Gold Silver Prices Today: फेड की पॉलिसी से पहले दिल्ली में सोना चढ़ा, चांदी की कीमत में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 28 अक्तूबर को सोने में तेजी दिखी। रुपये में कमजोरी का असर सोने की कीमतों पर पड़ा। हालांकि, फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में कमजोरी देखने को मिली। फेड की पॉलिसी के नतीजों के बारे में भारत में आज देर रात पता चलेगा।

दिल्ली में सोना 700 रुपये चढ़ा

दिल्ली में आज सोना 700 रुपये चढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 27 अक्तूबर को सोना 1,45,800 रुपये पर बंद हुआ था। हालांकि, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी दिखी। यह 21 पैसे की कमजोरी के साथ 95.28 के लेवल पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव

ट्रेडर्स ने कहा कि रुपये में कमजोरी से सोना इंपोर्ट करना महंगा हो जाता है। इससे घरेलू बाजार में सोने में तेजी देखने को मिली। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड हल्की गिरावट के साथ 4,056 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी 0.31 फीसदी गिरकर 54 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था।

फेड की पॉलिसी से पहले सावधानी

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “बुधवार को सोने और चादी में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स फेडरल रिजर्व की पॉलिसी से पहले सावधानी बरत रहे हैं। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के फैसले का असर सोने पर पड़ेगा।”

अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद कम

ज्यादातर एनालिस्ट्स का मानना है कि फेड आज की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा। ऐसे में नजरें फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री पर टिकी हैं। इससे दिसंबर में फेड की पॉलिसी के बारे में संकेत मिल सकता है। इनफ्लेशन को बढ़ने से रोकने के लिए फेड दिसंबर की पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है। सितंबर में फेड ने इंटरेस्ट रेट एक-चौथाई फीसदी बढ़ाया था।

पॉलिसी सख्त होने पर गोल्ड पर बढ़ेगा दबाव 

फेडरल रिजर्व के पॉलिसी में सख्ती या इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के संकेतों का गोल्ड की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा। पहले से ही गोल्ड की कीमतें दबाव में चल रही हैं। इसकी वजह क्रूड ऑयल में उछाल है। आज भी क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल दिखा। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी आज 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।

Gold Silver Prices: दिल्ली में चांदी गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर, सोने में भी गिरावट

Gold Silver Prices:  दिल्ली सर्राफा बाजार में 27 अक्तूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। चांदी गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे बंद हुई। सोने में 500 रुपये की गिरावट आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में कमजोरी का असर घरेलू बाजार में इनकी कीमतों पर पड़ा।

चांदी में 4000 रुपये की बड़ी गिरावट 

दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी 4,000 रुपये गिरकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक यह चांदी का 10 महीनों का सबसे निचला स्तर है। सोमवार को चांदी की कीमतें दिल्ली सर्राफा बाजार में 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 2025 में 16 सितंबर को चांदी का भाव 1,98,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

सोना का भाव 500 रुपये फिसला 

दिल्ली में सोना 500 रुपये गिरकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। सोमवार को यह 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बीते कुछ हफ्तों से सोने और चांदी पर लगातार दबाव दिखा है। इसकी बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट एक बार फिर बढ़ने का अनुमान है।

बुलियन पर डॉलर में मजबूती का असर 

एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी एंड करेंसी एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार कमजोरी से घरेलू बाजार में सोने में कमजोरी रही। शॉर्ट टर्म में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार हैं। कीमत 1.40 से 1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती है।”

अंतरराष्ट्रीय बाजार में देर शाम सोने-चांदी में हल्की तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4100 डॉलर के नीचे आ गया है। हालांकि, भारतीय समय के मुताबिक, 7:36 बजे स्पॉट गोल्ड हल्की तेजी के साथ 4,036 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी शाम तक हल्की तेजी दिखा रहा था। इसका भाव 54 डॉलर प्रति औंस था। हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी हाई लेवल पर हैं। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर से ऊपर था।

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इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर थीं कीमतें

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। फरवरी के अंत में अमेरिका और ईरान के लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया।

 

Silver Price: चांदी के दाम में अभी और आएगी गिरावट? जानें एक्सपर्ट ने क्या कहा

दिवाली के करीब आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं सोने और चांदी के दामों में आई गिरावट और कीमतों में स्थिरता के चलते लोग खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कीमतें कम होने से दिवाली के दौरान ग्राहक खरीदारी के लिए ज्वेलरी स्टोर पहुंचने लगे हैं। ऐसे में आने वाले शादी और त्योहारों के सीजन में चांदी की मांग बढ़ सकती है। वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक चांदी की कीमतों में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल में

अनमोल सिल्वर ने क्या कहा

CNBC से बात करते हुए अनमोल सिल्वर के सीईओ किशोर रूनवाल का कहा कि, चांदी की कीमतों में आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस साल अपने सबसे ऊंचे स्तर से चांदी के दाम करीब 25 फीसदी नीचे आ चुके हैं। चांदी की कीमतों में गिरावट अभी जारी रह सकती है। इसकी वजह अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और दुनिया में बढ़ता तनाव है, जिसका असर निवेशकों पर पड़ रहा है। वहीं चांदी सस्ती होने से खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले कम कीमतों के कारण बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

और गिर सकता है चांदी के दाम

रूनवाल के मुताबिक, ‘चांदी की कीमतें अभी अपने सबसे निचले स्तर पर नहीं पहुंची हैं। अगर आने वाले समय में दाम कम बने रहते हैं, तो चांदी खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे बाजार में चांदी की मांग बढ़ सकती है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘चांदी की कीमतों में जिस तरह से गिरावट आ रही है, वह चिंता बढ़ाने वाली है। उनके मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि चांदी के दाम सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अगर कीमतों में गिरावट का मौजूदा सिलसिला जारी रहता है, तो घरेलू बाजार में चांदी का भाव 1.80 लाख से 1.85 लाख रुपये तक आ सकता है। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इसकी कीमत गिरकर 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये तक पहुंचने की आशंका है।’

बढ़ सकती है खरीदारी की संख्या

चांदी की कीमतों में गिरावट के बावजूद दिवाली के दौरान ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। किशोर रूनवाल के मुताबिक, ‘दाम कम होने से लोग फिर से ज्वेलरी की दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि, कम कीमतों के कारण दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। अगर चांदी के भाव एक हफ्ते तक नीचे बने रहते हैं, तो बाजार में खरीदारी करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इससे चांदी की मांग को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।’

चांदी ने खो दी अपनी बढ़त

रूनवाल के अनुसार, US फेडरल रिजर्व की बढ़ती इंटरेस्ट रेट, कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने मिलकर कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि, MCX पर चांदी को 1.92 लाख रुपये के आसपास कुछ सहारा मिला है, लेकिन हाल में कीमतों में आई तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। कारोबार के दौरान चांदी ने अपनी बढ़त खो दी। इससे पता चलता है कि बाजार में अभी चांदी की कीमतों में मजबूती नहीं आई है।

शादी का सीजन में बढ़ेगी मांग

किशोर रूनवाल को उम्मीद कि, चांदी की कीमतें कम रहने पर सबसे पहले बुलियन और सिक्कों में निवेश बढ़ेगा। इसके बाद, जैसे-जैसे शादी का सीजन जोर पकड़ेगा, चांदी की ज्वेलरी, बर्तन और सजावटी सामान की मांग भी बढ़ सकती है। यानी कम कीमतों से निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी फायदा मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा, चांदी के आयात में कमी का कीमतों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है। इस साल चांदी का आयात घटा है, लेकिन सरकार ने हाल ही में आयात से जुड़े लाइसेंस के नियमों को आसान बनाने के लिए कदम उठाए हैं। इससे बाजार में चांदी की सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है। ऐसे में आयात में कमी के बावजूद आने वाले समय में चांदी की उपलब्धता में सुधार हो सकता है।

किशोर ने कहा कि, चांदी के आयात में कमी से कीमतों में तेजी आने की संभावना कम है। उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी की कीमत पर मिलने वाला अतिरिक्त प्रीमियम अभी सामान्य स्तर पर है। निवेश की मांग को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारों के सीजन में चांदी खरीदकर निवेश करने का चलन दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले बेहतर बना रह सकता है।

LIC Jeevan Utsav: एलआईसी की इस पॉलिसी में सिर्फ 5 साल तक प्रीमियम चुकाए और पूरी जिंदगी इनकम पाएं

अगर आप रिटायरमेंट के बाद के खर्चों के लिए पैसे का इंतजाम करना चाहते हैं तो आप एलआईसी की जीवन उत्सव पॉलिसी के बारे में सोच सकते हैं। इस प्लान में पॉलिसीहोल्डर्स के लिए कई तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। यह एक नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार्टिसिपेटिंग इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस प्लान है। इसका मतलब है कि इसके बेनेफिट्स स्टॉक्स मार्केट्स के रिटर्न पर निर्भर नहीं हैं।

5 साल से 16 साल प्रीमियम चुकाने का विकल्प

LIC Jeevan Utsav में पॉलिसीहोल्डर्स को 5 साल से 16 साल तक प्रीमियम चुकाना है। मिनिमम बेसिक सम-अश्योर्ड 5 लाख रुपये है। मान लीजिए 30 साल का कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये का बेसिक सम अश्योर्ड चाहता है और वह 5 साल के लिए प्रीमियम चुकाने के ऑप्शन को सेलेक्ट करता है। पांच साल के विकल्प में सालाना प्रीमियम 1,10,150 रुपये होगा। अगर वह 8 साल के विकल्प को सेलेक्ट करता है तो यह 72,600 रुपये, 12 साल के विकल्प में सालाना प्रीमियम 44,275 रुपये और 16 साल के विकल्प में 30,025 रुपये होगा।

5 लाख रुपये का बेसिक समय अश्योर्ड

इस प्लान के रेगुलर इनकम बेनेफिट ऑप्शन के तहत पॉलिसीहोल्डर की सालाना इनकम सम अश्योर्ड के 10 फीसदी होगी। 5 लाख रुपये के बेसिक सम अश्योर्ड पर यह सालाना 50,000 रुपये होगी। प्रीमियम चुकाने की अवधि 5 साल होने पर इनकम पॉलिसी के 11वें साल से शुरू हो जाती है। यह पॉलिसीहोल्डर को जीवनभर मिलती रहती है। सालाना इनकम बेसिक सम अश्योर्ड का 10 फीसदी होने का मतलब यह नहीं है कि पॉलिसी में निवेश पर 10 फीसदी का रिटर्न मिलता है। एक्चुअल रिटर्न कुल चुकाए गए प्रीमियम पर निर्भर करता है।

पॉलिसी चुकाने के दौरान गारंटीड एडिशंस

एलआईसी जीवन उत्सव में पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक, प्रीमियम चुकाने की अवधि के दौरान गारंटीड एडिशंस मिलता है। पॉलिसी के हर एलिजिबल ईयर में बेसिक सम अश्योर्ड के हर 1000 रुपये पर 40 रुपये का एडिशंस जुड़ जाता है। 5 लाख रुपये का बेसिक सम अश्योर्ड होने पर हर एलिबिजल ईयर में गारंटीड एडिसंस का अमाउंट 20,000 तक पहुंच जाता है।

इनकम को बाद के लिए टालने का विकल्प

इस प्लान में फ्लेक्सी इनकम बेनेफिट ऑप्शन भी है। यह पॉलिसीहोल्डर को इनकम को बाद के लिए टालने की इजाजत देता है। डेफर्ड अमाउंट पर पॉलिसी में तय रेट के हिसाब से इंटरेस्ट मिलता रहेगा। अभी यह रेट सालाना 5.5 फीसदी है। यह ऑप्शन उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें तुरंत इनकम की जरूरत नहीं है।

पॉलिसीहोल्डर की मौत पर नॉमिनि को डेथ बेनेफिट्स

अगर पॉलिसी जारी रहने के दौरान पॉलिसीहोल्डर की मौत हो जाती है तो नॉमिनी को पॉलिसी की शर्त के लिहाज से डेथ बेनेफिट्स मिलते हैं। एलआईसी तय रूल्स के आधार पर इस बेनेफिट का कैलकुलेशन करता है। इसमें मौत के समय अप्लिकेपल सम अश्योर्ड और गारंटीड एडिशंस शामिल हैं। इस बारे एलआईसी के वेबसाइट से डिटेल हासिल की जा सकती है।

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इस प्लान में लोन की भी सुविधा उपलब्ध

इस पॉलिसी में पॉलिसीहोल्डर के लिए लोन की सुविधा है। लोन का अमाउंट, इंटरेस्ट रेट और पेमेंट की अवधि पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर होगी। पॉलिसीहोल्डर इस प्लान में अतिरिक्त इंश्योरेंस प्रोटेक्शन के लिए ऑप्शनल राइडर्स ले सकते हैं। इस पॉलिसी में चुकाए गए प्रीमियम पर सेक्शन 80सी और 10(10डी) के तहत टैक्स बेनेफिट्स भी उपलब्ध हैं।

FD Calculator: इंडियन बैंक ने एफडी रेट बढ़ाया, जानिए 777 दिन की 10 लाख की एफडी पर इंट्रेस्ट से कितनी होगी कमाई

FD Calculator: शेयर बाजार में लगातार गिरावट से लोगों की दिलचस्पी बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में बढ़ रही है। ऐसे लोगों के लिए अच्छी खबर है। इंडियन बैंक ने अपने खास डिपॉजिट स्कीम में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान किया है। इंडियन बैंक सरकार का बैंक है। इसने इस महीने की शुरुआत में आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद इंटरेस्ट रेट बढ़ाया है। आम तौर पर बैंक आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने पर डिपॉजिट और लोन के इंटरेस्ट रेट में इजाफा करते हैं।

स्कीम का इंटरेस्ट बढ़कर 6.75 फीसदी हुआ

इस स्कीम का नाम Ind Prosper है। इंडियन बैंक ने इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट 15 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाया है। यह स्कीम 777 दिन की है। इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट अब 6.60 फीसदी से बढ़कर 6.75 फीसदी हो गया है। इसका मतलब है कि अब डिपॉजिटर्स को इस स्कीम में पहले के मुकाबले ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा।

10 लाख डिपॉजिट पर  1,43,774 रुपये इंटरेस्ट

अगर 10 लाख रुपये आप इस 777 दिन की स्कीम में रखते हैं तो 6.75 इंटरेस्ट रेट से मैच्योरिटी पर आपको 11,43,774 रुपये मिलेंगे। इसमें 1,43,774 रुपये की इंटरेस्ट इनकम शामिल हैं। यह कैलकुलेशन साधारण ब्याज के आधार पर किया गया है। अगर बैंक हर तिमाही इंटरेस्ट देता है तो मैच्योरिटी अमाउंट बढ़कर 11.52 लाख रुपये हो जाएगा।

सीनियर सिटीजंस को 0.50 फीसदी ज्यादा इंटरेस्ट

इंडियन बैंक की इस स्कीम में सीनियर सिटीजंस को 0.50 फीसदी ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा। इसका मतलब है कि सीनियर सिटीजंस को इस स्कीम में सामान्य डिपॉजिटर्स से ज्यादा इंटरेस्ट मिलेगा। अगर कोई सीनियर सिटीजन 777 दिन की इस एफडी स्कीम में पैसा लगाता है तो उसे 7.25 इंटरेस्ट रेट से मैच्योरिटी पर 11,59,247 रुपये मिलेंगे। इसमें इंटरेस्ट का 1,59,247 रुपये शामिल है। यह कैलकुलेशन साधारण ब्याज के आधार पर किया गया है। अगर बैंक हर तिमाही इंटरेस्ट रेट का पेमेंट करता है तो मैच्योरिटी अमाउंट बढ़कर करीपब 11.60 लाख रुपये हो जाएगा।

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इंटरेस्ट पर स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा 

एफडी पर मिलने वाले इंटरेस्ट पर इनवेस्टर के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। दरअसल, इंटरेस्ट से हुई इनकम को दूसरे स्रोत से हुई इनकम माना जाता है। इसे इनवेस्टर की इनकम में जोड़ दिया जाता है। फिर, वह जिस टैक्स स्लैब में आता है, उसके हिसाब से इस पर टैक्स लगता है। ज्यादा टैक्स स्लैब में आने वाले लोगों को इंटरेस्ट पर ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता है। कम टैक्स स्लैब में आने वाले इनवेस्टर्स को कम टैक्स चुकाना पड़ता है।