Asian Games में भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर जीता गोल्ड मेडल

भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को यह साबित कर दिया कि ईरान भले ही इस खेल में विश्व की दूसरी बेहतरीन टीम हो लेकिन भारत को वह सिर्फ टक्कर ही दे सकती है। एशियाई खेलों में पहले कड़े मुकाबले में जबरदस्त वापसी करते हुए महिलाओं ने दिल थाम देने वाले मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं भारतीय पुरुष टीम ने 40-34 के अंतर से ईरान पर खिताबी जीत पाई।

भारतीय पुरुष टीम और ईरान पुरुष टीम के बीच में पहले हाफ में कांटे का मुकाबला चला। पहले हाफ के अंत में बढ़त ईरान के पास थी लेकिन भारतीय टीम ने जबरदस्त आक्रमण और रक्षात्मक खेल दिखाकर ईरान को पीछे ढकेल दिया। अंतिम 3 मिनट में मैच औपचारिकता बचा हुआ था लेकिन कई बार रिव्यू लिए गए क्योंकि ईरान बहुत सशक्त टीम है।

पुरुषों का फाइनल तनावपूर्ण रहा जिसमें एक समय स्कोर 20-20 से बराबर था, लेकिन भारत ने बढ़त हासिल करने में सफलता पाई और एक और स्वर्ण सुरक्षित किया।

भारतीय पुरुषों ने 2018 जकार्ता खेलों में अपना दबदबा खत्म होने से पहले लगातार सात स्वर्ण पदक जीते थे जिसमें ईरान चैंपियन बना था और भारत चौथे स्थान पर रहा था। भारत ने 2023 हांग्झोउ खेलों में वापसी करते हुए खिताब फिर हासिल किया।एशियाई खेलों में कबड्डी में यह भारत का कुल मिलाकर नौवां स्वर्ण पदक था।

वहीं महिला टीम ने ईरान को शनिवार को फाइनल में 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने 18-15 से जीत दर्ज की लेकिन भारत ने कुल स्कोर के आधार पर पीला तमगा हासिल किया।

इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया।भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था।

भारतीय महिला निशानेबाजों ने किया कमाल, 50 मीटर राइफल में जीता सिल्वर

Shooting Competition

भारत की तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने एशियाई खेलों में शनिवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में रजत पदक जीता और तिलोत्तमा व्यक्तिगत स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही।भारतीय टीम ने 1763 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 1773 अंक लेकर खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान को कांस्य पदक मिला।

व्यक्तिगत फाइनल में तिलोत्तमा ने अहम मौके पर 9.4 स्कोर किया जिससे पदक करीब से हाथ से निकल गया। विदर्सा 327.4 अंक लेकर पांचवें स्थान पर रही।तिलोत्तमा फाइनल में पहले 25 शॉट के बाद आगे चल रही थी और 30 शॉट के बाद तीसरे स्थान पर खिसक गई। उनका स्कोर 337.3 रहा।

चीन की जिआयु हान ने 359. 0 के एशियाई चैम्पियनशिप रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की ही लियुआन झांग (358 . 8) को रजत और दक्षिण कोरिया की जियुन किम (348.4) को कांस्य पदक मिला।

फाइनल में नीलिंग पोजिशन के बाद तिलोत्तमा 102.4 अंक लेकर पांचवें और विदर्सा 102.1 अंक के साथ छठे स्थान पर थी। प्रोन में दोनों का प्रदर्शन औसत रहा लेकिन स्टैंडिंग में उन्होंने वापसी की जो पदक दिलाने के लिये काफी नहीं थी।

इससे पहले क्वालीफिकेशन में आशी और तिलोत्तमा शीर्ष तीन में रहे जिन्होंने 395.25 एक्स और 395.23 एक्स स्कोर किया।विदर्सा ने 588 स्कोर करके क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया।विश्व में 107वीं रैंकिंग पर काबिज तिलोत्तमा नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में कुल 590 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं आशी ने 585 अंक बनाये।

आशी और तिलोत्तमा ने नीलिंग और प्रोन चरण में 395 स्कोर किया जिसमें आशी ने इनर 10 में 25 और तिलोत्तमा ने 23 निशाने लगाये।तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग में बेहतर प्रदर्शन करके 590 स्कोर किया और शीर्ष तीन में पहुंच गई।विदर्सा ने भी फाइनल में जगह बनाई। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में निशानेबाज नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजिशन में निशाने लगाते हैं।

Asian Games में इस भारतीय धावक के कमाल से 44 बाद मैराथन में मिला सिल्वर मेडल

 

सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है।

भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियाई खेलों में जीता था।सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 .195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था।

बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया  अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।

Asian Games 2026: 44 साल बाद आया मेडल…सावन बारवाल ने रचा इतिहास! जानिए कौन हैं ये

Asian Games 2026 Sawan Barwal Silver Medal: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय धावक सावन बारवाल ने इतिहास रच दिया है। सावन ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में मेडल का 44 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया है।

सावन ने ना सिर्फ सिल्वर मेडल जीता, बल्कि 2:11:37 का समय निकालकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी कायम किया। रेस का स्वर्ण पदक जापान के यामाशिता ने जीता।

रेस में सावन बारवाल का शानदार प्रदर्शन (स्टेप-बाय-स्टेप)

शुरुआती बढ़त (10 किमी से 21 किमी): सावन शुरुआती 10 किलोमीटर के बाद से ही रेस के फ्रंट रनर्स में बने रहे। 21 किलोमीटर का हाफ-मैराथन मार्क पूरा करते ही (1:05:54 का समय) वह रेस में पहले स्थान पर आ गए।

टॉप-3 में मुकाबला (30 किमी से 35 किमी): रेस जैसे-जैसे आगे बढ़ी, जापान के यामाशिता, चीन के हान और भारत के सावन बारवाल के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला।

36 किमी पर निर्णायक मोड़: 36 किलोमीटर के मार्क पर जापान के यामाशिता ने 20 से 30 मीटर की बढ़त बना ली। हालांकि, सावन ने धैर्य बनाए रखा और मजबूती से दूसरे स्थान पर टिके रहे।

फिनिश लाइन: सावन ने अपनी गति बरकरार रखी और दूसरा स्थान हासिल करते हुए भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर मेडल पक्का किया।

इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहे दूसरे भारतीय धावक कार्तिक करकरा शुरुआती चरण में आगे रहने के बाद पिछड़ गए और 19 धावकों के बीच 17वें स्थान पर रहे।

कौन है सावन बारवाल?

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले सावन बारवाल भारतीय सेना के एथलीट हैं। एशियन गेम्स 2026 में 2:11:37 का समय निकालकर रजत पदक जीतने वाले सावन ने इससे पहले इसी साल अप्रैल में रोटरडैम की प्रतिष्ठित NN मैराथन में 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर सनसनी मचा दी थी। साल 2023 में आयोजित ‘एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप’ में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाले सावन अब लंबी दूरी की दौड़ में देश के सबसे भरोसेमंद एथलीट बनकर उभरे हैं।

एशियन गेम्स 2026 में आज ये है भारत के बड़े मुकाबले

कबड्डी में गोल्ड मेडल का मुकाबला: भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें गोल्ड मेडल मैच में ईरान से भिड़ेंगी। भारतीय पुरुष टीम अपने 9वें गोल्ड और महिला टीम चौथे खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी।

बैडमिंटन में पीवी सिंधु की शुरुआत: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु बैडमिंटन महिला सिंगल्स में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी, जहां उनसे भारत की अगुवाई करने और मेडल दिलाने की बड़ी उम्मीदें हैं।

Asian Games 2026: भारतीय महिला शूटर्स का शानदार प्रदर्शन, 50m राइफल में सिल्वर पर कब्जा, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह

IND vs WI: शुभमन गिल हुए चोटिल, सिराज की खतरनाक गेंद पर घायल हुए भारतीय कप्तान

वेस्टइंडीज की टीम 3 वनडे और 5 टी20 मुकाबले के लिए भारत दौरे पर है। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को नेट प्रैक्टिस के दौरान टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल को चोट लग गई। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की गेंद गिल की कोहनी पर जा लगी। इसके बाद वह चोट से कराहते नजर आए। वहीं चोट लगने के बाद शुभमन गिल प्रैक्टिस बीच में ही छोड़ दिया और टीम के फिजियो से इलाज कराया। वहीं गिल की चोट को लेकर बीसीसीआई ने अभी तक कोई अपडेट नहीं दिया।

यशस्वी को मिल सकता है मौका!

भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे रविवार को खेला जाएगा। अगर शुभमन गिल नहीं खेलते हैं, तो यशस्वी जायसवाल ओपनिंग कर सकते हैं। वहीं, श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में केएल राहुल को वनडे सीरीज का उप-कप्तान बनाया गया है। श्रेयस अय्यर फिलहाल एशियन गेम्स की T20I टीम की कप्तानी कर रहे हैं।

कब खेला जाएगा वनडे और टी20 मुकाबला

भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबले होंगे। वहीं टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर को लखनऊ से होगी। इसके बाद दोनों टीमें 9 अक्टूबर को रांची, 11 अक्टूबर को इंदौर, 14 अक्टूबर को हैदराबाद और 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में टी20 मैच खेलेंगी। वेस्टइंडीज की टीम दोनों फॉर्मेट में शाई होप की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी।

पिछले कुछ समय से चोट से परेशान गिल

पिछले कुछ सालों में शुभमन गिल को कई बार चोट और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हुई हैं। इसका असर उनके अलग-अलग फॉर्मेट में खेलने पर भी पड़ा। अक्टूबर 2023 में वनडे वर्ल्ड कप के दौरान डेंगू होने के कारण उन्हें कुछ समय के लिए टीम से बाहर रहना पड़ा था। नवंबर 2024 में अंगूठे की चोट ने उनकी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खेलने की स्थिति को प्रभावित किया। इसके बाद 2025 के आखिर और 2026 में भी उनकी परेशानी जारी रही। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाजी करते समय गर्दन में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और लंबे समय तक रिहैब करना पड़ा।

जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान पैर में तेज ऐंठन के कारण गिल को रिटायर हर्ट होना पड़ा था। इसके बाद अगस्त 2026 में प्रैक्टिस के दौरान उंगली में चोट लगने से वह श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले वार्म-अप मैच नहीं खेल सके।

Asian Games 2026: शूटिंग से एथलेटिक्स तक खिलाड़ियों ने मचाया धमाल, भारत ने 6वें दिन जीते 6 मेडल

Asian Games 2026: शूटिंग से एथलेटिक्स तक खिलाड़ियों ने मचाया धमाल, भारत ने 6वें दिन जीते 6 मेडल

एशियन गेम्स 2026 भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। एशियन गेम्स के 6वें दिन भारत के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह मेडल अपने नाम किए। 25 सितंबर यानी शुक्रवार को आइची-नागोया में भारत को शूटिंग में दो, ट्रैक एंड फील्ड में तीन और टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स में एक ब्रॉन्ज मेडल मिला। एशियन गेम्स 2026 में 6वें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में कुल 23 मेडल हो गए हैं। इनमें 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर है।

वहीं सातवें दिन के मुकाबलों के बाद चीन मेडल टेबल में सबसे आगे रहा और उसके खाते में अब तक 98 गोल्ड मेडल दर्ज हो चुके हैं। आइए जानते हैं आज किस-किस खिलाड़ी ने भारत के लिए मेडल

एयर पिस्टल मिक्स्ड में मिला गोल्ड

सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम मुकाबले में शानदार खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए। वहीं, दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गेउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्श पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता। इस मुकाबले में चीन की टीम 1766 अंक के साथ पहले स्थान पर रही और गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, दक्षिण कोरिया ने 1751 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में मिला ब्रॉन्ज

मानुष शाह और दिया चितले की भारतीय जोड़ी को एशियन गेम्स के टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की वांग चुकिन और सुन यिंगशा की जोड़ी से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, महिलाओं की शॉट पुट स्पर्धा में भारत की मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर का थ्रो करके ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 मिनट का समय दर्ज किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पिछले ब्रॉन्ज मेडल को सिल्वर में बदल दिया और एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक अपनी उपलब्धियों में जोड़ लिया।

एशियन गेम्स 2026 में बारानिका एलंगोवन ने महिलाओं के पोल वॉल्ट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए खास उपलब्धि हासिल की। 25 सितंबर को जीता ये पदक उनके करियर के साथ-साथ भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण रहा।

Asian Games गुलवीर ने लंबी दौड़ में जीता सिल्वर तो शॉटपुट में मनप्रीत ने जीता ब्रॉंज

भारत के लंबी दूसरी के धावक गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27.51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता।

बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34.18 सेकंड का समय निकाला।गुलवीर ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था। भारत की मनप्रीत कौर ने एशियाई खेलों में महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। स्वर्ण पदक चीन की सोंग जियायुआन (19.40 मीटर) और रजत झांग लिनरू (18.14मीटर) ने जीता।

36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था।वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17.49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने इस साल राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप जीतकर एशियाई खेलों के लिये क्वालीफाई किया था।

चीन जीता 80 गोल्ड भारत 2, प्रशंसकों ने कहा क्यों बर्बाद किए 702 करोड़ रुपए

एशियाई खेलों में जहां चीन 80 पदक जीत चुका है और लग रहा है कि सिर्फ 2-3 खेलों में ही स्वर्ण पदक नहीं जीतेगा वहां ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सिर्फ 2-3 खेलों में ही  स्वर्ण पदक जीतेगा। हांगजाऊ में हुए एशियाई खेलों में जहां भारत इस वक्त तक 28 गोल्ड मेडल जीत चुका था इस बार अब तक  सिर्फ 2 गोल्ड मेडल आए हैं। पहला महिला क्रिकेट में और दूसरा निशानेबाजी में ऐसे में भारत का हांगजाऊ के 107 पदक तालिका से बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लग रहा है।

भारत को सबसे ज्यादा नुकसान निशानेबाजी और रोइंग में हुआ जहां पिछली बार भारत ने रोइंग में 5 पदक जीते थे अभी सिर्फ एक ही है। वहीं निशानेबाजी में भी पिछली बार के मुकाबले पदक आधे ही हैं।

ऐसे में खेल प्रेमी इस बात पर नाराज हो रहे हैं कि खेल मंत्रालय ने भारतीय खिलाड़ियों पर इतना पैसा बहाया ही क्यों। गौरतलब है कि जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने एशियाड दल और उनके कोच तथा इक्विपमेंट के लिए 702 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंले रहे हैं।

दूसरे गोल्ड का इंतजार खत्म किया शूटिंग टीम ने, दिलाया एक सिल्वर भी

भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता।

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई।

इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे।

यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था।

फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।

एथलेटिक्स में खुला खाता, इन दो इवेंट्स में भारत ने जीते 2 Asian Games मेडल

भारत ने गरुवार को एशियाई खेलों की चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा।

विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता।

महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला।सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है।