CBSE’s three-language policy: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की 3 भाषा नीति पर जताई चिंता, तमिलनाडु में जेएनवी मामले में सुनवाई के दौरान की टिप्पणी

CBSE’s three-language policy: सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा लागू करने के फैसले पर चिंता जताई है। जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा शुरू करने के समय पर कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों पर बेवजह का तनाव पड़ता है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने यह बात तमिलनाडु सरकार अपील पर सुनवाई करते हुए कही है। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाई कोर्ट के उस निर्देश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) के निर्माण को आसान बनाने को कहा गया था। तमिलनाडु ने इन स्कूलों की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए लगातार जेएनवी बनाने का विरोध किया है। यह मामला सीधी तौर पर सीबीएसई बोर्ड की तीन भाषा नीति से जुड़ा हुआ नहीं है। लेकिन जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा शुरू करने के समय पर कई बातें कहीं।

सीबीएसई बोर्ड की की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को अभी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने अलग-अलग जनहित याचिकाओं में चुनौती दी गई है। बेंच ने पॉलिसी को लागू करने पर रोक लगाने से मना कर दिया है और मामले की सुनवाई अगले हफ्ते के लिए लिस्ट कर दी है।

तमिलनाडु में जेएनवी बनाने पर रोक की अपील पर सुनवाई के दौरान, तमिलनाडु सरकार के वकील ने कहा कि राज्य का एतराज मुख्य रूप से तीन-भाषा पॉलिसी से जुड़ा है। जस्टिस नागरत्ना ने साफ किया कि पॉलिसी में हिंदी को तीसरी भाषा के तौर पर जरूरी नहीं बनाया गया है। उन्होंने कहा, “राज्य की भाषा पढ़ाई जानी चाहिए, इंग्लिश पढ़ाई जानी चाहिए, और कोई भी तीसरी भाषा। इसमें हिंदी नहीं लिखा है।”

रेस्पोंडेंट (हाई कोर्ट में NGO पिटीशनर) की तरफ से पेश वकील जी. प्रियदर्शिनी ने बताया कि एनईपी में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी राज्य पर कोई भी भाषा नहीं थोपी जानी चाहिए। जवाब में, जस्टिस नागरत्ना ने राज्य से पूछा, “आप हिंदी नहीं चाहते, लेकिन अगर यह संस्कृत है, तो क्या दिक्कत है?” तमिलनाडु के वकील ने जवाब दिया कि तीसरी भाषा सिर्फ कक्षा 9 से जरूरी हो जाती है।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, “नहीं, यह बहुत बुरा है। 9वीं कक्षा काफी तनाव वाली होती है। आप 9वीं में एक नई भाषा क्यों शुरू करते हैं? आप इसे छठी कक्षा में शुरू करें।”

अपनी स्कूलिंग के अनुभव बताते हुए, जज ने याद किया कि उनके स्कूल के छात्रों ने मिडिल स्कूल के दौरान तीसरी भाषा सीखना शुरू कर दिया था क्योंकि एसएसएलसी परीक्षा के लिए यह जरूरी था। “यह उन लोगों के लिए कन्नड़ थी जिनकी दूसरी भाषा हिंदी थी और इसका उल्टा भी। संस्कृत भी थी, इसलिए आपके पास तीसरी भाषा हो सकती थी। जितना पहले हो, उतना अच्छा।” केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए, जस्टिस नागरत्ना ने आगे कहा, “भारत सरकार, कृपया 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा न रखें। सीबीएसई, आईसीएसई और स्टेट बोर्ड में 10वीं कक्षा एक बोर्ड परीक्षा है। 8वीं कक्षा के आखिर से, प्रेशर शुरू हो जाता है।”

जस्टिस नागरत्ना ने तमिलनाडु सरकार को यह भी सलाह दी कि वह सिर्फ इसलिए सेंट्रल स्कीम्स को रिजेक्ट न करे क्योंकि वे यूनियन गवर्नमेंट से आती हैं। उन्होंने राज्य से कहा, “आपका अपना एजुकेशन सिस्टम हो सकता है, लेकिन केंद्र सरकार के स्कूलों को न रोकें,” बाद में उन्होंने कहा, “यह रवैया न रखें कि यह केंद्र सरकार है, तो हम इसे क्यों मानें।” बेंच में जस्टिस आर महादेवन भी थे। बेंच ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय बनाने पर केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच बातचीत अभी भी चल रही है।

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JSW MG to launch XEV 9S-rivalling electric SUV in August 2026

wuling eksion starlight mg scoop

JSW MG unveiled its new ADAPT BEV/hybrid platform earlier today, and we can now confirm the first model to be based on it will be a Mahindra XEV 9S-rivaling EV that goes on sale next month. The model will have much in common with the Indonesia market Wuling Eksion. For those not in the know, Wuling is a sister brand to MG Motors and both come under the broader SAIC umbrella.

Sources tell us JSW MG is targeting keen pricing for its electric SUV, which could undercut the XEV 9S 70kWh that retails for Rs 25.8 lakh (ex-showroom).

MG Eksion-based electric SUV: Battery and range details

The JSW MG electric SUV will be offered with a 69kWh battery pack and an official range of around 600km. For reference, the XEV 9S is offered with three battery pack options – 59kWh (official range 521km), 70kWh (600km) and 79kWh (679km). The 70kWh battery pack is the sweet spot of the XEV 9S line-up and the one JSW MG would like to woo buyers away from.

Wuling Eksion EV. Image used for representation only.

The Eksion’s single motor produces 201hp and 310Nm versus the XEV 9S 70kWh’s 245hp and 380Nm figures. Also, while the Eksion sports a front motor, front wheel drive layout, the XEV 9S uses a rear motor, rear wheel drive arrangement.

MG Eksion-based electric SUV: Exterior and interior details

Measuring 4.7m in length, 1.85m in width and 1.7m in height, the Wuling Eksion closely matches the 4.7m long, 1.9m wide, and 1.7m tall XEV 9S in size. Also like the XEV 9S, the Eksion is offered in a 7 seat configuration which makes it an option of great interest for buyers with large families.

Wuling Eksion interior. Image used for representation only.

In look, the MG electric SUV will feature a boxy, upright stance and an upright tail. The interior features a minimalist design with a 12.8-inch touchscreen being the centrepiece of the dashboard. A digital instrument cluster, panoramic sunroof and powered tail gate are features expected on the model for India.

Eksion-based plug-in hybrid SUV to be pitched as MG’s XUV 7XO rival

JSW MG will keep the momentum going next year with the launch of a plug-in hybrid electric vehicle (PHEV) version of the SUV. While the basic shape will be shared with the BEV, the PHEV will sport some different styling elements.

The PHEV, which will be the second model off the ADAPT platform, pairs a 105hp/130Nm, 1.5-litre Atkinson cycle petrol engine and a 195hp/230Nm electric motor that’s powered by a 20.5kWh LFP battery. Wuling claims a 125km all-electric range and a combined range of over 1,000km for the Eksion PHEV.

Wuling Eksion PHEV. Image used for representation only.

JSW MG would be hoping Indian buyers see the PHEV as the best of both worlds – silent running and low costs of an EV with the freedom of a petrol engine. It is understood that JSW MG has large diesel-automatic SUVs in its crosshairs and is looking to price its PHEV SUV within Rs 1.5 lakh off the Mahindra XUV 7XO diesel-AT.    

EV and PHEV to be in focus

While the ADAPT platform supports battery electric, plug-in hybrid, range extender and strong hybrid powertrains, JSW MG will focus on BEVs and PHEVs to begin with. Speaking to Autocar India, Anurag Mehrotra – MD, JSW, MG Motor India – underlined while there is space for all powertrains “The BEV will continue to have the largest lion’s share of the pie. You will then have the plug-in hybrids, you will then have the (strong) hybrids. Range extender electric vehicles (REEVs) is a relatively new technology, so it is at a much smaller pie of the entire new energy vehicle market.”

Mehrotra also stressed the importance of a multi-powertrain approach from a consumer and manufacturer point of view. “We genuinely believe the answer to India’s electrification journey is not a single powertrain. It has to be multiple and this platform will give us the capital efficiency and at the same time the benefit to the consumer in terms of faster charging, longer range, better driving experience and all powertrains in a single platform.” Mehrotra said.

RRB NTPC CBT-2 2026: एनटीपीसी सीबीटी 2 की आंसर की पर 22 जुलाई तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका, 5,810 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंची

RRB NTPC CBT-2 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (NTPC) स्नातक स्तर की सीबीटी परीक्षा 2026 में शामिल उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आंसर की जारी कर दी है। बोर्ड ने परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के लिए प्रोविजनल आंसर की के साथ ही प्रश्न पत्र और उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट भी जारी कर दी है। उम्मीदवार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर कुंजी देख सकते हैं और उसे डाउनलोड कर सकते हैं। उत्तर कुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान कर परिणाम आने से पहले अपने प्रदर्शन का अंदाजा लगा सकते हैं।

उत्तर कुंजी के किसी प्रश्न पर अगर उन्हें आपत्ति है, तो वे अपने लॉगइन से उस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड ने ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने के लिए 22 जुलाई 2026 रात 11.55 बजे तक का समय निर्धारित किया है। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से लॉगिन कर प्रश्न पत्र, रिस्पॉन्स शीट और उत्तर कुंजी देख सकते हैं। अस्थायी उत्तर कुंजी जारी होने के साथ ही 5810 पदों पर भर्ती की यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण के करीब पहुंच गई है।

5,810 पदों पर हो रही है भर्ती

यह भर्ती CEN 06/2025 के तहत आयोजित की जा रही है। आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल सीबीटी-2 परीक्षा का आयोजन 10 जुलाई 2026 को किया गया था। इस परीक्षा में देशभर से 87,337 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसके माध्यम से देशभर के विभिन्न रेलवे जोन में ग्रेजुएट लेवल के कुल 5,810 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों पर चयन के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड चरणबद्ध परीक्षा आयोजित कर रहा है।

इन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे में कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें स्टेशन मास्टर/गुड्स ट्रेन मैनेजर/ट्रैफिक असिस्टेंट/चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर (CCTS)/जूनियर अकाउंट असिस्टेंट कम टाइपिस्ट (JAA)/सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट जैसे पद शामिल हैं।

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महेंद्र सिंह धोनी बने चेन्नई सुपर किंग्स के कोच, अश्विन ने दी सलाह

पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग के सत्र से गायब रहने वाले महेंद्र सिंह धोनी को उनके चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सलाह दी है कि वह अब इस फ्रैंचाइजी के कोच बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी और जाने वाले स्टीफन फ्लेमिंग के इस फ्रैंचाईजी में 18 साल हो गए हैं।

धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है।

धोनी ने पिछले आईपीएल में 14 मैच खेले थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए फिनिशर की भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से उन्हें घुटने की समस्या से बार-बार जूझना पड़ा है और 2023 में उनकी सर्जरी भी हुई थी।

धोनी 2008 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। वे 18 सीजन में 5,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम विकेट के पीछे भी 200 से ज्यादा सफलताएं दर्ज है। धोनी इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। वे चेन्नई को 5 बार खिताब दिला चुके हैं।

अश्विन ने कहा अब कोच बनने की बारी

अश्विन ने कहा, “फ़्लेमिंग ने वास्तव में वह समझा कि क्या एमएस धोनी को पसंद है और धोनी ने यह समझा कि फ़्लेमिंग अच्छे नायक हैं और इसीलिए ये साझेदारी इतनी लंबी चली। मैं कहूंगा कि अब समय आ गया था कि सीएसके आगे देखे।” उन्होंने कहा,”यदि धोनी वह करने के इच्छुक हैं (कोच बनने के) तो उनसे बेहतर विकल्प सीएसके के पास कुछ और नहीं है। यदि ऐसा नहीं है तो उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को खोजना होगा जो स्वतंत्र रूप से काम कर सके और अपने एक्शन की पूरी जिम्मेदारी ले सके।” अश्विन को लगता है कि नए कोच का काम आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि उसे अपना काम करने के साथ ही ख़ुद को धोनी की छाया से भी बचाना होगा। धोनी का 2027 में खेलना फिलहाल साफ़ नहीं है। 2026 सीज़न में चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके और पूरे सीज़न फ्रेंचाइज़ी ने उनकी चोट पर कुछ खुलकर नहीं बताया।

अश्विन ने कहा, “उस ड्रेसिंग रूम में जो भी आएगा उसके लिए एक छोटी ही सही लेकिन अनिश्चितता रहेगी। धोनी एक बड़ा नाम है वह आज भी उस बातचीत का बेहद अहम हिस्सा हैं जिसमें ये तय किया जाता है कि कौन सी टीम खेलने वाली है। और एक ऐसा व्यक्ति भी होगा जो उस टीम के लिए बड़े भाई या मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा, जिसे इतने सालों से उनकी आदत रही है। ऐसे में, ड्रेसिंग रूम में आने वाले और स्टीफ़न फ़्लेमिंग से कमान संभालने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत नाजुक स्थिति होगी, क्योंकि वे यह नहीं समझते कि फ़्लेमिंग ने उस फ्रेंचाइज़ी को क्या दिया है। इसलिए उन्हें सहजता से उस भूमिका में ढलना होगा, जो बहुत ही मुश्किल हो सकता है।”


TRAI का Data Service से जुड़ा नया अलर्ट, कीपैड फोन यूजर्स को भेजे नए मैसेज में क्या है

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की ओर से देशभर के कई कीपैड (Feature Phone) मोबाइल यूजर्स को एक नया संदेश भेजा गया है। इस संदेश में बताया गया है कि अब ग्राहक 1925 नंबर पर कॉल करके या SMS भेजकर अपनी मोबाइल डेटा सेवा (Data Services) को सक्रिय (Activate) या बंद (Deactivate) कर सकते हैं।

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TRAI द्वारा भेजे गए संदेश में लिखा है:

“Dear customer, you can now call on 1925 or SMS or to 1925, if you wish to activate or deactivate your data services.”

 

क्या है नई सुविधा?

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नई व्यवस्था के तहत यदि किसी ग्राहक को अपने मोबाइल नंबर पर इंटरनेट सेवा चालू करनी है, तो वह 

1925 पर कॉल कर सकता है, या START लिखकर 1925 पर SMS भेज सकता है। वहीं, यदि ग्राहक डेटा सेवा बंद करना चाहता है, तो 1925 पर कॉल कर सकता है, या STOP लिखकर 1925 पर SMS भेज सकता है।

 

किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है जो कीपैड (Feature Phone) का इस्तेमाल करते हैं। मोबाइल डेटा का उपयोग नहीं करना चाहते। बच्चों या बुजुर्गों के फोन में इंटरनेट बंद रखना चाहते हैं।

अनचाहे डेटा उपयोग और अतिरिक्त खर्च से बचना चाहते हैं।

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क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

 

पिछले कुछ समय से मोबाइल डेटा के अनजाने में चालू हो जाने, डेटा बैलेंस कटने और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती रही है। ऐसे में एक आसान कॉल या SMS के जरिए डेटा सेवा को नियंत्रित करने की सुविधा उपभोक्ताओं को अधिक नियंत्रण देती है। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं को केवल कॉल और SMS की आवश्यकता होती है, वे इंटरनेट सेवा बंद रखकर अनावश्यक डेटा उपयोग से बच सकते हैं।

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क्या स्मार्टफोन यूजर्स भी कर सकते हैं इस्तेमाल?

 

TRAI के संदेश में यह सुविधा सामान्य रूप से ग्राहकों के लिए बताई गई है। हालांकि, इसका सबसे अधिक लाभ फीचर फोन या कीपैड मोबाइल उपयोगकर्ताओं को होगा, जहां डेटा सेटिंग्स को बदलना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है। यदि आपके टेलीकॉम ऑपरेटर ने यह सुविधा लागू की है, तो आप भी 1925 नंबर के माध्यम से इसका उपयोग कर सकते हैं।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को किया निवेश के लिए आमंत्रित, कहा- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित “भारत टेक्स-2026” में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की अपार संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से निवेशकों को अवगत कराया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में विकास की बयार बह रही है। मैं कुंभ की नगरी से आता हूं। 12 साल में एक बार कुंभ आता है। कुंभ के समय चारों तरफ एक ही वातावरण तैयार होता है। वो वातावरण तो धार्मिक होता है। उसी तरह यहां वस्त्र उद्योग का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हमने इस आयोजन में भाग लिया था। इस वर्ष इसकी आभा और निखर गई है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस क्षेत्र में कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 

 

उद्योगपतियों के पास अनुभव की पूंजी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क, खेत से लेकर कारखाने और यहां से गारमेंट इंडस्ट्री और वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केंद्र सरकार और वैश्विक ब्रांड्स के साथ चलने के लिए तैयार है। हमारे अधिकारियों निवेशकों को पॉलिसी जरूर बता दी, लेकिन यहां मौजूद उद्यमियों के पसीने में अनुभव की बहुत बड़ी पूंजी है। उद्योगपतियों के कथन राज्य सरकार को तेजी से और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 

 

भारत में विविधता की खूबसूरती-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते समय बिजली की नीलामी हुई थी। उसके आधार पर यह सत्य है कि इस वक्त विश्व में सबसी सस्ती बिजली कहीं मिल रही है तो वो मध्यप्रदेश में मिल रही है। हमारे यहां पानी पर भी बिजली है और पानी से भी बिजली है। उन्होंने टेक्सटाइल का मामला राजा विक्रमादित्य के काल से जुड़ता है। महारानी अहिल्याबाई ने महेश्वरी साड़ी ब्रांड का निर्माण किया। उन्होंने इसके जरिये बुनकरों की आमदनी की चिंता की। महेश्वरी जैसे ही चंदेरी साड़ी भी एक ब्रांड है। हमारे देश में विविधता की खूबसूरती है। बनारसी साड़ी का आनंद उत्तर भारत वाले भी लेते हैं और दक्षिण भारत वाले भी लेते हैं। इसी तरह बिहार जाते हैं तो भागलपुरी वस्त्र की मांग होने लगती है। कांजीवरम साड़ी का जो महत्व दक्षिण भारत में है, वही महत्व पूरे भारत में है। हमने इकोनॉमी को जीवन के साथ जोड़ा है। 

 

निवेशकों का ख्याल रख रही सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने राशि देकर मई 2026 तक की सभी देनदारियां खत्म कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में दी है। उन्होंने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मिल रही है, जिससे उद्योग संचालन आसान हो गया है।

‘हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये…’, मरीज ने शेयर किया मुंबई के अस्पताल का बिल, लोगों के उड़े होश

अस्पताल में चार दिन रहना…, एक आम सर्जरी… और 11 लाख रुपये से ज्यादा का बिल। मुंबई के एक अस्पताल में हर्निया की सर्जरी के लिए एक मरीज द्वारा 11.04 लाख रुपये चुकाने का दावा करने वाली एक वायरल पोस्ट ने बहस छेड़ दी है। इस दावे ने भारत के मेट्रो शहरों में हेल्थकेयर की बढ़ती लागत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह चर्चा तब शुरू हुई जब X यूजर निखिल झा ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि उनके एक फॉलोअर की मुंबई के एक नामी अस्पताल में इंग्वाइनल हर्निया की सर्जरी हुई थी। पोस्ट के अनुसार, मरीज से इलाज के लिए 11.04 लाख रुपये लिए गए।

जानकारी शेयर करते हुए पोस्ट में लिखा था, “कल एक फॉलोअर ने हमें मुंबई के एक बड़े अस्पताल में अपनी हर्निया सर्जरी के बारे में मैसेज किया। कुल खर्च 11.04 लाख रुपये था। हां, हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये।” आगे अपनी बात रखते हुए झा ने लिखा, “हम इतनी बड़ी रकम देखकर हैरान और स्तब्ध रह गए। अगर छोटी सी हर्निया सर्जरी का खर्च इतना है, तो बड़ी सर्जरी का खर्च क्या होगा? तो क्या मुंबई में अस्पताल में भर्ती होना कोई अपराध बनता जा रहा है? क्या शहर में अच्छी हेल्थकेयर ऐसी लग्जरी बन गई है, जिसे सिर्फ बहुत अमीर लोग ही उठा सकते हैं?”

पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया गया, जो इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट का मैसेज लग रहा था। इमेज के अनुसार, कुल मेडिकल खर्च 11,04,100 रुपये था, जबकि सेटल किया गया इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट 4,64,000 रुपये था। डॉक्यूमेंट से पता चला कि मरीज को इंग्वाइनल हर्निया से जुड़े इलाज के लिए 6 जुलाई से 10 जुलाई, 2026 तक अस्पताल में भर्ती किया गया था।

हालांकि, पोस्ट में इलाज के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, जैसे कि कौन सी सर्जरी हुई, कमरे की कैटेगरी, डॉक्टर की फीस, अतिरिक्त प्रक्रियाएं या क्या मरीज़ को अतिरिक्त मेडिकल देखभाल की जरूरत थी। इसके बावजूद, पोस्ट ने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और यूजर्स ने प्राइवेट अस्पतालों के खर्च और मेडिकल इलाज के खर्च को उठाने की क्षमता पर अपनी राय दी। जहां कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि हर्निया की सर्जरी का बिल इतना ज्यादा कैसे हो सकता है, वहीं दूसरों ने कहा कि मामले को ठीक से समझने के लिए और जानकारी की जरूरत है।

एक डॉक्टर ने पोस्ट पर कमेंट किया, “हर्निया की सर्जरी के लिए 11 लाख रुपये बहुत ज़्यादा हैं। क्या इसमें हेलीकॉप्टर से पिक-अप और ड्रॉप भी शामिल था?” एक यूजर ने हेल्थकेयर के खर्च को उठाने की क्षमता के बारे में चिंता जताई और लिखा, “हर्निया की सर्जरी के लिए 11.04 लाख रुपये? यह भारत के मेट्रो शहरों में हेल्थकेयर के खर्च को उठाने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 11 लाख रुपये से ज़्यादा की आम हर्निया सर्जरी कई मध्यम-वर्गीय परिवारों की पहुंच से बाहर है। इंश्योरेंस होने पर भी, अगर क्लेम सीमित हैं या रिजेक्ट हो जाते हैं, तो ऐसे खर्च आर्थिक तनाव पैदा कर सकते हैं। अस्पताल की कीमतों, इंश्योरेंस सेटलमेंट और मेडिकल बिलिंग में ज़्यादा पारदर्शिता होनी चाहिए। अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सिर्फ अमीरों के लिए ही नहीं होनी चाहिए।”

एक और यूजर ने शहरों के बीच इलाज के खर्च की तुलना की और लिखा, “सूरत में हर्निया की सर्जरी का खर्च 1.5 लाख रुपये है, जबकि मुंबई के एक बड़े अस्पताल में उसी प्रक्रिया का खर्च 11.04 लाख रुपये है। कीमत में इतना बड़ा अंतर होने के बावजूद, पॉलिसीहोल्डर एक जैसा प्रीमियम देते हैं। यह दिखाता है कि कैसे बड़े मेट्रो अस्पतालों में इलाज का बढ़ता खर्च सालाना हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को बढ़ाने में योगदान दे सकता है।”

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि सिर्फ अस्पताल का बिल पूरी मेडिकल स्थिति को नहीं समझा सकता। यूजर ने लिखा, “यह मैसेज यह नहीं बताता कि कौन सी प्रक्रिया की गई थी। यह समझने के लिए कि क्या मरीज को कोई कॉम्प्लिकेशन हुआ था और क्या उसे ICU में रहना पड़ा था, हमें ऑपरेशन नोट्स और डिस्चार्ज समरी देखने की जरूरत है।”

TTD : राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तिरुपति में दान का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में आए 96.98 करोड़ रुपए, आखिर क्यों उमड़े लाखों श्रद्धालु

अभी अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे और चंदे) में हेराफेरी का मामले में गिरफ्तारी और जांच का मामला गर्माया हुआ है। इस बीच तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को नई डोनर (दाता) नीति लागू होने से ठीक एक दिन पहले रिकॉर्ड 96.98 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ। मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नए नियम लागू होने से पहले विभिन्न ट्रस्टों में दान दिया, जिसके चलते एक ही दिन में दान का नया रिकॉर्ड बन गया।

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TTD के अनुसार, मंगलवार को कुल 2,460 श्रद्धालुओं ने दान किया। इनमें 2,354 लोगों ने ऑनलाइन और 106 लोगों ने ऑफलाइन योगदान दिया।

किसने कितना किया दान?

TTD के आंकड़ों के अनुसार-

 

  • 1,212 श्रद्धालुओं ने 1 लाख से 10 लाख रुपये के बीच दान दिया।
  • 1,246 श्रद्धालुओं ने 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का योगदान किया।
  • वहीं दो श्रद्धालुओं ने 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का दान दिया।
  • क्यों बढ़ा दान का आंकड़ा?

 

TTD बोर्ड ने हाल ही में नई डोनर पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसके तहत भविष्य में दान देने वाले श्रद्धालुओं को मिलने वाली कुछ विशेष सुविधाओं (Donor Privileges) में बदलाव किया गया है। यह नई नीति मंगलवार आधी रात से लागू हो गई। TTD का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की सुविधा बेहतर बनाना और दानदाताओं के प्रबंधन में पारदर्शिता एवं समानता सुनिश्चित करना है।

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पुराने दानदाताओं पर नहीं पड़ेगा असर

TTD के अध्यक्ष बी.आर. नायडू ने स्पष्ट किया कि नई नीति केवल भविष्य में किए जाने वाले दान पर लागू होगी। पहले से पंजीकृत दानदाताओं और संस्थानों को पहले की तरह सभी सुविधाएं मिलती रहेंगी। उन्होंने बताया कि 26 जून तक TTD के विभिन्न ट्रस्टों और योजनाओं में 1,97,888 पंजीकृत दानदाता थे। लगभग 1.50 लाख दानदाताओं ने 1 लाख रुपए का योगदान दिया है।

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22,000 से अधिक दानदाताओं ने 10 लाख रुपए या उससे अधिक दान किया है। पिछले चार महीनों में 10 लाख रुपये दान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 3,000 की बढ़ोतरी हुई है। आम श्रद्धालुओं को मिलेगा फायदा TTD  के मुताबिक  संशोधित डोनर पॉलिसी के तहत कुछ विशेष सुविधाओं में कटौती की गई है, ताकि आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और मंदिर व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाया जा सके।

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: 25 और 26 जुलाई की परीक्षा के लिए आरबीआई ने जारी किया एडमिट कार्ड, डाउनलोड करने के लिए यहां बताए जा रहे हैं स्टेप्स

RBI Grade B Phase 2 Admit Card 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आरबीआई ग्रेड B फेज 2 एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। पहले फेज की परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार फेज 2 की परीक्षा देंगे। केंद्रीय बैंक ने इन उम्मीदवारों का हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जारी कर दिया है। उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर के साथ अपने पासवर्ड या जन्म तिथि का इस्तेमाल करके लॉग इन करना होगा।

आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 परीक्षा 25 और 26 जुलाई, 2026 को होनी है। एडमिट कार्ड में कैंडिडेट का नाम, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट का समय, परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग का समय और परीक्षा के दिन के निर्देश जैसी जरूरी जानकारी होगी। केंद्रीय बैंक ने साफ़ किया है कि एडमिट कार्ड सिर्फ ऑनलाइन मिलेंगे। कोई प्रिंटेड कॉपी पोस्ट से नहीं भेजी जाएगी, इसलिए कैंडिडेट को परीक्षा से पहले अपना हॉल टिकट डाउनलोड और प्रिंट करना होगा।

बता दें, परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड एक जरूरी दस्तावेज होता है। उम्मीदवारों के लिए इस अपने साथ परीक्षा केंद्र ले जाना जरूरी होता है। इसके बिना उन्हें परीक्षा में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए सभी परीक्षार्थियों को समय से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर लेना चाहिए। आखिरी समय में डाउनलोड करने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें

कैंडिडेट इन स्टेप्स को फ़ॉलो कर सकते हैं:

  • आरबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट rbi.org.in पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘Opportunities@RBI’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  • ‘Current Vacancies’ टैब खोलें।
  • ‘Call Letters’ पर क्लिक करें।
  • ‘Officers in Grade B (DR) – Phase II – PY 2026’ के लिए लिंक चुनें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड या जन्म तिथि डालें।
  • अपना एडमिट कार्ड देखने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • इसे डाउनलोड करें और भविष्य में इस्तेमाल के लिए प्रिंटआउट ले लें।

साथ ले जाने वाले डॉक्यूमेंट्स

परीक्षा के दिन, कैंडिडेट्स को आरबीआई ग्रेड बी फेज 2 एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी के साथ एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस ले जाना होगा। परीक्षार्थियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग टाइम से 30 से 60 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। उन्हें हॉल टिकट पर प्रिंटेड सभी डिटेल्स को ध्यान से देखना चाहिए और आखिरी समय में किसी भी परेशानी से बचने के लिए आरबीआईI द्वारा जारी किए गए एग्जाम-डे इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करना चाहिए।

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कार्डिफ में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भारत ने किया एक बदलाव

ENGvsIND कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स पर इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। वहीं टीम में दो बदलाव है। जोश टंग और लियाम डॉसन की जगह साकिब महमूद और गस एटिंकसन आए हैं। वहीं भारत की ओर से एक बदलाव है। विकेटकीपर केएल राहुल अस्वस्थ है और उनकी जगह ईशान किशन ने ली है।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतने के बाद कहा, ”हमें उम्मीद है कि इस सतह से हमें सीम मूवमेंट मिलेगा। बल्लेबाज़ी में सुधार करने की आवश्यकता है। इंग्लैंड में दो बदलाव है।गस एटकिंसन और साक़िब महमूद एकादश में शामिल हैं, जॉश टंग और लियाम डॉसन बाहर हैं।”

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ”हम भी पहले गेंदबाज़ी ही करते। मैं फ़िट हूं, पिछला गेम हमारे लिए परफ़ेक्ट गेम था इसलिए हम इस मैच में भी वही प्रदर्शन दोहराने का प्रयास करेंगे। जिस तरह से बाद में हमारे तेज़ गेंदबाज़ों ने वापसी की वो बेहतरीन था। हमारे एकादश में एक बदलाव है, केएल राहुल बीमार हैं इसलिए उनकी जगह पर इशान किशन आए हैं।”

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान),इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा,  गुरनूर बराड़

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, साकिब महमूद, आदिल राशिद