CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

CJP के 3 नेता रिहा, 1 साल तक शांति बनाए रखने की शर्त, कोर्ट की शर्तें क्या हैं 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगा खुलासा

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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं को 10 अक्टूबर को एहतियातन हिरासत में लिया था। CJP 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। 50-50 हजार के मुचलके पर रिहाई दी गई है। रिहाई के साथ उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त का पालन करना होगा।

 

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। उनके मुताबिक, नेताओं को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर छोड़ा गया है। अधिवक्ता सौतिक बनर्जी ने भी तीनों नेताओं की रिहाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया गया है और वे वहां से जा सकते हैं।

 

BNSS की धाराओं के तहत हुई थी गिरफ्तारी

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों नेताओं को 10 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उन्हें दिल्ली कैंट स्थित उप-मंडल कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया।

 

पुलिस ने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, एक साल तक शांति और अच्छे आचरण को सुनिश्चित करने के लिए 50,000 रुपये का जमानती बांड जमा कराया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के बाद CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। पार्टी ने अपने पोस्ट में कहा कि कॉकरोच कभी नहीं मरते।”

 

दिल्ली में सुरक्षा सख्त, 7 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में

 

CJP नेताओं की हिरासत ऐसे समय हुई, जब जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने और जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया गया।

 

प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल बताए गए।

CJP और विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

CJP Protest Updates: अभिजीत दीपके, रांका और दास गिरफ्तार! थोड़ी देर में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी! आज जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का ऐलान, ध्रुव राठी रिहा

CJP Protest Updates: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ्तार किए जाने के बाद आज यानी रविवार (11 अक्तूबर) को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के हवाले से यह जानकारी दी है। वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम CJP नेताओं की ओर से पैरवी कर सकती है। इस बीच, CJP ने चुनावी वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

हिरासत के बाद अरेस्ट हुए CJP नेता

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। उन्हें आज रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।”

पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में उनका विमान उतरने के बाद उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शनिवार को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया था।

रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर बताया कि अभिजीत, आशुतोष और सौरव दास को सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें सुबह इस बारे में जानकारी दी। CJP की लीगल हेड होने के नाते वह अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिए गए CJP नेता

CJP के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक विमान से हिरासत में लिया गया था। ये नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में थी।

यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया जाना था। राजधानी में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए और प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

आज फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी CJP

CJP ने हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने आज जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी की मांग है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में CJP के आह्वान पर प्रस्तावित जुटान को रोकने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

चार पूर्व मुख्यमंत्री भी हिरासत में लिए गए

दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक ममता बनर्जी, वामपंथी नेता पिनराई विजयन और माणिक सरकार के नाम शामिल हैं। प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। उसका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, CJP ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।

ध्रुव राठी को छोड़ा गया, जंतर-मंतर पहुंचने पर फिर कार्रवाई की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात रिहा कर दिया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि वह जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। एक अधिकारी ने रविवार सुबह बताया, “हरियाणा के गुरुग्राम में हिरासत में लिए जाने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा कर दिया गया।” राठी को आज तड़के 3 बजे रिहा किया गया।

दिल्ली में लगातार हो रही हिरासत की कार्रवाइयों और CJP के नए प्रदर्शन के ऐलान के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें आज होने वाली मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।

सीईसी के इस्तीफा देने तक पीछे नहीं हटेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। CJP ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की है। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।’” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की।

शिंदे ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका की हिरासत के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी तीनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

जंग का मैदान बनी दिल्ली

नई दिल्ली। शनिवार को दिन भर लगभग पूरी दिल्ली जंग का मैदान बनी रही। कॉकरोच जनता पार्टी ने सेंट्रल दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था लेकिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरी दिल्ली को कब्जे में ले रखा था। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 38 हजार जवान अलग अलग जगहों पर तैनात थे, जिन्होंने सात हजार के करीब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने जगह जगह बैरिकेडिंग कर रखी थी और जंतर मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे युवाओं व छात्रों को अलग अलग जगहों से पकड़ा। उनको बसों में भर कर दूरदराज के इलाकों में ले जाया गया। देर शाम प्रदर्शनकारियों को रिहा किया गया। इससे पहले सोनम वांगचुक ने ऐलान किया था कि अगर प्रदर्शनकारी रिहा नहीं होते हैं तो वे आंदोलन करेंगे। इस बीच शनिवार की शाम को सीजेपी ने रविवार को फिर से जंतर मंतर की ओर मार्च करने का ऐलान किया।

एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों से घिरे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामपंथी पार्टियों के साथ साथ सिविल सोसायटी के लोगों ने 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरा जोर लगा कर प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पहुंचने से रोक दिया। जंतर मंतर पहुंचने का प्रयास करते हुए ममता बनर्जी को गिरफ्तार किया गया तो अरविंद केजरीवाल को भी हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में दोनों को छोड़ दिया गया।

सुबह की उड़ान से दिल्ली पहुंचे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को अन्य नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। बाद में उनकी दादी के निधन की खबर आई तो पुलिस ने उनको घर जाने की इजाजत दे दी। असल में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने जंतर मंतर के आसपास पांच लेयर की बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के लिए तय जगह तक पुलिस ने किसी को पहुंचने नहीं दिया। दीपके की गिरफ्तारी के बाद उनका एक पुराना वीडियो जारी किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनको हिरासत में लिए जाने के बाद आजिंक्य शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। बाद में शिंदे ने कमान संभाली और लोगों से जंतर मंतर की ओर बढ़ने का आह्वान किया। सीजेपी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सरकार ने बहुत बड़ी तैयारी की थी। आठ से 12 अक्टूबर तक के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां यानी करीब 23 हजार जवान दिल्ली बुला कर तैनात किए गए। इनके अलावा दिल्ली पुलिस के कम से कम 15 हजार जवानों और अधिकारियों की तैनाती की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करते हुए 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए। करीब ढाई सौ ट्रेनें रद्द कर दी गईं। कनॉट प्लेस के आसपास दुकानें बंद थीं तो जंतर मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद रखा गया था। स्कूल व कॉलेज भी या तो बंद थे या ऑनलाइन पढ़ाई हो रही थी।

सीजेपी का रविवार को भी जंतर-मंतर कूच

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली में व्यापक पुलिस कार्रवाई और हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बावजूद रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करने की घोषणा की है। पार्टी के नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता जताई है।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर ही हिरासत में ले लिया गया था। अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन, नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण सहित कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।

अजिंक्य शिंदे ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि सरकार को लगा होगा कि नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आंदोलन समाप्त किया जा सकता है, लेकिन यह लड़ाई की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लिए बिना प्रदर्शनकारी घर नहीं लौटेंगे। शनिवार शाम नेहा बोरा सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को मैदानगढ़ी थाने से रिहा कर दिया गया।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी कि रविवार तक हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया तो वे अनशन या पदयात्रा शुरू करने के लिए मजबूर हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की चिंता के बाद दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले केजरीवाल, संजय सिंह समेत कई आप नेता हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गये नेताओं में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज और विधायक दुर्गेश पाठक भी शामिल हैं।

आप विधायक कुलदीप कुमार ने आज दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह को पुलिस मोदी सरकार के आदेश पर हिरासत में लेकर जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंच रही थी और इसी दौरान पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया।

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उन्होंने कहा, ”याद रखना, मोदी जी, ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढाँडा ने कहा “पिछले डेढ़ घंटे से केजरीवाल और हम सबको दिल्ली पुलिस बस में घुमा रही है। इनको पता ही नहीं कि जाना कहाँ है या फिर दिल्ली के किसी थाने में केजरीवाल जी को ले जाने की हिम्मत नहीं हो रही?”

श्री संजय सिंह ने कहा “पिछले डेढ़ घंटे से दिल्ली पुलिस यहाँ से वहाँ घूम रही है। अरविंद केजरीवाल को किस थाने में ले जाना है दिल्ली पुलिस को नहीं पता? ग़ज़ब मजाक चल रहा है।

Pic Credit : UNI

Jantar Mantar Protest: दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को लिया हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने मुंबई से दिल्ली आए CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरते ही हिरासत में ले लिया था।

CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि वह अपने परिवार के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने पूरे देश के लोगों से अपील की थी कि वे अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें। शनिवार को AAP ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के आवास के आसपास कड़ा पहरा लगा दिया।

गोपाल राय भी हिरासत में

ताजा अपडेट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल को हिरासत में ले लिया गया है। AAP के नेता गोपाल राय को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी समेत TMC के दूसरे MPs को भी हिरास​त में लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात और कई अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।

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पंजाब में मनीष सिसोदिया डिटेन

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शनिवार को AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब में कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सिसोदिया चंडीगढ़ में CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान AAP नेता और कार्यकर्ता CEO के दफ्तर की ओर मार्च कर रहे थे, चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे और जवाबदेही की मांग कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की तो तनाव बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा। इसके बाद सिसोदिया, हरपाल सिंह चीमा और पंजाब के प्रमुख पार्टी नेताओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

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सीजेपी के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, कई नेता हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे सहित अन्य मांगों में शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं माकपा के एमए बेबी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बार्डर सहित कई इलाकों में पहरा सख्त करते हुए कई जगह पर बैरिकेडिंग लगा दी और सुबह से ही यातायात पर कड़ी पाबंदियां लागू कर दी गईं।

वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और स्थिति पर निगरानी रखने के लिए प्रमुख चौराहों पुलिस बल तैनात किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक और मध्य दिल्ली के अन्य हिस्सों में यातायात जाम और रूट डायवर्जन की चेतावनी देते हुए एडवाइजरी जारी की। पुलिस की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जगह जगह पहुंचे। इनमें मिंटो ब्रिज, दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रभावित चौराहों और मार्गों में अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोल चक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग, जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग, रेल भवन गोल चक्कर, गोल डाकखाना और विंडसर प्लेस शामिल हैं।

पुलिस ने सीजेपी संस्थापक सर्वश्री दीपके, दास और रांका को राष्ट्रीय राजधानी में तब हिरासत में ले लिया जब वे मुंबई से यहां आए हवाई जहाज से उतरने वाले थे। दिल्ली पुलिस ने उनको विमान के भीतर से अपनी हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद पार्टी ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।

श्री दीपके ने एक पूर्व रिकार्डेड मैसेज से यह जानकारी देते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व की हिरासत के बावजूद यह प्रदर्शन जारी रहेगा तथा श्री कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग पर आंदोलन पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ाया जाएगा। इस बीच यह भी जानकारी सामने आई कि श्री दीपके की दादी का निधन हो गया। पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा कि नेताओं की इस तरह की गई हिरासत कार्यकर्ताओं के हौसलों को नहीं डिगा सकती और यह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक संघर्ष है।

बयान में कहा गया जब राज्य सत्ता लोकतांत्रिक असंतोष को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों का सहारा लेती है, तो लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता को स्वयं कमान संभालनी होगी । इसके अलावा खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह एक संयुक्त अभियान के तहत दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने गुरुग्राम के एक आवासीय फ्लैट से चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया है। श्री राठी ऐसे वीडियोज के लिए जाने जाते हैं जिनमें केंद्र सरकार की कठोर आलोचना की जाती है।

इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्य दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को भारी संख्या में तैनात किया गया है। निर्धारित प्रदर्शन स्थल के पास एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर बसों में भरकर अन्य स्थानों पर ले जाया गया। सुरक्षा उपायों के तहत दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के अंतर्गत बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अब तक हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के इस प्रदर्शन की अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि पार्टी द्वारा प्रस्तुत सूचना कोई औपचारिक आवेदन नहीं थी, क्योंकि नियमों के अनुसार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और राजधानी की ओर प्रदर्शनकारियों के आने को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए थे। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाई हैं, बाजारों और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने के आदेश दिए हैं तथा शहर में आने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है। दिल्ली के लोकप्रिय दिल्ली हाट से छात्रों की भीड़ का नेतृत्व करने की कोशिश कर रही वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा को भी “सरफ़रोशी की तमन्ना” कविता गाते हुए देर दोपहर हिरासत में ले लिया गया।

ममता बनर्जी और उनके सांसदों और समर्थकों का एक समूह प्रतिबंध का उल्लंघन करने के कारण हिरासत में लिए जाने से पहले अपने साउथ एवेन्यू स्थित आवास के बाहर तख्तियां लेकर धरने पर बैठा था। ममता बनर्जी ने एक पुलिस वाहन में ले जाए जाते समय संवाददाताओं से कहा देश में क्या चल रहा है, सबको पता है । दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को विपक्ष पर अपना हमला तेज करते हुए राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं पर देश में तनाव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सरकार उनके द्वारा अशांति भड़काने के प्रयासों से सख्ती से निपटेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बार-बार की चुनावी हार के बाद हताश होकर काम कर रहे हैं और चेतावनी दी कि पार्टी तथा उसके समर्थक उनके इन प्रयासों का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा भारत सरकार आपके द्वारा तनाव पैदा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सख्ती से निपटेगी । कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार पर राष्ट्रीय राजधानी को “किले” में तब्दील करने का आरोप लगाया, जिसके तहत पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा राष्ट्रीय राजधानी को एक किले में बदल दिया गया है, जहाँ हर तरफ सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात हैं ।कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार से सवाल करने वालों को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबायी जा रही है और देश को ‘खामोश लोकतंत्र’ में बदला जा रहा है।

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श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के नेताओं, यूट्यूबरों और कंटेंट क्रिएटरों सहित सरकार से सवाल करने वाले सभी लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कायरता आज पूरी तरह सामने आ गयी है। हिरासत, गिरफ्तारियां, जेल, लाठियां और पैलेट भी भारत के लोगों को रोक नहीं सकते। स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही युवा देश की नियति तय करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं । कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी एकजुट विपक्ष के साथ मिलकर इस तानाशाही शासन के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ती रहेगी। भारत की आजादी के लिए खून बहाने वाली कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि जनता की आवाज को ताकत के बल पर दबाने की कोशिश सरकार की बड़ी भूल साबित होगी।

श्री यादव ने ‘एक्स’ पर कहा किसी के रोकने से नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा । उन्होंने कहा कि देश की युवा ऊर्जा उनके साथ है। भाजपा सरकार अगर यह समझ रही है कि वह ताकत के बल पर जनता को रोक लेगी, तो यह उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी। श्री यादव ने कहा कि ‘जंतर-मंतर’ अब केवल एक जगह का नाम नहीं, बल्कि नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। पुलिस ने सुबह ही जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शीर्ष नेताओं समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में माकपा महासचिव एमए बेबी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन, केरलम के पूर्व वित्त मंत्री केएन. बालगोपाल, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, मणिकंतन वी. गोविंदान, श्रीमती, वृंदा करात, के के शैलजा और पी राजीव शामिल हैं।

श्रीमती करात ने फेसबुक पेज पर लिखा मोदी और उनकी सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और वे उन्हें रोक नहीं सकते। दिल्ली का दिल उसके सभी लोगों का है। ये दबाने वाले तरीके हमें नहीं रोक पाएंगे! चलो जंतर-मंतर की ओर!”

केरलम भवन से बाहर निकलते ही पुलिस ने वामपंथी नेताओं को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने से रोक दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। शुरुआत में पुलिस ने श्री विजयन, श्री ब्रिटास और श्री केएन बालगोपाल को छोड़कर अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था लेकिन जब ये तीनों नेता जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस हुई और पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया से बात करते हुए श्री विजयन ने इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों से उनकी सरकार चुनने का अधिकार छीना जा रहा है और 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के इशारे पर किया है और सरकार अब उन्हें बचाने के लिए गैर-कानूनी तरीके अपना रही है लेकिन यह विरोध आज खत्म नहीं होगा। श्री विजयन ने कहा कि भारत देश कोई पुलिस राज्य नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक देश है और सत्ताधारी दल के मन में लोकतंत्र के प्रति कोई सम्मान न होने के कारण ऐसी कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वकीलों के खिलाफ बल प्रयोग किए जाने और उनकी हिरासत की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने विशेष रूप से महिला अधिवक्ताओं सहित वरिष्ठ और युवा वकीलों की कथित हिरासत का मुद्दा उठाया है। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को दिए गए एक ज्ञापन में एसोसिएशन ने हस्तक्षेप की मांग करते हुए हिरासत में लिए गए वकीलों की सुरक्षा और उनके ठिकाने का पता लगाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, बिना किसी कानूनी आधार के रोके गए वकीलों को तत्काल कानूनी सहायता प्रदान करने, उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज और विधायक दुर्गेश पाठक भी शामिल हैं।आप विधायक कुलदीप कुमार ने आज दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह को पुलिस मोदी सरकार के आदेश पर हिरासत में लेकर जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंच रही थी और इसी दौरान पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया।

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प्रदर्शन में शामिल होंगे केजरीवाल

नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का समर्थन किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने के लिए कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों की ओर से किए गए आंदोलन में केजरीवाल नहीं शामिल हुए थे। लेकिन उन्होंने कहा है कि शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे।

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि वे 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में अपने परिवार के साथ शामिल होंगे। उन्होंने देश भर के लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की। इस प्रदर्शन को वामपंथी पार्टियों और कुछ किसान संगठनों ने भी समर्थन दिया है।

अशोक मित्तल ने भी पूरे पन्ने का विज्ञापन दिया

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने पर पूरे पेज का विज्ञापन छपवा कर बधाई देने वाले दूसरे नेता अशोक मित्तल हैं। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक और हाल ही में आम आदमी पार्टी से पाला बदल कर भाजपा में शामिल हुए मित्तल ने देश के कई प्रमुख अंग्रेजी अखबारों में विज्ञापन दिया है। गौरतलब है कि मित्तल जब तक आप में थे, तब तक अपना फिरोजशाह रोड का बंगला अरविंद केजरीवाल को रहने के लिए दिया था।

फिर एक दिन उनके यहां केंद्रीय एजेंसी, ईडी का छापा पड़ा और अचानक केजरीवाल से उनका मोहभंग हो गया। वे पाला बदल कर भाजपा में चले गए। उनके साथ आप के 10 में से सात राज्यसभा सांसद भाजपा में गए हैं। हालांकि उसके बाद भी उनकी समस्या समाप्त नहीं हुई हैं। अब पंजाब में आए दिन कुछ न कुछ होता रह रहा है। पिछले दिनों उनके लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से बलात्कार की अफवाह उड़ी, जो दंगों में बदल गई। 10 दिन तक यूनिवर्सिटी बंद करनी पड़ी। मित्तल के करीबी राज्य सरकार पर दोष डाल रहे हैं।

भगवंत मान के कार्यालय पर सीबीआई का छापा

चंडीगढ़। अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन के बाद एक और विपक्षी मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसी सीबीआई के निशाने पर आए हैं। सीबीआई ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस में मंगलवार शाम छापा मारा। इसके अलावा सीबीआई की अलग अलग टीमों ने मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में आठ जगहों पर छापेमारी की। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मुख्यमंत्री कार्यालय के ऊपर ट्रांसफर और पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ईडी ने मुख्यमंत्री मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन को मुख्य आरोपी बनाया था पर पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज की। मामला हाई कोर्ट पहुंचा और पांच अक्टूबर को हाईकोर्ट ने ओएसडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई जांच का आदेश दिया। इसके बाद सीबीआई ने राजबीर घुम्मन सहित छह नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पंजाब सरकार इस मामले की तत्काल सुनवाई के लिए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, लेकिन यह मांग खारिज कर दी गई।

इससे पहले जुलाई और अगस्त में ईडी ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी गौरव यादव को तीन चिटि्ठयां भेजकर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर एफआईआर की मांग की थी। इसमें ट्रांसफर, पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, टेंडर, सीएलयू और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित दखल के आरोप लगे। ईडी का कहना है कि नितिन गोहल, राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों की इस मामले में भूमिका सामने आई है। एजेंसी ने गोहल को सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और मुख्यमंत्री के ओएसडी घुम्मन के बीच कथित बिचौलिया बताया।