Gold Siler Prices Today: धनतेरस से पहले सोने ने दिया झटका, दिल्ली में 2,200 रुपये चढ़ी कीमत

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सोने में तेजी आई। 5 नवंबर को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 2,200 रुपये चढ़कर 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 6 नवंबर यानी शुक्रवार को धनेतरस है। धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ट्रेडर्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत और ज्वेलर्स की अच्छी मांग से गुरुवार को सोने में तेजी आई।

चांदी में 1500 रुपये का उछाल

चांदी में भी लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। यह 1,500 रुपये चढ़कर 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। ट्रेडर्स का कहना है कि त्योहारों से पहले सोने और चांदी की खरीदारी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। शुक्रवार को धनतेरस है। रविवार को दिवाली है। इन दोनों ही मौकों पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है।

पिछले साल धनतेरस पर सोने का भाव 

पिछले साल धनतेरस के दिन सोने का भाव 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था। तब चांदी 1.7 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी। हालांकि, इससे एक साल पहले यानी 2024 के धनतेरस पर सोना खरीदने वाले लोगों को 2025 में धनतेरस पर शानदार रिटर्न मिला था। इस साल जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें गिरावट आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज भी सोने और चांदी में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड करीब 2 फीसदी यानी 65 डॉलर चढ़कर 4,125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट फीसदी चढ़कर 52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। 4 नवंबर को भी दोनों में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। इसकी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी है। क्रूड में 4 नवंबर को तेज गिरावट आई थी। आज भी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है।

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क्रूड में नरमी से महंगाई पर घटेगा दबाव

क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए केंद्रीय बैंकों को इंटरेस्ट रेट बढ़ाना पड़ता है। इसका खराब असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है। क्रूड में नरमी से महंगाई बढ़ने की आशंका घटी है, जिससे सोने को सपोर्ट मिला है।

Gold Silver prices Today: दिल्ली में आज सोने-चांदी को लगे पंख, चांदी ₹9000 चढ़ी, सोना ₹4800 उछला

दिल्ली सर्राफा बाजार में आज यानी 4 नवंबर को सोने और चांदी को पंख लग गए। सोना 4,800 रुपये चढ़कर 1,46,600 रुपये पर पहुंच गया। चांदी में तो 9000 रुपये की तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी का असर इनकी घरेलू कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई।

चांदी की कीमतें 1.93 लाख पर पहुंचीं

दिल्ली में चांदी 9,000 रुपये चढ़कर 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी में आई तेजी में मजबूत त्योहारी मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में तेजी का हाथ रहा। लंबे समय बाद सोने और चांदी में एक दिन में ऐसी तेजी दिखी है।

बुलियन मार्केट में सेटीमेंट मजबूत

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के हेड ऑफ रिसर्च राजीव शरण ने कहा कि सोना अक्तूबर के अपने हाई लेवल से करीब 8 फीसदी टूट गया था। आज की तेजी से सेंटीमेंट को मजबूती मिली है। पिछले साल के धनतेरस से इस साल धनतेरस पर गोल्ड के रिटर्न को देखा जाए तो यह सिर्फ 5-7 फीसदी रहा है। लेकिन, 2024 के धनतेरस से 2025 के बीच सोने का रिटर्न करीब 65 फीसदी था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 4.5 फीसदी उछली

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में जोरदार तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 3 फीसदी यानी 113.72 डॉलर चढ़कर 4,043 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट भी 4.5 फीसदी के उछाल के साथ 52 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। गोल्ड ने कई सत्रों के बाद 4,000 डॉलर का लेवल पार किया है, जबकि चांदी ने 50 डॉलर का लेवल पार किया है।

बुलियन को डॉलर में कमजोरी से मिला सपोर्ट

सोने की कीमतों पर अमेरिकी में मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का भी असर पड़ा। चुनावी नतीजों से डॉलर में कमजोरी आई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला। मिरै एसेट शेयरखान के एनालिस्ट प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत में आ जाने से डेटा सेंटर्स में निवेश पर असर पड़ेगा।

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क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट 

क्रूड ऑयल की कीमतों में 4 नवंबर को बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले हफ्ते यह 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दोनों में 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसका पॉजिटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। क्रूड में नरमी से इनफ्लेशन पर दबाव घटेगा। इससे दिसंबर में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना में कमी आ सकती है। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

दिवाली से पहले चांदी में रिकॉर्ड गिरावट! ₹3.80 लाख के हाई से टूटकर ₹1.8 लाख पर आया भाव

Silver Price Drop Ahead of Diwali: त्योहारी सीजन और दिवाली से ठीक पहले बुलियन मार्केट से बड़ी खबर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 4.72% की भारी गिरावट के साथ $49.68 प्रति औंस के आसपास आ गई है, जो नवंबर 2025 के बाद से इसका 11 महीने का सबसे निचला स्तर है। वहीं, यूएस सिल्वर फ्यूचर्स भी 4.97% गिरकर $49.77 प्रति औंस पर कारोबार कर रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट की इस गिरावट का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखा, जहां स्पॉट चांदी की कीमतें एक ही दिन में 5.70% (₹11,000 से ज्यादा) टूटकर ₹1,82,442 प्रति किलोग्राम पर आ गईं। एमसीएक्स पर 4 दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 4.52% फिसलकर ₹1,80,885 प्रति किग्रा पर बंद हुई।

पहले जानिए क्यों धड़ाम हुई चांदी?

बोनान्ज़ा पोर्टफोलियो के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के अनुसार, चांदी में आई इस तेज गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण हैं:

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का डर: अमेरिका में उम्मीद से बेहतर आर्थिक विकास और लगातार बनी महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका गहरा गई है।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड की मजबूती: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों से बॉन्ड यील्ड और डॉलर को समर्थन मिला है, जिससे बिना ब्याज देने वाली कीमती धातुओं का आकर्षण कम हुआ है।

औद्योगिक मांग पर चिंता: सोने के मुकाबले चांदी पर औद्योगिक मांग का ज्यादा असर होता है। ऊंची कीमतों पर मांग की स्थिरता को लेकर निवेशकों में चिंता बनी हुई है।

सिल्वर ईटीएफ पर भी पड़ा भारी दबाव

बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से सिल्वर ईटीएफ भी अछूते नहीं रहे और पिछले 6 महीनों में इस कैटेगरी के फंड्स ने नेगेटिव रिटर्न दिया है:

  • Zerodha Silver ETF: -18.84% (सबसे ज्यादा गिरावट)
  • DSP Silver ETF: -18.66%
  • HDFC Silver ETF: -18.59%

$50 का अहम स्तर टूटा: क्या अब और गिरेगी चांदी?

विशेषज्ञों का मानना है कि $50 प्रति औंस का मनोवैज्ञानिक स्तर टूटना निकट भविष्य के सेंटीमेंट के खराब होने का संकेत है।

निरपेंद्र यादव के मुताबिक, ‘कीमतों का $50 के नीचे जाना प्रॉफिट बुकिंग और टेक्निकल सेलिंग को बढ़ावा दे सकता है। अब $50 का लेवल एक बेहद महत्वपूर्ण थ्रेशोल्ड होगा। अगर चांदी इसके नीचे टिकी रहती है, तो आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है। बाजार में स्थिरता के लिए कीमतों का $50 से ऊपर रिकवर होना जरूरी है।’

दिवाली पर ‘बाय द डिप’ करें या नहीं? निवेशकों के लिए सलाह

दिवाली और धनतेरस पर खरीदारी को लेकर बाजार विशेषज्ञों का रुख सतर्कता भरा है। एनालिस्ट्स की सलाह है कि निवेशकों को केवल भाव गिरने की वजह से तुरंत पूरी पूंजी लगाने से बचना चाहिए।

बाजार में खरीदारी का फैसला करने से पहले कीमतों के स्थिर होने और दोबारा लिवाली लौटने के संकेतों का इंतजार करें। आगे चलकर चांदी की चाल अमेरिकी चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता, अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर इंडेक्स (जो फिलहाल 101.66 पर है) और अमेरिकी बेरोजगारी व नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों से तय होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में चांदी 500 रुपये उछली, सोने में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 अक्तूबर को चांदी में उछाल दिखा। लेकिन, सोने की कीमतों कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। ट्रेडर्स का कहना है कि घरेलू बाजार में कमजोर मांग का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 500 रुपये की तेजी

चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में 500 रुपये बढ़कर 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोना बगैर किसी बदलाव के 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। ट्रेडर्स का कहना है कि गोल्ड में स्थिरता की वजह यह है कि अभी ज्वेलर्स और रिटेलर्स हाई प्राइसेज के बीच खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं।

सोने में स्थिरता की वजह 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता रही। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत है, जहां कीमतें सीमित दायरे में रहीं।” उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की वजह से ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का असर सोने की कीमतों पर नहीं दिखा।

विदेश में सोना 4000 डॉलर के करीब

आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,024 डॉलर प्रति औंस के करीब बना हुआ है। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी में रुख में सख्ती के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर में फेड अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

क्रूड में तेजी का असर 

क्रू़ड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। 29 अक्तूबर को ब्रेंट क्रूड मामूली नरमी के साथ 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। फेड यह साफ कर चुका है कि उसका फोकस महंगाई को बढ़ने से रोकने पर है।

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पिछले कई महीनों से बुलियन पर दबाव

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया है। तब से सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है।

Gold Silver Prices: दिल्ली में चांदी गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर, सोने में भी गिरावट

Gold Silver Prices:  दिल्ली सर्राफा बाजार में 27 अक्तूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। चांदी गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे बंद हुई। सोने में 500 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इनकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 4000 रुपये की बड़ी गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 4,000 रुपये गिरकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक यह चांदी का 10 महीनों का सबसे निचला स्तर है। सोमवार को चांदी की कीमतें दिल्ली सर्राफा बाजार में 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 2025 में 16 सितंबर को चांदी का भाव 1,98,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

सोना का भाव 500 रुपये फिसला 

दिल्ली में सोना 500 रुपये गिरकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सोमवार को यह 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बीते कुछ हफ्तों से सोने और चांदी पर लगातार दबाव दिखा है। इसकी बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट एक बार फिर बढ़ने का अनुमान है।

बुलियन पर डॉलर में मजबूती का असर 

एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी एंड करेंसी एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने में कमजोरी रही। शॉर्ट टर्म में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं। कीमत 1.40 से 1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती है।”

अंतरराष्ट्रीय बाजार में देर शाम सोने-चांदी में हल्की तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4100 डॉलर के नीचे आ गया है। हालांकि, भारतीय समय के मुताबिक, 7:36 बजे स्पॉट गोल्ड हल्की तेजी के साथ 4,036 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी शाम तक हल्की तेजी दिखा रहा था। इसका भाव 54 डॉलर प्रति औंस था। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी हाई लेवल पर हैं। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर से ऊपर था।

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इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं कीमतें

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया।

 

Silver price Today: चांदी की कीमतें धड़ाम, जानें आपके अपने शहर का ताजा भाव

Silver price Today: चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है । पिछले दिन की मामूली बढ़त के बाद सिल्वर (XAG/USD) पर बिकवाली का दबाव वापस आ गया है, जिससे मंगलवार के एशियाई सेशन में यह मेटल $53.80 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह नॉन-यील्डिंग एसेट सोमवार के 11 महीने के सबसे निचले स्तर $53.01 के करीब बना हुआ है।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत (सभी टैक्स समेत) 2,02,000 रुपये प्रति किलो पर है। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी 2,20,000 रुपये प्रति किलो पर है।

एनर्जी की ऊंची कीमतें महंगाई के जोखिमों की ओर ध्यान खींच रही हैं और और मॉनेटरी सख्ती की उम्मीदों को बढ़ावा दे रही हैं। फिर भी, फेडरल रिजर्व (फेड) की आने वाली पॉलिसी घोषणा से पहले सस्ता तेल और मोलभाव करने से कुछ सपोर्ट मिल सकता है और सफेद मेटल के नीचे जाने के दबाव को कम किया जा सकता है।

इधर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.67% घटकर यानी 1315 रुपये गिरावट के साथ 1,94,478 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 1,95,793 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 1,94,970 रुपये किलो हो गई।

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 27 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

 शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,20,000
मुंबई₹  2,20,000
कोलकाता₹ 2,20,000
चेन्नई₹ 2,20,000
लखनऊ₹ 2,20,000
पटना₹ 2,20,000
जयपुर₹ 2,20,000
अहमदाबाद₹ 2,20,000
पुणे₹ 2,20,000
बेंगलुरु₹  2,20,000
हैदराबाद₹ 2,20,000
भोपाल₹ 2,20,000
चंडीगढ़₹ 2,20,000
नोएडा₹ 2,20,000
गुरुग्राम₹ 2,20,000

इंटरनेशनल मार्केट में गिरे दाम

इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर 27 अक्टूबर को सोने-चांदी में फिर गिरावट नजर आई। लगातार गिरावट के बाद आज लगभग सुबह 9 बजे Comex पर सोना 0.46% गिरकर (Gold Price on Comex) 4,019.90 डॉलर प्रति औस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 1.37% तक गिरे और ऐसे में कीमत 53.595 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

बोनान्ज़ा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव ने कहा, “निकट भविष्य में चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीमतों में आई भारी गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गई हैं। निवेशकों को बहुत अधिक खरीदारी करने से बचना चाहिए और निवेश बढ़ाने से पहले कीमतों के स्थिर होने के संकेतों का इंतजार करना चाहिए। मध्यम अवधि में, बाजार की स्थिति अमेरिकी मौद्रिक नीति, डॉलर की चाल, वैश्विक विनिर्माण गतिविधियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगी। बॉन्ड यील्ड में गिरावट और निवेश की मांग में फिर से तेजी आने से बाजार में सुधार आ सकता है, हालांकि कमजोर आर्थिक गतिविधियां इस बढ़त को सीमित कर सकती हैं।”

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price: चांदी के दाम में अभी और आएगी गिरावट? जानें एक्सपर्ट ने क्या कहा

दिवाली के करीब आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं सोने और चांदी के दामों में आई गिरावट और कीमतों में स्थिरता के चलते लोग खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कीमतें कम होने से दिवाली के दौरान ग्राहक खरीदारी के लिए ज्वेलरी स्टोर पहुंचने लगे हैं। ऐसे में आने वाले शादी और त्योहारों के सीजन में चांदी की मांग बढ़ सकती है। वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक चांदी की कीमतों में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल में

अनमोल सिल्वर ने क्या कहा

CNBC से बात करते हुए अनमोल सिल्वर के सीईओ किशोर रूनवाल का कहा कि, चांदी की कीमतों में आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस साल अपने सबसे ऊंचे स्तर से चांदी के दाम करीब 25 फीसदी नीचे आ चुके हैं। चांदी की कीमतों में गिरावट अभी जारी रह सकती है। इसकी वजह अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और दुनिया में बढ़ता तनाव है, जिसका असर निवेशकों पर पड़ रहा है। वहीं चांदी सस्ती होने से खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले कम कीमतों के कारण बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

और गिर सकता है चांदी के दाम

रूनवाल के मुताबिक, ‘चांदी की कीमतें अभी अपने सबसे निचले स्तर पर नहीं पहुंची हैं। अगर आने वाले समय में दाम कम बने रहते हैं, तो चांदी खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे बाजार में चांदी की मांग बढ़ सकती है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘चांदी की कीमतों में जिस तरह से गिरावट आ रही है, वह चिंता बढ़ाने वाली है। उनके मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि चांदी के दाम सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अगर कीमतों में गिरावट का मौजूदा सिलसिला जारी रहता है, तो घरेलू बाजार में चांदी का भाव 1.80 लाख से 1.85 लाख रुपये तक आ सकता है। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इसकी कीमत गिरकर 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये तक पहुंचने की आशंका है।’

बढ़ सकती है खरीदारी की संख्या

चांदी की कीमतों में गिरावट के बावजूद दिवाली के दौरान ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। किशोर रूनवाल के मुताबिक, ‘दाम कम होने से लोग फिर से ज्वेलरी की दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि, कम कीमतों के कारण दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। अगर चांदी के भाव एक हफ्ते तक नीचे बने रहते हैं, तो बाजार में खरीदारी करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इससे चांदी की मांग को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।’

चांदी ने खो दी अपनी बढ़त

रूनवाल के अनुसार, US फेडरल रिजर्व की बढ़ती इंटरेस्ट रेट, कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने मिलकर कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि, MCX पर चांदी को 1.92 लाख रुपये के आसपास कुछ सहारा मिला है, लेकिन हाल में कीमतों में आई तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। कारोबार के दौरान चांदी ने अपनी बढ़त खो दी। इससे पता चलता है कि बाजार में अभी चांदी की कीमतों में मजबूती नहीं आई है।

शादी का सीजन में बढ़ेगी मांग

किशोर रूनवाल को उम्मीद कि, चांदी की कीमतें कम रहने पर सबसे पहले बुलियन और सिक्कों में निवेश बढ़ेगा। इसके बाद, जैसे-जैसे शादी का सीजन जोर पकड़ेगा, चांदी की ज्वेलरी, बर्तन और सजावटी सामान की मांग भी बढ़ सकती है। यानी कम कीमतों से निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी फायदा मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा, चांदी के आयात में कमी का कीमतों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है। इस साल चांदी का आयात घटा है, लेकिन सरकार ने हाल ही में आयात से जुड़े लाइसेंस के नियमों को आसान बनाने के लिए कदम उठाए हैं। इससे बाजार में चांदी की सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है। ऐसे में आयात में कमी के बावजूद आने वाले समय में चांदी की उपलब्धता में सुधार हो सकता है।

किशोर ने कहा कि, चांदी के आयात में कमी से कीमतों में तेजी आने की संभावना कम है। उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी की कीमत पर मिलने वाला अतिरिक्त प्रीमियम अभी सामान्य स्तर पर है। निवेश की मांग को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारों के सीजन में चांदी खरीदकर निवेश करने का चलन दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले बेहतर बना रह सकता है।

Silver Price Today: अपने पीक से 53% नीचे चांदी, अभी खरीदें या करें इंतजार, जानें एक्सपर्ट्स क्या दे रहे है राय

Silver Price Today: चांदी की कीमतें एक अहम दौर से गुजर रही हैं। ये अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 53 फीसदी से नीचे कारोबार कर रही हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव और लगातार बनी हुई महंगाई (जिसका मुख्य कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतें हैं) के चलते सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।

28 जनवरी, 2026 को चांदी लगभग 117 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। 23 अक्टूबर तक आते-आते, इसमें 53 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और अब यह 54 डॉलर प्रति औंस के थोड़ा ऊपर कारोबार कर रही है।

घरेलू बाजार में भी कुछ ऐसा ही रुझान देखने को मिला। इस साल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर स्पॉट चांदी 29 जनवरी को 3,79,983 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि 23 अक्टूबर को यह गिरकर 1,94,170 रुपये के निचले स्तर पर आ गई। इससे पहले, 23 मार्च को यह 2,04,383 रुपये के निचले स्तर तक गई थी।

फ्यूचर्स मार्केट में, 26 अक्टूबर को घरेलू चांदी 4 दिसंबर की डिलीवरी के लिए 1,95,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे ट्रेड कर रही है।

‘स्पॉट चांदी’ का मतलब है तुरंत खरीद और डिलीवरी के लिए मौजूदा बाजार भाव, जबकि ‘चांदी फ्यूचर्स’ ऐसे एक्सचेंज-ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट होते हैं, जिनमें भविष्य की किसी तारीख पर एक तय कीमत पर चांदी खरीदने या बेचने का सौदा किया जाता है।

चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पिछली तेजी कायम रह पाएगी या नहीं? मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग), अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव, और वैश्विक औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता जैसे कई कारण है जो मौजूदा समय में चांदी की गिरावट को सपोर्ट कर रही है ।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए

बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद जताते हुए, बोनान्ज़ा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव ने कहा, “निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीमतों में आई भारी गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कीमतें अपने निचले स्तर (बॉटम) पर आ गई हैं। निवेशकों को बहुत आक्रामक होकर खरीदारी करने से बचना चाहिए और निवेश बढ़ाने से पहले कीमतों के स्थिर होने के संकेतों का इंतजार करना चाहिए। मध्यम अवधि में, चांदी की चाल अमेरिकी मौद्रिक नीति, डॉलर की दिशा, वैश्विक विनिर्माण गतिविधियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगी। बॉन्ड यील्ड में गिरावट और निवेश की मांग में फिर से तेजी आने से कीमतों में सुधार (रिकवरी) आ सकती है, हालांकि कमजोर आर्थिक गतिविधियां इस तेजी को सीमित कर सकती हैं।”

कीमतों पर स्ट्रक्चरल डिमांड का रहेगा असर

निवेशकों को इस कीमती सफेद धातु की ‘स्ट्रक्चरल डिमांड’ (संरचनात्मक मांग) पर नजर रखने की सलाह देते हुए, बोनान्ज़ा के विशेषज्ञ ने कहा कि लंबी अवधि में, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन और औद्योगिक उपयोग से जुड़ी स्ट्रक्चरल डिमांड से चांदी को फायदा मिल सकता है। हालांकि, तकनीकी बदलाव, विकल्पों का आना और धीमी आर्थिक वृद्धि इसके लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

बोनान्ज़ा के निरपेंद्र यादव ने कहा, “निवेशकों के लिए, कीमतों में आया मौजूदा सुधार धीरे-धीरे खरीदारी करने का एक अच्छा मौका हो सकता है, बजाय इसके कि वे यह अनुमान लगाने की कोशिश करें कि कीमतें कब अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचेंगी। जो लोग पहले से ही चांदी में निवेशित हैं, उन्हें अपने निवेश की समीक्षा करनी चाहिए और किसी एक जगह बहुत ज्यादा पैसा लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि सोने की तुलना में चांदी में उतार-चढ़ाव काफी अधिक होता है। निवेश की मांग में लगातार सुधार और औद्योगिक फंडामेंटल्स में बेहतरी आने से ही कीमतों में एक मजबूत और टिकाऊ रिकवरी की पुष्टि हो सकेगी।”

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Gold Outlook: सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 26% फिसला, क्या यह खरीदने का बेस्ट समय है?

Gold Outlook: सोने की कीमत अपने ऑल-टाइम हाई से 26 फीसदी गिर चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बजार में सोना 4100 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया है। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता टेंशन है। महंगे क्रूड से महंगाई बढ़ रही है। इसे काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं, जिसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।

सोने में तेजी का ट्रेंड जारी है

सोने पर दबाव के बावजूद कमोडिटी एनालिस्ट्स का कहना है कि सोने में तेजी के रुख पर ब्रेक नहीं लगा है। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। बोनांजा पोर्टफोलियो के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ब़न्ड यील्ड में उछाल का असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।”

रिकॉर्ड ऊंचाई से 26% फिसला

उन्होंने कहा कि हालिया तेजी के बाद पोजीशन खत्म करने की वजह से भी गिरावट को सपोर्ट मिला है। लेकिन, इस गिरावट का मतलब यह नहीं है कि सोने में तेजी का ट्रेंड खत्म हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस साल 28 जनवरी को सोने की कीमत 5,600 डॉलर प्रति औंस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। 23 अक्तूबर को कीमत इस लेवल से 26 फीसदी से ज्यादा गिरकर 4,007 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।

घेरलू बाजार में भी तेज गिरावट 

घरेलू बाजार में भी सोने में इसी तरह का ट्रेंड दिखा है। 29 जनवरी को एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स चढ़कर 1,76,306 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। 23 अक्तूबर यानी गुरुवार को यह गिरकर 1,42,778 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इस गिरावट ने सोने और चांदी के निवेशकों को मायूस किया है। खास बात यह है कि इस साल शेयर बाजारों में भी लगातार गिरावट दिख रही है।

इंटरेस्ट बढ़ने की उम्मीद से बढ़ा दबाव

ऑगमोंट में चीफ रिसर्च अधिकारी रूपशा चैनानी के मुताबिक, गोल्ड में बीते चार महीनों में सबसे तेज गिरावट आई है, जिसकी वजह क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें हैं। क्रूड में उछाल से इंटरेस्ट रेट लंबे समय तक हाई बने रहने के आसार हैं। डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर भी सोने पर पड़ा है।

फेड के फैसले पर लगी नजरें 

इनवेस्टर्स को फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक 27 अक्तूबर को शुरू होगी। इसके नतीजे 28 अक्तूबर को आएंगे। भारतीय समय के मुताबिक, देर रात इस बारे में पता चलेगा। अगर फेड लगातार दूसरी बार इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है।

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निवेशकों को क्या करना चाहिए?

यादव ने कहा, “निवेशकों को सोने में उतार-चढ़ाव के दौरान ज्यादा खरीदारी से बचना चाहिए। वे रिस्क लेने की अपनी क्षमता और निवेश के लक्ष्य के हिसाब से धीरे-धीरे निवेश बढ़ा सकता है।” शॉर्ट टर्म में सोने का भाव 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। इसके बाद अगले दो से तीन महीनों में इसमें 10-15 फीसदी की तेजी दिख सकती है। 4,200 डॉलर के पार जाने पर इसमें नई तेजी शुरू हो सकती है।

Gold Silver Price: MCX पर सोने के दाम फिर गिरे, चांदी ₹4,191 हुई और सस्ती, अब क्या हो निवेश रणनीति

Gold Silver Price: देश में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। इसकी मुख्य वजह हाजिर बाजार (स्पॉट मार्केट) में कमजोर मांग और बिकवाली का दबाव है। कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों और इस चिंता के कारण कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं, कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ रहा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में 4,191 रुपये (यानी 2.1%) की गिरावट आई और यह 1.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इसमें 5,856 लॉट का कारोबार हुआ। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1,230 रुपये (यानी 0.86%) की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें 1,670 लॉट का कारोबार हुआ।

PTI के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी 1.01% गिरकर 54.01 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि न्यूयॉर्क में सोने के वायदा भाव 0.26% की गिरावट के साथ 4,014.23 डॉलर प्रति औंस पर रहे।

कीमतों में दबाव क्यों?

‘लेमन’ (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, कीमती धातुओं पर दबाव की वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और ऐसी उम्मीदें भी प्रबल हो गई हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।

ऊंची ब्याज दरें सोने और चांदी पर दबाव डाल सकती हैं, क्योंकि इनसे कोई ब्याज आय नहीं मिलती है। ऐसे में, ब्याज देने वाली अन्य संपत्तियों की तुलना में सोने और चांदी का आकर्षण कम हो सकता है।

गर्ग ने बताया कि निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर नजर रखे हुए हैं, ताकि ब्याज दरों के भविष्य को लेकर कोई संकेत मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के बाद वैश्विक आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं के चलते भी कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।

घरेलू बाजार में कीमतों को क्या दे रहा सहारा

भारत में, त्योहारों और शादियों के सीजन में होने वाली खरीदारी सोने और चांदी की खपत को सहारा दे सकती है, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल कीमतों को प्रभावित करती रहे। एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण आने वाले समय में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन लंबे समय के नजरिए से सोना और चांदी अभी भी मूल्य सुरक्षित रखने के भरोसेमंद साधन बने हुए हैं।”

देसाई ने कहा कि डॉलर और ब्याज दरों के रुझान, साथ ही वैश्विक अनिश्चितताएं, बुलियन बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, घरेलू मांग खपत को सहारा दे सकती है, लेकिन इससे कीमतों में अल्पकालिक गिरावट को पूरी तरह रोकना मुश्किल हो सकता है।

किन बातों पर रखें नजर

घरेलू बुलियन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर और स्थानीय मांग से प्रभावित होती हैं। रुपये में कमजोरी आने से आयातित कीमती धातुओं की लागत बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें घटने के बावजूद घरेलू कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।

खुदरा खरीदारों के लिए, MCX वायदा (फ्यूचर्स) कीमतों में बदलाव का सीधा असर आभूषणों की कीमतों पर नहीं पड़ता है। आभूषणों की कीमतें शुद्धता, लागू करों, मेकिंग चार्ज और डीलर मार्जिन जैसे कारकों पर भी निर्भर करती हैं।

इसलिए, निवेशकों को अपने निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए वैश्विक बुलियन कीमतों, मुद्रा के उतार-चढ़ाव और फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

Silver Price Today: लगातार सस्ती हो रही चांदी, ₹1.95 लाख के नीचे फिसला भाव, जानें आपके अपने शहर में ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।