ब्रह्मोस से आकाश तक भारत के हथियारों का जलवा! समझिए कैसे स्वदेशी मिसाइल सिस्टम बना रहे हैं डिफेंस एक्सपोर्ट का नया रिकॉर्ड

India Defence Sector: दशकों तक दुनिया के सबसे बड़े रक्षा उपकरण आयातकों में शुमार रहने वाला भारत अब ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर एक बड़े डिफेंस एक्सपोर्टर के रूप में मजबूती से उभर चुका है। विदेशी सप्लायरों पर निर्भरता धीरे-धीरे घट रही है और अब भारत की स्वदेशी डिफेंस सिस्टम की डिमांड दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन 1।78 लाख करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान देश के रक्षा निर्यात में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह रिकॉर्ड 38424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। ये इससे पिछले वित्त वर्ष में 23622 करोड़ रुपये था।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात लगभग 50 गुना बढ़ा है। ये वित्त वर्ष 2014 में सिर्फ 700 करोड़ रुपये हुआ करता था। जियो पॉलिटिकल टेंशन और बढ़ते सैन्य खर्चों के बीच स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की मजबूत वैश्विक स्वीकार्यता की वजह से कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2029 तक भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर 50000 करोड़ रुपये हो जाएगा।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र बना भारतीय हथियारों का मुख्य ठिकाना

भारत के रक्षा निर्यात के लिए इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र सबसे प्रमुख ठिकाना बनकर उभरा है। इसमें मुख्य रूप से म्यांमार, फिलीपींस और वियतनाम से आने वाली भारी मांग का बड़ा योगदान है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2020-2025 के दौरान भारत के कुल रक्षा निर्यात में इन तीनों दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों की हिस्सेदारी 70.1 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले वर्ष 2014-2019 में यह हिस्सेदारी 16.5 प्रतिशत और 2008-2013 में सिर्फ 14.7 प्रतिशत थी। ये आंकड़े भारत के बदलते एक्सपोर्ट प्रोफाइल को साफ दिखाते हैं।

सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल की बढ़ती ग्लोबल डिमांड

भारत के रक्षा क्षेत्र को इस महीने की शुरुआत में एक और बड़ी कामयाबी तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने के समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए। फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया इस मिसाइल का तीसरा अंतरराष्ट्रीय खरीदार बन गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस मल्टि लेयर रणनीतिक रक्षा समझौते की कीमत 200 मिलियन डॉलर से 630 मिलियन डॉलर के बीच है। इसमें मिसाइल बैटरी, तटीय रक्षा प्रणाली और ऑपरेटरों की ट्रेनिंग शामिल है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी युद्ध प्रभावशीलता साबित करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल शक्तिशाली तटीय रक्षा और एंटी-शिप क्षमताएं प्रदान करती है। इसकी बेहद तेज गति होने की वजह से दुश्मन के लिए इसे इंटरसेप्ट करना बहुत कठिन होता है। ऐसे में ये दक्षिण चीन सागर जैसे रणनीतिक जलमार्गों में शत्रु नौसैनिक बलों के खिलाफ एक मजबूत डिटरेंट का काम करती है।

इस मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के NPO Mashinostroyenia के जॉइंट वेंटर में तैयार किया गया है। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है।

पिनाका रॉकेट सिस्टम की सफलता और फ्रांस की नजर

भारत की रक्षा निर्यात महत्वाकांक्षाओं में महाराष्ट्र के नागपुर प्लांट में तैयार होने वाला पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है। आर्मेनिया ने साल 2022 में चार पिनाका रॉकेट लॉन्चर बैटरियों (अनगाइडेड, एक्सटेंडेड-रेंज और गाइडेड वेरिएंट) के लिए 2000 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। जुलाई 2023 से शुरू होकर एक साल के भीतर शुरुआती अनगाइडेड सिस्टम की डिलीवरी पूरी कर ली गई थी।

जनवरी 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मेनिया के लिए गाइडेड पिनाका रॉकेट सिस्टम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पिछले हफ्ते ही डीआरडीओ (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज से पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया। इसने 60 किमी की न्यूनतम दूरी पर अपने लक्ष्य को बेहद सटीकता से भेदा। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आर्मेनिया के बाद अब फ्रांस भी अपने पुराने होते आर्टिलरी बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए इस स्वदेशी रॉकेट सिस्टम को खरीदने पर विचार कर रहा है।

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने रचा इतिहास

भारत का रक्षा निर्यात अब सिर्फ आक्रामक मिसाइल प्रणालियों तक सीमित नहीं है। स्वदेशी रूप से विकसित सतह से हवा में मार करने वाली आकाश वेपन सिस्टम विदेश में बेची जाने वाली पहली स्थानीय एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म बन गई है। साल 2022 में आर्मेनिया ने आकाश मिसाइल सिस्टम के लिए 720 मिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसकी डिलीवरी साल 2024 में शुरू हुई। डीआरडीओ द्वारा विकसित और भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित यह मध्यम दूरी की मोबाइल रक्षा प्रणाली लड़ाकू विमानों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों को मार गिराने के लिए डिजाइन की गई है।

आकाश मिसाइल प्रणाली ने पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान द्वारा किए गए लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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अर्जेंटीना फिर हारा हुआ मैच जीती, 7 मिनट में दागे 2 गोल (Video)

स्टार स्ट्राइकर लियोनल मेस्सी भले ही एक भी गोल दागने में नाकाम रहे लेकिन एन्जो फर्नांडेज और लोटारो मार्टिनेज के एक-एक गोलों की मदद से अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्वकप फाइनल में जगह बना ली। पिछले संस्करण में अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर दूसरी बार विश्वकप जीता था। इस बार उसके सामने यूरोपीय टीम फ्रांस होगी।

अटलांटा स्टेडियम में बुधवार को खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड, जो 1966 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचने की कोशिश कर रहा है, दूसरे हाफ की शुरुआत में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त मिलने के बाद 60 साल का इंतजार खत्म करने के करीब लग रहा था। लेकिन अर्जेंटीना ने मैच में वापसी की कोशिश में आक्रामक रुख अपनाया, पर इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड के शानदार बचावों और कुछ दुर्भाग्यपूर्ण फिनिशिंग के कारण विश्व चैंपियन टीम बराबरी का गोल करने के लिए संघर्ष करती रही।

लेकिन 85वें मिनट में एन्जो फर्नांडेज के 20 गज की दूरी से किए गए शानदार स्ट्राइक ने अर्जेंटीना को मैच में वापस ला दिया, जिसके बाद स्टॉपेज टाइम के दो मिनट बाद लियोनेल मेसी के क्रॉस पर लोटारो मार्टिनेज ने हेडर से गोल करके अर्जेंटीना को जीत दिला दी ।इस परिणाम के साथ ही तय हो गया है कि अब न्यूर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन के बीच होगा।

पहले हाफ में टीमें एक दूसरे से काफी भिड़ी। पहला गोल दागने की कोशिश में काफी लड़ाईयां हुई। लेकिन अर्जेंटीना ने एक बार फिर सामने वाली टीम के अति रक्षात्मक रवैए का फायदा उठाया जैसे मिस्र और स्विटजरलैंड वाले मैच में देखा गया था।मिस्र के खिलाफ अंतिम 11 मिनट में 3 गोल और स्विटरजलैंड के खिलाफ अतिरिक्त समय में 2 गोल करने वाली अर्जेंटीना ने इस बार भी कुल 7 मिनट में जीत अपने नाम कर ली। अब सबकी नजरे स्पेन बनाम अर्जेंटीना के मैच पर है। अर्जेंटीना ने वापसी की है तो स्पेन ने अब तक सिर्फ एक गोल ही खाया है।

NEET-UG Paper Leak: CBI का बड़ा दावा, लातूर कोचिंग संचालक के मोबाइल से मिले 111 सवाल NTA पेपर से करते हैं मैच

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक का सबसे मजबूत सबूत दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया है। दरअसल, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अदालत को बताया कि लातूर के कोचिंग ऑपरेटर शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मिले हाथ से लिखे 136 सवालों में से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर क्वेश्चन पेपर से मेल खाते हैं। जिससे इस दावे को और मजबूती मिलती है कि परीक्षा का पेपर टेस्ट से पहले ही लीक हो गया था।

बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) नाम का कोचिंग इंस्टीट्यूट और ‘मोटेगांवकर सर की RCC’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके 1.6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

CBI ने लगाया आरोप

CBI का आरोप है कि मोटेगांवकर को 3 मई को होने वाली NEET-UG परीक्षा से कुछ दिन पहले, 23 अप्रैल को लीक हुए सवाल मिले थे। एजेंसी के मुताबिक, यह सब एक कथित चेन के जरिए हुआ जिसमें लातूर के बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) डॉ. मनोज शिरुरे और केमिस्ट्री के रिटायर्ड लेक्चरर व NTA पैनल के पूर्व सदस्य PV कुलकर्णी शामिल थे।

CBI का दावा है कि कुलकर्णी के पास कथित तौर पर प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी और इन्हीं के जरिए सवाल बाहर आए। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पेपर लीक 5 लाख रुपये के बदले किया गया था।

फिलहाल, इस मामले में मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया है और ये आरोप CBI की उन दलीलों का हिस्सा हैं जो कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध करते हुए पेश की गई हैं।

CBI ने यह भी कहा है कि लीक हुए प्रश्न पत्र की PDF कॉपी टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये में बेची गई थी। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले कुछ अभ्यर्थियों के बीच 150 पेज का “गेस पेपर” भी बांटा गया था, जिसमें 410 सवाल थे। इनमें से लगभग 120 सवाल परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के सवालों से मेल खाते पाए गए, जिससे पता चलता है कि उम्मीदवारों के पास पेपर का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही मौजूद था।

जांच महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची

महाराष्ट्र से जुड़ा मामला तब सामने आया जब जांच करने वालों ने परीक्षा से पहले सामने आए तथाकथित “गेस पेपर” के सर्कुलेशन की जांच शुरू की।

शुरुआती जांच में पता चला था कि सर्कुलेट किए गए मटीरियल में 100 से ज्यादा सवाल असली NEET-UG पेपर से मेल खाते थे, जिसके बाद अधिकारियों ने राजस्थान और उत्तराखंड से आगे बढ़कर जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद जांच महाराष्ट्र तक फैल गई, जहां जांच करने वालों ने लातूर के ट्यूटर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की।

NEET पेपर लीक विवाद कब शुरू हुआ?

बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद तब शुरू हुआ, जब राजस्थान में छात्रों के बीच घूम रहे एक कथित “गेस पेपर” (अनुमानित प्रश्न-पत्र) और असली प्रश्न-पत्र में बहुत ज्यादा समानता पाई गई। बाद में जांचकर्ताओं को पता चला कि 100 से ज्यादा सवाल एक जैसे थे, जिसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, जांचकर्ताओं को एक संगठित नेटवर्क का पता चला जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में फैले प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले, बिचौलिए, कोचिंग चलाने वाले और उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद मामला CBI को सौंप दिया गया।

इस कथित लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को 3 मई की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और 21 जून को देश भर में दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देना पड़ा, जिससे 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए।

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MSCI India Rejig: अदाणी ग्रीन, ग्रो समेत 12 शेयरों की हो सकती हैं एंट्री; Astral समेत 3 स्टॉक्स का एग्जिट पॉसिबल

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में रीबैलेंसिंग होने वाली है। इस रीबैलेंसिंग की घोषणा 12 अगस्त को मार्केट बंद होने के बाद की जाएगी। इसके तहत इंडेक्स में 12 नई कंपनियां शामिल हो सकती हैं और 3 कंपनियां बाहर हो सकती हैं, जिससे लगभग 2.3 अरब डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है। अगर इन बदलावों की घोषणा होती है तो ये 31 अगस्त, 2026 से लागू होंगे।

अगस्त रिव्यू के दौरान MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में अदाणी ग्रीन, ग्रो (Groww) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शामिल होने के बहुत ज्यादा चांस हैं। एथर एनर्जी के शामिल होने के चांस मीडियम हैं। इस कंपनी का शामिल होना बाकी ऑब्जर्वेशन पीरियड के दौरान इसके फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार सुधार पर निर्भर करेगा। वहीं, लेंसकार्ट और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के शामिल होने के चांस कम हैं।

किस नई एंट्री से कितने पैसिव फ्लो की उम्मीद

JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ग्रो को इंडेक्स में शामिल किया जाता है, तो लगभग 82.1 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है। इसी तरह अदाणी ग्रीन में 77.3 करोड़ डॉलर, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 34.2 करोड़ डॉलर, एथर एनर्जी में 24.4 करोड़ डॉलर, लेंसकार्ट में 17.6 करोड़ डॉलर और SAIL में 17 करोड़ डॉलर का इनफ्लो आ सकता है।

MSCI इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाने वाले स्टॉक्स में लॉरस लैब्स और बायोकॉन के बहुत ज्यादा चांस हैं। कोफोर्ज के चांस मीडियम हैं, जबकि ग्लेनमार्क फार्मा और ऊनो मिंडा के चांस कम हैं। इनका स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाना फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार सुधार पर निर्भर करेगा।

JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाने पर कोफोर्ज में लगभग 56.7 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो, लॉरस लैब्स में 55.4 करोड़ डॉलर का, ग्लेनमार्क फार्मा में 33 करोड़ डॉलर का, बायोकॉन में 28.5 करोड़ डॉलर और ऊनो मिंडा में 20.6 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो आने का अनुमान है।

इंडेक्स से कौन सी कंपनियां होंगी बाहर

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स से बाहर होने वाली कंपनियों की बात करें तो एस्ट्रल (Astral) के बाहर होने के बहुत ज्यादा चांस हैं। SBI कार्ड्स के बाहर होने के चांस मीडियम हैं। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के बाहर होने के चांस कम हैं। अगर ये कंपनियां बाहर होती हैं, तो बालकृष्ण इंडस्ट्रीज से लगभग 16.7 करोड़ डॉलर, SBI कार्ड्स से 14.6 करोड़ डॉलर और एस्ट्रल से 13.8 करोड़ डॉलर का पैसिव आउटफ्लो हो सकता है।

 

NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल्स जमा या अपडेट करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50% से ज्यादा योग्य उम्मीदवार पिछली डेडलाइन तक अपनी बैंकिंग डिटेल्स जमा नहीं कर पाए थे। समय बढ़ाने से उम्मीदवारों को फीस वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा करने का दूसरा मौका मिलता है।

52% उम्मीदवारों ने बैंक डिटेल्स दी हैं

एनटीए ने बताया कि 14 जुलाई, 2026 तक, सिर्फ 11,46,401 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक डिटेल्स जमा की हैं। एजेंसी ने उन लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है जिन्होंने अपनी बैंक खाते की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर ली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स जमा करने का आग्रह किया गया है।

नीट यूजी 2026 रिफंड की डेडलाइन बढ़ाई गई

एनटीए ने अब बैंक खाते की जानकारी अपडेट या जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। पिछली डेडलाइन 14 जुलाई थी। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया है ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा फीस का रिफंड मिल जाए। जो परीक्षार्थी रिवाइज्ड डेडलाइन से पहले अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।

कैंडिडेट्स को रिफंड क्यों मिल रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पहले 3 मई, 2026 को आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक होने के दावों के कारण, इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून, 2026 को एक बार फिर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। परीक्षा रद्द होने की सूचना के साथ ही एनटीए और सरकारी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने का फैसला किया, जिसके तहत यह प्रक्रिया की का जा रही है। रिफंड पाने के लिए 03 मई 2026 को हुई पहली परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों को एनटीए नीट के आधिकारिक पोर्टल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी को अपडेट या सुधार करना होगा। परीक्षा के बाद सभी उम्मीदवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने परीक्षा शुल्क वापसरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। रिफंड सीधे कैंडिडेट्स द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा रहा है।

ICSI CSEET Result 2026: बेटियां बनी आईसीएसआई सीएसईईटी के रिजल्ट में टॉपर, जानें कैसे देख सकते हैं अपना रिजल्ट

The Odyssey: क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म रिलीज को तैयार, दुनिया भर में सिर्फ 41 सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा ओरिजिनल IMAX 1570 फॉर्मैट

The Odyssey: क्रिस्टोफर नोलन की आने वाली शानदार फिल्म ‘द ओडिसी’ रिलीज़ होने में बस दो दिन बचे हैं और फैंस अभी से सीटें बुक कर रहे हैं। यह फिल्म दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, लेकिन फैंस इसके सबसे बेहतरीन अनुभव का मजा IMAX 1570 में ले सकते हैं – जो डायरेक्टर का पसंदीदा फॉर्मेट भी है – हालांकि यह फॉर्मेट कुछ ही सिनेमाघरों में उपलब्ध है।

‘द ओडिसी’ पहली ऐसी फीचर फिल्म है जिसे पूरी तरह से IMAX कैमरों से शूट किया गया है। वहीं, दुनिया भर में सिर्फ़ 41 सिनेमाघर ही ऐसे हैं जिनमें IMAX 1570 फॉर्मेट की सुविधा है। कहा जाता है कि IMAX 1570 अब तक का सबसे हाई-रिज़ॉल्यूशन वाला फिल्म फॉर्मेट है। इसका नाम इसके 70mm चौड़े फिल्म स्टॉक की वजह से पड़ा है, जिसमें हर फ्रेम में 15 परफोरेशन होते हैं। इसी से शानदार इमेज क्वालिटी और इमर्सिव विज़ुअल्स मिलते हैं।

क्रिस्टोफर नोलन लंबे समय से इस फॉर्मेट को सपोर्ट करते रहे हैं और उन्होंने ‘टेनेट’, ‘ओपेनहाइमर’, ‘डनकर्क’ और ‘द डार्क नाइट’ जैसी फ़िल्मों में इसका काफी इस्तेमाल किया है। IMAX 1570 में ‘द ओडिसी’ की शूटिंग करना कोई आसान काम नहीं था।

डिजिटल फिल्ममेकिंग की तुलना में इसका प्रोडक्शन कहीं ज़्यादा मुश्किल है, क्योंकि इसके कैमरे बहुत बड़े होते हैं (वज़न लगभग 180 kg होता है), ये बहुत ज़्यादा शोर करते हैं और हर तीन मिनट में नए फ़िल्म स्टॉक की जरूरत पड़ती है। बेहतरीन क्वालिटी के बावजूद, IMAX 1570 तकनीक अब कम ही देखने को मिलती है।

पिछले दस सालों में ज्यादातर थिएटर डिजिटल प्रोजेक्शन पर शिफ्ट हो गए हैं, इसलिए दुनिया भर में अब सिर्फ 41 थिएटर ही ओरिजिनल 1570 फॉर्मेट में फिल्में दिखा पाते हैं। भारत में तो ऐसा एक भी थिएटर नहीं है। ऑस्ट्रेलिया का IMAX मेलबर्न उन्हीं में से एक है। 2015 में इस थिएटर का फिल्म प्रोजेक्टर हटा दिया गया था, लेकिन दो साल बाद इसे फिर से लगा दिया गया, क्योंकि क्रिस्टोफर नोलन चाहते थे कि ‘डनकर्क’ (Dunkirk) फ़िल्म दुनिया भर के IMAX थिएटर में 1570 फॉर्मेट में दिखाई जाए।

Southern Hemisphere का एकमात्र ऐसा थिएटर है, जहां ‘द ओडिसी’ (The Odyssey) का ओरिजिनल IMAX 1570 प्रिंट दिखाया जा रहा है। मेलबर्न की बड़ी IMAX स्क्रीन भी लोगों को आकर्षित करती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी 1.43:1 IMAX स्क्रीन है, जो 32 मीटर चौड़ी और 23 मीटर ऊंची है। IMAX 1570 स्क्रीनिंग की सीमित संख्या के कारण, क्रिस्टोफर नोलन के फैंस के लिए इस फिल्म को देखना किसी स्पीचुअल जैसा हो गया है।

क्रिस्टोफर नोलन के फ़ैन्स इस हफ्ते रिलीज होने वाली ‘द ओडिसी’ को देखने के लिए तुर्की, सिंगापुर, मलेशिया, जर्मनी और यहां तक कि लॉस एंजिल्स से भी आ रहे हैं। कुछ फिल्म प्रेमी तो स्क्रीनिंग के समय के हिसाब से अपनी छुट्टियां भी प्लान कर रहे हैं। असली IMAX 1570 सिनेमाघरों की दुनिया भर में मौजूदगी में कई महाद्वीपों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान और बड़े कमर्शियल मल्टीप्लेक्स शामिल हैं।

IMAX 1570 फॉर्मेट वाले सिनेमाघर कैलिफोर्निया, कोलोराडो, फ़्लोरिडा, जॉर्जिया, इलिनोइस, इंडियाना, मिशिगन, नेवाडा, न्यूयॉर्क, पेन्सिलवेनिया, रोड आइलैंड, टेनेसी, टेक्सास, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, चेक रिपब्लिक और फ्रांस में मौजूद हैं। बेहतरीन क्वालिटी के बावजूद, IMAX 1570 तकनीक अब कम ही देखने को मिलती है।

‘द ओडिसी’ में शानदार कलाकारों की टीम है, जिसमें मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, ऐनी हैथवे, ज़ेंडाया, रॉबर्ट पैटिनसन, मिया गोथ, चार्लीज़ थेरॉन, बेनी सफडी, सामंथा मॉर्टन, लुपिता न्योंगो, ट्रैविस स्कॉट, इलियट पेज और जॉन लेगुइजामो शामिल हैं।

‘द ओडिसी’, जो प्राचीन काल की होमर की महाकाव्य कविता पर आधारित है, पौराणिक राजा ओडिसियस की कहानी है जो ट्रोजन युद्ध के दौरान अपने राज्य इथाका लौटने के लिए संघर्ष करते हैं। मशहूर ‘ट्रोजन हॉर्स’ चाल का इस्तेमाल करके यूनानियों द्वारा ट्रॉय को हराने के बाद, उनकी दस साल की यात्रा अनोखे जानवरों, दैवीय हस्तक्षेपों, खतरनाक प्रलोभनों और अद्भुत चुनौतियों से भरी है। ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हॉर्मुज में बड़ा सैन्य एक्शन: अमेरिका ने ईरान की ओर बढ़ रहे ऑयल टैंकर को बनाया निशाना, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

US forces attacks ship in hormuz strait

अमेरिका ने लगातार 5वें दिन ईरान पर भीषण हमले किए। अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान पर हमले तेज करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर बढ़ रहे एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार जहाज को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया गया। जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। ALSO READ: कच्चे तेल में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर दी राहत

अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली ऑयल टैंकर पर हमला कर को निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी हमलों से बंदर अब्बास, केशम द्वीप और चाबहार धमाकों से दहल उठे।

 

अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने मिसाइल दागकर जहाज को बीच रास्ते में ही रोक दिया। बताया जा रहा है कि ईरान का यह जहाज खाली था। अमेरिकी सेना ने इस पर हेलफायर मिसाइल दागी। ALSO READ: US-Iran Conflict: अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत, ईरान ने लगाए बड़े आरोप, खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले जारी

 

CENTCOM के अनुसार, कुराकाओ के झंडे वाला एम/टी बेल्मा नाम का खाली तेल टैंकर ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने कथित तौर पर नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश जारी रखी। इसके बाद एक अमेरिकी जेट ने हेलफायर मिसाइल दागकर जहाज की चिमनी को निशाना बनाया, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।

 

सेंटकॉम का यह भी दावा है कि मौजूदा नौसैनिक अभियान के दौरान अब तक तीन जहाजों को रोका जा चुका है, जिन्हें ईरान की ओर जाते हुए पकड़ा गया।

बहरहाल अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई से मीडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हार्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद होने से यहां से तेल की आवाजाही पूरी तरह ठप है।

Paytm के Q1 नतीजे 20 जुलाई को, पहली बार बोनस शेयरों का भी हो सकता है ऐलान

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का बोर्ड 20 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की मीटिंग खत्म होने के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही कंपनी का बोर्ड बोनस शेयरों के इश्यू को भी मंजूरी दे सकता है। पेटीएम इस बारे में शेयर बाजारों को जानकारी दे चुकी है।

साल 2021 में लिस्टिंग के बाद कंपनी पहली बार बोनस शेयरों का तोहफा दे सकती है। Paytm के अभी 7.5 लाख से ज्यादा रिटेल शेयरहोल्डर हैं। इनके पास कंपनी में जून 2026 के आखिर तक 8 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी थी। पेटीएम का IPO 18300 करोड़ रुपये का रहा था। कंपनी नवंबर 2021 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई।

मार्च तिमाही में 183 करोड़ रुपये रहा था Paytm का मुनाफा

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान One97 Communications ने 183 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया था। एक साल पहले कंपनी 545 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 2,264 करोड़ रुपये रहा था। मार्च 2025 तिमाही में यह 1,912 करोड़ रुपये था।

शेयर 2 साल में 190 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर बुधवार को BSE पर 1367.90 रुपये पर बंद हुआ।पेटीएम का मार्केट कैप 87600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का शेयर एक महीने में 22 प्रतिशत, एक साल में 38 प्रतिशत और 2 साल में 190 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,407 रुपये और एडजस्टेड लो 947.10 रुपये है।

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Q1 नतीजों को लेकर क्या उम्मीद

JM फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Paytm का जून 2026 तिमाही में प्रदर्शन अच्छा रहेगा, जिसकी वजह मुख्य बिजनेस की मजबूती है। Paytm जून तिमाही में भी मुनाफा देख सकती है। EBITDA मार्जिन के तिमाही आधार पर बढ़ने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; तीन लिस्टिंग और SBI, HDFC Bank, Exide समेत इन स्टॉक्स पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 15 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 130.49 प्वाइंट्स यानी 0.17% के उछाल के साथ 77,185.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 26.45 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के आएंगे कारोबारी नतीजे

विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़, आईटीसी होटल्स, 360 वन WAM, 5पैसा कैपिटल, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), सिएट, मुथूट कैपिटल सर्विसेज, पिरामल फाइनेंस, पॉलीकैब इंडिया, साउथ इंडियन बैंक, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी और वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

HDFC Life Insurance Company Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का स्टैंडएलोन न्यू बिजनेस प्रीमियम 12% बढ़कर ₹8,143 करोड़, APE (एनुअल प्रीमियम इक्विवैलेंट) 9% उछलकर ₹3,515 करोड़, रिटेल एपीई 7% बढ़कर ₹2,969 करोड़ और VNB (वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस) 9% चढ़कर ₹879 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान वीएनबी मार्जिन 25.1% से गिरकर 25% पर आ गया।

ICICI Lombard General Insurance Company Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 46% घटकर ₹403.2 करोड़ रह गया लेकिन प्रीमियम से नेट कमाई 15.8% बढ़कर ₹5,950 करोड़ और नेट कमीशन 32.9% उछलकर ₹1,250.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट तेजी से 64.3% फिसलकर ₹233.8 करोड़ पर आ गया तो अंडरराइटिंग लॉस बढ़कर ₹293.14 करोड़ से ₹629.88 करोड़ पर पहुंच गया।

Network18 Media & Investments Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नेटवर्क18 मीडिया एंड इंवेस्टमेंट्स का कंसालिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू 10.3% बढ़कर ₹516 करोड़, ईबीआईटीडीए ₹4 करोड़ से ₹8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 0.9% से 1.5% पर पहुंच गया।

GTPL Hathway Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जीटीपीएल हैथवे का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 78% गिरकर ₹2.3 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 12.4% उछलकर ₹1,015.4 करोड़ पर पहुंच गया।

HDB Financial Services Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का प्रॉफिट 38.3% बढ़कर ₹785 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 20% उछलकर ₹2,509 करोड़ पर पहुंच गया।

Angel One Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 102.2% बढ़कर ₹231.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.4% उछलकर ₹1,429.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Sai Silks (Kalamandir) Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साई सिल्क्स (कलामंदिर) का प्रॉफिट 14.7% गिरकर ₹25.6 करोड़ और रेवेन्यू 1% फिसलकर ₹375.1 करोड़ पर आ गया।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स सालाना आधार पर ₹270.7 करोड़ के घाटे से ₹945.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 120.4% बढ़कर ₹38,254.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Jana Small Finance Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जन स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रॉफिट 52% बढ़कर ₹155 करोड़ और ब्याज से नेट इनकम 33.4% उछलकर ₹782 करोड़ पर पहुंच गया। तिमाही आधार पर ग्रास एनपीए 2.46% से गिरकर 2.39% और नेट एनपीए 0.92% से 0.91% पर आ गया यानी एसेट क्वालिटी सुधरी है।

Himadri Speciality Chemical Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हिमाद्रि स्पेशल्टी केमिकल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 26.3% बढ़कर ₹229.5 करोड़ और रेवेन्यू 28% उछलकर ₹1,431.9 करोड़ पर पहुंच गया।

मंथली बिजनेस अपडेट

GMR Airports (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर पैसेंजर ट्रैफिक 0.3% कम हुआ। घरेलू पैसेंजर ट्रैफिक 0.4% कम हुआ तो इंटरनेशनल पैसेंजर ट्रैफिक 0.1% बढ़ा। एयरक्राफ्ट यानी जहाजों की आवाजाही 2.4% कम हुई।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

State Bank of India (SBI)

सुनील रामगोपाल अग्रवाल 15 जुलाई से एसबीआई में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (डेजिनेट) के तौर पर शामिल हुए हैं। उन्हें 1 अगस्त से बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद मिल जाएगा।

Ather Energy

एथर एनर्जी के बोर्ड ने हीरो मोटोकॉर्प को प्रेफरेंशियल आधार पर 76.19 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दी है। प्रति वारंट ₹1,260 के जरिए कंपनी ₹960 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके अलावा कंपनी ने 15 जुलाई को QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) इश्यू लॉन्च किया और इसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,169.70 फिक्स किया है जिसमें यह 5% तक का डिस्काउंट भी दे सकती है।

Adani Power

अदाणी पावर ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (MSEDCL) के साथ 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) किया है। इसके तहत यह DBFOO (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट) मॉडल पर बनने वाले 2×800 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट से 1,600 MW बिजली की सप्लाई करेगी। पावर प्लांट के लिए कोयले की सप्लाई (कोल लिंकेज) केंद्र सरकार की शक्ति (SHAKTI) पॉलिसी के तहत तय की गई है।

India Pesticides

इंडिया पेस्टिसाइड्स को यूरोपियन यूनियन में अपने एक फंगीसाइड यानी फफूंदी खत्म करने वाले एक प्रोडक्ट के लिए टेक्निकल इक्विवेलेंस (TEQ) मंजूरी मिल गई है। इससे यूरोपियन मार्केट में कंपनी की पहुंच बढ़ेगी और एक्सपोर्ट बिजनेस मजबूत होगा।

HDFC Bank

आरबीआई ने 15 जुलाई से तीन साल के लिए एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है। केकी मिस्त्री बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बने रहेंगे।

NTPC Green Energy

ओएनजीसी एनटीपीसी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी अयाना रिन्यूएबल पावर ने SECI (सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) की ई-रिवर्स नीलामी में सफल बोली लगाई है। यह टेंडर भारत में टैरिफ-आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग के तहत 2,000 MW के ISTS-कनेक्टेड विंड पावर प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए विंड पावर डेवलपर्स को चुनने के लिए था। अयाना ने ₹3.85 प्रति kWh के टैरिफ पर 50 MW की क्षमता हासिल की।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज ने राइट्स इश्यू के जरिए अपनी सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस (EESL) में ₹100 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश के साथ EESL में एक्साइड इंडस्ट्रीज का कुल निवेश बढ़कर ₹4,902.23 करोड़ हो गया है।

TVS Holdings

टीवीएस होल्डिंग्स की सब्सिडियरी होम क्रेडिट इंडिया ने ₹967 करोड़ में वर्थाना फाइनेंस में 100% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है।

बल्क डील्स

Mrs Bectors Food Specialities

एबेकस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ने प्रति शेयर ₹168.97 के भाव पर मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज के 29.39 लाख शेयर (0.95% हिस्सेदारी) ₹49.67 करोड़ में खरीद ली।

One Mobikwik Systems

विदेशी निवेशक एफएलसी इन्वेस्टको एलएलसी ने वन मोबिक्विक सिस्टम्स के 7.12 लाख शेयर (0.9% हिस्सेदारी) ₹16.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹232.02 के भाव पर बेच दिए। मार्च 2026 तक एफएलसी इन्वेस्टको की कंपनी में 1.16% हिस्सेदारी (9.15 लाख शेयर) थी।

Safety Controls & Devices

वीबीक्यूब वेंचर्स ने अपनी दो स्कीमों के जरिए सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में ₹1.88 करोड़ में 1.27% हिस्सेदारी बेच दी। इसमें से वीबीक्यूब वेंचर्स फंड ने प्रति शेयर ₹74.65 और वीबीक्यूब वेंचर्स फंड II ने ₹74.60 के भाव पर 1.26 लाख शेयर बेचे। 10 अप्रैल तक दोनों फंडों के पास सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेस में 1.27% हिस्सेदारी (2.51 लाख शेयर) थे।

Jupiter Life Line Hospitals

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने जुपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स के 9.37 लाख शेयर (1.42% होल्डिंग) ₹139 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,483.50 के भाव पर दो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स से खरीदे। मितुल नितिन ठक्कर ने ₹89.01 करोड़ के 6 लाख शेयर तो अरविंद राव कामिनी ने ₹49.99 करोड़ के 3.37 लाख शेयर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी मितुल की हिस्सेदारी 1.22% (7.99 लाख शेयर) और कामिनी के पास 1.63% हिस्सेदारी (10.66 लाख शेयर) थी।

TCI Express

निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने एचडीएफसी म्यूचुअल फंड से टीसीआई एक्सप्रेस के 5 लाख शेयर (1.3% हिस्सेदारी) ₹28.1 करोड़ में प्रति शेयर ₹562 के भाव पर खरीदे। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार एचडीएफसी एएमसी की लार्ज एंड मिड कैप फंड के ज़रिए टीसीआई एक्सप्रेस में 4.04% हिस्सेदारी थी, तो निप्पॉन इंडिया मल्टी कैप फंड के जरिए निप्पॉन लाइफ इंडिया ट्रस्टी की हिस्सेदारी 3.02% थी।

लिस्टिंग

लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी तो देवसन कैटेलिस्ट की बीएसई एसएमई और हैप्पी स्टील्स की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एडोर वेल्डिंग, बीएंडए पैकेजिंग इंडिया, बनारस होटल्स, कोरोमंडल इंटरनेशनल, क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन, जीआरपी, वेजमन (Weizmann), विंडलास बायोटेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो फ्रेडुन फार्मा के बोनस के साथ-साथ प्रॉपशेयर सेलेस्टिया, प्रॉपशेयर प्लैटिना और प्रॉपशेयर टाइटेनिया एसएम आरईआईटी के इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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