Asian Games 2026: भारत को मिला एक और गोल्ड मेडल, एशियन गेम्स में नीरू ढांडा ने बनाया इतिहास

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत की नीरू ढांडा ने कमाल का प्रदर्शन किया है। नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ वह मौजूदा एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। इस जीत के साथ उन्होंने ट्रैप इवेंट में भारत के 36 साल के लंबे पदक इंतजार को खत्म किया और भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक नहीं जीत सकी थी। एशियन गेम्स 2026 में भारत का ये 5वां गोल्ड है।

बनाए ये रिकॉर्ड

हरियाणा की 26 साल की शूटर नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला ट्रैप स्पर्धा में भारत का नाम रोशन किया। इससे पहले वह ट्रैप टीम इवेंट में भी भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। नीरू ने जुलाई में इटली में हुए शॉटगन वर्ल्ड कप में ट्रैप स्पर्धा का गोल्ड जीतकर पहली भारतीय महिला होने का रिकॉर्ड बनाया था। एशियन गेम्स के फाइनल में उन्होंने 28 अंक हासिल किए, जो 24 अंक के पुराने एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर रहा। इससे पहले भारत के लिए 1978 में रणधीर सिंह ने पुरुष ट्रैप में और 2010 में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता था।

क्वालीफिकेशन राउंड में किया शानदार प्रदर्शन

नीरू ढांडा ने क्वालीफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 118 अंक बनाए और कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। उनके 118 अंक इस प्रतियोगिता का नया गेम्स रिकॉर्ड भी बन गए। महिला ट्रैप टीम इवेंट में नीरू, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि चीन ने 346 अंक के साथ गोल्ड और कुवैत ने 325 अंक के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया। हालांकि, आशीमा और मनीषा व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में आगे नहीं बढ़ सकीं और क्रमशः 16वें और 23वें स्थान पर रहीं।

नीरू ढांडा ने क्वालीफिकेशन में 118 अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया और कतर की रे बेसिल के साथ बराबरी पर रहते हुए फाइनल का टिकट कटाया। उनका स्कोर इस चरण में नया गेम्स रिकॉर्ड भी बना। टीम इवेंट में नीरू के साथ आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने भारत को 328 अंकों के साथ सिल्वर मेडल दिलाया। इस स्पर्धा में चीन की टीम 346 अंक के साथ पहले स्थान पर रही, जबकि कुवैत ने 325 अंक लेकर ब्रॉन्ज जीता। वहीं, व्यक्तिगत मुकाबले में आशीमा 16वें और मनीषा 23वें स्थान पर रहीं, जिसके चलते दोनों फाइनल में नहीं पहुंच सकीं।

Asian Games से खाली हाथ लौटी स्टार निशानेबाज मनु भाकर हुई भावुक

Manu Bhakar

दो ओलंपिक मेडल जीत चुकी भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर को एशियाड 2026 से खाली हाथ लौटना पड़ा। ना उनका निशाना 10 मीटर एयर रायफल ना ही 25 मीटर एयर रायफल स्पर्धा में लगा, टीम इवेंट में भी उनको हार का सामना करा पड़ा। ऐसे में यह उनके करियर का बुरा दौर ही कहा जा सकता है।

गौरतलब है कि इस बार मनु भाकर के कोच जसपाल राणा उनके साथ नहीं थे। कुछ ही महीने पहले उनका निधन हो गया था। मनु जब ध्वजवाहक बनकर उद्घघाटन समारोह का हिस्सा थी तो  भी वह भावुक हो उठी थी और अब जब वह बिना पदक के स्वदेश लौट रही है तो भी भावुक हो गई।

मनु के लिए यह एशियाई खेलों का निराशाजनक अभियान रहा। मनु 579 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। इससे पहले वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी पदक जीतने में नाकाम रही थीं।भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी।

पदक चूकने के बाद राणा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा ,‘‘अगर बीता पूरा सफर याद करूं तो आप एक या दो चीजें याद नहीं रखते। वह सदैव आपकी यादों में रहते हैं। जब कोई व्यक्ति आपके जीवन का अहम हिस्सा हो तो आप भुला नहीं सकते।’’

राणा के कोच रहते मनु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते थे।तीन एशियाई खेलों में चार स्वर्ण समेत आठ पदक जीत चुके राणा ने दोहा में 2006 में हुए खेलों में तीन स्वर्ण जीते थे।राणा से मिली सबसे बड़ी सलाह के बारे में पूछने पर मनु ने कहा ,‘‘वह हमेशा प्रक्रिया को लेकर बहुत दृढ थे कि आप किसी भी दिन, जिंदगी के किसी भी मोड़ पर, जब भी निशानेबाजी करें, तो आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें और प्रक्रिया का अनुसरण करें।’

Asian Games में अय्यर, बुमराह, अक्षर का क्या काम जब वनडे विश्वकप है सामने

भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मापदंड एक बार फिर कटघरे में खड़े हो गए हैं। भारतीय टीम एक ओर वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी के लिए एकदिवसीय सीरीज खेल रही है वहीं एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल का बचाव करने के लिए जापान पहुंची हुई है।

ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों ने बोर्ड की रक्षात्मक रवैये की आलोचना की है।  भारत ने जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन समेत कई विश्वविजेता खिलाड़ी शामिल किए हैं। जबकि अफगानिस्तान समेत अन्य एशियाई देशों ने अपनी दूसरे कतार की टीम जापान भेजी है।  अगर एशियाई खेलों के लिए भी टीम को शीर्ष खिलाड़ियों की जरुरत है तो अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारियों को ताक पर क्यों रखा गया।

 

चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने की बजाए एशियाड में कप्तानी कर रहे श्रेयस अय्यर

श्रेयस अय्यर टी-20 के कप्तान है लेकिन वनडे टीम में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरते हैं। उनकी जगह वनडे टीम में ऋतुराज गायकवाड़ को लिया गया है। श्रेयस अय्यर का हालिया फॉर्म नासाज है और इंग्लैंड दौरे पर वह 3 मैचों में से सिर्फ एक मैच में अर्धशतक बना पाए थे वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू एकदिवसीय सीरीज में भी वह फ्लॉप रहे थे।

ऐसे में उनको एकदिवसीय टीम के साथ मैच खेलने की जरुरत है ना कि कमजोर टीम के खिलाफ स्वर्ण पदक जीतने की।

अक्षर पटेल की जगह रविंद्र जड़ेजा एकदिवसीय टीम में

ऐसा माना जा रहा था कि अक्षर पटेल रविंद्र जड़ेजा की जगह एकदिवसीय टीम में ले चुके हैं लेकिन चयनकर्ताओं ने एक बार फिर बैक गियर डाल दिया। 7 मैच और 300 गेंदों से विकेट के लिए तरस रहे रविंद्र जड़ेजा इंडीज के खिलाफ एक भी विकेट नहीं ले पाए और 6 की औसत से रन दिए। अक्षर पटेल जापान में ना होते तो भारत जापान के खिलाफ टी-20 मैच हार जाता लेकिन अक्षर पटेल की वनडे टीम को ज्यादा जरुरत है ना कि जापान में।

गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।

वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

जसप्रीत बुमराह को वनडे की फिटनेस सिद्ध करने की जरुरत

सबसे हैरान करने वाला निर्णय जसप्रीत बुमराह को एशियाड के लिए भेजने वाला रहा। इंडीज के खिलाफ वह लगातार 10 ओवर डालकर अपनी फिटनेस सिद्ध कर सकते थे लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें 4 ओवर डालने को ही कहा और जापान भेज दिया।

जसप्रीत बुमराह के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने 2027 विश्वकप के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई है। उनको सिर्फ टेस्ट और एकदिवसीय मैचों पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। इंग्लैंड दौरे के बाद उनका कार्यभार प्रबंधन  धीरे धीरे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में इंडीज के खिलाफ उनके 5 से 7 ओवर के स्पैल ज्यादा महत्वपूर्ण होते।

Asian Games से बाहर होने के बाद सिंधू ने शेड्यूल पर उठाए सवाल, 24 घंटे में 3 मैच क्यों

एशियाड में भारतीय बैडमिंटन टीम सिर्फ पुरुष टीम प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक लेकर लौटी। लगातार 3 बार ओलंपिक में मेडल लाने वाले इस खेल के लिए यह निराशाजनक बात है क्योंकि उम्मीद थी कि व्यक्तिगत मेडल भी भारतीय शीर्ष स्तर के खिलाड़ी ला सकते हैं। सात्विक और चिराग की राउंड ऑफ 16 में हार से सारी उम्मीदें पीवी सिंधु पर थी लेकिन वह भी रविवार को बाहर हो गई।

गौरतलब है कि महिला भारतीय बैडमिंटन टीम का कुल प्रदर्शन भी निराशाजनक ही रहा। क्वार्टरफाइनल में भारतीय महिला टीम जापान से 1-3 से हारकर बाहर हो गई।लेकिन व्यक्तिगत स्पर्धा में टीम को सिंधू से या त्रिसा जॉली और गायत्री से उम्मीद थी कि कम से कम एक पदक तो आएगा लेकिन ऐसा ना हो सका।

भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताई।सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’

Treesa Jolly Gayatri Gopichand

चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’

सिंधू ने  कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’

Asian Games में एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम, जीते 4 मेडल

भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता।

सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली।

हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली।महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला।

हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं।एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया।

शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा।महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।

फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया।

बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया।स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

7 गोलों से सिंगापुर को रौंदकर Asian Games सेमीफाइनल में पहुंची चक दे गर्ल्स

रविवार को गिफू प्रीफ़ेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के ग्रुप स्टेज में, भारतीय महिला हॉकी टीम ने सिंगापुर के मज़बूत डिफेंस को पार करते हुए 7-0 से आसान जीत दर्ज की और लगातार पांचवीं जीत हासिल की। कप्तान सलीमा टेटे (17′) ने स्कोरिंग की शुरुआत की, जिसके बाद सुनीलिता टोप्पो (22′, 24′) ने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए। लालरेम्सियामी हमारज़ोटे (26′), रुतुजा पिसल (29′), निक्की प्रधान (35′) और दीपिका सहरावत (55′) ने बाकी गोल किए।

एशियन गेम्स 2026 हॉकी पूल बी में टॉप पर रहने के बाद, भारत – जो हांगझोउ 2023 में ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता था – अब बुधवार को सेमीफ़ाइनल में रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया का सामना करेगा। कोरियाई टीम ने दिन में पहले मलेशिया को 2-1 से हराकर पूल ए में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरा सेमीफ़ाइनल पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना और जापान के बीच खेला जाएगा।

पूल स्टेज में भारत का दबदबा रहा और उन्होंने उज़्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड और सिंगापुर के खिलाफ़ जीत के साथ 63 का शानदार गोल अंतर हासिल किया। उनका सबसे कड़ा पूल मैच मेज़बान जापान के खिलाफ़ था, जो कड़े मुकाबले के बाद 3-1 की जीत के साथ समाप्त हुआ।

भारत ने शुरुआत से ही बॉल पर कब्ज़ा और मैदान पर दबदबा बनाए रखा और पहले ही मिनट में अपने 27 पेनल्टी कॉर्नर में से पहला हासिल किया, जब लालरेम्सियामी की हिट सिंगापुर के एक डिफेंडर के पैर से टकराई। हालांकि, दीपिका का ड्रैग-फ़्लिक डिफ़्लेक्ट होकर दूर चला गया। भारत ने दबाव बनाना जारी रखा और सफल वीडियो रेफरल के बाद दूसरे मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन सिंगापुर का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा।

सिंगापुर की टीम ने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ डिफेंस किया और गोलकीपर फेलिसा लाई को हराना मुश्किल साबित हुआ। भारत मौके बनाता रहा; आठवें मिनट में इशिका चौधरी ने कप्तान सलीमा टेटे के साथ अच्छा तालमेल बिठाया, लेकिन समय पर हुए इंटरसेप्शन ने भारतीय कप्तान को गोल करने से रोक दिया।

आखिरकार दूसरे क्वार्टर के दूसरे मिनट में दबाव का असर दिखा। क्रॉस पर नवनीत कौर के पहले प्रयास को रोक दिया गया, लेकिन रिबाउंड सलीमा टेटे के पास आया, जिन्होंने गैप ढूंढकर 17वें मिनट में भारत को 1-0 से आगे कर दिया। भारत ने तेज़ी से मोमेंटम बनाया। 22वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर गोल के सामने अफरा-तफरी मची, जिसमें सुनेलिता ने करीब से फिनिशिंग टच देकर बढ़त को दोगुना कर दिया।

दो मिनट बाद, सुनेलिता ने फिर गोल किया; उन्होंने नियर पोस्ट की ओर तेज़ी से दौड़ते हुए दीपिका के पेनल्टी कॉर्नर फ्लिक को डिफ्लेक्ट किया। इसके बाद भारत ने 26वें मिनट में स्कोर 4-0 कर दिया, जब दीपिका के फ्लिक ने लालरेम्सियामी की स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर नेट में जगह बनाई। तीन मिनट बाद, डिफेंस की चूक से रुतुजा को मौका मिला और उन्होंने शांति से गोलकीपर के ऊपर से गेंद को उछालकर स्कोर 5-0 कर दिया। बिना किसी गोल वाले शुरुआती क्वार्टर के बाद, भारत ने दूसरे क्वार्टर में पांच गोल किए और हाफ-टाइम तक मज़बूत बढ़त बना ली।

भारत ने 35वें मिनट में छठा गोल किया। लगातार मिले पेनल्टी कॉर्नर को ठीक से नहीं रोका जा सका, लेकिन बलजीत ने दूसरे प्रयास में गेंद को संभाला और हमले को जारी रखा।

इसके बाद गोल के सामने हुई अफरा-तफरी का अंत निक्की प्रधान द्वारा गेंद को लाइन के पार धकेलने के साथ हुआ।

सिंगापुर ने अपना डिफेंस मज़बूत बनाए रखा और तीसरे क्वार्टर में भी भारत को परेशान करना जारी रखा। लालरेम्सियामी 40वें और 42वें मिनट में गोल के करीब पहुंचीं, लेकिन गोलकीपर ने दोनों प्रयासों को नाकाम कर दिया।

आखिरी क्वार्टर में भी सिंगापुर का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा और शुरुआती 10 मिनट तक भारत को कोई गोल नहीं करने दिया। दीपिका को एक और पेनल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका मिला, लेकिन हवा में किए गए उनके शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया।

आखिरकार, 55वें मिनट में भारत को अपना सातवां गोल मिला। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर कोई गलती नहीं की और सटीक फ़्लिक से गोल के कोने में गेंद पहुंचाकर स्कोर 7-0 कर दिया। एक मिनट बाद दीपिका को पेनल्टी कॉर्नर से एक और मौका मिला, लेकिन वह अपना स्कोर नहीं बढ़ा सकीं।

इसके बाद सिंगापुर को मैच का सबसे अच्छा मौका मिला, जब बॉल मिलने के बाद कियान शियाओ क्वेक भारत की गोलकीपर बिचू देवी के आमने-सामने थीं, लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट से बाहर चला गया। आइची-नागोया 2026 में हॉकी टूर्नामेंट 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ायर का काम भी करेगा, जिसमें गोल्ड मेडल जीतने वाली टीमों को आगामी समर गेम्स में सीधे जगह मिलेगी।

Asian Games में इन 3 मुक्केबाजों ने किए मेडल पक्के, खोलेंगे खाता

भारत के सचिन सिवाच पुरुष 60 किग्रा क्वार्टरफाइनल में जापान के विश्व कांस्य पदक विजेता शुनसुके कितामोटो से 0-5 से हारकर बाहर हो गए जबकि परवीन हुड्डा,अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल ने सेमीफाइनल में पहुंचकर देश के लिए तीन पदक पक्के कर दिए हैं।

परवीन ने रविवार को एशियाई खेलों में महिलाओं के 65 किग्रा भार वर्ग की स्पर्धा के क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है जबकि नरेंद्र बेरवाल ने पुरुष 90 किग्रा क्वार्टरफाइनल में थाईलैंड के अदथापोंग सेंगतेप को रेफरी स्टॉपेज के जरिए पहले राउंड में हराकर अपना पदक पक्का कर लिया।

आज परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नवबखोर खमिदोवा पर शानदार 5-0 से जीत हासिल करके एशियन गेम्स में अपनी पिछली निराशा को पीछे छोड़ कर अपना पदक पक्का कर लिया। डोपिंग उल्लंघन के कारण परवीन का 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स का कांस्य पदक छीन लिया गया था, लेकिन उन्होंने एक बार फिर अपने लिए पदक हासिल कर लिया है। खमिदोवा की एकमात्र उम्मीद इस मुक़ाबले को ज़बरदस्त टक्कर वाले मुक़ाबले में बदलने की थी और वह तेज़ी से आगे बढ़ीं, लेकिन परवीन ने एक बार फिर दूरी बनाए रखी और फिर तेजी से हमला करते हुए कुछ बॉडी शॉट्स और चेहरे पर जैब्स मारे, और फिर पीछे हट गईं।

उज्बेकिस्तान की मुक्केबाज ने अपनी रणनीति बदली और कुछ काउंटर-पंच मारने के लिए पीछे रहीं, लेकिन जब परवीन ने खुद हमला किया तो उनकी स्पीड और पहुंच उनके काम आई और उन्होंने आसानी से कुछ हिट्स किए। अंत में काफ़ी हलचल रही, लेकिन परवीन ने मेडल जीतने के लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और परवीन 5-0 से जीतीं और सेमीफाइनल में पहुँच गईं।

फाइनल में पहुंचना परवीन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि संभावना है कि उनका मुकाबला चीन की ली शू से होगा जिन्होंने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन कजाकिस्तान की आइदा अबिकेयेवा को क्वार्टरफाइनल में हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया है और अब सेमीफाइनल में परवीन से भिड़ेंगी।

इससे पहले वहीं शानदार फॉर्म में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला बॉक्सिंग मेडल पक्का कर लिया। एशियाई खेलों में अपना पहला मुकाबला खेल रहे हरियाणा के 21 वर्षीय बॉक्सर ने क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रुज़ सलीमोव को 5-0 से हराकर परिपक्व और नियंत्रित खेल दिखाया।अंकुश ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी; उन्होंने तेज़ फुटवर्क के साथ सटीक सीधे पंच और सही समय पर काउंटर-पंच का इस्तेमाल किया। उन्होंने मुकाबले की दूरी को अपने हिसाब से तय किया और सलीमोव को अपनी लय में नहीं आने दिया।

पहले दो राउंड में स्पष्ट बढ़त बनाने के बाद, अंकुश ने आखिरी राउंड में भी शानदार संयम दिखाया। जल्दबाजी में उलझने के बजाय, उन्होंने समझदारी से मुकाबला खेला, अपने प्रतिद्वंद्वी को दूर रखा और अपनी बढ़त को बचाए रखते हुए सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की। इस जीत से अंकुश का कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है और इससे आइची-नागोया में भारत के बॉक्सिंग अभियान को शुरुआती बढ़त मिली है।

यह युवा बॉक्सर के लिए हाल के शानदार सफर में एक और महत्वपूर्ण कदम है। अंकुश 80 किग्रा वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीतकर जापान पहुंचे थे और अब उन्होंने उसी आत्मविश्वास को एशियाई मंच पर भी बरकरार रखा है। उन्होंने राउंड ऑफ़ 16 में बहरीन के हम्सा वोगेल पर 5-0 की शानदार जीत के साथ एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत की थी। प्रतियोगिता में दो मुकाबले खेलने के बाद भी अंकुश ने अभी तक एक भी राउंड नहीं गंवाया है, जो उनके अभियान में निरंतरता और नियंत्रण को दर्शाता है।

नरेंद्र बेरवाल ने पुरुष 90 किग्रा क्वार्टरफाइनल में थाईलैंड के अदथापोंग सेंगतेप को रेफरी स्टॉपेज के जरिए पहले राउंड में हराकर अपना पदक पक्का कर लिया। नरेंद्र ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। अदथापोंग को दो बार स्टैंडिंग काउंट मिला और तीसरी बार काउंट मिलने के बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया। मुकाबला दो मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया। इसके साथ ही नरेंद्र, अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा के साथ भारत के लिए दिन का तीसरा बॉक्सिंग पदक पक्का करने वाले मुक्केबाज बन गए।

Asian Games में खिताबी मुकाबला हारने के बाद अनाहत और अभय को मिला सिल्वर मेडल

भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों अनाहत सिंह और अभय सिंह को यहां रविवार को एशियाई खेलों के फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों से हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए।

अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली।

यो और शिवासांगरी दोनों ने 2028 में लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदार्पण कर रही स्क्वाश प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया। विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं।

अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली शिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा।

हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के यो को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। यो ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह अभय की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठवीं हार है।भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।

Asian Games में बारिश से अफगानिस्तान बनाम भारत मैच धुला तो क्या होगा नतीजा?

गत चैंपियन भारत 28 सितंबर को एशियाई खेलों में पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, बारिश के कारण आइची-नागोया में नॉकआउट चरण बाधित होने का खतरा है।हालांकि अगर मुकाबला बारिश से धुल गया तो बेहतर डीएलएस स्कोर या बेहतर रैंकिंग के आधार पर भारत सेमीफाइनल में जगह बना लेगा।

भारत को बंगलादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ चार शीर्ष वरीयता प्राप्त टीमों के रूप में क्वार्टर फाइनल में सीधे प्रवेश मिला था। अफगानिस्तान और नेपाल ग्रुप ए से आगे बढ़े, जबकि मलेशिया और हांगकांग ग्रुप बी से आगे बढ़े। दूसरे क्वार्टर फाइनल में 28 सितंबर को पाकिस्तान का सामना हांगकांग से होगा, जबकि श्रीलंका का नेपाल से और बंगलादेश का 29 सितंबर को मलेशिया से मुकाबला होगा।

शनिवार को ग्रुप चरण बारिश से प्रभावित रहा और जापान-नेपाल मैच बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया। मलेशिया-ओमान मुकाबला भी रद्द हो गया, जिसके परिणामस्वरूप ओमान बाहर हो गया।क्वार्टर फाइनल में मौसम एक बार फिर अहम भूमिका निभा सकता है। सोमवार के पूर्वानुमान में दिन के समय बारिश की 91 प्रतिशत संभावना है, जब पहले दो मैच निर्धारित हैं, साथ ही तूफान की 22 प्रतिशत संभावना है।

मंगलवार का पूर्वानुमान भी इसी तरह गीला रहने का है, जिसमें 89 प्रतिशत संभावना बारिश की और 18 प्रतिशत संभावना गरज के साथ बारिश की है। यदि कोई क्वार्टर फाइनल बिना किसी परिणाम के रद्द हो जाता है, तो उच्च वरीयता प्राप्त टीम आईसीसी की आधिकारिक टी 20 रैंकिंग के आधार पर आगे बढ़ेगी।

गुरुवार को सेमीफ़ाइनल और शनिवार को मेडल प्लेऑफ़ के लिए मौसम का दृष्टिकोण अधिक अनुकूल है, वर्तमान में बारिश की संभावना कम है। भारत ने हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों के फाइनल में अफगानिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। बंगलादेश ने तीसरे स्थान के प्लेऑफ़ में पाकिस्तान को हराकर कांस्य पदक जीता।

Asian Games 2026: कबड्डी में भारत को मिला दूसरा गोल्ड मेडल, महिलाओं के बाद पुरुष कबड्डी टीम ने किया कमाल

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 26 सितंबर, शनिवार को भारत को कबड्डी में दूसरा गोल्ड मिला है। पवन सेहरावत की कप्तानी में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत ने ईरान को 40-34 से हराया। वहीं इससे पहले विमेंस कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

फाइनल में भारत और ईरान के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने आखिर तक बढ़त बनाए रखी और जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष कबड्डी इतिहास में अपना नौवां स्वर्ण पदक हासिल किया।

भारत ने अबतक जीते 4 गोल्ड मेडल

भारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक चार गोल्ड मेडल जीत लिए हैं। एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड महिला क्रिकेट टीम ने जीता था। वहीं इसके बाद शूटिंग मिक्स्ड टीम और कबड्डी की महिला व पुरुष टीमों ने गोल्ड जीता। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 28 हो गई है, जिसमें 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत फिलहाल संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर है। वहीं चीन सबसे ऊपर है, जबकि जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर है।

एशियन गेंम्स में भारत का प्रदर्शन

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया। ग्रुप ए के पहले मुकाबले में भारत ने 21 सितंबर को जापान को 49-24 से हराया। इसके बाद टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 63-31 से बड़ी जीत दर्ज की। भारत का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहा और उसने बांग्लादेश को 48-25 तथा चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर ग्रुप चरण में अपना दबदबा बनाए रखा। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष कबड्डी में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में ईरान ने चीनी ताइपे को 59-21 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।

कबड्डी में भारत का इतिहास

एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी की शुरुआत 1990 में हुई थी और तब से भारत का इस खेल में दबदबा रहा है। भारत ने 2018 को छोड़कर हर बार पुरुष कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। 2018 के एशियन गेम्स में भारतीय टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी और उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद टीम ने फिर से मजबूत वापसी की और अब 2026 में एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

 महिला कबड्डी टीम ने ईरान को दी मात

इससे पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर खिताब जीत लिया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल हासिल किया।