Asian Games में चोट के बावजूद सिल्वर जीतने वाले श्रीशंकर की हुई सर्जरी (Video)

जापान में एशियाई खेलों के दौरान चोटिल हुए भारतीय लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर के दाहिने टखने की सर्जरी हुई है। अब उनका पूरा ध्यान 2027 के एथलेटिक्स सीज़न में वापसी करने पर है।27 वर्षीय भारतीय एथलीट ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस सर्जरी की पुष्टि की। श्रीशंकर ने लिखा, “मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि मुझे इन सब से गुजरना पड़े, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। कल लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी’हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सर्जरी हुई।”

पिछले महीने आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों के दौरान, लॉन्ग जंप फाइनल में श्रीशंकर का टखना चोटिल हो गया था। बारिश से भीगे रनवे पर, अपने चौथे प्रयास के लिए तैयार होते समय वे टेक-ऑफ बोर्ड पर फिसल गए, जिससे उनके दाहिने टखने में मोच आ गई। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर इस घटना का एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस चोट के कारण उन्हें अपने आखिरी दो जंप छोड़ने पड़े, लेकिन दूसरे राउंड में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए काफी रही।
शुरुआत में श्रीशंकर को लगा कि टखने की चोट गंभीर नहीं है और आराम तथा रिहैबिलिटेशन से ठीक हो जाएगी, लेकिन बाद में स्कैन और डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद सर्जरी की ज़रूरत पड़ी। मंगलवार को स्पोर्ट्स ऑर्थोपेडिक सर्जन पीटर डी’हूघे की देखरेख में लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की गई। मुरली श्रीशंकर, जिनके नाम पहले लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड था (जिसे बाद में जेस्विन एल्ड्रिन ने तोड़ दिया), ने कहा कि वह आने वाले सीज़न के लिए तैयार रहेंगे।

श्रीशंकर ने बताया, “सर्जरी ज़रूरी थी ताकि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीज़न के लिए तैयार हो सके। इसमें बीजिंग में होने वाली 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप और सबसे महत्वपूर्ण, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक शामिल हैं।”

एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले इस भारतीय एथलीट को हाल के दिनों में चोटों के कारण काफी संघर्ष करना पड़ा है। घुटने की चोट के कारण वह पेरिस 2024 ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लंबे ब्रेक के बाद 2025 में उन्होंने वापसी की और 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीते, लेकिन फिर उन्हें एक और झटका लगा।

लगातार हो रही चोटों के बारे में बात करते हुए, श्रीशंकर ने सकारात्मक नज़रिया अपनाते हुए आगे की ओर देखा।उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है। सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ़ बोर्ड या अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, जो हुआ है उसे स्वीकार करके, मैं खुद को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करना जारी रखूंगा।” बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट के प्रशंसक श्रीशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “लेकिन एक बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं कि मुझमें वापसी करने का एक खास जज़्बा और ‘म्म्बा मेंटालिटी’ है। यही चीज़ मुझे आगे बढ़ने में मदद करेगी।”

तिरंगे की शान बढ़ाई, Asian Games के मेडलिस्ट को PM मोदी का संदेश (Video)

Modi With Olympians

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरूष और महिला हॉकी और क्रिकेट टीमों ने अपने हस्ताक्षर वाली जर्सी प्रधानमंत्री को भेंट की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘इतने सारे पदकवीर से एक साथ मिलना मामूली बात नहीं है। आप सभी युवा एथलीट इस बात का उदाहरण है कि जुनून जब जीत में बदलता है तो कैसे पदक के साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। ’’प्रधानमंत्री मोदी ने महिला हॉकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक लाकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘संकल्प और सपने एक दिन में पूरे नहीं होते बल्कि इसके लिए वर्षों का धैर्य और लगातार परिश्रम अनिवार्य होता है। देश में बदलाव उसी भावना से आया है जिसकी बदौलत आपने सफलता हासिल की है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ बीते दस बारह वर्षों में देश ने लगन और निष्ठा से लगातार प्रयास किए हैं। आज हर खिलाड़ी को यह भरोसा रहता है कि उसके पूरे सफर में देश उसके साथ है और इसकी वजह से वह देश के लिए क्या करके दिखाता है, आप सभी इसके उत्तम उदाहरण हैं। ’’भारत ने आइची नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और 21 स्वर्ण, 27 रजत तथा 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते। यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार शीर्ष पांच देशों में जगह बनाने का प्रमाण है, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।

IND vs WI: पहले टी20 से ड्रॉप होंगे वैभव सूर्यवंशी? कोच ने दिया ये बड़ा अपडेट

IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज के बाद अब 5 मैचों की टी20 सीरीज खेला जाएगा। सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को इकाना स्टेडियम, लखनऊ में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी एक्शन में नजर आ सकते हैं। वहीं पहले मुकाबले से पहले वैभव के खेलने को लेकर बड़ा अपडेट आया है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले पहले T20I में भारत की प्लेइंग XI में बदलाव देखने को मिल सकता है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मुकाबले में टीम से बाहर रखा जा सकता है। अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन के पारी की शुरुआत कर सकते हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच से पहले भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा कि, सूर्यवंशी के लिए सीनियर खिलाड़ियों के साथ ज्यादा समय बिताना बेहद जरूरी है।

वैभव को लेकर कोच ने क्या कहा

मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्ने मोर्कल ने कहा, “हम सभी वैभव के टैलेंट से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वह जितना ज्यादा समय इस माहौल में अच्छे खिलाड़ियों के साथ बिताएगा और जितना अधिक इस स्तर पर ट्रेनिंग करेगा, उतना ही यह उसके क्रिकेट के लिए फायदेमंद होगा।” मोर्कल ने आगे कहा कि सूर्यवंशी टीम के साथ रहकर, अनुभवी खिलाड़ियों को देखकर और उनकी तैयारी के साथ-साथ बल्लेबाजी के तरीके को समझकर काफी कुछ सीख सकते हैं। उन्होंने कहा, “अगर उसे खेलने का मौका नहीं मिल रहा है, तो भी वह बस, डगआउट और होटल में काफी अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों के साथ समय बिता रहा है।”

कौन करेगा ओपनिंग

बॉलिंग कोच मोर्कल ने पहले T20I के लिए भारत की ओपनिंग जोड़ी को लेकर कोई पक्की जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि प्लेइंग XI तय करने से पहले टीम सभी उपलब्ध ऑप्शनों पर विचार करेगी। मोर्कल ने कहा, “मेरा मतलब है कि एशियन गेम्स में अभिषेक और सूर्यवंशी ने ही पारी की शुरुआत की थी। अब हम आज रात फैसला करेंगे कि इस सीरीज के लिए हमारे लिए सबसे सही ओपनिंग कॉम्बिनेशन क्या रहेगा।”

सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

एशियन गेम्स में वैभव सूर्यवंशी ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की थी। लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले T20I में संजू सैमसन को ओपनिंग का मौका मिल सकता है। ऐसे में 15 साल के सूर्यवंशी को इस मुकाबले में प्लेइंग XI से बाहर बैठना पड़ सकता है। मोर्कल ने बताया कि, एशियन गेम्स के बाद खिलाड़ियों को आराम का ज्यादा समय नहीं मिला और कई खिलाड़ी कुछ दिन पहले ही भारत लौटे हैं। इसलिए टीम चुनते समय खिलाड़ियों की यात्रा और थकान को भी ध्यान में रखा जाएगा। सूर्यवंशी भारत की एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। वैभव टीम के सभी मुकाबले खेले थे, लेकिन बल्लेबाजी में वह अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहें।

पिछली बार से 21 मेडल कम लाने के बावजूद भारत की चौथी रैंक बरकरार

Asian Games

जापान के आइची-नागोया में खेले गए एशियाई खेलों में भारत ने धीमी शुरुआत करने के बावजूद अक्टूबर की शुरुआत में तेज रफ्तार से पदक जीतना शुरु किए जिसमें गोल्ड मेडल की अच्छी खासी संख्या रही। शुक्रवार को ही भारत ने विभिन्न खेलों में 6 गोल्ड मेडल जीते जिसमें महिला हॉकी टीम का फाइनल में चीन के खिलाफ आया गोल्ड सबसे खास रहा जो 44 साल बाद आया। यही कारण रहा कि भारत का आंकड़ा 80 पार जा पाया।अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता।

भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा जो चीन के हांग्झोउ में हुए पिछले चरण से 21 कम है।चीन लगातार 12वें चरण में तालिका में शीर्ष पर रहा उसने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य सहित कुल 341 पदक जीते जो विदेश में आयोजित एशियाई खेलों में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मेजबान जापान 269 पदकों (83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उसके बाद दक्षिण कोरिया के 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य पदक थे।

मुक्केबाजों और तीरंदाजों के बेहतरीन प्रदर्शन का परिणाम है कि भारत पदकों की संख्या में 80 का आंकड़ा पार कर पाया। शनिवार को भारतीय पुरुष टीम मलेशिया के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच में 5-1 से जीत दर्ज की। इसके अलावा पहलवानी में अमन सहरावत ने स्वर्ण, अंतिम पंघाल ने रजत और दीपक पुनिया ने कांस्य पदक जीतकर भारत का अभियान समाप्त किया।

भारत की महिला क्रिकेट टीम और पुरुष क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीता है। वहीं भारत की कबड्डी की महिला और पुरुष टीम ने ईरान को हराकर गोल्ड जीता है। मीराबाई चानू ने पहली बार एशियाड में गोल्ड जीता। चोटिल होकर बाहर हो चुके नीरज चोपड़ा की गैर मौजूदगी में भी भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह ने रजत और कांस्य पदक जीता।

इसके अलावा कई एतिहासिक गोल्ड मेडल भारत को इन खेलों में मिले। कई खिलाड़ियों ने गोल्ड जीतकर लॉस एंजलिस ओलंपिक्स के लिए अपनी जगह बनाई। खासकर तीरंदाजी में भारत ने चौंकाने वाला प्रदर्शन किया रिकर्व तीरंदाजी महिला और पुरुष टीम ने गोल्ड जीतकर स्वत ओलंपिक क्वालिफाय किया। कुमद ने भी व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीता। इसके अलावा नीरू हांडा सबसे सफल एथलीट रहीं जिनको समापन समारोह में ध्वजवाहक बनने का गौरव प्राप्त हुआ।

TraP Shooting

उन्होंने आइची-नागोया में तीन मेडल – दो गोल्ड और एक सिल्वर – जीते। नीरू ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता और इसके बाद मिक्स्ड ट्रैप टीम इवेंट में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

भारत को शुरुआत में बैडमिंटन, शूटिंग, टेबल टेनिस और कनोइंग में निराशा हाथ लगी अन्यथा हांगजाउ में आए 107 पदकों से आगे या बराबरी पर भारतीय दल रहता। बैडमिंटन की स्टार जोड़ी सात्विकसाइराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी एकल प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में ही हार गए। यही हाल पीवी सिंधू का रहा। बैडमिंटन की पुरुष टीम ने टीम इवेंट में ब्रॉंज मेडल जीतकर इज्जत बचाई। टेबल टेनिस की टीम  ईरान जैसी टीम के सामने हार गई। वहीं

एक और स्टार खिलाड़ी जिन्होंने निराश किया वह थी मनु भाकर जो 10 मीटर और 25 मीटर की निशानेबाजी स्पर्धा में एक भी पदक नहीं ला सकी।सबसे बड़ा उलटफेर वॉलीबॉल टीम के साथ हुआ जुलाई से बड़ी बड़ी टीमों को हराने वाली टीम पाकिस्तान से हारकर खेलों से बाहर हो जाएगी किसी ने सोचा ना था।टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे।

Asian Games: हॉकी से लेकर क्रिकेट तक…भारत-पाकिस्तान मुकाबले का क्रेज, टूटे व्यूअरशिप के कई रिकॉर्ड

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 के आइची-नागोया संस्करण को लेकर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने बड़ी जानकारी साझा की है। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट फाइनल और हॉकी सेमीफाइनल को दर्शकों ने काफी पसंद किया। दोनों ही खेलों में भारत ने पाकिस्तान को मात दी थी। OCA ने बताया कि इस बार खिलाड़ियों को शानदार सुविधाओं और बेहतर माहौल के साथ खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिला। OCA ने 212 एशियन गेम्स रिकॉर्ड टूटने का भी जिक्र किया और कहा कि आइची-नागोया गेम्स कई मायनों में खास रहे।

भारत ने पाकिस्तान को दी मात

फैंस को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकबला हमेशा से काफी पसंद रहा है। एशियन गेम्स में भारत ने हॉकी और क्रिकेट दोनों में पाकिस्तान को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया और फाइनल में पहुंचा। इसके बाद भारत ने फाइनल में मलेशिया को हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं, पुरुष क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस तरह भारत ने दोनों खेलों में जीत हासिल कर देश को दो गोल्ड मेडल दिलाए।

मैच ने तोड़ा सभी रिकॉर्ड

OCA कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, “इस बार एशियन गेम्स की ब्रॉडकास्ट व्यूअरशिप ने अब तक के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए दो बड़े मुकाबलों ने दर्शकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा।” उनके मुताबिक, “शनिवार को खेला गया भारत-पाकिस्तान क्रिकेट फाइनल सबसे ज्यादा देखा गया मैच रहा। वहीं इससे एक दिन पहले गुरुवार को हुआ भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबला एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हॉकी मैच बना।”

शेयर नहीं किया कोई आकड़ा

उन्होंने व्यूअरशिप से जुड़ा कोई आंकड़ा साझा नहीं किया और न ही यह बताया कि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट और हॉकी मैच में से किस मुकाबले को ज्यादा दर्शकों ने देखा। उन्होंने कहा कि पहली बार OCA ने इन एशियन गेम्स में सुरक्षा को लेकर एक नया तरीका अपनाया। उनके मुताबिक, पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया और एथलीट्स, एशियन फेडरेशन और राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के लिए गेम्स को सुरक्षित बनाया गया। एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने की व्यवस्था को लेकर आयोजकों की काफी आलोचना हुई थी।

Asian Games 2026: भारत ने ओलंपिक 2028 के लिए किया क्वालीफाई! हरमनप्रीत सिंह की टीम ने लगातार दूसरी बार जीता एशियाई हॉकी का गोल्ड

Asian Games 2026: कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने शनिवार (3 अक्टूबर) को मलेशिया को एकतरफा फाइनल में 5.1 से हराकर एशियाई खेलों की पुरूष हॉकी का गोल्ड मेडल अपने पास बरकरार रखा। इसी के साथ भारतीय हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे एक दिन पहले महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1.0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में गोल्ड जीता और ओलंपिक का टिकट कटाया था।

यह पहली बार हुआ है कि एक ही एशियाई खेलों में भारत की महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता है। पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में निराशाजनक आठवें स्थान पर रहने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम ने शानदार वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत (11वें और 57वें मिनट), जुगराज सिंह (23वें मिनट), हार्दिक सिंह (42वें मिनट) और शिलानंद लाकड़ा (54वें मिनट) ने भारत के लिये गोल दागे । मलेशिया के लिये एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेलो सिल्वेरियस ने किया।

हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे। इसके साथ ही वह लगातार दो एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह 2014 और 2022 खेलों में गोल्ड मेडलिस्ट विजेता टीम का भी हिस्सा थे।

भारत को अधिक मिले पेनल्टी कॉर्नर

भारत को मैच में 14 जबकि मलेशिया को दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिले। इस जीत के साथ लगातार दो एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने वाला पाकिस्तान के बाद भारत दूसरा देश बन गया है। भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में खिताब जीता था। पहले हाफ में मलेशियाई खिलाड़ियों ने अपनी चपलता से भारतीयों को काफी परेशान किया। लेकिन दूसरे हाफ में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा।

पहले क्वार्टर में भारतीयों में तालमेल की कमी दिखीट। ट्रैपिंग भी खराब थी। सर्कल के भीतर भी अच्छे पास नहीं दे पा रहे थे। भारत को छठे मिनट में गोल करने का मौका मिला। लेकिन विवेक सागर प्रसाद की रिवर्स हिट गोल के ऊपर से चली गई। दो मिनट बाद हार्दिक सिंह को सर्कल के भीतर नीलाकांता शर्मा ने पास दिया। लेकिन शॉट इतना कमजोर था कि मलेशिया ने आसानी से बचा लिया।

हरमनप्रीत ने दागा गोल

भारत को 11वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। दूसरे पर हरमनप्रीत ने गोल दागा। गोल गंवाने के बाद मलेशिया ने जवाबी हमले बोले और फैजल सारी भारतीय सर्कल में कई बार घुसे। मलेशिया के लिये बराबरी का गोल शेलो ने 14वें मिनट में दागा। हवा में आई गेंद को कब्जे में लेकर उन्होंने दमदार शॉट सीधे गोल के भीतर निशाना करके साधा जिसे गोलकीपर सूरज करकेरा रोक नहीं सके।

दूसरे हाफ में भारत का शानदार प्रदर्शन

दूसरे क्वार्टर में मलेशिया को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोल नहीं हो सका। वीडियो रेफरल पर मलेशिया को फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया और फिर वे नाकाम रहे। भारत ने 23वें मिनट में चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर बढत बना ली। हरमनप्रीत मैदान के बाहर थे और जुगराज ने यह गोल दागा। दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया।

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42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक बनाया जब पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद मलेशियाई रशर के शरीर से टकराई। हार्दिक ने इसे गोल में बदला। चौथा गोल अभिषेक के पास पर शिलानंद ने दागा। हरमनप्रीत ने हूटर से तीन मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके भारत की 5.1 से जीत तय कर दी।

भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता एशियाड गोल्ड मेडल

INDvsMAL भारतीय पुुरुष हॉकी टीम का विश्वकप पिछले महीने भले ही अच्छा ना गया हो लेकिन एशियाई खेलों में टीम ने यह साबित कर दिया कि उपमहाद्वीप में वह सबसे बेहतरीन टीम है। हरमनप्रीत के लड़कों ने अपने गोल्ड मेडल का बचाव कर लिया। भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर अपनी धाक जमाई। 

कल महिला टीम ने चीन को 1 गोल से हराकर एतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। मलेशिया की टीम भारत के खेल के स्तर के आस पास भी नहीं दिखी और बेबस नजर आई। पहले हाफ में स्कोर 2-1 था लेकिन चौथे क्वा्रटर में तो टीम ने सिलसिलेवार हमले किए। इसमें एक मौका ऐसा भी आया जब टीम को 4 लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। मलेशिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं ब्रॉंज मेडल मैच में पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हरा दिया।


 भारत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वें, 57वें मिनट) और जुगराज सिंह (23वें) के जरिए तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया और शिलानंद लकड़ा ने 54वें मिनट में मैदानी गोल करके औपचारिकताएं पूरी कीं।मलेशिया का एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में किया।

पाकिस्तान को भारत ने सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल की दौड़ से बाहर किया था। गौरतलब है कि पिछले एशियाई खेलों की तरह इस बार भी भारतीय पुरुष हॉकी टीम एक भी मैच नहीं हारी।

Asian Games में 44 साल बाद गोल्ड मेडल लाने वाली चक दे गर्ल्स को मिलेंगे 22 लाख रुपए

INDvsChina

हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को जापान के काकामिगाहारा में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11-11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ के लिए 5.5-5.5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।इसके अलावा  भाजपा शासित ओडिशा सरकार भी टीम के हर खिलाड़ी को 11-11 लाख रुपए की ईनामी राशी देगी।

गोलकीपर सविता पूनिया की शानदार भूमिका और मज़बूत डिफेंस की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों का गोल्ड मेडल जीता और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे जगह पक्की की।

लालरेम्सियामी ने पहले क्वार्टर में निर्णायक गोल किया और अपने 200वें इंटरनेशनल मैच को यादगार बना दिया। इसके बाद सविता और मज़बूत भारतीय डिफेंस ने बाकी मैच में धैर्य और डटकर खेलने का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। इसके बाद का खेल खूबसूरती से ज़्यादा टिके रहने की जद्दोजहद वाला था।

चीन ने भारत पर लगातार हमले किए, लेकिन “वॉल ऑफ़ इंडिया” (भारत की दीवार) कही जाने वाली सविता बार-बार डिफेंडिंग चैंपियन और बराबरी के गोल के बीच दीवार बनकर खड़ी रहीं। भारतीय डिफेंस ने दबाव झेला, खतरे को टाला और घबराए बिना चीन के लगातार हमलों का सामना किया।

सबसे मुश्किल पल तीसरे क्वार्टर में आया जब चीन को पेनल्टी कॉर्नर मिला। शुरुआती कोशिश को तो रोक लिया गया, लेकिन रिबाउंड पर पेनल्टी स्ट्रोक मिल गया। भारत ने इस फैसले को चुनौती दी और रेफरल जीत लिया, जिससे स्ट्रोक का फैसला बदल गया और चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। चीन उस मौके को भी भुना नहीं पाया।

 

एक और चिंताजनक पल तब आया जब पेनल्टी कॉर्नर को डिफेंड करते समय सलीमा टेटे के हाथ में चोट लग गई और उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। वह आखिरी क्वार्टर से पहले वापस लौट आईं, जिससे भारतीय खेमे को राहत मिली। आखिरी कुछ मिनट लगभग पूरी तरह से चीन के दबदबे में खेले गए। खेल खत्म होने में चार मिनट बचे थे, तभी चीन ने अपने गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी को अटैक में उतार दिया।

भारत ने अपना संयम बनाए रखा। और जब आखिरी हूटर बजा, तो 1-0 की बढ़त बरकरार थी।इस गोल्ड मेडल के साथ ही एशियाई खेलों में महिला हॉकी खिताब के लिए भारत का 44 साल का इंतज़ार खत्म हो गया। उनकी पिछली जीत 1982 में हुई थी, जिसके बाद टीम को कई बार जीत के करीब आकर हार का सामना करना पड़ा, जिसमें 1998 और 2018 में मिले सिल्वर मेडल भी शामिल हैं।

लालरेम्सियामी के लिए यह उनके 200वें मैच का गोल था। सविता ने गोलपोस्ट के सामने एक बार फिर शानदार खेल दिखाया। और भारतीय महिला हॉकी के लिए, यह उस लंबे इंतज़ार का अंत था जो मैदान पर मौजूद कई खिलाड़ियों की उम्र से भी ज़्यादा समय से चल रहा था। 1982 के चैंपियन आखिरकार शीर्ष पर लौट आए हैं – और इस बार, इसके साथ ही लॉस एंजेलिस का ‘गोल्डन टिकट’ भी उन्हें मिल गया है।

Asian Games में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फर बनी प्रणवी उर्स

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Asian Games 2026 में भारत की प्रणवी उर्स ने गोल्फ में शनिवार को संयम के साथ खेलते हुए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता जबकि महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया। प्रणवी ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर है। पुरुष वर्ग में वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे।

महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब जीतने के लिए उन्होंने अपनी तीन-शॉट की बढ़त गंवाने के बाद भी संयम बनाए रखा। 23 वर्षीय भारतीय गोल्फर ने चार राउंड की प्रतियोगिता 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ पूरी की। वह सिंगापुर की शैनन ज़ुआन यिन टैन और चीन की यिन रुओनिंग से एक स्ट्रोक आगे रहीं, जो 14-अंडर 266 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।छह बार की एलपीजीए विजेता और 2023 महिला पीजीए चैंपियनशिप की चैंपियन यिन रुओनिंग ने शूट-ऑफ में शैनन ज़ुआन यिन टैन को हराकर रजत पदक जीता।

प्रणवी ने कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स में फाइनल राउंड की शुरुआत तीन शॉट की बढ़त के साथ की थी, लेकिन ‘पार-फोर’ तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण वह बढ़त खत्म हो गई। उन्होंने छठे होल पर बर्डी के साथ वापसी की और आखिरी दौर में अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने ‘ईवन-पार’ 70 का स्कोर किया और एक ऐतिहासिक जीत हासिल की।

शैनन ज़ुआन यिन टैन ने फाइनल राउंड में ‘टू-अंडर’ 68 का स्कोर किया, जबकि यिन रुओनिंग ने ‘थ्री-अंडर’ 67 के स्कोर के साथ जोरदार चुनौती पेश की। तीनों दावेदारों ने 18वें होल पर ‘पार’ स्कोर किया।

इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में गोल्फ में स्वर्ण पदक के लिए भारत का 24 साल का इंतजार खत्म हो गया। इससे पहले देश ने बुसान 2002 में शिव कपूर के जरिए पुरुषों का व्यक्तिगत खिताब जीता था।इससे पहले, हांगझोउ 2023 में अदिति अशोक का रजत पदक ही इन खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में भारत का एकमात्र गोल्फ़ मेडल था। प्रणवी हांगझोउ में चौथे स्थान पर रही थीं।

यह एशियाई खेलों में गोल्फ में भारत का चौथा स्वर्ण पदक है। पहला खिताब नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर पुरुषों की टीम का खिताब भी जीता था। इसके बाद प्रणवी ने ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता – यह इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेलों का मेडल था।

भारत ने चार राउंड 14-अंडर 546 के स्कोर के साथ पूरे किए, जो चैंपियन चीन से आठ स्ट्रोक पीछे था; चीन का कुल स्कोर 22-अंडर 538 था। चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। टीम स्टैंडिंग के लिए हर राउंड के दो सबसे अच्छे स्कोर को गिना गया। भारत ने 137, 136, 136 और 137 के चार राउंड के बाद 14-अंडर 546 का स्कोर किया। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

अदिति अशोक ने शनिवार को प्रतियोगिता का अपना सबसे अच्छा राउंड खेला; उन्होंने तीन-अंडर 67 का स्कोर किया और व्यक्तिगत स्टैंडिंग में दो-अंडर 282 के स्कोर के साथ 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा डागर ने एशियाई खेल 2026 गोल्फ़ टूर्नामेंट में चार राउंड के बाद पांच-अंडर 285 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 18वां स्थान हासिल किया।

वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे
पुरुषों की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले प्रतियोगिता में वीर अहलावत और सप्तक तलवार 9-अंडर 271 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। युवराज संधू 1-ओवर 281 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 24वें स्थान पर रहे, जबकि टीम इवेंट में भारत 18-अंडर 542 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहा।

कपिल देव ने प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर दी बधाई 

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव ने प्रणवी उर्स को एशियाई खेलों में गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर बधाई दी है। कपिल ने अपने बधाई संदेश में कहा, “एशियन गेम्स में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में प्रणवी उर्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल और हमारी महिला टीम का सिल्वर मेडल जीतना भारत और भारतीय गोल्फ़ के लिए बहुत गर्व की बात है। ये मेडल हमारे खिलाड़ियों के टैलेंट, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ-साथ हमारे देश में महिलाओं के गोल्फ़ की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। प्रणवी ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट विश्वास दिखाया, जबकि अदिति, दीक्षा और प्रणवी ने एक टीम के तौर पर अच्छा तालमेल बिठाकर भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई और पूरे भारतीय गोल्फ़ समुदाय की ओर से, मैं उन सभी को बधाई देता हूँ। उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है और दिखाया है कि जब आप खुद पर विश्वास करते हैं, अनुशासित रहते हैं और सबसे बड़े मंच पर निडर होकर मुकाबला करते हैं, तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है।”

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जोहल ने कहा, “प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है और उनका ऐतिहासिक गोल्ड मेडल भारतीय गोल्फ़ के लिए गर्व का क्षण है। पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान उनका संयम, निरंतरता और आत्मविश्वास वाकई प्रभावशाली रहा है। साथ ही, महिला टीम का सिल्वर मेडल भारत में महिलाओं के गोल्फ़ की गहराई और बढ़ती ताकत का सबूत है। हमें खुशी है कि प्रणवी, अदिति और दीक्षा ने इतने प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शन किया और भारतीय गोल्फ़ को मजबूती से सुर्खियों में ला खड़ा किया। उनकी उपलब्धियाँ भारतीय गोल्फ़रों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेंगी। हम डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की ओर से प्रणवी और भारतीय महिला टीम को इस यादगार सफलता पर दिल से बधाई देते हैं।”

Asian Games में तीरंदाजों का कमाल जारी, कुमुद ने गोल्ड जीतकर पाया का टिकट

kumkum

Asian Games 2026 में शनिवार को तीरंदाजी स्पर्धा में रोमांचक शूट-ऑफ के बाद भारत की कुमकुम मोहोद ने ऐतिहासिक व्यक्तिगत रिकर्व में स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ ही उन्होंने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल कर लिया।

आज यहां कुमकुद ने मोहोद ने दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को एक रोमांचक फ़ाइनल में हराया, जो शूट-ऑफ तक गया। कुमकुम मोहोद ने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया है।

पहले सेट के बाद कुमकुम 2-0 से और दो सेट के बाद 3-1 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए मुक़ाबले को 3-3 से बराबर कर दिया। इसके बाद चौथे सेट में ओह येजिन ने 5-3 से बढ़त बना ली, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरी सेट 30-28 से जीता और मुकाबले को शूट-ऑफ तक पहुंचा दिया।

kumkum mohod

स्वर्ण पदक का फैसला एक-एक तीर से होना था। ओह येजिन ने 8 का स्कोर किया, जबकि कुमकुम ने 10 का स्कोर करके ऐतिहासिक जीत हासिल की। इस स्वर्ण पदक के साथ कुमकुम का एशियाई खेलों का सफर शानदार रहा। उन्होंने कल ही महिला रिकर्व टीम स्वर्ण और रिकर्व मिश्रित टीम रजत पदक भी जीता था।

महिला व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट की दोनों फाइनलिस्ट ने फाइनल में पहुंचकर अपने-अपने एनओसी के लिए लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल कर लिया।