भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को यह साबित कर दिया कि ईरान भले ही इस खेल में विश्व की दूसरी बेहतरीन टीम हो लेकिन भारत को वह सिर्फ टक्कर ही दे सकती है। एशियाई खेलों में पहले कड़े मुकाबले में जबरदस्त वापसी करते हुए महिलाओं ने दिल थाम देने वाले मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं भारतीय पुरुष टीम ने 40-34 के अंतर से ईरान पर खिताबी जीत पाई।
भारतीय पुरुष टीम और ईरान पुरुष टीम के बीच में पहले हाफ में कांटे का मुकाबला चला। पहले हाफ के अंत में बढ़त ईरान के पास थी लेकिन भारतीय टीम ने जबरदस्त आक्रमण और रक्षात्मक खेल दिखाकर ईरान को पीछे ढकेल दिया। अंतिम 3 मिनट में मैच औपचारिकता बचा हुआ था लेकिन कई बार रिव्यू लिए गए क्योंकि ईरान बहुत सशक्त टीम है।
पुरुषों का फाइनल तनावपूर्ण रहा जिसमें एक समय स्कोर 20-20 से बराबर था, लेकिन भारत ने बढ़त हासिल करने में सफलता पाई और एक और स्वर्ण सुरक्षित किया।
भारतीय पुरुषों ने 2018 जकार्ता खेलों में अपना दबदबा खत्म होने से पहले लगातार सात स्वर्ण पदक जीते थे जिसमें ईरान चैंपियन बना था और भारत चौथे स्थान पर रहा था। भारत ने 2023 हांग्झोउ खेलों में वापसी करते हुए खिताब फिर हासिल किया।एशियाई खेलों में कबड्डी में यह भारत का कुल मिलाकर नौवां स्वर्ण पदक था।
वहीं महिला टीम ने ईरान को शनिवार को फाइनल में 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने 18-15 से जीत दर्ज की लेकिन भारत ने कुल स्कोर के आधार पर पीला तमगा हासिल किया।
इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया।भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था।






