रहता है,तब तक तेजड़ियों के लिए किसी बड़े जोखिम का सामना करने की संभावना कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 5 अगस्त को पिछले सेशन के 0.99 से घटकर 0.91 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; दो लिस्टिंग और PB Fintech-Biocon समेत इन स्टॉक्स पर रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 52.00 प्वाइंट्स यानी 0.21% की बढ़त के साथ 24,686.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 05 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 152.05 प्वाइंट्स यानी 0.19% की मजबूती के साथ 78,581.00 और निफ्टी 9.75 प्वाइंट्स यानी 0.04% की हल्की बढ़त के साथ 24,624.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

हीरो मोटोकॉर्प, एलआईसी, ल्यूपिन, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, अपोलो टायर्स, ब्लू स्टार, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज, ईआईएच, एमक्योर फार्मा, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, मुथूट माइक्रोफिन, एनसीसी, प्रीमियर एनर्जीज, साई लाइफ साइंसेज, ट्रेंट, विजया डायग्नोस्टिक सेंटर और विक्रम सोलर आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के नतीजे पेश

Aurobindo Pharma Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर अरबिंदो फार्मा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.2% बढ़कर ₹1,032.6 करोड़ और रेवेन्यू 16.3% उछलकर ₹9,150.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cummins India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कमिंस इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 0.9% बढ़कर ₹609.3 करोड़ और रेवेन्यू 17.9% उछलकर ₹3,426 करोड़ पर पहुंच गया।

PB Fintech Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीबी फिनटेक का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 92.6% बढ़कर ₹162.9 करोड़ और रेवेन्यू 40.1% उछलकर ₹1,888.3 करोड़ पर पहुंच गया।

Biocon Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बायोकॉन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 349.4% बढ़कर ₹141.1 करोड़ और रेवेन्यू 10% उछलकर ₹4,336 करोड़ पर पहुंच गया।

Godrej Agrovet Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर गोदरेज एग्रोवेट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 13.8% गिरकर ₹128.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 9.2% उछलकर ₹2,855.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Aster DM Quality Care Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एस्टर डीएम क्वालिटी केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 81.2% घटकर ₹16.06 करोड़ रह गया लेकिन रेवेन्यू 21.6% उछलकर ₹1,310.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का एक्सपेश्नल लॉस ₹4.4 करोड़ से ₹114.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Navin Fluorine International Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 107.7% बढ़कर ₹243.3 करोड़ और रेवेन्यू 44.1% उछलकर ₹1,045.1 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोहेंस लाइफसाइंसेज ₹48.9 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट से ₹24.12 करोड़ के घाटे में आ गई तो रेवेन्यू भी 23.1% घटकर ₹422.3 करोड़ रह गया।

GMM Pfaudler Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीएमएम फॉडलर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 114.3% बढ़कर ₹23.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.4% उछलकर ₹924.8 करोड़ पर पहुंच गया।

JK Lakshmi Cement Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेके लक्ष्मी सीमेंट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 28.1% बढ़कर ₹108 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,904.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Neuland Laboratories Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नियूलैंड लैब का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 10 गुना बढ़कर ₹13.9 करोड़ से ₹147.7 करोड़ और रेवेन्यू 119.2% उछलकर ₹641.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Meenakshi India Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मीनाक्षी इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 15.4% बढ़कर ₹321.6 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन रेवेन्यू 4.2% फिसलकर ₹1,835 करोड़ पर आ गया।

SIS Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एसआईएस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.4% बढ़कर ₹101.7 करोड़ और रेवेन्यू 29.7% उछलकर ₹4,603.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Automotive Axles Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ऑटोमोटिव एक्सल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.6% बढ़कर ₹45.6 करोड़ और रेवेन्यू 5.6% उछलकर ₹516.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 जुलाई से 5 अगस्त, 2026 के बीच हैदराबाद के पशामिलाराम में कोहेंस लाइफसाइंसेज की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कंपनी को पांच ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 मिला।

RMC Switchgears

आरएमसी स्विचगियर्स को कुल ₹344.10 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ऑर्डर पश्चिम गुजरात विज कंपनी (PGVCL) से मिले 12 LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) हैं, जिनकी वैल्यू ₹333.80 करोड़ है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Meenakshi India

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट की एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड-सीरीज 3 ने ₹4.56 करोड़ में मीनाक्षी इंडिया के 1.15 लाख शेयर (1.02% हिस्सेदारी) ₹396.65 के भाव पर खरीदे।

Sapphire Foods India

रैम्स इक्विटीज पोर्टफोलियो फंड ने हर शेयर ₹200.6 के भाव पर सफायर फूड्स के 17.7 लाख शेयर (0.55% हिस्सेदारी) ₹35.41 करोड़ में खरीदे। वहीं पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ V एलएलपी ने ₹33.16 करोड़ के 16.57 लाख शेयर ₹200.10 के भाव पर तो पायनियर इन्वेस्टमेंट फंड स्कीम II ने ₹34 करोड़ के 17 लाख शेयर ₹200 के भाव पर बेचे। प्रेमजी इन्वेस्ट की इन दोनों एंटिटीज ने मिलकर कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी बेची।

Apollo Pipes

प्रमोटर ध्रुव गुप्ता ने हर शेयर ₹536.20 के भाव पह ₹12.6 करोड़ में अपोलो पाइप्स के 2.35 लाख अतिरिक्त शेयर (0.53% हिस्सेदारी) खरीदे।

Prataap Snacks

ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने हर शेयर ₹1,169.99 के भाव पर प्रताप स्नैक्स के 2.17 लाख शेयर (0.91% हिस्सेदारी) ₹ 25.45 करोड़ में खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स में अपनी बाकी बची 2% हिस्सेदारी (4.8 लाख शेयर) ₹1.57 करोड़ में हर शेयर पर ₹32.80 के भाव पर बेच दिए। इससे पिछले सेशन में फंड ने 3.75% हिस्सेदारी बेची थी। ये शेयर रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने खरीदे, जिन्होंने ₹1.55 करोड़ की डील में 4.74 लाख शेयर खरीदे।

Silky Overseas, Invicta Diagnostic

पाइन ओक ग्लोबल फंड ने सिल्की ओवरसीज में अपनी पूरी 2.61% हिस्सेदारी (1.66 लाख शेयर) ₹1.2 करोड़ में ₹72.26 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर बर्चवुड मल्टी स्ट्रेटेजी फंड ओपन एंडेड पीसीसी लिमिटेड-बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने खरीदे।

इसके अलावा बर्चवुड ग्लोबल अल्फा फंड ने पाइन ओक ग्लोबल फंड से इनविक्टा डायग्नोस्टिक में 1.54% हिस्सेदारी (1.93 लाख शेयर) ₹1.42 करोड़ में ₹73.79 के भाव पर हासिल की।

IndiGrid Infrastructure Trust

सिंगापुर सरकार ने इंडिग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट में अपनी 2.93% हिस्सेदारी ₹486.14 करोड़ में प्रति यूनिट ₹174 के भाव में बेच दी। जून 2026 तिमाही तक सिंगापुर सरकार के पास इंडिग्रिड में 7.36% हिस्सेदारी थी और वह ट्रस्ट की सबसे बड़ी यूनिट-होल्डर थी। सिंगापुर सरकार से ये यूनिट्स नियो ग्रुप, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप, अस्क्वा इनकम अपॉर्चुनिटीज AIF, IEX, अल्फा अल्टरनेटिव्स एमएसएआई, केआरबीएल, भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस जैसे घरेलू इंस्टीट्यूशंस और एसेट मैनेजर्स ने खरीदे।

लिस्टिंग

आज जुनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो वनइंडिग टेक और धवल पैकेजिंग के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

एक्स-डिविडेंड

आज बेमको हाइड्रोलिक्स, भारत गियर्स, ब्लैक रोज इंडस्ट्रीज, हरक्यूलिस इन्वेस्टमेंट्स, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज, इन्वेस्टमेंट एंड प्रिसिजन कास्टिंग्स, लिंडे इंडिया, लुमैक्स इंडस्ट्रीज, लुमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, माइंडटेक (इंडिया), प्राज इंडस्ट्रीज, राणे होल्डिंग्स, और टेस्टी बाइट ईटेबल्स के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो जेनेसिस इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन के राइट्स और नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Paytm, Airtel, Nykaa और ONGC समेत इन स्टॉक्स पर फोकस; RBI के ऐलान का मार्केट पर असर!

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 150.50 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 24,728.50 पर है। चूंकि आज आरबीआई मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 04 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 210.08 प्वाइंट्स यानी 0.27% की गिरावट के साथ 78,428.95 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.40 प्वाइंट्स यानी 0.64% की फिसलन के साथ 24,614.90 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

पावर ग्रिड, पीबी फिनटेक, ऑरोबिंदो फार्मा, बर्जर पेंट्स इंडिया, बायोकॉन, कमिंस इंडिया, ईक्लर्क्स सर्विसेज, ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स, जीई वर्नोवा टीएंडी इंडिया, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, जेके लक्ष्मी सीमेंट, श्री रेणुका शुगर्स, एसआईएस और व्हर्लपूल ऑफ इंडिया आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी

इन कंपनियों के रिजल्ट जारी

Bharti Airtel Q1 (Consolidated (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एयरटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 37.3% बढ़कर ₹8,167.4 करोड़ और रेवेन्यू 18.4% उछलकर ₹58,539.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 19.3% बढ़कर ₹33,599 करोड़ और मार्जिन 50 बीपीएस चढ़कर 57.4% पर पहुंच गया। इस दौरान प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू ₹250 से ₹264 पर पहुंच गया।

ONGC Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओएनजीसी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 112.3% बढ़कर ₹17,034 करोड़ और रेवेन्यू 45.2% उछलकर ₹46,460 करोड़ पर पहुंच गया। क्रूड ऑयल प्राइस-नॉमिनेटेड का नेट रियलाइजेशन 50.4% बढ़कर प्रति बैरल $99.45 पर पहुंच गया।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नायका का कंसालिडेटेड प्रॉफिट तीन गुना बढ़कर ₹24.5 करोड़ से ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 29.1% उछलकर ₹2,782 करोड़ पर पहुंच गया। नायका ने ₹32 करोड़ में एमिनु वेलनेस में 51% हिस्सेदारी हासिल की।

Bharti Hexacom Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर भारती हेग्जाकाम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.2% बढ़कर ₹482 करोड़ और रेवेन्यू 10.9% उछलकर ₹2,510 करोड़ पर पहुंच गया।

Marico Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मैरिको का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.1% बढ़कर ₹652 करोड़ और रेवेन्यू 22.9% उछलकर ₹3,957 करोड़ पर पहुंच गया।

Kalyan Jewellers India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कल्याण ज्वैलर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32% बढ़कर ₹348.7 करोड़ और रेवेन्यू 45.7% उछलकर ₹10,588.9 करोड़ पर पहुंच गया।

United Breweries Q1 (Consolidated)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर यूनाइटेड ब्रूअरीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.6% गिरकर ₹166.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.1% उछलकर ₹3,067 करोड़ पर पहुंच गया।

NHPC Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएचपीसी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.9% बढ़कर ₹1,095.9 करोड़ और रेवेन्यू 18.5% उछलकर ₹3,808.3 करोड़ पर पहुंच गया।

MCX Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एमसीएक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.5% बढ़कर ₹413.4 करोड़ और रेवेन्यू 88.1% उछलकर ₹702 करोड़ पर पहुंच गया।

Sheela Foam Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर शीला का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9 गुना बढ़कर ₹6.5 करोड़ से ₹61.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.6% उछलकर ₹1,031.9 करोड़ पर पहुंच गया।

BSE Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बीएसई का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 62% बढ़कर ₹874 करोड़ और रेवेन्यू 63.5% उछलकर ₹1,566 करोड़ पर पहुंच गया। इसने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन होल्डिंग आईएफएससी में हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% कर ली है।

Metropolis Healthcare Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.7% बढ़कर ₹56.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.6% उछलकर ₹450.2 करोड़ पर पहुंच गया।

PNB Housing Finance Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 7.5% उछलकर ₹788.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Deepak Nitrite Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर दीपक नाइट्राइट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3 गुना बढ़कर ₹112.3 करोड़ से ₹345 करोड़ और रेवेन्यू 36.4% उछलकर ₹2,577.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Sanofi India Q2CY26 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सनोफी इंडिया का प्रॉफिट 20.1% बढ़कर ₹83.5 करोड़ और रेवेन्यू 7.7% उछलकर ₹437.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इस पर भी रहेगी नजर

LIC

सरकार ने 5 अगस्त को ऑफर फॉर सेल के जरिए एलआईसी में 4% हिस्सेदारी वाले 50.59 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 2.5% वाले 31.62 करोड़ इक्विटी शेयरों के बेस इश्यू साइज के अलावा है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

One 97 Communications (Paytm)

एलीवेशन कैपिटल V ने पेटीएम के 10.20 लाख शेयर ₹139.55 करोड़ में बेचे, तो एसएआईएफ III मॉरीशस कंपनी ने 97.43 लाख शेयर ₹1,332.7 करोड़ में और एसएआईएफ पार्टनर्स इंडिया IV ने भी 41.36 लाख शेयर ₹565.77 करोड़ में बेचे। कुल मिलाकर इन तीनों कंपनियों ने पेटीएम के 1.49 करोड़ शेयर ₹2,038.02 करोड़ में बेचे। ये शेयर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, एक्सिस म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, सोसिएट जेनरल, बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, सुंदरम म्यूचुअल फंड, मैनुलाइफ ग्लोबल फंड, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे दिग्गजों ने खरीदे।

Meesho

सोसिएट जेनरल, एक्सिस म्यूचुअल फंड, फिडेलिटी, गोल्डमैन सैक्स, यूटीआई म्यूचुअल फंड, प्रूडेंशियल हांगकांग, मॉर्गन स्टेनली, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एचएसबीसी म्यूचुअल फंड, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, अशोका इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, डेंडाना इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स समेत 27 निवेशकों ने एलीवेशन कैपिटल और पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स से मीशो की 2.27% होल्डिंग के बराबर शेयर ₹1949 करोड़ में ₹186 के भाव पर खरीदे।

Poonawalla Fincorp

पीएफएल एम्प्लॉई वेलफेयर ट्रस्ट ने पूनावाला फिनकॉर्प के 47.08 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹222.96 करोड़ में बेच दिए। प्रति शेयर ₹473.5 के भाव पर इन्हें सुंदरम म्यूचुअल फंड, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, हेलियोस म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर जैसे निवेशकों ने खरीदा।

Sudeep Pharma

गोल्डमैन सैक्स फंड्स-गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने नुवामा से सुदीप फार्मा के सुदीप फार्मा के 11.76 लाख शेयर (1.04% हिस्सेदारी) ₹100 करोड़ में खरीदे। नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III ने 6.14 लाख शेयर और सीरीज IIIA ने फार्मा कंपनी के 5.62 लाख शेयर ₹850 के भाव पर बेचे हैं। जून 2026 तक कंपनी में नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III की 2.95% और सीरीज IIIA की 2.57% हिस्सेदारी थी।

Zota Health Care

लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने वैलिएंट इंडिया अपॉर्चुनिटीज से जोटा हेल्थ केयर के 2.19 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) ₹27.18 करोड़ में ₹1,241 के भाव पर खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स के 8.97 लाख शेयर (3.75% हिस्सेदारी) ₹2.95 करोड़ में ₹32.94 के भाव पर ₹2.96 करोड़ में बेचे। मार्च 2026 तक फंड के पास कंपनी में 5.76% हिस्सेदारी के बराबर 13.77 लाख शेयर थे। इसमें से राघव नरेंद्र राठी ने ₹33 के भाव पर 2.97 लाख शेयर, रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने ₹32.90 के भाव पर 3.03 लाख शेयर और माधव नरेंद्र राठी ने ₹32.94 के भाव पर 3 लाख शेयर खरीदे।

Aimtron Electronics

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट के एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड सीरीज 3 ने प्रति शेयर ₹1,480 के भाव पर एमट्रॉन इलेक्ट्रॉनिक्स के 2.06 लाख शेयर ₹30.48 करोड़ में खरीदे। वहीं प्रमोटर मुकेश जेराम वसानी ने प्रति शेयर ₹1,480.09 के भाव पर कंपनी के 2.1 लाख शेयर ₹31.08 करोड़ में बेचे हैं।

Apollo Pipes

प्रमोटर एस गुप्ता होल्डिंग ने प्रति शेयर ₹522.16 के भाव पर अपोलो पाइप्स के 2.25 लाख शेयर और ₹522.34 के भाव पर ₹2.25 लाख शेयर खरीदे। इस प्रकार प्रमोटर ने ₹23.5 करोड़ में कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी हासिल की।

लिस्टिंग

आज मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

हुंडई मोटर इंडिया, एडीएफ फूड्स, अजंता फार्मा, अनुह फार्मा, ऑटोमोटिव एक्सल्स, इंडेफ मैन्युफैक्चरिंग, बेयर क्रॉपसाइंस, बर्जर पेंट्स इंडिया, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, डिसा इंडिया, फर्मेंटा बायोटेक, गांधी स्पेशल ट्यूब्स, गुडइयर इंडिया, इंडैग रबर, आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स, मैट्रिमोनीडॉटकॉम, मुकेश बाबू फाइनेंशियल सर्विसेज, मुंजाल शोवा, ओरिएंटल एरोमैटिक्स, श्रेयांस इंडस्ट्रीज, सिका इंटरप्लांट सिस्टम्स, सोमानी सिरेमिक्स, टीडी पावर सिस्टम्स, अपडेटर सर्विसेज, और वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। वहीं एसएबी इवेंट्स एंड गवर्नेंस नाउ मीडिया के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : हालिया रैली के बाद अब निफ्टी में हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन, 24774 के ऊपर जाने पर ही बढ़ेगी तेजी

Trade setup for today : कल 3 अगस्त को निफ्टी में 1.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जिससे नए हफ्ते की शुरुआत मज़बूती के साथ। लगातार चौथे सेशन में बाजार में तेजी आगे बढ़ती नजर आई। निफ्टी ने 24,600 पर स्थित अप्रैल के स्विंग हाई को पार कर लिया और 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखे। तेल की गिरती कीमतों और इंडिया VIX में नरमी ने भी इस तेजी में अच्छा रोल निभाया। हालिया तेजी के बाद अब निफ्टी में कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है। निफ्टी के लिए 24,600-24,500 के जोन में तत्काल सपोर्ट है। हालांकि,आगे 24,774 के लेवल से ऊपर की टिकाऊ तेजी नफ्टी के लिए 24,850 का दरवाज़ा खोल सकती है,जिसके बाद 25,000-25,150 के जोन में अगला रेजिस्टेंस होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,589, 24,528, और 24,429

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,787, 24,848 और 24,947

निफ्टी ने कल डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से काफी ऊपर बंद हुआ। यह एक मजबूत बुलिश ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स आसानी से अप्रैल और जुलाई के पिछले स्विंग हाई को जोड़ने वाली डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी ऊपर चला गया,जिससे आगे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। निफ्टी अपने सभी अहम एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज का ट्रेंड भी ऊपर की ओर बना रहा। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 66.87 पर पहुंच गया, जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जिसमें फैलते हुए हरे हिस्टोग्राम बार मज़बूत बुलिश मोमेंटम का संकेत देते नजर आए।

बैंक निफ्टी

पिवट प्वांइट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,286, 58,471 और 58,769

पिवट प्वांइट के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,504 और 57,205

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 1.72 फीसदी चढ़ा और गैप-अप ओपनिंग के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाया। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इससे पता चलता है कि बुल्स मजबूत हो रहे हैं,हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में अभी और मजबूती दिखनी बाकी है। पिछले पांच सेशन में कंसोलिडेट होने के बाद इंडेक्स मई के लो से जून के हाई तक की रैली के 23.6 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से भी ऊपर चला गया। RSI पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ 58.63 पर पहुंच गया,जबकि MACD बुलिश क्रॉसओवर की कगार पर है,जिसमें फीके पड़ते लाल हिस्टोग्राम बार कमजोर होते बेयरिश मोमेंटम को दिखा रहे हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX सोमवार को 1.45 फीसदी बढ़कर 11.925 पर पहुंचने के बावजूद निचले जोन में ही रहा। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से भी काफी नीचे रहा। यह तेजड़ियों के लिए अच्छा संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 अगस्त को पिछले सेशन के 1.39 से बढ़कर 1.4 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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