Gold Siler Prices Today: धनतेरस से पहले सोने ने दिया झटका, दिल्ली में 2,200 रुपये चढ़ी कीमत

दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सोने में तेजी आई। 5 नवंबर को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 2,200 रुपये चढ़कर 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 6 नवंबर यानी शुक्रवार को धनेतरस है। धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ट्रेडर्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत और ज्वेलर्स की अच्छी मांग से गुरुवार को सोने में तेजी आई।

चांदी में 1500 रुपये का उछाल

चांदी में भी लगातार दूसरे दिन तेजी दिखी। यह 1,500 रुपये चढ़कर 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। ट्रेडर्स का कहना है कि त्योहारों से पहले सोने और चांदी की खरीदारी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। शुक्रवार को धनतेरस है। रविवार को दिवाली है। इन दोनों ही मौकों पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है।

पिछले साल धनतेरस पर सोने का भाव 

पिछले साल धनतेरस के दिन सोने का भाव 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम था। तब चांदी 1.7 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी। हालांकि, इससे एक साल पहले यानी 2024 के धनतेरस पर सोना खरीदने वाले लोगों को 2025 में धनतेरस पर शानदार रिटर्न मिला था। इस साल जनवरी में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें गिरावट आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज भी सोने और चांदी में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड करीब 2 फीसदी यानी 65 डॉलर चढ़कर 4,125 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट फीसदी चढ़कर 52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। 4 नवंबर को भी दोनों में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। इसकी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी है। क्रूड में 4 नवंबर को तेज गिरावट आई थी। आज भी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है।

यह भी पढ़ें: Crude Oil में तेज गिरावट से इनफ्लेशन पर घटेगा दबाव, RBI दिसंबर में उम्मीद से कम बढ़ा सकता है इंटरेस्ट रेट

क्रूड में नरमी से महंगाई पर घटेगा दबाव

क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए केंद्रीय बैंकों को इंटरेस्ट रेट बढ़ाना पड़ता है। इसका खराब असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घट जाती है। क्रूड में नरमी से महंगाई बढ़ने की आशंका घटी है, जिससे सोने को सपोर्ट मिला है।

Crude Oil में तेज गिरावट से इनफ्लेशन पर घटेगा दबाव, RBI दिसंबर में उम्मीद से कम बढ़ा सकता है इंटरेस्ट रेट

क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। 5 नवंबर को ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर करीब 94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था। अब इसमें थोड़ी तेजी दिखी है। भारतीय समय के मुताबिक, शाम 7 बजे ब्रेंट क्रूड का भाव 97 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। क्रूड के 100 डॉलर से नीचे आ जाने पर इनफ्लेशन पर दबाव घटेगा। अगर यह 100 डॉलर से नीचे बना रहता है तो आरबीआई दिसंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में पहले के अनुमान के मुकाबले कम वृद्धि कर सकता है।

क्रूड में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर 

क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी भारत के लिए अच्छी खबर है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी हिस्सा क्रूड ऑयल का आयात करता है। ऐसे में क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश का इंपोर्ट बिल बढ़ता है। इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव पड़ता है। रुपये में कमजोरी आने से आयात महंगा होता है, जिसका असर घरेलू महंगाई पर पड़ता है।

महंगाई रोकने के लिए इंटरेस्ट बढ़ाता है RBI

आरबीआई महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाता है। अक्तूबर में केंद्रीय बैंक ने इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि की थी। माना जा रहा था कि वह दिसंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि कर सकता है। इसकी वजह यह है कि पिछले कई महीनों से रिटेल इनफ्लेशन लगातार बढ़ रहा है।

RBI दिसंबर में आधा फीसदी नहीं बढ़ाएगा इंटरेस्ट रेट

IDFC फर्स्ट बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट गौरा सेनगुप्ता के मुताबिक, दिसंबर में RBI के ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का अनुमान अब घटकर 25 बेसिस प्वाइंट रह गया है। अगले एक साल में ब्याज दरों में कुल 100 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का अनुमान भी घटकर करीब 75 बीपीएस रह गया है। इसका मतलब है कि बाजार को अब RBI का रुख कम आक्रामक रहने की उम्मीद है।

अमेरिका-ईरान की लड़ाई से क्रूड में उबाल 

इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल आया था। तब से लेकर अब तक ब्रेंट क्रूड का भाव हाई लेवल पर बना रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ था। अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस के नतीजों के बाद ईरान से सुलह की उम्मीद बढ़ी है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट आई है।

Gold & Silver Outlook: धनतेरस पर सोना चमकेगा या चांदी मारेगी बाजी? जानें दोनों का टारगेट और रिस्क

Dhanteras Gold & Silver Price Outlook: धनतेरस से ठीक पहले सोना और चांदी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाइयों से बड़ी गिरावट देखने के बाद फिर से रिकवरी के रास्ते पर लौट आए हैं। डॉलर इंडेक्स में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बल पर भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर 5 नवंबर को सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

MCX पर दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम पर 1.11% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि दिसंबर सिल्वर फ्यूचर्स ₹1.87 लाख प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है। जनवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के $5,600 प्रति औंस और चांदी के $100 प्रति औंस का स्तर छूने के बाद आई भारी गिरावट के बाद यह नई तेजी निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान खींच रही है। आइए आपको बताते हैं इस धनतेरस पर सोने-चांदी का क्या है गणित।

पहले जानिए हालिया रिकवरी को किन कारणों से मिल रहा है सहारा?

अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रम: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक गतिरोध और सख्त बजटीय खर्चों की उम्मीदों के कारण डॉलर इंडेक्स सुस्त हुआ है और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई है।

सुरक्षित निवेश की मांग: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अनिश्चितता के माहौल में बहुमूल्य धातुओं को सेफ-हेवन एसेट के रूप में सपोर्ट किया है।

फेडरल रिजर्व की नीति: हालांकि यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि मीडियम-टर्म में दरों का रुझान सोने के पक्ष में रहेगा।

गिरावट के बाद भी क्यों मजबूत है गोल्ड का आउटलुक?

ब्रोकरेज फर्म और फंड मैनेजर्स का मानना है कि हालिया बिकवाली एक टेक्निकल करेक्शन थी, न कि किसी बड़े बेयर मार्केट की शुरुआत।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज ने अपनी रिपोर्ट ‘Gold’s Rally: Deferred, Not Derailed’ में स्पष्ट किया है कि लंबी अवधि में सोने में तेजी का ट्रेंड पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस धनतेरस तक घरेलू 24-कैरेट सोना 7% से 8% का रिटर्न दे चुका है।

सोना और चांदी: आगे के टारगेट और एक्युमुलेशन लेवल्स

कमोडिटी एक्युमुलेशन दायरा (खरीदारी का स्तर)मीडियम-टर्म टारगेट (लक्ष्य)मुख्य ट्रिगर & रिस्क फैक्टर
इंटरनेशनल गोल्ड $3,800 – $3,900 / oz$4,500 – $4,700 / ozयूएस फेड इंटरेस्ट रेट का आउटलुक।
डोमेस्टिक गोल्ड (MCX)₹1.35 लाख / 10 ग्राम₹1.60 लाख- ₹1.68 लाख (USD/INR @ 96)डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल।
चांदी (Silver) करंट मार्केट प्राइस (CMP) ज्यादा अपसाइड पोटेंशियल (गोल्ड से अधिक तेजी) हाई वोलेटिलिटी (अधिक उतार-चढ़ाव का जोखिम)।

धनतेरस 2026: फेस्टिव बायर्स का बदलता ट्रेंड

डिजिटल और पेपर गोल्ड की तरफ रुझान: निवेश प्लैटफॉर्म ‘Trackk’ के अनुसार, खरीदार अब केवल भारी-भरकम ज्वेलरी तक सीमित नहीं हैं। वे कॉइन्स, लाइटवेट ज्वेलरी और गोल्ड ETFs व डिजिटल फंड्स की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं।

ज्वेलरी बनाम इनवेस्टमेंट का अंतर: एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निजी इस्तेमाल के लिए खरीदी जाने वाली ज्वेलरी में मेकिंग चार्जेस और वेस्टेज कॉस्ट शामिल होती है। यदि उद्देश्य विशुद्ध निवेश है, तो एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स (ETFs) स्टोरेज और मेकिंग चार्जेस के झंझट के बिना बेहतर रिटर्न देते हैं।

स्टाइल और सिक्योरिटी का संगम: ‘DishiS Designer Jewellery’ के अनुसार, धनतेरस पर सोने की खरीदारी का पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व हमेशा बना रहेगा, लेकिन इस साल ग्राहक हल्के और ट्रेंडी डिजाइन्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver prices Today: दिल्ली में आज सोने-चांदी को लगे पंख, चांदी ₹9000 चढ़ी, सोना ₹4800 उछला

दिल्ली सर्राफा बाजार में आज यानी 4 नवंबर को सोने और चांदी को पंख लग गए। सोना 4,800 रुपये चढ़कर 1,46,600 रुपये पर पहुंच गया। चांदी में तो 9000 रुपये की तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में तेजी का असर इनकी घरेलू कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई।

चांदी की कीमतें 1.93 लाख पर पहुंचीं

दिल्ली में चांदी 9,000 रुपये चढ़कर 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुधवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी में आई तेजी में मजबूत त्योहारी मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में तेजी का हाथ रहा। लंबे समय बाद सोने और चांदी में एक दिन में ऐसी तेजी दिखी है।

बुलियन मार्केट में सेटीमेंट मजबूत

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के हेड ऑफ रिसर्च राजीव शरण ने कहा कि सोना अक्तूबर के अपने हाई लेवल से करीब 8 फीसदी टूट गया था। आज की तेजी से सेंटीमेंट को मजबूती मिली है। पिछले साल के धनतेरस से इस साल धनतेरस पर गोल्ड के रिटर्न को देखा जाए तो यह सिर्फ 5-7 फीसदी रहा है। लेकिन, 2024 के धनतेरस से 2025 के बीच सोने का रिटर्न करीब 65 फीसदी था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 4.5 फीसदी उछली

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में जोरदार तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 3 फीसदी यानी 113.72 डॉलर चढ़कर 4,043 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट भी 4.5 फीसदी के उछाल के साथ 52 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। गोल्ड ने कई सत्रों के बाद 4,000 डॉलर का लेवल पार किया है, जबकि चांदी ने 50 डॉलर का लेवल पार किया है।

बुलियन को डॉलर में कमजोरी से मिला सपोर्ट

सोने की कीमतों पर अमेरिकी में मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत का भी असर पड़ा। चुनावी नतीजों से डॉलर में कमजोरी आई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला। मिरै एसेट शेयरखान के एनालिस्ट प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत में आ जाने से डेटा सेंटर्स में निवेश पर असर पड़ेगा।

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क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट 

क्रूड ऑयल की कीमतों में 4 नवंबर को बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले हफ्ते यह 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दोनों में 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसका पॉजिटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ा। क्रूड में नरमी से इनफ्लेशन पर दबाव घटेगा। इससे दिसंबर में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना में कमी आ सकती है। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना 700 रुपये गिरा, चांदी 2000 रुपये फिसली

दिल्ली सर्राफा बाजार में 3 नवंबर को सोने और चांदी दोनों में गिरावट आई। सोना 700 रुपये गिरकर 1,41,800 रुपये पर बंद हुआ। चांदी में बड़ी गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में कमजोरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकवरी का असर घरेलू बाजार में बुलियन की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 2000 रुपये की गिरावट 

दिल्ली में चांदी 2000 रुपये गिरकर 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड पर मंगलवार को दबाव दिखा इसकी वजह क्रूड ऑयल में रिकवरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत हैं। हालांकि, आगे त्योहारों को देखते हुए घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।

त्योहारों पर खरीदारी से कीमतों को सपोर्ट

अगले हफ्ते धनतेरस और दिवाली है। 6 नवंबर को धनतेरस है, जबकि 8 नवंबर को दिवाली है। भारत में दोनों मौकों पर चांदी और सोना खरीदने की परंपरा रही है। इसे शुभ माना जाता है। ऐसे में दोनों मौकों पर अच्छी खरीदारी दिख सकती है। इसका घरेलू बाजार में असर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर दिखेगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी में बड़ी गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार मों गोल्ड और सिल्वर पर दबाव दिखा। गोल्ड 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर 3,905 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 3 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 48.97 डॉलर प्रति औंस थी। एलकेपी सिक्योरिटीज ने एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि गोल्ड में गिरावट आई, क्योंकि ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की। इस गिरावट से गोल्ड ओवरसोल्ड दिख रहा है।

अमेरिका में घटनाक्रम पर इनवेस्टर्स की नजरें

इनवेस्टर्स की नजरें अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शंस पर होगी। इसके अलावा बेरोजगारी के डेटा भी आने वाले हैं। इससे फेडरल रिजर्व की दिसंबर की पॉलिसी के बारे में संकेत मिलेंगे। फेड ने अक्तूबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाया था। लेकिन, माना जा रहा है कि वह दिसंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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क्रूड में उबाल से दुनियाभर में बढ़ रही महंगाई

क्रूड की कीमतें लगातार हाई लेवल पर बने रहने से दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। फेड सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है। फेड साफ कर चुका है कि उसका फोकस फिलहाल महंगाई को बढ़ने से रोकने पर होगा।

SSY Calculator: सुकन्या समृद्धि में जानिए मंथली ₹2000 निवेश से बनेगा कितना बड़ा फंड, क्या मैच्योरिटी अमाउंटट पर टैक्स लगेगा?

सरकार की स्मॉल सेविंग्स स्कीम में सुकन्या समृद्धि ऐसी योजना है, जिसमें हर माता-पिता को इनवेस्ट करना चाहिए। इस स्कीम के कई फायदे हैं। इस स्कीम में निवेश से बेटी के ब़ड़े होने तक अच्छा फंड तैयार हो जाता है, उसके हायर एजुकेशन में काम आ सकता है। टैक्स बेनेफिट इस स्कीम का अट्रैक्शन और बढ़ा देता है।

आप अपनी क्षमता के हिसाब से कर सकते हैं इनवेस्ट

इस स्कीम की खासियत यह है कि इसमें माता-पिता अपनी क्षमता के हिसाब से इनवेस्ट कर सकते हैं। हर महीने निवेश करने की बाध्यता भी नहीं है। मात-पिता चाहें तो हर महीने 1,000, 2,000, 3000, 4000, 5000 या इससे ज्यादा पैसा इनवेस्ट कर सकते हैं। आप जितना ज्यादा पैसा इनवेस्ट करेंगे, बेटी के लिए उतना बड़ा फंड तैयार होगा। सालाना मिनिमम इनवेस्टमेंट सिर्प 250 रुपये है, जबकि एक बेटी के लिए मैक्सिमम सालाना 1.50 लाख निवेश किया जा सकता है।

10 साल तक की 2 बेटियों के लिए खोल सकते हैं अकाउंट 

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) का फायदा उठाने के लिए कुछ नियम और शर्तें हैं। यह स्कीम सिर्फ बेटियों के लिए है। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में अकाउंट ओपन कर सकते हैं। बेटी या बेटियों की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। बेटी के जन्म के ठीक बाद अकाउंट ओपन करने पर बेटी के 21 साल तक के होने पर उसके लिए बड़ा फंड तैयार हो जाता है।

स्कीम में सिर्फ 15 साल तक करना होगा निवेश 

इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना है। लेकिन, स्कीम 21 साल में मैच्योर होती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी के जन्म के ठीक बाद अकाउंट ओपन किया जाए तो बेटी के 21 साल के होने पर उसके लिए एक बड़ा फंड तैयार हो जाएगा। यह पैसा उसके हायर एजुकेशन या शादी-विवाह के काम आ सकता है। हमारे देश में बेटी की शादी में काफी पैसा खर्च हो जाता है। इस खर्च का इंतजाम करने में यह स्कीम मददगार साबित होती है।

स्मॉल सेविंग्स स्कीम में सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाली स्कीम 

SSY का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है, जो स्मॉल सेविंग्स स्कीम में सबसे ज्यादा है। इस स्कीम की एक खासियत यह है कि बेटी के 18 साल के होने या 10वीं पास करने पर स्कीम में जमा आधा पैसे निकाले जा सकते हैं। अगर बेटी की शादी 18 साल की उम्र के बाद हो जाती है तो इस स्कीम को तय समय से पहले बंद किया जा सकता है।

मैच्योरिटी पर मिलने वाले पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगता है

टैक्स बेनेफिट की वजह से यह स्कीम और अट्रैक्टिव हो जाती है। पीपीएफ की तरह यह स्कीम भी एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट यानी EES कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि इस स्कीम में कंट्रिब्यूशन अमाउंट पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। स्कीम में जमा पैसे पर जो इंटरेस्ट मिलता है, उस पर कोई टैक्स नहीं लगता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद मैच्योरिटी पर जो पैसा मिलता है वह भी पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है। इसके अलावा इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करने वाले लोगों के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन का फायदा भी मिलता है।

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मंथली 2000 रुपये कंट्रिब्यूशन से 11 लाख से बड़ा फंड हो जाएगा तैयार

एसएसवाय में हर महीने 2000 रुपये कंट्रिब्यूशन से भी मैच्योरिटी तक अच्छा फंड तैयार हो जाता है। हर महीने 2,000 रुपये यानी सालाना 24,000 रुपये निवेश करने पर बेटी के लिए 11,08,412 रुपये का फंड तैयार हो जाता है। इसमें आप कुल 3,60,000 रुपये निवेश करते हैं। इस पर आपको 7,48,412 रुपये इंटरेस्ट मिलता है। इस योजना की शुरुआत सरकार ने 2015 में की थी।

Gold Price Today: 10 दिनों में ₹5840 गिरा सोना, चांदी आई ₹25000 नीचे, चेक करें लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: सोने-चांदी के भाव में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। पहले गोल्ड की बात करें तो 10 दिनों में उठा-पटक के साथ 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹5840 और 22 कैरट वाला ₹5050 सस्ता हुआ है। इन 10 दिनों में तो दो दिन 24 अक्टूबर और आज 1 नवंबर को इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है और बाकी दिनों में 24 अक्टूबर के साथ-साथ 26-28 अक्टूबर तक इसके भाव में बढ़ोतरी हुई थी और बाकी दिन इसकी चमक फीकी हुई। अब चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड की सुस्ती के बीच ताबड़तोड़ मुनाफावसूली के चलते 10 दिनों में एक किलो चांदी के भाव ₹25000 नीचे आए हैं।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली ₹1,39,030 ₹1,27,450 ₹1,04,310
मुंबई ₹1,38,880 ₹1,27,300 ₹1,04,160
कोलकाता  ₹1,38,880 ₹1,27,300 ₹1,04,160
चेन्नई ₹1,38,880 ₹1,27,300 ₹1,04,160
बेंगलुरू ₹1,38,880 ₹1,27,300 ₹1,04,160
हैदराबाद ₹1,38,880 ₹1,27,300 ₹1,04,160
लखनऊ  ₹1,39,030 ₹1,27,450 ₹1,04,310
पटना  ₹1,38,930 ₹1,27,350 ₹1,04,210
जयपुर ₹1,39,030 ₹1,27,450 ₹1,04,310
अहमदाबाद ₹1,38,930  ₹1,27,350 ₹1,04,210

10 दिनों में ₹25000 गिरी चांदी

एक किलो चांदी के भाव 10 दिनों में ₹25 हजार कम हुए हैं। इसकी कीमत 23 अक्टूबर को ₹5 हजार गिरने के बाद लगातार पांच दिनों तक स्थिर थी लेकिन फिर लगातार तीन दिनों में यानी 29-31 अक्टूबर तक एक किलो चांदी ₹20 हजार गिर गई। अब आज की बात करें तो फिलहाल दिल्ली में एक किलो चांदी ₹2,00,000 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों में मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।

सोने-चांदी की कीमतों पर ये चीजें डाल रही हैं दबाव

जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता के बीच कच्चे तेल में उबाल सोने-चांदी की चमक फीकी कर रही हैं। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की सख्त मौद्रिक नीतियों से भी ये नरम पड़ रही हैं। महंगाई की रफ्तार थामने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सितंबर में इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाया था और अक्तूबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया लेकिन, आगे दरों में बढ़ोतरी के संकेत जरूर मिले हैं। भारत में भी आरबीआई ने अक्तूबर की शुरुआत में इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाया था। इंटरेस्ट रेट्स बढने के माहौल में आमतौर पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

RBI 1 अप्रैल को प्लास्टिक के नए नोट जारी करेगा, जानिए इनमें क्या होगा खास

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में चांदी एक दिन में ₹8300 फिसली, 11 महीने के निचले स्तर पर आई

दिल्ली सर्राफा बाजार में 30 अक्तूबर को चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। यह एक दिन में 8,300 रुपये गिरकर 1,90,200 रुपये किलोग्राम पर आ गई। यह चांदी का 11 महीने का सबसे निचला स्तर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट का असर इसकी घरेलू कीमतों पर पड़ा।

सोने में भी दिल्ली सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट 

दिल्ली में सोने में भी गिरावट आई। यह 1,300 रुपये गिरकर 1,45,200 रुपये 10 ग्राम पर आ गया। गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी में तेजी आई थी। चांदी की कीमत इस स्तर पर 10 दिसंबर, 2025 को थी। तब कीमत 1.92 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस साल की शुरुआत में चांदी की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद सोने और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट आई थी। फरवरी के अंत में अमेरिकी और ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव और बढ़ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4000 डॉलर से नीचे

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड गिरकर आज 4,000 डॉलर के नीचे चला गया। चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। भारतीय समय के मुताबिक, शाम में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.40 फीसदी गिरकर 3,924 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। चांदी 4.85 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 49.61 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भी उछाल

क्रूड की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 2.34 फीसदी चढ़कर 113.39 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। डब्ल्यूटीआई क्रूड 2 फीसदी चढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। क्रूड की कीमतें खासकर ब्रेंट क्रूड पिछले कई हफ्तों से लगातार 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। इसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।

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केंद्रीय बैंक बढ़ सकते हैं इंटरेस्ट 

महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू करेंगे। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सितंबर में इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाया था। हालांकि, उसने अक्तूबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वह दिसंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। भारत में भी आरबीआई ने अक्तूबर की शुरुआत में इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाया था। इंटरेस्ट रेट्स बढने के माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में चांदी 500 रुपये उछली, सोने में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 अक्तूबर को चांदी में उछाल दिखा। लेकिन, सोने की कीमतों कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। ट्रेडर्स का कहना है कि घरेलू बाजार में कमजोर मांग का असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 500 रुपये की तेजी

चांदी दिल्ली सर्राफा बाजार में 500 रुपये बढ़कर 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। सोना बगैर किसी बदलाव के 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। ट्रेडर्स का कहना है कि गोल्ड में स्थिरता की वजह यह है कि अभी ज्वेलर्स और रिटेलर्स हाई प्राइसेज के बीच खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं।

सोने में स्थिरता की वजह 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गुरुवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता रही। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत है, जहां कीमतें सीमित दायरे में रहीं।” उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की वजह से ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का असर सोने की कीमतों पर नहीं दिखा।

विदेश में सोना 4000 डॉलर के करीब

आनंदराठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की वेदिका नार्वेकर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,024 डॉलर प्रति औंस के करीब बना हुआ है। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी में रुख में सख्ती के संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर में फेड अपनी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

क्रूड में तेजी का असर 

क्रू़ड ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। 29 अक्तूबर को ब्रेंट क्रूड मामूली नरमी के साथ 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड का प्राइस 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। फेड यह साफ कर चुका है कि उसका फोकस महंगाई को बढ़ने से रोकने पर है।

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पिछले कई महीनों से बुलियन पर दबाव

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद बुलियन पर दबाव बढ़ गया है। तब से सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है।

FD Calculator: 10 लाख का FD 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में करने पर कितनी होगी कमाई? जानिए पूरा कैलकुलेशन

FD Calculator: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को रिस्की मानने वाले इनवेस्टर्स के लिए बैंकों की स्पेशल एफडी स्कीम अच्छी है। इसमें अच्छा रिटर्न मिल जाता है। 10 लाख रुपये का एफडी 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। यह स्कीम उन लोगों के लिए अट्रैक्टिव है जो एक साल से ज्यादा अवधि तक पैसा एफडी में रख सकते हैं। ज्यादातर सरकारी बैंक सीनियर सिटीजंस को एफडी पर अतिरिक्त इंटरेस्ट ऑफर करते हैं।

SBI की अमृत वृष्टि स्कीम में 6.45 फीसदी इंटरेस्ट

एसबीआई की 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम 6.45 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर करती है। इस स्कीम का नाम अमृत वृष्टि स्कीम है। इस स्कीम में तिमाही कंपाउंडिंग के आधार पर इंटरेस्ट से होने वाली कमाई का कैलकुलेशन किया जा रहा है। 10 लाख रुपये पर सालाना 6.45 फीसदी इंटरेस्ट रेट से एक साल में कुल 64,500 रुपये का ब्याज मिलेगा। 444 दिन बाद पैसा मैच्योर करने पर इंटरेस्ट के रूप में कुल 80,944 रुपये मिलेंगे।

पीएनबी की स्कीम में 6.60 फीसदी इंटरेस्ट रेट

पीएनबी की 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में सालाना इंटरेस्ट रेट 6.60 फीसदी है। इसका मतलब है कि 10 लाख रुपये का निवेश इस एफडी में करने पर एक साल में 66,000 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। 444 दिन के बाद स्कीम की मैच्योरिटी पर कुल ब्याज 82,886 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि 444 दिन बाद इनवेस्टर को कुल 10,82,886 रुपये हाथ में आएंगे।

सेंट्र्ल बैंक की एफडी स्कीम में सबसे ज्यादा कमाई

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में इंटरेस्ट रेट 6.75 फीसदी है। इसका मतलब है कि 10 लाख रुपये इस स्कीम में लगाने पर एक साल में 67,500 रुपये का ब्याज मिलेगा। 444 दिन के बाद स्कीम की मैच्योरिटी पर ब्याज बढ़कर 84,832 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि स्कीम से 444 दिन बाद इनवेस्टर को कुल 10,84,832 रुपये मिलेंगे।

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निवेश से पहले टैक्स के नियमों को जान लें

बैंकों की एफडी स्कीम में पैसे लगाने से पहले इससे मिलने वाले इंटरेस्ट पर टैक्स के नियमों को जान लेना जरूरी है। पहला, इंटरेस्ट के पैसे पर टैक्स लगता है। इसे ‘इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज’ माना जाता है। इस पैसे को इनवेस्टर की कुल इनकम में जोड़ दिया जाता है। इस पर इनवेस्टर के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगने का मतलब है कि हाई टैक्स स्लैब में आने वाले इनवेस्टर को ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा।