दिल्ली सर्राफा बाजार में आज यानी 4 नवंबर को सोने और चांदी को पंख लग गए। सोना 4,800 रुपये चढ़कर 1,46,600 रुपये पर पहुंच गया। चांदी में तो 9000 रुपये की तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी का असर इनकी घरेलू कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई।
चांदी की कीमतें 1.93 लाख पर पहुंचीं
दिल्ली में चांदी 9,000 रुपये चढ़कर 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी में आई तेजी में मजबूत त्योहारी मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में तेजी का हाथ रहा। लंबे समय बाद सोने और चांदी में एक दिन में ऐसी तेजी दिखी है।
बुलियन मार्केट में सेटीमेंट मजबूत
ब्रिकवर्क रेटिंग्स के हेड ऑफ रिसर्च राजीव शरण ने कहा कि सोना अक्तूबर के अपने हाई लेवल से करीब 8 फीसदी टूट गया था। आज की तेजी से सेंटीमेंट को मजबूती मिली है। पिछले साल के धनतेरस से इस साल धनतेरस पर गोल्ड के रिटर्न को देखा जाए तो यह सिर्फ 5-7 फीसदी रहा है। लेकिन, 2024 के धनतेरस से 2025 के बीच सोने का रिटर्न करीब 65 फीसदी था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 4.5 फीसदी उछली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में जोरदार तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 3 फीसदी यानी 113.72 डॉलर चढ़कर 4,043 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट भी 4.5 फीसदी के उछाल के साथ 52 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। गोल्ड ने कई सत्रों के बाद 4,000 डॉलर का लेवल पार किया है, जबकि चांदी ने 50 डॉलर का लेवल पार किया है।
बुलियन को डॉलर में कमजोरी से मिला सपोर्ट
सोने की कीमतों पर अमेरिकी में मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का भी असर पड़ा। चुनावी नतीजों से डॉलर में कमजोरी आई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला। मिरै एसेट शेयरखान के एनालिस्ट प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत में आ जाने से डेटा सेंटर्स में निवेश पर असर पड़ेगा।
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क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट
क्रूड ऑयल की कीमतों में 4 नवंबर को बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले हफ्ते यह 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दोनों में 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसका पॉजिटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। क्रूड में नरमी से इनफ्लेशन पर दबाव घटेगा। इससे दिसंबर में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना में कमी आ सकती है। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

