Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

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बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bonds में निवेश पर रिटर्न की गांरटी! ऐसे ऐड पर लगेगी रोक, SEBI ने लाया प्रस्ताव

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स के लिए विज्ञापनों से जुड़े नियमों पर सख्ती का प्रस्ताव पेश किया है। सेबी का लक्ष्य ये है कि ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगे जो निवेशकों को बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। सेबी ने इससे जुड़ा कंसल्टेशन पेपर शुक्रवार को जारी किया। इसमें डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर के जरिए होने वाले प्रचार को ध्यान में रखते हुए नए ऐड कोड का प्रस्ताव दिया गया है। इन प्रस्ताव पर सेबी ने 11 सितंबर तक सभी स्टेकहोल्डर्स से कमेंट्स मंगाए हैं।

किस तरह के विज्ञापनों पर रोक लग सकती है?

सेबी ऐसे विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव कर रहा है जिनसे निवेशकों पर तुरंत फैसला लेने का दबाव बन रहा हो। ऐसे ऐड पर रोक लग सकती है, जिसमें अर्जेंसी, बिहैवियरियल प्रॉम्प्ट्स या FOMO (Fear of Missing Out) यानी छूट जाने का डर जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जाए। सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक ऐसे मैसेजेज पर रोक लगाई जाएगी जिसमें उत्साहित होकर निवेशक बॉन्ड के रिस्क की पर्याप्त जांच किए बिना निवेश कर दें। सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक हाई यील्ड, हाई रेटेड या हाई रिटर्न्स जैसे दावों पर बिना पर्याप्त जानकारी के रोक लगेगी

क्या देनी होगी जानकारी?

सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक अगर किसी विज्ञापन में किसी खास बॉन्ड या सिक्योरिटी का प्रचार किया जा रहा है, तो प्लेटफॉर्म को कुछ खास जानकारी देनी होगी, जैसे कि इसे जारी कौन कर रहा (Issuer), इसकी अवधि कितनी है (Tenor), इसकी क्रेडिट रेटिंग, सिक्योरिटी का प्रकार, क्लीन प्राइस और डर्टी प्राइस, यील्ड टू मेच्योरिटी (YTM), क्रेडिट रिस्स-ओ-मीटर। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक निवेश करने से पहले बॉन्ड से जुड़ी अहम जानकारी और रिस्क को समझ सकें।

फिक्स्ड रिटर्न को लेकर क्या है प्रस्ताव?

सेबी ने फिक्स्ड रिटर्न्स, प्रेडिक्टेबिल रिटर्न्स और पैसिव इनकम जैसे शब्दों के इस्तेमाल के लिए भी खास निर्देश दिए हैं ताकि ऐसा ना लगे कि निवेश पर खास रिटर्न की गारंटी है। अगर किसी विज्ञापन में ‘फिक्स्ड रिटर्न’ लिखा जा रहा है, तो उसमें प्रमुखता से यह डिस्क्लेमर देना होगा कि फिक्स्ड रिटर्न्स की गारंटी नहीं होती और डेट सिक्योरिटीज में मार्केट रिस्क, क्रेडिट रिस्क और डिफॉल्ट का रिस्क होता है यानी कि बॉन्ड्स से रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित या गारंटीड है, ऐसा विज्ञापन के जरिए नहीं बताया जा सकेगा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Trading plan : कच्चे तेल में उबाल के बावजूद बाजार में बुल्स का जलवा कायम है। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड ठंडी होने से जोरदार तेजी आई है। निफ्टी करीब 160 प्वाइंट चढ़कर 24250 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में 400 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। IT और बैंक दोनों ने बाजार में जोश भरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं, फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6% से ज्यादा फिसला है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत हुआ है। MCX और मोतीलाल ओसवाल 4-5 फीसदी उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही रियल्टी में भी रफ्तार है। NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

आज न्यू एज शेयरों का जलवा देखने को मिल रहा है। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट से स्विगी में खरीदारी आई है। यह शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही इटरनल निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर दूसरे न्यू एज PAYTM,कारट्रेड और GROWW में भी 2-4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की मंजूरी मांग सकता है। इसके लिए Permit-to-Trade नियमों के तहत SEBI में अर्जी दी जा सकती है। इस खबर के बाद BSE पर दबाव बना है। उधर शुगर शेयरों की मिठास जारी है। बलरामपुर चीनी और द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। साथ ही त्रिवेणी इंजीनियरिंग,बजाज हिंदुस्तान और अवध शुगर्स भी 5-9 फीसदी दौड़े हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार की पोजीशन पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज शानदार तेजी का दिन देखने को मिला। 11 दिनों का लोअर हाईज का ट्रेंड टूटा है। निफ्टी ने जोरदार तरीके से हायर लो भी बनाया। निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों से सपोर्ट मिला है। डॉलर के गिरने और बॉन्ड यील्ड ठंडी पड़ने का असर देखने को मिला है। कच्चा तेल $93 के पार है, फिर भी बाजार गुलजार है। मार्केट ब्रेड्थ भी आज काफी शानदार है।

बाजार: अब क्या?

हमने सुबह नजरिया लिया कि करेक्शन खत्म होने के संकेत हैं और अब लग रहा है 24,000 नहीं टूटेगा। बस बैंक निफ्टी अभी भी थोड़ा फंस रहा है। कम्फर्ट के लिए 57,600 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी है। आज निफ्टी में शायद अच्छा शॉर्ट कवरिंग डाटा आए। पिछले कई दिनों से FIIs ने बड़ी शॉर्टिंग की थी। आज की सबसे बड़ी थीम फिर शुगर रही। सिर्फ CNBC-आवाज ने शुगर पर समय पर अलर्ट किया।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,200 पर सपोर्ट और 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,500 पर सपोर्ट और 57,600-57,900 पर रेजिस्टेंस है।

BSE Vs MCX: रंग लाई स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ दिनों से हमने BUY MCX और SELL BSE का नजरिया रखा। BSE में रोज बिकवाली करके पैसा बन रहा है। MCX में गिरावट में खरीदारी पर पैसा बन रहा है। BSE के वॉल्यूम्स में गिरावट दिख रही है और MCX के कमोडिटी कारोबार वॉल्यूम में उछाल दिखा है। अगर NSE की ट्रेडिंग की इजाजत NSE पर मिल गई तो BSE के लिए और निगेटिव होगा।

प्री-CAS रणनीति

बाजार में आज बॉटम बनने के संकेत हैं। चाहें तो मंथ एंड कॉल ऑप्शंस लेकर जा सकते हैं। निफ्टी की मंथ एंड की कॉल्स ले सकते हैं। आज तेजी का पहला दिन है,अगर सब सही रहा तो 24,600 जा सकते हैं। लेकिन नेकेड फ्यूचर्स ना लेकर जाएं,कॉल्स लें या हेज करें।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CAS में गड़बड़ी पर SEBI का तगड़ा एक्शन, जेपी मॉर्गन की इकाई मानसी शेयर पर लगी रोक, जानिए कैसे हुआ ये पूरा खेल

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने दो एंटिटीज़ को सिक्योरिटीज़ मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही इनके द्वारा गलत तरीके से कमाए गए 3.68 करोड़ रुपये जब्त करने के भी आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई एक अंतरिम जांच के बाद की गई है जिसमें 13 अगस्त, 2026 को इंडेक्स की एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान सेंसेक्स में हेरफेर के शुरुआती सबूत मिले थे।

सेबी ने 19 अगस्त को JP मॉर्गन की कंपनी कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (Copthall Mauritius Investment Limited) से 2.96 करोड़ रुपये और मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड (Mansi Share and Stock Broking Private Limited) से 71.65 लाख रुपये ज़ब्त करने का आदेश दिया है।

SEBI के सर्विलांस सिस्टम ने 13 अगस्त को दोपहर 3:20 से 3:30 बजे के बीच CAS विंडो में सेंसेक्स की इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस (IEP) में तीन बड़े उतार-चढ़ाव देखे। इनमें 362.02 प्वाइंट, 132.67 प्वाइंट और 405.08 प्वाइंट के उतार-चढ़ाव शामिल थे,जो 2 सेकंड से लेकर 28 सेकंड के अंदर हुए थे। इस दिन आखिर में सेंसेक्स 78,080 पर बंद हुआ,जो निफ्टी में हुई वैसी ही हलचल के आधार पर SEBI के हिसाब से तय लेवल से लगभग 240 प्वाइंट ज़्यादा था। इससे सेबी को गड़बड़ी की आशंका हुई।

कॉप्थॉल ने कैसे किया खेल?

सेबी की जांच से पता चला कि कॉप्थॉल ने आक्रामक खरीदारी से सेंसेक्स को ऊपर चढ़ाया। सेंसेक्स के सभी शेयरों में एग्रेसिव तरीके से 126 करोड़ रुपए के BUY ऑर्डर लगाए। ये ऑर्डर रेफरेंस प्राइस से करीब 3% ऊपर लगाए गए थे। CAS के दौरान कुल Buy ऑर्डर वैल्यू में इनकी 99.91% हिस्सेदारी थी। बाद में खरीदारी के सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। इस तरह कॉप्थॉल ने ऑप्शंस के जरिये की 2.96 करोड़ रुपए कमाए।

कॉप्थॉल की ऑप्शंस पोजिशन

कॉप्थॉल की ऑप्शंस पोजिशन पर नजर डाले तो इसने जांच वाले दिन के 1 दिन पहले 26560 सेंसेक्स 77500 के कॉल खरीदे और 26560 सेंसेक्स 77500 पुट बेचे। वहीं, उसी दिन इंट्राडे में इसने 84200 सेंसेक्स 78000 के कॉल खरीदे और 84200 सेंसेक्स 78000 पुट बेचे। इसी तरह इसने इसने जांच वाले दिन के 1 दिन पहले 12640 सेंसेक्स 78500 के कॉल खरीदे और 12640 सेंसेक्स 78500 के पुट बेचे।

SEBI ने कहा कि कीमत में बदलाव होने के बाद कॉप्थॉल ने इन ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा रद्द कर दिया। उनकी डेरिवेटिव्स पोजीशन में सेंसेक्स ऑप्शंस में लॉन्ग कॉल और शॉर्ट पुट पोजीशन शामिल थीं,जिन्हें इंडेक्स के ऊंचे स्तर पर बंद होने से फायदा होता।

मानसी शेयर ने कैसे किया खेल?

इसने सेंसेक्स के 8 शेयरों में ऑर्डर लगाए। कुल 12.65 लाख शेयरों के Sell ऑर्डर लगाए गए। 7.05 लाख शेयर 2.5% नीचे के भाव पर लगाए गए। ये ऑर्डर रेफरेंस प्राइस से 2.5% नीचे थे। इसके बाद मानसी ने पूरे Sell ऑर्डर कैंसिल कर दिए। इस तरह मानसी ने पुट ऑप्शंस खरीदकर 71.64 लाख रुपए कमाए।

मानसी शेयर की ऑप्शंस पोजिशन

मानसी ने इंट्राडे में 5000 सेंसेक्स 77800 के कॉल खरीदे। इसके साथ ही इसने इंट्राडे में ही 42020 सेंसेक्स 77800 के पुट खरीदे। दूसरी किस्त में इसने इंट्राडे में 83320 सेंसेक्स 77900 पुट खरीदे। फिर इसने तीसरी किस्त में इंट्राडे में ही 44000 सेंसेक्स 78000 पुट खरीदे।

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने रेफरेंस प्राइस से काफी कम कीमत पर बड़े सेल ऑर्डर दिए थे। SEBI के अनुसार,इन ऑर्डरों ने लगभग पांच मिनट तक इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा और फिर लगभग सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। मानसी की डेरिवेटिव्स पोजीशन में पुट ऑप्शन शामिल थे,जिनसे सेंसेक्स के निचले स्तर पर बंद होने से फायदा होता।

SEBI ने कहा है कि Copthall ने इस गलत तरीके से ₹2.96 करोड़ और Mansi ने ₹71.64 लाख की कमाई की। हालांकि,आदेश में यह नहीं कहा गया है कि इन दोनों एंटिटीज ने मिलीभगत के साथ काम किया। SEBI का शुरुआती आकलन यह है कि इन एंटिटीज ने स्वतंत्र रूप से इंडेक्स को अपनी-अपनी डेरिवेटिव्स पोजीशन का फ़ायदा उठाने के लिए प्रभावित किया।

SEBI ने आगे की जांच होने तक दोनों संस्थाओं को सिक्योरिटीज़ मार्केट में ट्रेड करने और CAS में सीधे या परोक्ष रूप से भाग लेने से रोक दिया है। मानसी के मामले में ये पाबंदियां उसके प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग अकाउंट पर लागू होंगी।

सेबी ने इनके बैंक और डीमैट अकाउंट से पैसे निकालने पर भी रोक लगा दी है,SEBI की मंज़ूरी के बिना एसेट्स को बेचने या ट्रांसफर करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है और उन्हें 15 दिनों के अंदर अपने एसेट्स,बैंक अकाउंट,डीमैट अकाउंट,सिक्योरिटीज़ और इन्वेस्टमेंट की पूरी लिस्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। SEBI ने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी।

 

 

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4 नियम पड़े रिटेल इंवेस्टर्स पर भारी, SEBI ने लाया था खास वजह से और पड़ा ऐसा असर

पिछले दो वर्षों में मार्केट रेगुलेटर सेबी देश के कैपिटल मार्केट को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और लेस स्पेक्यूलेटिव यानी कम सट्टेबाजी वाला बनाने के लिए कई नियम लागू किए हैं। इसका उद्देश्य रिटेल इंवेस्टर्स को बचाना, लेवरेज कम करना और रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करना है। ब्रोकरेज फर्म सैम्को सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी के मुताबिक सेबी की यह पहल बेहतर तो है रेगुलेशन के साथ-साथ मार्केट की एफिसिएंसी, लिक्विडिटी और फेयर एक्सेस भी बनी रहनी चाहिए। यहां ऐसे ही 4 नियमों के बारे में बताया जा रहा है, जिनसे रिटेल इंवेस्टर्स काफी प्रभावित हुए और जिमीत मोदी ने रिटेलर्स पर इसके असर को लेकर जिक्र किया है।

4 नियम और उनके असर

1.F&O पर लगाम से घटी सट्टेबाजी लेकिन एक्सेस भी हुआ कम

सेबी ने सबसे बड़ा दखल इक्विटी डेरिवेटिव्स में दिया है। इसके तहत कॉन्ट्रैक्ट का साइज बढ़ाया गया, वीकली एक्सपायरी के ऑप्शन कम किए गए, एक्सपायरी-डे पर रिस्क कवर बढ़ाया गया, ऑप्शन प्रीमियम पहले से जमा करना जरूरी किया गया और पोजिशन लिमिट की इंट्रा-डे मॉनिटरिंग शुरू की गई। इसका उद्देश्य बहुत अधिक शॉर्ट-टर्म स्पेक्यूलेटिव को रोकना और रिटेल इन्वेस्टर्स को बड़े नुकसान से बचाना था।

हालांकि वित्त वर्ष 2026 में F&O में रिटेलर्स का नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रह गया लेकिन F&O में हिस्सेदारी भी लगभग 20% घटकर 78.6 लाख रह गई। रिटेलर्स का नुकसान कम तो हुआ लेकिन प्रति ट्रेडर औसत नुकसान ₹1.14 लाख से बढ़कर ₹1.17 लाख हो गया। इससे एक अहम सवाल उठता है कि क्या हम समस्या को हल कर रहे हैं, या हिस्सेदारी कम करके एक्सपोजर को कम कर रहे हैं?

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2.लॉट साइज में बढ़ोतरी: सुरक्षित मार्केट या हाई एंट्री बैरियर्स?

मिनिमम कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू बढ़ाने का मकसद छोटे निवेशकों को बहुत बड़ी स्पेक्यूलेटिव वाली पोजिशन लेने से रोकना था। हालांकि डेरिवेटिव्स रिस्क-मैनेजमेंट टूल का भी एक बड़ा जरिया है, खासतौर से उन निवेशकों के लिए जो अपने कैश-मार्केट एक्सपोजर को हेज करना चाहते हैं। लॉट साइज बड़ा होने से ऐसे हेज के लिए अधिक कैपिटल की जरूरत पड़ने लगी जिससे अंडरलाइंग पोजिशन के साथ हेज का तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए मार्केट में हिस्सा लेना मुश्किल बनाने करने की बजाय इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि वे रिस्क को कैसे मैनेज करते हैं।

3.एक्सपायरी और मार्जिन के नियम

सेबी ने एक्सपायरी के समय मिलने वाले कई मार्जिन बेनेफिट्स को हटा दिया और वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव्स के नियमों को तार्किक बनाया। इसका उद्देश्य बहुत अधिक रिस्क वाली पोजिशन और एक्सपायरी के दिन होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को कम करना था, लेकिन इनसे ट्रेडिंग और हेजिंग की चली आ रही स्ट्रैटेजीज भी बदल गई हैं। सेबी की साल 2025 की स्टडी से पता चला कि इससे इक्विटी डेरिवेटिव्स में यूनिक इंडिविजुअल ट्रेडर्स की संख्या सालाना आधार पर 20% गिर गई तो प्रीमियम के हिसाब से इंडिविजुअल टर्नओवर 11% घट गया। ऐसे में सेबी का नियम सिर्फ खराब तरीके ही नहीं हटा रहा, बल्कि मार्केट के तरीके को भी बदल रहा है।

4.क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS): बेहतर प्राइस डिस्कवरी लेकिन

3 अगस्त 2026 से सेबी ने F&O स्टॉक्स के लिए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ (CAS) शुरू किया, जिसने पहले के 30 मिनट वाले VWAP-बेस्ड क्लोजिंग सिस्टम की जगह ली। इसका उद्देश्य कीमत तय करने के तरीके को बेहतर बनाना, आखिरी मिनट के ट्रेड के असर को कम करना और भारतीय मार्केट को ग्लोबल तौर-तरीकों से जोड़ना। हालांकि शुरुआती कुछ सेशन में स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों में असामान्य अंतर दिखा और शुरुआत में लोगों की भागीदारी कम रही। सेबी के मुताबिक इसमें कोई मैनिपुलेशन नहीं मिला है, और तब से भागीदारी में सुधार भी हुआ है। हालांकि इससे यह सबक मिलता है कि अच्छे ढंग से बनाए गए सुधार भी मार्केट में हिस्सा लेने वालों के लिए थोड़े समय के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।

कहां आई दिक्कत?

सेबी के नियमों से एफएंडओ एक्टिविटी कम हुई। इसकी वित्त वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स 51.5% और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 17.7% घट गया। इसकी वजह एसटीटी में बढ़ोतरी के साथ-साथ सेबी के नियम भी हैं। जिमीत के मुताबिक स्पेक्यूलेशन में कमी तब अच्छी है, जब इससे अच्छा रुख दिखे लेकिन अगर वॉल्यूम भी गिरे क्योंकि मार्केट में एंट्री बहुत महंगी या कठिन हो गई है तो इससे लिक्विडिटी और प्राइस डिस्कवरी पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि लक्ष्य सड़क को सुरक्षित बनाना होना चाहिए, सड़क को खाली करना नहीं। जिमीत के मुताबिक भारतीय मार्केट को देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों के मजबूत निवेश की जरूरत है। जिमीत के मुताबिक बैरियर बढ़ाने की तुलना में बेहतर डिस्क्लोजर, इंवेस्टर एडुकेशन, सूटेबिलिटी चेक्स और रिस्क-बेस्ड सेफगार्ड्स अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

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Trading Ideas: बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, अनुज सिंघल से जाने आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Ideas : बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के करीब आ गया है। RIL,SBI, M&M और एक्सिस बैंक ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया है। बैंक निफ्टी में भी हल्की कमजोरी दिख रही है। मिडकैप में भी हल्की नरमी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिल रही है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

जानिए आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई का रणनीति

CAS और एक्सपायरी

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि कल सेंसेक्स की एक्सपायरी में भी ऑप्शन भाव में बड़ी गड़बड़ दिखी। 3:15 से 3:30 के बीच ऑप्शन भाव में भारी उतार-चढ़ाव था। बाजार फिर रेंज में दिख रहा है। बाजार में 2 दिनों से एक जैसा पैटर्न है। सुबह बिकवाली और दोपहर में खरीदारी हो रही है। कल भी 24,450 के SL के साथ बिकवाली की रणनीति ने काम किया और फिर 24,250 के SL के साथ खरीदारी की रणनीति ने काम किया। आज देखते हैं क्या वही पैटर्न दोहराया जाएगा।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल ने कहा कि आज शुक्रवार है, यानी एक्सपायरी का कोई डर नहीं है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। इसका मतलब अब स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी कम होंगे। FIIs की लगातार इंडेक्स शॉर्टिंग जारी,कल भी शॉर्ट जोड़े गए हैं। India VIX भी Complacency Zone में है, ये थोड़ा खल रहा है। डिफेंस सबसे मजबूत सेक्टर है,इसके नतीजे भी शानदार हैं। पिछले 2 दिनों में निफ्टी का पैटर्न एक जैसा रहा है। दोनों दिन पहले शॉर्ट ट्रेड फिर लॉन्ग ट्रेड चली। 24,450 के SL से शॉर्ट और 24,250 के SL से लॉन्ग ने काम किया। बस एक फर्क था,परसों IT गिरा और बैंक चले थे। कल IT चला और बैंक गिरे थे। आज फिर चिप शेयरों में रैली और कोस्पी ऊपर है। आज देखना होगा कि IT शेयर और बैंक कैसे करते हैं।

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निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 24,250-24,300 पर है। इसमें खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 24,300-24,350 है। इसके लिए SL 24,250 पर रखें। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,400-24,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,500-24,550 पर है। 24,400-24,450 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। SL 24,500 पर रखें। दोनों तरफ मुनाफा जल्दी बुक करें। अगर रेंज टूटी तो रणनीति फिर से देखेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 57,400-57,600 पर और बड़ा सपोर्ट 57,100-57,300 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58,000-58,200 पर है। बैंक निफ्टी में ट्रेड लेना इस समय काफी मुश्किल है।

 

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Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर बढ़ाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। निफ्टी 175 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी की तेजी भी कम हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी नरमी देखने को मिल रही है। बाजार में गिरावट के बावजूद वौलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX में तेजी देखने को नहीं मिल रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा है कि वे फरवरी 2027 तक का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन फिर से नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। कंपनी के बोर्ड को उत्तराधिकारी पर फैसला लेना चाहिए। एन चंद्रा के इस्तीफे से TCS 5 फीसदी फिसलकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। टाटा ग्रुप के दूसरे शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।

IT शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली है। आईटी इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा फिसला है। TCS के साथ LTM, परसिस्टेंट और इंफोसिस में भी दबाव देखने को मिल रहा है। साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी और FMCG इंडेक्स करीब एक फीसदी फिसले हैं। वहीं दूसरी ओर आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 3-4 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 6 फीसदी टूटा। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश से दूसरे दिन भी इन शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है।

नतीजों के लिहाज से कल बड़ा दिन है। कल निफ्टी की दो कंपनियों टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV) और मैक्स हेल्थ के रिजल्ट आएंगे। TMPV का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 46% बढ़ सकता है। लेकिन कच्चे माल के दाम बढ़ने से मुनाफे और मार्जिन पर दबाव संभव है। साथ ही जुबिलेंट फूड, अंबर समेत वायदा की 5 कंपनियां भी रिजल्ट पेश करेंगी।

बाजार: खराब दिन

बाजार पर अपनी राय देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज एक खराब दिन रहा। सुबह-सुबह CNBC-आवाज़ पर इसी की चर्चा थी। कल ही बाजार ने चेतावनी के संकेत दिए थे। निफ्टी अब 24,350 के नीचे काम कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी अभी भी अहम स्तरों के ऊपर है। लेकिन निफ्टी IT और बाकी बड़े शेयरों में गिरावट है। एन चंद्रा की टाटा संस वाली खबर से भी सेंटीमेंट खराब हुआ है। चंद्रा दोबारा चेयरमैन नहीं बनेंगे। अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। हॉस्पिटल शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट आई।

बाजार: अब क्या?

बाजार में ब्रेकआउट फेल होने के पूरे संकेत हैं और ऐसे में वापस रेंज के लो टेस्ट हो सकते हैं। अगर निफ्टी 24,300 के नीचे बंद हुआ तो बड़ा नेगेटिव होगा। कच्चा तेल नीचे आने को तैयार नहीं है और मामला सिर्फ तेल का नहीं, सप्लाई का है। होर्मुज से सप्लाई वापस ठप हो चुकी है। ऐसे में बाजार में वापस बड़े करेक्शन का रिस्क है। स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी अब काफी कम हो रहे हैं और परसों अर्निंग सीजन भी खत्म हो रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सतर्क रहना बेहतर रहेगा। लेकिन अगर अच्छा ट्रेड मिले तो जरूर लें, जैसे कि आज नाल्को और PI इंडस्ट्रीज में मिली।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर सपोर्ट और 24,400-24,450 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

प्री-CAS रणनीति

शॉर्ट पोजिशन्स लेकर ना जाएं। शॉर्ट का नजरिया सिर्फ इंट्राडे का था।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में आज हो सकती है रिकवरी की कोशिश, कमाई के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : लगातार हो रहे कंसोलिडेशन और रेंजबाउंड ट्रेडिंग के बीच, मार्केट के पिछले दिन के निचले स्तर (low) को बनाए रखने और वापसी (rebound) करने की कोशिश करने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि, हमारी नजर इस बात पर होगी की यह बढ़त कितनी टिकाऊ रहेगी। निफ्टी को आज 24,500–24,600 के दायरे में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह लगातार इस दायरे से ऊपर बना रहता है, तो इसके 24,700–24,800 के स्तर तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 24,429 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 24,350–24,200 की ओर गिर सकता है। वहीं, नीचे की तरफ, 24,429 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो यह 24,350–24,200 की ओर फिसल सकता है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 50-डे EMA (जो 57,100 पर है) पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है। अगर यह इस स्तर से नीचे जाता है, तो इसमें 56,800–56,500 तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि अगर इसमें रिकवरी होती है तो 57,600–57,700 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इसके बाद 58,100–58,250 के जोन में अगला अहम रेजिस्टेंस होगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO, आशीष क्याल का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ़्टी ने 4 अगस्त से बने ट्रायंगल पैटर्न के रेंज में रहने के बाद आखिरकार उससे नीचे की ओर ब्रेकडाउन दिया। इंडेक्स में दिन के हाई से लगभग 130 अंकों की तेज इंट्राडे गिरावट नजर आई। US-ईरान शांति वार्ता को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार की परेशानी को और बढ़ा रही हैं।

इसके अलावा हाल ही में शुरू किए गए CAS सिस्टम की वजह से मार्केट के बड़े प्लेयर्स अभी वेट एंड वॉच मोड में हैं। हालांकि, जैसे-जैसे मार्केट इस नए सिस्टम का आदी होगा, इसमें धीरे-धीरे भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। तब तक तिमाही नतीजों औरअपडेट्स को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा स्टॉक्स पर फोकस किया जा सकता है, बशर्ते निफ्टी में अहम जोन के नीचे कोई बड़ी गिरावट न आए।

डेली चार्ट पर निफ्टी कल पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे और 24,429 के पिछले गैप-सपोर्ट जोन के पास बंद हुआ। अगर यह इस जोन के नीचे जाता है, तो इससे शॉर्ट टर्म टॉप बनने की संभावना बढ़ जाएगी। अभी, इंडेक्स 24 जुलाई से शुरू हुई पिछली रैली से 23.6 प्रतिशत नीचे आया है। अगर यह 24,429 के नीचे जाता है तो हमें 24,320 की ओर मूवमेंट आता दिख सकता है जो 38.2 फीसदी रिट्रेसमेंट लेवल है।

थ्री-कैंडलस्टिक रूल के आधार पर देखें तो मार्केट ट्रेंड नीचे की ओर बदलता हुआ दिख रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और बिकवाली (फ़ॉलो-अप सेलिंग) की जरूरत है। 24,429 के नीचे जाने पर बिकवाली और बढ़ सकती है, जिससे निफ्टी 24,320–24,300 के लेवल या उससे नीचे जा सकता है। ऊपर की ओर, 24,630 सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस है।

अहम रेजिस्टेंस (फ्यूचर्स): 24,630

अहम सपोर्ट (फ्यूचर्स): 24,250

स्ट्रैटेजी : निफ्टी फ्यूचर्स में 24,420 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 24,520 और टारगेट 24,320, उसके बाद 24,250 होगा।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

आशीष क्याल का कहना है कि पिछले हफ्ते बैंक निफ्टी ने वॉल्यूम प्रोफाइल के मेन ‘पॉइंट ऑफ कंट्रोल’ (POC) एरिया को छुआ और उसके पास उसे रुकावट (रेजिस्टेंस) का सामना करना पड़ा। उस लेवल से इंडेक्स धीरे-धीरे नीचे आ रहा है। बैंक निफ्टी पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से गिरावट के साथ बंद हो रहा है। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की मुख्य भूमिका रही है। पिछले सेशन में यह इंडेक्स डेली चार्ट पर मिड-बोलिंगर बैंड के नीचे बंद हुआ, जिससे पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

इंडेक्स अब उस ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के सपोर्ट को टेस्ट कर रहा है, जो अप्रैल 2026 के निचले स्तर से बनी हुई है। अगर यह मंगलवार के 57,100 के निचले स्तर से नीचे जाता है, तो यह सपोर्ट स्ट्रक्चर कमजोर हो जाएगा और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

बैंक निफ्टी अपसाइड मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। यह रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाने के लिए संघर्ष कर रहा है। 57,100 के नीचे जाने पर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है, जिससे यह 56,680–56,700 के लेवल तक जा सकता है। ऊपर की तरफ, 57,650 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस है जिस पर नजर रखनी चाहिए।

अहम रेजिस्टेंस (फ्यूचर्स): 57,650

अहम सपोर्ट (फ्यूचर्स): 56,500

स्ट्रेटेजी : बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में 57,100 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई जा सकती है, जिसमें स्टॉप-लॉस 57,350 और टारगेट 56,850, उसके बाद 56,700 होगा।

 

 

Market cues : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव, रिकवरी आने पर 24600-24700 पर दिखेगा रेजिस्टेंस

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निफ्टी में हेरफेर से आखिरी समय में जोरदार तेजी आई? 3 और 4 अगस्त के ट्रेड्स की जांच कर रहा SEBI

मार्केट रेगुलेटर SEBI 3 और 4 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान हुए ट्रेड्स की जांच कर रहा है। रेगुलेटर यह पता लगाना चाहता है कि कहीं क्लोजिंग प्राइस या इंडेक्स में हेरफेर तो नहीं किया गया। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, SEBI ने दोनों दिनों का ट्रेडिंग डेटा स्टॉक एक्सचेंजों से मांगा था। एक्सचेंज डेटा दे चुके हैं। अब नियामक उसकी जांच कर रहा है।

क्या देख रहा है SEBI?

SEBI यह समझना चाहता है कि CAS शुरू होने से पहले और उसके बाद इंडेक्स में जो बड़ा अंतर दिखा, वह सामान्य था या किसी ने जानबूझकर क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित किया।

3 अगस्त को CAS के पहले दिन निफ्टी 3:28 बजे करीब 24,573 पर था। सिर्फ दो मिनट में यह 201 अंक उछलकर 24,774 पर पहुंच गया।

इसी तरह 4 अगस्त को 3 बजे निफ्टी 24,463 के आसपास था। 3:15 बजे तक यह 152 अंक चढ़कर 24,615 पर पहुंच गया। इन तेज बदलावों के बाद बाजार में सवाल उठने लगे।

हेरफेर की आशंका क्यों?

बाजार के जानकारों का कहना है कि CAS के दौरान ट्रेडिंग कम होती है। ऐसे में कम कारोबार वाले शेयरों या इंडेक्स में बड़ी खरीद-बिक्री करके क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करना आसान हो सकता है।

उदाहरण के लिए, कोई बड़ा निवेशक पहले इंडेक्स में पोजिशन बना सकता है। फिर CAS के दौरान बड़ी खरीदारी करके इंडेक्स को ऊपर धकेलने की कोशिश कर सकता है। एक्सपायरी वाले दिन ऐसा जोखिम और बढ़ सकता है।

लेकिन साबित करना आसान नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ किसी ट्रेड से इंडेक्स ऊपर-नीचे हुआ, इससे हेरफेर साबित नहीं होता। SEBI को यह भी दिखाना होगा कि क्लोजिंग प्राइस को प्रभावित करने की मंशा थी और इसमें एक से ज्यादा पक्ष शामिल थे।

SEBI ने क्या कदम उठाए?

SEBI ने ब्रोकरों से कहा है कि वे रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाएं। साथ ही अपने ट्रेडिंग ऐप पर Indicative Price को साफ तौर पर दिखाएं।

सूत्रों का कहना है कि यह निगरानी पहले से तय योजना का हिस्सा है। इसका मकसद सामान्य निवेशकों को रोकना नहीं, बल्कि बाजार में निष्पक्ष और व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करना है।

Closing Auction Session (CAS) क्या है?

Closing Auction Session यानी CAS शेयर बाजार में 3:15 बजे से 3:30 बजे तक चलने वाली 15 मिनट की प्रक्रिया है। इस दौरान खरीद और बिक्री के ऑर्डर मिलाए जाते हैं। फिर ऐसा क्लोजिंग प्राइस तय होता है, जिस पर सबसे ज्यादा ट्रेड हो सकें।

SEBI ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की है ताकि क्लोजिंग प्राइस ज्यादा सटीक और पारदर्शी हो। साथ ही क्लोजिंग के समय हेरफेर की गुंजाइश कम हो और भारतीय शेयर बाजार वैश्विक मानकों के और करीब पहुंचे।

टाटा ग्रुप की TCS ने डेटा लीक की खबरों को खारिज किया, कहा- सिस्टम में सेंध के कोई सबूत नहीं

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

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