ईरान ने भारत समेत चार देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दे दी है। अब भारत, चीन, इराक और कतर के जहाज इस समुद्री रास्ते से बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकेंगे। ईरानी की न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। करीब 8 महीने से इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित थी। भारत के लिए यह फैसला काफी अहम है, क्योंकि उसके कुल कच्चे तेल आयात का करीब 40% हिस्सा इसी रास्ते से आता है। भारत को दवाओं की सप्लाई के लिए मिली छूट रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को यह छूट इसलिए दी गई है ताकि ईरान में दवाओं की सप्लाई जारी रह सके। वहीं, चीन को छूट देने के पीछे ईरान की उम्मीद है कि मुश्किल वक्त में बीजिंग उसका साथ देगा। हालांकि, भारतीय और चीनी जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए पैसे देने होंगे। वहीं, कतर के जहाज बिना कोई शुल्क दिए इस रास्ते से गुजर सकेंगे। इराक को किस वजह से छूट दी गई है, यह साफ नहीं किया गया है। भारत के लिए क्यों अहम होर्मुज स्ट्रेट होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। इसके एक तरफ ईरान और दूसरी तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है। अनुमान के मुताबिक, भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 40% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है। इस रास्ते से सऊदी अरब, इराक, कुवैत और UAE जैसे देशों से तेल की सप्लाई होती है। अगर इस रास्ते पर आवाजाही रुकती है तो भारत के लिए तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और भारत के आयात खर्च पर दबाव पड़ने का खतरा रहता है। ईरान का दावा- बारूदी सुरंगों से 4 तेल टैंकर तबाह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में प्रतिबंधित रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे चार तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर तबाह हो गए। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के बयान के मुताबिक, चारों टैंकरों में आग लगी हुई थी। इसके अलावा दो अन्य जहाजों को भी कब्जे में लेने का दावा किया गया है। ईरान ने अमेरिका दोबारा जंग की चेतावनी दी ईरान ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि अगर युद्ध दोबारा शुरू हुआ तो वह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि उनका देश ‘ट्रिगर पर उंगली रखकर युद्ध के लिए तैयार है। ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को उसकी पुरानी मांगें माननी होंगी। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि उनकी सरकार बातचीत के जरिए संकट का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘अगर दोबारा युद्ध शुरू होता है तो इससे किसी को फायदा नहीं होगा।’ ———————– ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमला, एक की मौत:14 भारतीय सवार थे, 13 को बचाया गया; पिछले महीने 30 जहाजों पर हमले हुए होर्मुज स्ट्रेट में 2 नवंबर को एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ। इसमें गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई। जहाज पर सवार बाकी 13 भारतीयों को ओमान के कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। मृतक की पहचान गांधार नाहीम अजीज के रूप में हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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