अगले 48 घंटे यूपी में भारी बारिश! प्रयागराज, बरेली समेत इन जिलों के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट, जानिए मौसम का पूरा हाल

राजधानी दिल्ली, यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में अब मानसून पूरी तरह से छा गया है। देश के कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। वहीं उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने एक बार फिर नई चेतावनी दी है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून फिर से सक्रिय होने वाला है। इसके चलते राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं मंगलवार और बुधवार को पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है।

इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के फिर से सक्रिय होने से अगले दो से तीन दिनों में लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। कई इलाकों में लगातार बारिश होने से मौसम सुहावना बना रहेगा। आईएमडी ने 30 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक, सोमवार को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं मंगलवार और बुधवार को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने का भी अनुमान है। सोमवार को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मंगलवार को यूपी के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, लखीमपुर खीरी, शामली, मेरठ, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा और झांसी में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि आंधी, बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। जिन इलाकों में ज्यादा बारिश होगी, वहां जलभराव की स्थिति बन सकती है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो सकती है।

कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।

एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-

वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।

इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।

पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)

उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 ⁠जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)

असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।

आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक

जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह

खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।

16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।

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हैवी रेन की रेड वॉर्निंग: IMD ने इन 16 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट दिया पर दिल्ली-यूपी को राहत नहीं! ये 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं। इन खतरनाक वेदर सिस्टम्स की वजह से ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसके साथ देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस भारी वेदर सिस्टम के बीच दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को फिलहाल बारिश से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है और यहां के निवासियों को पसीने छुड़ाने वाली उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

देखें वेदर रिपोर्ट

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6 चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे तबाही

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं:

लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 716 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ने की संभावना है।

6 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम अब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

उत्तरी बिहार और उसके आस-पास के इलाके में 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसके अलावा पूर्वी असम (1.5 किमी) और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान (3.1 किमी) के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ: मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है। 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है।

इन 16 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता के आधार पर राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

  • गांगेय पश्चिम बंगाल
  • छत्तीसगढ़
  • अरुणाचल प्रदेश

भारी बारिश का अलर्ट

देश के इन 12 राज्यों/क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है-

  • बिहार और झारखंड
  • उत्तराखंड
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • तटीय आंध्र प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दिल्ली-यूपी को राहत नहीं: उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप

इतने राज्यों में हो रही भारी बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान करेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।

समुद्र में हाई अलर्ट: मछुआरों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण समुद्र के भीतर हालात बेहद खराब हैं। ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे से लेकर 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दक्षिण श्रीलंका, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में हवा की रफ्तार 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम-मध्य, उत्तर, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ सोमालिया और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की आशंका है। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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IMD Heavy Rain Alert: अगले 7 दिन इन राज्यों में होगी आफत की बारिश! 60 Kmph की आंधी भी, बिहार से लेकर MP तक 17 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Weekly Weather Forecast: देशभर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 से 17 जुलाई तक के लिए देशभर का साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान पूर्वी, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है।

इस दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में जहां मूसलाधार बारिश का संकट मंडरा रहा है। वहीं, मध्य भारत में तेज आंधी-तूफान का अलर्ट है। दूसरी ओर, दक्षिण के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम:-

मध्य भारत: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रहेगा:-

  • 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
  • 11 से 15 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में मूसलाधार बारिश

पूर्वी भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

  • बिहार में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना।
  • 11 और 12 जुलाई को बिहार के कुछ इलाकों में अति भारी बारिश हो सकती है।
  • झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
  • कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

पूर्वोत्तर भारत: मेघालय में सबसे ज्यादा खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का अनुमान है:-

  • 11 जुलाई को मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
  • 12 जुलाई को असम और मेघालय में अति भारी बारिश का अलर्ट।
  • पूरे सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र में बरसेंगे बादल
  • कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
  • गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी लगातार हल्की से मध्यम बारिश का दौर।

दक्षिण भारत: बारिश भी, हीटवेव भी

  • केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार।
  • 11 जुलाई को तमिलनाडु में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 जुलाई को हीटवेव का अलर्ट जारी।

कहां चलेगी तेज हवा?

IMD के मुताबिक, कई राज्यों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं:-

पूर्वी मध्य प्रदेश

विदर्भ

झारखंड

अंडमान-निकोबार

तमिलनाडु

ओडिशा

बीते 24 घंटे: कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।

  • चेरापूंजी (मेघालय) – 19 सेमी
  • मौसिनराम (मेघालय) – 17 सेमी
  • नाहन (हिमाचल प्रदेश) – 16 सेमी
  • फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) – 16 सेमी
  • कीर्तिनगर (उत्तराखंड) – 13 सेमी
  • बिक्रम (पटना, बिहार) – 10 सेमी

लोगों के लिए जरूरी सलाह

  • भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • स्थानीय प्रशासन और IMD की एडवाइजरी का पालन करें।

इन राज्यों में आज ‘अत्यधिक भारी’ बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में आफत

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। इसके अलावा:-

  • असम और मेघालय में 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि 13 से 17 जुलाई के बीच भी भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में 15 जुलाई तक आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों के लिए भी मौसम विभाग ने चिंता जताई है:-

  • बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 और 12 जुलाई को ‘बहुत भारी बारिश’ (Very Heavy Rainfall) होने के आसार हैं। बिहार में 13 से 15 जुलाई के बीच भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
  • झारखंड में 12 से 14 जुलाई, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 11-13 व 16-17 जुलाई और ओडिशा में 11 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
  • मध्य और पश्चिम भारत: आंधी-तूफान के साथ 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मध्य भारत में बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं का तांडव देखने को मिल सकता है।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (11-14 जुलाई) और विदर्भ (13-15 जुलाई) में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश में 11 से 14 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • छत्तीसगढ़ में 14 से 17 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में भी 17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।

लू (Heat Wave) की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में पानी बरस रहा है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अलग-अलग इलाकों में 11 और 12 जुलाई को भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है।

कल का मौसम 11 जुलाई: IMD ने इन 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, बिहार-पूर्वी यूपी समेत पूर्वोत्तर में बरसेंगे बादल, यहां आंधी-तूफान

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के इवनिंग वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस समय मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इसके साथ ही इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर ऊपर तक फैल गया है। मानसून की अक्षीय रेखा इस समय गंगानगर, रोहतक, मध्य उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर मिजोरम तक जा रही है। इन मजबूत मौसमी प्रणालियों, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के सक्रिय होने के चलते 11 जुलाई को देश के 12 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और कई हिस्सों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 11 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

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इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 11 जुलाई को देश के 7 राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन राज्यों में शामिल हैं-

  • बिहार
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

इन सभी राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

IMD ने 11 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है:

  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख
  • अरुणाचल प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने 11 जुलाई देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक 11 जुलाई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की पूरी संभावना है। बिहार, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ सिर्फ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 11 जुलाई को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में सतह पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

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कल का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, बिहार से MP तक बवाली मौसम, यहां रेड जोन जैसे हालात

India Weather Update for 7th July: देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड वॉच अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। इससे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बवाली मौसम के आसार बन गए हैं।

यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश व पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिसके कारण अगले 3 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून बेहद एक्टिव फेज (सक्रिय चरण) में रहेगा।

रेड जोन जैसे हालात: इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं:-

तटीय कर्नाटक

गुजरात राज्य

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

इन सभी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह अलर्ट बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

बिहार से मध्य प्रदेश तक बहुत भारी बारिश

7 जुलाई को मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बवाली मौसम का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है:-

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: यहां मानसून की मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र): इन क्षेत्रों में डिप्रेशन के असर से बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

आंतरिक कर्नाटक: तटीय इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रखी है।

हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान: उत्तर-पश्चिम भारत के इन दोनों पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे वज्रपात की भी आशंका है।

येलो अलर्ट: दिल्ली-NCR, यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में 7 जुलाई को भारी बारिश के साथ तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने का डबल अटैक देखने को मिलेगा:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

पंजाब और राजस्थान: पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन दोनों राज्यों में भारी बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के दो राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:-

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान की संभावना है जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उठेगा तूफान

समुद्र में बेहद खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:-

उत्तरी कोंकण तट और अरब सागर: उत्तरी कोंकण तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दक्षिण कोंकण, गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) दर्ज की जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

5ःह

मॉनसून की स्थिति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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