कानपुर में नकली सीमेंट का कारोबार! तीन वर्षों में 11 लाख बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई

कानपुर में नकली सीमेंट का कारोबार! तीन वर्षों में 11 लाख बोरी नकली सीमेंट की सप्लाई

Kanpur fake cement factory

Kanpur fake cement factory: औद्योगिक नगरी कानपुर के पनकी में नकली सीमेंट फैक्ट्री के खुलासे ने प्रदेश भर के निर्माण तंत्र और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। नामी कंपनियों की साख की आड़ में पिछले तीन सालों से चल रहे इस अवैध खेल में न सिर्फ 10 लाख से अधिक बोरियां खपाए जाने का संगीन आरोप है, बल्कि इसके तार मेरठ से लेकर सीएम ग्रिड और लखनऊ एयरपोर्ट जैसे हाई-प्रोफाइल निर्माण कार्यों तक जुड़ने के दावे सामने आ रहे है। अब योगी सरकार के एक्शन का इंतजार है।

 

यूपी के कानपुर में SOG और स्थानीय पुलिस ने पनकी थाना क्षेत्र के इस्पात नगर में छापेमारी कर नामी ब्रांडों (ACC और अंबुजा) के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली एक विशाल अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने पिछले 3 वर्षों में करीब 10.80 लाख बोरी नकली सीमेंट उत्तर प्रदेश के कई जिलों और बड़े सरकारी व निजी प्रोजेक्ट्स में सप्लाई की है। इस पूरे मामले में एक स्थानीय भाजपा नेता द्वारा आरोपियों को संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। 

कैसे हुआ इस बड़े खेल का खुलासा?

अडानी ग्रुप की कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक को जब अचानक अपने ब्रांड्स की बिक्री में भारी गिरावट महसूस हुई, तो कंपनी की विजिलेंस टीम ने पिछले 15 दिनों से निजी स्तर पर खुफिया जांच शुरू की। कंपनी की पुख्ता शिकायत मिलने पर कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के निर्देश पर SOG और स्थानीय पुलिस की टीम ने पनकी के इस्पात नगर स्थित गोदाम पर अचानक छापेमारी कर इस अवैध सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर दिया। छापेमारी के दौरान मौके से 1000 से अधिक भरी हुई नकली बोरियां, 3000 खाली बोरियां, अत्याधुनिक पैकिंग मशीनें और नकली सीमेंट से लदे दो ट्रक जब्त किए गए। 

​महज 30 रुपए की लागत और मुनाफा… 

​पुलिस जांच में सामने आया है कि यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से लोगों की जान और सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ कर रहा था। यह गैंग बुंदेलखंड इलाके से खराब और एक्सपायर्ड हो चुकी सीमेंट को महज ₹10 से ₹20 प्रति बोरी की दर से खरीदता था। मेरठ के सप्लायरों (सुनील मित्तल और निशांत मित्तल) की मदद से इस पुराने माल को मशीनों में दोबारा पीसकर, उसमें हानिकारक केमिकल्स और थोड़ी असली सीमेंट मिलाकर नामी कंपनियों के ब्रांडेड बैगों में पैक किया जाता था।

 

​मोटा मुनाफा : महज ₹30 की लागत में तैयार होने वाली इस जानलेवा नकली सीमेंट की बोरी को बाजार में असली बताकर ₹250 से ₹280 में बेचा जा रहा था। गिरोह हर महीने करीब 30,000 से ज्यादा बोरियां बाजार में खपा रहा था। 

Kanpur fake cement factory

​बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर मंडराया खतरा!

​इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रदेश के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर उठ रहा है। जांच में सामने आया है कि ​CM ग्रिड सड़क योजना के तहत बन रही महत्वपूर्ण सड़कों में भी इसी घटिया सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है। ​लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण कार्यों में भी इस नकली सीमेंट की भारी सप्लाई किए जाने का गंभीर दावा किया गया है।

​पुलिसिया कार्रवाई और गरमाई सियासत

​पुलिस ने फैक्ट्री के मुंशी/सुपरवाइजर राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य संचालक भाई नीरज गुप्ता और धीरज गुप्ता अपने दो अन्य साझेदारों के साथ फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, इंतजार योगी सरकार के बड़े एक्शन का है।

 

​इस खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए कड़ा तंज कसा है कि भाजपा का भ्रष्टाचार देश और प्रदेश की नींव को कमजोर कर रहा है। साथ ही, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स में भी इस सीमेंट के इस्तेमाल की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।

इस IAS अधिकारी को मिली CBSE की कमान, जानें केंद्र सरकार ने किसे बनाया चेयरपर्सन

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE को नया चेयरपर्सन मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी मंदीप के. भंडारी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरपर्सन बनाया है। जनकारी के मुताबिक, मंदीप के. भंडारी 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब करीब चार महीने पहले 12वीं आसंर शीट की जांच के लिए शुरू किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर CBSE को सवालों और जांच का सामना करना पड़ा था।

इस मामले के बाद छात्रों की शिकायतों के साथ-साथ डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा, सिस्टम की खरीद और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जांच शुरू की गई।

CBSE को मिला चेयरपर्सन 

सरकारी आदेश के मुताबिक, 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी मंदीप के भंडारी को शिक्षा मंत्रालय के तहत CBSE का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड कर भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी के बराबर रैंक और सैलरी दिया गया है। 25 सितंबर के ACC आदेश में मंदीप के भंडारी का नाम सरकार की मंजूरी वाले कई वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों के साथ शामिल था।

2026 में 12वीं की आसंर शीट में लागू किया था ये सिस्टम 

बता दें कि, CBSE ने डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 2026 में 12वीं की आसंर शीट के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था। इसमें छात्रों की कागजी कॉपियों को पहले स्कैन किया जाता था और फिर उनकी डिजिटल कॉपी इवैल्यूएटर्स को जांच के लिए उपलब्ध कराई जाती थी। CBSE ने शिक्षकों को नए सिस्टम की जानकारी देने के लिए पहले से ही मॉक एक्सरसाइज कराई थीं। बोर्ड ने OSM के इस्तेमाल को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। 2026 की शुरुआत में ही इस सिस्टम की तैयारी शुरू कर दी गई थी, जिसमें डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने के निर्देश, शिक्षकों की जानकारी जुटाना और मॉक इवैल्यूएशन जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं।

कौन हैं मंदीप के भंडारी

मंदीप के भंडारी 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं। CBSE चेयरमैन बनने से पहले वह जम्मू-कश्मीर और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने MBBS की पढ़ाई की है। अपने करियर के दौरान वह लेह और जम्मू के डिप्टी कमिश्नर समेत कई अहम पदों पर भी काम कर चुके हैं।

उन्हें जम्मू के डिविजनल कमिश्नर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है और जम्मू-कश्मीर प्रशासन में कई वरिष्ठ पदों पर काम किया है। केंद्र सरकार में उन्होंने जनवरी से सितंबर 2018 तक तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी के तौर पर सेवाएं दीं। इसके बाद वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर भी रहे। इससे पहले वो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO के पद पर भी काम कर चुके हैं।

ACC अध्यक्ष के तौर पर कब खत्म होगा मोहसिन नकवी का कार्यकाल, भारत की दो ट्रॉफी कर चुके हैं चोरी!

भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया, लेकिन जीत के बाद भी उसे ट्रॉफी नहीं मिली। इससे पहले 2025 के पुरुष एशिया कप में भी भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन उस समय भी टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी। इसकी वजह एसीसी के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी हैं। भारत पहले ही साफ कर चुका था कि वह नकवी के हाथों ट्रॉफी नहीं लेगा। इसके बावजूद एशिया कप के दोनों मौकों पर नकवी ट्रॉफी देने के लिए मौजूद रहे। अब भी भारत की दो एशिया कप ट्रॉफियां नकवी के पास हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मोहसिन नकवी का एसीसी अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल कब तक रहेगा।

कब तक खत्म होगा नकवी का कार्यकाल

मोहसिन नकवी ने अप्रैल 2025 में एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था। स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, एसीसी के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष का कार्यकाल दो साल का होता है। इस वजह से नकवी का कार्यकाल अप्रैल 2027 में पूरा होगा। ये पद रोटेशन के आधार पर भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच दिया जाता है। अगला एशिया कप मई 2027 में होने की संभावना है। नकवी से पहले जय शाह इस पद पर चार साल तक रहे थे और वह सबसे लंबे समय तक एसीसी अध्यक्ष रहने वाले व्यक्ति बने। जय शाह अब आईसीसी प्रेसिडेंट है।

सूर्या की कप्तानी में जीती थी ट्रॉफी

इससे पहले मेंस एशिया कप 2025 में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था। जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने पाकिस्तान के गृह मंत्री और एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। समारोह खत्म होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाया और मजाकिया अंदाज में हाथों में ‘इमेजिनरी’ ट्रॉफी लेकर तस्वीरें खिंचवाईं। एशिया कप फाइनल के बाद मोहसिन नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर स्टेडियम से चले गए थे और उसे दुबई स्थित एसीसी कार्यालय में रख दिया था।

अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान ने जीता था मुकाबला

इसके कुछ समय बाद अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान की टीम ने भारत को हराया, जिसके बाद नकवी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को विजेता पदक और ट्रॉफी सौंपी। उस समारोह में भारत की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने उपविजेता टीम की ओर से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मीरवाइस अशरफ से चेक लिया था। अब महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को हराने के बाद भारतीय महिला टीम ने भी नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।

पिछली बार भी सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था, लेकिन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भारत बिना ट्रॉफी के लौट गया था। इस बार महिला टीम के साथ भी यही हुआ। बस फर्क इतना है कि पिछली बार पुरुष टीम और इस बार महिला टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से मना किया।

अगले महीने भारत आएगी पाकिस्तान की टीम, एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी में होगा आमना-समना

इस भारतीय तेज गेंदबाज को देवजीत सैकेया ने दिया बेस्ट फील्डर मेडल

प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार कर मैदान पर खड़ी भारतीय टीम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव  देवजीत सैकेया ने निराश नहीं किया और टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डर को बेस्ट फील्डिंग मेडल से सम्मानित किया। तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा जो अपना पहला बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेल रही थी उनको  देवजीत सैकेया ने मैदान के एक कोने में सम्मानित किया।हालांकि प्रेजेंटेशन सेरेमनी का बहिष्कार करने की स्थिति को सचिव  देवजीत सैकेया ने सही ठहराया और कई न्यूज एजेंसियों को सवाल के जवाब में अपना बयान दर्ज कराया।

सैकिया ने कहा, ‘‘हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।’उन्होंने कहा, ‘‘देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी प्राप्त करना उचित नहीं होगा।’’

सैकिया ने कहा, ‘‘यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।’’

भारत की रिकॉर्ड आठवीं महिला एशिया कप ख़िताब की जीत का अंत पिछले साल जैसे ही दृश्यों के साथ हुआ। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम को रविवार रात दुबई में न तो टूर्नामेंट के पदक दिए गए और न ही ट्रॉफ़ी।

मैच के बाद अवार्ड समारोह में क़रीब 50 मिनट की देरी हुई। PCB प्रमुख और पाकिस्तान के गृह मंत्री होने के साथ ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का भी पद देख रहे मोहसिन नक़वी भी समारोह में मौजूद थे।

 इससे पहले उपविजेता श्रीलंका की खिलाड़ियों को पदक दिए गए, लेकिन उसके बाद समारोह अचानक ख़त्म कर दिया गया।

टूर्नामेंट की अवार्ड सेरेमनी शुरू होने के इंतज़ार के दौरान भारतीय टीम ने सर्वश्रेष्ठ फ़ील्डर के लिए अपना ख़ुद का पदक समारोह किया। यह पदक फ़ील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने दिया। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने नंदनी शर्मा को पदक प्रदान किया, जबकि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस दौरान मौजूद थे।

घटनाक्रम पिछले सितंबर में हुए पुरुष एशिया कप फ़ाइनल जैसा ही रहा, जब भारत ने नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया था। उस समय सैकिया ने कहा था कि टीम ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफ़ी नहीं लेना चाहती, जो “पाकिस्तान के प्रमुख नेताओं में से एक” भी हैं।

रविवार को अवार्ड समारोह में नक़वी की मौजूदगी को संभावित विवाद का कारण माना जा रहा था। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव के बाद से भारत के खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों से हाथ मिलाने से बचते रहे हैं। पिछले साल पुरुष टीम ने हाथ नहीं मिलाया था और अब इस साल महिला टीम ने भी ऐसा ही किया।

भारत चैंपियन बना, नकवी की हुई फजीहत, दुबई में फैंस ने लगाए ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे, देखें Video

Trophy Chor Mohsin Naqvi : दुबई में खेले गए महिला एशिया कप के फाइनल में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। लेकिन इस बड़ी जीत के बाद ट्रॉफी को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भारतीय टीम ने इनकार कर दिया।

 

इतना ही नहीं, स्टेडियम में मौजूद कुछ भारतीय फैंस ने नकवी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ‘ट्रॉफी चोर’ कहा। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

खिताब भारत का, लेकिन ट्रॉफी लेने नहीं पहुंची टीम

 

फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से मात दी और एशिया कप पर अपना कब्जा जमाया। इसके बाद जब ट्रॉफी प्रेजेंटेशन की बारी आई तो भारतीय टीम मैदान पर नहीं पहुंची। बताया गया कि टीम को ट्रॉफी मोहसिन नकवी के हाथों से लेनी थी, जिसके चलते भारतीय खिलाड़ियों ने समारोह में हिस्सा नहीं लिया।

 

नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू को उपविजेता टीम का चेक जरूर सौंपा। इसके बाद वह कुछ समय मंच पर रहे और फिर स्टेडियम से रवाना हो गए।

 

भारतीय फैंस ने लगाए ‘ट्रॉफी चोर’ के नारे

 

नकवी के स्टेडियम से निकलने के दौरान भारतीय फैंस ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। वायरल वीडियो में टीम इंडिया की जर्सी पहने कुछ फैंस ‘ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर’ कहते सुनाई दे रहे हैं।

 

यह विवाद इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले साल पुरुष एशिया कप के फाइनल में भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। उस समय भी ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध देखने को मिला था।

 

BCCI ने लिया था ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला

 

भारत के कोच अमोल मजूमदार ने मैच के बाद साफ किया कि ट्रॉफी नकवी से नहीं लेने का फैसला BCCI की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा कि टीम इस फैसले के साथ खड़ी है और उसके लिए एशिया कप जीतना ही सबसे बड़ी बात है।

 

BCCI सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक, बोर्ड ने ट्रॉफी भारतीय टीम तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव भी दिया था। हालांकि, इस पर सहमति नहीं बन सकी और आखिरकार टीम इंडिया ने आधिकारिक समारोह में ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।

 

इस तरह भारत चैंपियन बना, लेकिन ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के बिना ही जश्न मनाना पड़ा।

Women’s Asia Cup 2026: महिला एशिया कप में ट्रॉफी पर विवाद, नकवी के हाथों से कप लेने नहीं पहुंची टीम इंडिया

Women’s Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में महिला एशिया कप के फाइनल के बाद होने वाली ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुई। माना जा रहा है कि टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है। तब भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी और वह ट्रॉफी लेकर दुबई स्थित ACC के ऑफिस चले गए थे, जहां वह अब भी रखी हुई है।

बता दें कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया। जीत के बाद टीम ने हमेशा की तरह जश्न मनाया और ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू भी दिए। आमतौर पर इसके 15-20 मिनट बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

इस दौरान BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मैदान के पास भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में हुई निजी मेडल सेरेमनी में भी हिस्सा लिया।

पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ट्रॉफी देने के इरादे से मैदान पर पहुंचे थे; ACC चीफ के तौर पर यह उनका फैसला था। उन्होंने सेरेमनी में भी हिस्सा लिया और रनर-अप रहने पर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापथु को चेक सौंपा।

लेकिन भारतीय टीम, कोच और अधिकारी मंच के आस-पास कहीं नजर नहीं आए। पाकिस्तानी मीडिया का यह भी दावा है कि वह शायद महिला एशिया कप की ट्रॉफी एक बार फिर ACC ऑफिस ले जाएंगे।

मोहसिन नकवी के लिए फिर वही कहानी

आपको बता दें कि नकवी पिछले साल भारत-पाकिस्तान के पुरुषों के फाइनल मैच के दौरान भी उसी जगह मौजूद थे, जहां इसी तरह का विवाद हुआ था। टूर्नामेंट जीतने के बाद, भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और टीम ने कहा था कि ट्रॉफी किसी दूसरे ICC या ACC अधिकारी के हाथों दिलाई जाए।

ऐसा इसलिए क्योंकि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण टूर्नामेंट के दौरान भारत ने जो रुख अपनाया था, यह उसी का हिस्सा था। टीम ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैचों से पहले और बाद में पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से पहले ही इनकार कर दिया था, और फिर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टूर्नामेंट में मिली तीन जीतों में से पहली जीत भारतीय सेना को समर्पित की थी।

कहा जाता है कि BCCI के नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले को उनके उन पुराने बयानों से भी जोड़कर देखा गया, जो उन्होंने देश के केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर भारत को लेकर दिए थे। हालांकि, नकवी ने ट्रॉफी किसी दूसरे अधिकारी के हाथों देने से इनकार कर दिया। इसके चलते मैदान में काफी देर तक स्थिति साफ नहीं हो सकी। हालाँकि, नकवी ने किसी और अधिकारी को ट्रॉफ़ी सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे वहाँ गतिरोध पैदा हो गया। आखिरकार, वे ट्रॉफी लेकर मैदान से चले गए और उसे एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के ऑफ़िस ले गए।

इसके बाद शुक्ला समेत भारतीय अधिकारियों ने ICC की बैठकों में यह मुद्दा उठाया, लेकिन नकवी अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि भारत को ट्रॉफी उनके ऑफ़िस से ही लेनी होगी, न कि किसी दूसरे अधिकारी को उसे सौंपने दिया जाएगा।

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5 स्टार होटल या गेम्स विलेज… एशियन गेम्स में कहां रहेंगी भारतीय टीम? BCCI ने दी बड़ी जानकारी

जापान में होने वाले वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीमों के ठहरने और सुविधाओं को लेकर मामला चर्चा में है। ऐसी खबरें थी की आयोजकों के दिए गए होटल से BCCI खुश नहीं है। वहीं अब हाल में में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पर रिएक्शन दिया है। BCCI ने साफ किया कि जापान में होने वाले 2026 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय क्रिकेटर आयोजकों की ओर से तय किए गए होटल में ही ठहरेंगे। नागोया में अच्छे होटलों की कमी के कारण खिलाड़ियों के ठहरने को लेकर सवाल उठ रहे थे। लेकिन BCCI ने कहा कि फिलहाल की व्यवस्था से बोर्ड और खिलाड़ी संतुष्ट हैं। होटल भले ही फाइव-स्टार नहीं हैं, लेकिन खिलाड़ियों के लिए सुविधाजनक और आरामदायक इंतजाम किए गए हैं।

अलग ने नहीं मिलेगा होटल

बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने PTI को बताया, “ऑर्गनाइजर खिलाड़ियों के लिए जो रहने की व्यवस्था कर रहे हैं, हम उसी में रुकेंगे। हम लगातार इस बात पर नजर रख रहे हैं कि खिलाड़ियों को किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं, ताकि वे आराम से रह सकें। ये कमरे फाइव-स्टार नहीं हैं, लेकिन रहने के लिए अच्छी व्यवस्था है।” शुक्ला ने आगे कहा, “हमारे क्रिकेटरों के लिए जो रहने की व्यवस्था की गई है, उसकी तस्वीरें और वीडियो हमारे पास मौजूद हैं। हमें लगता है कि खिलाड़ियों के लिए यह जगह आरामदायक है। इसलिए वे वहीं ठहरेंगे। अगर वे वहां नहीं रुकते, तो उनके पास ओसाका या टोक्यो में रहने का ऑप्शन था, लेकिन दोनों जगह काफी दूर हैं।”

नागोया में होटल की कमी

शुक्ला ने आगे कहा, “नागोया में होटल की संख्या सीमित होने की वजह से यह चुनौती सामने आई। टोक्यो बुलेट ट्रेन से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर है और ओसाका भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। लेकिन एशियन गेम्स में सभी खिलाड़ी एक बड़े परिवार की तरह होते हैं। ऐसे में यह सही नहीं होगा कि कुछ टीमें टोक्यो और कुछ ओसाका में ठहरें। इसलिए हमने फैसला किया है कि सभी खिलाड़ी नागोया में ही होटल में रहेंगे।”

ACC ने लिया ग्राउंड का जायजा

एशियन गेम्स में क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए किए गए इंतजामों को लेकर सवाल तब उठे, जब भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने कथित तौर पर मैदान और अन्य सुविधाओं को लेकर अपनी चिंता जताई। खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था भी इसी चर्चा का हिस्सा बनी। शुक्ला ने माना कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं का मुद्दा पहले से ही महत्वपूर्ण रहा है और इसे लेकर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी चिंता ग्राउंड, विकेट और ड्रेसिंग रूम को लेकर थी। आयोजकों ने इन सभी चीजों को अब ठीक कर दिया है। एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की टीम ने वहां जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अब वह ग्राउंड, विकेट और ड्रेसिंग रूम से संतुष्ट है। फिलहाल सभी जरूरी इंतजाम ठीक हैं।”

कब होगा भारत का पहला मुकाबला

पुरुष भारतीय टीम 20 सितंबर को टोक्यो के लिए रवाना होगी और 22 सितंबर को जापान के खिलाफ अपना ऐतिहासिक टी20 मुकाबला खेलेगी। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी ने खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में कई अन्य खेलों के खिलाड़ियों को इससे भी साधारण जगहों पर ठहराया जाएगा, जिनमें क्रूज शिप और कंटेनर होटल भी शामिल हैं। मियाजी के मुताबिक, अगर किसी क्रिकेट टीम को आयोजकों की ओर से दी गई रहने की व्यवस्था पसंद नहीं आती है, तो वह अपने स्तर पर होटल या दूसरी जगह रहने का इंतजाम कर सकती है।

Women’s Asia Cup 2026: विमंस एशिया कप में फिर होगा ट्रॉफी को लेकर ड्रामा! फाइनल देखने पहुंचेंगे मोहसिन नकवी

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने ग्रुप के तीनों मुकाबले जीत लिए हैं। वहीं इस जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। ऐसे में भारतीय टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाना चाहेगी। इस खिताब की भारतीय टीम प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं अगर भारत एशिया कप की ट्रॉफी जीत भी जाती है तो भी वह बिना ट्रॉफी के ही घर आ सकती है। इसकी वजह PCB चेयरमैन और ACC के अध्यक्ष मोहसिन नकवी है। बता दें पिछले साल एशिया कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। जिसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए और भारत को अभी तक ट्रॉफी नहीं मिली है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी 13 सितंबर को दुबई में होने वाले विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में मौजूद रह सकते हैं। माना जा रहा कि जीतने वाली टीम को ट्रॉफी भी नकवी ही देंगे।

एशिया कप में होगा पिछले वाला ड्रामा

पिछले साल 28 सितंबर 2025 को पुरुष एशिया कप के फाइनल में भारत की जीत के बाद ट्रॉफी को लेकर विवाद हुआ था। उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे। भारत को अब तक वह ट्रॉफी नहीं मिली है। ऐसे में 13 सितंबर को महिला एशिया कप के फाइनल में भी इस तरह की स्थिति देखने को मिल सकती है। अगर भारतीय महिला टीम खिताब जीतती है, तो उसके सामने भी नकवी से ट्रॉफी लेने का सवाल होगा, क्योंकि वह PCB के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं।

ट्रॉफी समारोह की भी हो रही चर्चा

भारतीय टीम ने भले ही पहले ट्रॉफी से जुड़े फैसले को लेकर अपना रुख साफ कर दिया हो, लेकिन महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। ऐसे में अगर भारतीय टीम इस बार भी फाइनल जीतती है, तो खिताबी जश्न के साथ ट्रॉफी समारोह भी चर्चा में रहेगा। पिछले साल पुरुष टीम के फैसले को देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि भारतीय महिला टीम भी नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से अलग रुख अपना सकती है। भारत की महिला टीम का एशिया कप में अब तक का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। टीम ने टूर्नामेंट के सभी नौ संस्करणों के फाइनल में जगह बनाई है और सात बार चैंपियन बनी है, जबकि दो बार उसे उपविजेता रहना पड़ा।

Women’s Asia Cup 2026: एशिया कप में कैसा है भारत का शेड्यूल, इस दिन पाकिस्तान से भिड़ेगी टीम इंडिया

IND vs PAK: विमेंस एशिया कप 2026 का 10वां सीजन दुबई में खेला जा रहा है। विमेंस एशिया कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम अपने पहले मैच के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत का सामना आज थाईलैंड से दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा। वहीं दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला रात 8 बजे शुरू होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी। वहीं फैंस को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले का इंतजार है। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में डाला गया है। आइए जानते हैं किस दिन होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

कब होगा भारत का मुकाबला

विमेंस एशिया कप टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। इस बार कुल आठ टीमें खिताब के लिए मैदान में हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप स्टेज के बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इस बार भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है, ऐसे में 5 सितंबर को होने वाला दोनों टीमों का मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में शामिल रहेगा। वहीं मेजबान यूएई की कोशिश अपने घरेलू मैदान और परिस्थितियों का फायदा उठाकर बेहतर प्रदर्शन करने की होगी। टीम श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करना चाहेगी।

भारत के मुकाबले

  • भारत बनाम थाईलैंड- 30 अगस्त, दुबई
  • हांगकांग, चीन बनाम भारत- सितंबर 3, दुबई
  • भारत बनाम पाकिस्तान- 5 सितंबर, दुबई
  • पहला सेमी-फाइनल- 10 सितंबर, दुबई
  • दूसरा सेमी-फाइनल- 11 सितंबर, दुबई
  • फाइनल- 13 सितंबर, दुबई

एशिया कप में रहा है भारत का दबदबा

श्रीलंका इस बार विमेंस एशिया कप में अपने खिताब का बचाव करने उतरी है। टीम ने 2024 में पहली बार यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। हालांकि, टूर्नामेंट के रिकॉर्ड को देखें तो भारत का दबदबा सबसे ज्यादा रहा है। भारतीय टीम ने अब तक खेले गए नौ एशिया कप में से सात बार खिताब जीता है, जबकि बाकी दो मौकों पर उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। बांग्लादेश भी विमेंस एशिया कप का खिताब जीत चुकी है और उसने 2018 में ट्रॉफी अपने नाम की थी। थाईलैंड, इंडोनेशिया और हांगकांग, चीन ने ACC विमेंस प्रीमियर कप 2026 में शानदार खेल दिखाकर विमेंस एशिया कप में जगह बनाई है।

संदीप लामिछाने फिर बने नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान

लेग स्पिनर संदीप लामिछाने ने ACC पुरुष प्रीमियर कप से पहले बतौर ODI कप्तान रोहित पॉडेल की जगह ली है। 30 अगस्त से 12 सितंबर तक मलेशिया में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (CAN) ने 14 सदस्यीय दल की घोषणा की है।

यह नेपाल के कप्तान के तौर पर लामिछाने का दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वह 2022 में 14 ODI और 18 T20I में नेपाल की कप्तानी कर चुके हैं। नेपाल की कप्तानी में बदलाव ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में नेपाल की लगातार चार हार के बाद किया गया है। आठ टीमों वाली इस प्रतिस्पर्धा में नेपाल की टीम सातवें स्थान पर रही।

चार साल पहले लामिछाने की कप्तानी में नेपाल ने 14 ODI में से मात्र तीन मुक़ाबले जीते थे। 2022 में लामिछाने के ख़िलाफ़ वारंट जारी होने के बाद उन्हें नेपाल ने निलंबित कर दिया था। 2023 में काठमांडु की ज़िला अदालत ने उन्हें रेप के मामले में दोषी पाया था, हालांकि 2024 में पाटन कोर्ट ने लामिछाने को सबूत के आभाव में रेप के आरोप से बरी कर दिया था।

निलंबन के समय लामिछाने सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में नेपाल के कप्तान थे। अब दीपेंद्र सिंह ऐरी T20I में नेपाल के कप्तान हैं।

लामिछाने नेपाल के गेंदबाज़ी आक्रमण के अहम सदस्य हैं, उन्होंने 77 मुक़ाबलों में 154 विकेट हासिल किए हैं। 2021 में पपुआ न्यू गिनी के ख़िलाफ़ 11 रन देकर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। T20 सर्किट में भी उन्होंने अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाई है। IPL, PSL, BBL, CPL और हाल ही में BBL में कुल मिलाकर उन्होंने 91 मुक़ाबले खेले हैं। लामिछाने फ़रवरी 2026 में नेपाल के T20 विश्व कप दल का भी हिस्सा थे, जिसमें नेपाल ने चार में से एक मैच जीता था।

ACC पुरुष प्रीमियर कप के लिए नेपाल का दल

संदीप लामिछाने (कप्तान), रोहित पॉडेल, आसिफ़ शेख़, अर्जुन कुमाल, देव खनाल, दीपेंद्र सिंह ऐरी, बारिस अहमद, इशान पांडे, गुलशन कुमार झा, शेर मल्ला, ललित नारायण राजबंशी, करण केसी, हेमंत धामी, संदीप जोरा